सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नए मामलों की सुनवाई के लिए तय दिनों- सोमवार और शुक्रवार या इनके लिए घोषित दूसरे किसी भी दिन पूरी सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए होगी.
भारत के सर्वोच्च अदालत ने पश्चिम एशिया में जारी लंबे भू-राजनीतिक संकट और बढ़ती ऊर्जा चिंताओं के बीच बड़ा फैसला लिया है. कोर्ट ने आदेश दिया है कि सुप्रीम कोर्ट में गर्मी की छुट्टी के दौरान बैठने वाली अवकाशकालीन बेंचों का भी पूरा काम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगा. इसके अलावा, नए मामलों की सुनवाई के लिए तय दिनों- सोमवार और शुक्रवार या इनके लिए घोषित दूसरे किसी भी दिन पूरी सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी.
इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट की तरफ से एक सर्क्युलर भी जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि केंद्र सरकार के मंगलवार (12 मई, 2026) के ऑफिस मेमोरेंडम के मद्देनजर तत्काल रूप से यह कदम उठाए जा रहे हैं. जिसके तहत, ईंधन की बचत के लिए सभी जजों ने तय किया है कि वह आपस में कार पुलिंग को प्रोत्साहित करेंगे. इसके साथ ही, रजिस्ट्री के तमाम विभागों के 50 प्रतिशत तक कर्मचारी सप्ताह में 2 दिन वर्क फ्रॉम होम यानी घर से काम कर सकेंगे.



