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अवैध प्लाटिंग पर जिला प्रशासन का चला बुलडोजर…

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– ग्राम बघेरा एवं झुराडबरी में लगभग 150 एकड़ भूमि पर अवैध निर्माण ध्वस्त’
– जेसीबी चलाकर हटाया गया अतिक्रमण’
– संबंधित हल्का पटवारी एवं राजस्व निरीक्षक (आरआई) को कारण बताओ नोटिस जारी’

राजनांदगांव: कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देश पर जिले में अवैध कॉलोनाइजरों एवं अवैध प्लाटिंग करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में आज अनुविभागीय अधिकारी राजस्व राजनांदगांव श्री गौतम पाटिल तथा तहसीलदार श्री प्यारेलाल नाग के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम द्वारा ग्राम बघेरा एवं झुराडबरी में लगभग 150 एकड़ भूमि पर की जा रही अवैध प्लाटिंग एवं अवैध कब्जे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई। जिला प्रशासन द्वारा संबंधित भूमिस्वामियों को पूर्व में अवैध प्लाटिंग के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। निर्धारित समयावधि के बाद भी संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने पर राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर सख्त कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण एवं संरचनाओं को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त किया। कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से निर्मित बाउंड्रीवॉल, मुख्य प्रवेश द्वार (गेट), रिसॉर्ट, मैरिज हॉल, तार-जाली फेंसिंग तथा बनाई गई सड़कों को जेसीबी मशीन की सहायता से हटाया गया। साथ ही अवैध रूप से विकसित सड़कों को खोदकर भूमि को उसके मूल स्वरूप में लाया गया।

प्रशासन ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि क्षेत्र में आगे भी यदि किसी के द्वारा सक्षम अधिकारी के बिना अनुमति अवैध प्लाटिंग या शासकीय भूमि पर अवैध निर्माण किया जाता है, तो उनके खिलाफ इसी तरह बिना किसी रियायत के सीधे बुलडोजर चलाने और कानूनी एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने कड़ा रूख अपनाते हुए न केवल भूमिस्वामियों पर कार्रवाई की है, बल्कि संबंधित हल्का पटवारी और राजस्व निरीक्षक को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध निर्माण को बढ़ावा देने या समय पर इसकी जानकारी न देने वाले जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों को भी बख्शा नहीं जाएगा।

ग्राम बघेरा में पंकज जैन पिता अमृत लाल के स्वामित्व वाले खसरा नंबर 129/1, 137/1, 137/2, 130/1, 131/1, 147/1 एवं 157/1 पर निर्मित अवैध संरचनाओं को पूरी तरह से ध्वस्त किया गया। इसके अलावा रूक्मणी पति छेरकू के खसरा नंबर 565/1, नेहा महाजन पिता अंकुश महाजन के खसरा नंबर 570/1, प्रमोद चौधरी पिता रामायण चौधरी के खसरा नंबर 569/1, शालिनी साहू पति मुरलीधर साहू के खसरा नंबर 386/1 तथा हिमांशु कुमार पिता रामइकबाल ठाकुर के खसरा नंबर 628/1 में की गई अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई की गई। इसी प्रकार ग्राम झुराडबरी (सुरडबरी) में सीमा मौर्य पति राजनाथ मौर्य के खसरा नंबर 713/2, नेहा महाजन पिता अंकुश महाजन के खसरा नंबर 722/2, राघवेन्द्र सिंह पिता हंसध्वज के खसरा नंबर 648/3 तथा चंद्रशेखर पिता मंगनूराम के खसरा नंबर 648/9 एवं 648/10 में अवैध प्लाटिंग एवं कब्जा हटाने की कार्रवाई की गई।

कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार सुश्री सुरेखा वर्मा, राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्राम कोटवार उपस्थित रहे। जिला प्रशासन ने कहा कि बिना सक्षम अनुमति के अवैध प्लाटिंग, अवैध कॉलोनी निर्माण अथवा शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों की लापरवाही पाए जाने पर उनके विरूद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनावी सरगर्मियों के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने सबको चौंका दिया है….

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पश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनावी सरगर्मियों के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने सबको चौंका दिया है.

फाल्टा विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के मतदान से ठीक दो दिन पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के उम्मीदवार ने मैदान छोड़ दिया है. चुनाव प्रचार के दौरान फिल्मी अंदाज में अपनी ताकत दिखाने वाले नेता के इस फैसले से खुद पार्टी नेतृत्व भी हैरान है. सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि आखिर ऐन वक्त पर ऐसा क्या हुआ कि उम्मीदवार को पीछे हटना पड़ा. आइए जानें क्या इसके खिलाफ टीएमसी केस कर सकती है.

चुनावी मैदान से पीछे हटे जहांगीर

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी को मतदान से ठीक पहले एक बहुत बड़ा झटका लगा है. सूबे की फाल्टा विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से ठीक दो दिन पहले पार्टी के घोषित उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनाव लड़ने से पूरी तरह इनकार कर दिया है. उन्होंने आधिकारिक तौर पर चुनावी मैदान से अपना नाम वापस ले लिया है. आपको बता दें कि इस विधानसभा सीट पर पहले हुए चुनाव में धांधली के गंभीर आरोप लगे थे, जिसके बाद चुनाव आयोग ने यहां दोबारा उपचुनाव कराने का फैसला लिया था और इसके लिए 21 मई को वोटिंग तय की गई है.

झुक गएपुष्पाके तेवर

टीएमसी के पूर्व उम्मीदवार जहांगीर खान अपने चुनावी अभियान के दौरान सोशल मीडिया पर खूब छाए हुए थे. वह मशहूर फिल्म ‘पुष्पा’ का लोकप्रिय डायलॉग ‘पुष्पा झुकेगा नहीं’ बोलकर सुर्खियों में आए थे. चुनाव प्रचार के दौरान उनके इस आक्रामक और फिल्मी अंदाज वाले वीडियो काफी वायरल हुए थे. उनके इस कड़े तेवर को देखकर किसी को भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि वोटिंग से ठीक दो दिन पहले वह अचानक घुटने टेक देंगे. उनके इस अप्रत्याशित फैसले ने जहां टीएमसी को संकट में डाल दिया है, वहीं सोशल मीडिया पर लोग उन्हें जमकर ट्रोल कर रहे हैं.

क्या केस दर्ज कर सकती है टीएमसी?

जहांगीर खान के इस तरह अचानक बीच मझधार में पार्टी को छोड़ने के बाद यह कयास लगाए जा रहे थे कि ममता बनर्जी उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई कर सकती हैं. लेकिन असलियत यह है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी या टीएमसी सीधे तौर पर जहांगीर खान के खिलाफ कोई कानूनी केस दर्ज नहीं कर सकती हैं. चुनावी नियमों के तहत किसी भी उम्मीदवार को अपना नाम वापस लेने का अधिकार होता है. हालांकि, टीएमसी के शीर्ष नेतृत्व ने उनके इस गैर-जिम्मेदाराना कदम और ऐन वक्त पर चुनावी मैदान को खाली छोड़ने के फैसले की कड़ी आलोचना की है.

फैसले के पीछे का दबाव

फाल्टा विधानसभा सीट से पीछे हटने के बाद जहांगीर खान ने पार्टी के रुख के बिल्कुल उलट जाकर काम किया है. उन्होंने मीडिया और पार्टी के सामने अपने इस चौंकाने वाले फैसले के पीछे कुछ निजी कारणों का हवाला दिया है. इसके साथ ही उन्होंने राजनीतिक और मानसिक दबाव की बात भी स्वीकार की है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव आयोग की सख्त निगरानी और पार्टी के भीतर चल रही खींचतान के कारण जहांगीर खान खुद को सुरक्षित नहीं पा रहे थे, जिसकी वजह से उन्होंने मतदान प्रक्रिया शुरू होने से ठीक पहले सरेंडर करना बेहतर समझा.

FD Investment: FD वाले ध्यान दें! दरें बढ़ने के इंतजार में कहीं हाथ से न निकल जाए बंपर रिटर्न का फायदा…

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ईरान-अमेरिका तनाव और बढ़ती महंगाई की आशंका के बीच एफडी निवेशकों के लिए यह सवाल अहम हो गया है कि क्या अभी निवेश करें या आरबीआई की अगली नीति का इंतजार करें.

ईरान-अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध का असर पूरी दुनिया में देखा जा सकता है. ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के साथ, महंगाई के दबाव के फिर से लौटने की संभावना और भी बढ़ रही हैं. इसको लेकर कई एफडी निवेशकों के दिमाग में चल रहा है कि, क्या उन्हें मौजूदा दरों को अभी लॉक कर देना चाहिए या भारतीय रिज़र्व बैंक RBI की आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार करना चाहिए.

विशेषज्ञ दे रहे प्रक्रिया

ज्यादातर विशेषज्ञों के मुताबिक, भू-राजनीतिक संदेह बढ़ने के मद्देनजर आरबीआई अपनी आगामी नीति बैठक में मौजूदा स्थिति बनाए रखेगा और ब्याज दरों और नीतिगत रुख में कोई बदलाव नहीं करेगा. क्रिसिल के मुख्य अर्थशास्त्री धर्मकीर्ति जोशी ने कहा कि महंगाई को देखते हुए आरबीआई के सतर्क रुख अपनाने की संभावना है.

उन्होंने कहा हमें उम्मीद है कि आगामी मौद्रिक नीति में आरबीआई रेपो दर और नीति में कोई बदलाव नहीं करेगा.  जिसके साथ महंगाई का खतरा बढ़ रहा है और पश्चिम एशिया संघर्ष की अवधि और तीव्रता के साथ यह और भी बढ़ेगा. फिलहाल, सीपीआई आधारित महंगाई और कोर महंगाई दोनों ही सुरक्षित सीमा में हैं.  साथ ही कहा, ”आरबीआई फिलहाल प्रतीक्षा करो और देखो की नीति अपनाएगा.”

इसको लेकर स्टेबल मनी के सह-संस्थापक और सीईओ सौरभ जैन ने कहा,  मौजूदा हालात को देखते हुए, हमें उम्मीद है कि आरबीआई फिलहाल रेपो दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा और महंगाई के आंकड़ों की स्थिति और मैक्रोइकॉनॉमिक हालातों पर बारीकी से नज़र रखते हुए बेहतरीन रुख अपनाना जारी रखेगा.

FD निवेश को लेकर एक्सपर्ट की राय

एक्सपर्ट जैन के मुताबिक, हाल के महीनों में एफडी में कुछ नरमी के बावजूद, फिक्स्ड डिपॉजिट की दरें अभी भी काफी रोमांचक बनी हुई हैं.  ऐसे में बिना ब्याज दर चक्र का इंतजार के बजाय मौजूदा दरों पर निवेश करना एक समझदारी भरा कदम हो सकता है. निवेशकों को निवेश संबंधी निर्णय टालने के बजाय मौजूदा दरों को सुरक्षित करने पर विचार करना चाहिए.

बैंकबाज़ार के सीईओ, अधिल शेट्टी ने भी इस पर अपनी राय रखी कहा, अगर अगले कुछ महीनों तक ब्याज दरें स्टेबल रहती हैं, तो जून की बैठक का इंतज़ार करने से कोई खास फ़ायदा नहीं होगा. आगे कहा, मौजूदा दरों पर अभी निवेश करना समझदारी भरा कदम है. क्योंकि आगे ब्याज दरों में कटौती की आशंका कम ही है. कोई भी ब्याज दरों में भारी गिरावट के कगार पर नहीं हैं. सभी को अच्छा और स्टेबल रिटर्न मिल रहा है.

ऐसे में एक्सपर्टस का कहना है कि, निवेशकों को इस बात का हमेश ध्यान रखना चाहिए कि मार्किट में स्टेबलिटी हमेशा मौजूद रहता है. आरबीआई के भविष्य के नीतिगत फैसलों से जमा दरों में सुधार होता है, तो जमा राशि को अपग्रेड किया जा सकता है. केवल दर बढ़ोतरी की उम्मीद में इंतजार करने से बाजार में मौजूदा उपलब्ध दरों का फायदा उठाने से चूक हो सकती है.

Aadhaar App: mAadhaar ऐप होने जा रहा बंद! नए Aadhaar App में क्या मिलेगा खास?

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Aadhaar App: भारत में आधार सेवाओं को संभालने वाली संस्था Unique Identification Authority of India यानी UIDAI ने साफ कर दिया है कि पुराना mAadhaar ऐप जल्द बंद होने वाला है. इसकी जगह अब नया Aadhaar App लाया गया है जिसे पहले से ज्यादा तेज, सुरक्षित और आसान बताया जा रहा है. UIDAI ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर जानकारी देते हुए कहा कि नया प्लेटफॉर्म यूजर्स को स्मार्ट, फास्ट और ज्यादा सिक्योर डिजिटल अनुभव देगा. नया ऐप अब Android और iPhone दोनों के लिए उपलब्ध है.

नए Aadhaar App में क्या मिलेगा खास?

नए Aadhaar App में कई ऐसे फीचर्स जोड़े गए हैं जो यूजर्स की प्राइवेसी और सुरक्षा को पहले से बेहतर बनाते हैं. सबसे बड़ा बदलाव QR Code आधारित Aadhaar शेयरिंग फीचर है. इसकी मदद से यूजर बिना पूरा आधार नंबर दिखाए अपनी पहचान वेरिफाई कर सकते हैं.

ऐप में Selective Share नाम का नया विकल्प भी दिया गया है. इसके जरिए यूजर तय कर सकते हैं कि वेरिफिकेशन के दौरान कौन-सी जानकारी शेयर करनी है और कौन-सी छिपानी है. इससे डेटा सुरक्षा और प्राइवेसी दोनों बेहतर होती हैं.

इसके अलावा ऐप ऑफलाइन QR वेरिफिकेशन को भी सपोर्ट करता है. यानी इंटरनेट के बिना भी अधिकृत टर्मिनल पर QR स्कैन करके पहचान सत्यापित की जा सकेगी. UIDAI के मुताबिक नया प्लेटफॉर्म 13 भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करता है ताकि अलग-अलग राज्यों के लोगों को इस्तेमाल में आसानी हो.

बायोमेट्रिक लॉक से बढ़ेगी सुरक्षा

नए ऐप में बायोमेट्रिक लॉक फीचर भी दिया गया है. यूजर अब सीधे ऐप के जरिए फिंगरप्रिंट, फेस और आइरिस ऑथेंटिकेशन को लॉक कर सकते हैं ताकि किसी तरह के गलत इस्तेमाल से बचा जा सके. जरूरत पड़ने पर यही लॉक बाद में ऐप के माध्यम से हटाया भी जा सकता है.

एक ऐप में जोड़ सकेंगे परिवार के सदस्य

Aadhaar App में फैमिली प्रोफाइल फीचर भी जोड़ा गया है. इसके तहत एक अकाउंट में अधिकतम 5 परिवार के सदस्यों को जोड़ा जा सकता है. इससे एक ही जगह से कई आधार प्रोफाइल मैनेज करना आसान हो जाएगा. हालांकि UIDAI ने चेतावनी दी है कि अगर लिंक मोबाइल नंबर या डिवाइस का एक्सेस खो जाता है तो कुछ समय के लिए आधार सेवाओं तक पहुंच रुक सकती है.

नए Aadhaar App को कैसे करें सेटअप?

सबसे पहले Google Play Store या Apple App Store से नया Aadhaar App डाउनलोड करें. इसके बाद ऐप खोलकर अपनी पसंदीदा भाषा चुनें. अब आधार से लिंक मोबाइल नंबर या किसी दूसरे नंबर की मदद से रजिस्ट्रेशन करें. फिर अपना 12 अंकों का आधार नंबर दर्ज करें और OTP वेरिफिकेशन पूरा करें. इसके बाद सही रोशनी में फेस ऑथेंटिकेशन करना होगा. आखिर में 6 अंकों का ऐप पासवर्ड बनाकर सेटअप पूरा किया जा सकता है.

पुराने mAadhaar यूजर्स को क्या करना होगा?

UIDAI ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि पुराने mAadhaar ऐप का डेटा अपने-आप नए ऐप में ट्रांसफर होगा या नहीं. ऐसे में संभावना है कि मौजूदा यूजर्स को नए ऐप में प्रोफाइल दोबारा मैन्युअली सेट करनी पड़ सकती है.

NEET Re-Exam 2026: नीट यूजी री-एग्जाम 2026 को लेकर NTA ने नए दिशा-निर्देश जारी…

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NEET UG ReTest 2026: नीट यूजी री-एग्जाम 2026 को लेकर NTA ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं. परीक्षा 21 जून को होगी.कल तक कर सकते है एग्जाम सिटी अपडेट जानिए पूरा तरीका.

नीट यूजी 2026 री-एग्जाम की घोषणा के बाद लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के बीच चिंता का माहौल बना हुआ है. 3 मई की परीक्षा के बाद अब छात्रों को दोबारा तैयारी करनी होगी. हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यह छात्रों के लिए अपनी गलतियों को सुधारने का सुनहरा अवसर भी है.NTA ने 21 जून को होने वाली री-एग्जाम परीक्षा के लिए कई बड़े बदलाव और जरूरी दिशानिर्देश जारी किए हैं.

21 जून को आयोजित होगी NEET रीएग्जाम
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने स्पष्ट कर दिया है कि NEET UG 2026 री-एग्जाम 21 जून को आयोजित किया जाएगा. परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:20 बजे तक चलेगी. इस बार छात्रों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय भी मिलेगा. यह अतिरिक्त समय परीक्षा केंद्र पर होने वाली जरूरी औपचारिकताओं जैसे बायोमेट्रिक जांच, हस्ताक्षर और फोटो सत्यापन के लिए दिया जा रहा है.

नए एडमिट कार्ड होंगे जारी
री-एग्जाम के लिए NTA नए एडमिट कार्ड जारी करेगा. छात्र 14 जून से आधिकारिक वेबसाइट के जरिए अपने नए एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे. छात्रों को सलाह दी गई है कि वे नई पासपोर्ट और पोस्टकार्ड साइज फोटो पहले से तैयार रखें ताकि परीक्षा के समय किसी प्रकार की परेशानी न हो.

तैयारी में अब MCQ प्रैक्टिस पर दें जोर
विशेषज्ञों के अनुसार अब छात्रों को केवल थ्योरी पढ़ने के बजाय ज्यादा से ज्यादा MCQ हल करने पर ध्यान देना चाहिए. लगातार प्रश्न हल करने से समय प्रबंधन बेहतर होता है और परीक्षा में आत्मविश्वास भी बढ़ता है. शिक्षकों का कहना है कि अंतिम दिनों में हाई-वॉल्यूम MCQ प्रैक्टिस ही सबसे प्रभावी रणनीति साबित होती है.

पुरानी गलतियों से सीखने का मौका
शिक्षकों का मानना है कि छात्रों को 3 मई की परीक्षा को असफलता के रूप में नहीं देखना चाहिए. इसे एक बड़े मॉक टेस्ट की तरह समझकर अपनी कमजोरियों का विश्लेषण करना चाहिए. जिन टॉपिक्स में गलती हुई या जहां समय अधिक लगा, उन पर अब विशेष ध्यान देने की जरूरत है.NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षा में छोटी गलतियां भी रैंक पर बड़ा असर डाल सकती हैं. कई छात्र जल्दबाजी में गलत जबाब भर देते हैं या प्रश्न में दिए गए महत्वपूर्ण शब्दों को नजरअंदाज कर देते हैं. ऐसे में छात्रों को प्रश्न ध्यान से पढ़ने और शांत दिमाग से उत्तर देने की सलाह दी जा रही है.

2027 से ऑनलाइन हो सकती है NEET परीक्षा
रिपोर्ट्स के अनुसार शिक्षा मंत्रालय भविष्य में NEET परीक्षा को CBT मोड में कराने पर विचार कर रहा है.इसका मुख्य उद्देश्य पेपर लीक और OMR शीट से जुड़ी समस्याओं को खत्म करना है. ऑनलाइन परीक्षा में छात्रों को उत्तर बदलने की सुविधा भी मिल सकती है, जिससे गलतियों की संभावना कम होगी.

21 मई तक बदल सकते हैं परीक्षा शहर
NTA ने छात्रों को परीक्षा केंद्र शहर बदलने की सुविधा भी दी है. उम्मीदवार 21 मई तक अपनी परीक्षा सिटी में बदलाव कर सकते हैं और इसके लिए किसी अतिरिक्त शुल्क की जरूरत नहीं होगी. यह सुविधा उन छात्रों के लिए राहत मानी जा रही है जो किसी कारणवश अपने वर्तमान शहर में परीक्षा नहीं दे पा रहे हैं.

कैसे करें NEET UG Re-Exam 2026 की एग्जाम सिटी में अपडेट

  • एग्जाम सिटी अपडेट के लिए सबसे पहले neet.nta.nic.in⁠ पर जाएं.
  • होमपेज पर दिख रहे “Re-Exam City Correction” वाले लिंक पर क्लिक करें.
  • इसके बाद अपना Application Number और Password डालकर लॉगिन करें.
  • अब अपनी पसंद का नया एग्जाम शहर चुन लें.
  • फिर सारी जानकारी चेक करके सबमिट पर क्लिक करें.
  • आखिर में कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड करके उसका प्रिंट अपने पास सुरक्षित रख लें.

पीएम मोदी के गिफ्ट पर क्या बोलीं पीएम मेलोनी? कब बनी थी Parle की Melody? कैसे शुरू हुआ था ‘पारले’ का सफर?

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1980 और 90 के दशक में मेलोडी ने भारतीय बाजार में कदम रखा और देखते ही देखते यह बच्चों से लेकर बड़ों तक की पहली पसंद बन गई.

पीएम मोदी इस वक्त पांच देशों नॉर्वे, स्वीडन, नीदरलैंड, यूएई और इटली के दौरे पर हैं. इस यात्रा के आखिरी पड़ाव में वह इटली की राजधानी रोम पहुंच चुके हैं, जहां उन्होंने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को भारत की मशहूर ‘Parle Melody’ चॉकलेट का पैकेट गिफ्ट किया. आइए जानते हैं कि पार्ले की मशहूर मेलोडी चॉकलेट कब बनी थी? इसका इतिहास क्या है?

पीएम मोदी के गिफ्ट पर क्या बोलीं पीएम मेलोनी?

पीएम मोदी के इस सरप्राइज गिफ्ट को देखकर जॉर्जिया मेलोनी बेहद खुश हुईं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पहले ट्विटर) पर एक वीडियो शेयर करते हुए पीएम मोदी को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी मेरे लिए बेहद बेहतरीन टॉफी मेलोडी गिफ्ट में लाए हैं. जैसे ही यह वीडियो इंटरनेट पर आया, लोगों ने इसे खूब पसंद किया. सोशल मीडिया पर मीम्स और कमेंट्स की बाढ़ आ गई.

कब बनी थी Parle की Melody?

इस वीडियो के वायरल होते ही लोग पारले की ‘मेलोडी’ के बारे में सर्च करने लगे हैं. हर कोई जानना चाहता है कि आखिर हम सभी के बचपन की यह फेवरेट टॉफी कब बनी थी और इसका इतिहास क्या है? बता दें कि ‘मेलोडी’ को भारत की सबसे पुरानी और जानी-मानी कंपनी Parle Products (पारले) ने बनाया है. पारले कंपनी ने इसे करीब 41 साल पहले यानी साल 1983 में लॉन्च किया था.

1980 और 90 के दशक में मेलोडी ने भारतीय बाजार में कदम रखा और देखते ही देखते यह बच्चों से लेकर बड़ों तक की पहली पसंद बन गई. इस टॉफी की खासियत इसके बाहर मौजूद कैरेमल (Caramel) की एक मीठी परत होती है और अंदर चॉकलेटी क्रीम भरी होती है. यही अनोखा स्वाद इसे बाकी टॉफियों से अलग बनाता है. एक वक्त था, जब यह टॉफी सिर्फ 50 पैसे में मिला करती थी. महंगाई बढ़ने के बावजूद आज भी यह भारत की लगभग हर छोटी-बड़ी दुकान पर महज एक रुपये में आसानी से मिल जाती है.

मेलोडी इतनी चॉकलेटी क्यों है?

अगर आप 90 के दशक से ताल्लुक रखते हैं तो आपको टीवी पर आने वाला मेलोडी का विज्ञापन (TV Ad) जरूर याद होगा. इसका स्लोगन था, ‘मेलोडी इतनी चॉकलेटी क्यों है? मेलोडी खाओ, खुद जान जाओ!’ यह लाइन देश के सबसे कामयाब विज्ञापनों में गिनी जाती है. यह टैगलाइन इतनी हिट थी कि लोग अपनी रोजमर्रा की बातचीत में भी दोस्तों से मेलोडी का नाम लेकर मजाक करने लगे थे. दिलचस्प बात यह है कि कंपनी ने आज तक नहीं बताया कि मेलोडी सच में इतनी चॉकलेटी क्यों है और यही रहस्य इसकी सबसे बड़ी ताकत बन गया.

कैसे शुरू हुआ थापारलेका सफर?

जिस कंपनी ने मेलोडी जैसी आइकॉनिक टॉफी बनाई, उसका इतिहास भी बेहद शानदार है. पारले कंपनी की शुरुआत साल 1929 में हुई थी. इसे मुंबई के विले पार्ले इलाके में चौहान परिवार (मोहनलाल चौहान) ने शुरू किया था. शुरुआत में यह कंपनी सिर्फ 12 लोगों के साथ बेकरी का काम करती थी और ब्रेड-बन आदि बनाती थी. 1939 में कंपनी ने बिस्कुट बनाना शुरू किया, जिसमें ‘Parle-G’ (पारले-जी) सबसे ज्यादा मशहूर हुआ. आगे चलकर 1983 में मेलोडी और 1989 में ‘मैंगो बाइट’ जैसी कैंडी बाजार में उतारी गईं. सिर्फ 60 हजार रुपये से शुरू हुई यह कंपनी आज 45 हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा की वैल्यू वाली कंपनी बन चुकी है.

Monsoon Updates: मानसून 2026 की डेट कन्फर्म! कब मिलेगी भीषण गर्मी और लू से निजात और इस बार का मानसून किन मायनों में है खास?

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मौसम वैज्ञानिकों काकहना है कि इस साल सामान्य से कम बारिश के बावजूद, 2023 जैसे ‘लो-नॉर्मल’ मानसून की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है. बशर्ते बारिश बेतर ढंग से हो.

देश का एक हिस्सा इस वक्त भट्टी की तरह तप रहा है, जहां पारा 47-48 डिग्री सेल्सियस छू रहा है, वहीं दूसरी तरफ एक अच्छी खबर भी आ रही है. मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले हफ्ते केरल में दस्तक देने वाला है. लेकिन इस खुशखबरी के साथ एक चेतावनी भी है कि इस बार मानसून की रफ्तार काफी धीमी रहने वाली है, जिसकी वजह से पूरे देश को कवर करने में इसे सामान्य से ज्यादा वक्त लग सकता है.

आइए बताते हैं कि आपके राज्य में मानसून कब पहुंचेगा, कब मिलेगी भीषण गर्मी और लू से निजात और इस बार का मानसून किन मायनों में है खास

केरल में कब होगी मानसून की पहली बारिश?

आमतौर पर मानसून 1 जून के आसपास केरल पहुंचता है, लेकिन इस बार यह थोड़ा जल्दी यानी 26 मई 2026 तक केरल के तट से टकराने वाला है. IMD के मुताबिक, यह तारीख 22 मई से 26 मई के बीच की विंडो में हो सकती है, क्योंकि इस पूर्वानुमान में ±4 दिन आगे-पीछे हो सकते है. साल 2025 में मानसून 24 मई को केरल पहुंचा था, जो पिछले कुछ सालों में सबसे जल्दी आने वालों में से एक था.

फिलहाल, मानसून अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों को पार कर चुका है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार मानसून का आगमन भले ही जल्दी हो, लेकिन इसकी शुरुआत बहुत मजबूत और संगठित नहीं दिख रही है. स्काईमेट वेदर के फाउंडर और चेयरमैन जतिन सिंह के मुताबिक, ‘मानसून की शुरुआत कमजोर और असंरचित रहने की संभावना है. भारत में सार्थक मानसूनी बारिश आमतौर पर जून से ही शुरू होती है.’

रफ्तार रहेगी धीमी, बारबार अटकेगा मानसून

यही वजह है कि इस बार मानसून पूरे देश को कवर करने में सामान्य से कहीं ज्यादा देरी कर सकता है. दरअसल, आमतौर पर मानसून 35 से 38 दिनों में पूरे भारत को कवर कर लेता है, लेकिन इस बार इसकी रफ्तार धीमी रहने की आशंका ज्यादा है. स्काईमेट के अध्यक्ष जीपी शर्मा ने तो यहां तक चेतावनी दे दी है कि इस बार मानसून पर 2002 जैसा खतरा दिख रहा है. तब मानसून 29 मई को केरल में पहुंचा था. इसके बावजूद पूरे देश को कवर करने में उसे 79 दिन लग गए थे. 15 अगस्त को जाकर पूरा देश मानसून से भीगा था.

इस बीच, इसमें बिना बारिश के दिनों की संख्या (मानसून ब्रेक) ज्यादा रह सकती है. जून से सितंबर के दौरान 7 से 14 दिन तक के कई ब्रेक आ सकते हैं, जिसका सीधा असर खरीफ फसलों की बुवाई पर पड़ेगा.

आपके राज्य में कब होगी बारिश?

मानसून की रफ्तार और राज्यों तक पहुंचने की अनुमानित तारीखें जानना हर किसी के लिए जरूरी है. IMD और मेरीखेती डॉट कॉम के अनुमानों पर आधारित ये वो संभावित तारीखें हैं, जब आपके यहां राहत की बौछारें पड़ सकती हैं:

दक्षिण भारत (सबसे पहले राहत)

राज्य कब पहुंचेगा मानसून
केरल 27 मई से 1 जून
तमिलनाडु 1 से 6 जून
कर्नाटक 1 से 5 जून (तटीय इलाकों में 28 मई तक)
आंध्र प्रदेश 4 से 10 जून
तेलंगाना 5 से 12 जून
गोवा 7 से 10 जून

पश्चिम और मध्य भारत (जून के दूसरे हफ्ते से राहत)

राज्य कब पहुंचेगा मानसून
महाराष्ट्र 8 से 15 जून (मुंबई में 5 जून तक बारिश की उम्मीद)
छत्तीसगढ़ 10 से 16 जून
मध्य प्रदेश 15 से 22 जून
गुजरात 18 से 25 जून (इस बार देरी से आने की संभावना)

पूर्वी और उत्तरपूर्वी भारत (जून के दूसरे हफ्ते से)

राज्य कब पहुंचेगा मानसून
ओडिशा 10 से 15 जून
पश्चिम बंगाल 10 से 16 जून
झारखंड 12 से 18 जून
बिहार 13 से 20 जून (पूर्वी हिस्सों में 15-22 जून)
उत्तर प्रदेश 15 से 22 जून

उत्तर और उत्तरपश्चिम भारत (जून के आखिर से जुलाई तक इंतजार)

दिल्ली NCR 25 से 30 जून
हरियाणा 26 जून से 1 जुलाई
पंजाब 27 जून से 3 जुलाई
राजस्थान 25 जून से 5 जुलाई (पश्चिमी हिस्सों में 8 जुलाई तक)
उत्तराखंड 27 जून से 4 जुलाई
हिमाचल प्रदेश 28 जून से 5 जुलाई
जम्मू-कश्मीर 1 से 10 जुलाई

क्या अलनीनो के खतरे के बावजूद ये राहत काफी होगी?

मानसून आने की खबर के बीच एक बड़ी चिंता अल नीनो की आ रही है. मौसम विभाग और स्काईमेट दोनों ने ही इस बार ‘सामान्य से कम’ बारिश का पूर्वानुमान जताया है. IMD के मुताबिक, 2026 में मानसूनी बारिश लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) की 92% रहने की संभावना है, जिसे ‘सामान्य से कम’ कैटेगरी में रखा गया है.

स्काईमेट ने इसे LPA का 94% रहने का अनुमान लगाया है. इसकी सबसे बड़ी वजह प्रशांत महासागर में विकसित हो रही अल नीनो की स्थिति है, जो आमतौर पर भारत में मानसून को कमजोर करती है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि जून में तो सामान्य बारिश हो सकती है, लेकिन जुलाई से सितंबर के बीच अल नीनो के प्रभाव से बारिश काफी कमजोर पड़ सकती है. स्काईमेट के मुताबिक, अगस्त में सामान्य से कम बारिश की 60% और सितंबर में 79% संभावना है. इसका सबसे ज्यादा असर मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों पर पड़ सकता है, जहां बारिश की कमी से सूखे जैसे हालात बन सकते हैं.

अगले 7 दिन: 10 राज्यों में हीटवेव का कहर

मानसून की राहत का इंतजार कर रहे उत्तर और मध्य भारत के लोगों को फिलहाल किसी राहत की उम्मीद नहीं है. IMD ने अगले 7 दिनों के लिए 10 राज्यों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है. 18 मई को उत्तर प्रदेश का बांदा 47.6°C के साथ देश में सबसे गर्म रहा, जबकि पंजाब के बठिंडा में 47°C, महाराष्ट्र के वर्धा में 46.5°C और राजस्थान के चित्तौड़गढ़-पिलानी में 46.2°C तापमान रिकॉर्ड किया गया.

20 मई को राजस्थान के 19 जिलों, यूपी के 33 जिलों और पंजाब के 10 जिलों में हीटवेव का अलर्ट है. 21 मई को राजस्थान में गंभीर हीटवेव का अलर्ट है, जबकि छत्तीसगढ़, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश, पंजाब, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में भी हीटवेव जारी रहेगी. स्काईमेट का तो यह भी कहना है कि हीटवेव का असर जून के पहले हफ्ते तक जारी रह सकता है, क्योंकि मानसून-पूर्व की गर्मी को कम करने वाले समर थंडरस्टॉर्म इस बार कमजोर पड़ गए हैं.

कुल मिलाकर, इस साल मानसून कैसा रहेगा?

यह साल मानसून के लिहाज से ‘उम्मीद और चुनौती’ दोनों लेकर आया है. मानसून भले ही जल्दी दस्तक दे रहा है, लेकिन इसकी धीमी रफ्तार, बार-बार पड़ने वाले ब्रेक और अल नीनो का खतरा इसके सामान्य रहने की राह में बड़ी रुकावटें हैं. जून में तो सामान्य बारिश की उम्मीद है, लेकिन जुलाई से सितंबर के बीच कमजोर मानसून देश की खरीफ फसलों, जल भंडारण और अर्थव्यवस्था पर दबाव डाल सकता है.

ऐसे में, किसानों से लेकर आम नागरिकों तक सभी को पानी के सीमित और सोच-समझकर इस्तेमाल की सलाह दी जा रही है. हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का यह भी कहना है कि इस साल सामान्य से कम बारिश के बावजूद, 2023 जैसे ‘लो-नॉर्मल’ मानसून की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, बशर्ते बारिश का वितरण अनुकूल रहे. फिलहाल, उत्तर भारत के तपते मैदानों से लेकर दक्कन के पठार तक, सबकी निगाहें आसमान पर टिकी हैं.

Car Insurance Fine: बिना Insurance सड़क पर निकाली कार तो कितना कटेगा चालान….

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Car Insurance Fine: आज के समय में ज्यादातर लोग कार खरीदते समय सिर्फ EMI, माइलेज और फीचर्स पर ध्यान देते हैं, लेकिन कई बार Car Insurance को नजरअंदाज कर देते हैं. कुछ लोग पॉलिसी खत्म होने के बाद महीनों तक उसे रिन्यू नहीं करवाते और बिना इंश्योरेंस गाड़ी चलाते रहते हैं. लेकिन ऐसा करना सिर्फ रिस्की ही नहीं बल्कि कानून के खिलाफ भी है. भारत में हर वाहन के लिए कम से कम थर्ड पार्टी इंश्योरेंस होना जरूरी है.

अगर ट्रैफिक पुलिस चेकिंग के दौरान आपकी कार बिना वैध इंश्योरेंस के पकड़ी जाती है, तो भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है. इतना ही नहीं, कुछ मामलों में जेल की सजा का भी नियम है. चाहे आपकी कार पेट्रोल, डीजल, CNG या इलेक्ट्रिक हो, नियम सभी पर समान रूप से लागू होते हैं. इसलिए सड़क पर निकलने से पहले यह जांच लेना जरूरी है कि आपकी इंश्योरेंस पॉलिसी एक्टिव है या नहीं. छोटी सी लापरवाही बड़ा नुकसान करा सकती है.

बिना इंश्योरेंस गाड़ी चलाने पर कितना लगता है जुर्माना

मोटर व्हीकल एक्ट के तहत भारत में बिना वैध इंश्योरेंस के वाहन चलाना अपराध माना जाता है. अगर पहली बार कोई ड्राइवर बिना इंश्योरेंस के पकड़ा जाता है, तो उस पर 2000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. इसके अलावा 3 महीने तक की जेल का नियम भी है. वहीं अगर दूसरी बार भी यही गलती दोहराई जाती है, तो जुर्माना बढ़कर 4000 रुपये तक पहुंच सकता है और सजा भी ज्यादा सख्त हो सकती है.

कई राज्यों में अब ट्रैफिक पुलिस डिजिटल वेरिफिकेशन के जरिए मौके पर ही इंश्योरेंस स्टेटस चेक कर लेती है. ऐसे में सिर्फ फोटो या पुराना डॉक्यूमेंट दिखाकर बचना मुश्किल होता जा रहा है. अगर किसी एक्सीडेंट के दौरान आपकी कार बिना इंश्योरेंस पाई जाती है, तो नुकसान का पूरा खर्च खुद उठाना पड़ सकता है. यही वजह है कि हमेशा समय पर पॉलिसी रिन्यू करवाने की सलाह दी जाती है.

सिर्फ चालान नहीं, एक्सीडेंट में भी हो सकता है बड़ा नुकसान

कार इंश्योरेंस सिर्फ ट्रैफिक चालान से बचाने के लिए नहीं होता, बल्कि यह फाइनेंशियल सुरक्षा भी देता है. अगर आपकी कार किसी दूसरी गाड़ी, व्यक्ति या संपत्ति को नुकसान पहुंचाती है, तो थर्ड पार्टी इंश्योरेंस कानूनी और आर्थिक मदद देता है. बिना इंश्योरेंस ऐसी स्थिति में पूरा खर्च आपकी जेब से जा सकता है. खासकर बड़े शहरों में छोटे एक्सीडेंट का खर्च भी हजारों रुपये तक पहुंच जाता है.

आजकल कई कंपनियां डिजिटल इंश्योरेंस रिन्यूअल की सुविधा दे रही हैं, जिससे कुछ मिनटों में पॉलिसी दोबारा एक्टिव हो सकती है. एक्सपर्ट्स यह भी सलाह देते हैं कि सिर्फ बेसिक थर्ड पार्टी प्लान के बजाय कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस लेना ज्यादा फायदेमंद रहता है. इससे अपनी कार के नुकसान का कवर भी मिलता है. सड़क पर सुरक्षित और कानूनी तरीके से ड्राइव करने के लिए इंश्योरेंस को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

रायबरेली में राहुल गांधी का विवादित बयान, भड़की बीजेपी ने दी नसीहत…

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दो दिवसीय रायबरेली दौरे पर गए लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने तीखी टिप्पणी की है. उन्होंने पीएम मोदी और अमित शाह को गद्दार करार दिया है.

लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह को लेकर तीखी टिप्पणी की है. इससे राजनीति गरमा गई है. राहुल गांधी ने अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली में पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संबोधित करते हुए पीए मोदी और अमित शाह पर यह बयान दिया है. वहीं, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने इस पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है.

राहुल गांधी दो दिन के रायबरेली दौरे पर हैं. ऐसे में उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि जब ये आरएसएस कार्यकर्ता आपके सामने आएंगे, तो वो पीएम नरेंद्र मोदी, अमित शाह की बात करेंगे. तब आपको उनके मुंह पर कहना होगा कि आपके प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और संगठन (भाजपा) गद्दार हैं, आपने हमारे देश को बेचने का काम किया है. आपने संविधान पर हमला करने का काम किया है. आपने अंबेडकर पर हमला किया. आपने गांधी जी पर आक्रमण किया है. ये बातें आप उनसे खुलकर कह दीजिए.

बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष ने राहुल पर कसा तंज, बताया राजनीति का राहू

राहुल गांधी के इस बयान पर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने पलटवार किया है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी भारतीय राजनीति के राहू हैं. यह देश के माहौल को गंदा कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के पूर्वजों ने हमेशा देश की जमीन को गिरवी रखने का काम किया. कभी सैनिकों का मनोबल नहीं बढ़ाया. कांग्रेस के शासनकाल में पूरी सरकार भ्रष्टाचार में डूबी रहती थी. मोदी सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करती है. पीएम के नेतृत्व में आतंकवाद पर पूर्ण लगाम लगी है. सेना स्वाभिमान से काम कर रही है.

उन्होंने राहुल से सवाल करते हुए कहाकि क्या देश की जमीन सुरक्षित रखना और नक्सलवाद को खत्म करना गद्दारी है? राहुल गांधी के पूर्वजों ने इस देश की जमीन को हमेशा गिरवी रखने का काम किया. कभी हमारे सैनिकों के मनोबल को बढ़ाने का काम नहीं किया. लेकिन हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस देश की जमीन भी सुरक्षित हुई है. देश की जमीन भी मजबूत हुई है.

PM Modi Melody Gift: PM मोदी ने जॉर्जिया मेलोनी को गिफ्ट की Melody टॉफी.’ राहुल गांधी का आया रिएक्शन’

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी को मेलोडी टॉफी गिफ्ट की है, जिसका वीडियो मेलोनी ने एक्स पर शेयर किया है. ये वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया. अब इस पर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने कहा कि आर्थिक तूफान सर पर है और हमारे प्रधानमंत्री इटली में टॉफी बांट रहे हैं.

राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘किसान, युवा, महिलाएं, मजदूर और छोटे व्यापारी सब रो रहे हैं- PM हंसकर रील बना रहे हैं और BJP वाले ताली बजा रहे हैं.’ कांग्रेस नेता ने कहा कि यह नेतृत्व नहीं, नौटंकी है.

आर्थिक तूफ़ान सर पर है, और हमारे प्रधानमंत्री इटली में टॉफ़ी बाँट रहे हैं!

किसान, युवा, महिलाएँ, मज़दूर और छोटे व्यापारी सब रो रहे हैं – PM हंसकर रील बना रहे हैं, और BJP वाले ताली बजा रहे हैं।

यह नेतृत्व नहीं, नौटंकी है।

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने पीएम मोदी के साथ एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह मेलोनी को मेलोडी टॉफी गिफ्ट कर कर रहे हैं. इस वीडियो में वह कह रही हैं, ‘प्रधानमंत्री मोदी ने मुझे बहुत अच्छा गिफ्ट दिया है, जो कि बहुत ही अच्छी टॉफी है.’ इसके बाद पीएम मोदी और वह दोनों ही कहते हैं- मेलोडी. जिसके बाद दोनों नेता खुलकर हंसते हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने जॉर्जिया मेलोनी से डिनर के दौरान मुलाकात की थी, जिसके बाद दोनों नेता एक ही गाड़ी में बैठकर कोलेसियम का दौरा करने पहुंचे. यह पीएम मोदी की कार डिप्लोमेसी कही जाती है, जिसमें वह दूसरे नेताओं के साथ एक ही गाड़ी में बैठकर जाते हैं. दुनिया को दोनों देशों की दोस्ती का पैगाम भी मिल जाता है.

इटली PM ने बनाया था Melodi हैशटैग

मोदी और मेलोनी के नामों को जोड़कर ‘Melodi’ हैशटैग पहली बार इटली की प्रधानमंत्री ने 2023 में दुबई में आयोजित कॉप-28 सम्मेलन के दौरान गढ़ा था. इसके बाद दोनों नेताओं की वैश्विक मंचों पर हुई गर्मजोशी भरी मुलाकातों के बीच यह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. मेलोनी ने उस समय भी सोशल मीडिया पर मोदी के साथ तस्वीर साझा करते हुए ‘Melodi’ हैशटैग का इस्तेमाल किया था.

5 देशों की यात्रा पर थे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी 15 से 20 मई तक संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की पांच देशों की अपनी यात्रा के अंतिम चरण में मंगलवार को रोम पहुंचे. वह इटली की प्रधानमंत्री के निमंत्रण पर यहां आए हैं, जहां दोनों नेता व्यापार, रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे.