मेटा स्वामित्व वाला WhatsApp अपने उपयोगकर्ताओं के लिए लगातार नए फीचर्स पेश कर रहा है। हाल ही में, WhatsApp ने ग्रुप मैसेज हिस्ट्री फीचर का रोलआउट शुरू किया है।
इस नए फीचर की मदद से, ग्रुप में नए शामिल होने वाले सदस्यों को पुरानी चैट्स देखने में आसानी होगी। यह फीचर ग्रुप के एडमिन और सदस्यों को नए यूजर्स के साथ पिछली कुछ चैट्स साझा करने का विकल्प प्रदान करता है।
फीचर की विशेषताएँ
इस सुविधा के अंतर्गत, उपयोगकर्ताओं को स्क्रीनशॉट लेने या हर संदेश को अलग-अलग भेजने की आवश्यकता नहीं होगी। WhatsApp ने यह स्पष्ट किया है कि यह फीचर पूरी तरह से एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित है, और यह व्यक्तिगत तथा समूह चैट की प्राइवेसी मानकों का पालन करता है।
कैसे काम करता है यह नया फीचर
जब भी आप किसी नए ग्रुप में जोड़े जाएंगे, तो एडमिन और ग्रुप के सदस्यों को हाल के संदेश साझा करने का विकल्प दिखाई देगा। इस सुविधा के माध्यम से, उपयोगकर्ता 25, 50, 75 या 100 तक संदेश साझा कर सकेंगे। हालांकि, यह फीचर केवल हाल के संदेशों को साझा करने की अनुमति देगा, और पूरी चैट हिस्ट्री साझा करने का विकल्प नहीं होगा।
स्पष्टता और ट्रांसपेरेंसी
कंपनी ने इस फीचर को स्पष्ट और पारदर्शी बनाने के लिए डिजाइन किया है। साझा की गई चैट ग्रुप में अलग से दिखाई देगी, जिसमें चैट का समय और भेजने वाले का नाम भी दिखेगा। सभी उपयोगकर्ताओं को चैट संदेश साझा करने की सूचना मिलेगी, जिससे सभी इसे देख सकेंगे।
एडमिन के विशेष अधिकार
यह सुविधा अपने आप सक्रिय नहीं होती है। जब भी कोई नया सदस्य समूह में जुड़ता है, तो इस फीचर का उपयोग मैन्युअल रूप से करना होगा। ग्रुप एडमिन के पास यह अधिकार होगा कि वे इस सुविधा को सभी सदस्यों के लिए बंद कर सकें, लेकिन वे चाहें तो किसी भी समय इस फीचर का उपयोग कर सकते हैं।



