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छत्तीसगढ में रेलयात्रियों के लिए 16 मेमू स्पेशल ट्रेनें 7 अक्टूबर से अनिश्चितकाल के लिए रद्द!

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छत्तीसगढ : रेलवे ने यात्रियों को बड़ा झटका दिया है. दरअसल, रेलवे ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की 16 मेमू स्पेशल ट्रेनें 7 अक्टूबर से अनिश्चितकाल के लिए रद्द कर दिया है , ये ट्रेनें कब से चलेंगी यह स्पष्ट नहीं है.

15 अक्टूबर से नवरात्रि शुरू होने जा रही है, ऐसे में रेलयात्रियों की परेशानी और बढ़ने वाली है. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के विभिन्न सेक्शनों में गतिशीलता के उन्नयन और विभिन्न सुरक्षा संबंधी रखरखाव कार्यों में सुधार और मेंटेनेंस के लिए कुछ गाड़ियों का परिचालन अनिश्चितकाल के लिए रद्द कर दिया है.

आगामी आदेश तक रद्द रहने वाली ट्रेनें

  1. रायपुर-गेवरा रोड मेमू पैसेंजर स्पेशल 6 अक्टूबर से अगले आदेश तक.
  2. गेवरा रोड-रायपुर मेमू पैसेंजर स्पेशल 7 अक्टूबर से अगले आदेश तक
  3. बिलासपुर -शहडोल-बिलासपुर मेमू पैसेंजर स्पेशल 6 अक्टूबर से अगले आदेश तक
  4. रायपुर-डोगरगढ़ मेमू पैसेंजर स्पेशल 6 अक्टूबर से अगले आदेश तक
  5. डोंगरगढ़-रायपुर मेमू पैसेंजर स्पेशल 7 अक्टूबर से अगले आदेश तक
  6. रायपुर-दुर्ग-रायपुर मेमू पैसेंजर स्पेशल 6 अक्टूबर से अगले आदेश तक
  7. इतवारी-बालाघाट-इतवारी मेमू पैसेंजर स्पेशल 6 अक्टूबर से अगले आदेश तक
  8. गोंदिया-कटंगी-गोंदिया डेमू पैसेंजर स्पेशल 6 अक्टूबर से अगले आदेश तक
  9. गोंदिया-कटंगी पैसेंजर स्पेशल 6 अक्टूबर से अगले आदेश तक
  10. कटंगी-गोंदिया पैसेंजर स्पेशल 7 अक्टूबर से अगले आदेश तक
  11. मेमू पैसेंजर स्पेशल 6 अक्टूबर से अगले आदेश तक अगले आदेश तक
  12. वड़सा-चान्दा फोर्ट मेमू पैसेंजर स्पेशल 7 अक्टूबर से अगले आदेश तक
  13. चाँदा फोर्ट-गोंदिया मेमू पैसेंजर स्पेशल 7 अक्टूबर से अगले आदेश तक
  14. डोंगरगढ़-गोंदिया मेमू पैसेंजर स्पेशल 6 अक्टूबर से अगले आदेश तक
  15. गोंदिया-रायपुर मेमू पैसेंजर स्पेशल 7 अक्टूबर से अगले आदेश तक

2000 रुपये के नोट पर आरबीआई गवर्नर का बड़ा बयान, दी ये अहम जानकारी

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आरबीआई गवर्नर ने आरबीआई पॉलिसी की बैठक के बाद प्रेस वार्ता के दौरान 2000 रुपये के नोटों को लेकर अहम जानकारी. यह जानकारी ऐसे समय पर आई है जब बैंकों में नोटों को डिपॉजिट और एक्सचेंज करने की डेडलाइन कुछ ही घंटों में खत्म होने वाली है.

2000 रुपये के नोट को बैंकों में एक्सचेंज और डिपॉजिट करने की डेडलाइन 7 अक्टूबर है. उससे पहले ये डेडलाइन 30 सितंबर तय की गई थी. बाद में इसमें इजाफा कर 7 अक्टूबर कर दिया गया था. आरबीआई ने 2000 रुपये के नोटों को वापस लेने काच ऐलान 19 मई को किया था और 23 मई से इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई थी. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर आरबीआई गवर्नर की ओर से 2000 रुपये के नोट को लेकर क्या कहा गया है.

आरबीआई गर्वनर ने दी जानकारी

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने 2000 रुपये के नोट को लेकर अहम जानकारी दी है. उन्होंने से बताया कि मई से वापस आए 3.43 लाख करोड़ रुपये के 2,000 रुपये के नोट में से 87 फीसदी बैंकों में डिपॉजिट के रूप में आए हैं. उन्होंने कहा कि अब भी मार्केट में 12 हजार करोड़ रुपये के 2000 रुपये के नोट फ्रीज हैं और बैंकिंग सिस्टम में नहीं लौटे हैं. इन नोटों का भी बैंकों को इंतजार है. 12 हजार करोड़ रुपये कम नहीं है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर 7 अक्टूबर के बाद इन रुपयों का क्या होगा? कहीं ये रुपया बेकार तो नहीं हो जाएगा? इसी तरह के कई सवाल सभी दिमांग में कौंध रहे हैं.

कल के बाद क्या होगा?

7 अक्टूबर, 2023 के बाद, 2000 बैंक नोटों के एक्सचेंज की अनुमति सिर्फ 19 आरबीआई इश्यू ऑफिस में दी जाएगी. प्रति लेनदेन अधिकतम 20,000 रुपये के नोट की कैश डिपॉजिट लिमिट होगी. आरबीआई के 19 इश्यू ऑफिस में से किसी में भी, लोग या संस्थाएं अपने भारतीय बैंक खातों में किसी भी राशि के क्रेडिट के लिए 2000 रुपये के बैंक नोट दे सकते हैं. इन नोटों को डाक विभाग के माध्यम से आरबीआई तक भेजने की भी सुविधा है. वहीं कोर्ट, लीगल इंफोर्समेंट एजेंसीज, सरकारी विभाग या इंवेस्टीगेशन या इंफोर्समेंट शामिल कोई दूसरी पब्लिक अथॉरिटी, जब भी आवश्यक हो, बिना किसी मिलिट के 19 आरबीआई इश्यू ऑफिस में से किसी में भी 2000 रुपये के बैंक नोट डिपॉजिट या एक्सचेंज करा सकते हैं.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह : नक्सलवाद को लेकर कहा कि ये “मानवता के लिए अभिशाप” है

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Amit Shah : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को नक्सलवाद को लेकर कहा कि ये “मानवता के लिए अभिशाप” है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार वामपंथी उग्रवाद को जड़ से उखाड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।

राष्ट्रीय राजधानी में वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) पर एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करने से कुछ घंटे पहले शाह ने ‘एक्स’ पर लिखा कि नक्सलवाद मानवता के लिए एक अभिशाप है और हम इसे सभी रूपों में उखाड़ फेंकने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण और हमारे प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए आज नई दिल्ली में वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) पर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करने के लिए उत्सुक हूं।

वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित राज्यों के सीएम के साथ मिलकर करेंगे समीक्षा

बता दें कि गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार को वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) पर समीक्षा बैठक की अध्यक्षा करेंगे। इसमें बिहार, ओडिशा, महाराष्ट्र, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, झारखंड, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और केरल के मुख्यमंत्रियों, गृह मंत्रियों या उनके प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। इन राज्यों में वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) से प्रभावित माना जाता है। बैठक में केंद्रीय गृह सचिव, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के शीर्ष अधिकारी और केंद्र और राज्य सरकारों के कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे। नियमित अंतराल पर होने वाली समीक्षा बैठक का उद्देश्य नक्सल प्रभावित राज्यों के विकास के साथ-साथ देश को वामपंथी उग्रवाद मुक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को पूरा करना है। वामपंथी उग्रवाद पर नकेल कसने के लिए केंद्र और राज्यों के संयुक्त प्रयासों से पिछले कुछ वर्षों में इस दिशा में काफी सफलता देखने को मिली है। संयुक्त कार्रवाई से नक्सली हिंसा की घटनाओं में उल्लेखनीय गिरावट आई है।

वामपंथी उग्रवाद के खतरे को संबोधित करने के लिए 2015 में बनी राष्ट्रीय नीति

हालांकि, केंद्र सरकार का मानना ​​है कि जब तक देश वामपंथी उग्रवाद की समस्या से पूरी तरह छुटकारा नहीं पा लेता, तब तक नक्सली आतंक से प्रभावित राज्य अपनी वास्तविक क्षमता का एहसास नहीं कर सकते। वामपंथी उग्रवाद कई दशकों से एक महत्वपूर्ण सुरक्षा चुनौती रहा है। गृह मंत्रालय (एमएचए) ने वामपंथी उग्रवाद के खतरे को समग्र रूप से संबोधित करने के लिए 2015 में एक ‘राष्ट्रीय नीति और कार्य योजना’ बनाई थी और प्रगति और स्थिति की सख्ती से निगरानी की जा रही है। वामपंथी उग्रवाद के प्रभाव को राज्यों से जड़ से उखाड़ने के लिए गृह मंत्रालय इसके लिए मदद कर रहा है। सरकार की तरफ से नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए सीएपीएफ, हेलीकॉप्टरों और आईआरब और विशेष इंडिया रिजर्व बटालियनों की मंजूरी देकर सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने में राज्य सरकारों का समर्थन कर रही है।

नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई महत्वपूर्ण चरण में

अमित शाह के अनुसार, वामपंथी उग्रवाद प्रभावित राज्यों के विकास के लिए भारत सरकार ने कई विकासात्मक पहल की हैं। जिनमें 17,600 किलोमीटर सड़क को मंजूरी देना शामिल है। वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों में दूरसंचार कनेक्टिविटी में सुधार के लिए नए मोबाइल टावर लगाए जा रहे हैं। वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों में लोगों के वित्तीय समावेशन के लिए कई डाकघर, बैंक शाखाएं, एटीएम और बैंकिंग संवाददाता खोले गए हैं। वामपंथी उग्रवाद के खतरे के खिलाफ लड़ाई अब एक महत्वपूर्ण चरण में है और सरकार जल्द से जल्द इस खतरे को मामूली स्तर तक कम करने को लेकर आशावादी है।

Covid-19 : अब भारत में 379 सक्रिय मामले दर्ज किये गए!

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कोरोना संक्रमितों के आंकड़ों के पुनर्मिलान के बाद भारत में कोरोना वायरस के 250 नये मामले जोड़े गए. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी.

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक भारत में अब कोरोना वायरस के सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 379 हो गई है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के गुरुवार सुबह आठ बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, भारत में कोरोना वायरस संक्रमण से जान गंवाने वाले लोगों की संख्या 5,32,034 है. वहीं देश में संक्रमितों की संख्या 4,49,99,204 हो गई है.

वहीं आंकड़ों के मुताबिक, इस बीमारी से उबरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 4,44,66,791 हो गई है और स्वस्थ होने वाले लोगों की राष्ट्रीय दर 98.81 प्रतिशत है. कोविड-19 से मृत्यु दर 1.18 प्रतिशत दर्ज की गई है. मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, अब तक देशव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत कोविड-19 रोधी टीके की 220.67 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी है.

कहां कितने सक्रिय मामले
वहीं महाराष्ट्र में 107 मामले सक्रिय हैं, जबकि पश्चिम बंगाल में सक्रिय मामलों की संख्या 95 है. इसी तरह उत्तर प्रदेश में 56, कर्नाटक में 17, केरल में 24, दिल्ली में 22, और गुजरात में 11 सक्रिय मामले हैं. आंकड़ों को देखें तो देश में अब सक्रिय मामलों की दर 0.00 प्रतिशत है, जबकि रिकवरी दर 98.81 फीसदी पर पहुंच चुकी है. महाराष्ट्र में 81,71,656 मामलों की पुष्टि हो चुकी है. इनमें से 80,22,988 ठीक हो चुके हैं. वहीं दूसरे नंबर पर केरल है जहां अब तक 69,07,322 मामले सामने आ चुके हैं.

बता दें कि, तीसरे नंबर पर कर्नाटक है, जहां अब तक 40,88,851 मामले सामने आ चुके हैं. तमिलनाडु में 36,10,685, आंध्रप्रदेश 23,40,676, उत्तरप्रदेश में 21,45,453, पश्चिम बंगाल में 21,26,424, दिल्ली में 20,40,995, ओडिशा में 13,48,378, राजस्थान में 13,26,466 जबकि गुजरात में भी अब तक संक्रमण के करीब 12,91,404 मामले सामने आ चुके हैं. जबकि उनमें से 12,80,314 मरीज ठीक हो चुके हैं.

5 राज्यों के चुनावों की तारीख के ऐलान से पहले EC की ऑब्जर्वर के साथ आज अहम बैठक, इन मुद्दों पर होगी चर्चा

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मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर चुनाव आयोग आज शुक्रवार (06 अक्टूबर) को ऑब्जर्वर के साथ एक अहम बैठक करने जा रहा है.

इस बैठक को चुनाव आयोग के अंतिम तैयारी के तौर पर देखा जा सकता है और चुनाव को कैसे संपन्न करवाना है इससे जुड़े हुए तमाम बिंदुओं पर चर्चा होगी. बैठक सुबह करीब 11 बजे शुरू हो सकती है.

बता दें कि निर्वाचन आयोग इन सभी पांच राज्यों का दौरा कर चुका है. बीते दिन यानी गुरुवार (05 अक्टूबर) को तेलंगाना राज्य का दौरा भी पूरा हो चुका है. ऑब्जर्वर के साथ इस बैठक के बाद चुनाव आयोग इन पांच राज्यों में चुनाव की तारीख का ऐलान कभी भी कर सकता है. मीटिंग में चुनाव कराने की रणनीति पर चर्चा की जाएगी.

बैठक के अहम बिंदु

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक निर्वाचन आयोग के पुलिस, सामान्य और व्यय पर्यवेक्षकों की दिनभर होने वाली इस बैठक का उद्देश्य यह सुनिश्चित करने के लिए रणनीति को सुव्यवस्थित करना है कि आदर्श आचार संहिता प्रभावी ढंग से लागू हो और धन और बाहुबल पर लगाम कसी जा सके.

आयोग ने अब तक राजस्थान, मिजोरम, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में चुनाव तैयारियों का जायजा लिया है. आयोग का एक दल तेलंगाना का भी दौरा कर चुका है. निर्वाचन आयोग अगले कुछ दिनों में पांच राज्यों में चुनाव की घोषणा कर सकता है.

छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, मिजोरम और राजस्थान में नवंबर-दिसंबर में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है. मिजोरम विधानसभा का कार्यकाल इस साल 17 दिसंबर को खत्म हो रहा है. पूर्वोत्तर राज्य में मिजो नेशनल फ्रंट सत्ता में है.

तेलंगाना, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और राजस्थान की विधानसभाओं का कार्यकाल अगले साल जनवरी में अलग-अलग तारीखों पर समाप्त हो रहा है. तेलंगाना में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) का शासन है, जबकि मध्य प्रदेश में बीजेपी की सरकार है. छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस की सरकारें हैं.

Maharashtra : शिंदे का ‘CM’ पद और अजित पवार की विधायकी

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महाराष्ट्र: महाराष्ट्र में सियासी माहौल गरमाया हुआ है, संजय राउत किसी न किसी मुद्दे से सत्ता पक्ष पर निशाना साधते रहे है। शिवसेना ठाकरे गूट के सांसद संजय राउत ने कहा कि “उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा है, बीजेपी बड़ा भाई है।

जानकारी के लिए आपको बता दें कि वह नई दिल्ली में पत्रकारों से बात कर रहे थे, उस दौरान उन्होंने शिंदे, फडणवीस और अजित पवार पर जमकर हमला बोला है।

उन्होंने आगे कहा कि मविआ नेताओं को बदनाम किया जा रहा है। फडणवीस पर वार करते हुए उन्होंने कहा कि सिंचाई घोटाले को लेकर संजय राउत ने हमला बोलते हुए कहा कि आप गलत लोगों को राजभवन में लेकर आए है।

महाराष्ट्र मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ‘CM’ पद.. संजय राउत ने कहा कि, फड़नवीस आपने अपना कमा कर लिया है। एकनाथ शिंदे अवैध मुख्यमंत्री हैं। अगर विधानसभा अध्यक्ष कानून के मुताबिक काम करेंगे तो एकनाथ शिंदे पांच साल तो क्या पांच मिनट के लिए भी मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे। इतना ही नहीं संजय राउत ने यह भी दावा किया कि अजित पवार की भी विधायकी जाएगी।

मध्य प्रदेश के धार में जनसभा : प्रियंका गांधी वाड्रा ने बीजेपी पर जमकर हमला…

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मध्य प्रदेश के धार में गुरुवार को एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रियंका गांधी वाड्रा ने बीजेपी पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में हर तरफ घोटाला है. भारतीय जनता पार्टी ने तो ‘महाकाल’ को भी नहीं छोड़ा. इनको बदलने का समय आ गया है. पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि प्रधाननमंत्री आजकल शिवराज सिंह का नाम लेने से तो शर्म करते हैं, पर कांग्रेस का नाम पचासियों बार लेते हैं. उन्हें मेरी सलाह है कि कभी कभी ‘विकास’ का नाम भी ले लिया करें.

Chhattisgarh : सीएम बघेल ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, किसानों को लेकर कहीं ये बातें…

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Letter On PM Modi: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल लगातार चुनावी साल में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख रहे हैं. एक बार फिर सीएम भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है.

सीएम बघेल ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर किसानों के बोनस पर लगे प्रतिबंध हटाने का अनुरोध किया है. जिसमें यह जिक्र किया गया है कि प्रतिबंध हटने से किसानों को बोनस के रुप में 3700 करोड़ रुपये मिलेंगे.

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्र में लिखा है “किसानों के बोनस की राशि उनका न्यायोचित हक है. वर्ष 2014-15 और 2015-16 के दो सालों की बोनस राशि के 3700 करोड़ रुपये किसानों को मिलने थे जो केंद्र सरकार द्वारा बोनस पर प्रतिबंध के चलते अटके हुए हैं.” मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि किसानों से वर्ष 2013 में वादा किया गया था कि उनका एक-एक दाना खरीदा जाएगा. 2100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदा जाएगा और 300 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जाएगा.

किसानों को नहीं दिया गया बोनस
सीएम बघेल ने लिखा कि वर्ष 2014 में केंद्र सरकार द्वारा कृषि उपजों पर बोनस पर प्रतिबंध लगा दिया गया. इसके चलते किसानों को वर्ष 2014-15, 2015-16 का बोनस नहीं मिल पाया. ये राशि 3700 करोड़ रुपये है, जो अब तक किसानों को नहीं मिली है. मुख्यमंत्री ने पत्र में आगे लिखा है “वर्ष 2013-14 में मौजूदा सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य जो कि 1350 रुपये प्रति क्विंटल था, उस पर धान की खरीदी की. मई 2014 में केन्द्र में आपकी (पीएम मोदी) सरकार बनते ही कृषि उपजों पर दिए जाने वाले बोनस पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया था, जिसके कारण पूर्ववर्ती सरकार में राज्य के किसानों को वर्ष 2014-15 और वर्ष 2015-16 का बोनस नहीं दिया गया.

2019 से धान खरीदी के बोनस पर प्रतिबन्ध
सीएम बघेल ने लिखा कि हालांकि किसानों के रोष के भय से केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2016-17 के लिये राज्य के किसानों को दिए जाने वाले बोनस के प्रतिबन्ध को हटा लिया गया. जिसके बाद पूर्ववर्ती सरकार द्वारा वर्ष 2016-17 और 2017-18 में खरीदे गए धान पर 300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किसानों को बोनस दिया गया.” मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि वर्ष 2018 में उनकी सरकार के गठन के बाद केन्द्र सरकार द्वारा जून 2019 में धान खरीदी पर बोनस दिए जाने पर फिर से प्रतिबन्ध लगा गया, जो अभी भी जारी है. जिसके कारण देश के किसी भी किसान को कृषि उपज पर बोनस नहीं मिल पा रहा है.

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से अनुरोध करते हुए लिखा है कि किसानों को दिए जाने वाले बोनस पर केन्द्र सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबन्ध को वापस लेने का कष्ट करें, ताकि किसानों को उनके न्यायोचित हक की बकाया राशि प्राप्त हो सके.

मिस्र से एक दिल दहला देने वाली घटना, कलयुगी मां अपने बेटे का सिर चाकू से बुरी तरह काट डाला

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आपको यह बताएंगे कि दुनिया के एक हिस्से में मां का जल्लाद रूप देखने को मिला है, तो एक बार को शायद आपके भी रोंगटे खड़े हो जाएंगे.

दरअसल मिस्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां एक कलयुगी मां ने अपने ही बेटे का सिर धड़ से अलग कर डाला. जी हां आपके कान बिल्कुल सही सुन रहे हैं. इस मां ने न सिर्फ अपने 5 साल के बेटे का सिर धड़ से अलग किया, बल्कि इसको उबालकर भोजन की तरह स्वाद लेकर खाया भी. 29 साल की इस जल्लाद मां का नाम हना मोहम्मद हसन है. हना ने अपने बेटे का सिर पहले चाकू से बुरी तरह काट डाला. फिर सिर को पानी में उबालकर चाव से खाया, जैसे ये कोई खाने की चीज हो.

उबालकर खाया सिर!

जानकारी के मुताबिक, हना ने पहले अपने बेटे की हत्या की. इसके बाद उसने शरीर के कुछ हिस्सों को पानी में उबालने के लिए डाल दिया. जब मांस अच्छी तरह से उबल गया, तब महिला ने इसे भोजन का रूप देकर खूब चाव से खाया. अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर महिला ने इस वीभत्स और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना को अंजाम क्यों दिया? दरअसल इस घटना के पीछे की वजह इतनी अजीब है कि आप इसे सुनने के बाद अपना माथा पकड़ लेंगे.

आखिर मां ने क्यों किया ऐसा?

हना और उसका पति यूसुफ दोनों अलग हो चुके थे. हालांकि बेटे की कस्टडी को लेकर दोनों में अक्सर अनबन रहा करती थी. यूसुफ अपने बेटे की कस्टडी चाहते थे. जबकि हना अपने बेटे को उसे नहीं सौंपना चाहती थी. दोनों के बीच इस मुद्दे पर काफी खिटपिट हुआ करती थी. बेटा अपने पति को न देना पड़े, इसलिए महिला ने उसकी हत्या करने की साजिश रच डाली. जब महिला से पूछा गया कि उसने ऐसा क्यों किया तो उसने कहा, ‘मैं चाहती हूं कि मेरा बेटा हमेशा मेरे साथ रहे.’ इस केस पर हाल ही में कोर्ट में सुनवाई हुई. जज ने अपने बेटे को मौत के घाट उतारने वाली हना को ‘पागल’ घोषित कर दिया है. अदालत ने 30 सितंबर को अपना फैसला सुनाया और कहा कि महिला को मनोरोग इकाई में रखा जाएगा. क्योंकि वह ‘पागल’ है.

PM Modi In Rajasthan : 5000 करोड़ रुपए के परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास…

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी : राजस्थान में लगभग 5,000 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। यह समारोह जोधपुर शहर में आयोजित किया गया था, जहां मोदी ने रिमोट बटन दबाकर परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास पट्टिकाओं का अनावरण किया।

उल्लेखनीय है कि राज्य में इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर राजस्थान में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं के तहत अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, जोधपुर में 350 बिस्तरों वाला ‘ट्रॉमा सेंटर और क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक’ और पूरे राजस्थान में प्रधानमंत्री-आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (पीएम-एबीएचआईएम) के तहत सात क्रिटिकल केयर ब्लॉक विकसित किए जाएंगे।

एम्स जोधपुर में ‘ट्रॉमा, इमरजेंसी और क्रिटिकल केयर’ के लिए एकीकृत केंद्र 350 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने जोधपुर हवाई अड्डे पर 480 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली अत्याधुनिक नई टर्मिनल बिल्डिंग की आधारशिला भी रखी। प्रधानमंत्री ने आईआईटी जोधपुर परिसर भी राष्ट्र को समर्पित किया। यह अत्याधुनिक परिसर 1135 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाया गया है।

प्रधानमंत्री ने राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय में बुनियादी ढांचे के उन्नयन के लिए नवविकसित ‘केंद्रीय उपकरण प्रयोगशाला’, स्टाफ क्वार्टर और ‘योग और खेल विज्ञान भवन’ राष्ट्र को समर्पित किया। उन्होंने राजस्थान में सड़कों के बुनियादी ढांचे में सुधार लाने के उद्देश्य से एनएच-125ए पर जोधपुर रिंग रोड के कारवाड़ से डांगियावास खंड को चार लेन बनाने सहित कई सड़क विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी। प्रधानमंत्री ने राजस्थान में दो नई ट्रेन सेवाओं को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इनमें जैसलमेर को दिल्ली से जोड़ने वाली एक नई ट्रेन – रुणिचा एक्सप्रेस और मारवाड़ जंक्शन को खांबली घाट से जोड़ने वाली एक नई हेरिटेज ट्रेन शामिल हैं। इस अवसर पर राज्यपाल कलराज मिश्र, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत व कैलाश चौधरी भी मौजूद थे।