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आइबी ग्रुप : ‘एबीस फिश फीड सुखरी प्लांट का उद्घाटन’

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आइबी ग्रुप की महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत शुरू होने वाले एबीस फिश फीड सुखरी प्लांट का उद्घाटन”

राजनांदगांव : आइबी ग्रुप की महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत शुरू होने वाले एबीस फिश फीड सुखरी प्लांट का उद्घाटन ”इस समारोह के माध्यम से  केंद्रीय पशुपालन मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला लगभग 300 किसानों से सीधे संवाद करेंगे और फार्मिंग में आने वाली चुनौतियों के समाधान के लिए उन्हें मार्गदर्शन देंगे। कार्यक्रम में कई अन्य गणमान्य अतिथि भी सम्मिलित होंगे।

राजनांदगांव छत्तीसगढ़ में स्थापित देश के इंटीग्रेटेड प्रोटीन लीडर आइबी ग्रुप विगत 40 वर्षों से भारत में प्रोटीन पोषण पहुंचा रहा है। विश्वस्तरीय तकनीक से सामंजस्य बैठाते हुए आइबी ने अत्याधुनिक मशीनों से सुसज्जित प्लांट्स और रिसर्च लैब विकसित किए हैं जिससे हाई क्वालिटी लाइवस्टॉक फीड्स का उत्पादन हो रहा है और समृद्धि की ओर कदम बढ़ाते भारतीय पशुधन उद्योग आत्मनिर्भर बन रहा है। भारत के हर एक व्यक्ति तक प्रोटीन पोषण पहुंचाने की अपनी यात्रा में आइबी देश के विभिन्न राज्यों में लगभग 7 फीड प्लांट की स्थापना कर चुका है।

(SBI) को छह साल पुरानी योजना में दान देने वालों के नामों की जानकारी चुनाव आयोग को देने के निर्देश

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सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (15 फरवरी) को एक ऐतिहासिक फैसले में चुनावी बॉन्ड योजना को रद्द कर दिया और कहा कि यह सूचना के अधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन करती है.

सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को छह साल पुरानी योजना में दान देने वालों के नामों की जानकारी चुनाव आयोग को देने के निर्देश दिए.

अब कोर्ट के इस फैसले को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं के बयान सामने आ रहे हैं. चुनावी बॉन्ड योजना को लेकर बीजेपी पर जोरदार हमला”

भूपेश बघेल ने एएनआई से बात करते हुए चुनावी बॉन्ड योजना पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर कहा कि बीजेपी कहती रही है कि उनके खिलाफ कोई आरोप नहीं लगा है. यह सबसे बड़ा आरोप है कि उन्होंने चुनावी बॉन्ड की मदद से पैसा इकट्ठा किया. अब सुप्रीम कोर्ट ने इसे असंवैधानिक घोषित कर दिया है, पूरा देश इसका स्वागत कर रहा है.

कोर्ट ने दिया ये आदेश
दरअसल चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच जजों की पीठ ने अपने फैसले में कहा कि एसबीआई को राजनीतिक दलों द्वारा भुगतान कराए गए सभी चुनावी बॉन्ड का ब्योरा देना होगा. इस ब्योरे में यह भी शामिल होना चाहिए कि किस डेट को यह बॉन्ड भुनाया गया और इसकी राशि कितनी थी. सभी डिटेल्स 6 मार्च तक चुनाव आयोग के सामने पेश किया जाना चाहिए और चुनाव आयोग को एसबीआई से मिली जानकारी को 13 मार्च तक अपनी वेबसाइट पर देना होगा. साथ ही जिन राजनीतिक पार्टियों ने जिन बॉन्ड को कैश नहीं कराया, उन्हें तुरंत बैंक को लौटाने होंगे.

Income Tax vs TDS: इनकम टैक्स और TDS दोनों एक दूसरे से कैसे अलग हैं? जानें- यहां

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Income Tax Vs TDS: इनकम टैक्स और स्रोत पर कर कटौती (TDS) टैक्सेशन सिस्टम के दो आवश्यक फैक्टर्स हैं, जो रेवेन्यू कलेक्शन और कांप्लायंस में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. हालांकि उन दोनों में टैक्स शामिल हैं, वे अलग-अलग मकसद को पूरा करते हैं और अलग-अलग सिस्टम के तहत काम करते हैं.

व्यक्तियों और व्यवसायों के लिए टैक्स को प्रभावी ढंग से नेविगेट करने के लिए इनकम टैक्स और TDS के बीच अंतर को समझना महत्वपूर्ण है.

इनकम टैक्स (Income Tax)

  • इनकम टैक्स सरकार द्वारा अपने अधिकार क्षेत्र में व्यक्तियों, कंपनियों और अन्य संस्थाओं द्वारा अर्जित इनकम पर लगाया जाने वाला डायरेक्ट टैक्स है.
  • व्यक्तियों और संस्थाओं को निर्धारित नियमों और टैक्स रेट्स के आधार पर अपनी टैक्सेबल इनकम को कैलकुलेट करके और तय समय सीमा के भीतर सरकार को निर्धारित राशि का पेमेंट करने की आवश्यकता होती है.
  • टैक्सपेयर्स को आम तौर पर सालाना इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की आवश्यकता होती है, जिसमें उनकी इनकम, डिडक्शन और टैक्स लायबिलिटीज की सटीक जानकारी होती है.
  • इनकम टैक्स कानूनों का अनुपालन न करने पर जुर्माना और गंभीर मामलों में मुकदमा समेत कानूनी रिजल्ट्स हो सकते हैं.
  • टैक्स पेयर अपनी इनकम का स्व-मूल्यांकन करने और उसके अनुसार टैक्सेज का पेमेंट करने के लिए जिम्मेदार हैं. उनके पास टैक्स लॉज के प्रावधानों के अनुसार कटौती और रीबेट का दावा करने की सुविधा है.
  • इनकम टैक्स इनकम के विभिन्न स्रोतों पर लागू होता है, जिसमें वेतन, व्यावसायिक लाभ, पूंजीगत लाभ, ब्याज, लाभांश, किराया और अन्य स्रोत शामिल हैं.

स्रोत पर कर कटौती (TDS)

  • TDS इनकम के स्रोत पर ही इनकम टैक्स कलेक्ट करने की एक व्यवस्था है. यह वेतन, ब्याज, कमीशन, किराया आदि जैसे निर्दिष्ट पेमेंट करते समय पेमेंटकर्ता (नियोक्ता, ग्राहक, बैंक, आदि) द्वारा काटा जाता है.
  • पेमेंट की प्रकृति और पेमेंटकर्ता की स्थिति के आधार पर इनकम टैक्स अधिकारियों द्वारा निर्धारित दरों के अनुसार TDS काटा जाता है.
  • काटा गया TDS प्राप्तकर्ता की ओर से सरकार के पास जमा किया जाता है. यह प्राप्तकर्ता की अंतिम टैक्स देनदारी के लिए एडवांस टैक्स पेमेंट के रूप में कार्य करता है.
  • कटौतीकर्ता (पेमेंटकर्ता) और कटौती प्राप्तकर्ता (पेमेंटकर्ता) दोनों पर TDS के संबंध में अनुपालन दायित्व हैं.
  • कटौतीकर्ता TDS को सही ढंग से काटने और इसे सरकार के पास जमा करने के लिए जिम्मेदार है, जबकि कटौतीकर्ता अपनी अंतिम टैक्स लायबिलिटी के अगेंस्ट काटे गए TDS के लिए क्रेडिट के लिए क्लेम कर सकता है.
  • कटौतीकर्ता को एक TDS प्रमाणपत्र प्रदान करता है, जिसमें काटे गए TDS का डिटेल बताया जाता है. इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करते समय यह प्रमाणपत्र कटौती प्राप्तकर्ता के लिए महत्वपूर्ण है.
  • TDS इनकम टैक्स अधिनियम के अनुसार बताई गई सीमा से अधिक के विभिन्न पेमेंटों पर लागू होता है, जैसे वेतन, ब्याज, किराया, कमीशन, पेशेवर शुल्क, आदि.

दोनों में क्या है मुख्य अंतर?

टैक्स कलेक्शन का समय: इनकम टैक्स का पेमेंट करदाता द्वारा इनकम अर्जित करने के बाद सीधे सरकार को किया जाता है, जबकि पेमेंटकर्ता द्वारा प्राप्तकर्ता को पेमेंट करते समय TDS काटा जाता है.

रिस्पांसिबिलिटी: इनकम टैक्स पेमेंट और अनुपालन करदाता की जिम्मेदारी है, जबकि TDS कटौती और जमा कटौतीकर्ता (पेमेंटकर्ता) की जिम्मेदारियां हैं.

स्कोप: इनकम टैक्स एक वित्तीय वर्ष के दौरान अर्जित कुल इनकम पर लागू होता है, जबकि TDS केवल निर्दिष्ट सीमा से अधिक के विशिष्ट प्रकार के पेमेंट पर लागू होता है.

फ्लैक्जिबिलिटी: टैक्सपेयर्स को इनकम टैक्स की कैलकुलेशन करते समय कटौती और छूट का दावा करने में कुछ फ्लैक्जिबिलिटी होती है, जबकि TDS व्यक्तिगत कटौती पर विचार किए बिना निर्धारित दरों पर काटा जाता है.

डॉक्यूमेंटेशन: इनकम टैक्स पेमेंट के लिए इनकम, कटौतियों और टैक्स लायबिलिटीज का सपोर्ट करने के लिए रिटर्न दाखिल करने और डॉक्यूमेंट्स बनाए रखने की आवश्यकता होती है. TDS में कटौती को मान्य करने के लिए TDS सर्टिफिकेट जारी करना और प्राप्त करना शामिल है.

महतारी वंदन योजना : 20 दिन में बैंकों में निष्क्रिय पड़े 1.5 लाख खाते हुए सक्रिय, जानें कब से मिलेगा लाभ

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महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में राज्य सरकार की ओर से शुरू की गई महतारी वंदन योजना ने अनेक बैंक खातों को महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की गई योजना का लाभ लेने के लिए बैंकों में भीड़ बढ़ गई है।

यह भीड़ पुराने पड़े निष्क्रिय खातों को फिर से सक्रिय कराने और नए खाते खुलवाने के लिए लग रही है।

योजना का लाभ लेने के लिए बीते 20 दिनों में प्रदेशभर के बैंकों में निष्क्रिय पड़े करीब 1.5 लाख खाते सक्रिय हो गए हैं। इनमें से अधिकांश खाते या तो महिलाओं के हैं या फिर पति के साथ ज्वाइंट अकाउंट वाले। अभी तक 50 हजार नए खाते खोले जा चुके हैं।

बंद पड़े जनधन योजना के खाते भी शुरू

20 फरवरी तक 90 हजार से ज्यादा खाते खुलने की उम्मीद है। इसका कारण महतारी वंदन है। इसके कारण बंद पड़े जनधन योजना के खाते भी शुरू हो गए। आनलाइन अकाउंट तेजी से खोले जा रहे हैं। बताया जा रहा है डाकघर के खाते में भी किस्त आएगी।

प्रदेश में 51 लाख से ज्यादा आवेदन जमा

महतारी वंदन के लिए प्रदेशभर में करीब 51 लाख महिलाओं ने आवेदन जमा कर दिए हैं। रायपुर जिले से 5.94 लाख महिलाओं ने आवेदन जमा किए हैं। बीजापुर जिले में सबसे कम 18 हजार आवेदन मिले हैं। योजना के लिए 20 तक आवेदन मंगाए गए हैं।

पहली किस्त आठ मार्च को देने की तैयारी

महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं के बैंक खातों में प्रति माह 1,000 रुपये यानी सालाना 12,000 रुपये डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजे जाएंगे। पहली किस्त आठ मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर देने की तैयारी है।

छत्तीसगढ़ विधानसभा में स्कूल शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने बड़ा ऐलान

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छत्तीसगढ़ विधानसभा में स्कूल शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के 25 हजार स्कूलों को इंग्लिश मीडियम बनाएंगे. 1 साल में 33 हजार शिक्षकों के पदों पर भर्ती करेंगे.

सदन में स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि आत्मानंद स्कूल को भ्रष्टाचार का गढ़ बनाया गया. आत्मानंद स्कूलों को पैसा खाने के लिए बनाया था. 800 करोड़ रुपये स्कूल की मरम्मत में खर्च कर दिए गए. आत्मानंद स्कूल और शिक्षकों को कलेक्टर के अंदर ला दिया था. शिक्षकों के भविष्य से भी खेला गया. 5 साल में 25 हजार स्कूलों को इंग्लिश मीडियम बनाएंगे. 15 साल के भाजपा कार्यकाल में 15 हजार से स्कूल 30 हजार हो गए है.

भर्ती परीक्षा की रिजल्ट को लेकर बुधवार को सैकड़ों परीक्षार्थियों ने कैंडल मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया है. बता दें कि 2018 में 975 पदों के लिए भरती प्रक्रियां शुरू की गई. 2023 में परीक्षार्थियों का इंटरव्यू भी हुआ, लेकिन अब तक परिणाम जारी नहीं किया गया. इस बीच प्रदेश में सत्ता भी बदल गई और अब परीक्षार्थी नई सरकार से रिजल्ट जारी करने की मांग कर रहे हैं. आंदोलनकारियों ने साफ कह दिया है कि जल्द रिजल्ट जारी नहीं होगा तो अनिश्चितकालीन हड़ताल भी करेंगे.

धर्मांतरण को लेकर बनेगा कानून

धर्मांतरण को लेकर छत्तीसगढ़में कानून बनाया जाएगा. मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने विधानसभा में इसे लेकर बड़ी घोषणा की है. उन्होंने कहा कि धर्मांतरण को रोकने के लिए धर्म स्वतंत्र विधेयक लाएंगे. मालूम हो कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने धर्मांतरण का मुद्दा खूब उठाया था. कानून को लेकर लगातार मांग के बीच शासन ने यह बड़ी घोषणा की है.

मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने न्यूज 18 से खास बातचीत में कहा कि राज्य में धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए कानून बनेगा. इसी सत्र में धर्म परिवर्तन विधेयक लाया जाएगा. स्कूल शिक्षा विभाग को लेकर कहा उन्होंने कहा कि 25000 स्कूलों में इंग्लिश मीडियम के लिए सेशन चलेगा. 1 साल में 33,000 पदों पर भर्तियां होंगी. नई शिक्षा नीति को लेकर भी उन्होंने कहा कि पूर्व की कांग्रेस सरकार ने शिक्षा नीति पर काम नहीं किया. हम आने वाले सत्र से नई शिक्षा नीति को लागू करेंगे.

Google Free Courses: गूगल फ्री में बना देगा करियर, यहां करें अप्लाई

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Google Free Courses: अगर आप करियर में ग्रोथ हासिल करने के लिए कोई सर्टिफिकेट कोर्स करना चाहते हैं तो अब परेशान होने की जरूरत नहीं है. गूगल फ्री कोर्स में एनरोल करके क्लास अटेंड करने पर न सिर्फ आपकी करियर स्किल्स बेहतर होंगी, बल्कि सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा.

गूगल सिर्फ एक सर्च इंजन नहीं है. गूगल अपने यूजर्स को कई तरह की सुविधाएं देता है. गूगल में नौकरी करने वालों को हाई पैकेज और काम-काज का बेहतरीन माहौल मुहैया करवाया जाता है (Google Jobs). जो गूगल में नौकरी नहीं कर रहे हैं, वह भी गूगल के फ्री कोर्स में एनरोल कर उससे जुड़ सकते हैं (Google Free Courses with Certificate). गूगल फ्री कोर्स में एनरोल करने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर सकते हैं- https://grow.google/intl/en_in/certificates/ .

Google Free Courses: गूगल फ्री कोर्स का क्या फायदा है?
गूगल फ्री कोर्स के कई फायदे हैं (Google Courses Free). सबसे बड़ी बात है कि इसे कोई भी कर सकता है. दरअसल, गूगल फ्री कोर्स में एनरोल करने के लिए कोई खास अनुभव या एजुकेशन क्वालिफिकेशन की मांग नहीं की जाती है. जिन लोगों के पास समय की कमी रहती है, वह गूगल फ्री कोर्स कुछ घंटों में और ऑनलाइन मोड में ही कर सकते हैं. गूगल फ्री कोर्स विद सर्टिफिकेट बिजनेस से लेकर साइबर सिक्योरिटी तक, कई क्षेत्रों में करवाए जाते हैं.

1- गूगल साइबरसिक्योरिटी सर्टिफिकेट (Google Cybersecurity Certificate)- गूगल साइबरसिक्योरिटी सर्टिफिकेट की पढ़ाई करने के लिए किसी अनुभव की जरूरत नहीं है. यह 100 प्रतिशत रिमोट यानी ऑनलाइन मोड में है. इसके अंतर्गत 8 कोर्स हैं, जिन्हें पूरा करने के लिए 181 घंटे लगेंगे. इस सर्टिफिकेट कोर्स के जरिए CompTIA Security+ परीक्ष की भी तैयारी कर सकते हैं.

2- गूगल डेटा एनालिटिक्स सर्टिफिकेट (Google Data Analytics Certificate)- यह दो चरणों में होता है. अगर आप बिगिनर हैं तो गूगल डेटा एनालिटिक्स सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते हैं और अगर इस क्षेत्र का थोड़ा अनुभव है तो इसी के एडवांस्ड कोर्स के लिए आवेदन कर सकते हैं. पहला कोर्स 240 घंटों का है और एडवांस्ड 216 घंटों का.

3- डिजिटल मार्केटिंग एंड ई-कॉमर्स सर्टिफिकेट (Digital Marketing & E-commerce)- डिजिटल मार्केटिंग एंड ई-कॉमर्स सर्टिफिकेट कोर्स के अंतर्गत 7 मुख्य विषयों को शामिल किया गया है. इस ऑनलाइन फ्री कोर्स को 240 घंटों की अवधि में पूरा किया जा सकता है. इसके जरिए एसईओ, ईमेल मार्केटिंग जैसी स्किल्स विकसित कर सकते हैं.

4- गूगल प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कोर्स (Google Project Management Course)- अगर आप टीम या प्रोजेक्ट मैनेजर के तौर पर अपनी स्किल्स को डेवलप करना चाहते हैं तो यह ऑनलाइन फ्री कोर्स विद सर्टिफिकेट काफी मददगार साबित हो सकता है (Online Free Course). 240 घंटों के इस कोर्स में 6 मुख्य स्किल्स पर फोकस किया जाएगा.

किसान आंदोलन को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस नेता भूपेश बघेल की प्रतिक्रिया…

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किसान संगठन आंदोलन को लेकर अब राजनीति शुरू हो गई है. कांग्रेस किसानों के प्रदर्शन को लेकर बीजेपी को लगातार घेर रही है. इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस नेता भूपेश बघेल की प्रतिक्रिया भी सामने आई है.

कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने कहा कि राहुल गांधी ने 5 साल पहले छतीसगढ़ के किसानों को 2500 रुपए देने का वादा किया था. हमने पूरे 5 साल तक किसानों को इस योजना का लाभ दिया बल्कि 2500 से बढ़ाकर रुपए भी कर दिया. दवाब में आकर भारतीय जनता पार्टी ने 3100 रुपए की घोषणा की. जब छत्तीसगढ़ में 3100 रुपए की कीमत दी जा सकती है तो देश के किसानों को MSP की गारंटी क्यों नहीं मिलनी चाहिए? इसके लिए आंदोलन की जरूरत क्यों पड़ रही है? छतीसगढ़ कांग्रेस की सरकार ने कर दिखाया है. जब भारतीय जनता पार्टी एक राज्य में 3100 रुपए देने की घोषणा की है और बजट में शामिल किया है. तो यहां अगर धान की कीमत 3100 दी जा सकती है तो पूरे देश को क्यों नहीं दी जा सकती.

भूपेश बघेल ने कहा यदि किसान आंदोलन कर रहे है तो उनको हमारा पूरा समर्थन है. पूरे देश के किसानों को 3100 रुपए धान की कीमत मिलनी चाहिए. इसके साथ ही अन्य फसलों पर भी समर्थन मूल्य मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि कल राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने घोषणा की है कि और भी बाकी सभी उत्पादों की हम MSP पर खरीदी करेंगे. वहीं जब उनसे पूछा गया कि केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस की गारंटी हमेशा विफल रही है. इसपर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि छतीसगढ़ तो इसका उदाहरण है 2500 बोला गया था लेकिन एमएसपी मूल्य बढ़ाकर 2640 दिया गया, एमएसपी शुरू करने का काम ही कांग्रेस पार्टी ने किया है.

कांग्रेस ने आगामी राज्यसभा चुनाव 2024 के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट भी जारी

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कांग्रेस ने आगामी राज्यसभा चुनाव 2024 के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट भी जारी कर दी है। कांग्रेस ने राजस्थान, बिहार, हिमाचल प्रदेश और महाराष्ट्र से एक-एक उम्मीदवारों को टिकट सौंपा है।

राजस्थान से सोनिया गांधी, हिमाचल प्रदेश से अभिषेक मनु सिंघवी, बिहार से अखिलेश प्रसाद सिंह और महाराष्ट्र से चंद्रकांत हंडोरे को चुनावी मैदान में उतारा है। कांग्रेस की तरफ से पहली बार सोनिया गांधी के राज्यसभा जाने का आधिकारिक ऐलान किया गया है। गहलोत ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “प्रधानमंत्री पद का त्याग करने वाली श्रद्धेय सोनिया गांधी जी को कांग्रेस पार्टी से राज्यसभा उम्मीदवार घोषित किए जाने का हार्दिक स्वागत है।” उन्होंने कहा, “सोनिया गांधी का राजस्थान से दिल से जुड़ाव का रिश्ता है। जब राजीव गांधी प्रधानमंत्री बने थे तब सोनिया जी उनके साथ आदिवासी बाहुल्य जिलों के दौरे पर आईं थीं। राजस्थान में अकाल के समय प्रधानमंत्री के रूप में राजीव गांधी ने तीन दिन तक स्वयं गाड़ी चलाकर कर अकाल प्रभावित नौ जिलों का दौरा किया था तब भी सोनिया जी उनके साथ रहीं।

गहलोत ने कहा, ‘‘मेरे प्रथम कार्यकाल में जब चार बार भयंकर अकाल-सूखे का सामना करना पड़ा तब सोनिया जी ने अकाल राहत के कार्यों का जायजा लेने के लिए अनेकों जिलों के कई दौरे किए जिन्हें राजस्थान की जनता अभी भी नहीं भूली है।” उनके मुताबिक, संप्रग सरकार के समय राजस्थान में रिफाइनरी, मेट्रो जैसी बड़ी परियोजनाएं लाने एवं केन्द्र से सहयोग राशि दिलवाने के लिए सोनिया गांधी ने राष्ट्रीय सलाहकार परिषद की प्रमुख के रूप में हमेशा राजस्थान के हितों की मजबूती से पैरवी की। उन्होंने कहा, “आज उनके राजस्थान से राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर घोषणा होना पूरे प्रदेश के लिए खुशी की बात है और पुरानी यादें भी ताजा हो गई हैं।” सोनिया गांधी 1999 से लगातार लोकसभा सदस्य हैं और वर्तमान में उत्तर प्रदेश की रायबरेली लोकसभा संसदीय सीट का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। वह अमेठी से भी लोकसभा सदस्य रह चुकी हैं। यह पहली बार होगा कि वह संसद के उच्च सदन में जाएंगी। वह पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बाद राज्यसभा में प्रवेश करने वाली गांधी परिवार की दूसरी सदस्य होंगी। इंदिरा गांधी अगस्त, 1964 से फरवरी 1967 तक उच्च सदन की सदस्य थीं। राज्यसभा जाने की स्थिति में इस बात की प्रबल संभावना है कि सोनिया गांधी आगामी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी। सोनिया गांधी ने 2019 में घोषणा की थी कि यह उनका आखिरी लोकसभा चुनाव होगा।

4 रुपये से 400 रुपये के पार पहुंचे शेयर, अब कंपनी ने किया 6 बोनस शेयर देने का ऐलान

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गारमेंट्स एंड अपैरल्स इंडस्ट्री से जुड़ी कंपनी लोरेंजिनी अपैरल्स ने बड़ा ऐलान किया है। कंपनी ने अपने निवेशकों को बोनस शेयर देने की घोषणा की है। लोरेंजिनी अपैरल्स (Lorenzini Apparels) ने 6:11 के रेशियो में बोनस शेयर देने का ऐलान किया है।

यानी, कंपनी हर 11 शेयर पर 6 बोनस शेयर निवेशकों को देगी। इसके साथ ही, मल्टीबैगर कंपनी ने अपने शेयर बांटने की भी घोषणा की है। लोरेंजिनी अपैरल्स के शेयर मंगलवार को 5 पर्सेंट की तेजी के साथ 428.70 रुपये पर बंद हुए हैं।

अपने शेयर भी बांट रही है मल्टीबैगर कंपनी
लोरेंजिनी अपैरल्स (Lorenzini Apparels) ने अपने शेयर भी बांटने का ऐलान किया है। कंपनी 10 रुपये फेसवैल्यू वाले अपने शेयर को 1 रुपये फेसवैल्यू वाले शेयरों में बांटेगी। लोरेंजिनी अपैरल्स ने अभी बोनस शेयर और स्टॉक स्प्लिट की रिकॉर्ड डेट का ऐलान नहीं किया है। यह पहला मौका है, जब कंपनी अपने निवेशकों को बोनस शेयर का तोहफा दे रही है। स्मॉलकैप कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 62.91 पर्सेंट है। वहीं, कंपनी में पब्लिक शेयरहोल्डिंग 37.09 पर्सेंट है।

4 रुपये से 400 रुपये के पार पहुंचे शेयर
लोरेंजिनी अपैरल्स (Lorenzini Apparels) के शेयरों में पिछले 4 साल में तूफानी तेजी आई है। स्मॉलकैप कंपनी के शेयर 22 अप्रैल 2020 को 4.11 रुपये पर थे। लोरेंजिनी अपैरल्स के शेयर 13 फरवरी 2024 को 428.70 रुपये पर बंद हुए हैं। पिछले 4 साल में कंपनी के शेयरों में 10330 पर्सेंट का उछाल आया है। पिछले एक साल में लोरेंजिनी अपैरल्स के शेयरों में 400 पर्सेंट की तेजी आई है। कंपनी के शेयरों का 52 हफ्ते का हाई लेवल 475.20 रुपये है। वहीं, कंपनी के शेयरों का 52 हफ्ते का लो लेवल 73 रुपये है। 6 महीने में लोरेंजिनी अपैरल्स के शेयर 115 पर्सेंट चढ़ गए हैं।

छत्तीसगढ़ : 24 ट्रेन रद्द, रेल यात्रियों के लिए रद्द होने वाली ट्रेन देखे लिस्ट…

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छत्तीसगढ़ के रेल यात्रियों की परेशानी एक बार फिर बढ़ गई है. अगर आप भोपाल, इंदौर, रीवा या फिर अजमेर तक का सफर करने की प्लानिंग कर रहे हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. दरअसल, रेलवे ने छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाली 24 ट्रेनों को रद्द कर दिया है.

20 से 26 तक कई गाड़ियां प्रभावित रहने वाली है. दरअसल, अभनपुर न्यू कटनी सेक्शन में तीसरी लाइन कनेक्टिविटी का काम किया जाएगा. इस वजह से कई ट्रेन प्रभावित रहने वाली हैं.

मिली जानकारी के मुताबिक दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल के तहत आने वाली सिलियारी-मांढर स्टेशनों के बीच गर्डर लॉन्चिंग का काम चल रहा है. इस वजह से कई ट्रेनों को कैंसिल कर दिया गया है. तो वहीं कुछ ट्रेन के रूट बदल दिए गए हैं. बता दें कि मेमू से लेकर एक्सप्रेस तक, इस रूट की कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है.

रद्द होने वाली ट्रेन

1) 20 से 25 फरवरी 2024 तक गाड़ी संख्या 08269 चिरमिरी-चंदिया रोड पैसेंजर रद्द रहेगी
2) 20 से 25 फरवरी’ 2024 तक गाड़ी संख्या 08270 चंदिया रोड- चिरमिरी पैसेंजर रद्द रहेगी
3) 19 से 25 फरवरी’ 2024 तक गाड़ी संख्या 06617 कटनी-चिरमिरी पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी
4) 20 से 26 फरवरी’ 2024 तक गाड़ी संख्या 06618 चिरमिरी-कटनी पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी
5) 19 से 25 फरवरी’ 2024 तक गाड़ी संख्या 11265 जबलपुर-अम्बिकापुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी
6) 20 से 26 फरवरी 2024 तक गाड़ी संख्या 11266 अम्बिकापुर-जबलपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी
7) 18 से 25 फरवरी 2024 तक गाड़ी संख्या 18234 बिलासपुर-इंदौर नर्मदा एक्सप्रेस रद्द रहेगी
8) 19 से 26 फरवरी 2024 तक गाड़ी संख्या 18233 इंदौर-बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस रद्द रहेगी
9) 17 से 25 फरवरी 2024 तक गाड़ी संख्या 18236 बिलासपुर-भोपाल एक्सप्रेस रद्द रहेगी
10) 19 से 27 फरवरी 2024 तक गाड़ी संख्या 18235 भोपाल-बिलासपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी
11) 18 से 25 फरवरी 2024 तक गाड़ी संख्या 18247 बिलासपुर-रीवां एक्सप्रेस रद्द रहेगी
12) 19 से 26 फरवरी 2024 तक गाड़ी संख्या 18248 रीवां-बिलासपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी
13) 19 से 25 फरवरी 2024 तक गाड़ी संख्या 11201 नागपुर-शहडोल एक्सप्रेस रद्द रहेगी
14) 20 से 26 फरवरी’ 2024 तक गाड़ी संख्या 11202 शहडोल-नागपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी
15) 22 और 24 फरवरी 2024 को गाड़ी संख्या 05755 चिरमिरी-अनुपपुर पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी
16) 22 और 24 फरवरी 2024 को गाड़ी संख्या 05756 अनुपपुर-चिरमिरी पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी
17) 21 और 23 फरवरी 2024 को गाड़ी संख्या 11751 रीवां-चिरमिरी एक्सप्रेस रद्द रहेगी
18) 22 और 24 फरवरी 2024 को गाड़ी संख्या 11752 चिरमिरी-रीवां एक्सप्रेस रद्द रहेगी
19) 19 और 22 फरवरी 2024 को गाड़ी संख्या 12535 लखनऊ-रायपुर गरीबरथ एक्सप्रेस रद्द रहेगी
20) 20 और 23 फरवरी 2024 को गाड़ी संख्या 12536 रायपुर-लखनऊ गरीबरथ एक्सप्रेस रद्द रहेगी
21) 21 फरवरी 2024 को गाड़ी संख्या 20828 सांतरागाछी-जबलपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी
22) 22 फरवरी 2024 को गाड़ी संख्या 20827 जबलपुर-सांतरागाछी एक्सप्रेस रद्द रहेगी
23) 25 फरवरी 2024 को गाड़ी संख्या 18213 दुर्ग-अजमेर एक्सप्रेस रद्द रहेगी
24) 26 फरवरी 2024 को गाड़ी संख्या 18214 अजमेर-दुर्ग एक्सप्रेस रद्द रहेगी