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पिंडदान : 29 सितंबर से शुरू होगा पितृपक्ष

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पिंडदान : पितरों के श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान के लिए श्रद्धा का पर्व पितृपक्ष 29 सितंबर, शुक्रवार से शुरू होगा. पिंडदान की परंपरा केवल प्रयाग, काशी और गया में है. पितरों के पिंडदान और श्राद्ध कर्म की शुरुआत प्रयाग में क्षौर कर्म से होती है.

पितृपक्ष में हर साल बड़ी संख्या में लोग पिंडदान के लिए संगम आते हैं. पितृ मुक्ति का प्रथम व मुख्य द्वार कहे जाने के कारण संगमनगरी में पिंडदान व श्राद्ध कर्म का विशेष महत्व है.

कोरोना के कारण विदेश से जो लोग संगम नहीं आ पाए थे वे पिंडदान के लिए इस बार आने की तैयारी कर रहे हैं. संगम में पिंडदान कराने के लिए कई देशों के लोग वेबसाइट और एप के जरिए ऑनलाइन बुकिंग करा रहे हैं. पुरोहितों के अनुसार विदेशों में कोरोना की महामारी अब लगभग खत्म हो चुकी है इसलिए विदेश से पिंडदान के लिए इस बार ज्यादा संख्या में लोगों के आने की संभावना है.

Pitru Paksha 2023 Pind Daan

हिंदू धर्म में मनुष्य के तीन ऋण त्रिवेणी संस्कृत महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ. शंभुनाथ त्रिपाठी ‘अंशुल’ के अनुसार शास्त्रत्तें में मनुष्य के तीन ऋण विशेष तौर से बताए गए हैं. इसमें देव ऋण, ऋषि ऋण और पितृ ऋण होता है. पितृ ऋण में माता-पिता के प्रति श्रद्धा व्यक्त की जाती है.

Pitru Paksha 2023 Pind Daan

पितृ ऋण से मुक्त न होने पर जन्म निरर्थक माना जाता है. इसलिए पितृपक्ष में पितरों के प्रति श्रद्धा अर्पित की जाती है. संगम में पिंडदान करने से भगवान विष्णु के साथ ही तीर्थराज प्रयाग में वास करने वाले सभी देवी-देवता भी पितरों को मोक्ष प्रदान करते हैं. पिंडदान करने से पूर्वज प्रसन्न होकर अपने वंशजों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं.

विदेश में रहने वालों के लिए ई-पिंडदान की सुविधा

तीर्थपुरोहित प्रदीप पांडेय ने बताया कि अमेरिका, हॉलैंड, कनाडा, आस्ट्रेलिया, नेपाल, इंडोनेशिया और मॉरीशस से लोगों ने पिंडदान के लिए बुकिंग कराई है. ऑनलाइन बुकिंग के लिए जस्ट डायल और पिंडदान डाटकॉम वेबसाइट पर सुविधा उपलब्ध है. इनसे संगमनगरी के 200 पुरोहित जुड़े हैं. पांडेय के अनुसार विदेश से जो लोग किसी कारण से नहीं आ पाएंगे उनके लिए ई-पिंडदान की सुविधा रहेगी.

Pitru Paksha

इसके लिए पिंडदान कराने वाले व्यक्ति से मृतक का संबंध, गोत्र, अवस्था, मृत्यु तिथि, मृत्यु का कारण, स्थान, समय की जानकारी पहले से पता कर ली जाएगी, जिससे समय से पिंडदान की समुचित व्यवस्था की जा सके.

पितृपक्ष में त्रिवेणी संगम से दूर होगा तर्पण

प्रयागराज में आठ अक्तूबर को एयरफोर्स डे के कार्यक्रम की वजह से इस बार पितृपक्ष में तर्पण-अर्पण त्रिवेणी संगम से कुछ दूरी पर होगा. इस बड़े आयोजन के लिए सेना अभी से वीआईपी घाट और महावीर मार्ग की दुकानों व रहने वालों को हटा रही है. जिसके चलते अब तर्पण भी दूर हो सकता है. तीर्थ पुरोहित समाज काली मार्ग और परेड मैदान पर श्राद्ध करने की तैयारी कर रहा है.

आठ अक्तूबर को एयरफोर्स डे पर संगम पर एयर शो होना है. कार्यक्रम के लिए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री सहित तमाम वीआईपी को न्योता भेजा गया है. ऐसे में सुरक्षा के मद्देनजर संगम किनारे इलाके को खाली कराया जा रहा है. अब 29 सितंबर अमावस्या से पितृपक्ष की शुरुआत हो रही है. इस महीने में देशभर से तर्पण के लिए लोग संगम किनारे आते हैं. जगह खाली कराए जाने के कारण तीर्थ पुरोहितों को भी पीछे हटना होगा.

संगम तट पर रहने वाले तीर्थ पुरोहितों ने बताया कि दो दिन से प्रशासन व सेना के वाहन क्षेत्र को खाली कराने के लिए घोषणा कर रहे हैं. तीर्थ पुरोहित प्रदीप पांडेय का कहना है कि अगर सेना जमीन खाली कराएगी तो काली मार्ग या फिर परेड मैदान पर तर्पण कराया जाएगा. तीर्थ पुरोहित राजेंद्र पालीवाल ने बताया कि बुधवार को प्रतिनिधि मंडल ने मेला प्राधिकरण के अफसरों से बात की. पहला विकल्प संगम जाने वाले रास्ते के नीचे ढलान पर दिया गया था, लेकिन गंगा का जलस्तर भी बढ़ रहा है तो सहमति रामघाट से काली मार्ग पर शास्त्री ब्रिज तक पर सहमति बन रही है.

Pitru Paksha 2023

बता दें कि उत्तरप्रदेश में मौजूद प्रयागराज में त्रिवेणी संगम पर लोग श्राद्ध कर्म करते हैं. यह वही स्थान है जहां तीन देवनदी गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदी का संगम होता है. माना जाता है कि पितृपक्ष के 15 दिनों की अवधि में अपने पितरों की आत्मा की मुक्ति के लिए पिंडदान, तर्पण, ब्राह्मण भोज करवाएं और पिंडदान और तर्पण सिद्ध या धार्मिक स्थलों पर करने से व्यक्ति को उचित फल की प्राप्त होती है.

27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस, पर्यटन में हो रहा संभावनाओं का विस्तार, यहां से करें पढ़ाई…

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भारत में आयोजित किये गये जी-20 शिखर सम्मेलन को आधार बना कर पर्यटन मंत्रालय इस साल को ‘विजिट इंडिया ईयर 2023’ के रूप में मना रहा है. इसका उद्देश्य दुनिया भर के पर्यटकों को भारत की यात्रा के लिए प्रोत्साहित करना है.

वर्ष 2022 में करीब 62 लाख विदेशी पर्यटकों ने भारत की यात्रा की, यह देश में आये पर्यटकों की संख्या में चार गुना वृद्धि है. यह वृद्धि देश में पर्यटन उद्योग के विस्तार को दर्शाती है. पर्यटन एक बड़ा कार्यक्षेत्र है, आप अगर एक संभावनाओं भरे क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं, तो जाने पर्यटन उद्योग में कैसे बढ़ सकते हैं आगे…

भारत में पर्यटन उद्योग ने पिछले 2 वर्षों में एक उल्लेखनीय परिवर्तन का अनुभव किया है और वर्ष 2027 तक भारत में घरेलू पर्यटकों की संख्या 300 मिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है.

‘देखो अपना देश’, वीजा प्रक्रियाओं के सरलीकरण और पर्यटन से संबंधित बुनियादी ढांचे में निवेश जैसी योजनाओं ने इस क्षेत्र के विकास को प्रेरित किया है.

पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने एक नयी पर्यटन नीति 2023 का मसौदा तैयार किया है. इससे भारत में पर्यटन क्षेत्र को नया रूप मिलने की उम्मीद है. केंद्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने भारत को दुनिया भर में डेस्टिनेशन वेडिंग का सबसे बड़ा केंद्र बनाने के लिए अभियान की भी शुरुआत की है. केंद्रीय बैंक आरबीआई ने भी पर्यटन में बढ़ोतरी के लिए एक पहल की है, जिससे जी-20 देशों से भारत आनेवाले विदेशी यात्री यूपीआई के जरिये भुगतान कर सकेंगे. इस सुविधा की शुरुआत देश के चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों से की गयी है. वहीं इस बार के बजट में पर्यटन मंत्रालय को 2400 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है. इसमें से 1742 करोड़ रुपये पर्यटन के बुनियादी ढांचे के विकास पर खर्च किया जायेगा और 242 करोड़ रुपये प्रचार और ब्रांडिंग पर खर्च होंगे. स्वदेश दर्शन स्कीम के लिए 1412 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं. पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से की जा रही इतनी सारी पहल इस क्षेत्र में रोजगार के मौकों में बढ़ोतरी की संभावना भी व्यक्त करती है.

पर्यटन है एक बड़ा कार्यक्षेत्र
टूरिज्म इंडस्ट्री में ट्रेवल प्लानिंग, कस्टमर सर्विस, ट्रेवल एडमिनिस्ट्रेशन, टूरिज्म ऑफिसर, ट्रेवल कंसल्टेंट, हॉलिडे एडवाइजर, क्रूज मैनेजर आदि के तौर पर करियर बना सकते हैं. इंडिया टूरिज्म एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, राज्यों के स्टेट टूरिज्म बोर्ड एवं टूरिज्म डेवलपमेंट एंड कॉरपोरेशन इंडियन रेलवे के आईआरसीटीसी के टूरिज्म ऑपरेशन डिवीजन आदि में जॉब कर सकते हैं.

कर सकते हैं ये कोर्स
किसी भी विषय से बारहवीं करने के बाद बीए इन ट्रेवल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट, बीए इन हॉस्पिटैलिटी, ट्रेवल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट, बीएससी ट्रेवल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट, बीएससी इन हॉस्पिटैलिटी एंड ट्रेवल मैनेजमेंट, बीबीए इन ट्रेवल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट आदि में से कोई एक कोर्स कर पर्यटन के क्षेत्र में दािखल हो सकते हैं. आप ट्रेवल एवं टूरिज्म में एमबीए या ट्रेवल, टूरिज्म एवं हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट में पीजीडीएम कर लेते हैं, तो अपने करियर को एक मजबूत आधार दे सकते हैं.

टूरिज्म मैनेजर : पर्यटन प्रबंधक विभिन्न लक्षित बाजारों की पहचान कर ग्राहकों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उचित पैकेज डिजाइन करते हैं. एक प्रोफेशनल के तौर पर टूरिज्म मैनेजर टूर पैकेज बनाने से लेकर उसकी बिक्री एवं खरीद तक कई जिम्मेदारियां निभाते हैं. यात्रियों का मार्गदर्शन एवं सहायता करने के साथ विभिन्न एडवरटाइजिंग मैथड के जरिये पर्यटन को बढ़ावा देने जैसे कई कार्य इनके जिम्मे होते हैं.

अगले 3 दिन तक देश के इन राज्यों में होगी भारी बारिश; जानिए आपके शहर के मौसम!

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Imd latest Weather : आईएमडी की ओर से तीन दिन के मौसम को लेकर पूर्वानुमान जारी किया गया है। जिसके अनुसार उप हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में रविवार तक भारी बारिश की आशंका जताई गई है।

बिहार को लेकर इनपुट दिया गया है कि शनिवार तक यहां बिजली गिरने के साथ ही हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, कई इलाकों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग की ओर से अलर्ट जारी किया गया है कि शुक्रवार और शनिवार तक झारखंड और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में अधिक वर्षा हो सकती है। कई इलाकों में बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। वहीं, सोमवार तक झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल के इलाकों में भी भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। साथ में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के अलावा ओडिशा में भी हल्की के साथ-साथ बारिश बारिश की आशंका जताई गई है।

पश्चिमी एमपी में भी भारी बारिश का अनुमान

उत्तर पूर्वी राज्यों अरुणाचल प्रदेश और असम में मध्यम बारिश के साथ ही तूफान की आशंका जताई गई है। वहीं, मेघालय, मणिपुर और नागालैंड में रविवार तक हल्की से मध्यम बरसात का अनुमान जताया गया है। साथ में तूफान को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के साथ-साथ विदर्भ के इलाकों में भी इसी तरह का मौसम रहने की बात आईएमडी की ओर से कही गई है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी हल्की के साथ भारी बारिश देखने को मिल सकती है।

कई जगहों पर तूफान और बिजली गिरने की आशंका

शुक्रवार और शनिवार को तमिलनाडु और केरल को लेकर भी अनुमान जताया गया है कि यहां हल्की/मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, आईएमडी की ओर से कहा गया है कि कई इलाकों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान उत्तराखंड और पूर्वी उत्तरप्रदेश को लेकर जताया गया है। दोनों जगह शुक्रवार और शनिवार को मौसम में कोई बदलाव नहीं होगा।

वहीं, रविवार और सोमवार को पश्चिम इलाकों में हल्की या मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है। कई इलाकों में तूफान और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। इसके साथ ही महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के इलाकों में शनिवार को भारी बारिश की आशंका जताई गई है। उत्तरी कोंकण को लेकर भी ऐसी ही भविष्यवाणी आईएमडी की ओर से की गई है।

छत्तीसगढ़ ;स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को एस्मा के तहत बर्खास्त करने के बाद अब जिला स्वास्थ्य अधिकारी से बहाली की मांग!

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रायपुर : वेतन विसंगति समेत विभिन्न मांगों को लेकर 21 अगस्त से हड़ताल कर रहे आरएचओ यानी बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को एस्मा के तहत बर्खास्त करने के बाद नौकरी जाने के डर से अब ये जिला स्वास्थ्य अधिकारी से बहाली की गुहार लगा रहे हैं अस्पतालों में टीकाकरण समेत अन्य अव्यवस्थाओं को जल्द दुरुस्त करने सामुदायिक व उप-स्वास्थ्य केंद्रों में सीएचओ यानी कम्युनिटी हैल्थ आफिसर को कमान सौंपने के निर्देश दिए हैं.

जानकारी के मुताबिक आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राज्य सरकार कर्मचारियों को नाराज करने का जोखिम नहीं उठाना चाहती. यही वजह है सीएम की ओर से स्वास्थ्य विभाग को बर्खास्त कर्मचारियों पर कड़ाई न बरतने कहा गया है.


सीएचओ को सौंपी जाएगी कमान;

अस्पतालों में व्यवस्था सुधारने के मद्देनजर फिलहाल सीएमएचओ ने टीकाकरण की कमान सीएचओ को सौंपने का निर्णय लिया है. इनके सहयोग के लिए एनएम-2 कर्मचारी भी लगेंगे. से ये अपना काम शुरू कर देंगे. इससे बच्चों का टीकाकरण एक बार फिर नियमित रूप से शुरू होने की उम्मीद है.


स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा एक्शन लेते हुए राज्य भर में 5 हजार से अधिक आरएचओ को बर्खास्त कर दिया है. इसमें 205 बिलासपुर जिले के शामिल हैं. इन कर्मचारियों की हड़ताल व बर्खास्तगी के चलते अस्पमातालों में मुख्य रूप से बच्चों का टीकाकरण प्रभावित हो रहा है. बतादें कि 0 से 5 साल तक के बच्चों को विभिन्न बीमारियों से सुरक्षित रखने निर्धारित समयावधि में टीकाकरण किया जाता है. इसके लिए जिला अस्पताल समेत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, उप स्वास्थ्य केंद्रों में निशुल्क टीकारकरण होता है. अस्पतालों में यह काम मुख्य रूप से आरएचओ के जिम्मे रहता है. लेकिन इनके हड़ताल पर चले जाने से बच्चों का टीकाकरण नहीं हो पा रहा है. अभिभावक बच्चों को लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं, उन्हें यहां से उल्टे पांव लौटना पड़ रहा है. वर्तमान में जिला अस्पताल छोड़ कहीं भी टीकाकरण नहीं हो रहा है. जिला अस्पताल में भी नियमित रूप से टीकाकरण न होने से यहां से भी लोगों को लौटना पड़ रहा है. व्यवस्था बनाने लगातार मांग के बाद भी अभी तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है.

Weather Forecast: इन राज्यों में होगी भारी बारिश, बिहार-यूपी सहित जानें अन्य राज्यों के मौसम का हाल!

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उत्तर प्रदेश में गुरुवार को एक या दो स्थानों पर मेघ गर्जन के साथ आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक या दो स्थानों पर और पूर्वांचल में कुछ जगह पर बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं.

इसके बाद 22, 23 और 24 सितंबर को पूरे प्रदेश में कुछ स्थानों पर बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं. >>Weather Forecast Today chhattisgarh and mp>>

स्काइमेट वेदर के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान, गुजरात के कच्छ क्षेत्र, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, उड़ीसा, झारखंड के कुछ हिस्सों, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और कोंकण और गोवा में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. वहीं पूर्वोत्तर भारत, तटीय कर्नाटक, लक्षद्वीप और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक या दो तीव्र बारिश हो सकती है. >>Weather Forecast Today bihar>>

स्काइमेट वेदर के अनुसार, उत्तर प्रदेश, बिहार, विदर्भ, तेलंगाना, कोंकण और गोवा, पश्चिम मध्य प्रदेश, केरल, तमिलनाडु, आंतरिक कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं. वहीं आंध्र प्रदेश, गुजरात क्षेत्र, राजस्थान के कुछ हिस्सों, पंजाब और हरियाणा में हल्की बारिश हो सकती है. >>Weather Forecast Today odisha>>

ओडिशा के अधिकांश हिस्सों में बुधवार को भारी बारिश हुई तथा मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में और बारिश होने की संभावना व्यक्त की है. अधिकारियों ने बताया कि सक्रिय दक्षिण-पश्चिम मानसून के बीच बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण तथा कम दबाव वाला क्षेत्र बनने के कारण राज्य में भारी बारिश हुई. राज्य के दक्षिणी क्षेत्र के अलावा, कटक और भुवनेश्वर सहित तटीय और आंतरिक जिलों में भी अगले दो दिनों में मूसलाधार बारिश जारी रहेगी. मौसम कार्यालय ने गुरुवार सुबह साढ़े आठ बजे तक कालाहांडी, कंधमाल, सोनपुर, बोलांगीर, बौध, संबलपुर, अंगुल, बारगढ़ और झारसुगुड़ा के लिये भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. >>Weather Forecast Today jharkhand>>

बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव के क्षेत्र के कारण झारखंड में अच्छा असर दिख सकता है. 21 सितंबर को पश्चिमी और सटे मध्य भाग में भारी बारिश हो सकती है. 22 सितंबर को उत्तर-पश्चिमी हिस्से में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है. गर्जन और वज्रपात की स्थिति बनी रहेगी. >>Weather Forecast Today delhi ncr>>

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मौसम को लेकर मौसम विभाग का अनुमान है कि गुरुवार को यानी आज अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहेगा. इस दौरान हवा की गति छह से आठ किमी प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है. आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। कहीं कहीं बूंदाबांदी भी हो सकती है.

Health: सुबह की शुरुआत करने के लिए बेस्ट है ये 5 जूस, दिनभर तरोताजा महसूस करेंगे आप!

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अपने दिन की शुरुआत एक गिलास ताजे फल या सब्जियों के रस के साथ करना आवश्यक पोषक तत्वों और ऊर्जा की खुराक के साथ अपनी सुबह की शुरुआत करने का एक शानदार तरीका है. ये स्वस्थ नाश्ते के जूस आपको देर सुबह तक तरोताजा और ऊर्जावान महसूस कराने में मदद करते हैं.

आप संतरे या अंगूर के रस जैसे क्लासिक विकल्प चुन सकते हैं, या व्हीटग्रास या सब्जी के रस जैसे पौष्टिक विकल्प चुन सकते हैं. मुख्य बात यह है कि उसे चुनें जो न केवल आपको अच्छा लगे बल्कि आपके आहार और पोषण संबंधी प्राथमिकताओं के अनुरूप भी हो. यह आपके दिन की शुरुआत करने का एक स्वादिष्ट और पौष्टिक तरीका है.

स्ट्रॉबेरी जूस

स्ट्रॉबेरी जूस एक ताज़ा और विटामिन से भरपूर पेय है. इसे बनाने के लिए स्ट्रॉबेरी, चीनी और थोड़ा सा नीबू का रस एक ब्लेंडर में डालकर चिकना होने तक ब्लेंड करें. चीनी और नींबू को अपने स्वाद के अनुसार समायोजित करें. फिर, थोड़ा पानी डालें और दोबारा ब्लेंड करें. इसे एक गिलास में बर्फ के टुकड़ों के ऊपर डालें, आधी कटी हुई स्ट्रॉबेरी से सजाएं और परोसें.

अनानास का जूस

अनानास के जूस के लिए अनानास को छीलकर काट लें, फिर इसे ब्लेंडर में डाल दें. आप थोड़ी चीनी (अगर आपको अधिक मीठा पसंद है) और बर्फ के टुकड़े मिला सकते हैं. साथ ही एक कप पानी भी डालें. चिकना होने तक ब्लेंड करें. यदि आप पतली स्थिरता पसंद करते हैं, तो अधिक पानी डालें.

तरबूज का जूस

तरबूज का जूस बनाना आसान है. बस तरबूज को एक ब्लेंडर में डालें और लगभग तीस सेकंड तक ब्लेंड करें. यदि आपको यह वैसे ही पसंद है, तो आपको इस पर दबाव डालने की आवश्यकता नहीं है. हालांकि, अगर आपके तरबूज में बीज हैं या आप कम गूदा पसंद करते हैं, तो आप इसे एक महीन जाली वाली छलनी के माध्यम से एक घड़े में डाल सकते हैं.

गाजर का जूस

स्वस्थ गाजर का जूस बनाने के लिए ताजी कोमल गाजर से शुरुआत करें. उन्हें धोएं, छिलका उतारें और क्यूब्स में काट लें. स्वाद के लिए ब्लेंडर में अदरक डालें. तीखे स्वाद के लिए इसमें थोड़ा नींबू निचोड़ें. सभी चीजों को साफ, ठंडे पानी के साथ मिला लें.

संतरे का जूस

चमकीला और मीठा संतरे का रस एक स्वस्थ पेय के रूप में अकेले आनंद लेने के लिए स्वादिष्ट है, या अपने पसंदीदा पेय व्यंजनों में शामिल करें. सबसे पहले संतरे को छील लें. संतरे के टुकड़ों को मिक्सी जार या ब्लेंडर जार में डालें. मिक्सर या ब्लेंडर को धीमी से मध्यम गति पर कई सेकंड तक चलाएं. एक कटोरे के ऊपर एक छलनी रखें और उसमें रस डालें.

रांची-हावड़ा वंदे भारत समेत 9 ट्रेनों का PM मोदी 24 सितंबर को करेंगे उद्घाटन, जानें क्या हो सकता है टाइम टेबल

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 सितंबर को देश के अलग-अलग राज्य से नौ ‘वंदे भारत ट्रेन’ का ऑनलाइन उद्घाटन करेंगे. इसमें रांची से हावड़ा के बीच चलनेवाली ‘वंदे भारत ट्रेन’ भी शामिल होगी.

चेन्नई कोच फैक्टरी से दक्षिण-पूर्व रेलवे को इस ट्रेन के लिए आठ रैक भी आवंटित कर दिये गये हैं. साथ ही द-पू रेल मुख्यालय की ओर से इस ट्रेन के लिए रूट भी तय कर दिया गया है.

द-पू रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार मिश्रा ने बताया कि रांची-हावड़ा वंदे भारत ट्रेन रांची से रवाना होगी और मुरी, झालदा, पुरुलिया, चांडिल, टाटानगर, घाटशिला, झाड़ग्राम व खड़गपुर होते हुए हावड़ा जायेगी. पहले दिन ट्रेन का ट्रायल दोपहर 12:45 बजे निर्धारित किया गया है. फिलहाल, नियमित रूप से परिचालन के लिए ट्रेन की समय सारिणी का निर्धारण अभी नहीं हुआ है. मालूम हो कि दक्षिण-पूर्व रेलवे की ओर से इस ट्रेन के लिए बोर्ड को दो समय सारिणी भेजी गयी है.

पहली समय सारिणी के अनुसार, ट्रेन के हावड़ा से रवाना होने का समय सुबह 8:00 बजे और रांची पहुंचने का समय दोपहर 12:55 बजे निर्धारित किया गया है. वहीं, वापसी में ट्रेन को दोपहर 3:20 बजे रांची से रवाना करने और रात 8:10 बजे हावड़ा पहुंचने का प्रस्ताव दिया गया है. दूसरी समय सारिणी के अनुसार, ट्रेन सुबह 5:20 बजे रांची से रवाना होगी और सुबह 11:55 बजे हावड़ा पहुंचेगी. वहीं, हावड़ा से यह ट्रेन दोपहर 3:30 बजे रवाना होगी और रात 10:10 बजे रांची पहुंचेगी. जानकारी के अनुसार, यह पहली वंदे भारत ट्रेन होगी, जिसके रखरखाव की जिम्मेदारी रांची रेल मंडल को दी जायेगी.

World Cup 2023 : विश्वकप में टीम इंडिया की जर्सी पर दिखेगा तिरंगा, BCCI ने जारी किया -3kaDream hai apna वीडियो!

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क्रिकेट का महाकुंभ विश्वकप 2023 का आगाज पांच अक्टूबर से होने वाला है. विश्वकप को लेकर सभी टीम उत्साहित है, एशिया कप में अपनी बादशाहत कायम करने के बाद टीम इंडिया का भी जोश परवान पर है और टीम किसी भी तरह इस बार विश्वकप पर अपना कब्जा जमाना चाह रही है.

टीम के इस उत्साह को पूरे देश का समर्थन मिलना तय है. भारत में क्रिकेट को लेकर लोगों का प्यार जगजाहिर है और उसी प्यार को परवान चढ़ाने और तीसरी बार विश्वकप को अपने नाम करने के लिए बीसीसीआई ने एक वीडियो बुधवार को अपने सोशल मीडिया एकाउंट एक्स पर पोस्ट किया है. इस वीडियो में एक पंचलाइन दिया गया है-‘इंपाॅसिबल नहीं ये सपना, 3 का ड्रीम है अपना.’

एडिडास ने बनाया है वीडियो

‘इंपाॅसिबल नहीं ये सपना, 3 का ड्रीम है अपना’ स्लोगन के जरिए बीसीसीआई 2023 के विश्वकप को अपने नाम करने के लिए टीम इंडिया को प्रोत्साहित कर रहा है. इस वीडियो को जूता बनाने वाली कंपनी एडिडास ने बनाया है. इस पूरे वीडियो में भारत का क्रिकेट के प्रति प्यार साफ नजर आ रहा है. इस वीडियो में बताया गया है कि 1983 में विश्वकप जीतना एक स्पार्क था, जबकि 2011 में विश्वकप जीतना ग्लोरी था और 2023 में विश्वकप जीतना ड्रीम है.

तीसरी बार विश्वकप अपने नाम करना चाहती है टीम इंडिया

इस वीडियो में दिखाया गया है कि किस प्रकार तीसरी बार विश्वकप को अपने नाम करने के लिए टीम इंडिया के खिलाड़ी बेताब हैं. वे इस ड्रीम को पूरा करने के लिए सो नहीं पा रहे हैं. पूरे देश में इस विश्वकप को लेकर उत्साह है. हर आयु वर्ग के लोग इस ड्रीम को पूरा करने के बेताब हैं. टीम इंडिया 2011 के बाद से आईसीसी ट्रॉफी जीतने के लिए इंतजार कर रही है. इस आकर्षक रैप वीडियो में भारत की विश्व कप जर्सी की एक झलक भी दी गई है. इस वीडियो में दिखाया गया है कि विश्वकप में भारतीय टीम जो जर्सी पहनने जा रही है उसमें कंधे पर तिरंगा का तीन रंग बना होगा. पहले वहां पर सफेट पट्टियां होती थीं.

टीम इंडिया की जर्सी पर तिरंगा

एशिया कप में भारत ने जो जर्सी पहनी थी उससे विश्वकप की जर्सी अलग है. इस वीडियो में कप्तान रोहित शर्मा, विराट कोहली, हार्दिक पांड्‌या और मोहम्मद सिराज जो जर्सी पहने नजर आ रहे हैंउसमें उनके कंधे पर नारंगी, सफेद और हरे रंग की धारियां बनी हुई हैं. इसके अलावा विश्वकप की जर्सी में जो बड़ा बदलाव दिखेगा वो है, जर्सी पर ड्रीम इलेवन लिखा हुआ नहीं होगा क्योंकि आईसीसी इसकी इजाजत नहीं देता है.

एशिया कप जीतकर भारत ने अपनी दावेदारी मजबूत की

भारतीय टीम इस बार के विश्वकप को जीतने वाली संभावित टीम में से एक मानी जा रही है. टीम की दावेदारी को एक्सपर्ट काफी महत्व भी दे रहे हैं. एशिया कप में पाकिस्तान और श्रीलंका जैसी टीम को आसानी से पटखनी देकर भारत ने अपनी दावेदारी और मजबूत कर ली है. चूंकि इस बार भारत विश्वकप की मेजबानी कर रहा है, इसलिए टीम को अपने ग्राउंड पर खेलने का मौका मिलेगा. भारत का पहला मुकाबला आॅस्ट्रेलिया के साथ खेला जाएगा, जो चेन्नई के चेपाॅक स्टेडियम में खेला जाएगा.

WhatsApp for iPad; अब इस डिवाइस पर भी कर पाएंगे आप!

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WhatsApp for iPad

WhatsApp Update : मेटा के इंस्टैंट मैसेजिंग प्लैटफॉर्म व्हाट्सऐप का इस्तेमाल दुनियाभर में 2.7 बिलियन से भी ज्यादा लोग करते हैं. व्हाट्सऐप ने एंड्रॉयड, iPhone, Mac और टैबलेट के लिए पहले से ऐप लॉन्च कर रखा है, लेकिन iPad यूजर्स के लिए इसका कोई भी ऐप फिलहाल नहीं है.

whatsapp for ipad

iPad यूजर्स को फिलहाल अपने मैसेज देखने के लिए व्हाट्सऐप वेब का सहारा लेना पड़ता है. लेकिन कंपनी जल्द ही iPad यूजर्स की मांग को पूरा करने जा रही है. Wabetainfo की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी iPad यूजर्स के लिए एक नया ऐप लॉन्च करने वाली है. फिलहाल यह ऐप कुछ बीटा टेस्टर्स के पास आ गया है. >>WhatsApp New Feature: व्हाट्सऐप का नया चैनल्स फीचर क्या है? आप भी बना सकते हैं अपना चैनल, जानें कैसेwhatsapp new features>>

iPad के वैसे यूजर्स, जो इस ऐप को ट्राई करना चाहते हैं, उन्हें अपनी डिवाइस पर व्हाट्सऐप बीटा ऐप डाउनलोड करना होगा. डाउनलोड करने के बाद आपको ये स्टेप्स फॉलो करने होंगे.whatsapp new feature

iPad में ऐसे चलाएं व्हाट्सऐप

ऐप डाउनलोड करने के बाद आपको अपने आईफोन से लिंक्ड डिवाइस के ऑप्शन पर जाकर iPad में व्हाट्सऐप लॉगिन करना है …>>WhatsApp से अब UPI पेमेंट भी कर सकेंगे आप, मेटा ने बिजनेस के लिए लॉन्च की नयी सर्विस whatsapp update>>

व्हाट्सऐप लॉगिन करने के लिए आपको QR कोड स्कैन करना होगा. इसके बाद आप iPhone में नेट बंद करने के बाद भी iPad में अपने सारे मैसेज पढ़ पाने में सक्षम होंगे.whatsapp new feature

एंड्रॉयड यूजर्स के लिए आ रहा यह अपडेट

व्हाट्सऐप एंड्रॉयड यूजर्स को जल्द कॉलिंग से जुड़ा एक अपडेट देने वाला है. जल्द एंड्रॉयड यूजर्स 31 लोगों को एकसाथ कॉल में ऐड कर पाएंगे. वैसे ऐप में फिलहाल 32 लोगों को कॉल में जोड़ने की इजाजत मिलती है लेकिन कॉल शुरू करने के समय आप केवल 15 लोगों को इसमें जोड़ सकते हैं. >>WhatsApp Channel के जरिये अब पीटीआई फैक्ट चेक आपको बताएगा फर्जी खबरों की सच्चाई whatsapp new features>>

इसके बाद फिर अन्य लोगों को जोड़ा जा सकता है. जल्द आप शुरुआत से ही 31 लोगों को कॉल में ऐड पाएंगे. फिलहाल ये अपडेट व्हाट्सऐप बीटा वर्जन में देखा गया है. इसे ट्राई करने के लिए व्हाट्सऐप बीटा प्रोग्राम में जुड़ना जरूरी होगा.

MP Election 2023: एमपी में BJP और कांग्रेस की यात्रा का क्या है उद्देश्य? दोनों पार्टियां एक दूसरे पर हमलावर

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मध्य प्रदेश में इस साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इससे पहले सत्तारूढ़ बीजेपी और विपक्षी कांग्रेस इस समय ‘यात्रा की राजनीति’ में जुटे हैं. दोनों दल वादे और नीतियों के साथ अपने महत्वपूर्ण मुद्दों को जोर-शोर से उठा रहे हैं और साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मतदाताओं तक पहुंचने के लिए यात्राएं निकाल रहे हैं.

दोनों राष्ट्रीय पार्टियों के वरिष्ठ नेता मतदाताओं और चुनावी एजेंडे के अपने संदेश के साथ राज्य भर में घूम रहे हैं.

मध्य प्रदेश में अपनी चुनाव पूर्व ”जन आक्रोश यात्राओं” के दौरान कांग्रेस ने भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, दलितों पर अत्याचार और बढ़ती महंगाई जैसे मुद्दे उठाए हैं, जबकि भाजपा ने अपनी ”जन आर्शीवाद यात्राओं” में सनातन धर्म विवाद, विकास और तुष्टीकरण की राजनीति जैसे मामलों को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा है. दोनों पार्टियां अपनी चुनाव पूर्व यात्राओं को जनता से ‘भारी’ समर्थन मिलने का दावा कर रही हैं.

आपको बता दें कि बीजेपी ने मतदाताओं तक पहुंचने के लिए तीन सितंबर से ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ (लोगों के आशीर्वाद के लिए मार्च) शुरू की, जबकि कांग्रेस ने मंगलवार को अपनी ‘जन आक्रोश यात्रा’ शुरू की, जिसमें दावा किया जा रहा है कि शिवराज सिंह चौहान सरकार के खिलाफ जनता में गुस्सा है. अपने जन संपर्क कार्यक्रम के दूसरे दिन बुधवार को, कांग्रेस नेताओं ने रैलियों को संबोधित किया और लोगों को अपनी पार्टी के चुनाव पूर्व वादों के बारे में बताया. बैतूल में, पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता सुरेश पचौरी ने सत्तारूढ़ बीजेपी पर भ्रष्टाचार में शामिल होने का आरोप लगाया और दावा किया कि उनकी पार्टी आगामी चुनावों में 230 विधानसभा सीटों में से 150 सीटें जीतकर अगली सरकार बनाएगी.

‘जन आशीर्वाद’ के बजाय ‘माफी यात्रा’ निकालनी चाहिए

दमोह में, प्रदेश में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव ने कहा कि बीजेपी को अपने शासन में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के लिए लोगों से माफी मांगने के लिए ‘जन आशीर्वाद’ के बजाय ‘माफी यात्रा’ निकालनी चाहिए. कैलारस (मुरैना जिला) में बोलते हुए, विधानसभा में विपक्ष के नेता गोविंद सिंह ने मार्च 2020 में सत्ता संभालने वाली सरकार द्वारा दलितों और आदिवासियों पर कथित अत्याचार और भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया ने नेपानगर (बुरहानपुर) में एक सभा को संबोधित किया और सत्तारूढ़ बीजेपी पर आदिवासियों पर अत्याचार करने का आरोप लगाया. राज्य के पूर्व मंत्री अजय सिंह और कमलेश्वर पटेल सहित अन्य कांग्रेस नेताओं ने भी विभिन्न स्थानों पर यात्रा को संबोधित किया.

मुख्यमंत्री चौहान ने क्या कहा

दूसरी ओर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय सहित बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने राज्य के पांच अलग-अलग स्थानों से निकाली जा रही जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान सभाओं को संबोधित किया. चार बार के मुख्यमंत्री चौहान ने बुधवार को इंदौर में कार्यक्रम में भाग लेते हुए दावा किया कि बीजेपी को इन यात्राओं के दौरान नागरिकों से ‘भारी’ समर्थन मिल रहा है. चौहान ने कहा, लोग सत्तारूढ़ दल को आशीर्वाद देंगे, जबकि कांग्रेस को उनके गुस्से का सामना करना पड़ेगा क्योंकि उसने दिसंबर 2018 से मार्च 2020 तक राज्य में शासन करते समय भाजपा सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को बंद कर दिया था. मुख्यमंत्री ने विपक्षी दल पर सनातन धर्म का अपमान करने का भी आरोप लगाया.

राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने रायसेन में एक सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर अल्पसंख्यकों का तुष्टिकरण करने और देश के खिलाफ काम करने वालों को बचाने का आरोप लगाया. उन्होंने कांग्रेस पर सोनिया गांधी द्वारा रिमोट से संचालित सरकारें चलाने का आरोप लगाया. प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने आमला (बैतूल जिले) में एक सभा को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकारें, जब सत्ता में होती हैं, केंद्रीय आलाकमान द्वारा रिमोट-नियंत्रित होती हैं.

कांग्रेस की 15 दिनों की यात्रा के सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचने की उम्मीद

सारंग ने कहा कि दूसरी ओर, बीजेपी महिलाओं सहित समाज के सभी वर्गों को सशक्त बनाने के अलावा गरीबों और किसानों की सेवा कर रही है. मध्य प्रदेश बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष प्रभात झा और उत्तर प्रदेश के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने क्रमशः छतरपुर जिले और बांदा (सागर जिले) में विभिन्न सभाओं को संबोधित किया. ‘भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और दलितों और महिलाओं के खिलाफ अपराध’ जैसे विभिन्न मुद्दों को उजागर करने के लिए कांग्रेस की 15 दिनों की यात्रा के मध्य प्रदेश के सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में 11,400 किलोमीटर की दूरी तय करने की उम्मीद है.

मध्य प्रदेश में कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा ने दावा किया कि उनकी पार्टी की यात्राओं को राज्य के लोगों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है क्योंकि चौहान सरकार के खिलाफ लोगों में बहुत गुस्सा है. प्रदेश बीजेपी सचिव रजनीश अग्रवाल ने कहा कि हरियाणा, उत्तराखंड, असम के मुख्यमंत्रियों के अलावा उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्रियों ने अब तक विभिन्न स्थानों पर पार्टी की यात्राओं को संबोधित किया है. इसके अलावा स्मृति ईरानी, अनुराग ठाकुर और अश्विनी वैष्णव सहित केंद्रीय मंत्री भी शामिल हुए हैं.

2018 के विधानसभा चुनाव पर एक नजर

उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश में 2018 के विधानसभा चुनाव में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था. कांग्रेस ने 114 सीटें हासिल की और सपा, बसपा और स्वतंत्र विधायकों के समर्थन से कमलनाथ के नेतृत्व में गठबंधन सरकार बनाई. हालांकि, मार्च 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में उनके समर्थक विधायकों के कांग्रेस से विद्रोह के कारण कमलनाथ सरकार गिर गई. इसके बाद प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में एक बार फिर बीजेपी सरकार बनी.