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जानिए आपके लिए कितना शुभ रहेगा यह सप्ताह…

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शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

मूलांक – 1 मूलांक 1, 10, 19, व 28 दिनांक को जन्म लेने वाले जातकों का प्रतिनिधित्व सूर्य देव करते हैं। मूलांक 1 वालों के लिए सप्ताह की शुरुआत थोड़ी मंदी रहेगी।

आलस्य के कारण काम में मन नहीं लगेगा। मां के साथ किसी प्रकार की अनबन होने की भी संभावना बनती है। अपने क्रोध पर काबू रखें। अन्यथा परिस्थितियों को अपने ही विरुद्ध कर लेंगे।

छोटे बहन-भाइयों के साथ मनमुटाव हो सकता है। मानसिक चिंताएं और अनिंद्रा की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। हालांकि सप्ताह के मध्य से आगे का समय आपके लिए अच्छा रहेगा। किसी को उधार दी हुई धनराशि वापस मिल सकती है।

किसी नए काम में भी निवेश करने की योजना बनाएंगे। अपनी जिम्मेदारियां समय से पूरा करके सफलता हासिल करेंगे। सप्ताह के अंत का समय विद्यार्थियों के लिए अच्छा रहेगा। उपाय:- सरसों के तेल में छाया दर्शन कर शनि मंदिर में दान करें।

दूध में हल्दी डालकर सेवन करें। मूलांक – 2 मूलांक 2, 11, 20 और 29 दिनांक को जन्म लेने वाले जातकों का प्रतिनिधित्व चन्द्र देव करते हैं। मूलांक 2 वालों के लिए सप्ताह के परिणाम मिले जुले रहेंगे। सप्ताह की शुरुआत में कोर्ट-कचहरी के मामले सामने आ सकते हैं।

पैरों में दर्द की समस्या परेशानी का कारण बन सकती है। अपने उतावलेपन में आकर कोई ऐसा निर्णय न लें, जिसके कारण बाद में पछताना पड़े। परिस्थितियों को देखकर और सोच-समझ कर ही कोई फैसला लें। बुधवार के दिन कार्यक्षेत्र पर उच्च अधिकारियों के साथ कुछ मतभेद होने की संभावना बनती है।

हालांकि अपने स्वाभिमान के लिए डटे रहना पसंद करेंगे। सप्ताह के अंत का समय आपके लिए अच्छा रहेगा। नई जिम्मेदारियां बखूबी निभा पाने की क्षमता महसूस करेंगे। विद्यार्थियों को मेधावी मिलने के योग बनते हैं।

उपाय:- यथा संभव शिवलिंग पर जल अभिषेक करते रहें। माता-पिता के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें। मूलांक – 3 मूलांक 3, 12, 21, 30 दिनांक को जन्म लेने वाले जातकों का प्रतिनिधित्व बृहस्पति देव करते हैं। मूलांक 3 वालों के लिए सप्ताह के परिणाम अच्छे रहेंगे।

सप्ताह की शुरुआत में थोड़ी मेहनत ज्यादा करनी होगी हालांकि सफलता मिलने की संभावना ही बनती है। मंगलवार के दिन यात्रा करने के योग बनते हैं। वाहन चलाते समय गति सीमा का ध्यान रखें। बुधवार के दिन अधिक मेहनत करके कामयाबी हासिल करेंगे।

किसी नई जिम्मेदारी का बोझ आपके कंधों पर आ सकता है। सप्ताह के अंत का समय भी आपके लिए अच्छा रहेगा। आर्थिक स्थिति अच्छी बनी रहेगी। शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े हुए लोगों के लिए सप्ताह के अंत का समय अच्छा रहेगा।

विद्यार्थी भी अपनी आगे की पढ़ाई को लेकर योजना बनाएंगे। किसी बड़े व्यक्ति की सलाह आपके लिए लाभदायक रहेगी। उपाय:- पीपल के वृक्ष पर सरसों के तेल का दीपक जलाएं। विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें।

मूलांक – 4 मूलांक 4, 13, 22 और 31 दिनांक को जन्म लेने वाले जातकों का प्रतिनिधित्व राहू देव करते हैं। मूलांक 4 वालों के लिए सप्ताह के परिणाम मिले-जुले रहेंगे। सप्ताह की शुरुआत में प्रॉपर्टी संबंधी मामलों में लाभ होने के योग बनते हैं। भावनाओं में आकर इस सप्ताह कोई निर्णय न लें अन्यथा लोग आपकी बातों का गलत मतलब निकाल कर नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं।

अपने शब्दों का चयन सोच-समझकर करें। दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करते हुए सावधानी बरतें। दोस्तों के साथ किसी प्रकार की अनबन होने की संभावना बनती है। सरकारी कामों में अभी निवेश न करें।

सप्ताह के अंत का समय शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए अच्छा रहेगा। बच्चे विदेशी शिक्षा को प्राप्त करने का मन बना सकते हैं। उपाय :- दुर्गा चालीसा का पाठ करें। शनि देव जी के मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं।

मूलांक – 5 मूलांक 5, 14 और 23 दिनांक को जन्म लेने वाले जातकों का प्रतिनिधित्व बुध देव करते हैं। मूलांक 5 वालों के लिए सप्ताह के परिणाम सामान्य रहेंगे। सप्ताह की शुरुआत में कुछ अनचाहे खर्चों पर अंकुश लगाने की कोशिश करेंगे। स्वभाव में गंभीरता उत्पन्न होने की संभावना बनती है।

अपने क्रोध पर काबू रखें अन्यथा परिस्थितियां विपरीत हो सकती हैं। हालांकि सप्ताह के मध्य से आगे का समय आपके लिए अच्छा रहेगा। किसी नए काम की जिम्मेदारी के कारण व्यस्त रहेंगे। नकदी धन खर्च होगा।

नौकरी में पदोन्नति के योग बनते हैं। सप्ताह के अंत का समय व्यापार से जुड़े हुए लोगों के लिए भी अच्छा रहेगा। व्यावसायिक स्तर पर प्रमोशन पर पैसा निवेश करेंगे। उपाय:- काली उड़द की दाल जल प्रवाह करें।

छोटी कन्या को भोजन करवा कर उनका आशीर्वाद लें। मूलांक – 6 मूलांक 6, 15 और 24 दिनांक को जन्म लेने वाले जातकों का प्रतिनिधित्व शुक्र देव करते हैं। मूलांक 6 वालों के लिए सप्ताह के परिणाम सामान्य रहेंगे। सप्ताह की शुरुआत में मकान खरीदने की योजना बनाएंगे लेकिन आलस्य के कारण काम की गति थोड़ी धीमी रहेगी।

मंगलवार के दिन घर में किसी मंगल कार्य का आयोजन हो सकता है। अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाकर समय का सदुपयोग करने की कोशिश करें। सप्ताह के मध्य में किसी प्रकार की त्वचा विकार उत्पन्न होने की संभावना बनती है। जीवनसाथी और घर के बड़ों के मध्य कुछ अनबन हो सकती है।

सप्ताह के अंत का समय व्यावसायिक स्तर पर ज्यादा सक्रिय रहेगा। उपाय:- गाय को हरा चारा खिलाएं। शनि चालीसा का पाठ करें। मूलांक – 7 मूलांक 7, 16 और 25 दिनांक को जन्म लेने वाले जातकों का प्रतिनिधित्व केतु देव करते हैं।

मूलांक 7 वालों के लिए सप्ताह के परिणाम मिले जुले रहेंगे। सप्ताह की शुरुआत में आलस्य के कारण अपने किसी महत्वपूर्ण काम को आने वाले समय पर डाल सकते हैं। छोटे बहन-भाइयों के साथ अनबन होने की संभावना बनती है। अपने क्रोध पर काबू रखें अन्यथा लड़ाई-झगड़े की संभावनाएं भी बनती है।

बुधवार का दिन आपके लिए पहले से बेहतर रहेगा। पिता से मिली सलाह लाभदायक रहेगी। मन थोड़ा विचलित रहेगा। क्या करें और क्या न करें के मध्य परेशान हो सकते हैं।

सप्ताह के अंत में किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह मानकर चलना आपके लिए लाभदायक रहेगा। दर्शनशास्त्र से जुड़े हुए लोगों के लिए भी रविवार का दिन अच्छा रहेगा। उपाय:- काले कुत्ते को मीठी रोटी खिलाएं और उसकी सेवा करें। यथा संभव शिवलिंग पर जल अभिषेक करते रहें।

मूलांक – 8 मूलांक 8, 17 और 26 दिनांक को जन्म लेने वाले जातकों का प्रतिनिधित्व शनि देव करते हैं। मूलांक 8 वालों के लिए सप्ताह के परिणाम सामान्य रहेंगे। सप्ताह की शुरुआत में सोमवार का दिन आपके लिए अच्छा रहेगा। काफी समय से रुके हुए किसी काम को पूरा करके बेहतर महसूस करेंगे।

हालांकि अपनी ऊर्जा को किसी अनुभवी मार्गदर्शन से सही दिशा में लगाकर उत्तम परिणाम प्राप्त करने की कोशिश करें। सरकारी कामों में अभी विलंब का सामना करना होगा। कार्यक्षेत्र पर भी उच्च अधिकारियों के साथ किसी प्रकार के मतभेद होने की संभावना बनती है। सप्ताह के अंत में निजी जरूरत पर नकदी धन खर्च होगा।

काम के सिलसिले में यात्राएं करनी पड़ सकती हैं। उपाय:- शनि चालीसा का पाठ करें। घर में कोई खराब जंग लगी हुई लोहे की वस्तु न रखें। मूलांक – 9 मूलांक 9, 18 और 27 दिनांक को जन्म लेने वाले जातकों का प्रतिनिधित्व मंगल देव करते हैं।

मूलांक 9 वालों के लिए सप्ताह के परिणाम अच्छे रहेंगे। हालांकि सोमवार के दिन आलस्य के कारण काम में मन नहीं लगेगा। कार्य की गति थोड़ी धीमी बनी रहेगी। कार्य क्षेत्र पर किसी कर्मचारी वर्ग के व्यक्ति के साथ अनबन होने की संभावना भी बनती है।

हालांकि सप्ताह में आगे का समय आपके लिए अच्छा रहेगा। किसी समाज सेवा के कार्य में भी भागीदार बन सकते हैं। कार्यक्षेत्र पर उच्च अधिकारियों का साथ प्राप्त होगा। नौकरी की तलाश में लोगों को शुभ समाचार मिल सकता है। सप्ताह के अंत में अपने कामकाज को आगे बढ़ने का विचार बनाएंगे। उपाय:- माता-पिता के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें। शनि चालीसा का पाठ करें।

आचार्य लोकेश धमीजा वेबसाइट – www.gurukulastro.com

Holi : जानें शुभ मुहूर्त एवं पूजा विधि”

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Holi : जानें शुभ मुहूर्त एवं पूजा विधि

Holi 2024 ; फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि में होली मनाई जाती है। यह पर्व भारत समेत विश्व के कई देशों में मनाया जाता है। होली दो दिन की होती है।

पूर्णिमा के दिन होलिका दहन किया जाता है और इसके अगले दिन रंगों की होली मनाई जाती है। इस अवसर पर ईर्ष्या, द्वेष या एक-दूसरे की गलती को भुलाकर गले मिलते हैं। इस बार होली की तारीख को लेकर लोगों में कंफ्यूजन बनी हुई है कि रंगोत्सव वाली होली 24 या 25 मार्च कब है ? आइए जानते हैं कब है होलिका दहन और कब मनाई जाएगी होली

आज जिनका जन्मदिन है, जानें कैसा रहेगा आने वाला साल

इस साल फाल्गुन पूर्णिमा तिथि 24 मार्च को सुबह 09 बजकर 54 मिनट से शुरू होगी। वहीं इस तिथि का समापन अगले दिन यानी 25 मार्च को दोपहर 12 बजकर 29 मिनट पर होगा।

Holika Dahan 2024 होलिका दहन 2024 24 मार्च को होलिका दहन है। इस दिन होलिका दहन के लिए शुभ मुहूर्त देर रात 11 बजकर 13 मिनट से लेकर 12 बजकर 27 मिनट तक है। ऐसे में होलिका दहन के लिए आपको कुल 1 घंटे 14 मिनट का समय मिलेगा।

When is holi 2024 कब है होली 2024 होलिका के अगले दिन होली मनाई जाती है इसलिए इस साल 25 मार्च को होली है। इस दिन देश भर में धूमधाम से होली मनाई जाएगी।

Holika Dahan puja method होलिका दहन की पूजा विधि होलिका पूजन करने से पहले स्नान करना बहुत जरूरी है। स्नान करने के बाद होलिका पूजन के लिए उत्तर या पूर्व की और अपना मुख करके बैठ जाएं। होलिका पूजन के लिए गाय के गोबर से होलिका और प्रहलाद की प्रतिमा बना लें।

इसके बाद नरसिंह भगवान का ध्यान करें और फिर रोली, चावल, मिठाई, फूल आदि अर्पित करें। पूजा की सामग्री के लिए रोली, फूल, फूलों की माला, कच्चा सूत, गुड़, साबुत हल्दी,मूंग, बताशे, गुलाल नारियल, 5 से 7 तरह के अनाज और एक लोटे में पानी रख लें। इसके बाद इन सभी चीजों को लेकर पूरे विधि-विधान से पूजा करें और प्रह्लाद का नाम लें और उनके नाम से फूल अर्पित करें। होलिका की पूजा के साथ ही भगवान नरसिंह की भी विधि-विधान से पूजा करें और फिर होलिका के चारों ओर सात बार परिक्रमा करें।

तेलंगाना : सीएम साय ने सीतारामचंद्र स्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना

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सीएम साय ने सीतारामचंद्र स्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रविवार को तेलंगाना पहुंचे। जहां उन्होंने भद्राचलम स्थित श्री सीतारामचंद्र स्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना की। साय ने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना भगवान श्रीराम से की है।

श्रीसीतारामचंद्र स्वामी मंदिर भद्राचलम में गोदावरी नदी के किनारे स्थित है।

तेलंगाना में CM साय कुछ सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी शामिल हुए। उन्होंने मंदिर में बताया कि छत्तीसगढ़ भगवान श्री राम का ननिहाल है। छत्तीसगढ़ के लोग राम के ननिहाल से यहां आते हैं। मंदिर ट्रस्ट के लोगों ने कुछ स्मृति चिन्ह भी CM को भेंट किए।

भारत में अतिथि देवो भवः की महान परंपरा रही है। इस बात को प्रदेश के मुख्यमंत्री साय गंभीरता से लेते हैं। रविवार को उन्होंने कुछ ऐसा ही अंदाज दिखाया। CM के अस्थाई निवास पहुना में जशपुर जिले के दुलदुला क्षेत्र से कुछ ग्रामीण उनसे मिलने निवास गेट के बाहर खड़े थे।

CM को फौरन तेलंगाना रवाना होना था। दूर से आए ग्रामीणों को सीएम ने तत्काल अंदर बुलाया और मुलाकात की। सभी ग्रामीण मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जन्मदिन की बधाई देने पहुंचे थे।

‘सफेद झूठ…’ भारतीय सैनिकों की तैनाती के दावे पर घिरे राष्ट्रपति मुइज्जू

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मालदीव में भारतीय सैन्यकर्मियों की तैनाती को लेकर दिए बयान पर वहां के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू अब खुद घिरते नजर आ रहे हैं. देश के पूर्व विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद ने कहा है कि ‘हजारों भारतीय सैन्य कर्मियों’ के बारे में किए गए मुइज्जू के दावे झूठ की एक कड़ी हैं.

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उनके देश में कोई भी सशस्त्र विदेशी सैनिक तैनात नहीं है.

‘मालदीव में कोई सशस्त्र विदेशी सैनिक तैनात नहीं’
मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) के नवनिर्वाचित अध्यक्ष शाहिद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में लिखा, ‘100 दिन बाद, यह साफ है: राष्ट्रपति मुइज्जू के ‘हजारों भारतीय सैन्य कर्मियों’ के दावे झूठ की कड़ी में एक और झूठ था. सैन्यकर्मियों की विशिष्ट संख्या प्रदान करने में मौजूदा प्रशासन की असमर्थता बहुत कुछ बताती है. देश में कोई भी सशस्त्र विदेशी सैनिक तैनात नहीं है.’ उन्होंने आगे इस बात पर जोर दिया कि पारदर्शिता मायने रखती है और सच्चाई सामने आनी चाहिए.

गौरतलब है कि मालदीव में भारतीय सैनिकों को हटाना मुइज्जू की पार्टी का मुख्य अभियान था. वर्तमान में, मालदीव में डोर्नियर 228 समुद्री गश्ती विमान और दो एचएएल ध्रुव हेलीकॉप्टरों के साथ लगभग 70 भारतीय सैनिक तैनात हैं.

राष्ट्रपति पद संभालने के दूसरे ही दिन मुइज्जू ने आधिकारिक तौर पर भारत सरकार से मालदीव से अपने सैन्यकर्मियों को वापस बुलाने का अनुरोध किया. वहीं भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि भारत मालदीव में विमानन प्लेटफार्मों पर सैन्य कर्मियों के स्थान पर सक्षम भारतीय तकनीकी कर्मियों को नियुक्त करेगा.

‘भारत में गलत कारणों से चर्चा में मालदीव’
इस बीच मालदीव की पूर्व रक्षा मंत्री मारिया दीदी ने कहा कि भारत में मालदीव खासकर सोशल मीडिया पर गलत कारणों से चर्चा में आ गया. दीदी ने फर्स्टपोस्ट रक्षा शिखर सम्मेलन में कहा, ‘मालदीव, भारत में गलत कारणों से चर्चित हो रहा है और मैं कहूंगी कि विशेष रूप से सोशल मीडिया पर. हम ऐसे लोग नहीं हैं. हमें, विदेशियों का हमारे देश में आना पसंद है.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लक्षद्वीप की यात्रा के कुछ दिन बाद मालदीव के एक मंत्री और अन्य नेताओं द्वारा सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट किए जाने से उत्पन्न विवाद के संदर्भ में यह टिप्पणी आई. लक्षद्वीप को लेकर प्रधानमंत्री मोदी का ‘एक्स’ पर किया गया पोस्ट वायरल होने के बाद मालदीव के नेताओं ने भारत पर द्वीपराष्ट्र को निशाना बनाने का आरोप लगाया था और कहा था कि भारत को समुद्र तट पर्यटन में मालदीव के साथ प्रतिस्पर्धा करने में विशाल चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.

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मन की बात : यह मन की बात कार्यक्रम का 110वां एपिसोड, देशवासियों को संबोधित

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। यह मन की बात कार्यक्रम का 110वां एपिसोड है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुबह 11 बजे मन की बात कार्यक्रम के जरिए देशवासियों को संबोधित किया । यह मन की बात कार्यक्रम का 110वां एपिसोड है। प्रधानमंत्री ने इसके पिछले संस्करण में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की चर्चा की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को गुजरात दौरे के दूसरे दिन राज्य को 52,250 करोड़ रुपए की परियोजनाओं की सौगात। वे आज देश के सबसे लंबे केबल ब्रिज सुदर्शन सेतु को भी देश को समर्पित करेंगे।

पीएम मोदी ने बेट द्वारका मंदिर में की पूजा, देश को दी सुदर्शन सेतु की सौगात। मन की बात में पीएम मोदी बोले, 8 मार्च को महिला दिवस बनाएंगे। नारी शक्ति के योगदान को नमन का दिन।

नारी शक्ति प्रगति की ऊंचाइयां छू रही है। किसने सोचा था महिलाएं ड्रोन उड़ाएंगी। ड्रोन दीदी कृषि को आधुनिक बनाने का माध्यम। आज गांव गांव में नमो ड्रोन दीदी की चर्चा।

प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात में कहा कि ओडिशा के कालाहांडी में बकरी पालन, गांव के लोगों की आजीविका के साथ-साथ उनके जीवन स्तर को ऊपर लाने का भी एक बड़ा माध्यम बन रहा है। इस प्रयास के पीछे जयंती महापात्रा जी और उनके पति बीरेन साहू जी का एक बड़ा फैसला है। जयंती जी और बीरेन जी ने यहां एक दिलचस्प माणिकास्तु Goat Bank भी खोला है। वे सामुदायिक स्तर पर बकरी पालन को बढ़ावा दे रहे हैं।

3 मार्च को ‘विश्व वन्य जीव दिवस’ है। इस दिन को वन्य जीवों के संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। इस वर्ष वर्ल्ड वाइल्ड लाइफ डे की थीम में डिजिटल इनोवेशन को सर्वोपरि रखा गया है। पिछले कुछ वर्षों में सरकार के प्रयासों से देश में बाघों की संख्या बढ़ी है।

पीएम ने कहा कि हमारी संस्कृति की सीख है – परमार्थ परमो धर्मः यानि, दूसरों की मदद करना ही सबसे बड़ा कर्तव्य है। इसी भावना पर चलते हुए हमारे देश में अनगिनत लोग नि:स्वार्थ भाव से दूसरों की सेवा करने में अपना जीवन समर्पित कर देते हैं। ऐसे ही एक व्यक्ति हैं – बिहार में भोजपुर के भीम सिंह भवेश जी। वे अपने समुदाय के सदस्यों के जरूरी डाक्यूमेंट्स बनवाने में उनके फॉर्म भरकर मदद करते हैं। लोगों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए उन्होंने 100 से ज्यादा मेडिकल कैप लगाए।

Household Consumption Expenditure Survey ; भारतीय घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण के निष्कर्ष जारी

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केंद्र सरकार ने 11 सालों में पहली बार, 24 फरवरी को अखिल भारतीय घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण ( Household Consumption Expenditure Survey) के निष्कर्ष जारी किए. डेटा से पता चलता है कि ग्रामीण खर्चे में तेजी से बढ़ोतरी हुई है.

पिछले दो दशक में ग्रामीण और शहरी परिवारों में औसत मासिक खर्च लगभग समान हो गया है. नए सर्वे के मुताबिक, भारतीय घरों में औसत मासिक प्रति व्यक्ति खर्च (एमपीसीई) 2011-12 के बाद से शहरी परिवारों में 33.5% बढ़कर 3,510, जबकि ग्रामीण घरों में 40.42% बढ़कर 2,008 तक पहुंच गया.

साल 2022-23 में औसत प्रति व्यक्ति मासिक घरेलू कंजप्शन खर्च (एमपीसीई) ग्रामीण भारत में 3,773 और शहरी क्षेत्रों में 6,459 था. साल 2011-12 में ग्रामीण और शहरी खर्चों में अंतर 83.9% से 71.2% , 2009-10 में 88.2% और 2004-05 में 90.8% से कम होकर 71.2% हो गया.

18 सालों में, ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ा औसत MPCI

मिनिस्ट्री ऑफ स्टेटिक्स की वेबसाइट पर एक फैक्टशीट से पता चला है कि 18 सालों में, ग्रामीण क्षेत्रों में औसत एमपीसीई छह गुना से ज्यादा बढ़ा है, जो शहरी क्षेत्रों की तुलना में ज्यादा है. साल 2004-05 में ग्रामीण कंजप्शन 579 और शहरी में कंजप्शन 1,105 था, जो ग्रामीण क्षेत्रों में 552% और शहरी क्षेत्रों में 484% की बढ़ोतरी को दिखाता है.

अखिल भारतीय घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण (एचसीईएस) अगस्त 2022 और जुलाई 2023 के बीच किया गया था. डेटा जीडीपी, खुदरा मुद्रास्फीति और गरीबी स्तर जैसे अहम आर्थिक संकेतों का आकलन करने के लिए अहम है.

2022-23 में, भारत की ग्रामीण आबादी के निचले 5% का औसत एमपीसीई 1,373 था, जबकि शहरी क्षेत्रों में इसी श्रेणी में यह 2,001 था. टॉप 5% के लिए, औसत एमपीसीई ग्रामीण क्षेत्रों में 10,501 और शहरी क्षेत्रों में 20,824 था.

सिक्किम में सबसे ज्यादा, छत्तीसगढ़ में सबसे कम खर्च

राज्यों में खर्च के तुलनात्मक अध्ययन से पता चलता है कि यह सिक्किम में सबसे ज्यादा खर्च (ग्रामीण 7,731 और शहरी 12,105) और छत्तीसगढ़ में सबसे कम खर्च (ग्रामीण 2,466 और शहरी 4,483) है. खाने पर हर महीने का खर्चा ग्राणीण इलाकों में 1,750 और शहरी इलाकों में 2,530 पाया गया, जबकि खाने से हटके होने वाला खर्च ग्राणीम इलाकों में 2,023 और शहरी इलाकों में 3,929 था. बता दें कि घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण हर पांच साल में किया जाता है. लेकिन डेटा की क्वालिटी पर उठने वाले मुद्दों की वजह से 2017-18 का डेटा जारी नहीं किया गया था. आखिरी सर्वे सार्वजनिक सर्वे साल 2011-12 में जारी किया गया था.

2017-18 के सर्वे में क्या था?

साल 2019 में, सरकार ने कहा था कि 2017-18 के सर्वे में कंजप्शन पैटर्न और परिवर्तन की दिशा में अहम बदलाव दिखाया गया है. डेटा का मूल्यांकन करने वाले एक विशेषज्ञ पैनल ने विसंगतियों को नोट कर कार्यप्रणाली में बदलाव की सिफारिश की थी. सरकार ने कहा था कि नेशनल अकाउंट्स स्टेटिक्स पर एडवाइजरी कमेटी ने अलग से सिफारिश की थी कि जीडीपी सीरीज के पुनर्निर्धारण के लिए 2017-18 नए आधार वर्ष के रूप में इल्तेमाल करने के लिए उपयुक्त साल नहीं है

Sankranti Chaturthi 2024: इस दिन रखा जाएगा द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी का व्रत, जानिए कैसे करें भगवान गणेश की पूजा

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Sankasthi Chaturthi 2024: हिंदू धर्म में संकष्टी चतुर्थी का विशेष महत्व होता है. माना जाता है कि जो भक्त संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखते हैं उनपर भगवान गणेश अपनी कृपादृष्टि बनाए रखते हैं.

पंचांग के अनुसार, हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को संकष्टी चतुर्थी मनाई जाती है. फाल्गुन मास में पड़ने वाली संकष्टी चतुर्थी को द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी (Dwijpriya Sankashti Chaturthi) के नाम से जाना जाता है. माना जाता है कि शिव-पार्वती पुत्र गणेश भगवान की पूजा करने से घर में सिद्धि आती है. इससे पूजा करने वाले भक्त को शुभ फल की प्राप्ति होती है और बप्पा सदैव भक्तों पर अपना आशीर्वाद बनाए रखते हैं. जानिए इस माह किस दिन रखा जाएगा द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी का व्रत और कैसे की जा सकती है बप्पा की पूजा.

द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी कब है | Dwijpriya Sankrashti Chaturthi Date

पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास की संकष्टी चतुर्थी तिथि का आरंभ 28 फरवरी की रात 1 बजकर 53 मिनट पर हो रहा है और इस तिथि का समापन अगले दिन यानी 29 फरवरी की सुबह 4 बजकर 18 मिनट पर हो जाएगा. इस चलते द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी का व्रत 28 फरवरी, बुधवार के दिन रखा जाएगा.

द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी की पूजा विधि

संकष्टी चतुर्थी के दिन पूजा (Sankashti Chaturthi Puja) करने के लिए सुबह के समय ब्रह्म मुहूर्त में उठना बेहद शुभ माना जाता है. इसके पश्चात स्नान किया जाता है, स्वच्छ वस्त्रों का धारण करते हैं और भगवान गणेश का पूजन किया जाता है. इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है. पूजा करने के लिए चौकी पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाकर उसपर भगवान गणेश की प्रतिमा या मूर्ति विराजित की जाती है. इसके बाद गणपति बप्पा के समक्ष रोली, अक्षत, पंचामृत, दूर्वा, जनेऊ, सिंदूर और सुपारी आदि अर्पित किए जाते हैं. अब दीपक जलाकर बप्पा की आरती की जाती है, गणेश चालीसा का पाठ होता है और संकष्टी चतुर्थी की कथा पढ़ी जाती है. भक्त दिनभर व्रत रखते हैं और संध्याकाल में बप्पा की आरती के पश्चचात फलाहार किया जाता है. अगली सुबह पूजा करने के बाद ही व्रत का पारण होता है. कहते हैं इस व्रत को रखने पर बप्पा प्रसन्न हो जाते हैं.

लोकसभा चुनाव 2024 : आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन, दिल्ली के अलावा इन राज्यों में हुआ गठबंधन…

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”लोकसभा चुनाव 2024 के लिए दिल्ली में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन हो चुका है. दिल्ली की सात सीटों में चार आम आदमी पार्टी के हिस्से में आई हैं. वहीं, तीन सीट में कांग्रेस चुनाव लड़ेगी.”

आम आदमी पार्टी दक्षिणी दिल्ली, पश्चिमी दिल्ली, पूर्वी दिल्ली और नयी दिल्ली लोकसभा सीट पर उम्मीदवार उतारेगी, जबकि कांग्रेस चांदनी चौक, उत्तर पश्चिम दिल्ली और उत्तर पूर्वी दिल्ली सीट पर चुनाव लड़ेगी. इसके बाद यह तय हो गया है कि गांधी परिवार के सभी वोट आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार को मिलेंगे. वहीं, अरविंद केजरीवाल का वोट कांग्रेस उम्मीदवार को मिलेगा.

गांधी परिवार के सभी सदस्य नई दिल्ली लोकसभा सीट के मतदाता हैं. 2019 लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी ने औरंगजेब लेने में सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बने मतदान केंद्र पर मतदान किया था. वहीं, सोनिया गांधी ने निर्माण भवन और प्रियंका गांधी ने अपने पति रॉबर्ट वाड्रा के साथ लोधी स्टेट में जाकर मतदान किया था. ऐसे में ये सभी नेता कांग्रेस प्रत्याशी की बजाय आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार को वोट देंगे.

केजरीवाल बनेंगे कांग्रेस वोटर ”अरविंद केजरीवाल ने 2019 लोकसभा चुनाव में सिविल लाइंस में वोट किया था. वह 2024 लोकसभा चुनाव में दिल्ली की चांदनी चौक लोकसभा सीट के मतदाता हैं. गठबंधन में यह सीट कांग्रेस के खाते में गई है. ऐसे में अरविंद केजरीवाल कांग्रेस उम्मीदवार को वोट डालेंगे. राज्यसभा सदस्य स्वाती मालीवाल भी कांग्रेस उम्मीदवार को वोट देंगी.”

दिल्ली के अलावा इन राज्यों में हुआ गठबंधन ”दिल्ली के अलावा गुजरात, हरियाणा, चंडीगढ़ और गोवा में भी कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच गठबंधन हुआ है. पंजाब में आपसी सहमति से दोनों दलों ने अलग-अलग चुनाव लड़ने का फैसला लिया है. आप हरियाणा में कुरुक्षेत्र और गुजरात में भरूच-भावनगर सीट पर चुनाव लड़ेगी. राज्य की बाकी सीटों पर कांग्रेस चुनाव लड़ेगी.”

”उत्तर प्रदेश में भी कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन कर लिया है’. ‘यहां कांग्रेस 17 और समाजवादी पार्टी 63 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. हालांकि, अब तक पश्चिम बंगाल में गठबंधन पर बात नहीं बनी है. ममता बनर्जी अकेले पूरे राज्य में चुनाव लड़ने का एलान कर चुकी हैं. कांग्रेस अभी भी ममता के साथ बातचीत की कोशिश में जुटी हुई है.”

छत्तीसगढ़ : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘विकसित भारत विकसित छत्तीसगढ़ संकल्प यात्रा’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बयान…

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छत्तीसगढ़ : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘विकसित भारत विकसित छत्तीसगढ़ संकल्प यात्रा’ कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ में 34,427 करोड़ रूपए की 10 विकास परियोजनाओं का डिजिटल माध्यम से लोकार्पण और शिलान्यास किया।

इस कार्यक्रम के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि” प्रधानमंत्री जी छत्तीसगढ़ को 34 हजार 427 करोड़ रुपए की 10 परियोजनाओं का सौगात दे रहे हैं। मैं छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से आपके प्रति आभार प्रगट करता हूँ। आपका स्नेह और अनुग्रह हमेशा हमारे ऊपर रहता है।

सीएम साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता ने आपकी गारंटी पर भरोसा किय। आपकी गारंटी के सारे कामों को पूरा करने के लिए हम अग्रसर हुए हैं।

18 लाख से अधिक आवास स्वीकृत हुए हैं। 3716 करोड़ रुपए की दो साल की बोनस राशि किसानों को दी है। साथ ही 3100 रुपए धान की कीमत देने का वायदा था इसे पूरा किया। विवाहित महिलाओं को साल का बारह हजार रुपए देने का वायदा पूरा करने का निर्णय भी हमने लिया है। विकसित भारत में हम विकसित छत्तीसगढ़ बनाने हम तत्पर हैं।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा आरंभ हुई। इसमें प्रदेश के बड़ी संख्या में लोग आये। हमारे छत्तीसगढ़ में जो पांच विशेष पिछड़ी जनजाति हैं इनके लिए 15 हजार आवास स्वीकृत हुए हैं। इनके बसाहट के लिए आवागमन की सुविधा हो, इसके लिए सड़कों स्वीकृति हुई है। इस योजना में पीवीजीटी लोगों के 366 बसाहटों में रोड पहुंचेगा।

सीएम साय ने पीएम मोदी से कहा कि मैं आपका बहुत आभार प्रगट करता हूँ कि आपने विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों को संबल प्रदान किया है। लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य पूरा करने की दिशा में हम काम कर रहे हैं।

आपके द्वारा किये गये लोकार्पण शिलान्यास से राज्य की अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी और प्रदेश के लिए विकास के नये युग का सूत्रपात होगा। आपके द्वारा दिये गये स्नेह और उदारता के लिए मैं आपके लिए आभार प्रगट करता हूँ।

छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बलौदाबाजार-भाटापारा जिला के दामाखेड़ा में माघपूर्णिमा के अवसर पर आयोजित होने वाले सद्गुरू कबीर संत समागम समारोह में शामिल हुए।

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छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बलौदाबाजार-भाटापारा जिला के दामाखेड़ा में माघपूर्णिमा के अवसर पर आयोजित होने वाले सद्गुरू कबीर संत समागम समारोह में शामिल हुए।

धर्म गुरू पंथश्री प्रकाश मुनि नाम साहेब ने मुख्यमंत्री के रूप में पहली दफा दामाखेड़ा आगमन पर साय का कबीरपंथी समाज की ओर से आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस मौके पर दामाखेड़ा का नाम कबीर धर्म नगर दामाखेड़ा करने की घोषणा की।

उन्होंने पूर्व में स्वीकृत 22 करोड़ रूपये से अधिक लागत से बनने वाले कबीर सागर के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

साय ने कहा कि दामाखेड़ा के 10 किलोमीटर की परिधि में कोई भी नया औद्योगिक प्रतिष्ठान शुरू न हो इसके लिए विचार किया जाएगा। समारोह में मुख्यमंत्री साय ने पंथश्री हुजूर प्रकाश मुनि नाम साहेब से छत्तीसगढ़ की तरक्की और खुशहाली के लिए आशीर्वाद लिया।

इस मौके पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, केबिनेट मंत्री दयाल दास बघेल, सांसद सुनील सोनी, भाटापारा विधायक इंद्र कुमार साव, लुण्ड्रा विधायक प्रमोद मिंज, भाटापारा पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी वर्मा ने भी दर्शन कर गुरू से आशीर्वाद प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश का मुख्यमंत्री का दायित्व मुझे मिला है इस दायित्व से जनता की सेवा और प्रदेश के विकास के लिए हमेशा तत्पर रहूंगा। आप सभी के विश्वास और सहयोग से प्रदेश में विकास की गंगा बहाएंगे।

उन्होंने ने कहा कि बचपन से ही मेरा जुड़ाव कबीर पंथ से रहा है और चौका आरती में शामिल होते रहा हूं। मेरे गृह ग्राम बगिया में कबीर पंथ के मुनियों का पदार्पण हुआ है जो मेरे लिए सौभाग्य की बात है। एक छोटे से गांव के किसान के बेटे को आप लोगों ने मुख्यमंत्री का बड़ा दायित्व दिया है। इस चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी पर खरा उतरने में लिए आप सबका सहयोग और मार्गदर्शन मिलता रहे। जिस प्रकार से मोदी जी की गारंटी पर आपने विश्वास जताया है उसे आगे भी कायम रखते हुए सेवा का अवसर देते रहेंगे। हम सब मिलकर छत्तीसगढ़ को विकास के पथ पर आगे ले जाएंगे।