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गृहमंत्री शाह का छत्तीसगढ़ दौरा;मिनट टू मिनट कार्यक्रम जारी’

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‘रविवार रात रायपुर पहुंचेंगे,डायल-112 सेवा को पूरे प्रदेश में मिलेगा विस्तार,हर जिले को मिलेगी अत्याधुनिक फोरेंसिक सुविधा,बस्तर में विकास और सुरक्षा पर रहेगा फोकस,लोक संस्कृति से जुड़ेंगे शाह मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक’

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 18 और 19 मई को छत्तीसगढ़ के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे रायपुर और बस्तर संभाग में कई अहम कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।

सुरक्षा व्यवस्था, जनसुविधाओं और बस्तर के विकास से जुड़े कार्यक्रम इस दौरे का मुख्य केंद्र रहेंगे।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अमित शाह रविवार रात करीब 8:15 बजे रायपुर पहुंचेंगे। यहां वे मेफेयर होटल में रात्रि विश्राम करेंगे। उनके आगमन को लेकर प्रशासन और पुलिस विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं।

18 मई की सुबह 10:30 बजे राजधानी रायपुर के पीटीएस माना परिसर में अमित शाह डायल-112 सेवा की 400 नई वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यह सेवा पहले प्रदेश के 16 जिलों तक सीमित थी, लेकिन अब इसे पूरे छत्तीसगढ़ में लागू किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत प्रदेश के सभी थानों तक डायल-112 की सुविधा पहुंचेगी, जिससे आपातकालीन पुलिस सहायता और अधिक तेज और प्रभावी होगी।

राज्य सरकार द्वारा फोरेंसिक साइंस लेबोरेट्री से जुड़ी नई पहल भी इस दौरे में प्रमुख रहने वाली है। जानकारी के अनुसार प्रदेश के 33 जिलों के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस विशेष वाहन रवाना किए जाएंगे। इससे अपराध जांच की प्रक्रिया को तकनीकी मजबूती मिलेगी।

रायपुर कार्यक्रम के बाद अमित शाह माना एयरपोर्ट से दोपहर के समय जगदलपुर रवाना होंगे। बस्तर दौरे के दौरान वे नेतानार में जन सुविधा केंद्र का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा जगदलपुर स्थित अमर वाटिका पहुंचकर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि भी देंगे। इसके बाद वे बादल अकादमी में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ चर्चा करेंगे तथा बस्तर क्षेत्र के विकास कार्यों की प्रेजेंटेशन के जरिए समीक्षा करेंगे।

शाम के समय अमित शाह भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे, इसके बाद वे बस्तर की लोक संस्कृति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होंगे। दौरे के दौरान वे जगदलपुर में ही रात्रि विश्राम करेंगे।

19 मई को जगदलपुर में केंद्रीय गृहमंत्री सुबह 11 बजे मध्य क्षेत्रीय परिषद की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करेंगे, इस बैठक में चार राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे। बैठक में क्षेत्रीय विकास, सुरक्षा और समन्वय से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है, बैठक के बाद अमित शाह दोपहर में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे और शाम के समय जगदलपुर से दिल्ली के लिए रवाना होंगे।

LPG Pricehike: आज क्या है LPG सिलेंडर के दाम, जानें अपने अपने शहर की कीमतें…

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LPG Pricehike: पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच LPG सिलेंडर के दामों में भी हलचल देखने को मिली है, हालांकि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए आज कुछ राहत की खबर है क्योंकि कीमतें स्थिर बनी हुई हैं.

LPG Pricehike: देशभर में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमत के बीच अब LPG सिलेंडर के दाम भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं. हालांकि, घरेलू यूजर्स के लिए राहत की खबर है कि 16 मई यानी आज शनिवार को घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में अभी तक कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है.

अगर बात करें राजधानी दिल्ली की तो यहां 14.2 किलोग्राम वाला घरेलू गैस सिलेंडर 913 रुपये में मिल रहा है. इससे मिडिल क्लास परिवारों को कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन वहीं दूसरी ओर 19 किलोग्राम वाला LPG सिलेंडर की कीमत बढ़कर 3,071.50 हो गई है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट वालों की चिंता बढ़ गई है.

दिल्ली समेत बड़े शहरों में LPG सिलेंडर के ताजा रेट

घरेलू LPG सिलेंडर (14.2 किलोग्राम)

  • नई दिल्ली – ₹913.00
  • कोलकाता – ₹939.00
  • मुंबई – ₹912.50
  • चेन्नई – ₹928.50
  • गुरुग्राम – ₹921.50
  • नोएडा – ₹910.50
  • बेंगलुरु – ₹915.50
  • भुवनेश्वर – ₹939.00
  • चंडीगढ़ – ₹922.50
  • हैदराबाद – ₹965.00
  • जयपुर – ₹916.50
  • लखनऊ – ₹950.50
  • पटना – ₹1,002.50
  • तिरुवनंतपुरम – ₹922.00

कमर्शियल LPG सिलेंडर (19 किलोग्राम)

  • नई दिल्ली – ₹3,071.50
  • कोलकाता – ₹3,202.00
  • मुंबई – ₹3,024.00
  • चेन्नई – ₹3,237.00
  • गुरुग्राम – ₹3,088.00
  • नोएडा – ₹3,071.50
  • बेंगलुरु – ₹3,152.00
  • भुवनेश्वर – ₹3,238.00
  • चंडीगढ़ – ₹3,092.50
  • हैदराबाद – ₹3,315.00
  • जयपुर – ₹3,099.00
  • लखनऊ – ₹3,194.00
  • पटना – ₹3,346.50
  • तिरुवनंतपुरम – ₹3,106.00

आखिर घरेलू सिलेंडर पर क्यों मिली राहत?

बता दें कि मार्च 2026 में घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में 60 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई थी. इसके बाद से अभी तक घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है. तेल कंपनियों ने अभी तक घरेलू सिलेंडर के दाम स्थिर रखे हैं, ताकि आम आदमी की जेब पर ज्यादा बोझ न पड़े.

कमर्शियल सिलेंडर क्यों हुआ महंगा?

16 मई 2026 को तेल कंपनियों ने कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में 993 तक की भारी बढ़ोतरी की है. इसके साथ ही 5 किलो वाले FTL सिलेंडर के दाम में 261 की बढ़ोतरी की गई है. इसका सबसे ज्यादा असर होटल, ढाबा, फूड बिजनेस वालों की जेब पर पड़ा है. इसकी वजह से काफी रेस्टोरेंट और ढाबों वालों ने खाने के दाम में भी थोड़ी बढ़ोतरी कर दी है. कई व्यापारियों का तो कहना है कि बढ़ती लागत की वजह से बिजनेस चलाना भी भारी पड़ रहा है.

पेट्रोल-डीजल महंगा, लेकिन घरेलू सिलेंडर स्थिर

अभी शुक्रवार को ही पेट्रोल और डीजल के दाम में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है, जिसकी वजह से आम लोगों की जेब पर असर पड़ा है,लेकिन इस बीच घरेलू सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी न करना आम लोगों के लिए राहत की बात है.

वैश्विक संकट का असर भारतीय बाजार पर

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर अब भारत के ऊर्जा बाजार पर भी दिखने लगा है. कच्चा तेल महंगा होने से पेट्रोलियम कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है. फिलहाल सरकार और तेल कंपनियां घरेलू यूजर्स को राहत देने की कोशिश कर रही हैं. हालांकि, अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो आने वाले दिनों में LPG सिलेंडर के दामों में बदलाव हो सकता है.

तेल संकट के बीच केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, पेट्रोल पर पहली बार लगेगा टैक्स…

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पेट्रोल-डीजल को लेकर सरकार का बड़ा फैसला, पेट्रोल पर पहली बार लगेगा टैक्स डीजल और ATF के निर्यात पर घटाई SAED.

अप्रैल में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम $120 प्रति बैरल से ऊपर चले गए थे. उस वक्त सरकार ने डीजल पर SAED बढ़ाकर 55.5 रुपये और ATF पर 42 रुपये प्रति लीटर कर दी थी.

केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और विमान ईंधन यानी ATF के निर्यात पर लगने वाले Special Additional Excise Duty यानी SAED की दरें एक बार फिर बदल दी हैं. इसको लेकर 15 मई 2026 को अधिसूचना जारी कर दी गई है. ये नई दरें 16 मई 2026 यानी आज से लागू होंगी.

नई दरें क्या हैं?

-पेट्रोल के निर्यात पर अब 3 रुपये प्रति लीटर SAED लगेगी. डीजल पर यह दर 16.5 रुपये प्रति लीटर और ATF यानी विमान ईंधन पर 16 रुपये प्रति लीटर तय की गई है. तीनों मामलों में रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस यानी RIC शून्य है.

-घरेलू बाजार में बिकने वाले पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा.

SAED क्या है और काम कैसे करती है?

-सरकार यह टैक्स हर दो हफ्ते में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और ईंधन की औसत कीमतों के आधार पर तय करती है.

-जब ग्लोबल कीमतें ऊपर जाती हैं तो रिफाइनरियों को निर्यात में भी मुनाफा दिखता है और  वे देश की बजाय बाहर ज्यादा ईंधन भेजने लगती हैं. इससे घरेलू आपूर्ति पर असर पड़ सकता है.

-SAED निर्यात को महंगा करके इसी को रोकती है. जब प्राइस नरम पड़ते हैं तो SAED भी घटा दी जाती है.

-यह व्यवस्था 27 मार्च 2026 से शुरू हुई थी जब पश्चिम एशिया संकट के बीच घरेलू ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पहली बार यह शुल्क लगाया गया था.

$120 प्रति बैरल तक गए थे कच्चे तेल के दाम

अप्रैल में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम $120 प्रति बैरल से ऊपर चले गए थे. उस वक्त सरकार ने डीजल पर SAED बढ़ाकर 55.5 रुपये और ATF पर 42 रुपये प्रति लीटर कर दी थी. एक मई को जब कीमतें कुछ नरम हुईं तो डीजल पर यह घटकर 23 रुपये और ATF पर 33 रुपये हुई.  अब 16 मई को एक और कटौती के बाद डीजल 16.5 रुपये और ATF 16 रुपये पर आ गई है.

पेट्रोल पर पहली बार लगेगी SAED

पेट्रोल पर तीन रुपये पहली बार हुआ और यह इस रिवीजन का सबसे अलग पहलू है. अब तक पेट्रोल के निर्यात पर कोई शुल्क नहीं लगता था, लेकिन इस बार पहली बार 3 रुपये प्रति लीटर SAED लगाई गई है. इसकी वजह यह है कि भले ही क्रूड ऑयल की कीमतें थोड़ी नरम हुई हों, पेट्रोल का निर्यात रिफाइनरियों के लिए अभी भी मुनाफे का सौदा बना हुआ है. इसीलिए सरकार ने पेट्रोल को भी पहली बार इस दायरे में लाना जरूरी समझा.

CG: बड़ी मात्रा में नकली नोट लेकर. नकली नोट के साथ एक आराेपि गिरफ्तार, पूछताछ में आरोपित ने खुलासा…

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छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में पुलिस ने शु्क्रवार काे साढ़े 6 लाख रुपये के नकली नोट के साथ एक आराेपित को गिरफ्तार किया है।

कांकेर एसपी निखिल अशोक कुमार राखेचा ने बताया कि पुलिस को मुखबिर से आज सूचना मिली कि नए बस स्टैंड इलाके में एक युवक बड़ी मात्रा में नकली नोट लेकर घूम रहा है।

इस पर पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपित को गिरफ्तार कर तलाशी ली तो, उसके पास से 500-500 रुपये के बड़ी संख्या में नकली नोट बरामद हुए। पूछताछ में आरोपित ने खुलासा किया कि वह घर में प्रिंटर और अन्य उपकरणों की मदद से नकली नोट छापता है।

आर्थिक तंगी और कर्ज के दबाव में एक व्यक्ति ने पैसे कमाने के लिए गैरकानूनी रास्ता अपनाया और अपने ही घर में 500-500 रुपये के नकली नोट छापने लगा। आरोपित का मकसद इन नकली नोटों को बाजार में चलाकर कर्ज चुकाना और जल्द अमीर बनना था, लेकिन बाजार में नकली नोट खपाने से पहले ही पुलिस ने आराेपित रोशन सिंह राजपूत काे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आराेपित के कब्जे से साढ़े 6 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किया है।

आरोपित ने बताया कि वह कर्ज में डूबा हुआ था और जल्दी पैसे कमाने के लिए नकली नोट छापने का प्लान बनाया था। पुलिस ने आरोपित के घर पर छापा मारकर नकली नोट छापने में इस्तेमाल किए गए उपकरण भी जब्त किए हैं। पुलिस ने आरोपित के पास से लगभग साढ़े 6 लाख रुपये के नकली नोट जब्त किए हैं। फिलहाल आरोपित से लगातार पूछताछ की जा रही है और उसके संपर्कों की जांच की जा रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि नकली नोट बनाने की तकनीक और सामग्री उसे कहां से मिली। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपित अकेले काम कर रहा था, या उसके साथ कोई और भी शामिल है। फिलहाल, आरोपित रोशन सिंह राजपूत को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

युद्ध जैसे वैश्विक हालातों के बीच प्रधानमंत्री मोदी जी का आर्थिक अनुशासन का आह्वान दूरदर्शी निर्णय – रवि सिन्हा…

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राजनांदगांव। भारतीय जनता पार्टी के पार्षद एवं शासकीय शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय के अध्यक्ष रवि सिन्हा ने कहा कि वर्तमान समय में विश्व स्तर पर युद्ध जैसे तनावपूर्ण हालात, आर्थिक अस्थिरता, ईंधन संकट तथा वैश्विक बाजार में लगातार बढ़ती अनिश्चितताओं को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीजी  द्वारा देशवासियों से आर्थिक संयम और संसाधनों के संतुलित उपयोग की अपील अत्यंत आवश्यक एवं राष्ट्रहित में लिया गया कदम है।

रवि सिन्हा ने कहा कि सोना-चांदी की खरीद पर एक वर्ष तक संयम बरतने, अनावश्यक विदेश यात्राओं से बचने तथा पेट्रोल-डीजल के सीमित उपयोग का संदेश केवल एक प्रशासनिक सलाह नहीं, बल्कि देश की आर्थिक सुरक्षा और भविष्य को मजबूत करने का राष्ट्रीय अभियान है। युद्ध और अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण वैश्विक बाजार में तेल, आयात-निर्यात तथा विदेशी मुद्रा पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। ऐसे समय में प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह देशहित को सर्वोपरि रखते हुए जिम्मेदार व्यवहार अपनाए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने हमेशा कठिन परिस्थितियों में भी देश को मजबूती से आगे बढ़ाने का कार्य किया है। आज आवश्यकता इस बात की है कि हम अनावश्यक खर्चों में कटौती करें, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दें तथा ईंधन और संसाधनों का उपयोग सोच-समझकर करें।

रवि सिन्हा ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की बचत केवल आर्थिक विषय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण से भी जुड़ा हुआ मुद्दा है। वहीं सोना-चांदी जैसी विलासिता की खरीद में संयम बरतने से देश की विदेशी मुद्रा स्थिति मजबूत होगी और आर्थिक संतुलन बना रहेगा।

उन्होंने राष्ट्रभक्तो से अपील करते हुए कहा कि वैश्विक परिस्थितियों को समझते हुए प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में राष्ट्रहित के इस अभियान में सहभागी बनें और “राष्ट्र प्रथम” की भावना के साथ भारत को आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में सहयोग करें।

शासकीय उद्यान रोपणी पेण्ड्री की बगिया ग्रीष्म ऋतु में भी खुबसूरत फूलों से गुलजार…

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– विभिन्न प्रजाति के पौधों का संग्रहण मन को उल्लास से भर देने वाला’
– किसानों के लिए यहां प्लग टाईप वेजीटेबल सीडलिंग प्रोडक्शन यूनिट में मिर्च का थरहा उपलब्ध’
– शासकीय उद्यान रोपणी पेण्ड्री समृद्ध नर्सरी’
– फूल एवं फलों की विभिन्न किस्में उपलब्ध’

राजनांदगांव। इन दिनों पेण्ड्री स्थित शासकीय उद्यान रोपणी की बगिया ग्रीष्म ऋतु में भी खुबसूरत फूलों से गुलजार है। वहीं वृक्ष विभिन्न वेरायटी के आम जिनमें आम्रपाली, लंगड़ा, दशहरी, चौसा, बाम्बेग्रीन लदे हुए हैं। राहत और सुकून से भरे शासकीय उद्यान रोपणी में विभिन्न प्रजाति के पौधों का संग्रहण मन को उल्लास से भर देने वाला है।

सबसे खास बात यह है कि किसानों के लिए यहां प्लग टाईप वेजीटेबल सीडलिंग प्रोडक्शन यूनिट में जापानी पद्धति से नमी, तापमान एवं प्रकाश की संतुलित मात्रा के माध्यम से बीज से थरहा तैयार किया जा रहा है। जिससे किसानों को आसानी से थरहा उपलब्ध हो जाता है। अभी यहां योगी नामधारी मिर्च की प्रजाति का थरहा लगाया गया है। किसान स्वयं बीज देकर यहां थरहा लगा रहे हैं।

सीडलिंग यूनिट के जीर्णाद्धार का कार्य डीएमएफ की राशि से किया गया है। जिससे यहां पुन: किसानों के लिए अंकुरित पौधे उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है। नर्सरी में कलमी पौधे, ग्रुटी पौध, शंकर पपीता, शंकर मुनगा और बिजू पौधे ब्रिकी के लिए उपलब्ध हैं।

शासकीय उद्यान रोपणी पेण्ड्री समृद्ध नर्सरी है, जहां फूल एवं फलों की विभिन्न किस्में उपलब्ध है। यहां आम, अमरूद, संतरा, आंवला, लीची, अनार, पपीता, नारियल, अशोक, गंधराज, चंपा, गुलमोहर, हरसिंगार, बाटल ब्रश, चीकू, सिल्वर ओक, एक्जोरा, यूफोर्बिया, रातरानी, कदम, पीपल, बोगनविलिया, गुलाब, मनीप्लांट, अलमेंडा, रजनीगंधा, जरबेरा,  कनेर, सहित विभिन्न पौधे बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।

गौरतलब है कि ऑटोमेटिक सीडलिंग प्रोडक्शन यूनिट के अंतर्गत सीडलिंग के लिए नारियल बुरादा, परलाईड, वर्मी कोलाईट का उपयोग किया जाता है। इसमें मृदा का उपयोग नहीं किया जाता।

बीज का विकास मशीनरी स्वींग मेथड से होता है। प्लग टाईप वेजीटेबल सीडलिंग प्रोडक्शन यूनिट में टमाटर, बैंगन, पत्ता गोभी, फूल गोभी, खीरा, करेला, कद्दू, लौकी जैसी फसलों का सिडलिंग किया जाता है।

प्रतिकूल मौसम में भी नर्सरी तैयार की जा सकती है। बीज का अंकुरण नियंत्रित वातावरण में होता है। अधिकतम संख्या में पौधे तैयार होते हैं। प्रति एकड़ बीज की मात्रा कम लगती है। तैयार की जाने वाली पौध नर्सरी स्वस्थ, एक समान एवं रोग रहित होती है।

रोपण करने हेतु सही समय पर नर्सरी तैयार हो जाती है। प्रत्येक पौधे में निर्धारित आवश्यकतानुसार जड़ों का विकास होता है। उचित जड़ों के विकास के कारण खेत में ट्रांसप्लाटिंग टीपी उपरांत पौधों की जीवितता प्रतिशत अधिक होती है। अपेक्षाकृत कम अवधि में फलन प्रारंभ हो जाता है। सभी पौधों की एक समान वृद्धि होती है।

जिले में पेट्रोल एवं डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध….

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– किसी भी प्रकार के भ्रम अथवा अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील’
– कलेक्टर ने उपभोक्ता की मांग व खपत अनुसार पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति बनाये रखने के दिए निर्देश’

राजनांदगांव: जिले में पेट्रोल एवं डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है एवं पेट्रोल व डीजल पम्पों को यथाशीघ्र स्टॉक की आपूर्ति ऑयल कम्पनियों के डिपो से लगातार की जा रही है। जिले में पेट्रोल व डीजल पम्प की कुल संख्या 130 है। जिले में पेट्रोल का 651 किलोलीटर एवं डीजल का 655 किलोलीटर स्टॉक उपलब्ध है। साथ ही वर्तमान में जिले में 5 दिवस की आवश्यकता से अधिक का स्टॉक उपलब्ध है। विगत 2 दिवस में प्रदेश के पेट्रोल व डीजल पम्प के ड्राईआउट होने की अफवाह एवं घबराहट के कारण नागरिकों द्वारा पेट्रोल व डीजल की खपत में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है एवं मांग में हुई इस वृद्धि के कारण कृत्रिम अभाव उत्पन्न हुआ है। आम उपभोक्ताओं से अनुरोध है कि वह किसी भ्रम अथवा अफवाह से प्रभावित होकर पैनिक खरीदी अथवा इसका संग्रहण करना प्रारंभ नहीं करें एवं केवल आवश्यकता के अनुसार ही पेट्रोल व डीजल वाहनों में रखें।

कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव द्वारा तीनों ऑयल कम्पनियों के सेल्स ऑफिसर एवं खाद्य विभाग के अधिकारियों से पेट्रोल व डीजल की उपलब्धता एवं आपूर्ति की समीक्षा की गई है। ऑयल कम्पनियों के अधिकारियों ने बताया कि आवश्यकता व मांग अनुसार पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति की जा रही है। कलेक्टर ने ऑयल कम्पनियों के अधिकारियों को उपभोक्ता की मांग खपत अनुसार पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति बनाये रखने निर्देशित किया है। पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति से संबंधित शिकायत हेतु कॉल सेन्टर नम्बर 1800-233-3663 या 1967 है। कलेक्टर ने मांग सामान्य होने तक जिले के सभी पेट्रोल पम्पों को 24 घण्टे आपूर्ति के निर्देश दिये हैं। कलेक्टर के निर्देश पर ऑयल कम्पनियों एवं खाद्य विभाग के अधिकारियों द्वारा जिले के पेट्रोल व डीजल पम्पों का निरीक्षण एवं निगरानी की जा रही है। जिले के पेट्रोल पम्पों हेतु पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।

बाल विवाह के खिलाफ छत्तीसगढ़ की निर्णायक लड़ाई…

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‘हजारों पंचायतों की बदली तस्वीर’ बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान बन रहा सामाजिक बदलाव की मिसाल’

छत्तीसगढ़ में बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान को केंद्र में रखकर शुरू किया गया बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान अब सामाजिक बदलाव की बड़ी मिसाल बनती जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने इस अभियान को केवल सरकारी योजना तक सीमित न रखते हुए जनभागीदारी का व्यापक आंदोलन बना दिया है। गांव-गांव में जागरूकता और सामाजिक सहभागिता के जरिए बाल विवाह जैसी कुरीति पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में लगातार ठोस परिणाम सामने आ रहे हैं। 10 मार्च 2024 से शुरू हुए इस अभियान का उद्देश्य सिर्फ बाल विवाह रोकना नहीं, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना भी है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत प्रतिनिधि, शिक्षक, मितानिनें और महिला स्व-सहायता समूह लगातार जमीनी स्तर पर लोगों को जागरूक करने में जुटे हुए हैं। यही वजह है कि अभियान अब प्रशासनिक कार्यक्रम से आगे बढ़कर सामाजिक चेतना का हिस्सा बनता दिखाई दे रहा है।

राज्य सरकार ने वर्ष 2028-29 तक पूरे छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया है। चरणबद्ध योजना के तहत 2025-26 तक 40 प्रतिशत, 2026-27 तक 60 प्रतिशत, 2027-28 तक 80 प्रतिशत और 2028-29 तक सभी ग्राम पंचायतों तथा नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त घोषित करने की तैयारी है। अभियान की प्रगति भी उत्साहजनक रही है।

31 मार्च 2026 तक राज्य की 11 हजार 693 ग्राम पंचायतों में से 7 हजार 498 पंचायतें बाल विवाह मुक्त घोषित की जा चुकी हैं, जो कुल पंचायतों का लगभग 64 प्रतिशत है। वहीं 196 नगरीय निकायों में से 85 निकाय इस श्रेणी में शामिल हो चुके हैं।

राज्य के बालोद जिले ने इस दिशा में सबसे बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए खुद को पूर्णतः बाल विवाह मुक्त घोषित कराया है। प्रशासन और समाज के संयुक्त प्रयासों से मिली यह सफलता अब दूसरे जिलों के लिए प्रेरणा बन रही है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय लगातार यह संदेश दे रहे हैं कि विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव शिक्षित और आत्मनिर्भर बेटियां ही होंगी। इसी सोच के साथ सरकार बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता के साथ लागू कर रही है।

कम उम्र में विवाह होने से बालिकाओं की पढ़ाई प्रभावित होती है, स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ते हैं और उनके भविष्य की संभावनाएं सीमित हो जाती हैं। यही कारण है कि अभियान के तहत किशोरियों और अभिभावकों को लगातार जागरूक किया जा रहा है ताकि समाज में स्थायी बदलाव लाया जा सके।

पंचायत आधारित जनभागीदारी, सतत निगरानी और सामाजिक जागरूकता के प्रभावी मॉडल के कारण बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान अब राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बनता जा रहा है। राज्य सरकार का यह प्रयास केवल एक सामाजिक कुरीति को समाप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बेटियों के सम्मान और सशक्तिकरण का व्यापक संकल्प बनकर उभर रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने उच्च स्तरीय बैठक लेकर तैयारियों की समीक्षा की…

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में बस्तर में आयोजित होने वाली मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक की तैयारियों को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। यह महत्वपूर्ण बैठक केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित होगी, जिसमें मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री शामिल होंगे।

बैठक के दौरान अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण (पीपीटी) के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा परिषद की बैठक में उठाए जाने वाले विभिन्न विषयों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। मुख्यमंत्री ने सभी बिंदुओं की विस्तार से समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपते हुए निर्देश दिए कि आयोजन की तैयारियों में किसी प्रकार की कमी न रहे और सभी व्यवस्थाएं गंभीरता एवं समन्वय के साथ सुनिश्चित की जाएं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में मध्य क्षेत्रीय परिषद के राज्यों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह परिषद देश की ऐसी क्षेत्रीय परिषद है जहां सदस्य राज्यों के बीच किसी प्रकार का विवाद नहीं है, जो आपसी सहयोग और समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय परिषदें राज्यों तथा केंद्र और राज्यों के बीच विभिन्न विषयों पर संवाद, सहयोग और समन्वय को मजबूत करने का प्रभावी मंच बन चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “मजबूत राज्य ही मजबूत राष्ट्र का निर्माण करते हैं” और इसी भावना के साथ क्षेत्रीय परिषदें विकास, प्रशासनिक समन्वय और राष्ट्रीय एकता को नई दिशा प्रदान कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में इन परिषदों ने राज्यों के बीच स्वस्थ सहयोग और विकासोन्मुखी सोच को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर में इस महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति स्थापना के बाद इस स्तर की राष्ट्रीय बैठक का आयोजन यह दर्शाता है कि राज्य सरकार क्षेत्र के विकास और नई संभावनाओं को लेकर पूरी तरह संकल्पित है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सल उन्मूलन से क्षेत्र में शांति स्थापित हुई है तथा अब बस्तर विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि इंद्रावती की गोद से बस्तर विकास की नई गाथा लिखेगा और मध्य क्षेत्रीय परिषद की यह बैठक क्षेत्र के विकास को नई गति प्रदान करेगी।

सुप्रीम कोर्ट ने वर्क फ्रॉम होम और कार पुलिंग पर लिया फैसला, अब हफ्ते में दो दिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी सुनवाई…

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नए मामलों की सुनवाई के लिए तय दिनों- सोमवार और शुक्रवार या इनके लिए घोषित दूसरे किसी भी दिन पूरी सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए होगी.

भारत के सर्वोच्च अदालत ने पश्चिम एशिया में जारी लंबे भू-राजनीतिक संकट और बढ़ती ऊर्जा चिंताओं के बीच बड़ा फैसला लिया है. कोर्ट ने आदेश दिया है कि सुप्रीम कोर्ट में गर्मी की छुट्टी के दौरान बैठने वाली अवकाशकालीन बेंचों का भी पूरा काम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगा. इसके अलावा, नए मामलों की सुनवाई के लिए तय दिनों- सोमवार और शुक्रवार या इनके लिए घोषित दूसरे किसी भी दिन पूरी सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी.

इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट की तरफ से एक सर्क्युलर भी जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि केंद्र सरकार के मंगलवार (12 मई, 2026) के ऑफिस मेमोरेंडम के मद्देनजर तत्काल रूप से यह कदम उठाए जा रहे हैं. जिसके तहत, ईंधन की बचत के लिए सभी जजों ने तय किया है कि वह आपस में कार पुलिंग को प्रोत्साहित करेंगे. इसके साथ ही, रजिस्ट्री के तमाम विभागों के 50 प्रतिशत तक कर्मचारी सप्ताह में 2 दिन वर्क फ्रॉम होम यानी घर से काम कर सकेंगे.