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प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल में विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं का उद्घाटन, समर्पण और शिलान्यास

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प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी (PM मोदी) शुक्रवार को झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल में विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं का उद्घाटन, समर्पण और शिलान्यास करने के लिए तैयार हैं।

प्रधान मंत्री कार्यालय ने कहा कि झारखंड के सिंदरी में, प्रधान मंत्री एक सार्वजनिक कार्यक्रम का हिस्सा होंगे जहां उर्वरक, रेल, बिजली और कोयला क्षेत्रों में कई विकासात्मक परियोजनाओं का उद्घाटन किया जाएगा, जो राष्ट्र को समर्पित होंगी।

प्रधानमंत्री हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड सिंदरी उर्वरक संयंत्र राष्ट्र को समर्पित करेंगे। 8,900 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित यह उर्वरक संयंत्र यूरिया क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक कदम है। इससे देश में प्रति वर्ष लगभग 12.7 लाख मीट्रिक टन स्वदेशी यूरिया उत्पादन बढ़ेगा, जिससे देश के किसानों को लाभ होगा। इसमें कहा गया है कि गोरखपुर और रामागुंडम में उर्वरक संयंत्रों के पुनरुद्धार के बाद, यह देश में पुनर्जीवित होने वाला तीसरा उर्वरक संयंत्र है, जिसे दिसंबर 2021 और नवंबर 2022 में प्रधान मंत्री द्वारा राष्ट्र को समर्पित किया गया था।

  • PM आज से तीन राज्यों के दौरे पर हैं
  • PM मोदी विकासात्मक परियोजनाओं का शिलान्यास करने के लिए तैयार हैं
  • PM औरंगाबाद को 21,400 करोड़ परियोजनाओं को समर्पित करेंगे

PM झारखंड को देंगे खास सौगात

प्रधानमंत्री झारखंड में 17,600 करोड़ रुपये से अधिक की कई रेल परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास भी करेंगे। परियोजनाओं में सोन नगर और अंडाल को जोड़ने वाली तीसरी और चौथी लाइन शामिल है, तोरी-शिवपुर पहली और दूसरी रेलवे लाइन और बिराटोली-शिवपुर तीसरी रेलवे लाइन, मोहनपुर-हंसडीहा नई रेल लाइन, धनबाद-चंद्रपुरा रेल लाइन, अन्य। इन परियोजनाओं से राज्य में रेल सेवाओं का विस्तार होगा और क्षेत्र में सामाजिक-आर्थिक विकास होगा।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री तीन ट्रेनों को हरी झंडी भी दिखाएंगे। इसमें देवघर-डिब्रूगढ़ ट्रेन सेवा, टाटानगर और बादामपहाड़ के बीच मेमू ट्रेन सेवा और शिवपुर स्टेशन से लंबी दूरी की मालगाड़ी शामिल है। इसके अलावा, पीएम मोदी झारखंड में महत्वपूर्ण बिजली परियोजनाओं को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। PMO के अनुसार, 7500 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित इस परियोजना से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति में सुधार होगा।

यह रोजगार सृजन को भी बढ़ावा देगा और राज्य में सामाजिक आर्थिक विकास में योगदान देगा। साथ ही प्रधानमंत्री झारखंड में कोयला क्षेत्र से जुड़ी परियोजनाएं भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। बाद में, प्रधान मंत्री एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भाग लेंगे जहां वह पश्चिम बंगाल के हुगली के आरामबाग में 7,200 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।

हुगली के आरामबाग में प्रधानमंत्री रेल, बंदरगाह, तेल पाइपलाइन, एलपीजी आपूर्ति और अपशिष्ट जल उपचार जैसे क्षेत्रों से संबंधित कई विकासात्मक परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और राष्ट्र को समर्पित करेंगे।

प्रधानमंत्री लगभग 2,790 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इंडियन ऑयल की 518 किलोमीटर लंबी हल्दिया-बरौनी कच्चे तेल पाइपलाइन का उद्घाटन करेंगे। यह पाइपलाइन बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से होकर गुजरती है। पाइपलाइन बरौनी रिफाइनरी, बोंगाईगांव रिफाइनरी और गुवाहाटी रिफाइनरी को सुरक्षित, लागत प्रभावी और पर्यावरण-अनुकूल तरीके से कच्चे तेल की आपूर्ति करेगी।

प्रधानमंत्री कोलकाता के श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह पर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लगभग 1000 करोड़ रुपये की कई परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे और आधारशिला रखेंगे।

बिहार और बंगाल को मिलेंगे करोड़ों की सौगात

PMO ने कहा, जिन परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी उनमें बर्थ नंबर 8 एनएसडी का पुनर्निर्माण और कोलकाता डॉक सिस्टम के बर्थ नंबर 7 और 8 एनएसडी का मशीनीकरण शामिल है। प्रधानमंत्री हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स, श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह के तेल घाटों पर अग्निशमन प्रणाली को बढ़ाने की परियोजना भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। नव स्थापित अग्निशमन सुविधा एक अत्याधुनिक, पूरी तरह से स्वचालित सेट-अप है जो अत्याधुनिक गैस और लौ सेंसर से सुसज्जित है, जो खतरे का तत्काल पता लगाना सुनिश्चित करती है।

प्रधानमंत्री 40 टन उठाने की क्षमता वाली हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स की तीसरी रेल माउंटेड क्वे क्रेन को समर्पित करेंगे। श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह, कोलकाता में ये नई परियोजनाएं तेजी से और सुरक्षित कार्गो हैंडलिंग और निकासी में मदद करके बंदरगाह की उत्पादकता को काफी हद तक बढ़ाएंगी।

इसके बाद शनिवार को PM दोपहर के समय बिहार के इलाके औरंगाबाद में 21,400 करोड़ रुपये की कई विकास परियोजनाओं को समर्पित करेंगे। इसके पश्चात PM बिहार के इलाके बेगूसराय पहुंचेंगे, जहां वह एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भाग लेंगे और देश भर में लगभग 1.48 लाख करोड़ रुपये की कई तेल और गैस क्षेत्र की परियोजनाओं और बिहार में 13,400 रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।

”लोकसभा चुनाव : भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक, उम्मीदवारों की पहली लिस्ट हो सकती जारी”

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”लोकसभा चुनाव : भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक, उम्मीदवारों की पहली लिस्ट हो सकती जारी…”

गामी लोकसभा चुनाव के उम्मीदवारों के लिए भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक होने जा रही है। इस बैठक में कई उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, बैठक के बाद BJP उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर सकती है।

इस लिस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और नितिन गडकरी का नाम शामिल हो सकते हैं। वहीं, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के विदिशा से चुनाव लड़ने की संभावनाएं हैं। विदिशा दिवगंत नेता सुषमा स्वराज का कर्मक्षेत्र रहा है।

400 पार का है लक्ष्य – पीएम
सूत्रों ने बताया कि मौजूदा कई सांसदों का टिकट कट सकता है। इनमें मथुरा से हेमामालिनी, गाजियाबाद से वीके सिंह, दिल्ली से हंसराज हंस, भोपाल से साध्वी प्रज्ञा ठाकुर का नाम रेस में सबसे आगे हैं। बता दें कि हेमा मालिनी की उम्र 76 साल हो गई है। ऐसे में बीजेपी 75+ उम्र के सांसदों के टिकट काट सकती है। प्रयागराज से रीता बहुगुणा जोशी का भी टिकट कट सकता है।

”Bill Gates ने Dolly Chaiwala के साथ वीडियो ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल पर शेयर किया”

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बिल गेट्स का नाम तो आपने सुना ही होगा. बता दें कि वो इन दिनों भारत आए हैं और यहां के रंग में रंग गए हैं. बिल गेट्स भारत आकर चाय की चुस्कियां ले रहे हैं. उन्होंने चाय का अपना ये वीडियो ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल पर शेयर किया है.

बिल गेट्स ने इंडिया आकर Dolly Chaiwala के यहां की चाय ऑर्डर की है और मजे से चाय पी रहे हैं. मालूम हो कि Dolly Chaiwala सोशल मीडिया पर काफी पॉपुलर हैं. उनकी चाय को हर कोई पीना पसंद करते हैं.

बिलगेट्स ने अपने लिए बनवाई स्पेशल चाय

वीडियो में बिल गेट्स Dolly Chaiwala से एक चाय ऑर्डर करते दिख रहे हैं. वहीं डॉली चायवाला अपने स्पेशल अंदाज में चाय बनाना शुरू कर देता है. देखते ही देखते चाय तैयार हो जाती है और बिल गेट्स को उनकी गर्मागर्म चाय कांच के गिलास में उनके हाथ थमा दी जाती है.

4 साल में सिर्फ एक बार आता है ये खास दिन, जानें 29 फरवरी का रोचक इतिहास…

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On This Day in History 29 Feb: वैसे तो साल के 365 दिन अपने आप में खास और अलहदा होते हैं, लेकिन इस मामले में 29 फरवरी (Leap Day Interesting facts) की तो बात ही कुछ और है. यह दिन चार वर्ष में एक बार आता है और इसके आने से एक सामान्य सा वर्ष लीप वर्ष (Leap Day 2024) बन जाता है और इसके दिनों की संख्या भी बढ़कर 366 हो जाती है.

कुछ लोगों के लिए यह दिन उदासी का सबब है, क्योंकि इस दिन पैदा होने वाले लोगों को अपना जन्मदिन मनाने के लिए चार साल तक इंतजार करना पड़ता है. भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई भी ऐसे ही लोगों में शुमार हैं.

देश दुनिया के इतिहास में 29 फरवरी की तारीख पर दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:-

  • 1796 : अमेरिका और ग्रेट ब्रिटेन के बीच जेय संधि लागू होने से दोनों देशों के बीच दस साल तक शांतिपूर्ण व्यापार संभव हुआ.
  • 1840 : आधुनिक पनडुब्बी के जनक आयरिश अमेरिकी वैज्ञानिक जॉन फिलिप हॉलैंड का जन्म.
  • 1896 : भारत के छठे प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई का जन्म.
  • 1940 : गॉन विद द विंड में मैमी की भूमिका के लिए, हैटी मैकडैनियल ने अकादमी पुरस्कार जीता। वह यह पुरस्कार जीतने वाली पहली अफ्रीकी अमेरिकी बनीं.
  • 1952 : पैदल चलने वालों के लिए सड़क पार करने संबंधी निर्देश पहली बार टाइम्स स्क्वेयर के 44वीं स्ट्रीट और ब्रॉडवे में लगाए गए.
  • 1960 : मोरक्को के दक्षिणी शहर अगादीर में आए भीषण भूकंप में हज़ारों लोगों की मौत. इस भूकंप की तीव्रता 6.7 आंकी गई.
  • 1996 : चार साल के खूनखराबे, गोलीबारी और हमलों के बाद बोस्निया की राजधानी सरायेवो की घेराबंदी ख़त्म हो गयी.
  • 2012 : दुनिया की सबसे ऊंची मीनार और दूसरी सबसे ऊंची संरचना कही गई टोक्यो स्काईट्री का निर्माण कार्य पूरा.

”PM की मौजूदा लोकप्रियता को देखते हुए अंग्रेज़ी दैनिक ‘इंडियन एक्सप्रेस’ द्वारा जारी की गई देश के सबसे शक्तिशाली व्यक्ति”

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केंद्र की सत्ता में शीर्ष पद पर दो कार्यकाल लगभग पूरे कर चुके हैं, तीसरे कार्यकाल के लिए कुछ ही हफ़्ते में चुनाव का सामना करने जा रहे हैं, और आज भी वही देश के सबसे शक्तिशाली व्यक्ति हैं.

PM की मौजूदा लोकप्रियता को देखते हुए अंग्रेज़ी दैनिक ‘इंडियन एक्सप्रेस‘ द्वारा जारी की गई देश के 100 सबसे शक्तिशाली व्यक्तियों की सूची (IE100) में शीर्ष स्थान पर उनका काबिज़ होना बेहद स्वाभाविक लगता है.

उनके बाद शीर्ष 10 में मौजूद शख्सियतों में भी अधिकतर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के ही नेता हैं, बस, देश के प्रधान न्यायाधीश (CJI) डी.वाई. चंद्रचूड़ (DY Chandrachud) तथा अरबपति उद्योगपति गौतम अदाणी (Gautam Adani) ही दो नाम हैं, जो राजनेता नहीं हैं.

‘Indian Express’ ने अपनी सूची में अव्वल पायदान पर 73-वर्षीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के होने की वजह के तौर पर उनकी अभूतपूर्व लोकप्रियता का हवाला दिया है. समाचारपत्र के अनुसार, कोई भी प्रधानमंत्री दो कार्यकाल के बाद लोकप्रियता के ऐसे शिखर पर नहीं रहा है, और उनके दो कार्यकाल के बावजूद उनका कद भी बढ़ा है, और वह पहले से कहीं ज़्यादा मज़बूत नज़र आ रहे हैं.

दूसरे स्थान पर शाह, तीसरे पर भागवत

सूची में PM के बाद केंद्रीय गृहमंत्री 59-वर्षीय अमित शाह का नाम दर्ज है, और लिखा गया है कि वह भले ही BJP प्रमुख नहीं हैं, लेकिन पार्टी के मुख्य रणनीतिकार वही हैं. तीसरे पायदान पर मौजूद हैं RSS के सरसंघचालक, यानी प्रमुख 73-वर्षीय मोहन भागवत. सूची में चौथे स्थान पर मौजूद हैं भारत के प्रधान न्यायाधीश 64-वर्षीय डी.वाई. चंद्रचूड़, जिन्हें बेहद अहम और जटिल वक्त में न्यायिक व्यवस्था और कॉलेजियम में बदलाव के लिए श्रेय दिया गया है.

पांचवें पायदान पर जयशंकर, छठे पर योगी

पांचवें पायदान पर केंद्रीय विदेशमंत्री 69-वर्षीय सुब्रह्मण्यम जयशंकर का नाम है, जिन्हें वैश्विक मंच पर भारत की सबसे सटीक और सधी हुई आवाज़ के तौर पर दर्ज करते हुए विचारक-राजनयिक-राजनेता करार दिया गया है. सूची में छठा स्थान हासिल किया है उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री 51-वर्षीय योगी आदित्यनाथ ने, जिन्हें आबादी के लिहाज़ से सबसे बड़े और सबसे ज़्यादा लोकसभा सीटों वाले सूबे की सरकार के मुखिया के तौर पर चुनावी साल में बेहद अहम किरदार बताया गया है. यही नहीं, उनकी छठे स्थान पर मौजूदगी की वजह के तौर पर उनके ‘बुलडोज़र इंसाफ़’ का भी ज़िक्र किया गया है, जिसे कई गैर-BJP मुख्यमंत्रियों ने भी अपनाया.

सातवां स्थान राजनाथ को, आठवें पर निर्मला

सातवें पायदान पर केंद्रीय रक्षामंत्री 72-वर्षीय राजनाथ सिंह का नाम दर्ज किया गया है, और उन्हें प्रधानमंत्री का वरिष्ठतम सहयोगी बताते हुए उनके व्यापक प्रशासनिक तथा राजनैतिक अनुभव का ज़िक्र किया गया है. देश के सबसे शक्तिशाली व्यक्तियों की सूची में आठवें स्थान पर देश की वित्तमंत्री 64-वर्षीय निर्मला सीतारमण मौजूद हैं, जिन्हें चुनावी साल में राजकोषीय विवेक का भरपूर इस्तेमाल करने का श्रेय दिया गया है. निर्मला सीतारमण देश की पहली पूर्णकालिक तथा सबसे लम्बे समय तक वित्तमंत्री रहने वाली महिला भी हैं.

नवें पायदान पर काबिज हैं जेपी नड्डा

समय और माहौल के साथ स्वर बदल सकने में सक्षम शख्स के तौर पर ज़िक्र करते हुए ‘Indian Express’ ने अपनी सूची में नवें पायदान पर BJP प्रमुख 63-वर्षीय जगत प्रकाश नड्डा का नाम दर्ज किया है, जिनकी विशेषता प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के विश्वस्त सहयोगी होने के साथ-साथ पार्टी के निचले स्तर के कार्यकर्ताओं के बीच भी लोकप्रियता हासिल करना रहा है.

शीर्ष 10 में एकमात्र उद्योगपति हैं गौतम अदाणी

अंग्रेज़ी दैनिक की इस सूची में शीर्ष 10 में एकमात्र उद्योगपति 61-वर्षीय गौतम अदाणी हैं, जो 101 अरब अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹8,37,600 करोड़) की अपनी नेटवर्थ के साथ देश के दूसरे सबसे रईस शख्स हैं. समाचारपत्र का कहना है कि गौतम अदाणी के नेतृत्व में अदाणी समूह ने सीमेंट, ऊर्जा, एयरपोर्ट, हरित ऊर्जा और बंदरगाहों जैसे बुनियादी ढांचे से जुड़े क्षेत्रों में बेहद तेज़ी से तरक्की की है.

हिमंता हैं राहुल गांधी से ज़्यादा शक्तिशाली

गौरतलब है कि शीर्ष 100 शक्तिशाली व्यक्तियों की इस सूची में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा (14) तथा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (15) भी कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (16) से ऊपर मौजूद हैं. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (18) के अलावा कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरामैया (22), बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (24), तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन (25) के नाम भी कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी (29) से ऊपर दर्ज हैं. सूची से जुड़ा एक दिलचस्प तथ्य यह है कि बॉलीवुड के ‘किंग ख़ान’ कहे जाने वाले शाहरुख ख़ान (27) का नाम भी क्रिकेट जगत के मौजूदा सुपरस्टार विराट कोहली (38) से ऊपर दर्ज किया गया है.

”पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है, एक करोड़ घरों को 300 यूनिट बिजली मुफ्त मिलेगी”

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”पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है, एक करोड़ घरों को 300 यूनिट बिजली मुफ्त मिलेगी”

‘केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने जानकारी दी’

इसके अलावा सालाना 15000 रुपये की आमदनी भी होगी. 2 किलोवाट तक के सोलर प्लांट के लिए सरकार 60 फ़ीसदी सब्सिडी देगी, इसके बाद अगर 1 किलोवाट और बढ़ाना हो तो 40 फीसदी सब्सिडी दी जाएगी. हर परिवार को सोलर प्लांट लगाने के लिए करीब 78000 रुपया सब्सिडी के तौर पर मिलेगा. इस योजना के लिए 75000 करोड़ के बजट को मंजूरी अगर आरडब्ल्यूए या ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी कॉमन लाइटिंग या इलेक्ट्रिक व्हीकल के लिए चार्जर के लिए प्लांट लगाना है उसके लिए प्रति किलोवाट 18000 रुपये की सब्सिडी दी जाएगी.

अनुराग ठाकुर ने इसके साथ ही जानकारी दी कि खाद की कीमत पिछले साल की तरह ही रहेगी. सरकार ने इसमें कोई बढ़ोतरी नहीं करने का फ़ैसला किया है. DAP की कीमत वही रहेगी जबकि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में दाम बढ़े हैं. कुल 24000 करोड़ की सब्सिडी देने का फ़ैसला किया गया है.

राज्यसभा की 56 सीटों में 41 सीटों पर उम्मीदवार चुने गए, 3 राज्यों की 15 सीटों पर चुनाव हुए, बीजेपी (BJP) को कुल 30 सीटों पर जीत मिली….

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राज्यसभा की 56 सीटों में 41 सीटों पर उम्मीदवार चुने गए थे. बाकी 3 राज्यों की 15 सीटों पर मंगलवार को चुनाव हुए. बीजेपी (BJP) को कुल 30 सीटों पर जीत मिली. 20 सदस्य चुने गए और 10 को चुनाव के जरिए जीत मिली.

उत्तर प्रदेश में बीजेपी को 8 सीटों पर जीत मिली. हिमाचल प्रदेश की एकमात्र सीट भी बीजेपी ने कब्जा कर लिया. कर्नाटक में पार्टी ने एक सीट हासिल की है. राज्यसभा चुनाव में जमकर क्रॉस वोटिंग हुई. इससे साफ है कि बीजेपी ने दूसरे दलों में कामयाबी हासिल की है. इसका असर लोकसभा चुनावों पर भी पड़ने वाला है. ऐसे में कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती है. आइए जानते हैं राज्यसभा चुनावों में बीजेपी की जीत के बाद INDIA अलायंस के साथ कितना बदल जाएगा कांग्रेस का हिसाब:-

हिमाचल में बीजेपी ने कांग्रेस 
हिमाचल प्रदेश की कुल 68 सीटों में से कांग्रेस के पास 40 सीटें हैं. राज्यसभा की एक सीट पर सत्ताधारी कांग्रेस को जीत की पूरी उम्मीद थी, लेकिन पार्टी के 6 विधायकों ने बीजेपी के हर्ष महाजन के लिए क्रॉस वोटिंग की. 3 निर्दलीय विधायकों ने भी बीजेपी का साथ दिया. दरअसल, बीजेपी को हिमाचल कांग्रेस के भीतर चल रहे अंदरूनी टकराव की खबर थी. पूर्व सीएम वीरभद्रव सिंह की पत्नि प्रतिभा सिंह और उनका परिवार सीएम सुक्खू के विरोध में था. विधायकों-मंत्रियों पर अफसर हावी होते जा रहे थे. बीजेपी ने इसी मौके का फायदा उठाया.

यूपी में भी चला दांव
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर वोटिंग हुई. समाजवादी पार्टी ने 3 सीटों पर कैंडिडेट उतारे थे. सपा के 2 कैंडिडेट ने चुनाव जीता लेकिन क्रॉस वोटिंग की वजह से तीसरे उम्मीदवार की हार हो गई. बीजेपी ने 7 सीटों पर शुरुआत में कैंडिडेट उतारे थे. पार्टी को सातों सीटों पर जीत हासिल हुई है. बीजेपी ने आखिर वक्त में 8वां कैंडिडेट भी उतारा था. क्रॉस वोटिंग का सीधा फायदा 8वें कैंडिडेट संजय सेठ को हुआ और सपा को नुकसान झेलना पड़ा.

सपा के नुकसान की कांग्रेस को करनी पड़ेगी भरपाई!
अखिलेश यादव इसे पैसे और दबाव का खेल बता रहे हैं, जबकि बागी विधायक प्रभु श्रीराम का हवाला दे रहे हैं. वैसे यूपी में बगावत भले सपा में हुई हो, इसकी मार कांग्रेस को भी झेलनी होगी. रायबरेली और अमेठी की लोकसभा सीटों तक इनका असर माना जा रहा है, जो INDIA गठबंधन के तहत अखिलेश ने कांग्रेस के लिए छोड़े हैं.

बिहार में भी कांग्रेस की बढ़ेंगी मुश्किलें
कांग्रेस के लिए परेशान करने वाला तीसरा राज्य बिहार है. बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने ही विपक्ष को एकजुट करने की जिम्मेदारी उठाई थी. उन्हें INDIA अलायंस का सूत्रधार कहा जा सकता है. लेकिन नीतीश कुमार INDIA को छोड़ NDA में शामिल हो चुके हैं. बिहार में 6 राज्यसभा सीटों के लिए निर्विरोध चुनाव हो गए. साथ ही पालाबदल भी हो गया.

प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने 2 कांग्रेस विधायकों मुरारीलाल गौतम और सिद्धार्थ सौरभ को बीजेपी में शामिल करा लिया. कांग्रेस ने इन दोनों विधायकों के खिलाफ विधानसभा अध्यक्ष को अर्ज़ी भी दी है. आरजेडी की विधायक संगीता देवी भी बीजेपी में जा चुकी हैं. इसके पहले विश्वास मत के दौरान 3 आरजेडी विधायकों नीलम देवी, प्रह्लाद यादव और चेतन आनंद ने पाला बदला था. आरजेडी ने इनके खिलाफ कार्रवाई तक की मांग नहीं की.

कर्नाटक और गुजरात में भी परेशानी
बेशक, कर्नाटक में कांग्रेस अपना घर बचाने में भी कामयाब रही. बीजेपी के एक विधायक ने कांग्रेस के लिए क्रॉस वोटिंग भी करा दी. लेकिन ये अपवाद है. बीजेपी से ज़्यादातर जगहों पर कांग्रेस को चुनौती मिल रही है. गुजरात से सांसद नारण राठौड़ भी बीजेपी में शामिल हो चुके हैं. वो पांच बार लोकसभा सांसद रहे. यूपीए सरकार में मंत्री भी रहे हैं.

असम, केरल और महाराष्ट्र में भी बिखराव
कांग्रेस को इसके अलावा असम, केरल और महाराष्ट्र में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. असम में सीटों के बंटवारे को लेकर बात नहीं बन पा रही. केरल में कांग्रेस को पिनराई विजयन की पार्टी से चुनौती मिल रही है. दूसरी ओर, महाराष्ट्र में भी सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तय नहीं हो पा रहा है. बीते कुछ अरसे में कांग्रेस के कई बड़े नेता बीजेपी या एनडीए का दामन थाम चुके हैं. इनमें अशोक चव्हाण और मिलिंद देवड़ा बिल्कुल हाल के नाम हैं.

ऐसे में कई सवाल खड़े होते हैं. क्या कांग्रेस अपना बिखरता घर बचा पाएगी? हिमाचल के स्थानीय नेता आलाकमान को टूट का ज़िम्मेदार मान रहे हैं- क्या आलाकमान ज़िम्मेदारी लेगा? क्या राहुल की भारत जोड़ो न्याय यात्रा कोई राजनीतिक बदलाव कर पाएगी?

राज्यसभा में बहुमत से 4 सीट दूर NDA
इसी के साथ बीजेपी ने संसद के उच्च सदन में बहुमत की ओर कदम बढ़ा दिए हैं. बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए राज्यसभा में बहुमत से सिर्फ 4 सीटें दूर है. ऐसे में कांग्रेस और INDIA अलायंस के पास अपने बिखरते कुनबे को बचाने की चुनौती है. इस समय राज्यसभा में बीजेपी के पास 97 सीटें हो गई हैं. यानी संसद के उच्च सदन में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी है. हालांकि, एनडीए अभी भी बहुमत में नहीं है. राज्यसभा में बहुमत के लिए एनडीए को 121 सीटें चाहिए. लेकिन उसके पास अभी 117 सीटें हैं.

मुकेश अंबानी और नीता अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी जल्द ही अपनी मंगेतर राधिका मर्चेंट से शादी करने जा रहे हैं…

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मुकेश अंबानी और नीता अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी जल्द ही अपनी मंगेतर राधिका मर्चेंट से शादी करने जा रहे हैं। कुछ दिन पहले कपल की शादी का कार्ड सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें 1 मार्च से 8 मार्च तक प्री-वेडिंग फंक्शन की जानकारी दी गई थी।

शादी से पहले आइए जानते हैं कि अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट की कुल संपत्ति कितनी है और वे क्या काम करते हैं। मुकेश अंबानी के सबसे छोटे बेटे अनंत अंबानी ने अपनी स्कूली शिक्षा धीरूभाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल से की। उन्होंने अमेरिका की ब्राउन यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की। इसके बाद वह मुंबई वापस आ गए और अपने पिता की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए काम करने लगे। रिपोर्ट के मुताबिक, अनंत अंबानी की कुल संपत्ति 3,44,000 करोड़ रुपये है।


आनंद की होने वाली दुल्हन काफी पढ़ी-लिखी है

राधिका मर्चेंट भी कमाई के मामले में अपने होने वाले पति को कड़ी टक्कर देती हैं। आपको बता दें कि राधिका मशहूर बिजनेसमैन वीरेन मर्चेंट की बेटी हैं। उनका जन्म कच्छ, गुजरात में हुआ था। राधिका ने अपनी पढ़ाई ‘कैथेड्रल एंड जॉन कॉनन’ और इकोले मोंडिएल वर्ल्ड, मुंबई से पूरी की है। उन्होंने न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी से राजनीति और अर्थशास्त्र में स्नातक की पढ़ाई पूरी की।


राधिका मर्चेंट नेट वर्थ

अपनी स्नातक की डिग्री पूरी करने के बाद, वह अपने देश लौट आईं और अब एक रियल एस्टेट फर्म में सेल्स प्रोफेशनल के रूप में काम कर रही हैं। हालांकि, राधिका की नेटवर्थ के बारे में कोई खास जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उनकी कीमत 8-10 करोड़ रुपये के बीच बताई जाती है. उनके पिता वीरेन मर्चेंट एक जाने-माने उद्योगपति हैं। जीक्यू के मुताबिक उनकी कुल संपत्ति करीब 755 करोड़ रुपये है. राधिका को डांस करने का भी बहुत शौक है. वह एक बेहतरीन भरतनाट्यम डांसर हैं। उन्होंने पहली बार जियो वर्ल्ड सेंटर के ग्रैंड थिएटर बीकेसी के दौरान स्टेज पर परफॉर्म किया था।

आपको बता दें कि पिछले साल एंटीलिया में राधिका-अनंत की सगाई हुई थी, जिसमें बॉलीवुड स्टार्स समेत कई बड़ी हस्तियां शामिल हुई थीं। अब शादी की तैयारियां जोरों पर हैं. खबरें हैं कि अनंत और राधिका के प्री-वेडिंग फंक्शन में रणबीर कपूर और आलिया भट्ट जबरदस्त परफॉर्मेंस देने वाले हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमें आलिया-रणबीर अंबानी परिवार के घर जाते नजर आ रहे हैं।

T20 World Cup 2024 IND vs PAK: टी20 विश्व कप 2024 का इस बार 1 जून से आगाज होगा.

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T20 World Cup 2024 IND vs PAK: टी20 विश्व कप 2024 का इस बार 1 जून से आगाज होगा. टूर्नामेंट में भारत का पहला मैच आयरलैंड से है, जो कि 5 जून को खेला जाएगा. भारत और पाकिस्तान के बीच खेले जाने वाले मैच का फैंस को बेसब्री से इंतजार है.

यह मुकाबला 9 जून को न्यूयॉर्क में आयोजित होगा. टीम इंडिया अपने सभी मैच यहीं खेलेगी. इस मैच को लेकर वेस्टइंडीज के दिग्गज क्रिकेटर क्रिस गेल ने प्रतिक्रिया दी है. गेल ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच आयोजित होने वाला यह मै अद्भुत होगा.

इंडिया टुडे की एक खबर के मुताबिक गेल ने कहा, ”आईसीसी क्रिकेट को विश्व स्तर पर फैलाना चाहती है. भारत और पाकिस्तान के बीच न्यूयॉर्क में मैच खेला जाएगा. मुझे यकीन है कि यह मुकाबला अद्भुत होगा. उन्होंने (यूएसए) पिछले साल एक टी20 टूर्नामेंट का आयोजन करवाया था, जो कि सफल रहा था. यहां क्रिकेट का बड़ा बाजार बन सकता है.” यूएसए और इसके आसपास के देशों में अभी तक क्रिकेट ज्यादा लोकप्रिय नहीं है. इसी वजह से आईसीसी इस बार टी20 विश्व कप का आयोजन यहां करवा रहा है.

गौरतलब है कि टी20 फॉर्मेट में भारत का पाकिस्तान पर पलड़ा भारी रहा है. टीम इंडिया और पाकिस्तान के बीच अभी तक 12 टी20 मैच खेले गए हैं. इस दौरान भारत ने 8 मैचों में जीत दर्ज की है. वहीं 3 मैचों में हार का सामना किया है. एक मैच टाई रहा है. भारत और पाकिस्तान के बीच आखिरी टी20 मैच अक्टूबर 2022 में खेला गया था. टीम इंडिया ने यह मैच 4 विकेट से जीत लिया था. हालांकि इससे पहले 4 सितंबर 2022 को खेले गए मैच में भारत को हार का सामना करना पड़ा था. अब एक बार फिर से दोनों टीमें आमने-सामने होंगी.

कर्नाटक से चुनाव लड़ सकते हैं केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और एस जयशंकर, 25 सीटों को बरकरार रखना चाहती है भाजपा

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कनार्टक में अब कांग्रेस सत्ता पर काबिज है लेकिन राज्य की 28 में 25 लोकसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है। सूत्रों का कहना है कि इन सीटों को दोबारा से हासिल करने के लिए भाजपा कम से कम एक दर्जन पुराने चेहरों को बदलने वाली है।

भाजपा ने अपनी खास रणनीति के तहत इस बार कुछ केंद्रीय मंत्रियों को संसदीय चुनाव लड़ाने की योजना भी बनाई है। इसमें केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और एस जयशंकर का नाम सबसे ऊपर है। भाजपा के सूत्रों का कहना है कि दोनों को ही भाजपा कर्नाटक में चुनावी मैदान में उतार सकती हैं। हालांकि अभी यह तय नहीं हुआ है कि वे दोनों किन सीटों से चुनाव लड़ेंगे।

 कई सांसद नहीं लड़ना चाहते चुनाव इसी बीच कई मौजूदा सांसदों ने अलग-अलग कारणों से चुनाव नहीं लड़ने की इच्छा भी प्रकट कर दी है। पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद सदानंद गौड़ा सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि वे अब चुनाव नहीं लडे़ंगे। जी एम सिद्धेश्वर (72), रमेश जिंगजिंगानी (72) अधिक उम्र के कारण संभवत चुनाव नहीं लडे़ंगे। वहीं अनंत हेगड़े ने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का हवाला दिया है।

इनके अलावा शिवकुमार उदासी निजी कारणों से चुनाव नहीं लड़ना चाहते। इसके अलावा बी. एन. बच्चे गौड़ा (82), मंगला अंगाडी, जी. एस.

बसवराज, वी. श्रीनिवास प्रसाद और वाय देवेंद्रप्पा जैसे सांसदों की चुनाव लड़ने की संभावना भी कम ही जताई जा रही है। सत्ता में आने के बाद कांग्रेस को काफी उम्मीद राजनीतिक की जानकारों की मानें तो कर्नाटक में मतदाता पारंपरिक रूप से राज्य और राष्ट्रीय चुनावों में अलग-अलग पार्टियों को चुनते हैं। भाजपा 2018 के विधानसभा चुनावों में सत्ता पर काबिज हुई थी।

हालांकि 104 सीटों के साथ वह बहुमत से चूक गई थी। विधानसभा चुनाव में भाजपा का कर्नाटक में वोट शेयर 36 फीसदी था। वहीं 2019 हुए लोकसभा चुनावों में बीजेपी का वोट शेयर 54 फीसदी रहा था और भाजपा ने 25 सीटों पर जीत दर्ज की थी। उधर दूसरी ओर मई 2023 में हुए विधानसभा चुनावों में कर्नाटक में कांग्रेस का वोट शेयर 2018 के 38.1 फीसदी के मुकाबले इस बार बढ़कर 42.8 फीसदी हो गया है। इसलिए कांग्रेस को भी लोकसभा चुनाव में काफी अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद है।

 दक्षिण भारत में 130 में से भाजपा के पास है 29 सांसद दक्षिण भारत के तहत आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और तेलंगाना राज्य आते हैं। इन 6 राज्यों में लोकसभा की कुल 130 सीटें हैं। दक्षिण भारत की 130 में से भाजपा के पास 22 फीसदी यानी की सिर्फ 29 लोकसभा सीटें हैं। 2019 में कर्नाटक में भाजपा ने 28 लोकसभा सीटों में से 25 सीटों पर जीत हासिल की थी।

2019 में तेलंगाना की 17 सीटों में से भगवा पार्टी को सिर्फ 4 सीटें मिली थीं। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल में भाजपा के पास एक भी लोकसभा सीट नहीं है। इतना ही नहीं आंध्र प्रदेश और केरल में पार्टी के पास एक भी विधायक नहीं है। पी.एम. मोदी खुद कर रहे हैं दौरे भाजपा अपने 400 पार के टारगेट को पूरा करने के लिए दक्षिण भारत पर फोकस कर रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद दक्षिण भारत के कई दौरे कर चुके हैं। इस साल की शुरुआत में ही पीएम मोदी ने तमिलनाडु, केरला और केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप का दौरा किया था और लोगों को करोड़ों रुपए की योजनाओं की सौगात दी थी। जानकारों का कहना है कि दक्षिण भारत में 130 लोकसभा सीटों में से काफी सीटें हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित करने के बाद ही भाजपा ने चुनावों में 400 से ज्यादा सीटें जीतने का दावा किया है।  अयोध्या में प्राणप्रतिष्ठा से ठीक 6 दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन के आंध्र प्रदेश और केरल पर रहे हैं। इसके अलावा बीते साल दिल्ली में संसद के नए भवन का उद्घाटन के दौरान सेंगोल को स्थापित किया था। इस दौरान देश के गृह मंत्री अमित शाह का दावा किया था कि देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 14 अगस्त 1947 को तमिल पुजारियों के हाथों सेंगोल स्वीकार किया था। जानकारों का मानना है कि यह दक्षिण भारत भाजपा की रणनीति का एक हिस्सा है।