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प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति की समीक्षा, कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने दी कार्य में तेजी लाने की दिशा निर्देश

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मोहला। कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने आज जिला कार्यालय के सभा कक्ष में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति को लेकर विद्युत विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक की। इस अवसर पर विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता भी उपस्थित रहे।

बैठक में कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने जिले को प्राप्त लक्ष्य के अनुरूप अपेक्षित प्रगति न होने पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह योजना केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना है, जिसका सीधा लाभ आम नागरिकों को मिलना चाहिए। ऐसे में कार्य में तेजी लाने की आवश्यकता है।

कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत पंजीकरण और सोलर रूफटॉप प्लांट की स्थापना संख्या बढ़ाने के लिए अधिक से अधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएं। इन शिविरों के माध्यम से आम नागरिकों को योजना की जानकारी दी जाए और उन्हें सोलर प्लांट लगाने के लिए प्रेरित किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने पंजीयन कार्य को एक महीने के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि सोलर प्लांट स्थापना के लिए वेंडरों का चयन किया जा चुका है। इस पर कलेक्टर ने चयनित वेंडरों को शीघ्र सोलर प्लांट की स्थापना करने का निर्देश दिया और कहा कि किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इसके अलावा, कलेक्टर ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से संबंधित लंबित बैंक ऋण प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने बैंक अधिकारियों को ऋण अस्वीकृत (रिजेक्ट) प्रकरणों की एक-एक कर समीक्षा करने तथा पात्र हितग्राहियों को शीघ्र ऋण स्वीकृत करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विद्युत विभाग, बैंक और अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करना होगा, ताकि जिले के अधिक से अधिक नागरिक इस योजना का लाभ उठा सकें।

कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने यह भी कहा कि इस योजना के अंतर्गत जन जागरूकता अभियान जारी रहना चाहिए ताकि अधिक से अधिक लोग योजना से जुड़ सकें और इसका लाभ उठा सकें।

चिखली पुलिस की कार्यवाही : अशांति फैलाने वाले बदमाश पर की गई प्रतिबंधात्मक कार्यवाही

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राजनांदगांव। चिखली क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए चलाए जा रहे पुलिस अभियान के तहत, आज पुलिस ने राहगीरों से झगड़ा और विवाद कर शांति भंग करने वाले एक बदमाश के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की।

पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पुष्पेन्द्र नायक के मार्गदर्शन में नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वैशाली जैन के पर्यवेक्षण में यह अभियान चलाया गया। इस दौरान चिखली चौकी क्षेत्र में रमन बाजार में बदमाश अमन उर्फ डोरे डोंगरे (18 वर्ष), निवासी शंकरपुर वार्ड नं. 10, ओपी चिखली को गिरफ्तार किया गया। आरोपी पर राहगीरों से झगड़ा करने और वाद-विवाद कर शांति भंग करने का आरोप था। पुलिस ने आरोपी को धारा 170, 126, 135(3) बीएनएसएस के तहत गिरफ्तार किया और माननीय न्यायालय राजनांदगांव में पेश कर जेल भेज दिया।

चिखली पुलिस द्वारा इस तरह की कार्रवाई की जा रही है ताकि क्षेत्र में अवैध गांजा, शराब बिक्री, असामाजिक तत्वों और गुंडा बदमाशों पर कड़ी नजर रखी जा सके। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा और सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वाले लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

चौकी प्रभारी उप निरीक्षक कैलाश चन्द्र मरई, सउनि शत्रुहन टण्डन और चौकी चिखली के स्टाफ ने इस कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और शांति व्यवस्था बनाए रखने में अहम योगदान दिया।

सड़क सुरक्षा माह में नाटकीय अभियान, यातायात नियमों का पालन करने की दी अपील

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राजनांदगांव। सड़क सुरक्षा माह के अवसर पर आज यातायात जागरूकता के लिए एक अनोखा नाटकीय अभियान आयोजित किया गया। पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पुष्पेन्द्र नायक के मार्गदर्शन में यातायात प्रभारी और टीम के साथ यूनिसेफ जिला समन्वयक दिव्या राजपुत एवं टीम ने जय स्तम्भ चौक में नाटकीय प्रस्तुति के माध्यम से आमजन को यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया।

इस अभियान में यमराज और चित्रगुप्त के किरदार के माध्यम से वाहन चालकों को चेतावनी दी गई कि बिना सीट बेल्ट चारपहिया वाहन चलाना, बिना हेलमेट दुपहिया वाहन चलाना और तीन सवारी लेकर दुपहिया वाहन चलाना खतरनाक है। साथ ही वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात न करने, तेज गति से वाहन न चलाने और नशे की हालत में वाहन न चलाने पर जोर दिया गया।

यातायात पुलिस ने कहा कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा और आमजन को यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूक करने का उद्देश्य है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अपने और परिवार के जीवन की सुरक्षा के लिए हमेशा हेलमेट पहनें, सीट बेल्ट का उपयोग करें, नियंत्रित गति से वाहन चलाएँ और नियमों का पालन करें।

यूनिसेफ टीम और पुलिस के इस प्रयास से शहरवासियों को नाटकीय और संवादात्मक तरीके से सड़क सुरक्षा के महत्व को समझने का अवसर मिला।

अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चौकी तुमडीबोड पुलिस की बड़ी कार्रवाई : 16 पेटी शराब, 12 लाख रुपये की जप्ती

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राजनांदगांव। राजनांदगांव जिले में अवैध शराब की तस्करी को लेकर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। चौकी तुमडीबोड थाना लालबाग पुलिस ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर एक संदेहास्पद वाहन को रोका और उसमें से 16 पेटी मध्यप्रदेश निर्मित अंग्रेजी शराब और ₹12,22,096/- की कीमत के मोबाइल जब्त किए हैं। पुलिस ने आरोपी हिमांशु निर्मलकर के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

घटना का विवरण:
पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देश पर चौकी तुमडीबोड पुलिस ने 18 जनवरी 2026 को एक संयुक्त टीम गठित की। मुखबिर से मिली सूचना पर पुलिस ने नेशनल हाईवे में ग्राम कोहका के पास वाहन नंबर CG 08 BC 5628 को रोककर उसकी तलाशी ली। इस दौरान, आरोपी हिमांशु निर्मलकर (22 वर्ष), निवासी कुरूद, जिला धमतरी (छत्तीसगढ़) के कब्जे से 16 पेटी (147 लीटर) अंग्रेजी शराब जब्त की गई। इसके साथ ही, आरोपी के पास से ₹12,22,096/- की कीमत के मोबाइल भी बरामद किए गए।

आरोपी की पहचान:
आरोपी का नाम हिमांशु निर्मलकर, पिता – स्व. मोहन निर्मलकर, उम्र – 22 वर्ष, निवासी कुरूद, थाना कुरूद, जिला धमतरी (छत्तीसगढ़) है।

सख्त कार्रवाई:
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। इसके अलावा, अन्य आरोपियों की तलाश के लिए टीम रवाना कर दी गई है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि अवैध शराब की तस्करी करने वालों के खिलाफ यह कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

मुख्य अधिकारियों की भूमिका:
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पुष्पेन्द्र नायक और नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वैशाली जैन के मार्गदर्शन में की गई। चौकी प्रभारी दिलीप पटेल और साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक विनय पम्मार की अहम भूमिका रही।

पुलिस का संदेश:
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अवैध गतिविधि के बारे में सूचना देने में संकोच न करें, ताकि ऐसी तस्करी की घटनाओं को रोका जा सके और समाज में कानून का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

पुलिस और परिवहन विभाग ने संयुक्त रूप से स्कूल बसों की जांच की, दो बसें अनफिट पाई गईं

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राजनांदगांव। सड़क सुरक्षा माह के तहत पुलिस और परिवहन विभाग ने आज शहर के विभिन्न स्कूलों की स्कूली बसों का संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पुष्पेन्द्र नायक और अति. क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्री आनंद शर्मा के मार्गदर्शन में परिवहन स्टाफ एवं यातायात पुलिस ने संस्कार सिटी स्कूल, युगान्तर पब्लिक स्कूल, एरॉन जेस्टसन, यशोदा पब्लिक स्कूल, गायत्री विद्यापीठ, गायत्री गुरूकुल, अजीज पब्लिक स्कूल, एनबीआईएस बोरी, एनपीपीएस, रॉयल किड्स कॉन्वेंट, अधविता पब्लिक स्कूल, स्वामी विवेकानंद, दिल्ली पब्लिक स्कूल, नीरज विद्या मंदिर, आरपीएस स्कूल, सरस्वती शिशु मंदिर डोंगरगढ़ और अनुपम विद्यालय सहसपुर दल्ली की 104 स्कूल बसों का भौतिक सत्यापन और दस्तावेज जांच की।

जांच में 2 बसें अनफिट पाई गईं और संचालकों से 4,300/- रुपये जुर्माना वसूला गया। इसके साथ ही डॉ. नरेश चंद्रलांगे (नेत्र रोग विशेषज्ञ) और डॉ. गौरव (चिकित्सा अधिकारी) की उपस्थिति में बस चालकों का नेत्र और स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया।

निरीक्षण के दौरान स्कूल बसों में सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत सुरक्षा उपायों की जांच की गई। इनमें पीला रंग, खिड़कियों में समानांतर जॉली, प्राथमिक उपचार पेटी, अग्निशमन यंत्र, प्रशिक्षित परिचालक, भारी वाहन चलाने का पांच वर्ष का अनुभव, सीट के नीचे पर्याप्त जगह, स्पीड गवर्नर, विश्वसनीय लॉकिंग सिस्टम, आपातकालीन दरवाजा, वैध बीमा, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र, कर प्रमाण पत्र और 12 वर्ष से अधिक पुरानी न होना शामिल हैं।

पुलिस और परिवहन विभाग ने सभी स्कूल बस संचालकों से अपील की है कि विद्यार्थी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें, यातायात नियमों का पालन करें और बच्चों को सुरक्षित परिवहन उपलब्ध कराएं।

सरपंच-उपसरपंचों को वीबी-जीराम-जी की दी गई जानकारी, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

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मोहला। जिले में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तत्वावधान में विकसित भारत रोजगार गारंटी एवं आजीविका मिशन ग्रामीण के अंतर्गत वीबी-जीराम-जी (विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम 2025) के तहत सरपंच एवं उपसरपंचों के लिए आधारभूत अभिमुखीकरण एवं तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले की ग्राम पंचायतों के नव-निर्वाचित सरपंच एवं उपसरपंचों को योजना के उद्देश्य, प्रावधान एवं क्रियान्वयन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि वीबी-जीराम-जी योजना के अंतर्गत 125 दिनों की रोजगार गारंटी, समय पर मजदूरी भुगतान तथा बेरोजगारी भत्ते के बेहतर प्रावधान शामिल किए गए हैं।

कार्यक्रम के दौरान ग्राम सभा के माध्यम से विकसित ग्राम पंचायत योजना (वीजीपीपी) तैयार करने, वीजीपीपी में विभिन्न विभागीय योजनाओं के समन्वय तथा तकनीक के उपयोग से ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया। योजना के तहत जल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए जल संरक्षण, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, भू-जल पुनर्भरण, जल स्रोतों का पुनर्जीवन, वाटरशेड विकास और वनीकरण जैसे कार्यों को प्राथमिकता देने की जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण सत्र में मनरेगा, आजीविका संवर्धन, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, पारदर्शिता, जवाबदेही एवं सामाजिक अंकेक्षण जैसे विषयों पर भी मार्गदर्शन किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों को जानकारी पत्रक एवं प्रशिक्षण सामग्री का वितरण भी किया गया।

इस अवसर पर जिला पंचायत के सीईओ ने सरपंच एवं उपसरपंचों से आह्वान किया कि वे ग्राम सभा को सशक्त बनाते हुए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, ताकि बेहतर रोजगार गारंटी, आजीविका सृजन और कुशल शासन के माध्यम से विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल किया जा सके।

कार्यक्रम के अंत में सभी सरपंच एवं उपसरपंचों ने अपनी-अपनी ग्राम पंचायतों में रोजगार, आजीविका एवं जल संरक्षण आधारित विकास कार्यों को प्राथमिकता देने का संकल्प लिया।

खेतों में पहुंचीं कलेक्टर, किसानों से किया सीधा संवाद, रबी फसलों का लिया जायजा

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मोहला। कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने जिले के विभिन्न गांवों का दौरा कर खेतों में उतरकर रबी एवं उद्यानिकी फसलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से सीधे संवाद कर खेती की वर्तमान स्थिति, लागत और लाभ की जानकारी ली। कलेक्टर ने किसानों को धान के स्थान पर वैकल्पिक फसलों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि इससे न केवल अधिक लाभ मिलेगा, बल्कि जल की भी बचत होगी।

निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ श्रीमती भारती चन्द्राकर, एसडीएम मानपुर श्री अमित नाथ योगी सहित कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

मक्का की खेती से बदल रही सोच
कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने ग्राम तुमडीकसा निवासी किसान श्री भागवत पिस्दा के चार एकड़ क्षेत्र में लगी मक्का फसल का जायजा लिया। किसान ने बताया कि फसल अच्छी स्थिति में है और करीब 20 क्विंटल उत्पादन की संभावना है। उन्होंने बताया कि लगातार अच्छे उत्पादन और मुनाफे के कारण अब आसपास के कई किसान भी धान छोड़कर मक्का की खेती कर रहे हैं।

इसके बाद कलेक्टर ने कहगांव में किसानों द्वारा सामूहिक रूप से लगाई गई मक्का फसल का निरीक्षण किया। किसानों ने बताया कि धान की खेती में पानी की खपत अधिक होती है, जबकि मक्का कम पानी में बेहतर उत्पादन देता है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में मक्का सहित अन्य वैकल्पिक फसलों के प्रदर्शन प्लॉट लगाए गए हैं, जिससे किसानों को नई तकनीकों की जानकारी मिल रही है।

सब्जी और बागवानी से मिल रही बेहतर आय
कलेक्टर उद्यानिकी विभाग के हितग्राही श्री व्यास पिस्दा के खेत भी पहुंचीं, जहां उन्होंने पत्ता गोभी और टमाटर की उन्नत किस्मों की खेती का अवलोकन किया। किसान ने बताया कि सब्जी उत्पादन से उन्हें अच्छी आमदनी हो रही है।

इसी तरह ग्राम भटगांव के किसान श्री सुभाकार के बागवानी क्षेत्र का निरीक्षण किया गया। उन्होंने रेड लेडी पपीता की खेती के साथ-साथ लाख पालन के प्रयोगों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में वे ऑयल पाम के पौधारोपण की तैयारी कर रहे हैं। किसान ने कहा कि खेती में नए प्रयोग करने से आय बढ़ रही है और खेतों में काम करने वाले मजदूर भी आधुनिक कृषि तकनीकों से लाभान्वित हो रहे हैं।

नवाचार से बदल रही खेती की तस्वीर
कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने शासकीय उद्यान रोपणी खड़गांव का भी अवलोकन किया। उन्होंने किसानों की पहल की सराहना करते हुए कहा कि उन्नत तकनीक और विविध फसलों को अपनाकर किसान आर्थिक रूप से मजबूत बन सकते हैं। उन्होंने कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन और शासन की योजनाओं का लाभ लगातार उपलब्ध कराया जाए।

शेष हितग्राहियों की ई-केवाईसी के लिए ‘ई-केवाईसी सप्ताह’ आयोजित करने के निर्देश

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मोहला। छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष श्री संदीप शर्मा ने जिले में शेष हितग्राहियों की ई-केवाईसी शीघ्र पूर्ण करने के लिए विशेष अभियान के रूप में “ई-केवाईसी सप्ताह” आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिले में अब भी 18 हजार 771 सदस्य ई-केवाईसी से वंचित हैं, जिन्हें अभियान चलाकर जल्द से जल्द जोड़ा जाए।

राज्य खाद्य आयोग अध्यक्ष श्री शर्मा की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में सार्वजनिक वितरण प्रणाली, पूरक पोषण आहार योजना, मध्यान्ह भोजन योजना तथा शासकीय आश्रम एवं छात्रावासों में बीपीएल दर पर खाद्यान्न प्रदाय व्यवस्था की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

पीडीएस दुकानों की व्यवस्था पर जोर
बैठक में अध्यक्ष श्री शर्मा ने उचित मूल्य दुकानों में एपीएल एवं अन्य चावल का पृथक-पृथक भंडारण सुनिश्चित करने, नान परिवहनकर्ता द्वारा तौल कर ही दुकानों को चावल प्रदाय करने, दुकानों में सभी अनिवार्य सूचनाओं का स्पष्ट प्रदर्शन तथा दुकानों के नियमित संचालन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खाद्यान्न वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता स्वीकार्य नहीं होगी।

पोषण योजनाओं का प्रतिपरीक्षण
पूरक पोषण आहार योजना की समीक्षा के दौरान अध्यक्ष श्री शर्मा ने पोषण ट्रैकर में दर्ज बच्चों की संख्या एवं वास्तविक उपस्थिति का प्रतिपरीक्षण करने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में आवश्यक सूचनाओं के प्रदर्शन को अनिवार्य बताया।

मध्यान्ह भोजन व छात्रावासों में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान
उन्होंने जिले के समस्त शासकीय विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन योजना के अंतर्गत प्रति डाइट निर्धारित मात्रा के अनुसार चावल, दाल, सब्जी एवं अन्य सामग्री के उपयोग तथा दैनिक मेन्यू के प्रदर्शन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। फोर्टिफाइड चावल को सही विधि से पकाने पर भी विशेष जोर दिया गया।
ट्राइबल विभाग द्वारा संचालित शासकीय आश्रम एवं छात्रावासों में पौष्टिक भोजन की गुणवत्ता, प्रति छात्र खाद्यान्न पात्रता तथा खाद्य विभाग के कॉल सेंटर नंबर का स्थायी प्रदर्शन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

अनियमितता पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश
बैठक में ग्राम पंचायत कनेरी की उचित मूल्य दुकान में खाद्यान्न वितरण में पाई गई अनियमितता पर कड़ी कार्रवाई करते हुए आगामी चार दिवस में हितग्राहियों को खाद्यान्न वितरण प्रारंभ कराने के निर्देश दिए गए। आयोग के दल द्वारा खड़गांव एवं कनेरी की उचित मूल्य दुकानों का निरीक्षण किया गया, जिसमें खड़गांव में एपीएल एवं बीपीएल चावल पृथक रखने के निर्देश दिए गए।

इसी क्रम में खड़गांव आंगनबाड़ी केंद्र, अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास खड़गांव तथा माध्यमिक एवं प्राथमिक शाला कनेरी का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान भोजन की गुणवत्ता, दैनिक मेन्यू प्रदर्शन एवं निर्धारित मानकों के पालन के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।

बैठक में कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति, राज्य खाद्य आयोग के सदस्य सचिव श्री राजीव कुमार जायसवाल सहित जिला पंचायत, खाद्य, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा एवं आदिवासी विभाग के वरिष्ठ एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

नवागांव में निर्माणाधीन फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट का कलेक्टर ने किया निरीक्षण, गुणवत्ता और समय-सीमा पर दिया जोर

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मोहला। कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने ग्राम पंचायत तोलुम के आश्रित ग्राम नवागांव का दौरा कर स्वच्छ भारत मिशन के तहत आरईएस द्वारा निर्माणाधीन फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (मल कीचड़ उपचार संयंत्र) का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को तकनीकी प्लान के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने और तय समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, संसाधनों की उपलब्धता और कार्य की गति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि यह प्लांट स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण है, इसलिए कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पीएम आवास हितग्राहियों से की चर्चा
कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने नवागांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से भी बातचीत की। उन्होंने श्री शगनु राम और श्री धनलाल के निर्माणाधीन आवासों का निरीक्षण कर प्रगति की जानकारी ली और निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। हितग्राही श्री धनलाल ने बताया कि आवास निर्माण शुरू हुए लगभग तीन माह हो चुके हैं और जल्द ही कार्य पूरा कर लिया जाएगा।

एसआईआर कार्यों का अवलोकन, पलायन मतदाताओं की जानकारी ली
इसके बाद कलेक्टर एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) कार्यों के निरीक्षण के लिए खड़गांव पहुंचीं। उन्होंने एसआईआर के तहत चल रहे कार्यों का अवलोकन करते हुए पलायन कर चुके मतदाताओं की जानकारी ली। साथ ही ग्राम सभा आयोजन और नोटिस तामिली की प्रक्रिया समय पर पूरी करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए तैयार दस्तावेजों की समीक्षा कर आवश्यक सुधार और त्वरित कार्रवाई के निर्देश भी दिए।

इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्रीमती भारती चन्द्राकर, एसडीएम मानपुर श्री अमित नाथ योगी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

राज्य खाद्य आयोग अध्यक्ष संदीप शर्मा ने जिले में किया पीडीएस, छात्रावास और आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण

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मोहला। छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष श्री संदीप शर्मा आज जिले के एक दिवसीय दौरे पर रहे, जहां उन्होंने पीडीएस दुकानों, छात्रावासों और आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, पोषण आहार और स्वच्छता व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। उनके साथ आयोग के सचिव श्री राजीव जायसवाल, अपर कलेक्टर श्री जीआर मरकाम, एसडीएम मोहला श्री हेमेंद्र भुआर्य और अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।

पीडीएस दुकानों की समय पर संचालन और उचित राशन वितरण पर जोर
राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष श्री शर्मा ने सबसे पहले खड़गांव में स्थित मां बम्लेश्वरी किरण स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित पीडीएस दुकान का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने खाद्य सामग्रियों के स्टॉक का निरीक्षण किया और राशन वितरण के नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही चावलों की सुरक्षा के लिए तारपोलिन बिछाने का निर्देश दिया। श्री शर्मा ने समूह की सराहना करते हुए समय पर दुकान खोलने और राशन वितरण में कोई अनियमितता न होने के लिए भी संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।

वहीं, मोहला विकासखंड के ग्राम कनेरी में स्थित पीडीएस दुकान का निरीक्षण करते हुए अनियमितताएं पाई गईं, जिस पर उन्होंने त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने पीडीएस दुकानों को नियत समय पर खोलने और उचित राशन वितरण को सुनिश्चित करने का सख्त आदेश दिया।

छात्रावास और आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण, बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान
राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष ने आदिम जाति विकास विभाग द्वारा संचालित प्री मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास, खड़गांव का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने किचन, स्टोर और साफ-सफाई की स्थिति का अवलोकन किया और बच्चों से भोजन की गुणवत्ता के बारे में जानकारी ली। बच्चों ने बताया कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलता है, जिसे श्री शर्मा ने सराहा। उन्होंने छात्रों के सही पोषण हेतु भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही छात्रावास अधीक्षक को सामग्री का स्टॉक रजिस्टर बनाने और सही तरीके से उसका संधारण करने को कहा।

आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करते हुए श्री शर्मा ने बच्चों के भोजन की गुणवत्ता का निरीक्षण किया और दाल की गुणवत्ता में सुधार की बात की। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र को बच्चों के लिए मनोरम पेंटिंग से सुसज्जित करने के भी निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने बच्चों के बेहतर पोषण के लिए फोर्टिफाइड चावल के सही उपयोग के बारे में जानकारी दी और अधिकारियों को इसके संबंध में जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए।

किचन गार्डन की सराहना, बच्चों को प्रोत्साहित किया
श्री शर्मा ने प्री मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास के किचन गार्डन का भी निरीक्षण किया, जहां बच्चों ने ताजे और पौष्टिक फल-सब्जियां उगाई हैं। उन्होंने बच्चों की इस पहल की सराहना करते हुए इसे एक अच्छा कदम बताया, जो उन्हें ताजे और स्वास्थ्यवर्धक भोजन उपलब्ध कराता है।

साथ ही, उन्होंने बच्चों से अंग्रेजी और गणित में अधिक मेहनत करने का आग्रह किया और कहा कि जैसे हम हिंदी को बिना झिझक बोलते हैं, वैसे ही बच्चों को अंग्रेजी बोलने में भी आत्मविश्वास विकसित करना चाहिए। उन्होंने छात्रों से कहा कि शब्दकोश बढ़ाने और दोस्तों के साथ नियमित अभ्यास से वे अंग्रेजी में भी आत्मविश्वास से बात कर सकते हैं।

निष्कर्ष
राज्य खाद्य आयोग अध्यक्ष श्री संदीप शर्मा के इस औचक निरीक्षण ने न केवल विभागीय कार्यों की समीक्षा की, बल्कि बच्चों के पोषण आहार, स्वच्छता और समय पर पीडीएस दुकानों के संचालन की दिशा में भी अहम सुधार की दिशा दिखाने का कार्य किया। उनका यह दौरा जिले के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक चेतावनी भी है कि वे सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन में कोई कोताही न बरतें।