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Chhattisgarh : दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की ट्रेनों की सफाई में छत्तीसगढ़ का अहम रोल, मिनटों में कोच साफ

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Chhattisgarh : दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की ट्रेनों को साफ, स्वच्छ और संक्रमणममुक्त रखने में छत्तीसगढ़ के दुर्ग और बिलासपुर का बहुत बड़ा योगदान हैं। दरअसल, दुर्ग और बिलासपुर में ऑटोमेटिक कोच वाशिंग प्लांट की शुरुआत हो गई है।

इस प्लांट में ट्रेन कोच की धुलाई मिनटों में जा सकेंगी।

ट्रेन की परंपरागत धुलाई से छुटकारा

राज्य के दुर्ग और बिलासपुर में स्थापित इस ऑटोमेटिक कोच वाशिंग प्लांट की शुरुआत से दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की ट्रेनों को परंपरागत धुलाई से छुटकारा मिल जाएगा। जहां पहले दर्जनों लोग एक ट्रेन को साफ करने में घंटों लगाते थे। वहीं इस प्लांट में ये काम मिनटों में निपट जाएगा।

प्लांट में कोच धुलाई की प्रक्रिया

प्लांट में ट्रेन कोच की धुलाई का प्रक्रियां बहुत ही सरल है। इसे ऑपरेट करने के लिए इंसानों की ज्यादा जरूरत पड़ती है। प्लांट में ट्रेन के आते ही सेंस की मदद से उस पर एक कैमिकल का छिड़काव होता है, फिर बड़े-बड़े ब्रश ऑटोमेटिक ट्रेन के कोच का साफ करने लगते है। जिसके बाद पानी को हाईप्रेशर के साथ कोच पर डाला जाता है। इन प्लांट में एक कोच की सफाई 8-9 मिनट में हो जाती है।

पानी की बचत

पहले ट्रेन के एक कोच की धलाई में कम से कम 1,500 लीटर पानी खर्च होता था। वहीं इस ऑटोमेटिक कोच वाशिंग प्लांट में एक कोच की सफाई में सिर्फ 300 पानी दी लगता है। जो परंपरागत धुलाई में लगने वाली पानी का 5वां भाग है। इस 300 लीटर पानी मे भी 80 फीसदी पानी रीसाइकिल्ड होता है, जिसे धुलाई में दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। रिपोर्ट की माने तो इस प्लांट से सालाना 1.28 करोड़ लीटर पानी बचत कर सकता है।

Chhattisgarh: राखी पर रेलवे की बेरुखी, रक्षाबंधन में नहीं आएगी मेमू पैसेंजर ट्रेन, पढ़ें पूरी खबर

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Chhattisgarh: राखी पर रेलवे की बेरुखी, रक्षाबंधन में नहीं आएगी मेमू पैसेंजर ट्रेन, पढ़ें पूरी खबर

Chhattisgarh: राखी पर रेलवे की बेरुखी, रक्षाबंधन में नहीं आएगी मेमू पैसेंजर ट्रेन, पढ़ें पूरी खबर

Korba News: त्योहारों का खास सीजन आते ही एक बार फिर यात्री ट्रेनों की चाल में खलल पड़ गई है. इस बार रक्षाबंधन पर रेलवे की बेरुखी भारी पड़ रही है. भाई-बहन के प्रेम के पर्व राखी के अवसर पर मेमू पैसेंजर स्पेशल को कोरबा की पटरी से बाहर कर दिया गया है.

बुधवार को जहां रायपुर-गेवरा नहीं आई, गुरुवार से गेवरा-रायपुर मेमू पैसेंजर स्पेशल का परिचालन भी रद्द हो गया. दोनों ही ट्रेनें क्रमशः दो व तीन सितंबर तक नहीं चलेंगी, जिससे पर्व के दौरान आम यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. तकनीकी कारणों का हवाला देकर ट्रेनों के परिचालन को प्रभावित किए जाने का असर रक्षाबंधन पर भाइयों और बहनों पर पड़ेगा.

रेलवे ने जिन ट्रेनों को रद्द किया है, इसमें रायपुर-गेवरा रोड मेमू पैसेंजर भी शामिल है. दो सितंबर तक 08746 रायपुर-गेवरा रोड मेमू पैसेंजर स्पेशल और तीन सितंबर तक 08745 गेवरारोड-रायपुर मेमू पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे प्रशासन ने विभिन्न सेक्शनों में गतिशीलता के उन्नयन और चल रहे विभिन्न सुरक्षा संबंधी रखरखाव कार्यों में सुधार एवं ट्रैक रखरखाव के काम के लिए जोन की 20 लोकल व पैसेंजर ट्रेनों को बुधवार 23 अगस्त से लेकर 3 सितंबर तक 11 दिन के लिए रद्द कर दिया है.

त्योहार पर ट्रेन कैंसिल
ऐन त्योहार के समय लंबी दूरी की ट्रेनें तो कैंसिल है ही अब लोकल यानी जयरामनगर, अकलतरा, कोटमीसोनार, कोटा, सलकारोड, बेलगहना और कटनी तक जाने के लिए भी लोगों को ट्रेन नहीं मिलेगी. रेलवे प्रशासन ने रक्षाबंधन पर्व का भी ध्यान नहीं रखा है. देश भर के अलग-अलग जोन में चल रहे रेल लाइन के दोहरीकरण और अन्य मरम्मत कार्यों की वजह से लंबी दूरी की कुछ ट्रेनें 30 अगस्त तक रद्द हैं. जिन ट्रेनों को रद्द किया गया है, उनकी रूट से शहर आने या यहां से उस रूट पर जाने वालों को परेशानी हो सकती है. लोकल और पैसेंजर ट्रेनें जो 200 या 300 किलोमीटर के दायरे में चल रही है, उसमें भी ज्यादातर रद्द हैं.

यात्रा के दौरान भीड़ बढ़ने से होगी समस्या
आमतौर पर त्योहारों की शुरुआत के साथ रेलवे का पीक सीजन भी शुरू हो जाता है. इस दौरान बड़ी संख्या में आम यात्री अपने अपने गांव, घर या रिश्तेदारों के घर जाते हैं. यात्रा का सबसे रियायती और सरल-सुलभ माध्यम माने जाने के कारण ट्रेनों का इस्तेमाल बहुतायत में होता है. ऐसे में रक्षाबंधन के दौरान भी ज्यादातर यात्री ट्रेनों में भारी भीड़ नजर आती है, जो इस बार भी देखी जाएगी. ऐन पर्व के दौरान ट्रेन रद्द कर दिए जाने के असर से जहां अन्य ट्रेनों में भारी भीड़ होगी, आम यात्रियों को भी परेशान होना पड़ेगा.

रखरखाव के बहाने कुल 30 ट्रेनों को किया कैंसिल
ट्रेनों के कैंसिलेशन के चलते लंबी दूरी के साथ ही लोकल ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा. रेलवे ने छत्तीसगढ़ से होकर चलने वाली 20 ट्रेनों को फिर से कैंसिल कर दिया है. दोहरी और तीसरी रेल लाइन के साथ ही सुरक्षा और रखरखाव के बहाने पिछले दो महीने से ट्रेनों को लगातार कैंसिल करने का सिलसिला चल रहा है. इस बार डेवलपमेंट और मेंटेनेंस के बहाने आज से तीन सितंबर तक गाड़ियों को रद्द किया गया है. इस तरह बार-बार यात्री ट्रेनों को रद्द करने की मनमानी लगातार जारी है. खासकर कोरबा और गेवरा के यात्रियों के लिए यह त्योहार यात्रा की दृष्टि से मुश्किल हो सकता है.

छत्तीसगढ़ में बदला मौसम का मिजाज, देर शाम होगी बारिश, जानें अन्य जिलों का हाल

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छत्तीसगढ़ में बदला मौसम का मिजाज, देर शाम होगी बारिश, जानें अन्य जिलों का हाल
छत्तीसगढ़ में बदला मौसम का मिजाज, देर शाम होगी बारिश, जानें अन्य जिलों का हाल

छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। बीते दिनों प्रदेश के कई इलाकों में हल्की मध्यम बारिश हुई है। मानसून पर लगा ब्रेक हट गया है। आज भी प्रदेश में आंशिक रूप से बादल छाए हुए हैं।

इसके साथ ही हल्की मध्यम बारिश होने की संभावना है। उत्तर छत्तीसगढ़ में अगले 48 घंटे में अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस गिरावट होने की संभावना है। इसके बाद तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस बढ़ सकती है। उन्होंने बताया कि बारिश की गतिविधि में उतार-चढ़ाव है। फिलहाल, कुछ दिनों तक ऐसा ही मौसम रहने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार, बीते दिनों गुरुवार को राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई इलाकों में उमस और गर्मी से लोग परेशान थे। इसके बाद कई इलाकों में हल्की मध्यम बारिश हुई। इससे लोगों की गर्मी से राहत मिली। आज रायपुर में बादल छाए हुए हैं। वहीं आज शाम को राजधानी में गरज चमक के साथ छीटें पड़ने की संभावना है। यहां की अधिकतम और न्यूनतम तापमान लगभग 31 डिग्री सेल्सियस और 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।

यहां बन रहा मानसून का सिस्टम
मानसून द्रोणिका मध्य समुद्र तल पर फिरोजपुर, करनाल, मेरठ, आजमगढ़, पटना, देवघर, डायमंड, हार्बर इसके साथ ही दक्षिण-पूर्व से होते हुए पूर्वी-मध्य बंगाल की खाड़ी से होकर गुजर रही है। एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण पश्चिम उत्तर प्रदेश पर मध्य समुद्र तल से 3.5 से 7.6 किलोमीटर तक फैला हुआ है, जो की ऊंचाई के साथ दक्षिण के ओर झुका हुआ है। एक उत्तर दक्षिण द्रोणिका उत्तर-पूर्व उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वी असम तक बना हुआ है, जो कि बिहार उपहिमालयी पश्चिम बंगाल से होकर गुजर रही है। वहीं मध्य समुद्र तल से 0.9 किलोमीटर ऊपर बनी हुई है।

बारिश के आंकड़े सेंमी
प्रदेश में कुछ जगहों में हल्की मध्यम बारिश और कहीं भारी बारिश दर्ज की गई है, जैसे कि कुसमी में 7 सेमी, जशपुर नगर में 6, राजपुर, बिल्हा, शंकरगढ़, पौदी उपरोरा में 5, खैरागढ़, अंबिकापुर, बरमकेला, कोरबा, बगीचा, पुसौर, वाड्राफनगर, मुंगेली, सारंगढ़, भैरमगढ़, धरमजयगढ़, प्रतापपुर, भोपालपटनम में 3, बिलाईगढ, रायगढ़, खरसिया, बैकुंठपुर, शक्ति, लोरमी, पत्थलगांव, पथरिया, करतला, लुंड्रा, धमधा, खुईखदान में 2, कुनकुरी, मकड़ी, मानपुर, लैलूंगा, पामगढ़ शिवरीनारायण, दुर्ग, बटोली, खड़गवा, दुलदुला, थानखमरिया, तखतपुर, रामानुजगंज, घरघोड़ा, रामानुजनगर, छुरा और सीतापुर में 1 सेंटीमीटर इसके अलावा कुछ इलाकों में इससे कम बारिश दर्ज की गई है।

Mera Bill Mera Adhikar के जरिए कैसे जीत सकेंगे 1 करोड़ रुपये तक के ईनाम, जानिए पूरा तरीका

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Mera Bill Mera Adhikar के जरिए कैसे जीत सकेंगे 1 करोड़ रुपये तक के ईनाम, जानिए पूरा तरीका
Mera Bill Mera Adhikar के जरिए कैसे जीत सकेंगे 1 करोड़ रुपये तक के ईनाम, जानिए पूरा तरीका

Mera Bill Mera Adhikar: केंद्र सरकार ने रिटेल और होलसेल कारोबारियों के बीच जीएसटी बिल के चलन को बढ़ाने के लिए ‘मेरा बिल मेरा अधिकार’ स्कीम (Mera Bill Mera Adhikar) की शुरुआत की है.

केंद्र सरकार ने गुरुवार को इस योजना के बारे में ऐलान करते हुए बताया कि इसके जरिए हर तिमाही में 1-1 करोड़ के दो बंपर इनाम दिए जाएंगे. वहीं 10-10 हजार से लेकर 10-10 लाख रुपये के कई और इनाम भी प्रतिभागियों को दिए जाएंगे. इस स्कीम को 1 सितंबर, 2023 से पायलट आधार पर लॉन्च किया जा रहा है.

10,000 से लेकर 10 लाख रुपये तक का मिलेगा इनाम

वित्त मंत्रालय ने इस खास स्कीम के बारे में जानकारी देते हुए बताया है कि हर महीने गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) बिल अपलोड करने वाले लोगों में से 800 लोगों को 10,000 रुपये का इनाम दिया जाएगा. वहीं 10 ऐसे लकी लोग होंगे जिन्हें 10-10 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा. वहीं बंपर इनाम की बात करें तो इसे तिमाही के आधार पर निकाला जाएगा. इस बंपर इनाम का फायदा तिमाही में अपलोड किए गए किसी भी बिल के प्रतिभागी को मिल सकता है.

स्कीम से मिलेगा यह फायदा

‘मेरा बिल मेरा अधिकार’ स्कीम को खासतौर पर इसलिए लॉन्च किया गया है ताकी इसके जरिए ग्राहकों को जीएसटी बिल या इनवॉयस लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके. जीएसटी इनवॉइस ज्यादा से ज्यादा जनरेट होंगे तो कारोबारी टैक्स चोरी नहीं कर पाएंगे. इससे सरकार के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी. इस स्कीम को असम, गुजरात, हरियाणा और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी, दादरा नगर हवेली और दमन और दीव के लिए लॉन्च किया गया है. ‘मेरा बिल मेरा अधिकार’ योजना का लाभ उठाने के लिए अपलोड किए गए इनवॉइस में जीएसटीआईएन (GSTIN) इनवॉइस नंबर, पेमेंट की गई रकम, टैक्स राशि, इनवॉयस की तिथि और राज्य और केंद्र शासित प्रदेश का नाम दर्ज होना आवश्यक है.

कैसे बिल करें अपलोड

  • इसके लिए आप ‘मेरा बिल मेरा अधिकार’ ऐप को आईओएस और एंड्रॉयड से डाउनलोड करें.
  • इसके अलावा आप web.merabill.gst.gov.in पर भी विजिट कर सकते हैं.
  • यहां कम से कम 200 रुपये के बिल को अपलोड किया जा सकता है.
  • ध्यान रखें कि एक महीने में एक यूजर अधिकतम 25 बिल तक अपलोड कर सकता है.

विजेताओं को दिखाने होंगे ये डॉक्यूमेंट्स-

वित्त मंत्रालय ने जानकारी दी है कि जिन विजेताओं को पुरस्कार मिलेगा उन्हें पैन नंबर, आधार कार्ड, बैंक अकाउंट डिटेल्स को ‘मेरा बिल मेरा अधिकार’ ऐप पर अपलोड करना होगा. यह सभी जानकारी पुरस्कार के ऐलान के 30 दिन के भीतर देना आवश्यक है.

अमेरिका में मंदी और चीन की इकोनॉमी डावांडोल, ऐसे में सोना खरीदना क्यों बन रहा है खरा सौदा?

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दुनिया के दो बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश चीन और अमेरिका की इकोनॉमी डावांडोल है. एक तरफ, चीन में बेरोजगारी और महंगाई इतनी बढ़ गई है कि चीन की सरकार ने बेरोजगारी के आंकड़े देना बंद कर दिया है.

वहीं दूसरी तरफ अमेरिका के लोग भी अपने देश में महंगाई और लगातार जा रही नौकरियों से काफी परेशान हैं.

इन सब के बीच सोने के बाजार में खरीदारी की गति तेज हुई है. महंगाई और बेरोजगारी के बीच ज्यादा से ज्यादा लोग सोने में इंवेंस्ट कर रहे हैं. हालांकि साल 2023 की पहली छमाही में अमेरिका की खराब होती अर्थव्यवस्था को देखते हुए ऐसी आशंका जताई जा रही थी कि 2023 के अंत या 2024 की शुरुआत तक वहां मंदी आ सकती है.

लेकिन वॉल स्ट्रीट के ज्यादातर बैंकों ने अब मंदी के अपने अनुमानों को कम कर दिया है और अब माना जा रहा है कि वहां की अर्थव्यवस्था को बहुत ज्यादा झटका नहीं लगने वाला है.

सोना खरीदना क्यों बन रहा खरा सौदा

2007/2008 में निचले स्तर पर पहुंचने के बाद से अमेरिकी डॉलर में उतार-चढ़ाव होता रहा है लेकिन पिछले कुछ महीनों से वैश्विक बाजार में डॉलर की वैल्यू काफी कम हुई है.

वैश्विक बाजार COMEX पर सोना 1,900 डॉलर प्रति औंस से 0.3 प्रतिशत बढ़कर 1,902.63 डॉलर प्रति औंस हो गया. सोने की कीमात पिछले पांच महीने में सबसे ज्यादा है. वही अमेरिकी सोना 0.3 फीसदी महंगा होकर 1,931.70 डॉलर पर पहुंच गया.

माना जाता है कि सोना और डॉलर दोनों ही सबसे सुरक्षित-संपत्ति हैं. लेकिन सोना और डॉलर दोनों एक दूसरे के साथ विपरीत संबंध रखते हैं. आसान भाषा में समझे तो जब भी डॉलर का वैल्यू घटता है, तो सोने की मांग बढ़ जाती है और सोने की कीमत भी बढ़ जाती है.

सोने की कीमत बढ़ने का कारण है कि जब भी USD का अवमूल्यन होता है, तो निवेशक दूसरे सुरक्षित कमॉडिटीज में अपना पैसा निवेश करते हैं और सुरक्षित निवेशों की सूची में सोना सबसे ऊपर आता है.

सोने में निवेश करने के क्या है फायदे?

अभी बाजार में काफी उथल-पुथल देखी जा रही है, ऐसे में अगर आप लंबी अवधि के लिए सोना खरीदते हैं तो आपको अच्छा रिटर्न मिलने की पूरी उम्मीद है. दरअसल जब इंवेस्टमेंट की बात आती है ज्यादातर लोग गोल्ड में निवेश करना पसंद करते हैं. यहां इंवेस्टमेंट करने से उनको कई तरह से फायदा भी मिलता है.

सोने को खरीदने का सबसे बड़ा फायदा ये है कि इसमें लगा इंवेस्टर का पैसा सुरक्षित रहता है. भविष्य में जरूरत पड़ने पर आप इसके ऊपर लोन भी ले सकते हैं. वहीं पिछले पांच सालों में सोना 31,000 रुपये से 61,000 रुपये पर पहुंच चुका है. जिसका मतलब है कि सोने ने पिछले पांच सालों में दोगुने से भी ज्यादा फायदा दिया है.

क्यों ज्यादा से ज्यादा लोग खरीद रहे हैं सोना

आसान भाषा में समझें तो सोना यानी गोल्ड दुनिया की सबसे पुरानी कमोडिटी है और इसके जरिये कोई भी व्यक्ति दुनिया के किसी भी देश में खरीदारी कर सकता है. इसके अलावा अगर सोने में निवेश का इतिहास देखें तो इसने शानदार रिटर्न देने का काम किया है. सोने का भाव हमेशा बढ़ता ही रहता है.

अमेरिका और चीन जैसे देश जहां महंगाई चरम पर हैं, ऐसे में वहां ज्यादातर लोग सोने में इंवेस्ट इसलिए भी कर रहे हैं क्योंकि यह बढ़ती महंगाई से बचाने का काम भी बखूबी करता है. महंगाई बढ़ने के साथ सोने की कीमत में बढ़ोतरी होती है. इसके अलावा सोने में निवेश करने के लिए बहुत ज्यादा रकम की जरूरत नहीं होती है. आप कम पैसे से भी सोने में निवेश कर सकते हैं.

इंश्योरेंस की तरह करता है काम

सोना संकट के समय इंश्योरेंस की तरह भी काम करता है. कोरोना महामारी के वक्त जब ज्यादातर देशों की अर्थव्यवस्था खराब थी उस वक्त बहुत सारे लोगों को सोने ने सहारा दिया था. इसके अलावा अगर आपके पास सोना है तो आप सस्ते ब्याज पर तुरंत गोल्ड लोन ले सकते हैं. यह लोन पर्सनल लोन के मुकाबले सस्ता होता है.

भारत में गोल्ड रेट

24 अगस्त 2023 को भारत में चांदी खरीदने वालों के लिए अच्छा दिन है, क्योंकि मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में चांदी के दाम में गिरावट हुई है. वहीं सोने के दाम में हल्की तेजी देखी जा रही है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर आज सोना 58850 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार रहा था, जिसमें 31 रुपये की बढ़ोतरी हुई है.

चांदी की बात करें तो यह धातु सितंबर वायदा के लिए 73540 रुपये प्रति किलो पर कारोबार कर रहा था, जिसमें 464 रुपये की गिरावट आई है. चांदी आज 73480 रुपये प्रति किलो पर ओपन हुआ और दिन का उच्च स्तर 73900 रुपये प्रति किलो रहा है. गोल्ड की बात करें तो यह कमोडिटी मार्केट में 58750 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ओपन हुआ था और 58868 रुपये दिन का उच्च स्तर रहा है.

इंटरनेशनल मार्केट में गोल्ड और चांदी की कीमत

घरेलू बाजार की तरह ही इंटरनेशनल मार्केट में भी सोने की कीमत में तेजी देखी जा रही है. गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय मार्केट में गोल्ड 0.36 फीसदी चढ़कर 1921 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था. इसके दिन का लो लेवल 1,912.90 डॉलर और हाई लेवल 1,922.80 डॉलर प्रति औंस रहा है.

GATE 2024 के लिए अब इस दिन से शुरू की जाएगी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, जानिए कब होगी परीक्षा

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GATE 2024 Registration Soon: गेट 2024 के लिए रजिस्ट्रेशन करने की प्रोसेस 24 अगस्त से शुरू होनी थी. लेकिन किन्हीं कारणों से पंजीकरण प्रक्रिया प्रारंभ नहीं हो सकी. जिसके बाद अब गेट 2024 एग्जाम के लिए रजिस्ट्रेशन पोर्टल खुलने की तारीख संभावित तारीख 30 अगस्त तय की गई है.

जो उम्मीदवार इस बार परीक्षा में शामिल होंगे, उन्हें आधिकारिक साइट पर जाकर पंजीकरण करना होगा. ऐसा करने के लिए वह यहां दिए गए स्टेप्स को भी फॉलो कर सकते हैं.

गेट 2024 परीक्षा का आयोजन इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस बैंगलोर की ओर से कराया जाएगा. परीक्षा फरवरी 2024 में होनी है. तारीखों की बात करें तो परीक्षा की तिथियां 3, 4, 10 और 11 फरवरी तय की गई हैं. हालांकि इन तारीखों में बदलाव किया जा सकता है. इस परीक्षा का आयोजन दो पालियों में किया जाएगा. प्रथम पाली सुबह 9:30 बजे से लेकर दोपहर 12:30 बजे तक आयोजित होगी. वहीं, दूसरी पाली का आयोजन दोपहर 2:30 बजे से लेकर 5:30 बजे तक किया जाएगा.

GATE 2024 Registration Soon: कैसे कर सकते हैं पंजीकरण

  • स्टेप 1: आवेदन करने के लिए उम्मीदवार सबसे पहले आधिकारिक साइट पर जाएं.
  • स्टेप 2: फिर उम्मीदवार होम पेज पर अपनी आईडी और पासवर्ड की सहायता से GATE 2024 आवेदन पत्र भरें.
  • स्टेप 3: इसके बाद उम्मीदवार जरूरी डॉक्यूमेंट की स्कैन की हुई प्रतियां अपलोड करें.
  • स्टेप 4: अब उम्मीदवार आवेदन शुल्क का भुगतान करें.
  • स्टेप 5: इसके बाद उम्मीदवार सबमिट बटन पर क्लिक करें.
  • स्टेप 6: फिर अभ्यर्थी GATE पंजीकरण फॉर्म 2024 डाउनलोड करें.
  • स्टेप 7: अंत में अभ्यर्थी आगे की जरूरत के लिए फॉर्म का एक प्रिंट आउट निकाल लें.

Bharat NCAP Lauch: अब भारत के पास होगा अपना कार क्रैश सेफ्टी प्रोग्राम, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने लॉन्च किया भारत NCAP

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Bharat NCAP Launch: भारत का अब अपना कार क्रैश सेफ्टी प्रोग्राम शुरू हो चुका है। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने 22 अगस्त को भारत न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम (Bharat NCAP) को लॉन्च कर दिया है।

रिलीज में कहा गया है कि भारत NCAP देश में मोटर वाहनों के सुरक्षा मानकों को 3.5 टन तक बढ़ाकर सड़क सुरक्षा में सुधार करने की सरकार की प्रतिबद्धता में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस पहल के तहत, कार निर्माताओं के पास अपनी गाड़ियों को ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड (AIS) 197 के अनुसार, टेस्टिंग के लिए ऑफर करने का ऑप्शन है। ANI की रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रोग्राम का शुरुआती मकसद कार उपभोक्ताओं को बाजार में आने वालीं अलग-अलग गाड़ियों में दिए गए सेफ्टी फीचर्स की तुलना करने की आसान सुविधा देना है।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के सहयोगात्मक प्रयासों के लिए उनकी तारीफ की, जिससे उनके मंत्रालय के तहत भारत NCAP प्रोग्राम की शुरुआत में काफी मदद मिली। इसके अलावा, उन्होंने अपने समय के महत्वपूर्ण मुद्दों – सड़क दुर्घटनाओं और प्रदूषण, को भी उठाया। गडकरी इन चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने की जरूरत पर जोर दिया।

पांच प्वाइंट में समझे Bharat NCAP:

  • – सरकार ने कहा है कि कार निर्माता इस प्रोग्राम के तहत अपनी इच्छा से अपनी गाड़ियों की ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड (AIS) 197 के अनुसार, टेस्टिंग करा सकते हैं।
  • – वाहनों को टेस्टिंग में उनकी परफॉर्मेंस के आधार पर एडल्ट ऑक्यूपेंट (AOP) और चाइल्ड ऑक्यूपेंट (COP) के लिए स्टार रेटिंग मिलेगी। इससे यह आकलन करने में मदद मिलेगी कि दुर्घटना की स्थिति में कार को किस हद तक नुकसान हो सकता है। ग्राहक इन स्टार रेटिंग्स का हवाला देकर ये तय कर सकते हैं कि कौन सी कार खरीदना सही है।
  • – सरकार ने कहा, “यह कार्यक्रम भारत में मोटर वाहनों के सुरक्षा मानकों को 3.5 टन तक बढ़ाकर सड़क सुरक्षा में सुधार करने की सरकार के वादे के वादे को पूरा करने का एक महत्वपूर्ण कदम है।”
  • – सरकार को उम्मीद है कि इस प्रोग्रास से सुरक्षित कारों की मांग बढ़ेगी और निर्माताओं को ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
  • – सरकार के अनुसार, हाई सिक्योरिटी स्टैंडर्ड्स भारतीय कारों को वैश्विक बाजार में बेहतर मुकाबला करने में मदद कर सकते हैं और भारतीय कार निर्माताओं की निर्यात क्षमता को बढ़ा सकते हैं।

इस मौके पर सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री जनरल विजय कुमार सिंह, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के सचिव अनुराग जैन भी मौजूद रहे।

सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने भारत NCAP के लिए नोटिफिकेशन को मंजूरी दे दी है और ये 1 अक्टूबर 2023 से पूरी तरह से चालू हो जाएगा।

कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव और विधायक विकास उपाध्याय की ओर से कांवड़ यात्रा सीएम भूपेश बघेल भी शामिल

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CM Bhupesh Baghel Kanwad Yatra: छत्तीसगढ़ में चुनावी मुहाने पर खड़ा है. कांग्रेस (Congress) कर्नाटक की तरह ही छत्तीसगढ़ में जीत के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही है. वहीं कर्नाटक में जिस तरह बरंजबली और हिंदुत्व की जोरदार चर्चा हुई थी.

उसका असर छत्तीसगढ़ की चुनावी माहौल में भी दिखने लगा है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ये कहते हुए थक नहीं रहे हैं कि बजरंग बली हमारे साथ हैं.

इसी के बीच 7वें सावन सोमवार पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने डमरू बजाकर और कांवड़ यात्रा की शुरुआत की और बजरंगबली अखाड़ा प्रोत्साहन योजना शुरुआत करने की घोषणा कर दिया है. दरअसल, सोमवार को राजधानी रायपुर (Raipur) में रायपुर पश्चिम में कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव और विधायक विकास उपाध्याय ने एक बड़ी कांवड़ यात्रा निकाली है. इसमें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भोलेनाथ की पूजा अर्चना करते हुए डमरू बजाया है और कांवड़ लेकर भोले के भक्तों के साथ चलने लगे.

अखाड़ा प्रोत्साहन योजना शुरू करने की घोषणा
इसके बाद इस यात्रा को हजारों श्रद्धालुओं के साथ विधायक विकास उपाध्याय ने हटकेश्वर महादेव मंदिर तक जाकर पूरा किया है. इस दौरान विकास रायपुर शहर में 12 किलोमीटर से अधिक दूरी तक भारी भीड़ में पैदल चलते रहे. इसके अलावा सोमवार शाम को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नाग पंचमी के मौके पर रायपुर में हुए कुस्ती के आयोजन में एक बड़ी घोषणा की है. उन्होंने राज्य में अखाड़ों के संरक्षण और संवर्धन के साथ ही पहलवानों की प्रतिभाओं को निखारने के लिए बजरंगबली अखाड़ा प्रोत्साहन योजना शुरू करने की घोषणा कर दी है. इसके साथ ही राजधानी रायपुर में राज्य स्तरीय कुश्ती अकादमी खोलने का भी उन्होंने ऐलान किया है.

संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने क्या कहा
इस घोषणा को लेकर उन्होंने कहा है कि छत्तीसगढ़ में कुश्ती जैसे पारंपरिक खेलों का सुंदर वातावरण पुनः तैयार करना है. साथ ही हमारे प्रदेश की कुश्ती की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर लाना है. रायपुर पश्चिम से विधायक और संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने एबीपी न्यूज से हिन्दुत्व के सवाल पर कहा कि कांवड़ यात्रा को राजनितिक चस्मे से नहीं देखना चाहिए. हजारों की जन सैलाब शंकर भगवान की कांवड़ यात्रा में शामिल हुए हैं ये ऐतिहासिक है. हमारे ईष्ट देव की पूजा पाठ करते हैं. हमारी परंपरा, कहीं न कहीं उसी का फल होता है, जो हमें शक्ति देता है ताकत देता है और उसी के माध्यम से हमें ऊर्जा मिलती है.

सीएम भूपेश बघेल की घोषणा
इसके अलावा सोमवार शाम को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नाग पंचमी के मौके पर रायपुर में हुए कुस्ती के आयोजन में एक बड़ी घोषणा की है. उन्होंने राज्य में अखाड़ों के संरक्षण और संवर्धन के साथ ही पहलवानों की प्रतिभाओं को निखारने के लिए बजरंगबली अखाड़ा प्रोत्साहन योजना शुरू करने की घोषणा कर दी है. इसके साथ ही राजधानी रायपुर में राज्य स्तरीय कुश्ती अकादमी खोलने का भी उन्होंने ऐलान किया है. इस घोषणा को लेकर उन्होंने कहा है कि छत्तीसगढ़ में कुश्ती जैसे पारंपरिक खेलों का सुंदर वातावरण पुनः तैयार करना है. साथ ही हमारे प्रदेश की कुश्ती की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय मंच पर लाना है.

कांग्रेस अब हिंदुत्व के रास्ते पर चल रही है!
रायपुर पश्चिम से विधायक और संसदीय सचिव विकास उपाध्याय हिन्दुत्व के सवाल पर कहा कि कांवड़ यात्रा को राजनितिक चस्मे से नहीं देखना चाहिए. हजारों की जन सैलाब शंकर भगवान की कांवड़ यात्रा में शामिल हुए है ये ऐतिहासिक है. हमारे ईष्ट देव की पूजा पाठ करते है. हमारी परंपरा, कहीं न कहीं उसी का फल होता है जो हमें शक्ति देता है ताकत देता है और उसी के माध्यम से हमे ऊर्जा मिलती है.

गौरतलब है कि जिस तरह कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बड़ी जीत मिली इसको कांग्रेस ने बजरंग बली का आशीर्वाद बताया. इसके बाद से अब आने वाले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस बजरंग बली को अपने साथ लेकर चलने की कोशिश कर रही है. इसी साल रायगढ़ में हुए राष्ट्रीय रामायण महोत्सव में बजरंग बली के रूप में एक कलाकार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ खड़े रहते हुए दिखाया गया था. रोजाना प्रतियोगिता की शुरुआत के पहले हनुमान चालीसा का पाठ किया जाता था. इसके बाद से लगातार कांग्रेस दावा कर रही है की बजरंग बली उनके साथ हैं.

Chhattisgarh Election 2023: चुनाव से कांग्रेस को पहला बड़ा झटका! गुरु बालदास और खुशवंत साहेब ने थामा BJP का हाथ

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Chhattisgarh Election 2023 : छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के बड़ा झटका लगा है. प्रदेश की राजनीति और सतनामी समाज के बड़े चेहरे गुरू बालदास साहेब और खुशवंत साहेब ने कांग्रेस छोड़ बीजेपी ज्वाइन कर लिया है.

राजधानी रायपुर (Raipur) में छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री और बीजेपी के सीनियर नेता रमन सिंह (Raman Singh), पार्टी प्रभारी और प्रदेश अध्यत्र अरुण साव की मौजूदगी में बीजेपी का दामन थाम लिया.

राजनीतिक हलकों के जानकारों के मुताबिक गुरू बालदास और खुशवंत साहेब की सतनामी समाज के लोगों में अच्छी पकड़ मानी जाती है. बादलादस साहेब ने की बीजेपी में दोबारा वापसी की है. 2013 में छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में उन्होंने बीजेपी के जमकर काम किया था. हालांकि 2018 विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने बीजेपी छोड़ कर कांग्रेस में शामिल हो गये थे. विधानसभा चुनाव में महज तीन महीने से कम समय बाकी है, ऐसे में दो बड़े नेताओं के कांग्रेस छोड़ने से पार्टी को बड़ा झटका लगा है.

Elon Musk का क्रिप्टो मार्केट में बवाल, बिटकॉइन निवेशक एक हफ्ते में हुए कंगाल

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जिस तरह से इलोन मस्क के फैसले और बयान शेयर बाजार में हलचल पैदा करते हैं. कुछ वैसे ही तूफान क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में पैदा होता है. करीब एक हफ्ताभर पहले लिए इलोन मस्क के फैसले ने दुनियाभर के क्रिप्टोकरेंसी निवेशकों को कंगाली के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है.

जी हां, पहले से बिटकॉइन में पहले से नुकसान झेल रहे निवेशकों को बीते एक हफ्ते से बड़ा नुकसान हो चुका है. करीब 7 दिनों में बिटकॉइन की कीमतों 7 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली है. वहीं दूसरी ओर दुनिया की बाकी क्रिप्टोकरेंसीज को बड़ा नुकसान हो चुका है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर दुनिया की प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी को कितना नुकसान हुबा है.

बिटकॉन में 11 फीसदी से ज्यादा की गिरावट

कॉइनमार्केट डॉट कॉम के आंकड़ों के अनुसार बिटकॉइन की कीमत में बीते एक हफ्ते में 11 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिल चुकी है. मौजूदा समय में बिटकॉइन के दाम 26041 डॉलर पर कारोबार कर रहा है. यह गिरावट नवंबर 2022 के बाद सबसे बड़ी साप्ताहित गिरावट है, जब​ एफटीएक्स क्रैश हो गया था. वैसे एक घंटे और 24 घंटे के कारोबारी सत्र को देखें तो बिटकॉइन के दाम फ्लैट ही देखने को मिल रहे हैं. वैसे इस साल बिटकॉइन के निवेशकों को बिटकॉइन से 50 फीसदी से ज्यादा का फायदा ही हुआ है.

इथेरियम का भी बुरा हुआ हाल

दूसरी ओर दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी के दाम में भी एक हफ्ते में करीब 10 फीसदी गिरावट देखने को मिली है. आंकड़ों के अनुसार मौजूदा समय में इथेरियम की कीमत 1,664.23 डॉलर पर कारोबार कर रहा है. बीते 24 घंटों में इथेरियम की कीमत में एक फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिल चुकी है, लेकिन मौजूदा साल में निवेशकों को इथेरियम ने कमाई ही कराई है. आंकड़ों को देखें तो इस साल निवेशकों को 39 फीसदी का फायदा हुआ है.

दूसरी करंसीज का भी बुरा हाल

पिछले सप्ताह बिटकॉइन और इथेरियम के अलावा रिपल में 16.9 फीसदी की गिरावट देखने को मिल चुकी है. इस दौरान सोलाना में 15 फीसदी से ज्यादा टूट चुका है. डॉगकोइन 16 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है. बात शीबा इनु जैसे मेमकॉइन की करें तो 23 फीसदी तक क्रैश हो चुका है. एक्सआरपी में 17 फीसदी से ज्यादा और पोल्काडॉट में 11 फीसदी की गिरावट आ चुकी है. टीथर को छोड़ दुनिया की सभी बड़ी क्रिप्टोकरेंसी में गिरावट देखने को मिल चुकी है.

क्यों आई गिरावट?

क्रिप्टोकरेंसी मार्केट पहले से ही मंदी के दौर से गुजर रहा है. वहीं 18 अगस्त को बिटकॉइन को 8 फीसदी की गिरावट का सामना करना पड़ा क्योंकि इलोन मस्क के स्पेसएक्स ने कथित तौर पर टेस्ला के समान अपनी बिटकॉइन होल्डिंग्स को बेच दिया. स्पेसएक्स ने 2021-2022 के दौरान बिटकॉइन में 373 मिलियन डॉलर का निवेश किया था.

कॉइनडीसीएक्स के एसवीपी, बिजनेस एंड स्ट्रैटेजिक अलायंस, सिद्धार्थ गुप्ता ने कहा कि पिछले हफ्ते बिटकॉइन का 26000 डॉलर से नीचे गिरना बीटीसी के लिए लगभग एक साल में सबसे बड़ी गिरावट थी. इसके साथ ही, फेडरल रिजर्व के जुलाई मिनट में संभावित ब्याज दरों में बढ़ोतरी के सुझाव से निवेशकों की चिंताएं बढ़ गईं. नोएडा स्थित क्रिप्टो निवेशक विशाल गुप्ता ने कहा टेस्ला की खबर के बाद मार्केट सेंटीमेंट बहुत तेजी से बदले और फिर कई नेगेटिव खबरें आईं जो मौजूदा अनिश्चितता को बढ़ाती रहीं.