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AI समिट में शर्टलैस प्रदर्शन पर PM मोदी कांग्रेस पर जमकर बरसे…

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देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में इंडियन यूथ कांग्रेस के शर्टलैस प्रदर्शन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कांग्रेस पर जमकर बरसे. पीएम मोदी ने निशाना साधते हुए कहा, ‘कांग्रेस ने वैश्विक आयोजन को अपनी गंदी और नंगी राजनीति का अखाड़ा बना दिया.

देश की जनता जानती हैं कि आप पहले से ही नंगे हैं.’

क्या बोले पीएम मोदी?

पीएम मोदी ने कहा, ‘देश में ही कुछ राजनीतिक दल हैं, जो भारत की सफलता को पचा नहीं पा रहे हैं. अभी आपने देखा कि भारत में दुनिया का सबसे बड़ा AI सम्मेलन हुआ. मेरठ के लोगों से पूछना चाहता हूं कि ये जो AI सम्मेलन हुआ, आपको गर्व हुआ कि नहीं हुआ?…पूरा देश गर्व से भर गया, लेकिन कांग्रेस और इसके इको सिस्टम ने क्या किया. कांग्रेस ने भारत के एक वैश्विक आयोजन को अपनी गंदी और नंगी राजनीति का अखाड़ा बना दिया. समारोह स्थल पर विदेशी अतिथियों के सामने कांग्रेस के नेता कपड़े उतारकर पहुंच गए. मैं कांग्रेस वालों को पूछता हूं कि देश जानता है कि आप पहले से ही नंगे हो, फिर कपड़े उतारने की जरूरत क्यों पड़ी?’

कांग्रेस देश को ही बदमान करने में जुटी – पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘कांग्रेस नेताओं ने जो कुछ किया वो दिखाता है कि देश की सबसे पुरानी पार्टी वैचारिक रूप से कितनी दरिद्र हो गई है. कोई कल्पना नहीं कर सकता है. हम तो वो लोग हैं, जो गांव में किसी के यहां शादी होती है तो पूरा गांव उसे सफल बनाने में जी जान से जुट जाता है, ताकि मेहमान गांव की अच्छी छवि लेकर जाए, लेकिन कांग्रेस तो अपने ही देश को बदनाम करने में जुटी है.

‘ये लोग मेरी कब्र खोदना चाहते’

उन्होंने निशाना साधते हुए कहा, ‘कांग्रेस के नेताओं को मोदी से नफरत है. ये लोग मेरी कब्र खोदना चाहते हैं. मेरी मां को गाली देने से कोई परहेज नहीं है. उन्हें बीजेपी-एनडीए से विरोध है. आपकी राजनीति में यही करना जरूरी है. हम इसको भी सहन कर लेंगे. कांग्रेस को याद करना चाहिए था कि AI समिट बीजेपी का समारोह नहीं था और न ही बीजेपी का कोई नेता वहां मौजूद था. ये देश का कार्यक्रम था. कांग्रेस ने परसों सारी मर्यादाएं तोड़ दीं, पूरा देश इस कांग्रेस की रीति, नीति पर थू थू कर रहा है. इतनी बड़ी पार्टी के नेता लाजने के बजाए गाजते हैं, देश की बेइज्जती करने वालों का जयकारा कर रहे हैं.’

क्या है पूरा मामला?

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान शुक्रवार (20 फरवरी) को यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अंदर घुसकर प्रोटेस्ट किया और कथित बेरोजगारी, महंगाई और भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी की थी. कुछ प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान अपनी शर्ट उताकर इंडिया एआई समिट के डिस्प्ले बोर्ड के सामने खड़े होकर नारेबाजी करते हुए तस्वीरें खिंचवाईं. इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था.

26% से 50% और फिर 15%. एक साल कैसे चला अमेरिका और भारत के बीच टैरिफ का खेल? ये है पूरी टाइमलाइन…

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अमेरिका और भारत के बीच चल रहे ‘टैरिफ युद्ध’ में एक ऐसा मोड़ आया है जिसने पूरी दुनिया के बाजार को चौंका दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त व्यापारिक नीतियों को वहां की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है.

इस कानूनी उथल-पुथल के बीच भारत के लिए राहत और चिंता की खबरें एक साथ आई हैं. शनिवार, 21 फरवरी 2026 को ट्रंप ने घोषणा की कि वे भारत सहित वैश्विक आयात पर अब 15% शुल्क लगाएंगे. यह फैसला उस वक्त आया जब सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति की असीमित शक्तियों पर लगाम कस दी. एक समय पर 50% तक पहुंच चुका यह शुल्क अब 15% के स्तर पर आकर टिक गया है, लेकिन इसके पीछे की कहानी किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं है.

सुप्रीम कोर्ट ने बदल दिया पूरा खेल

इस पूरी कहानी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला रहा, जिसमें 63 के बहुमत से राष्ट्रपति के अधिकारों को सीमित कर दिया गया. अदालत ने स्पष्ट किया कि ‘इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट’ (IEEPA) राष्ट्रपति को आपातकालीन शक्तियों के तहत मनमाने ढंग से वैश्विक टैरिफ थोपने की अनुमति नहीं देता. कोर्ट के इस फैसले ने ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए देश-विशिष्ट करों को अवैध घोषित कर दिया.

हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने भी हार नहीं मानी. कोर्ट के फैसले के कुछ ही घंटों बाद उन्होंने ‘ट्रेड एक्ट 1974’ की धारा 122 (Section 122) का सहारा लिया. इसके तहत वे बिना कांग्रेस की मंजूरी के 150 दिनों के लिए वैश्विक टैरिफ लागू कर सकते हैं. पहले उन्होंने इसे 10% रखने की बात कही थी, लेकिन कुछ ही समय बाद इसे बढ़ाकर 15% कर दिया गया.

26% से 50% और फिर 15%…. टैरिफ का ‘रोलर कोस्टर’

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर साल 2025 से 2026 तक काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला. कभी टैरिफ बढ़ा, कभी घटा, कभी बातचीत तेज हुई तो कभी तनाव बढ़ गया.

13 फरवरी 2025- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तय किया कि दोनों देश मिलकर 2030 तक आपसी व्यापार को 500 अरब डॉलर से ज्यादा तक पहुंचाएंगे. इरादा साफ था, व्यापार बढ़ाना है. लेकिन जमीन पर हालात इतने आसान नहीं थे. दोनों देशों के बीच टैरिफ को लेकर मतभेद बने रहे.

46 मार्च 2025- तनाव कम करने के लिए केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल वॉशिंगटन डीसी पहुंचे. वहां उन्होंने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीयर और अन्य अधिकारियों से मुलाकात की. मकसद था – व्यापारिक मुद्दों को बातचीत से सुलझाना और टकराव से बचना.

2 अप्रैल 2025- अमेरिका ने भारतीय सामान पर कुल 26% टैरिफ लगा दिया. इसमें 10% सामान्य (बेसलाइन) ड्यूटी थी और 16% अतिरिक्त रेसिप्रोकल यानी जवाबी टैरिफ. यह फैसला सिर्फ भारत के लिए नहीं, बल्कि कई देशों पर लागू व्यापक टैरिफ नीति का हिस्सा था. लेकिन भारत के लिए यह बड़ा झटका माना गया.

9 अप्रैल 2025- सिर्फ एक हफ्ते बाद 16% वाला अतिरिक्त टैरिफ 90 दिनों के लिए रोक दिया गया. इससे भारत पर असर घटकर सिर्फ 10% रह गया. यह संकेत था कि बातचीत के दरवाजे अभी बंद नहीं हुए हैं.

26 जून 2025- समयसीमा नजदीक आते ही भारत का एक प्रतिनिधिमंडल फिर अमेरिका पहुंचा. कोशिश यही थी कि मामला और न बिगड़े और किसी समझौते की जमीन तैयार हो सके.

31 जुलाई 2025- अमेरिका ने घोषणा की कि भारतीय वस्तुओं पर 25% टैरिफ लगाया जाएगा, जो 7 अगस्त से लागू होना था. यह साफ इशारा था कि अमेरिका सख्त रुख अपनाए हुए है.

6 अगस्त 2025- इसके बाद हालात और गंभीर हो गए. अमेरिका ने भारत की रूसी तेल खरीद का हवाला देते हुए 25% अतिरिक्त टैरिफ और जोड़ दिया. कुल मिलाकर टैरिफ 50% तक पहुंच गया. यह 27 अगस्त 2025 से लागू हुआ और पूरे विवाद के दौरान यह सबसे ऊंचा स्तर था.

1517 अक्टूबर 2025- वॉशिंगटन में फिर कई दौर की बातचीत हुई. इस समय तक छह औपचारिक वार्ता दौर पूरे हो चुके थे. दोनों देश समाधान की कोशिश में थे, लेकिन सहमति तुरंत बनती नहीं दिख रही थी.

31 जनवरी 2026- वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम कर रहा है. इस बयान से संकेत मिला कि टैरिफ में कुछ राहत मिल सकती है.

2 फरवरी 2026- आखिरकार एक अंतरिम व्यापार समझौता हुआ. अमेरिका ने टैरिफ 25% से घटाकर 18% कर दिया. बदले में भारत ने कुछ चुनिंदा अमेरिकी सामान पर टैरिफ शून्य कर दिया. इसे दोनों देशों के बीच एक संतुलित कदम माना गया.

2021 फरवरी 2026- सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 122 के तहत पहले 10% का वैश्विक टैरिफ लागू किया. 21 फरवरी को उन्होंने घोषणा की कि यह दर बढ़ाकर 15% की जाएगी. हालांकि यह 150 दिन की कानूनी सीमा के अधीन रहेगा.

IDFC First Bank में 590 करोड़ का महाघोटाला, कर्मचारियों ने ही उड़ा लिए हरियाणा सरकार के पैसे, मचा हड़कंप!

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चंडीगढ़ स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की एक प्रमुख शाखा में करोड़ों रुपये का महाघोटाला पकड़ा गया है.बैंक ने आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि उसकी इस शाखा में 590 करोड़ रुपये की भारी-भरकम धोखाधड़ी हुई है.

सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि इस पूरे वित्तीय घपले का सीधा संबंध हरियाणा सरकार के खातों से है. इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस 590 करोड़ रुपये के बड़े मामले का खुलासा किसी जांच एजेंसी ने नहीं, बल्कि एक सामान्य सी लगने वाली प्रक्रिया के दौरान हुआ.

18 फरवरी 2026 के बाद से, हरियाणा सरकार के कुछ संबंधित संस्थाओं ने चंडीगढ़ स्थित इस बैंक शाखा से संपर्क साधना शुरू किया. उनका मुख्य उद्देश्य अपने आधिकारिक खातों को बंद करवाना और वहां जमा पूरी धनराशि को किसी अन्य बैंक में स्थानांतरित (ट्रांसफर) करना था. यह एक बेहद नियमित प्रक्रिया थी, लेकिन जब कागजी कार्रवाई आगे बढ़ी, तो एक बड़ा झोल सामने आया. सरकार द्वारा बताए गए बैलेंस और बैंक के सिस्टम में मौजूद असल बैलेंस के बीच भारी अंतर पाया गया. जिस पैसे को सुरक्षित माना जा रहा था, वह वहां था ही नहीं. कागजों और हकीकत की इसी विसंगति ने इस पूरे घोटाले की परतें खोल दीं.

बैंक का कड़ा एक्शन, 4 कर्मचारी सस्पेंड

घोटाले की भनक लगते ही आईडीएफसी फर्स्ट बैंक प्रबंधन तुरंत हरकत में आ गया है. इस गंभीर मामले में प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए चंडीगढ़ शाखा के चार संदिग्ध अधिकारियों को निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया है.

स्टॉक एक्सचेंज को दी गई अपनी आधिकारिक फाइलिंग में बैंक ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने तक यह निलंबन जारी रहेगा. प्रबंधन ने यह भी साफ कर दिया है कि इस धोखाधड़ी में शामिल किसी भी बैंक कर्मचारी या बाहरी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. उनके खिलाफ लागू कानूनों के तहत सख्त अनुशासनात्मक, दीवानी (सिविल) और आपराधिक कार्रवाई की जाएगी. स्थानीय पुलिस प्रशासन के पास भी औपचारिक शिकायत दर्ज करा दी गई है.

इसके साथ ही, बैंक ने उन अन्य बैंकों को भी अलर्ट भेजा है जहां यह पैसा ट्रांसफर हुआ था. बैंक ने मांग की है कि इन संदिग्ध खातों के बैलेंस पर तुरंत रोक (lien mark) लगाई जाए ताकि पैसे को आगे ट्रांसफर होने से रोका जा सके. मामले की तह तक जाने और पारदर्शी जांच के लिए एक स्वतंत्र बाहरी एजेंसी से फोरेंसिक ऑडिट भी करवाया जा रहा है.

रिफंड के नाम पर ‘डिजिटल डकैती’: 1.5 लाख की ठगी ने उड़ाए होश, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की बड़ी चेतावनी…

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हाल ही में एक टैक्सपेयर को एक फेक डिले रिफंड मैसेज का जवाब देने के बाद 1.5 लाख रुपये का नुकसान हुआ, जिसके बाद इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने नई चेतावनी दी है. यह अलर्ट ऐसे समय में आया है जब पिछले एक साल से कई टैक्सपेयर रिफंड में देरी को लेकर पहले से ही परेशान हैं – इस चिंता का फायदा धोखेबाज अब फिशिंग मैसेज और नकली पोर्टल के जरिए उठा रहे हैं.

पिछले एक साल से, रिफंड की टाइमलाइन टैक्सपेयर के बीच चर्चा का विषय रही है. कई लोगों ने सोशल मीडिया पर शिकायत की कि जल्दी फाइल करने के बावजूद रिफंड मिलने में देरी हो रही है.

जवाब में, सरकार ने कहा कि रिफंड सही वेरिफिकेशन और डेटा के मैचिंग के बाद प्रोसेस किया जाता है, खासकर जहां गड़बड़ियों को फ्लैग किया जाता है. अधिकारियों ने बार-बार कहा है कि ज़्यादातर रिफंड हफ्तों के अंदर जारी कर दिए जाते हैं, लेकिन मिसमैच, स्क्रूटनी या पेंडिंग वेरिफिकेशन वाले मामलों में ज़्यादा समय लग सकता है. देरी से रिफंड को लेकर इसी चिंता का फायदा अब स्कैमर्स उठा रहे हैं.

कैसे हो रहा है स्कैम

टैक्स एडवाइजरी प्लेटफ़ॉर्म टैक्सबडी के X पर एक सोशल मीडिया पोस्ट के मुताबिक, फ्रॉड आमतौर पर एक मैसेज से शुरू होता है जिसमें दावा किया जाता है कि आपका रिफंड पेंडिंग है और उसे तुरंत वेरिफिकेशन की जरूरत है. मैसेज में एक लिंक होता है जो ऑफिशियल लगता है.

आपको इनकम टैक्स पोर्टल जैसी दिखने वाली एक नकली वेबसाइट पर रीडायरेक्ट कर दिया जाता है. आपसे PAN, लॉगिन ID और पासवर्ड डालने के लिए कहा जाता है. वेरिफिकेशन के नाम पर एक OTP मांगा जाता है. कुछ मामलों में, बैंक डिटेल्स भी मांगी जाती हैं. जैसे ही ये डिटेल्स शेयर की जाती हैं, फ्रॉड करने वाले आपके अकाउंट का एक्सेस पा लेते हैं. हाल ही में सामने आए मामले में, टैक्सपेयर को 1.5 लाख रुपए का नुकसान हुआ.

टैक्सपेयर इसके झांसे में क्यों आ रहे हैं?

रिफंड से जुड़ी बातचीत हमेशा ध्यान खींचती है. जब कोई मैसेज डिले रिफंड कहता है या चेतावनी देता है कि रकम लैप्स हो सकती है, तो यह अर्जेंटनेस पैदा करता है. धोखेबाज़ जानबूझकर डराने वाली भाषा, आखिरी रिमाइंडर टोन, रिफंड कैंसल करने की धमकी, तुरंत एक्शन लेने के लिए कहना, पैटर्न आसान है जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं. जिसकी वजह से घबराहट में जल्दी क्लिक होते हैं, और जल्दी ने से कॉम्प्रोमाइज होता है.

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट क्या नहीं करता?

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने साफ़ किया है कि वह SMS से रिफंड वेरिफिकेशन लिंक नहीं भेजता, फोन कॉल या मैसेज पर OTP नहीं मांगता, रैंडम ईमेल से पासवर्ड या बैंकिंग डिटेल्स नहीं मांगता. रिफंड स्टेटस सिर्फ ऑफिशियल इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर सीधे लॉग इन करके ही चेक किया जा सकता है. टैक्सपेयर्स को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी एम्बेडेड लिंक पर ने के बजाय खुद वेबसाइट का एड्रेस टाइप करें.

आपको क्या करना चाहिए

स्टेटस चेक करने के लिए सीधे ऑफिशियल पोर्टल पर लॉग इन करें

अर्जेंट वेरिफिकेशन मांगने वाले मैसेज को इग्नोर करें

OTP, पासवर्ड या लॉगिन क्रेडेंशियल कभी शेयर न करें

सस्पीशियस मैसेज की तुरंत रिपोर्ट करें

आप फिशिंग की कोशिशों की रिपोर्ट डिपार्टमेंट के ऑफिशियल ग्रीवांस चैनल और इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) को भी कर सकते हैं ताकि आगे फ्रॉड को रोकने में मदद मिल सके.

CG: भाजपा केंद्रीय संगठन की नई टीम बनाने की कवायद तेज, छत्तीसगढ़ के नेताओं को मिल सकती है जगह, उम्मीदें व हलचल बढ़ी…

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छत्तीसगढ़ के नेताओं को जगह दे सकते हैं। साथ ही राजनीतिक और सामाजिक समीकरण का भी विशेष ख्याल रखा जाएगा। इसके अलावा जिन राज्यों में आगामी विधानसभा चुनाव होंगे वहां के लिए विशेष समीकरण बिठाते हुए वहां के वरिष्ठ नेताओं को केंद्रीय टीम में जगह दी जाएगी।

भाजपा केंद्रीय संगठन की नई टीम बनाने की कवायद तेजी से चल रही है। नितिन नबीन के भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नई कार्यकारिणी के लिए शीर्ष नेतृत्व में मंथन चल रहा है। पिछली बार की तरह इस बार भी छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ नेताओं को केंद्रीय टीम में प्रमुख पदों पर जगह मिल सकती है। वैसे भी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का छत्तीसगढ़ से गहरा संबंध रहा है। इसलिए वे अपनी पसंद के हिसाब से ही छत्तीसगढ़ के नेताओं को जगह दे सकते हैं। साथ ही राजनीतिक और सामाजिक समीकरण का भी विशेष ख्याल रखा जाएगा। इसके अलावा जिन राज्यों में आगामी विधानसभा चुनाव होंगे वहां के लिए विशेष समीकरण बिठाते हुए वहां के वरिष्ठ नेताओं को केंद्रीय टीम में जगह दी जाएगी।

इस बार बढ़ाया जा सकता है राज्य का प्रतिनिधित्व

भाजपा के सूत्रों के अनुसार नितिन नबीन की नई टीम में इस बार छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व बढ़ाया जा सकता है। युवा वर्ग से राजनीतिक और सामाजिक पकड़ वाले नेता केंद्रीय टीम में शामिल किए जा सकते हैं। वैसे भी भाजपा बहुत चौंकाने वाले फैसले लेती है। भाजपा शीर्ष नेतृत्व छत्तीसगढ़ के लिहाज से युवा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को ज्यादा तवज्जो दे रहा है। इसलिए केंद्रीय टीम में भी युवा नेताओं को जगह मिलने की उम्मीद की जा रही है।

अभी ये हैं केंद्रीय टीम में शामिल

बता दें कि छत्तीसगढ़ से अभी दो वरिष्ठ नेता सरोज पांडेय और लता उसेंडी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में शामिल किया गया है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी में अजय चंद्राकर,अरुण साव और धरमलाल कौशिक के भी नाम हैं। जबकि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव सिंह और संगठन महामंत्री पवन साय पदेन राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बने रहेंगे। अब देखना यही है कि राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में लता उसेंडी और सरोज पांडेय का नाम यथावत रहता है या नहीं या शीर्ष नेतृत्व कोई चौंकाने वाला नया नाम शामिल करता है।

मिल सकता है प्रदेश प्रभारी भी नया

नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद प्रदेश प्रभारी के लिए कवायद की जा रही है। बता दें कि छत्तीसगढ़ को खुद नितिन नबीन ही देखते रहे हैं। अभी क्षेत्रीय संगठन मंत्री के रूप में अजय जामवाल छत्तीसगढ़ का कामकाज देख रहे हैं। उनके पास मध्य प्रदेश का भी प्रभार है। नई टीम के साथ छत्तीसगढ़ को नया प्रदेश प्रभारी भी मिल सकता है। प्रदेश प्रभारी की नियुक्ति के वक्त छत्तीसगढ़ के आगामी विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव को भी ध्यान में रखा जाएगा।

CG: जन्मदिन पर सेवा का संदेश: मुख्यमंत्री श्री साय

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने 62वें जन्मदिन के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास परिसर में आयोजित रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने भगवान धन्वंतरि की पूजा-अर्चना की तथा रक्तदाताओं को सम्मानित कर उन्हें प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री के 62वें जन्मदिन के अवसर पर अल्फा ग्लोब फाउंडेशन, रायपुर तथा शिवनाथ ब्लड सेंटर द्वारा 62 लोगों के रक्तदान की विशेष व्यवस्था की गई थी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि रक्तदान महादान है और यह मानवता की सच्ची सेवा है। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं, प्रसव एवं गंभीर बीमारियों के दौरान जब मरीजों को रक्त की आवश्यकता पड़ती है, ऐसे में रक्तदान मरीजों के जीवन में नई आशा का संचार करता है। उन्होंने कहा कि शिविर में रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए हैं, जिससे आवश्यकता पड़ने पर वे या उनके परिजन निःशुल्क रक्त प्राप्त कर सकेंगे।

उल्लेखनीय है कि संस्था द्वारा एक वर्ष में लगभग 11 हजार यूनिट रक्त संग्रह का संकल्प लिया गया है तथा जरूरतमंदों को निःशुल्क रक्त उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न ब्लड बैंकों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। इस अवसर पर सुरक्षित यातायात जागरूकता अभियान का भी आयोजन किया गया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं से वर्ष में कम से कम एक बार रक्तदान करने तथा सड़क यातायात नियमों का हर समय पालन करते हुए जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने सभी रक्तदाताओं, आयोजकों, चिकित्सक दल एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शिविर की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, सीजीएमएससी के चेयरमैन श्री दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा सहित, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस सहित वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधिगण तथा अल्फा ग्लोब फाउंडेशन, रायपुर की संचालक डॉ. पूनम अग्रवाल, संस्थान के अन्य प्रतिनिधि और रक्तदाता उपस्थित थे।

 

CG: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को मिलीं जन-जन की शुभकामनाएं, जन्मदिन पर मुख्यमंत्री निवास बना उल्लास का केंद्र…

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मुख्यमंत्री ने जनता का आभार जताया, प्रदेश के विकास में निरंतर समर्पण का संकल्प दोहराया;

प्रोजेक्ट धड़कन, जिंदगी मुस्कुराएगी, दिव्य धुन बैंड और कलाकेंद्र के बच्चों संग मुख्यमंत्री ने बांटी खुशियां;

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के जन्मदिन पर राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास देर रात तक उल्लास और स्नेह के वातावरण से भरा रहा। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, उद्योगपतियों,समाजसेवियों और मीडिया प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री को जन्मदिवस के अवसर पर फलों से तौला गया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी आगंतुकों से आत्मीयता से मुलाकात की और स्नेह, सम्मान और शुभकामनाओं के लिए कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आप सभी के प्रेम और सहयोग से मैं अभिभूत हूँ। छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य के लिए हम सभी को मिलकर कार्य करना है। आपका निरंतर समर्थन और आशीर्वाद इसी तरह बना रहे, यही मेरी कामना है।

प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री निवास में मंत्रीगण,विधायकों और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री श्री साय को बधाई दी। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह,खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल,वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, वन मंत्री श्री केदार कश्यप,महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री को शुभकामनाएं दीं।

इसके साथ ही विधायकगण श्री धरमलाल कौशिक, श्री अजय चंद्राकर,श्री पुरंदर मिश्रा, श्री मोतीलाल साहू, गुरु खुशवंत साहेब, श्री दीपेश साहू और श्री ललित चन्द्राकर सहित विभिन्न आयोग एवं मंडल के अध्यक्षों, सदस्यों ने भी मुख्यमंत्री से भेंट कर जन्मदिन की बधाई दी।

प्रदेशभर से उमड़ा शुभकामनाओं का सैलाब
मुख्यमंत्री श्री साय को प्रदेश के उद्योगपतियों,व्यापारी संगठनों, खेल जगत के प्रतिनिधियों,समाजिक संगठन, दिव्यांग  संगठन,अल्पसंख्यक समाज, समाजसेवियों, शिक्षाविदों और मीडिया जगत के वरिष्ठ जनों ने भी शुभकामनाएँ दीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर सभी का आभार व्यक्त करते हुए प्रदेश के सर्वांगीण विकास और समृद्धि के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर और विकसित प्रदेश बनाने के लिए सरकार प्रत्येक वर्ग के हित में कार्य कर रही है, और यह प्रयास निरंतर जारी रहेगा।

मुख्यमंत्री ने प्रोजेक्ट धड़कन और जिंदगी मुस्कुराएगी के बच्चों संग बांटी खुशियां

जिला प्रशासन रायपुर एवं स्वास्थ्य विभाग की पहल प्रोजेक्ट धड़कन के तहत हृदय रोग की सर्जरी के बाद बच्चे पारुल, नमन शर्मा और हिमांशु ध्रुव और प्रोजेक्ट जिंदगी मुस्कुराएगी के तहत नाक की सर्जरी के बाद नन्ही प्रेमिन साहू ने भी अपने प्रिय मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हें जन्मदिवस की बधाई दी। मुख्यमंत्री बड़ी ही आत्मीयता से इन बच्चों से मिले और उन्हें दुलारते हुए नन्हे नमन शर्मा को अपनी गोद में उठा लिया। मुख्यमंत्री ने छोटी सी उम्र में गंभीर बीमारियों का मुकाबला कर रहे बहादुर बच्चों का खूब हौसला बढ़ाया और बच्चों को गिफ्ट में प्रेरक किताबें भेंट की।

प्रोजेक्ट दिव्य धुन और कला केंद्र के बच्चों ने बांधा समां

मुख्यमंत्री के जन्मदिवस पर प्रोजेक्ट दिव्य धुन के तहत शासकीय दृष्टि एवं श्रवण बाधित विद्यालय मठपुरैना के बच्चों के बच्चों ने गीतों की मधुर प्रस्तुति दी। बच्चों ने बार बार दिन ये आए, अंगना म भारत माता के चिरैया सहित जसजीत, करमा और देवार गीत से समां बांध दिया। मुख्यमंत्री श्री साय बहुत प्रेम से बच्चों से मिले और उनकी कला को सराहा। उन्होंने बच्चों को ट्रैक सूट, लोवर टीशर्ट और प्रोत्साहन राशि भेंट की।

कला केंद्र रायपुर के बच्चे भी अपने चहेते मुख्यमंत्री को जन्मदिन की बधाई देने पहुंचे। कक्षा आठवीं के विद्यार्थी नन्हे आदित्य शर्मा ने अपने द्वारा बनाया मुख्यमंत्री का स्केच उन्हें भेंट किया। वायलिन वादक बच्चे आरीव झा और अमायरा अग्रवाल, तबला वादक योगेश सिंह सहित सभी बच्चों को मुख्यमंत्री ने खूब दुलारा और उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

जन्मदिन की बधाई देने सामाजिक संगठनों और नागरिकों का लगा तांता

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को उनके जन्मदिवस पर बधाई देने बड़ी संख्या में सामाजिक संगठन और नागरिकगण पहुंचे। महिला अधिवक्ताओं ने पगड़ी पहनाकर मुख्यमंत्री का सम्मान किया। सिख समाज ने मुख्यमंत्री को पवित्र कृपाण भेंटकर उन्हें जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं। शदाणी दरबार रायपुर द्वारा मुख्यमंत्री को पवित्र सरोपा भेंट किया गया।

छत्तीसगढ़ रामनामी राम राम भजन संस्था के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को रामनामी मुकुट और शॉल भेंट कर उनका अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री को प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्विद्यालय की बहनों तथा रायपुर प्रेस क्लब, राज्य प्रशासनिक सेवा संघ और छत्तीसगढ़ किसान मोर्चा के सदस्यों ने भी जन्मदिन की बधाई की। हमर चिन्हारी साहित्य समिति के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को उनका एक पोट्रेट भेंट किया।

“CGPSC की प्रारंभिक परीक्षा आज, रायपुर में 48 केंद्रों पर एग्जाम, डिप्टी कलेक्टर से लेकर DSP तक के पद शामिल”

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छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग CGPSC) की राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा आज आयोजित की जा रही है. रायपुर में 48 एग्जाम सेंटर बनाए गए हैं. एग्जाम दो शिफ्ट में होगा.

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा आज आयोजित की जा रही है. यह एग्जाम राज्य के सभी 33 डिस्ट्रिक्ट हेडक्वार्टर (जिला मुख्यालयों) में 265 पोस्ट के लिए हो रहा है.

राजधानी में 48 एग्जाम सेंटर बनाए गए हैं, जहां दो पालियों में परीक्षा होगी. वैकेंसी में 14 डिप्टी कलेक्टर, 28 DSP और 51 नायब तहसीलदार के पद शामिल हैं. जिला प्रशासन ने सिक्योरिटी और गोपनीयता के कड़े इंतज़ाम किए हैं. डिप्टी कलेक्टर से लेकर DSP तक के पद शामिल.

दरअसल, छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए आज का दिन बहुत अहम है. स्टेट सर्विस एग्जाम के ज़रिए सरकारी नौकरी में ऊंचे पद पाने की चाहत रखने वाले हज़ारों कैंडिडेट आज प्रीलिमनरी एग्जाम दे रहे हैं. इस साल, कुल 265 पोस्ट के लिए विज्ञापन जारी किए गए थे, जिनमें सबसे अहम पोस्ट हैं, 14 डिप्टी कलेक्टर, 28 DSP, और 51 नायब तहसीलदार.

CG: छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण पूरा, 1.87 करोड़ से अधिक मतदाता पंजीकृत…

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अर्हता तिथि 1 जनवरी 2026 के आधार पर छत्तीसगढ़ में निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान पूर्ण कर लिया गया है। चार महीने तक चले इस व्यापक अभियान के बाद 21 फरवरी 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया।

अर्हता तिथि 1 जनवरी 2026 के आधार पर छत्तीसगढ़ में निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान पूर्ण कर लिया गया है। चार महीने तक चले इस व्यापक अभियान के बाद 21 फरवरी 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया। अंतिम प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में कुल 1,87,30,914 मतदाता पंजीकृत हैं।

यह अभियान 27 अक्टूबर 2025 से शुरू हुआ था। प्रारूप प्रकाशन के बाद दावे और आपत्तियां 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक स्वीकार किए गए, जिनका निराकरण 14 फरवरी 2026 तक किया गया। इसके बाद अंतिम सूची जारी की गई। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी यशवंत कुमार ने अभियान में सहयोग देने वाले मतदाताओं, निर्वाचन अधिकारियों, कर्मचारियों, राजनीतिक दलों और मीडिया का आभार जताया।

अभियान के दौरान राज्यभर में 27,196 बूथ लेवल अधिकारियों ने घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित किए और मतदाताओं के सत्यापन व मैपिंग का कार्य पूरा किया। कुल 2,12,30,737 मतदाताओं में से 1,84,95,920 से गणना फॉर्म प्राप्त कर उनका डिजिटलीकरण किया गया। सर्वे के दौरान मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित और दोहरी प्रविष्टियों वाले नामों की पहचान की गई।

प्रारूप सूची से पहले प्रदेश में 2,12,30,737 मतदाता दर्ज थे। प्रारूप प्रकाशन के बाद यह संख्या 1,84,95,920 रही, जबकि अंतिम प्रकाशन के बाद कुल 1,87,30,914 मतदाता पंजीकृत हुए। इस प्रकार प्रारूप सूची के बाद अंतिम सूची में 2,34,994 मतदाताओं की शुद्ध वृद्धि दर्ज की गई।

पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान प्राप्त नवीनतम फोटोग्राफ भी अंतिम मतदाता सूची में अद्यतन किए गए हैं। सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को अंतिम सूची की फोटोयुक्त मुद्रित प्रति और बिना फोटो वाली सॉफ्ट कॉपी निःशुल्क उपलब्ध कराई गई है।

अंतिम प्रकाशित निर्वाचक नामावली मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। मतदाता वहां अपने नाम और विवरण की जांच कर सकते हैं। यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल नहीं है, तो वह फॉर्म-6 के माध्यम से आवेदन कर सकता है। जानकारी में त्रुटि होने पर फॉर्म-8 के जरिए संशोधन कराया जा सकता है।

वेबसाइट
https://ceochhattisgarh.nic.in/

वोटर पोर्टल
https://voters.eci.gov.in/

निर्वाचन आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे और अपात्र नामों को सूची से हटाया जाए। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को प्रदेश में मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

CG: डिप्टी सीएम साव ने निर्माणाधीन पुल की धीमी गति पर लगाई फटकार, ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई के दिए निर्देश…

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छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम और मुंगेली के स्थानीय विधायक अरुण साव ने आज शनिवार को लोरमी प्रवास के दौरान ग्राम कारीडोंगरी एवं दरवाजा के बीच मनियारी नदी पर निर्माणाधीन पुल का औचक निरीक्षण कर जायजा लिया।

छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम और मुंगेली के स्थानीय विधायक अरुण साव ने आज शनिवार को लोरमी प्रवास के दौरान ग्राम कारीडोंगरी एवं दरवाजा के बीच मनियारी नदी पर निर्माणाधीन पुल का औचक निरीक्षण कर जायजा लिया। इस दौरान साव ने पुल निर्माण की धीमी गति पर कड़े शब्दों में नाराजगी जताई।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुप्रतीक्षित पुल बन जाने से बड़ी राहत मिलेगी। इसके निर्माण में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। अब तक पुल का निर्माण पूर्ण हो जाना चाहिए था, लेकिन नहीं हुआ है। समय सीमा से काफी पीछे हैं। कम मजदूरों से समय पर काम पूर्ण कैसे होगा?

उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारी से कहा कि बारिश के पूर्व पुल का निर्माण किसी भी स्थिति में पूरा हो जाना चाहिए, क्योंकि वनांचल के ग्रामीणों को बारिश में बड़ी  दिक्कत का सामना करना पड़ता है। पुल नहीं होने से ग्रामीणों का संपर्क कट जाता है। वहीं धीमी गति से निर्माण पर ठेकेदार की सिर्फ नोटिस से काम नहीं चलेगा। पेनाल्टी की जरूरत हो तो वो भी लगाएं।