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आखिर रुपया कमजोर क्यों हो रहा है? आम आदमी पर क्या असर पड़ेगा?

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भारतीय रुपया लगातार कमजोर होता जा रहा है. शुक्रवार को पहली बार ऐसा हुआ जब डॉलर के मुकाबले रुपया 96 के स्तर के पार चला गया. यानी अब 1 डॉलर खरीदने के लिए पहले से ज्यादा रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं. इसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है. बता दें कि कल ही यानी 14 मई को इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में रुपया 95.74 से खिसक कर 95.86 पर आता दिखा, इसका मतलब है कि सीधा 20 पैसे की कमी आई. इसके पहले भी 13 मई को भी रुपया 95.80 पर पहुंचने के बाद 95.66 प्रति डॉलर पर नजर आया. लेकिन अब तो हालात बद से बदतर हो गए हैं और रुपया 96 पहुंच गया है.

आखिर रुपया कमजोर क्यों हो रहा है?

पिछले कुछ दिनों से अंतरराष्ट्रीय बाजार में काफी हलचल है. मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने की वजह से कच्चे तेल की कीमतें ऊपर जा रही हैं. भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल विदेशों से खरीदता है. ऐसे में जब तेल महंगा होता है तो भारत को ज्यादा डॉलर खर्च करने पड़ते हैं. इसी वजह से रुपये पर दबाव बढ़ता है और उसकी कीमत गिरने लगती है.

इस समय रुपये में गिरावट की सबसे बड़ी वजह बढ़ती तेल कीमतें और विदेशी निवेशकों की बिकवाली मानी जा रही है. विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं और डॉलर खरीद रहे हैं. इससे डॉलर मजबूत हो रहा है और रुपया कमजोर पड़ रहा है. इसके अलावा दुनिया भर में आर्थिक अनिश्चितता भी बनी हुई है. ऐसे माहौल में निवेशक सुरक्षित निवेश की तरफ जाते हैं, जिससे अमेरिकी डॉलर की मांग और बढ़ जाती है.

आम आदमी पर क्या असर पड़ेगा?

रुपये के कमजोर होने का असर धीरे-धीरे हर व्यक्ति तक पहुंचता है. सबसे पहले पेट्रोल और डीजल महंगे हो सकते हैं. क्योंकि भारत तेल बाहर से खरीदता है और भुगतान डॉलर में होता है. अगर तेल महंगा हुआ तो ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ेगा. इसका असर सब्जियों, राशन, दूध और रोजमर्रा की दूसरी चीजों पर भी दिखाई दे सकता है. यानी आने वाले दिनों में महंगाई बढ़ने की आशंका है. इसके अलावा मोबाइल, लैपटॉप और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सामान भी महंगे हो सकते हैं, क्योंकि इनमें इस्तेमाल होने वाला काफी सामान विदेशों से आता है.

शेयर बाजार पर भी असर

रुपये में गिरावट का असर शेयर बाजार पर भी देखने को मिला. निवेशकों में थोड़ी चिंता का माहौल है. हालांकि आईटी कंपनियों को कमजोर रुपये से फायदा हो सकता है, क्योंकि उनकी कमाई डॉलर में होती है. लेकिन बाकी सेक्टरों के लिए यह स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं मानी जा रही.

क्या डॉलर 100 रुपये तक जाएगा?

अब बाजार में यह चर्चा भी शुरू हो गई है कि क्या आने वाले समय में डॉलर 100 रुपये तक पहुंच सकता है. फिलहाल एक्सपर्ट्स मानते हैं कि ऐसा तुरंत होना मुश्किल है, लेकिन अगर अंतरराष्ट्रीय हालात और बिगड़े तो दबाव बढ़ सकता है. हालांकि RBI लगातार हालात पर नजर रखे हुए है. जरूरत पड़ने पर रिजर्व बैंक बाजार में दखल देकर रुपये को संभालने की कोशिश कर सकता है. फिलहाल, आम लोगों के लिए सबसे बड़ी चिंता यही है कि अगर रुपया लगातार कमजोर होता रहा, तो महंगाई और बढ़ सकती है.

पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम पर सचिन पायलट का बड़ा बयान…

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सचिन पायलट का दावा है कि चुनाव में वोट पाने के लिए सरकार ने पेट्रोल डीजल के दाम पर रोक लगाकर रखी और चुनाव खत्म होते ही कीमत बढ़ा दी.

राजस्थान सहित पूरे देश में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से लोगों में चिंता का माहौल है. आज (शुक्रवार, 15 मई) पेट्रोल के दाम 3.25 रुपये बढ़कर 107.97 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं और डीजल 3.02 रुपये बढ़कर 93.23 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया. इसपर अब राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री और कांग्रेस के सीनयर नेता सचिन पायलट का बड़ा बयान आया है. सचिन पायलट ने बीजेपी की केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला और दावा किया, “यह पहले से ही तय था.”

पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ने पर कांग्रेस महासचिव और राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने कहा, “यह पहले से ही तय था. वोट लो, फिर कीमत बढ़ाओ.” उन्होंने आगे कहा कि 5 राज्यों के चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल-डीजल के दामों में तुरंत 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी गई. सचिन पायलट ने सरकार पर आरोप लगाया कि पहले जनता को लुभाने के लिए दामों को बढ़ाया नहीं, चुनाव समाप्त हुए तो बोझ जनता की जेब पर डाल दिया.

VAT के आधार पर हर राज्य के रेट अलग

जानकारी के लिए बता दें कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में शुक्रवार को तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई. यह पिछले चार वर्षों में पेट्रोल-डीजल के दाम में पहली वृद्धि है. कच्चे तेल की बढ़ती वैश्विक कीमतों के कारण तेल विपणन कंपनियों का घाटा बढ़ने के बीच यह वृद्धि की गई है. इसके साथ ही, दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में सीएनजी की कीमतों में दो रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई.

उद्योग जगत से जुड़े सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये से बढ़कर 97.77 रुपये प्रति लीटर हो गई है. डीजल अब 87.67 रुपये के मुकाबले 90.67 रुपये प्रति लीटर हो गया है. दरें राज्यों में मूल्य वर्धित कर (VAT) के अंतर के कारण अलग-अलग होती हैं.

चावल की बुवाई से पहले ऊर्जा संकट की मार, खेतों के लिए डीजल की किल्लत से परेशान किसान…

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वैश्विक ऊर्जा संकट की वजह से जम्मू के किसानों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है. एक महीने बाद धान की बुवाई शुरू होनी है. लेकिन ट्रैक्टर चलाने के लिए डीजल की किल्लत है.

विश्व स्तर पर गहराते ऊर्जा संकट ने जम्मू के किसानों की नींद उड़ा दी है. फिलहाल जम्मू के खेत भले ही खाली नजर आ रहे हों लेकिन ठीक एक महीने बाद यहां धान की बुवाई का सीजन शुरू होने वाला है. किसानों ने अपनी नर्सरी में चावल के पौधे तैयार करना शुरू कर दिया है जिन्हें एक महीने बाद मुख्य खेतों में शिफ्ट किया जाएगा.

हालांकि इस सुनहरे भविष्य के बीच डीजल की कमी का डर एक बड़े विलेन की तरह खड़ा है. खेतों को तैयार करने के लिए ट्रैक्टरों का बार-बार इस्तेमाल जरूरी है लेकिन ईंधन की उपलब्धता को लेकर बनी अनिश्चितता ने अन्नदाताओं को गहरी चिंता में डाल दिया है. जान लें अभी के हालात.

क्या मिल पाएगा डीजल?

धान की फसल लगाने से पहले खेतों की जुताई का काम सबसे महत्वपूर्ण होता है. किसानों का कहना है कि मिट्टी को बुवाई के लायक बनाने के लिए कई बार ट्रैक्टर चलाने पड़ते हैं. इस पूरी प्रक्रिया का दारोमदार पूरी तरह से डीजल पर टिका है. जिस तरह से वैश्विक स्तर पर ऊर्जा का संकट बढ़ रहा है.

उससे जम्मू के किसानों में इस बात का डर बैठ गया है कि जब बुवाई का पीक समय आएगा तब उन्हें अपनी मशीनों के लिए पर्याप्त डीजल मिल पाएगा या नहीं. अगर समय पर ईंधन नहीं मिला. तो खेतों को तैयार करना नामुमकिन हो जाएगा और पूरी फसल चक्र पर इसका बुरा असर पड़ेगा.

किसानों के मन में डर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ईंधन बचत की अपीलों ने किसानों की चिंताओं को और हवा दे दी है. किसानों का तर्क है कि अगर अभी से ही पेट्रोल-डीजल के इस्तेमाल को लेकर इतनी सख्ती और संशय वाली स्थिति है. तो अगले एक महीने में हालात और भी चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं.

किसानों के मन में यह बड़ा सवाल आ रहा है कि क्या संकट की घड़ी में सरकार कृषि कार्यों के लिए डीजल की सप्लाई सुनिश्चित कर पाएगी? बिना डीजल के आधुनिक खेती की कल्पना करना मुश्किल है और ऐसे में बुवाई के सीजन से ठीक पहले का यह समय किसानों के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है.

सरकार से राहत की मांग

जम्मू से लेकर पंजाब तक के किसान अब केंद्र सरकार की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं. किसानों का स्पष्ट रूप से कहना है कि प्रधानमंत्री को इस गंभीर मुद्दे पर दखल देना चाहिए और कृषि क्षेत्र के लिए ईंधन का विशेष कोटा या सुचारू सप्लाई का इंतजाम करना चाहिए. ऊर्जा संकट एक वैश्विक समस्या हो सकती है.

लेकिन इसका सीधा असर देश की खाद्य सुरक्षा और किसानों की आजीविका पर पड़ रहा है. अन्नदाताओं की मांग है कि जम्मू-कश्मीर और पंजाब जैसे कृषि प्रधान राज्यों के लिए ठोस रणनीति बनाई जाए. जिससे डीजल की किल्लत की वजह से एक भी खेत बंजर न रह जाए और बुवाई का काम समय पर पूरा हो सके.

भारत में लॉन्च हुई नई इम्यूनोथेरेपी दवा, 7 मिनट में कैंसर को करेगी टारगेट, जानें इसकी कीमत…

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भारत में एक नई इम्यूनोथेरेपी दवा लॉन्च की गई है, जो फेफड़ों के कैंसर के मरीजों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है. आइए जानते हैं इसके बारे में…

भारत में लॉन्च नई इम्यूनोथेरेपी

कैंसर जैसी गंभीर बीमारी में मरीज और उनके परिवार के लिए इलाज का तरीका बहुत जरूरी होता है. इसी को देखते हुए हाल ही में भारत में एक नई इम्यूनोथेरेपी दवा लॉन्च की गई है, जो फेफड़ों के कैंसर के मरीजों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है. इस दवा का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसे अब सिर्फ 7 मिनट में शरीर में इंजेक्शन के रूप में दिया जा सकता है, जबकि पहले यह सिर्फ लंबी IV (इन्ट्रावेनस) इन्फ्यूजन के माध्यम से उपलब्ध थी. ऐसे में आइए जानते हैं कि भारत में लॉन्च हुई नई इम्यूनोथेरेपी इंजेक्शन की कीमत कितनी है.

नई इम्यूनोथेरेपी इंजेक्शन क्या है?

नई इम्यूनोथेरेपी इंजेक्शन मुख्य रूप से नॉन-स्मॉल सेल फेफड़ों के कैंसर (NSCLC) के मरीजों के लिए है. भारत में हर साल लगभग 81,000 नए फेफड़ों के कैंसर के केस सामने आते हैं, जिनमें यह प्रकार सबसे ज्यादा होता है, लेकिन हर मरीज को यह दवा नहीं दी जा सकती है. यह PD-L1 प्रोटीन पर काम करती है. इसलिए सिर्फ वही मरीज इसका फायदा उठा सकते हैं जिनके कैंसर सेल्स पर PD-L1 प्रोटीन उच्च स्तर पर मौजूद हो. विशेषज्ञों के अनुसार, NSCLC मरीजों में लगभग आधे इस इलाज के लिए योग्य हैं.

दवा कैसे काम करती है?

हमारे शरीर की इम्यून सिस्टम के T सेल्स असामान्य या हानिकारक कोशिकाओं को पहचान कर उन्हें खत्म करते हैं,  लेकिन कई कैंसर सेल्स अपने ऊपर PD-L1 नामक प्रोटीन दिखाते हैं, जो T सेल्स को कंफ्यूज करता है और उन्हें हमला करने से रोकता है. एटेजोलिज़ुमैब इस प्रोटीन से बंधकर इसे ब्लॉक कर देता है. इससे T सेल्स फिर से कैंसर सेल्स को पहचानने लगते हैं और उन्हें खत्म कर देते हैं.

नई इम्यूनोथेरेपी इंजेक्शन का नया तरीका कितना सही है?

पहले यह दवा IV इन्फ्यूजन के रूप में दी जाती थी, जिसमें मरीज को घंटों तक अस्पताल में रहना पड़ता था, लेकिन नई सबक्यूटेनियस इंजेक्शन तकनीक में यह सिर्फ जांघ में 7 मिनट में दी जा सकती है. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि अब अस्पताल के पांच मरीज SC इंजेक्शन के माध्यम से इलाज ले सकते हैं, जबकि एक ही मरीज को IV इन्फ्यूजन में इतना समय लगता था. इस नई विधि को मरीज भी पसंद कर रहे हैं. वैश्विक अध्ययन बताते हैं कि 5 में से 4 मरीज IV की जगह SC इंजेक्शन को लेते हैं.

भारत में लॉन्च हुई नई इम्यूनोथेरेपी इंजेक्शन की कीमत कितनी है?

भारत में लॉन्च हुई नई इम्यूनोथेरेपी इंजेक्शन की कीमत बहुत ज्यादा है. भारत में एक डोज का खर्च लगभग 3.7 लाख रुपये है और आमतौर पर मरीज को 6 डोज की जरूरत होती है. लेकिन Blue Tree नामक कंपनी का पेशेंट असिस्टेंस प्रोग्राम मरीजों की लागत कम करने में मदद करता है. इसे सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (CGHS) के तहत भी शामिल किया गया है. SC इंजेक्शन में बायो-इक्विवेलेंट डोज 1800 mg है, जबकि IV में 1200 mg, जिसकी कीमत में लगभग 25,000 से 30,000 रुपये का अंतर है.

Weather India Monsoon: भारत के कई हिस्सों में बारिश की संभावना. जानें मौसम का ताजा हाल…

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असम और मेघालय में 15 से 21 मई तक भारी बारिश होती रहेगी. अरुणाचल प्रदेश में 15 से 17 मई तक और फिर 20 व 21 मई को भारी बारिश का अनुमान है.

भारत के कई हिस्सों में बारिश की संभावना जताई गई है.

भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने 15 मई 2026 को अपने ताजा बुलेटिन में कहा है कि इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून 26 मई को केरल में दस्तक दे सकता है, हालांकि इसमें चार दिन आगे-पीछे हो सकते हैं. अंडमान सागर और दक्षिण बंगाल की खाड़ी में अगले 24 घंटों में मानसून के आगे बढ़ने के हालात बन रहे हैं.

मानसून से पहले देश के बड़े हिस्से में गर्मी का कहर जारी है. IMD ने चेतावनी दी है कि उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में इस पूरे हफ्ते लू से लेकर भीषण लू जैसे हालात रह सकते हैं.

कहां-कहां होगी लू

पश्चिमी राजस्थान में 15 से 21 मई तक लू चलने की आशंका है और 18 से 21 मई के बीच यह भीषण लू में बदल सकती है. उत्तर प्रदेश में 16 से 21 मई तक लू की स्थिति रहेगी जिसमें 18 और 19 मई को हालात और गंभीर हो सकते हैं.

पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 17 से 21 मई तक लू चलने का अनुमान है. मध्य प्रदेश और विदर्भ में 15 से 21 मई तक गर्म हवाएं चलती रहेंगी. महाराष्ट्र के अकोला में कल यानी 14 मई को देश का सबसे ज्यादा तापमान 45.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया.

दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम

राजधानी दिल्ली में शुक्रवार (15 मई) शाम या रात को गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है और हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है.

16 मई को आसमान साफ रहेगा और तापमान इसी दायरे में रहेगा. 17 मई को दोपहर बाद बादल छाने और तेज हवाएं चलने की संभावना है, अधिकतम तापमान 41 से 43 डिग्री तक जा सकता है. 18 मई को तापमान 42 से 44 डिग्री तक पहुंच सकता है जो सामान्य से करीब 3 से 5 डिग्री ज्यादा होगा.

पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में बारिश का अलर्ट

असम और मेघालय में 15 से 21 मई तक भारी बारिश होती रहेगी. अरुणाचल प्रदेश में 15 से 17 मई तक और फिर 20 व 21 मई को भारी बारिश का अनुमान है. बी पी घाट में बीते 24 घंटों में 27 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई जो देश में सबसे ज्यादा रही.

दक्षिण भारत में तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 15 से 17 मई तक, केरल और माहे में 15 से 17 मई तक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 15 से 18 मई तक भारी बारिश का अलर्ट है.

मछुआरों के लिए चेतावनी

IMD ने मछुआरों को सलाह दी है कि वे 15 से 20 मई के बीच दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर, गल्फ ऑफ मन्नार और केरल तथा कर्नाटक के तटीय इलाकों में समुद्र में न जाएं. इन इलाकों में तेज हवाएं और ऊंची लहरें उठ सकती हैं.

बीते 24 घंटों में क्या हुआ

बीते दिन राजस्थान के फतेहपुर में 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं. जयपुर में 72 और बीकानेर में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी आई. पंजाब के कई इलाकों में ओलावृष्टि भी हुई. राजस्थान के कुछ हिस्सों में धूल भरी आंधी चली. IMD ने लोगों को सलाह दी है कि लू के दौरान धूप में निकलने से बचें, पानी पीते रहें और ORS या नींबू पानी, छाछ जैसे घरेलू पेय का इस्तेमाल करें. गरज-चमक के दौरान पेड़ों के नीचे न खड़े हों और बिजली के उपकरण बंद कर दें.

कल का राशिफल 16 मई 2026: पढ़ें 16 मई 2026 का सटीक राशिफल और पंचांग….

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शनिवार आपके लिए कैसा रहेगा? कल का राशिफल 16 मई 2026

ज्योतिष” जानें ग्रहों की चाल का आपके करियर, वित्त और सेहत पर प्रभाव. पढ़ें 16 मई 2026 का सटीक राशिफल और पंचांग…

शनिवार का दिन ज्योतिषीय गणना के अनुसार विशेष उपलब्धियों और सकारात्मक परिणामों वाला रहेगा. कल अमावस्या तिथि देर रात 25:33:22 (अगले दिन तड़के) तक रहेगी, जो आध्यात्मिक कार्यों के लिए महत्वपूर्ण है. नक्षत्रों की बात करें तो कल शाम 05:31:14 तक भरणी नक्षत्र प्रभावी रहेगा.

विख्यात भविष्यवक्ता’ , कल ग्रहों की स्थिति से सुबह 10:25:08 तक सौभाग्य योग का साथ मिलेगा, जो सफलता के द्वार खोलेगा.

कल धनु राशि के जातकों को पदोन्नति (प्रमोशन) की खुशखबरी मिल सकती है, वहीं मकर राशि वालों को पैतृक संपत्ति का लाभ होने के प्रबल योग हैं. सिंह राशि के जातकों के लिए कानूनी मामलों में जीत का दिन रहेगा. हालांकि, कुंभ राशि वालों को अपने स्वास्थ्य और निवेश के प्रति विशेष सावधानी बरतनी होगी.

आइए, जानते हैं मेष से मीन तक का विस्तृत भविष्यफल. कल का राशिफल 16 मई 2026

मेष राशि (Aries)

कल का दिन सामाजिक क्षेत्रों में आपकी छवि निखारने वाला रहेगा. अविवाहितों के लिए विवाह के उत्तम प्रस्ताव आ सकते हैं.

  • Business: किसी नए साझेदार पर तुरंत भरोसा न करें, धोखा मिलने की आशंका है.
  • Family: पिता के किसी निर्णय से आप असहज हो सकते हैं, शांति से बातचीत करें.
  • Religion: धर्म-कर्म के कार्यों में आपकी सक्रियता बढ़ेगी.
  • शुभ रंग: लाल | शुभ अंक: 9

वृष राशि (Taurus)

कल का दिन आपके लिए कुछ विशेष उपलब्धि हासिल करने का है. उधार लिया गया धन चुकाने में आप सफल रहेंगे.

  • Career: नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अभी थोड़ा और धैर्य रखना होगा.
  • Family: मांगलिक कार्यक्रमों का आयोजन संभव है, हालांकि सदस्यों में वैचारिक मतभेद हो सकते हैं जिसे वरिष्ठों की मदद से सुलझाएं.
  • Business: व्यापारिक उलझनों को लेकर मन थोड़ा परेशान रह सकता है.
  • शुभ रंग: सफेद | शुभ अंक: 2

मिथुन राशि (Gemini)

मिथुन राशि वालों के लिए कल का दिन सामान्य रहेगा. लंबी दूरी की यात्रा की इच्छा प्रबल होगी.

  • Family: पिता से मन की बात साझा करने से मानसिक तनाव कम होगा.
  • Love/Career: जीवनसाथी को करियर में कोई अच्छा ऑफर मिल सकता है.
  • Children: संतान पक्ष से कोई सुखद समाचार सुनने को मिलेगा.
  • शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 5

कर्क राशि (Cancer)

कल का दिन सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा, विशेषकर कार्यक्षेत्र में आपकी अच्छी सोच का लाभ मिलेगा.

  • Career: किसी विशेष व्यक्ति के मिलने से व्यापार में लाभ होगा, लेकिन काम की गति धीमी रह सकती है.
  • Health: सिर दर्द और बदन दर्द जैसी शारीरिक समस्याएं परेशान कर सकती हैं.
  • Caution: कार्यक्षेत्र में वाद-विवाद से बचें, अन्यथा भारी नुकसान हो सकता है.
  • शुभ रंग: दूधिया सफेद | शुभ अंक: 7

सिंह राशि (Leo)

सिंह राशि वालों के लिए कल का दिन कानूनी मामलों में विजय दिलाने वाला रहेगा. विरोधियों को अपनी बुद्धि से मात देने में सफल रहेंगे.

  • Finance: बिजनेस के लिए आवश्यक ऋण आसानी से मिल जाएगा.
  • Education: पढ़ाई पर पूरा फोकस करना होगा, तभी मुश्किलों का हल निकलेगा.
  • Real Estate: प्रॉपर्टी डीलिंग से जुड़े लोगों को अच्छा मुनाफा मिलने के योग हैं.
  • शुभ रंग: सुनहरा | शुभ अंक: 1

कन्या राशि (Virgo)

कल का दिन अत्यधिक भागदौड़ वाला रहेगा. आप दूसरों की समस्याओं को सुलझाने में अपना काफी समय व्यतीत करेंगे.

  • Family: भागदौड़ के कारण परिवार को समय नहीं दे पाएंगे, जिससे अपनों की शिकायतें बढ़ सकती हैं.
  • Health: सेहत में चल रहे उतार-चढ़ाव से राहत मिलेगी.
  • Caution: पिता से बहसबाजी होने की आशंका है, संयम बनाए रखें.
  • शुभ रंग: गहरा हरा | शुभ अंक: 6

तुला राशि (Libra)

तुला राशि वालों के लिए पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में नई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं, जिन्हें बड़े सदस्यों की सलाह से सुलझाना होगा.

  • Finance: आय अच्छी रहेगी, लेकिन बढ़ते खर्च सिरदर्द बन सकते हैं.
  • Education: किसी संस्था के माध्यम से विदेश में शिक्षा ग्रहण करने का अवसर मिल सकता है.
  • Family: जरूरी मुद्दों पर परिवार के बुजुर्गों के साथ गंभीर चर्चा होगी.
  • शुभ रंग: हल्का नीला | शुभ अंक: 8

वृश्चिक राशि (Scorpio)

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए कल का दिन अन्य दिनों की तुलना में बेहतर रहेगा. अपनी सोच-समझ से आगे बढ़ना आपके लिए हितकर होगा.

  • Career: संतान के करियर को लेकर कोई ऐसा ठोस निर्णय लेंगे जिससे परिवार वाले हैरान रह सकते हैं.
  • Caution: संपत्ति की खरीदारी करते समय कागजात और सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर लें.
  • Travel: घूमने-फिरने के दौरान कोई महत्वपूर्ण सूचना प्राप्त हो सकती है.
  • शुभ रंग: मैरून | शुभ अंक: 3

धनु राशि (Sagittarius)

कल का दिन मान-सम्मान में वृद्धि लेकर आएगा. नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति (प्रमोशन) मिल सकती है.

  • Career: बेरोजगारों को रोजगार से जुड़ी कोई खुशखबरी मिल सकती है.
  • Family: जीवनसाथी का भरपूर सहयोग मिलेगा, लेकिन माता-पिता की सेहत के प्रति सचेत रहें.
  • Health: सेहत में समस्या होने पर डॉक्टरी परामर्श जरूर लें.
  • शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 4

मकर राशि (Capricorn)

नया काम शुरू करने के लिए कल का दिन बहुत अच्छा है. पैतृक संपत्ति मिलने से आपकी खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा.

  • Business: व्यापार में नई योजनाओं को शामिल करने से आय में वृद्धि होगी.
  • Travel: काम के सिलसिले में छोटी दूरी की यात्रा करनी पड़ सकती है.
  • Work: वर्क फ्रॉम होम कर रहे लोग अपने काम पर विशेष ध्यान दें, गलती होने की संभावना है.
  • शुभ रंग: काला | शुभ अंक: 10

कुंभ राशि (Aquarius)

कुंभ राशि वालों के लिए कल स्वास्थ्य और वित्त के मामले में सावधानी बरतने का दिन है. व्यापार में आर्थिक नुकसान की आशंका है.

  • Career: नौकरी बदलने की योजना बना रहे लोगों को अच्छे अवसर मिल सकते हैं.
  • Finance: निवेश बहुत सोच-समझकर करें.
  • Health: खान-पान पर नियंत्रण रखें और बाहर के तले-भुने भोजन से परहेज करें.
  • शुभ रंग: नीला | शुभ अंक: 11

मीन राशि (Pisces)

व्यवसाय के मामले में कल का दिन उन्नतिदायक रहेगा. कार्यक्षेत्र में किए गए बदलाव भविष्य में बड़ा लाभ दिलाएंगे.

  • Love: जीवनसाथी के साथ चल रही कटुता दूर होगी और संबंधों में मधुरता आएगी.
  • Health: ऊर्जा का स्तर ऊंचा रहेगा, जिससे अधूरे काम समय पर निपटेंगे.
  • Caution: बाहरी व्यक्तियों से विवाद न करें और वाहन चलाते समय सावधानी बरतें.
  • शुभ रंग: केसरिया | शुभ अंक: 12

पेट्रोल-डीजल-CNG में आग और अल नीनो की मार;महंगाई के दुष्चक्र के नतीजे क्या?

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Inflation Vicious Cycle: सरकार और तेल कंपनियां दुष्चक्र के बोझ को आप तक आने से रोकने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन जैसा कि RBI गवर्नर ने साफ कहा, ‘कीमतों में बढ़ोतरी अब सिर्फ समय की बात है.’

महंगाई के दुष्चक्र के नतीजे क्या?

एक सुबह अखबार के पहले पन्ने पर छपा होता है- ‘थोक महंगाई दर रिकॉर्ड 8.30 फीसदी पर पहुंची.’ उसी अखबार के दूसरे पन्ने पर एक और खबर होती है- ‘RBI ने आने वाले महीनों में रेपो रेट की बढ़ोतरी के संकेत दिए.’ फिर शाम को जब आप पेट्रोल पंप पर जाते हैं, तो पता चलता है कि डीजल और CNG भी 4-5 रुपये महंगे होने वाले हैं. आपको लगे कि ये सब अलग-अलग मुसीबतें हैं, लेकिन असल में ये तीनों एक ही बेहद खतरनाक जंजीर की तीन कड़ियां हैं, जिसे अर्थशास्त्री ‘महंगाई का दुष्चक्र’ कहते हैं. ये एक ऐसा फंदा है जो पश्चिम एशिया के युद्ध और अल नीनो की मार से शुरू होता है, लेकिन कैसे?

पहली चिंगारी: पेट्रोल-डीजल-CNG में आग और अल नीनो की मार

महंगाई का ये दुष्चक्र दो बड़े धक्कों से शुरू होता है:

  1. ईंधन की कीमतों में बेकाबू उछाल

इस वक्त पूरी दुनिया में पेट्रोल और डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह है मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव और युद्ध के हालात. इस संकट ने ‘होर्मुज स्ट्रेट’ से तेल की सप्लाई को बुरी तरह प्रभावित किया है, जहां से दुनिया का करीब 20 फीसदी तेल गुजरता है. नतीजा ये हुआ कि कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से उछलकर 126 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गईं.

इसका सीधा असर भारत के थोक बाजार पर पड़ा. अप्रैल 2026 में देश की थोक महंगाई दर (WPI) उछलकर 8.30% पर पहुंच गई, जो पिछले साढ़े तीन साल (42 महीने) का सबसे ऊंचा स्तर है. मार्च 2026 में ये दर महज 3.88% थी, यानी सिर्फ एक महीने में दोगुने से भी ज्यादा का उछाल.

इस पूरी बढ़त में सबसे बड़ा हाथ ‘ईंधन और बिजली’ सेक्टर का रहा, जिसकी महंगाई दर सीधे 24.71% तक जा पहुंची, जबकि मार्च में ये सिर्फ 1.05% थी. अकेले कच्चे तेल की थोक महंगाई दर 88.06% और पेट्रोल की   32.40% तक पहुंच गई. बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस के मुताबिक, ‘युद्ध रुकने के कोई संकेत नहीं हैं, जिससे तेल की कीमतें 100-120 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में बनी रहेंगी और WPI महंगाई ऊंची बनी रहेगी.’ रेटिंग एजेंसी ICRA ने तो यहां तक कहा कि मई में थोक महंगाई और बढ़ सकती है.

  1. अल नीनो का खतरनाक साया

ऊपर से, मौसम विभाग (IMD) ने 2026 के दक्षिण-पश्चिम मानसून के सामान्य से कम (लॉन्ग पीरियड एवरेज का सिर्फ 92%) रहने का अनुमान जताया है. इसकी सबसे बड़ी वजह ‘सुपर अल नीनो’ है. ये एक ऐसी मौसमी घटना है जिसमें प्रशांत महासागर की सतह का तापमान सामान्य से 2 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक बढ़ जाता है, जिससे मानसून की हवाएं कमजोर पड़ जाती हैं और बारिश कम होती है. मई से जुलाई 2026 के बीच इसके सक्रिय होने की 61% संभावना जताई गई है.

इसका सीधा मतलब है- फसलों का उत्पादन घटेगा. खासकर धान, सोयाबीन और कपास जैसी प्रमुख फसलें प्रभावित होंगी, जिससे खाद्य महंगाई बढ़ेगी.

दूसरा झटका: कंपनियों से होता हुआ बोझ आप तक पहुंचना

ये बढ़ी हुई लागत सीधे आप तक नहीं पहुंचती, बल्कि एक चेन के जरिए आती है:

  1. थोक विक्रेता और कंपनियां

WPI के आंकड़े बताते हैं कि सिर्फ ईंधन ही नहीं, बल्कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर भी प्रभावित हुआ है. मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स की महंगाई दर मार्च के 3.39% से बढ़कर अप्रैल में 4.62% पर पहुंच गई, जो 43 महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है. WPI के तहत ट्रैक होने वाले 22 में से 21 मैन्युफैक्चरिंग ग्रुप्स में अप्रैल में कीमतें बढ़ीं. प्राइमरी आर्टिकल्स (कच्चा माल) की महंगाई भी 6.36% से बढ़कर 9.17% हो गई.

  1. ग्राहक यानी आप पर बोझ

जब कच्चा तेल ही 88% महंगा हो जाएगा, तो पेट्रोल-डीजल बनाने वाली कंपनियों की लागत भी उतनी ही बढ़ जाएगी. RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने साफ कहा है, ‘तेल कंपनियां ज्यादा समय तक ये नुकसान नहीं झेल सकतीं.’ तेल कंपनियों को हर महीने करीब 30,000 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है. एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि 15 मई 2026 के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 4 से 5 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हो सकती है.

पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ते ही ट्रांसपोर्ट महंगा हो जाता है. फिर चाहे सब्जी हो, दूध हो या कोई भी सामान. सबकी ढुलाई का खर्च बढ़ जाता है. एक अनुमान के मुताबिक, अगर डीजल सिर्फ 5 रुपए प्रति लीटर महंगा होता है, तो माल ढुलाई की लागत 3% तक बढ़ जाती है.

आखिरी वार: RBI की मजबूरी और बढ़ती EMI

यहां से शुरू होता है असली ‘दुष्चक्र’, जो आम आदमी की कमर तोड़ देता है:

  1. RBI की चुनौती और आपकी EMI

RBI का काम है महंगाई को काबू में रखना. अभी रेपो रेट   5.25% पर स्थिर है, लेकिन RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए खुदरा महंगाई (CPI) का अनुमान 4.6% लगाया है. तीसरी तिमाही (Q3) में इसके 5.2% तक पहुंचने की आशंका जताई है. WPI के 8.30% पर पहुंचने के बाद अब दबाव और बढ़ गया है. बैंक ऑफ बड़ौदा के चीफ इकोनॉमिस्ट ने आगाह किया है कि WPI महंगाई कुछ समय बाद ऊंची इनपुट लागत के जरिए CPI यानी खुदरा महंगाई में भी तब्दील हो जाती है.

  1. रेपो रेट बढ़ने का सीधा असर

रेपो रेट वो दर है जिस पर RBI बैंकों को कर्ज देता है. जब RBI इस दर को बढ़ाता है, तो बैंकों के लिए पैसा महंगा हो जाता है और ये बोझ बैंक आप पर डालते हैं. इसका नतीजा ये होता है कि आपके होम लोन, कार लोन या किसी भी तरह की EMI की रकम बढ़ जाती है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर महंगाई काबू में आती है तो 2026 के आखिर या 2027 की शुरुआत में ही EMI में राहत मिल सकती है. RBI ने फिलहाल ‘प्रतीक्षा करो और देखो’ की रणनीति अपनाई है, लेकिन होर्मुज स्ट्रेट में तनाव बढ़ने से महंगाई और बढ़ने की आशंका ने स्थिति को और मुश्किल बना दिया है.

आखिर ये महंगाई का ‘दुष्चक्र’ क्यों है?

ये पूरी प्रक्रिया एक जाल की तरह काम करती है और हर कड़ी आपस में जुड़ी है:

  • बाहरी झटका: पश्चिम एशिया में तनाव और अल नीनो जैसे कारणों से ईंधन और खाने-पीने की चीजें महंगी होती हैं. WPI 8.30% पर और फ्यूल एंड पावर महंगाई 24.71% पर.
  • लागत का हस्तांतरण: कंपनियों और थोक विक्रेताओं की लागत बढ़ती है (मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स महंगाई 4.62%), जिसका बोझ वो ग्राहकों पर डालते हैं. 15 मई से पेट्रोल-डीजल में 2-3 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ोतरी हुई है.
  • RBI की कार्रवाई: बढ़ती महंगाई (CPI अनुमान 4.6%, Q3 में 5.2% तक) को रोकने के लिए RBI रेपो रेट बढ़ाने पर मजबूर हो सकता है.
  • आम आदमी पर दोहरी मार: नतीजा ये होता है कि एक तरफ आपकी रोजमर्रा की जिंदगी का खर्च बढ़ जाता है (पेट्रोल से लेकर सब्जी तक). दूसरी तरफ आपकी चुकाई जा रही EMI की रकम भी बढ़ने का खतरा मंडराने लगता है.

इसे ही ‘महंगाई का दुष्चक्र’ कहते हैं, जहां एक समस्या दूसरी को जन्म देती है और आखिर में पूरा बोझ आम आदमी की जेब पर आकर गिरता है. फिलहाल सरकार और तेल कंपनियां इस बोझ को आप तक आने से रोकने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन जैसा कि RBI गवर्नर ने साफ कहा, कीमतों में बढ़ोतरी अब ‘सिर्फ समय की बात’ है.

पीएम मोदी का अबूधाबी में भव्य स्वागत, किन मुद्दों पर होगी बातचीत….

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पीएम मोदी यूएई दौरे पर हैं. यूएई के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करते समय प्रधानमंत्री मोदी के विमान को यूएई के एफ16 जेट विमानों ने एस्कॉर्ट किया.

पीएम मोदी का अबूधाबी में भव्य स्वागत

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार  (15 मई) को  अबू धाबी पहुंचे. यूएई के राष्ट्रपति ने पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया .प्रधानमंत्री को गॉर्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया. इससे पहले यूएई के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करते समय प्रधानमंत्री मोदी के विमान को यूएई के एफ16 जेट विमानों ने एस्कॉर्ट किया. इसका वीडियो भी सामने आया है.

किन मुद्दों पर होगी बातचीत?

पीएम मोदी के संयुक्त अरब अमीरात के आधिकारिक दौरे का मकसद दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है. इस दौरे के दौरान पीएम मोदी संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ व्यापार, निवेश, ऊर्जा सुरक्षा और लोगों के बीच संबंधों जैसे सहयोग के खास क्षेत्र पर बातचीत होगी.

PM मोदी के दौरे पर क्या बोला विदेश मंत्रालय?

इस दौरे से भारत और यूएई के बीच रणनीतिक और आर्थिक जुड़ाव और गहरा होने की उम्मीद है, जो खाड़ी क्षेत्र में भारत के खास साझेदार में से एक है. विदेश मंत्रालय ने कहा, यह दौरा दोनों देशों के बीच अहम व्यापार और निवेश जुड़ाव को बढ़ावा देगा. आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी के दौरे के दौरान ऊर्जा सुरक्षा खास फोकस क्षेत्र में से एक होगा और एलपीजी और रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व के क्षेत्र में दो अहम एमओयू होने की उम्मीद है.

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, यूएई पिछले 25 सालों में भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापार साझेदार और कुल मिलाकर निवेश का सातवां सबसे बड़ा सोर्स रहा है. यूएई में 4.5 मिलियन से ज्यादा भारतीय रहते हैं, इसलिए यह दौरा उनके बारे में बात करने का भी एक मौका होगा.

नीदरलैंड जाएंगे पीएम मोदी

मीडिया को जानकारी देते हुए, विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम), सिबी जॉर्ज ने पहले बताया कि अपने दौरे के दूसरे हिस्से में, प्रधानमंत्री नीदरलैंड जाएंगे. 2017 के बाद से यह प्रधानमंत्री का नीदरलैंड का दूसरा दौरा होगा. इस दौरे के दौरान, वह किंग विलेम-अलेक्जेंडर और क्वीन मैक्सिमा से मिलेंगे और प्रधानमंत्री रॉब जेटन से बातचीत करेंगे.

तीसरे चरण में, पीएम मोदी स्वीडन के गोथेनबर्ग जाएंगे और अपने स्वीडिश समकक्ष, उल्फ क्रिस्टरसन के साथ बातचीत करेंगे, ताकि दोनों देशों के संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की जा सके और दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ाने के लिए सहयोग के नए रास्ते तलाशे जा सकें.

वन धन विकास केंद्र वनांचल की महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का नया सोपान…

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लघु वनोपज प्रसंस्करण से हजारों महिलाओं को मिला सम्मानजनक रोजगार और आय का स्थायी जरिया…

छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में वन धन विकास केंद्र महिलाओं की आर्थिक आजादी और आत्मनिर्भरता का एक सशक्त आधार बनकर उभरे हैं। प्रधानमंत्री जनजाति विकास मिशन और प्रधानमंत्री जनमन योजना के सफल क्रियान्वयन से राज्य में अब तक 155 वन धन विकास केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। इनमें 139 सामान्य क्षेत्रों में और 16 केंद्र विशेष रूप से पिछड़ी जनजातीय समूह (पीव्हीटीजी) क्षेत्रों में संचालित हैं।

संग्रहण से प्रसंस्करण तक का सफर

इन केंद्रों ने पारंपरिक लघु वनोपज संग्रहण को आधुनिक प्रसंस्करण से जोड़कर एक नई दिशा दी है। यहाँ न केवल वनोपजों का संग्रहण होता है, बल्कि उनका प्राथमिक प्रसंस्करण और उच्च गुणवत्ता वाले हर्बल उत्पादों का निर्माण भी किया जा रहा है। इस पहल ने हजारों महिलाओं को उनके गांव के समीप ही स्थायी रोजगार उपलब्ध कराया है।

हजारों समूहों को मिला आर्थिक संबल

वन धन विकास केंद्रों की सफलता का अंदाजा इन आंकड़ों से लगाया जा सकता है। लगभग 4 हजार 900 महिला स्व-सहायता समूह इन केंद्रों से सीधे जुड़े हैं। करीब 55 हजार महिला सदस्य गांवों और हाट-बाजारों में संग्रहण एवं प्रसंस्करण के कार्य में संलग्न हैं। पिछले पांच वर्षों में संग्रहण कार्य के लिए महिलाओं को लगभग 4 करोड़ रुपये का कमीशन वितरित किया गया है।

हर्बल उत्पादों से बढ़ी आय

प्राथमिक संग्रहण के साथ-साथ मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। लगभग 1,300 महिला समूहों की 17,000 महिलाएं हर्बल उत्पाद निर्माण से जुड़ी हैं। इस विशिष्ट कार्य के लिए अब तक करीब 1 करोड़ रुपये का कमीशन महिलाओं को दिया गया है। तैयार उत्पादों की आपूर्ति आयुष विभाग को की जा रही है। इसी कड़ी में 4 केंद्रों ने 25.17 लाख रुपये का शुद्ध लाभांश अर्जित कर एक मिसाल पेश की है।

स्थानीय संसाधनों से सशक्तिकरण

वन धन विकास केंद्रों की यह मुहिम न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग से वनांचल की अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान कर रही है। यह पहल लोकल फॉर वोकल और आत्मनिर्भर भारत के सपने को छत्तीसगढ़ के जंगलों में हकीकत में बदल रही है।

जिला प्रशासन द्वारा राष्ट्र हित में ईंधन संरक्षण एवं संसाधनों के संयमित उपयोग के लिए की गई अभिनव पहल…

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– जनसमस्या निवारण शिविर के लिए कलेक्टोरेट परिसर से बस हुई रवाना’
– कलेक्टर ने सभी से ईंधन संरक्षण हेतु अपना योगदान देने के लिए अपील की’

राजनांदगांव: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रहित में ईंधन संरक्षण एवं संसाधनों के संयमित उपयोग को लेकर किए गए आह्वान के समर्थन के दृष्टिगत आज सुशासन तिहार के लिए छुरिया विकासखंड के ग्राम साल्हे में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर के लिए कलेक्टोरेट परिसर से बस रवाना हुई। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देश पर ईंधन की बचत के मद्देनजर यह अभिनव पहल की गई। जिले के अधिकारी एवं कर्मचारी बस के माध्यम से शिविर के लिए रवाना हुए। कलेक्टर ने सभी से ईधन संरक्षण हेतु अपना योगदान देने के लिए अपील की है।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्र हित में वैश्विक ऊर्जा संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों के इस दौर में पेट्रोल-डीजल जैसे मूल्यवान संसाधनों का जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करने के लिए कारगर कदम उठाए गए हैं। जिला प्रशासन द्वारा वाहनों एवं अन्य सरकारी संसाधनों के मितव्ययीपूर्ण उपयोग के लिए यह पहल की गई है। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सीएल मार्कण्डेय एवं जिले के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।