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India Forex Reserves: भारत की बैंकों में कितना जमा है डॉलर, जानें!

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India Forex Reserves:  हाल ही में हुए उतार चढ़ाव के बाद भारत का विदेशी मुद्रा भंडार एक बार फिर से चर्चा में आ चुका है. जनवरी 2026 के पहले हफ्ते में देश के भंडार में 6.80 बिलियन डॉलर की भारी गिरावट देखी गई. इस वजह से बाहरी स्थिरता को लेकर चिंताएं बढ़ चुकी थी.

लेकिन अगले ही हफ्ते भंडार 392 मिलियन डॉलर बढ़ गया. इसी के साथ सोने के भंडार में भी काफी बढ़ोतरी हुई. आइए जानते हैं कि भारतीय बैंकों में असल में कितने डॉलर जमा है और भारत का विदेशी मुद्रा भंडार कितना मजबूत है.

कुल विदेशी मुद्रा भंडार

भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक भारत का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 687.19 बिलियन डॉलर है. यह विशाल भंडार भारत को विदेशी मुद्रा भंडार के मामले में विश्व स्तर पर शीर्ष देशों में रखता है. साथ ही यह आर्थिक झटकों के खिलाफ एक मजबूत ढाल का काम करता है.

कितने डॉलर जमा

भारत के विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों के रूप में रखा जाता है. यह वर्तमान में 550.87 बिलियन डॉलर है. हालांकि इन परिसंपत्तियों की रिपोर्ट डॉलर के रूप में की जाती है लेकिन यह सिर्फ अमेरिकी डॉलर तक सीमित नहीं है. इनमें अमेरिकी डॉलर, यूरो, ब्रिटिश पाउंड और जापानी येन जैसी वैश्विक मुद्राओं का मिश्रण होता है.

यह विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों आरबीआई द्वारा अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड, फॉरेन गवर्नमेंट सिक्योरिटीज, ट्रेजरी बिल और विदेशी केंद्रीय और वाणिज्यिक बैंकों में जमा के रूप में रखी जाती हैं. इस संरचना की वजह से विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति का मूल्य गैर डॉलर मुद्राओं की विनिमय दर में उतार-चढ़ाव के आधार पर बदल सकता है.

सोने का भंडार

भारत के सोने के भंडार का मूल्य फिलहाल 112.83 बिलियन डॉलर है. बीते कुछ स्थानों में आरबीआई ने ज्यादा डॉलर पर निर्भरता से बचने और दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए जानबूझकर सोने की खरीद को बढ़ाया है.

आईएमएफ से संबंधित भंडार

मुद्राओं और सोने के अलावा भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के पास रखी होल्डिंग्स भी शामिल हैं. भारत के स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स वर्तमान में 18.74 बिलियन डॉलर हैं. यह इंटरनेशनल रिजर्व असेट्स हैं जिनकी वैल्यू दुनिया की प्रमुख करेंसी के बास्केट पर आधारित होती है. इसके अलावा आईएमएफ के साथ भारत की रिजर्व स्थिति $4.76 बिलियन है.

विदेशी मुद्रा भंडार एक आर्थिक सुरक्षा कवच के रूप में काम करता है. यह भारत को कच्चे तेल जैसे जरूरी इंपोर्ट का पेमेंट करने, बाहरी कर्ज की देनदारी को मैनेज करने और ज्यादा उतार-चढ़ाव के समय रुपये की रक्षा करने में मदद करता है. आरबीआई इस रिजर्व का इस्तेमाल करेंसी मार्केट में दखल देने के लिए करता है. जब भी रुपया तेजी से कमजोर होता है तो डॉलर बेचता है और रुपया जब ज्यादा मजबूत होता है तो डॉलर खरीदता है.

इंतजार खत्म! भारत-EU के बीच इस दिन फाइनल होने जा रहा FTA

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अमेरिका के साथ ट्रेड डील को लेकर अनिश्चितता के बीच भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच ट्रेड डील फाइनल होने के करीब पहुंच चुकी है. उम्मीद है कि 27 दिसंबर को इस डील पर साइन होगी.

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने गुरुवार को कहा कि भारत और EU ने 24 में से 20 चैप्टर पर साइन कर दिए हैं और उनका लक्ष्य इस महीने के आखिर में EU नेताओं के भारत आने से पहले डील को पूरा करना है.

इस बार कौन होंगे रिपब्लिक डे के चीफ गेस्ट?

यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट, उर्सुला वॉन डेर लेयेन 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे. दोनों 27 जनवरी को 16वें भारत-EU शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता भी करेंगे. विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को इसकी औपचारिक घोषणा की. एक्सपोर्टर्स के मुताबिक, भारत और 27 देशों वाले यूरोपियन यूनियन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, केमिकल्स, इंजीनियरिंग गुड्स, जेम्स एंड ज्वेलरी के एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा.

दोनों देशों ने लंबा किया इंतजार

इंडस्ट्री का अनुमान है कि FTA की वजह से टैरिफ खत्म होने के बाद अगले तीन सालों में EU को एक्सपोर्ट दोगुना हो जाएगा. इस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) से एक्सपोर्टर्स को ग्लोबल आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच एक स्थिर और भरोसेमंद फ्रेमवर्क के तहत कारोबार करने का मौका मिलेगा. इस डील के लिए दोनों ही देशों ने लंबा इंतजार किया. सबसे पहले 2007 में भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बात शुरू हुई थी. फिर साल 2013 में तत्कालीन भू-राजनीतिक हालातों की वजह से इस पर ब्रेक लग गया. इसके बाद जून 2022 में दोनों देशों ने इस दिशा में फिर से कदम बढ़ाया. अब जाकर यह फाइनल होने के करीब है.

अब तक का सबसे बड़ा डील

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) भारत का अब तक का सबसे बड़ा ट्रेड डील होगा. इसे एक ऐतिहासिक समझौता बताते हुए गोयल ने कहा, “मैंने अब तक सात डील की हैं. सभी विकसित अर्थव्यवस्थाओं के साथ. यह उन सभी की मां होगी.” इससे दोनों पक्षों के बीच व्यापार और निवेश में काफी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है.

फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशंस (FIEO) ने कहा कि अमेरिकी टैरिफ के बढ़ने से भारतीय एक्सपोर्ट की एक बड़ी रेंज प्रभावित हो रही है और यह एक्सपोर्ट मार्केट और ट्रेड स्ट्रेटेजी में डाइवर्सिफिकेशन की जरूरत को दिखाता है. उन्होंने कहा कि भारत-EU के बीच एक कॉम्प्रिहेंसिव फ्री ट्रेड एग्रीमेंट करना न सिर्फ सही समय पर है, बल्कि यह स्ट्रेटेजिक रूप से भी बहुत जरूरी है.

CG : दो पटवारी निलंबित, धान उपार्जन में लापरवाही का मामला

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सक्ती जिले में धान उपार्जन की व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले पटवारी विशेश्वर सिंह सिदार एवं शेरसिंह राठिया को निलंबित कर दिया गया है। कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो ने कहा है कि धान खरीदी के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने इस व्यवस्था से जुड़े सभी अधिकारियों को पूरी मुस्तैदी के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के निर्देश दिए हैं।

गौरतलब है कि पटवारी विशेश्वर सिंह सिदार को धान उपार्जन केन्द्र भोथिया का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया था। उनके द्वारा सौंपे गए दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही तथा टोकन सत्यापन संबंधी समीक्षा बैठक में बिना पूर्व सूचना एवं अनुमति के अनुपस्थित रहने के कारण निलंबित किया गया है।

इसी प्रकार मालखरौदा के समिति सकर्रा एवं सोनादुला में नोडल अधिकारी के रूप में पदस्थ हल्का पटवारी शेरसिंह राठिया द्वारा शासन के निर्देशों का अवहेलना, भौतिक सत्यापन तथा धान खरीदी से जुड़े टोकन सत्यापन कार्य में गंभीर लापरवाही बरतने के कारण निलंबित किया गया है।

CG Highcourt: कमिश्नर की ‘शॉपिंग लिस्ट’ बनी विवाद का कारण, कर्मचारी ने हाई कोर्ट में पेश की व्हाट्सएप चैट…

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बिलासपुर के दुर्ग नगर निगम में एक रोचक और विवादित मामला सामने आया है, जिसमें निगम कमिश्नर और एक कर्मचारी के बीच की व्हाट्सएप चैट हाई कोर्ट में पेश की गई।

छत्तीसगढ़ के दुर्ग नगर निगम में एक रोचक और विवादित मामला सामने आया है, जिसमें निगम कमिश्नर और एक कर्मचारी के बीच की व्हाट्सएप चैट हाई कोर्ट में पेश की गई। याचिकाकर्ता कर्मचारी ने अपनी याचिका में चैट की फोटोकॉपी भी संलग्न की है। कमिश्नर ने कर्मचारी से फल, चावल, मूवी टिकट और बंगले के वाई-फाई रिचार्ज तक करवाए थे।

कर्मचारी की याचिका और रिट

मामले में, वही कर्मचारी जिसकी मदद से कमिश्नर ने ये सभी काम करवाए, अब नौकरी से हटाने की कार्रवाई का सामना कर रहा है। परेशान कर्मचारी ने अधिवक्ता संदीप दुबे और मानस वाजपेयी के माध्यम से हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर की है, जिसमें नगर निगम कमिश्नर की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई है।

कोर्ट की सुनवाई और आदेश

सिंगल बेंच जस्टिस पीपी साहू ने मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि जांच अधिकारी द्वारा कार्यवाही में गवाहों से पूछताछ नहीं की गई, और आरोप पत्र में सूचीबद्ध किसी भी गवाह से आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त प्रमाण नहीं जुटाए गए हैं।

कोर्ट ने याचिकाकर्ता के खिलाफ शुरू की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई को अगली सुनवाई तक रोक दिया। रिट याचिका की अगली सुनवाई 23 फरवरी को तय की गई है। सभी पक्षकारों को तीन सप्ताह में जवाब पेश करने के लिए नोटिस जारी किया गया है।

निलंबन आदेश और विवादित आरोप

याचिकाकर्ता ने निगम कमिश्नर द्वारा 18 सितंबर 2025 को जारी आरोप पत्र और दुर्ग नगर निगम के उपायुक्त द्वारा 6 अक्टूबर 2026 की जांच रिपोर्ट को चुनौती दी है। याचिकाकर्ता के अनुसार, उन्हें 8 अगस्त 2014 को दुर्ग नगर निगम में नियुक्त किया गया और 21 नवंबर 2019 को सहायक ग्रेड-तृतीय पद पर पदोन्नत किया गया।

31 जुलाई 2025 को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जिसमें आरोप लगाया गया कि अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति और पदोन्नति अवैध तरीके से की गई। याचिकाकर्ता ने इसका जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने निगम के अधीन किसी भी कर्मचारी की नियुक्ति या पदोन्नति में कोई भूमिका नहीं निभाई। इसके बावजूद, 7 अगस्त 2025 को निलंबन आदेश जारी कर मनमाने तरीके से कार्रवाई की गई।

हाई कोर्ट में पेश व्हाट्सएप चैट

याचिकाकर्ता ने कोर्ट में निगम कमिश्नर और अपने बीच की व्हाट्सएप चैट भी पेश की। चैट में कमिश्नर की मांगों में शामिल थे: लाल अंगूर लाने को कहना, कार्नर सीट वाली मूवी टिकट मंगवाना, 10 किग्रा जायफूल चावल लाने का आदेश देना, और एमआईसी की बैठक को कैंसिल करने की अनुमति पूछना। यह चैट मामले में रोचक और विवादास्पद सबूत के रूप में सामने आई है।

CG Fraud : जमीन घोटाला में 11.51 करोड़ की धोखाधड़ी का पर्दाफाश

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रायपुर में जमीन सौदे के नाम पर एक कारोबारी से 11 करोड़ 51 लाख रुपये की ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। मामले में अन्य नौ आरोपितों की तलाश जारी है।

छत्तीसगढ़ के रायपुर में जमीन सौदे के नाम पर एक कारोबारी से 11 करोड़ 51 लाख रुपये की ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। पीड़ित कारोबारी की शिकायत पर सरस्वती नगर थाना पुलिस ने हाई-टेक एब्रेसिव्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर, प्रमोटर, शेयर होल्डर और एक प्रॉपर्टी ब्रोकर के खिलाफ अपराध दर्ज करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। मामले में अन्य नौ आरोपितों की तलाश जारी है।

कारोबारी ने दर्ज कराई शिकायत

पुलिस के अनुसार पीड़ित का नाम विकास कुमार गोयल है, जो संभव ट्यूब्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर हैं और सरस्वती नगर क्षेत्र में निवासरत हैं। विकास गोयल ने बलौदाबाजार जिले में जमीन खरीदने के लिए हाई-टेक एब्रेसिव्स प्राइवेट लिमिटेड से संपर्क किया था।

22.347 हेक्टेयर जमीन दिखाकर किया गया सौदा

शिकायत के मुताबिक 15 अक्टूबर 2025 को हाई-टेक एब्रेसिव्स कंपनी के निदेशकों और प्रॉपर्टी ब्रोकर रोहित कुमार घृतलहरे ने बलौदाबाजार जिले की सिमगा तहसील अंतर्गत ग्राम नेवधा में स्थित करीब 22.347 हेक्टेयर जमीन दिखाई। आरोप है कि नारायण प्रसाद टेकरीवाल, लक्ष्मीचंद गुरवानी, पंकज टेकरीवाल, विनोद बाजोरिया, राघवेंद्र चंद सिन्हा, सेजल राठौर, शकुंतला देवी टेकरीवाल, निशा अग्रवाल, निना जैन, नीता मस्कारा और प्रीतम कुमार टेकरीवाल ने जमीन को पूरी तरह वैध और विवादमुक्त बताते हुए सौदे का भरोसा दिलाया।

चेक और आरटीजीएस से ट्रांसफर किए 11.51 करोड़

सेल एग्रीमेंट के बाद संभव ट्यूब्स प्राइवेट लिमिटेड ने अलग-अलग तारीखों में चेक और आरटीजीएस के माध्यम से हाई-टेक एब्रेसिव्स प्राइवेट लिमिटेड के खाते में कुल 11.51 करोड़ रुपये एडवांस राशि के रूप में ट्रांसफर किए।

जमीन पहले से थी बैंक के पास गिरवी

बाद में जब कारोबारी विकास गोयल ने जमीन की विधिवत जांच कराई, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पता चला कि संबंधित जमीन पहले से ही स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के पास गिरवी रखी गई है। यह जमीन ग्लोबल हाई-टेक इंडस्ट्रीज लिमिटेड नामक सिस्टर कंसर्न द्वारा बैंक में मॉर्गेज की गई थी। इसके अलावा वर्ष 2019 में डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल (DRT) ने बैंक को इस जमीन से बकाया वसूली का अधिकार भी दे रखा है।

एनओसी मिली, लौटे पैसे

विकास गोयल का आरोप है कि जब उन्होंने बैंक से एनओसी मांगी, तो आरोपितों ने न तो एनओसी दिलवाई और न ही एडवांस राशि वापस की। इस संबंध में नौ जनवरी 2026 को कंपनी को औपचारिक पत्र भी भेजा गया, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।

तीन गिरफ्तार, नौ की तलाश जारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए सरस्वती नगर थाना पुलिस ने धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में मामला दर्ज कर तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि शेष नौ आरोपितों की तलाश की जा रही है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा।

आतिशी के वीडियो को लेकर सियासी घमासान, स्पीकर विजेंद्र गुप्ता के बयान

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दिल्ली की सियासत में नेता प्रतिपक्ष आतिशी के वीडियो पर आम आदमी पार्टी और बीजेपी में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं. दिल्ली विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने प्रेस कांफ्रेसं में दिल्ली फोरेंसिक साइंस लैब रिपोर्ट के आधार पर दावा किया कि आतिशी के वीडियो से कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है.

वीडियो पूरी तरह असली है. वहीं इस पर आम आदमी पार्टी ने इसे आधा सच कहते हुए बीजेपी पर सिख-हिन्दू दंगे भड़काने का आरोप लगाया है.

इससे पहले पंजाब पुलिस की फोरेंसिक जांच में वीडियो से छेड़छाड़ की बात कही गयी थी. अब दिल्ली पुलिस की तरफ से आई रिपोर्ट ने इस मामले को और पेंचीदा बना दिया है. सत्तारूढ़ बीजेपी और आप में तीखी बयानबाजी जारी है.

विजेंद्र गुप्ता का दावा वीडियो से कोई छेड़छाड़ नहीं

विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि विपक्ष की मांग पर वीडियो को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया था. रिपोर्ट के मुताबिक वीडियो में कोई टेम्परिंग नहीं की गयी है. विजेंद्र गुप्ता ने कहा,”इस फोरेंसिक रिपोर्ट से दूध का दूध और पानी का पानी हो गया. वीडियो बिल्कुल सही है, कोई छेड़छाड़ नहीं हुई. नेता विपक्ष उस दिन से सदन से भाग गई हैं.”

आप का पलटवार-सौरभ भारद्वाज ने लगाये गंभीर आरोप

आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष ने विजेंद्र गुप्ता की प्रेस कांफ्रेंस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा,”खोदा पहाड़ निकली चुहिया, वो भी मरी हुई. बीजेपी किस तरह सोच सकती है, AAP इनकी रग-रग से वाकिफ है. तीन दिन पहले ही मैंने बता दिया था कि उनकी रिपोर्ट में क्या आएगा, आधे सच का सहारा लिया जाएगा.”

सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि पंजाब पुलिस की फोरेंसिक रिपोर्ट ने साफ कहा कि ‘गुरु’ शब्द का इस्तेमाल नहीं हुआ, और दिल्ली की रिपोर्ट ने भी वही बात घुमा-फिराकर कही है. भारद्वाज ने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार या केंद्र के अफसरों पर दबाव बनाकर रिपोर्ट लाई गई. रिपोर्ट में यह नहीं कहा गया कि ‘गुरु’ शब्द बोला गया. क्या शब्द बोले गए आतिशी द्वारा? फोरेंसिक रिपोर्ट इस पर चुप है. बीजेपी आधे सच से अपनी इज्जत बचाने की कोशिश कर रही है.

बीजेपी को एक्सपोज करने का ऐलान

आप नेता भारद्वाज ने कहा, “हम इस वीडियो को जगह-जगह चलाकर बीजेपी को एक्सपोज करेंगे कि कैसे वो हिंदुओं और सिखों के बीच दंगा भड़काने की कोशिश कर रही है. स्पीकर ने पद की गरिमा गिराई, यह दुर्भाग्यपूर्ण है. मैं कपिल मिश्रा को 2 दिन का समय दे रहा हूं कि वो दरबार साहब जाकर माफी मांगें. CBI, NIA जांच करा लो, जनता को सुनाओ, इसमें ‘गुरु’ शब्द कहां है?”

कपिल मिश्रा के वीडियो के जांच की मांग

सौरभ भारद्वाज ने मांग की कि उस वीडियो की जांच होनी चाहिए जिसे कपिल मिश्रा ने ट्विटर पर डाली है. फोरेंसिक जांच में यह सामने आना था कि शब्द कहे गए या नहीं. लेकिन ऐसा नहीं हुआ क्यूंकि वो शब्द आतिशी के थे ही नहीं. आप नेता ने चैलेन्ज दिया कि वीरेंद्र सचदेवा की प्रेस कांफ्रेंस है, वह बताएं गुरु शब्द कहाँ हैं?

‘जयचंद पैदा करके ही भाजपा चुनाव जीतती है’, संजय राउत ने अजित पवार पर…

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महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव 2026 के नतीजों को लेकर शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सत्ताधारी दलों पर जमकर निशाना साधा. सांसद संजय राउत ने साफ कहा कि बीजेपी-शिंदे गुट की जीत को पूर्ण बहुमत की जीत नहीं माना जाना चाहिए, क्योंकि महानगरपालिका के सदन में विपक्ष आज भी मजबूत स्थिति में है.

मुख्यमंत्री की ताकत सत्ता तक सीमित- राउत

संजय राउत ने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा, ‘मुख्यमंत्री की क्या ताकत है? जब तक सत्ता में बैठे हैं तब तक उन्हें सलाम करेंगे, उसके बाद उनके गाड़ी पर जूते फेंकेंगे.’ उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता के संसाधनों के दम पर चुनाव लड़ा गया, लेकिन फिर भी मुकाबला बराबरी का रहा.

अजित पवार को लेकर बीजेपी में नाराजगी

संजय राउत ने दावा किया कि अजित पवार अब ज्यादा दिन सत्ता में नहीं रह सकते. उन्होंने कहा कि भाजपा के भीतर अजित पवार को लेकर गुस्सा है और आने वाले समय में अजित पवार और शरद पवार की पार्टी फिर से एक हो सकती है. संजय राउत ने संकेत दिए कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे चुनाव नतीजों को लेकर एक-दो दिन में मुलाकात कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि आज भी बड़े नेताओं से मिलने की संभावना है.

कम मार्जिन से हारी कई सीटें

संजय राउत ने कहा, ‘MNS को 6 सीटें मिलीं और वे बहुत सारी सीटें बहुत कम मार्जिन से हार गए. शिवसेना की भी लगभग 12-13 सीटें ऐसी हैं जहां हम बहुत कम वोटों से हारे.’ उन्होंने दावा किया कि अगर ये सीटें जीत ली जातीं तो मुंबई की राजनीतिक तस्वीर आज अलग होती.

सदन में विपक्ष सबसे बड़ी ताकत

संजय राउत के मुताबिक भाजपा-शिंदे गुट के पास सिर्फ 4 सीटों का बहुमत है. उन्होंने कहा, ‘महानगरपालिका के सदन में विपक्ष सबसे बड़ी ताकत के साथ है. हमारे पास ऐसा आंकड़ा है कि हम कभी भी सत्ता पलट सकते हैं, लेकिन हम लोकतंत्र का सम्मान करते हैं.’

ठेकेदारों का राज नहीं चलेगा

संजय राउत ने दो टूक कहा, ‘मुंबई को बड़े व्यापारियों की जेब में नहीं डालने देंगे और न ही ठेकेदारों का राज आने देंगे. हमारे 100 से ज्यादा पार्षद हर मोड़ पर आपको रोकेंगे.’ राउत ने हार की एक बड़ी वजह पार्टी के भीतर गद्दारों को बताया. उन्होंने कहा, ‘हमारी पार्टी में कुछ ‘जयचंद’ थे. अगर ये जयचंद पैदा नहीं होते तो भाजपा की 100 पीढ़ी भी मेयर नहीं बना पाती.’

शिंदे का पतन तय- राउत

संजय राउत ने दावा किया कि इस चुनाव के बाद शिंदे गुट का पतन तय है और अब भाजपा को उनकी जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि भाजपा हर राज्य में पार्टियां तोड़कर और ‘जयचंद’ पैदा करके ही चुनाव जीतती है. संजय राउत ने कहा कि यह मानना गलत है कि मुंबई में भाजपा जीत गई है. उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री होने के नाते उनके पास संसाधन हैं, लेकिन फिर भी मुकाबला बराबरी का रहा और भाजपा मुंबई का सौदा नहीं कर सकती.

भारत का अकेला रेलवे स्टेशन, जहां से पूरे देश के लिए मिलती हैं ट्रेन

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सोचिए, एक ऐसा रेलवे स्टेशन जहां से देश के हर कोने की ट्रेन पकड़ सकते हैं. यहां ट्रेन की आवाज कभी थमती नहीं, और सुबह से लेकर रात तक प्लेटफॉर्म पर लगातार यात्रियों की भीड़ रहती है.

क्या आपने कभी अंदाजा लगाया है कि भारत के हजारों रेलवे स्टेशनों में एक ऐसा भी है जो पूरे देश को जोड़ता है? यह स्टेशन सिर्फ यात्रा का केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय रेल नेटवर्क का दिल भी है. चलिए इसके बारे में जानते हैं.

भारत का अनोखा रेलवे केंद्र

भारत में लगभग 8,500 रेलवे स्टेशन हैं, जिनमें बड़े और छोटे स्टेशन दोनों शामिल हैं. हर राज्य और कोने में स्टेशन मौजूद हैं, लेकिन इनमें से एक ऐसा स्टेशन है जो पूरे देश के लिए ट्रेन सेवाएं उपलब्ध कराता है, इस स्टेशन का नाम है मथुरा जंक्शन.

देश के कोनों से जुड़ने वाला स्टेशन

मथुरा जंक्शन को देश के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों में गिना जाता है. यहां से कश्मीर से कन्याकुमारी तक, नॉर्थ ईस्ट से लेकर पश्चिमी भारत तक ट्रेनें जाती हैं. यदि आप किसी भी राज्य की ट्रेन पकड़ना चाहते हैं, तो मथुरा जंक्शन इसका सबसे आसान विकल्प है.

24 घंटे ट्रेनों की आवाजाही

मथुरा स्टेशन पर दिन-रात ट्रेनें गुजरती रहती हैं. प्लेटफॉर्म पर सुबह से लेकर रात तक ट्रेनों की आवाज सुनाई देती है. राजधानी दिल्ली से यहां से जाने वाली ट्रेनें और पूरे भारत के लिए यात्री ट्रेनें नियमित रूप से गुजरती हैं.

इतिहास से वर्तमान तक

1875 में मथुरा जंक्शन से पहली ट्रेन चली थी. तब से अब तक यह स्टेशन लगातार विकसित हुआ और आज यह भारतीय रेल नेटवर्क का एक अहम हिस्सा बन गया है. सैकड़ों ट्रेनों की आवाजाही और यात्रियों की भीड़ इसे हमेशा जीवंत बनाए रखती है.

मथुरा जंक्शन क्यों है खास?

मथुरा जंक्शन सिर्फ ट्रेन पकड़ने का केंद्र नहीं है. यह पूरे देश के रेलवे नेटवर्क का दिल है. अगर आप किसी भी दिशा में यात्रा करना चाहते हैं, तो यही वह स्टेशन है जो आपको सीधे जोड़ता है. इसके अलावा, मथुरा शहर के धार्मिक और पर्यटन महत्व की वजह से भी यह स्टेशन हर समय व्यस्त रहता है.

“BMC Mayor: बीएमसी रिजल्ट्स के बाद 5 स्टार ‘कैद’ में रहेंगे पार्षद! एकन”

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महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में बृहन्मुंबई महानगर पालिका के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई में महायुति का मेयर बन सकता है. इस बीच शिवसेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बड़ा फैसला लिया है.

सूत्रों के मुताबिक नतीजे सामने आने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ी हलचल मची हुई है. शिवसेना के अध्यक्ष और महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने अपने ‘सिक्योरिटी’ प्लान के तहत बीएमसी में मेयर बनने तक सभी जीते हुए उम्मीदवारों को एक सुरक्षित होटल में रखेंगे दावा है कि शिंदे सभी उम्मीदवारों को पांच सितारा होटल में रखने की योजना बना रहे हैं, ताकि सत्ता संभालने तक उनकी सुरक्षा और नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके.

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन; 17 जनवरी से पटरियों पर दौड़ने लगेगी.’,,

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देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन आज यानी 17 जनवरी से पटरियों पर दौड़ने लगेगी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मालदा टाउन रेलवे स्टेशन से इसे हरी झंडी दिखाएंगे.

अभी तक वंदे भारत ट्रेनें केवल बैठकर यात्रा करने के लिए बनाई गई थीं. लेकिन लंबी दूरी के यात्रियों के लिए अब स्लीपर वर्जन आया है. ट्रेन में आराम, सेफ्टी और मार्डन तकनीक को ध्यान में रखा गया है.

इसमें 3AC, 2AC और 1AC कोच भी शामिल हैं. यात्रियों की सुविधा के लिए एडवांस्ड बेडरोल, एर्गोनोमिक बर्थ, ऑटोमैटिक दरवाजे और ऑनबोर्ड खाने की व्यवस्था की गई है. यह ट्रेन यात्रा समय को भी कम करेगी और लंबी दूरी की रात भर की यात्रा आरामदायक बनाएगी. जान लें 3AC, 2AC और 1AC कोच का किराया कितना होगा.

ट्रेन में क्या खासियत है?

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कुल 16 कोच हैं. जिनमें 823 बर्थ की सुविधा दी गई है. 3AC में 611 बर्थ, 2AC में 188 बर्थ और 1AC में 24 बर्थ हैं. ट्रेन का इंटीरियर भारतीय संस्कृति से प्रेरित है. सुरक्षा के लिए कवच ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम, इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट और कीटाणुनाशक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है.

ड्राइवर के केबिन में एडवांस कंट्रोल और सुरक्षा सिस्टम लगे हैं. ट्रेन का बाहरी लुक एरोडायनामिक है. जिससे यह हवा को चीरते हुए तेजी से आगे बढ़ती है. कोच के दरवाजे ऑटोमैटिक हैं और वेस्टिब्यूल्स में आवाजाही आसान है. फास्टेस्ट स्पीड 180 किमी/घंटा है. वहीं नार्मली 130 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ेगी.

कितना होगा किराया?

गुवाहाटी से हावड़ा तक वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चल रही है. इसके किराए में प्रीमियम सुविधाओं का फर्क दिखता है. 3AC का प्रति किमी न्यूनतम किराया 2.4 रुपये है, यानी पूरी दूरी के लिए 2400 रुपये. 2AC का प्रति किमी किराया 3.1 रुपये, यानी 3100 रुपये. 1AC का प्रति किमी किराया 3.8 रुपये यानी 3800 रुपये होगा. ट्रेन गुवाहाटी और कोलकाता के बीच यात्रा समय को लगभग 3 घंटे कम करती है. डिजिटल बुकिंग और फिक्स्ड बर्थ के चलते यात्रियों को आरामदायक और सेफ एक्सीपीरिएंस मिलेगा.

यात्रियों के लिए सुविधाएं

यात्रियों की सुविधा के लिए इस ट्रेन में अपग्रेडेड बेडरोल, बेहतर कुशनिंग और शोर कम करने वाली तकनीक लगी है. एर्गोनोमिक बर्थ आरामदायक सफर होगा. ऑटोमैटिक स्लाइडिंग दरवाजे होंगे. ऑनबोर्ड यात्रियों को स्वादिष्ट स्थानीय व्यंजन परोसे जाएंगे और स्टाफ निर्धारित यूनिफॉर्म में उपलब्ध रहेगा. टिकटिंग डिजिटल-ओनली है उसमें भी सिर्फ कंफर्म टिकट जारी होंगे. RAC या वेटिंग की सुविधा नहीं है और कोई वीआईपी कोटा नहीं है.