आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली में भाजपा सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर तीखा हमला किया है। पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक ‘रिपोर्ट कार्ड’ पेश किया, जिसमें उन्होंने सरकार को महिलाओं, युवाओं, मध्यम वर्ग, गरीबों और समग्र दिल्ली के साथ ‘फर्जीवाड़ा’ करने का आरोप लगाया।
सिसोदिया ने कहा कि इस एक साल में सरकार ने केवल वादों का धोखा दिया है, जबकि जनता के रोजमर्रा के मुद्दे और भी बिगड़ गए हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज और वरिष्ठ नेता कुलदीप कुमार भी उपस्थित थे। सिसोदिया ने ‘एक साल, दिल्ली बेहाल, याद आ रहे केजरीवाल’ वाले पोस्टर दिखाते हुए कहा कि भाजपा ने 20 फरवरी 2025 को सत्ता में आने का दावा किया था, लेकिन इस पूरे वर्ष में दिल्लीवासियों के साथ छलावा ही रहा। उन्होंने सरकार की नाकामियों को 13 प्रमुख बिंदुओं में गिनाया और कहा कि लोग अब अरविंद केजरीवाल के ‘दिल्ली मॉडल’ को याद कर रहे हैं।
महिलाओं के साथ धोखा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव में ‘मोदी की गारंटी’ के तहत दिल्ली की महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये देने का वादा किया था। 8 मार्च 2025 से पैसे आने का ऐलान हुआ, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी कोई राशि नहीं मिली। सिसोदिया ने पूछा कि मोदी जी की गारंटी अब कहां गई?
प्रदूषण में फर्जीवाड़ा: केजरीवाल सरकार में धूल, आग, वाहन नियंत्रण और ऑड-ईवन जैसे कदम उठाए जाते थे। भाजपा सरकार के दौरान दिल्ली ने दुनिया का सबसे खराब AQI रिकॉर्ड बनाया। सरकार ने AQI केंद्र बंद कर दिए और हरे इलाकों में शिफ्ट कर दिया, जबकि असलियत में हवा प्रदूषित बनी रही।
मिडिल क्लास को छुरा: प्राइवेट स्कूलों ने फीस में 30-300% तक की वृद्धि की, लेकिन सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। फर्जी कानून बनाकर भी फीस नहीं रुकी। कई अभिभावकों के बच्चे परीक्षा से वंचित रह गए।
गरीबों की झुग्गियां तोड़ी गईं: ‘जहां झुग्गी वहीं मकान’ का वादा करके ‘जहां झुग्गी वहां मैदान’ कर दिया गया। अनधिकृत कॉलोनियों पर बुलडोजर चले, जिससे लाखों लोग बेघर हो गए।
नकली यमुना सफाई: छठ पूजा के दौरान यमुना को साफ करने का दावा किया गया, लेकिन असल में प्रदूषण बढ़ा। AAP ने इसे बेनकाब किया।
बेरोजगारी का सिलसिला: एक लाख से ज्यादा संविदा नौजवानों को निकाला गया। बस मार्शल, मोहल्ला क्लीनिक स्टाफ, डेटा एंट्री ऑपरेटर और DTC कंडक्टर बेरोजगार हो गए।
स्वास्थ्य व्यवस्था ठप: मुफ्त दवाइयां और टेस्ट बंद कर दिए गए, अस्पतालों के फंड रोके गए, और 24 नए अस्पताल प्राइवेट को सौंपे जा रहे हैं।
साफ-सफाई और सीवर संकट: कूड़े के पहाड़ बढ़ गए हैं, सीवर ओवरफ्लो हो रहे हैं, और गंदा पानी घरों में भर रहा है।
सड़कें गड्ढों से भरी: लोग गड्ढों में गिरकर जान गंवा रहे हैं, जबकि सरकार जश्न मना रही है।
राशन-पेंशन बंद: 8 लाख राशन कार्ड रद्द कर दिए गए हैं, और विधवाओं तथा बुजुर्गों की पेंशन बंद कर दी गई है।
सुरक्षा में नाकामी: जनवरी में 15 दिनों में 800 गुमशुदा मामले सामने आए, और रोज 6 हत्याएं हुईं, लेकिन मुख्यमंत्री पीड़ितों के घर नहीं गईं।
सिसोदिया ने कहा कि भाजपा सरकार जश्न मना रही है, जबकि दिल्ली की स्थिति गंभीर है। जनता के अनुभव से स्पष्ट है कि केजरीवाल का दौर याद आ रहा है, जहां काम पर ध्यान केंद्रित किया गया था। उन्होंने जनता से अपील की कि ऐसे फर्जीवाड़े को बर्दाश्त न करें।



