Home Blog Page 116

Friday Box Office: ‘द राजा साब’, ‘धुरंधर’ सहित नई फिल्मों पर भी भारी

0

सिनेमाघरों में इन दिनों कई नई फिल्में और कुछ हफ्ते पुरानी फिल्में दर्शकों के एंटरटेनमेंट के लिए माजूद हैं. हालांकि इन तमाम फिल्मों की भीड़ के बीच भी 43 दिन पुरानी धुरंधर अपना दबदबा बनाए हुए हैं और अब भी रिकॉर्ड तोड़ कमाई कर रही है.

शुक्रवार को भी नई रिलीज राहु केतु और हैप्पी पटेल पर धुरंधर ही भारी पड़ी. इन सबके बीच चलिए यहां जानते हैं द राजा साब, मना शंकर वाराप्रसाद गारु सहित इन तमाम फिल्मों ने फ्राइडे को कितना कलेक्शन किया है?

धुरंधर ने 7वें फ्राइडे कितनी की कमाई

रणवीर सिंह की धुरंधर बॉक्स ऑफिस पर सातवें हफ्ते में एंट्री करने के बाद भी अपनी पकड़ मजबूत बनाए हुए है और करोड़ों में ही कमाई कर रही है. सैकनिल्क के अर्ली ट्रेड आंकड़ों के मुताबिक रणवीर सिंह स्टारर इस फिल्म ने अपने 43वें दिन यानी सातवें शुक्रवार को 1.65 करोड़ रुपये कमाए हैं. इसके साथ ही फिल्म की कुल कमाई 818.25 करोड़ रुपये हो गई है.

राहु केतु ने शुक्रवार को कितनी कमाई की

कॉमेडी-ड्रामा फिल्म राहु केतु बॉक्स ऑफिस पर ओपनिंग डे पर कोई कमाल नहीं दिखा पाई और इसके पहले दिन का कलेक्शन औसत से कम रहा है. वहीं सैकनिल्क के आंकड़ों के मुताबिक इस फिल्म ने शुक्रवार को अपनी रिलीज के पहले दिन 1 करोड़ रुपये कमाए हैं. अब देखना ये है कि वरुण शर्मा और पुलकित सम्राट स्टारर ये फिल्म वीकेंड में कैसा परफॉर्म कर पाती है.

हैप्पी पटेल: खतरनाक जासूस का फ्राइडे को कितना रहा कलेक्शन

वीर दास की फिल्म हैप्पी पटेल: खतरनाक जासूस ने 16 जनवरी, शुक्रवार को सिनेमाघरों में दस्तक दी है. इस फिल्म का क्लैश राहु केतु से हुआ है. फिल्म में वीर दास ने लीड रोल प्ले किया है. वहीं इमरान खान ने भी इस फिल्म से बड़े पर्दे पर कमबैक किया. फिल्म में आमिर खान का भी स्पेशल कैमियो है. हालांकि ये फिल्म पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर फुस्स साबित हुई है. सैकनिल्क की अर्ली ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक हैप्पी पटेल: खतरनाक जासूस ने रिलीज के पहले दिन 1.25 करोड़ रुपये कमाए हैं.

परसक्ति ने शुक्रवार को कितना किया कलेक्शन

परसक्ति ने रिलीज के पहले 6 दिनों में ठीक-ठाक कारोबार किया और भारत में लगभग 36.25 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया. वहीं सैकनिल्क की अर्ली ट्रेड रिपोर्ट के मुताबिक शिवकार्तिकेयन और रवि मोहन स्टारर इस फिल्म का सातवें दिन का कलेक्शन लगभग 4.75 करोड़ रुपये रहा है. इसी के साथ परसक्ति की सात दिनों की कुल कमाई अब 41 करोड़ रुपये हो गई है.

मना शंकर वरप्रसाद गारु ने शुक्रवार को कितनी की कमाई

माना शंकर वरप्रसाद गारु ने संक्रांति त्योहार के दौरान शानदार परफॉर्म किया. बॉक्स ऑफिस पर इसकी शुरुआत धमाकेदार रही. इसने पेड प्रीव्यू शो से 9.35 करोड़ कमाए थे. इसके बाद इसने पहले दिन 32.25 करोड़ रुपये का कारोबार किया. इसके बाद तीसरे दिन, बुधवार को इसने 19.50 करोड़ रुपये और चौथे दिन घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 22 करोड़ रुपये कमाए. वहीं पांचवें दिन यानी शुक्रवार को इस फिल्म ने 18.50 करोड़ रुपये कमाए हैं,. इसके साथ ही फिल्म का कुल कलेक्शन 120.35 करोड़ रुपये हो गया है. फिल्म ने विदेशी बाजारों में भी 400,000 डॉलर से ज्यादा की कमाई की है, जिससे इसका वर्ल्डवाइड कलेक्शन आसानी से 150 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है.

द राजा साब ने दूसरे फ्राइडे को कितनी की कमाई

प्रभास की फिल्म द राजा साहब 9 जनवरी, 2026 को रिलीज हुई थी. इस फिल्म से उम्मीद थी कि ये बॉक्स ऑफिस पर कमाई के सारे रिकॉर्ड तोड़ देगी. हालांकि ऐसा नहीं हुआ और .ये निगेटिव रिव्यू की भेंट चढ़ गई. फिल्म रिलीज के 8 दिन बाद भी 150 करोड़ी नहीं बन पाई है. बता दें कि इस फिल्म ने पहले हफ्ते में 130.25 करोड़ कमाए हैं. वहीं सैकनिल्क की अर्ली ट्रेंड रिपोर्ट के मतुबाकि फिलम ने अपने दूसरे शुक्रवार को घरेलू बाजार में 3.50 करोड़ रुपये कमाए और इसके साथ ही भारत में इसका कुल कलेक्शन 133.75 करोड़ रुपये हो गया है।

Weather Today: उत्तर भारत में ठंड ने बढ़ाई ठिठुरन, दिल्ली-NCR में घना

0

उत्तर भारत में एक बार फिर ठंडी हवाओं ने सर्दी और बढ़ा दी है. दिन में निकलने वाली धूप भी ठंडी हवाओं के आगे नाकाफी साबित हो रही है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पहाड़ों पर अगले 3 दिनों तक बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है.

दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम?

राजधानी दिल्ली में चल रही सर्द हवाओं ने ठंडी और बढ़ा दी है. इसके अलावा राजधानी के लोग इस वक्त ठंड के साथ ही प्रदूषण की भी मार झेल रहे हैं. मौसम विभाग के अनुसार आज शनिवार को न्यूनतम तापमान 6 डिग्री तक जा सकता है. वहीं सुबह-शाम शीतलहर चलने की संभावना है.

यूपी में और कितना गिरेगा पारा?

यूपी में शक्रवार को मौसम के अचानक करवट लेने के बाद से पारा और गिर गया है. सुबह घना कोहरा छाने से कई इलाकों में विजिबिलिटी 150 मीटर रिकॉर्ड की गई. लगातार दूसरे दिन लखनऊ का न्यूनतम पारा 6 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना रहा. शनिवार को भी घना कोहरा देखने को मिल रहा है.

मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिन तक लखनऊ और आस-पास के इलाकों में घना कोहरा छाएगा. हालांकि इस दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा. वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह ने बताया कि शनिवार से सोमवार तक घना कोहरा छाएगा. सुबह-शाम गलन बरकरार रहेगी. ऐसे में अभी अगले सप्ताह तक ठंड से राहत के आसार नहीं हैं.

शुक्रवार को गलन बढ़ने की वजह से लोग अलाव जलाकर तापते हुए दिखे. हालांकि 11 बजे के करीब कोहरा छंटने लगा और कमजोर धूप खिली फिर भी गलन बरकरार रही. आज भी इस तरह का मौसम रहने की संभावना है.

बिहार में कोहरे का अलर्ट

यूपी से सटे बिहार में भी आज घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने बताया कि राजधानी पटना, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधुबनी, सहरसा, दरभंगा और भागलपुर समेत कई जिलों में घना कोहरा छाया रहेगा और विजिबिलिटी भी कम हो जाएगी.

पहाड़ों पर बर्फबारी

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश दोनों ही राज्यों में आज से मौसम बिगड़ने वाला है. पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने की वजह से IMD ने अगले 3 दिनों तक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है. हालांकि अगले 5 दिन तक हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा, हमीरपुर, मंडी, बिलासपुर और ऊना समेत कई जिलों में शीतलहर और कोहरे के कारण कड़ाके की सर्दी का सितम जारी रहेगा.

रविवार को एनएसई-बीएसई पर होगा कारोबार, 1 फरवरी को बजट वाले दिन खुला रह

0

इस साल 1 फरवरी 2026 को केंद्रीय बजट पेश होने के दिन, रविवार होने के बावजूद एनएसई और बीएसई पर कारोबार होगा. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण उस दिन वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करेंगी.

रविवार को होगा कारोबार

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने निवेशकों को जारी परिपत्र में बताया कि बजट के मद्देनज़र सामान्य समय के अनुसार ‘लाइव’ ट्रेडिंग सेशन आयोजित किया जाएगा.

प्री-ओपन मार्केट: सुबह 9:00 बजे से 9:08 बजे तक होगा. सामान्य कारोबार: सुबह 9:15 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक चलेगा. इसी तरह, बीएसई ने भी 1 फरवरी को ‘विशेष कारोबार दिवस’ घोषित किया है और बताया है कि बाजार नियमित कारोबारी घंटों के लिए खुले रहेंगे. बजट दिवस पर बाजार खुला रहने से निवेशकों को नीतिगत घोषणाओं पर तत्काल प्रतिक्रिया देने का अवसर मिलेगा.

बजट की अटकलों पर विराम

केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि केंद्रीय बजट 2026 इस बार भी अपने तय कार्यक्रम के अनुसार 1 फरवरी को ही पेश किया जाएगा. रविवार होने के बावजूद बजट की तारीख में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इसे लेकर चल रही तमाम अटकलों पर अब पूरी तरह विराम लग गया. हाल ही में हुई कैबिनेट कमेटी ऑन पार्लियामेंट्री अफेयर्स (CCPA) की बैठक में बजट सत्र से जुड़ी सभी अहम तारीखों को मंजूरी दे दी गई है. सरकार के प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार—28 जनवरी: राष्ट्रपति का संसद के संयुक्त सत्र को अभिभाषण 29 जनवरी: संसद में आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा

1 फरवरी (रविवार): वित्त मंत्री केंद्रीय बजट 2026 पेश करेंगी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस मौके पर अपना नौवां बजट पेश कर सकती हैं. अब तक वह 2 अंतरिम और 6 पूर्ण बजट पेश कर चुकी हैं. इस बजट के साथ ही वह प्रणब मुखर्जी का रिकॉर्ड पीछे छोड़ते हुए पी. चिदंबरम के 9 बार बजट पेश करने के रिकॉर्ड की बराबरी कर लेंगी.

यह भी खास बात है कि पिछले कई वर्षों में पहली बार बजट रविवार के दिन पेश किया जाएगा, जिससे यह बजट राजनीतिक और आर्थिक दोनों लिहाज से ऐतिहासिक माना जा रहा है.

एआर रहमान के समर्थन में उतरी सपा, रामजीलाल सुमन बोले- ‘सांप्रदायिक सोच

0

बॉलीवुड के मशहूर गायक व संगीतकार ए.आर. रहमान द्वारा एक इंटरव्यू में खुद को बीते कुछ सालों में कम काम मिलने का दावा करने के बाद मामला अब तूल पकड़ गया है. जबकि कई राजनीतिक दलों इस बात का समर्थन किया गया है.

इसी क्रम में समाजवादी पार्टी से राज्यसभा सांसद रामजीलाल ने ए.आर. रहमान के बयान पर सहमति जताते हुए कहा, “यह बिलकुल सच है. साफ ज़मीर और अच्छे स्वभाव वाले लोगों को काम नहीं मिल रहा है.”

सपा सांसद ने इसके पीछे देश में सांप्रदायिक सोच वाली सरकार को जिम्मेदार बताया और कहा कि इस वक़्त ऐसे लोगों को तरजीह मिल रही है जो भाईचारा बिगाड़ना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि इसी सोच का असर फिल्म इंडस्ट्रीज पर भी देखने को मिल रहा है. इसलिए सकारात्मक लोगों को काम नहीं मिल रहा.

रामजीलाल सुमन का बयान

मीडिया को दिए बयान में सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने गायक और संगीतकार ए.आर. रहमान के बयान से सहमति जताते हुए कहा, ‘ये क्यों हो रहा? ये जो सरकार हमारे देश में है, इस सरकार का मिजाज ही सांप्रदायिक है. इस तरह की जहनियत सरकार की है, उसी के हिसाब से समाज की शक्तियां संचालित हो रहीं. फिल्म इंडस्ट्रीज पर भी उसका प्रभाव है. तो कुल मिलाकर ये जो सांप्रदायिक लोग हैं, उनको वही चीजें पसंद आती हैं, जो समाज को तोड़ने का काम करती हैं.’

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ शक्तियां नहीं चाहतीं की समाज में भाईचारा बन रहे, बोले- ”हमारा सामाजिक सद्भाव कायम रहे, हमारी जो गंगा जमुनी तहजीब है वो कायम रहे, हिन्दू मुस्लिम भाईचारा कायम रहे, ये जो समाज की स्वस्थ और मान्य परम्पराएं हैं, उनके खिलाफ ये जो सांप्रदायिक शक्तियां हैं, उन्ही तत्वों को तरजीह दे रहीं हैं, जो समाज में अमन नहीं चाहते, मैं समझता हूँ उसका असर फिल्म इंडस्ट्रीज पर भी है.

क्या कहा था ए.आर. रहमान ने

दरअसल ए.आर. रहमान ने एक इंटरव्यू में कहा कि बीते आठ-दस सालों में उतना काम उन्हें नहीं मिला, जितना मिलना चाहिए था. इसको मौजूदा माहौल से जोड़ा जा रहा है. AIMIM ने भी रहमान के बयान का समर्थन किया है. जबकि बीजेपी ने ऐसे दावों को खारिज किया है. फिलहाल राजनीति में यह मामला अब तूल पकड़ गया है.

BMC चुनाव में उद्धव गुट की हार पर कंगना रनौत का पहला रिएक्शन, कहा- जिन

0

अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने शनिवार (17 जनवरी) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनावों में पार्टी की ऐतिहासिक जीत पर बधाई दी.

इस जीत के बाद कंगना रनौत का बड़ा बयान सामने आया है.

उद्धव गुट की हार पर कंगना रनौत का बयान

BMC चुनाव में उद्धव ठाकरे गुट की हार पर कंगना रनौत ने इसे न्याय बताते हुए खुशी व्यक्त की. उन्होंने कहा कि मेरा घर तोड़ने वाले अब सत्ता से बेदखल हो गए हैं. मुंबई में शिवसेना (UBT) का दशकों पुराना गढ़ अब बीजेपी-शिंदे गुट के हाथ में आ गया है. कंगना रनौत ने अपनी प्रॉपर्टी के खिलाफ BMC की कार्रवाई को याद करते हुए कहा कि जिन लोगों ने मुझे गाली दी, मेरा घर गिराया, मुझे बुरा-भला कहा और मुझे महाराष्ट्र छोड़ने की धमकी दी, आज महाराष्ट्र ने उन्हें ही छोड़ दिया है.

कंगना रनौत के लिए भारत के सबसे अमीर नगर निकाय में बीजेपी की सत्ता में वापसी एक चुनावी उपलब्धि से कहीं अधिक है. 2020 में जब नगर प्रशासन पर शिवसेना का कंट्रोल था, तब बीएमसी ने उनके मुंबई बंगले से सटे उनके कार्यालय को ध्वस्त कर दिया था. इस घटना के बाद जमकर बवाल देखने को मिला था.

‘बीजेपी का प्रदर्शन भगवा लहर के समान’

कंगना रनौत ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि बीजेपी का प्रदर्शन भगवा लहर के समान है. उन्होंने इस सामूहिक सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी, मुख्यमंत्री फडणवीस और महाराष्ट्र के बीजेपी नेतृत्व को दिया, जो मुंबई में पार्टी के लिए मजबूत जनसमर्थन का संकेत है. कंगना रनौत ने आगे कहा कि चुनावी फैसले से उन्हें न्याय मिला है और उन्होंने कहा कि महिला-विरोधी, गुंडों और भाई-भतीजावाद माफिया को मतदाताओं द्वारा जवाबदेह ठहराए जाने से उन्हें खुशी है.

एशिया का सबसे अमीर नगर निगम है BMC

बता दें कि बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) महज एक स्थानीय निकाय नहीं है बल्कि 74,400 करोड़ रुपये से अधिक के वार्षिक बजट के साथ यह मुंबई की परियोजनाओं, सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली, स्वच्छता सेवाओं और नागरिक प्रशासन पर भी प्रभाव रखती है. बीएमसी पर कंट्रोल को लंबे समय से देश की वित्तीय राजधानी में राजनीतिक वर्चस्व के प्रमुख प्रतीक के रूप में देखा जाता रहा है. बीएमसी को एशिया का सबसे अमीर नगर निगम माना जाता है.

“ITI पास युवाओं के लिए खुशखबरी, MPESB में 1120 ट्रेनिंग ऑफिसर की भर्ती;”

0

इस भर्ती अभियान के तहत कुल 1120 पद भरे जाएंगे. ये पद अलग-अलग ट्रेड और विषयों के लिए तय किए गए हैं. तकनीकी और नॉन-टेक्निकल दोनों तरह के पद शामिल हैं. उम्मीदवार अपनी योग्यता और ट्रेड के अनुसार आवेदन कर सकते हैं.

आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का 10वीं पास होना जरूरी है. इसके साथ संबंधित ट्रेड में ITI सर्टिफिकेट (NCVT/SCVT) होना चाहिए. कुछ पदों के लिए डिप्लोमा या इंजीनियरिंग डिग्री रखने वाले उम्मीदवार भी पात्र माने गए हैं.

उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष तय की गई है.आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमों के अनुसार छूट दी जाएगी. SC/ST/OBC और महिला उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष तक हो सकती है.

MPESB ITI ट्रेनिंग ऑफिसर भर्ती में चयन कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) के जरिए किया जाएगा. परीक्षा ऑब्जेक्टिव टाइप होगी,इसमें सफल उम्मीदवारों को आगे डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए बुलाया जाएगा. अंतिम चयन मेरिट के आधार पर होगा.

चयनित उम्मीदवारों को ट्रेनिंग ऑफिसर पद पर 32,800 रुपये से 10,3600 रुपये प्रति माह तक वेतन मिल सकता है. इसके साथ महंगाई भत्ता, HRA और अन्य सरकारी सुविधाएं भी दी जाएगी.

इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है. उम्मीदवार MPESB की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर भर्ती लिंक पर क्लिक करें. रजिस्ट्रेशन के बाद आवेदन फॉर्म भरें, जरूरी दस्तावेज अपलोड करें,फॉर्म सबमिट करें.

“अब तक का सबसे महत्वपूर्ण समझौता होगा इंडिया-ईयू एफटीए, 27 जनवरी को लग “

0

India-EU Free Trade Agreement: भारत और 27 देशों के समूह यूरोपीय संघ (EU) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) अब अंतिम चरण में है और इसे अब तक का सबसे महत्वपूर्ण व्यापार समझौता बताया जा रहा है.

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, इस समझौते पर बातचीत पूरी होने की औपचारिक घोषणा 27 जनवरी को हो सकती है.

EU के शीर्ष नेतृत्व- यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन 25 से 27 जनवरी तक भारत दौरे पर रहेंगे और 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि होंगे.

इंडिया-ईयू प्रतिस्पर्धी नहीं

पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और EU एक-दूसरे के पूरक हैं, प्रतिस्पर्धी नहीं. भारत को अपने हितों वाले क्षेत्रों में बेहतर शर्तें मिली हैं और EU को भी उसके प्राथमिक क्षेत्रों में अवसर दिए गए हैं. 2014 के बाद भारत ने कई देशों के साथ व्यापार समझौते किए हैं, लेकिन EU के साथ होने वाला यह समझौता सबसे बड़ा और सबसे अहम होगा क्योंकि इसमें फ्रांस, जर्मनी, इटली और नीदरलैंड जैसे विकसित देश शामिल हैं.

भारत-EU के बीच वस्तुओं और सेवाओं का व्यापार संतुलित है और यह समझौता दोनों पक्षों के लिए बड़े विकास अवसर खोलेगा. हालांकि, EU के कार्बन टैक्स जैसे कुछ मुद्दों पर बातचीत अभी जारी है. मंत्री ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.

वर्तमान में भारत के कुल निर्यात में EU की हिस्सेदारी लगभग 17 प्रतिशत है. अमेरिका के साथ व्यापार समझौते पर गोयल ने कहा कि वह भी सही समय पर होगा.

अब तक हुए व्यापार समझौते

2014 के बाद से NDA सरकार ने जिन देशों/ब्लॉक्स के साथ FTA या व्यापार समझौते किए हैं, उनमें शामिल हैं:

  • ऑस्ट्रेलिया
  • ब्रिटेन
  • ओमान
  • न्यूजीलैंड
  • संयुक्त अरब अमीरात (UAE)
  • यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA)
  • मॉरीशस

इसके अलावा, पहले से लागू समझौतों में ASEAN, जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, SAFTA और सिंगापुर शामिल हैं. इन सभी की तुलना में EU समझौता सबसे बड़ा और सबसे प्रभावशाली माना जा रहा है.

Mauni Amavasya 2026: 18 जनवरी को मौनी अमावस्या पर 2 बड़े शुभ संयोग

0

Mauni Amavasya 2026: माघ माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को माघी अमावस्या या मौनी अमावस्या कहा जाता है. इस साल मौनी अमावस्या रविवार 18 जनवरी को है. मौनी अमावस्या का ज्योतिष शास्त्र में बहुत महत्व है.

रविवार को पड़ने वाली अमावस्या का महत्व काफी अधिक माना गया है.

इस तिथि पर पितरों के लिए श्राद्ध किया जाता है, नदी स्नान, दान-पुण्य करने के साथ ही शनिदेव और पीपल की पूजा की जाती है. इस दिन मौन रहकर पूजा-पाठ करने की परंपरा है। मौनी अमावस्या का हिंदू धर्म में काफी अधिक महत्व है.

मौनी अमावस्या को पवित्रता, तप और आत्मशुद्धि का प्रतीक माना गया है. इस दिन श्रद्धालु मौन धारण करके संगम में स्नान करेंगे. माघ मेले के अलावा, अन्य श्रद्धालु अन्य नदियों में स्नान करेंगे और पुण्य अर्जित करेंगे. मौनी अमावस्या का शाब्दिक अर्थ है ‘मौन रहने वाली अमावस्या’.

मौनी अमावस्या पर गृहस्थ वाले मौन व्रत कैसे रखें

मौनी अमावस्या पर पवित्र नदियों में स्नान के बाद दान करने पुण्य फलों की प्राप्ति होती है। इस दिन मौन व्रत रखने का विधान है हालांकि गृहस्थ लोगों के लिए दिन भर मौन रह पाना थोड़ा मुश्किल है. ऐसे में गृहस्थ लोग पूजा-पाठ करने के बाद अपना मौन व्रत खोल सकते हैं.

मौनी अमावस्या तिथि

मौनी अमावस्या की तिथि की शुरुआत 17 जनवरी को रात 12.05 बजे शुरू होगी जो 18 जनवरी को अर्ध रात्रि 1.22 बजे तक रहेगी. उदया तिथि की गणना के अनुसार सूर्योदय से ही 18 जनवरी को अर्द्ध रात्रि तक अमावस्या रहने के कारण यह 18 जनवरी को मनाई जाएगी.

योग

इस बार मौनी अमावस्या को तीन विशेष योग भी रहेंगे। सर्वार्थ सिद्ध योग,हर्षण योग के साथ शिव वास योग भी रहेगा.

सर्वार्थ सिद्धि योग 18 जनवरी को 10:14 से शुरू होगा जो दूसरे दिन 7:31 तक रहेगा. हर्षण योग और शिव वास योग 18 जनवरी को पूरे दिन रहेंगे.

इस दिन पूर्वा साढ़ा और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का योग भी बन रहा है. इन नक्षत्रों को स्नान,ध्यान, पूजा, जप, तप एवं ध्यान, दान,पुण्य के लिए बहुत ही शुभ माने जाते हैं.

मौनी अमावस्या पर करें दान

मौनी अमावस्या के दिन पवित्र नदी में स्नान करने से पुण्य फल कई गुना बढ़ जाता है. इस दिन का धार्मिक महत्व अधिक है. मौनी अमावस्या के दिन व्रत करने वाले व्यक्ति को दान करना चाहिए. इस दिन जरूरतमंद लोगों को खाना खिलाना चाहिए. ऐसा करने से पितरों की कृपा प्राप्त होती है.

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक इस दिन तेल, कंबल, दूध ,चीनी, अनाज तथा अपने आवश्यकता अनुसार पैसों का दान करना चाहिए. इसके अलावा मौनी अमावस्या के दिन पशु-पक्षियों को भोजन करना चाहिए। ऐसा करते श्री पित्र प्रसन्न होते हैं और जीवन में आ रही तमाम समस्याओं से मुक्ति मिलती है.

महत्व

मौनी अमावस्या तब मनाई जाती है जब माघ महीने के दौरान चंद्रमा और सूर्य मकर राशि में एक साथ आते हैं. मौनी अमावस्या के दिन चंद्रमा और सूर्य दोनों की संयुक्त ऊर्जा के प्रभाव से इस दिन का महत्व और भी अधिक हो जाता है. मकर राशि चक्र की दसवीं राशि है और कुंडली के दसवें घर में सूर्य मजबूत है. ज्योतिष में सूर्य को पिता और धर्म का कारक माना जाता है, इसलिए जब सूर्य और चंद्रमा मकर राशि में मिलते हैं तो मौनी अमावस्या का त्योहार मनाया जाता है.

क्या करें

इस दिन सुबह जल्दी उठकर गंगा स्नान करें. यदि आप गंगा स्नान नहीं कर सकते हैं, तो पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें.

स्नान के बाद सूर्य देवता को अर्घ्य जरूर दें। ध्यान रहे स्नान करने से पहले तक कुछ बोलें नहीं.

मौनी अमावस्या के दिन ज्यादा से ज्यादा ध्यान, प्रार्थना व अन्य धार्मिक क्रिया करें. इस दिन दान जरूर करें. जरूरतमंद लोगों की मदद करें.

निस्वार्थ कार्य करना इस दिन शुभ फलदायी होता है. मौनी अमावस्या के दिन पवित्र नदियों में डुबकी लगाएं ताकि शरीर और आत्मा दोनों शुद्ध हो जाएं.

मौनी अमावस्या के दिन उपवास करें, ऐसा करना शुभ फल देता है.

क्या ना करें

मौनी अमावस्या के दिन मांस-मदिरा और तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए. इस दिन केवल सादा भोजन ही करें. साथ ही जितना हो सके मौन रहने की कोशिश करें. मौनी अमावस्या के दिन झूठ बोलने से बचना चाहिए. इसका उल्टा प्रभाव आपके जीवन में पड़ने की संभावना रहती है. मौनी अमावस्या के दिन देर तक सोने से बचना चाहिए। मौनी अमावस्या के दिन नकारात्मक विचारों और भावनाओं को अपने अंदर न आने दें.

करें इस मंत्र का जाप

मौनी अमावस्या के दिन भगवान सूर्य को अर्घ्य देना बेहद शुभ माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन ऐसा करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है. मौनी अमावस्या के दिन “ॐ आद्य-भूताय विद्महे सर्व-सेव्याय धीमहि, शिव-शक्ति-स्वरूपेण पितृ-देव प्रचोदयात्’ मंत्र का जाप 108 बार करें. ऐसा करने से जातक के घर से पितृ दोष समाप्त हो जाता है.

किस देश की धरती से निकलता है काला सोना? यहां जमीन से बरसती है दौलत

0

कुवैत को दुनिया भर में ‘काले सोने की धरती’ कहा जाता है. इसका सबसे बड़ा कारण यहां मौजूद विशाल पेट्रोलियम भंडार हैं. पश्चिम एशिया में फारस की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम में स्थित कुवैत आकार में भले ही छोटा हो, लेकिन तेल के मामले में इसकी पहचान बहुत बड़ी है.

इसकी सीमाएं इराक और सऊदी अरब से लगती हैं, और यही भौगोलिक स्थिति इसे ऊर्जा व्यापार के लिए बेहद अहम बनाती है. तेल की खोज से पहले कुवैत एक साधारण तटीय इलाका था. यहां के लोग मुख्य रूप से मछली पकड़ने, मोती निकालने और छोटे व्यापार पर निर्भर थे.

आमदनी सीमित थी और बुनियादी सुविधाएं भी ज्यादा विकसित नहीं थीं. उस दौर में किसी ने नहीं सोचा था कि यही देश आगे चलकर दुनिया के अमीर देशों में गिना जाएगा. 20वीं सदी में जब कुवैत की धरती के नीचे विशाल तेल भंडार मिले, तब देश की तस्वीर ही बदल गई.

पेट्रोलियम एक ऐसा प्राकृतिक संसाधन है, जो जमीन के नीचे लाखों साल पुराने जीवों के अवशेषों से बनता है. इसी कच्चे तेल को शुद्ध करके पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, विमान ईंधन और प्लास्टिक जैसे कई जरूरी उत्पाद तैयार किए जाते हैं. तेल ने कुवैत को आर्थिक रूप से मजबूत बना दिया है.

कुवैत का बुर्गान तेल क्षेत्र दुनिया के सबसे बड़े तेल क्षेत्रों में गिना जाता है. यहां से हर दिन लाखों बैरल कच्चा तेल निकाला जाता है. यह क्षेत्र कुवैत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है. आने वाले कई सालों तक यहां तेल उत्पादन जारी रहने की संभावना है, जिससे देश की आय स्थिर बनी रहती है.

कुवैत की ज्यादातर आमदनी तेल निर्यात से होती है. आधुनिक बंदरगाहों और तेल टर्मिनलों के जरिए कुवैत एशिया, यूरोप और मध्य पूर्व के कई देशों को तेल सप्लाई करता है. इसी कमाई से देश में स्कूल, अस्पताल, सड़कें और सामाजिक कल्याण की कई योजनाएं चलाई जाती हैं. नागरिकों को स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाएं बड़े स्तर पर उपलब्ध हैं.

कुवैत तेल उत्पादक देशों के संगठन OPEC का अहम सदस्य है. OPEC दुनिया में तेल के उत्पादन और कीमतों पर असर डालता है. इस संगठन का हिस्सा होने से कुवैत की वैश्विक ऊर्जा बाजार में मजबूत पकड़ बनी रहती है.

Maharashtra Elections: AIMIM के प्रदर्शन ने उभारा ‘नए मुस्लिम नेतृत्व’

0

हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने महाराष्ट्र महानगर पालिका चुनाव 2026 के बाद राज्य में अपनी राजनीतिक मौजूदगी को मजबूत कर लिया है.

पार्टी ने 13 नगर निकायों में कुल 125 वार्डों में जीत दर्ज की, जो महाराष्ट्र में उसके पिछले प्रदर्शन की तुलना में काफी बेहतर मानी जा रही है.

महाराष्ट्र की 29 महानगर पालिकाओं के लिए 15 जनवरी को मतदान हुआ था. इनमें से AIMIM ने 24 नगर निगमों में अपने उम्मीदवार उतारे. 16 जनवरी को आए चुनावी नतीजों के बाद पार्टी कई शहरी क्षेत्रों में प्रमुख दावेदार के रूप में उभरकर सामने आई, खासकर उन इलाकों में जहां अल्पसंख्यक आबादी की संख्या अधिक है.

छत्रपति संभाजीनगर में AIMIM दूसरी सबसे बड़ी पार्टी

छत्रपति संभाजीनगर नगर निगम में AIMIM ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए 115 में से 33 सीटों पर जीत हासिल की. इस परिणाम के साथ AIMIM यहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई. यह नतीजा महाराष्ट्र के किसी बड़े नगर निगम में AIMIM के अब तक के सबसे मजबूत प्रदर्शनों में शामिल है.

प्रमुख नगर निगमों में AIMIM का प्रदर्शन कैसा रहा? अन्य नगर निगमों में भी AIMIM ने प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराई.

  • मालेगांव में पार्टी ने 21 वार्ड जीते
  • नांदेड़ में AIMIM को 14 सीटें मिलीं
  • अमरावती में 12 पार्षद चुने गए
  • धूलिया में पार्टी ने 10 वार्डों में जीत दर्ज की
  • सोलापुर में AIMIM उम्मीदवारों ने 8 सीटें हासिल कीं
  • नागपुर में पार्टी को 7 वार्डों में सफलता मिली

अन्य नगर निकायों में भी दर्ज हुई मौजूदगी

इसके अलावा, AIMIM ने अहमदनगर और जालना में दो-दो वार्ड, जबकि परभणी और चंद्रपुर में एक-एक वार्ड जीता. देश के सबसे समृद्ध नगर निकाय माने जाने वाले बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) में AIMIM उम्मीदवारों ने 8 वार्डों में जीत दर्ज की, जो पिछले चुनावों की तुलना में बढ़ोतरी को दर्शाता है.

AIMIM के चुनाव प्रचार में बड़े पैमाने पर जनसंपर्क अभियान देखने को मिला. कई शहरों में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने रैलियां और रोड शो किए. पार्टी ने शहरी इलाकों पर फोकस करते हुए बड़ी संख्या में वार्डों में उम्मीदवार मैदान में उतारे.

हालांकि चुनाव प्रक्रिया के दौरान AIMIM को कुछ आंतरिक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा. टिकट वितरण को लेकर मतभेदों के कारण मतदान से पहले कुछ क्षेत्रों में पार्टी नेताओं ने इस्तीफा दिया. इसके बावजूद, पार्टी ने अपने अधिकांश उम्मीदवारों को बनाए रखा और व्यापक स्तर पर चुनाव लड़ा.

पोस्ट-पोल समीकरण क्या होंगे?

कई नगर निगमों में AIMIM उम्मीदवारों ने समाजवादी पार्टी, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विभिन्न गुटों को अलग-अलग वार्डों में पीछे छोड़ा.

13 नगर निगमों में पार्षद चुने जाने के साथ AIMIM अब चुनाव के बाद बनने वाली परिषदों और मेयर चुनावों में अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार है. अलग-अलग नगर निगमों में आगे की राजनीतिक तस्वीर पार्षदों की संख्या और गठजोड़ पर निर्भर करेगी.