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Aadhaar Alert ! फर्जी वाट्सऐप मैसेज से हो रहा आधार स्कैम, सरकार ने जारी किया रेड अलर्ट

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आधार कार्ड हमारे जरूरी डाक्यूमेंट्स में से एक है अगर इसके साथ कोई छेड़छाड़ होती है तो आपका अकाउंट सेकंड्स में खाली हो सकता है. भारत सरकार ने आधार यूजर्स के लिए एक रेड अलर्ट जारी किया है, UIDAI ने ट्विटर (X) पर यूजर्स को इन दिनों चल रहे स्कैम्स की जानकारी दी है.

अगर आपके पास किसी भी तरह का ईमेल या वॉट्सऐप मैसेज आता है तो सावधान हो जाएं और ऐसे किसी भी मैसेज का रिप्लाई ना करें.

इस मैसेज में स्कैमर्स वाट्सऐप, नॉर्मल मैसेज या ईमेल पर में डाक्यूमेंट शेयर करने के लिए बोल रहे हैं तो उनका जवाब देने से बचें. अगर आप अपना आधार कार्ड ऑनलाइन अपडेट करना चाहते हैं तो आप ऑफिशियल साइट पर जाकर कर सकते हैं. इसके अलावा अपने नजदीकी आधार केंद्र भी जा सकते हैं.

UIDAI ईमेल या वॉट्सऐप नहीं मांगता डाक्यूमेंट

UIDAI के टीट (X) के मुताबिक, ये कभी भी ईमेल या वॉट्सऐप पर अपने आधार को अपडेट करने के लिए अपने POI/POA डॉक्यूमेंट शेयर करने के लिए नहीं कहता है. अपने आधार को या तो myAadhaarPortal के जरिए ऑनलाइन अपडेट करें या अपने नजदीकी आधार केंद्रों पर ही जाएं.

UIDAI ने डॉक्यूमेंट के मुफ्त आधार अपडेट को 14 सितंबर 2023 तक बढ़ा दिया है. इससे पहले, फ्री सर्विस केवल 14 जून 2023 तक ही थी.

आधार कार्ड में डिटेल्स ऐसे अपडेट/ बदलाव करें

  • इसके लिए सबसे पहले ऑफिशियल आधार सेल्फ सर्विस अपडेट पोर्टल पर जाएं.
  • अब यहां पर अपने आधार नंबर और ओटीपी लिख कर लॉग इन करें.
    इसके बाद जिस डिटेल्स को अपडेट करना है वो ढ़ूंढे
  • अब अपने फॉर्म को एक बार अच्छे से देख लें और सबमिट करे.
  • ट्रैकिंग के लिए एक यूआरएन हासिल करें, यूआरएन एक 14 अंकों का नंबर है जो आधार डिटेल्स अपडेट करते समय दिया जाता है.
  • इसके बाद अगर जरूरी है तो बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के लिए आधार इनरॉलमेंट पर जाएं.
  • अब आपको सही डिटेल्स के साख एक अपडेटेड कार्ड मिल जाएगा.

शाहबानो से लेकर सायरा बानो तक वे मुस्लिम महिलाएं, जिन्होंने लड़ी तीन तलाक के खिलाफ लड़ाई

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6 साल पहले आज के ही दिन सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने एक ऐतिहासिक फैसला देकर मुस्लिम महिलाओं को बड़ी राहत दी थी. इसी दिन से देश में तीन तलाक प्रथा गैर कानूनी हो गई. उसके बाद केंद्र सरकार ने संसद में बिल पेश कर इसे कानून बना दिया.

तीन तलाक के इस ताबूत में पहली कील ठोंकी थी इंदौर की शाहबानो ने. पहली दफा वही इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची थीं. हालांकि, उन्होंने गुजारे-भत्ते को लेकर अपील की थी.

बता दें कि सर्वोच्च अदालत ने उन्हें राहत भी दी, लेकिन तब सरकार ने संसद में बिल लाकर इस फैसले को पलट दिया था. इसके बाद तो जैसे रास्ता खुल गया. सायरा बानो, इशरत जहां, जाकिया, गुलशन, अतिया साबरी, आफ़रीन रहमान समेत न जाने कितनी मुस्लिम महिलाओं ने इस संघर्ष में खुद को झोंक दिया. सड़क से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक बहस छिड़ी. संघर्ष हुए.

अच्छी बात यह रही कि इनका संघर्ष काम आया. अब तीन तलाक कानूनी रूप से अवैध है. आइए तीन तलाक की छठी बरसी के मौके पर इन महिलाओं के संघर्ष और परिणामों पर एक नजर डालते हैं, जिन्होंने अनेक दुख-तकलीफें झेलकर करोड़ों महिलाओं के हक को आवाज दी. उन्हें सफलता मिली.

यह लड़ाई इतनी आसान नहीं थी. 1985 और 2019 में यह मामला संसद में पेश हुआ. उससे भी पहले सुप्रीम कोर्ट में यह मामला पहुंचा था. शाहबानो केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को तब की केंद्र सरकार ने संसद में बिल लाकर पलट दिया था, लेकिन उसके बाद शाहबानो केस जन-जन की जुबान पर था. मुस्लिम महिलाएं खुलकर सामने आने लगी.

अपने हक को लेकर आवाज उठाने लगी. कुछ बरस जरूर लगे, लेकिन फिर तो सुप्रीम कोर्ट में तीन तलाक के खिलाफ महिलाओं की लाइन लग गई. एक बार फिर लंबी सुनवाई के बाद 22 अगस्त 2017 को सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने तीन तलाक को असंवैधानिक घोषित किया और इस बार सरकार इस आदेश के समर्थन में संसद में बिल लेकर आई और आज यह कानून के रूप में हमारे सामने है.

कब, क्या हुआ?

  • 22 अगस्त 2017 के फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से 6 महीने में कानून बनाने को कहा
  • 15 दिसंबर 2017 को पीएम नरेंद्र मोदी कैबिनेट ने इस सिलसिले में बिल को मंजूरी दी और इसे आपराधिक कृत्य करार दिया
  • 29 दिसंबर 2017 को सरकार ने बिल संसद में पेश किया. यह लोकसभा से ध्वनिमत से पास हो गया.
  • 5 जनवरी 2018 को यह बिल राज्यसभा में पेश किया गया, जहां यह नहीं पास हो पाया क्योंकि राज्यसभा में एनडीए नेतृत्व के पास बहुमत नहीं था.
  • दूसरा कार्यकाल शुरू होने पर यह बिल 25 जुलाई 2019 को लोकसभा से और 30 जुलाई 2019 को राज्यसभा से पास हुआ. राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद यह कानून बन गया.

कितनी है सजा?

इस कानून के बाद कोई भी मुस्लिम अपनी बीवी को एक साथ तीन तलाक बोलकर रिश्ते को खत्म नहीं कर सकता. ऐसा करने पर पुलिस बिना वारंट गिरफ्तार कर जेल भेज सकती है. इसमें तीन साल तक की कैद, जुर्माना या दोनों हो सकता है. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद सरकार ने इस मामले में कानून बनाया है.

अब क्या हो रहा?

अभी भी कुछ मामले सामने आ रहे हैं. ऐसे भी प्रकरण आ रहे हैं कि लोग कानून के डर से तलाक तो नहीं दे रहे हैं, लेकिन घर से निकाल दे रहे हैं. ऐसी महिलाएं ज्यादा मुश्किल में हैं. क्योंकि शौहर ने तलाक तो नहीं दिया,लेकिन घर से बाहर कर दिया. बज़्मे खवातीन की मुखिया शहनाज सिदरत कहती हैं कि इस कानून ने निश्चित बड़ी राहत दी है. अब ऐसे मामलों में कमी आई है. लोगों में जेल जाने का डर है. उन्होंने बताया कि एक नई समस्या खड़ी हो गई है. अब लोग सीधे घर से बाहर निकाल दे रहे हैं. सिदरत कहती हैं इस कानून के पहले उनके पास हर महीने 25-30 मामले आते थे. अब 8-10 मामले ही आ रहे हैं, जो निश्चित ही राहत की बात है.

मामला फिर पहुंचा सुप्रीम कोर्ट

मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार सरंक्षण) अधिनियम 2019 को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है, जिस पर कोर्ट नवंबर 2023 में सुनवाई करेगा.

इन मुस्लिम देशों में भी है तीन तलाक पर रोक

पकिस्तान, बांग्लादेश, मिस्र, ट्यूनीशिया, मोरक्को, इंडोनेशिया, ईरान, अफगानिस्तान, तुर्किए, श्रीलंका, ब्रुनेई, सीरिया, कतर, यूनाइटेड अरब अमीरात, साइप्रस, जॉर्डन समेत कई अन्य देशों में भी तीन तलाक पर प्रतिबंध लगाया गया है.

Coronavirus: अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद कोविड मरीजों की हो रही मौत, जानें क्या है कारण

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कोरोना महामारी को आए हुए तीन साल से ज्यादा का समय बीत चुका है. लेकिन ये वायरस अभी भी चिंता का कारण बना हुआ है. अब कोविड मरीजों को लेकर आईसीएमआर की एक स्टडी सामने आई है. जिसमें बताया गया है कि अस्पताल से छुट्टी होने के एक साल के भीतर ही 6.5 प्रतिशत कोविड मरीजों की मौत हो गई थी.

इनमें से अधिकतर मरीज की उम्र 60 साल से ज्यादा थी. ये सभी लोग किसी दूसरी बीमारी का भी शिकार थे. महिलाओं की तुलना में पुरुषों में मौत का आंकड़ा अधिक था. जिन मरीजों की मौत हुई उनको लंग्स, हार्ट और लिवर की गंभीर बीमारियां थीं. इन मरीजों को पोस्ट कोविड समस्याएं भी थी. कोविड से रिकवर होने के बाद भी सांस लेने में परेशानी और ब्रेन फॉग जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था. करीब 74 फीसदी कोविड मरीजों को बीमारियां थी.

इस स्टडी में 14419 मरीजों को शामिल किया गया था. अस्पताल से डिस्चार्ज होने के एक साल के अंदर इन मरीजों से फोन के जरिए संपर्क किया जाता था. कुल 14419 रोगियों में से 952 यानी 6.5 प्रतिशत की मौत अस्पताल से डिस्चार्ज होने के एक साल के अंदर हो गई थी.

यह साल 2020 में सितंबर से अस्पतालों में भर्ती हुए मरीजों का यह डाटा है. इनमें से 17 फीसदी को पोस्ट कोविड समस्याएं थी. रिसर्च में यह भी बताया गया है कि जिन लोगों ने कोविड की पहली वैक्सीन डोज लगवा ली थी उनमें मौत का खतरा 40 फीसदी तक कम हो गया था.

पोस्ट कोविड समस्याओं से हुई मौत

राजीव गांधी हॉस्पिटल में कोविड नोडल अधिकारी रहे डॉ. अजित जैन Tv9 से बातचीत में बताते हैं कि कोरोना के बाद कई लोगों को पोस्ट कोविड समस्याओं का सामना करना पड़ा था. मरीजों को सांस लेने में परेशानी और हार्ट डिजीज सबसे ज्यादा हुई थी. इनमें जिन लोगों को पहले से ही कोई दूसरी बीमारी थी उनकी हालत खराब थी. ऐसे में अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद भी उनकी सेहत ठीक नहीं थी. बढ़ती उम्र में यह खतरा ज्यादा था. यही कारण है कि अस्पताल से डिस्चार्ज हुए मरीजों में जिनकी मौत हुई है उनका उम्र 60 से ज्यादा थी.

अस्पताल से छुट्टी होने के बाद जिन लोगों की मौत हुई थी वह सभी कोमोरबिडिटी वाले मरीज थे. यानी उनको लिवर, हार्ट और किडनी की बीमारियां पहले से थी. ऐसे में यह स्टडी संकेत देती है कि इस तरह की बीमारियों वाले मरीजों को कोविड से खतरा रहता है. कोविड की तीनों लहरों में देखा भी गया था कि पुरानी बीमारी से पीड़ित मरीजों में मौत का आंकड़ा अधिक था.

खत्म नहीं हुआ है कोविड का खतरा

महामारी विशेषज्ञ डॉ. अंशुमान कुमार बताते हैं कि कोरोना वायरस का खतरा अभी खत्म नहीं हुआ है. दुनियाभर में अभी भी इस वायरस के मामले आ रहे हैं. ऐसे में लोगों को लापरवाही नहीं करनी है. खासतौर पर बुजुर्गों और पुरानी बीमारी से पीड़ित मरीजों को अधिक सावधान रहने की जरूरत है. हालांकि अब कोरोना से ऐसा खतरा नहीं है जो पहले था, लेकिन इसके नए-नए वेरिएंट आते ही रहेंगे.

Raksha Bandhan: ऑनलाइन राखी और गिफ्ट्स मिलेंगे यहां, फटाफट हो जाएगी डिलीवरी

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रक्षाबंधन के त्योहार में अब कुछ ही दिन रह गए हैं. ये एक ऐसा दिन है जिस दिन का इंतजार भाई और बहन शिद्दत से इंतजार करते हैं. बहने अपने भाई को बेस्ट राखी और भाई अपनी बहन को बेस्ट गिफ्ट देना पसंद करते हैं.

ऐसे में आज हम आपको ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के बारे में बताएंगे जहां से आप राखी और गिफ्ट्स शानदार डिस्काउंट के साथ खरीद सकते हैं.
इसमें ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अमेजन और फ्लिपकार्ट पर मिल रहे डिस्काउंट ऑफर्स शामिल हैं जिसमें राखी और गिफ्ट्स आपको काफी कम दाम में मिल रहे हैं.

फ्लिपकार्ट पर मिल रही तगड़ी डील

  1. शोपीस, राखी चानल रोली और ग्रिटिंग कार्ड: ये सब सामान आपको फ्लिपकार्ट पर 40 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ केवल 179 रुपये में मिलव रहा है.
  2. गिफ्ट आइडिया: वैसे तो गिफ्ट का कोई मोल नहीं होता है गिफ्ट चाहे कितने भी हो वो हमेशा अनमोल रहता है. अगर आप रक्षाबंधन को खास और यादगार बनाना चाहते हैं तो अपनी बहन को एक घड़ी गिफ्ट कर सकते हैं. VAN HEUSEN की घड़ी आपको 1,199 रुपये में मिल रही है.
  3. मग, राखी सेट और बाकी चीजें: रक्षा बंधन के लिए हर जरूरत की चीज इस सेट में मिल रहे हैं जिनकी कीमत केवल 399 रुपये है. इसमें आपको 2 कॉफी मग मिल रहे हैं.

अमेजन पर गिफ्ट्स और राखी पर मिल रहा डिस्काउंट

  1. राखी कॉम्बो सेट: अगर आप अपने भाी के लिए राखी का सेट खरीदना चाहते हैं तो अमेजन पर ये सेट आपको 50 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ केवल 499 रुपये में मिल रहा है.
  2. गिफ्ट आइडिया: आप चाहें तो अपनी बहन को एक यूजफुल गिफ्ट दे सकते हैं जिसे वो जब-जब इस्तेमाल करे तो उसे आपकी याद आए. अमेजन पर Noise Buds आपको 63 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ केवल में 1499 रुपये में मिल रहे हैं.
  3. Kizzi Antique राखी: ये संगल पर्ल राखी का सेट आपको अमेजन से केवल 199 रुपये में मिल रहा है. अगर आप चाहें तो प्लेटफॉर्म पर मिल रहे और भी ऑफर्स पर नजर डाल सकते हैं.

टमाटर के बाद अब सस्ती दर पर प्याज बेच रही सरकार, दिल्ली के 10 जगहों पर 25 रुपये किलो में खरीदें

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देश के कई बड़े शहरों में प्याज़ की खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी को देखते हुए सरकार ने सोमवार से दिल्ली के 10 चुने हुए जगहों पर NCCF के आउटलेट्स और मोबाइल वैन के जरिये 25 रुपये प्रति किलो के रियायती दर से प्याज़ की बिक्री शुरू कर दी.

नई दिल्ली: टमाटर की कीमतें कई हफ्तों के बाद घटने लगी हैं, लेकिन अब प्याज़ धीरे-धीरे महंगा होने लगा है. देश के कई बड़े शहरों में प्याज की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए खाद्य मंत्रालय से जुडी संस्था नेशनल कोआपरेटिव कंस्यूमर्स फेडरेशन यानी NCCF ने सोमवार से दिल्ली में 25 रुपये प्रति किलो के रियायती रेट पर प्याज़ बेचना शुरू कर दिया. अगले कुछ दिनों में देश के दूसरे बड़े शहरों में भी 25 रुपये प्रति किलो के रियायती रेट पर प्याज़ की बिक्री शुरू की जाएगी.

देश के कई बड़े शहरों में प्याज़ की खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी को देखते हुए सरकार ने सोमवार से दिल्ली के 10 चुने हुए जगहों पर NCCF के आउटलेट्स और मोबाइल वैन के जरिये 25 रुपये प्रति किलो के रियायती दर से प्याज़ की बिक्री शुरू कर दी.

10 दिनों में कितने बढ़े प्याज के दाम?
खाद्य मंत्रालय के पास मौजूद आंकड़ों के मुताबिक, 10 अगस्त से 20 अगस्त, 2023 के बीच यानी 10 दिनों में दिल्ली में प्याज़ की कीमत 30 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 37 रुपये प्रति किलो हो गई. चेन्नई में प्याज की कीमत 27 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 36 रुपये प्रति किलो हुई. बेंगलुरु में प्याज के दाम 29 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 39 किलो प्रति किलो, बरनाला और शहडोल में 25 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 40 रुपये प्रति किलो और होशियारपुर में प्याज के दाम 23 रुपये प्रति किलो बढ़कर 37 रुपये प्रति किलो हो गए.

क्या कहते हैं थोक विक्रेता?
दिल्ली के ओखला मंडी में प्याज के थोक विक्रेता मोहम्मद अकरम कहते हैं, “प्याज़ की सप्लाई घट गई है. इसलिए कीमतें बढ़ रही हैं. 15 दिन पहले ओखला मंडी में प्याज की कीमत 15 से 16 रुपये प्रति किलो थी, जो आज बढ़कर 28 से 32 रुपये प्रति किलो हो गई है. बारिश की वजह से प्याज की तैयार फसल कुछ खराब हुई है. इसकी वजह से सप्लाई घटी है. पहले मंडी में चार गाड़ियां आती थी, अब दो आती हैं”.

जाहिर है प्याज के मोर्चे पर चुनौती बड़ी हो रही है. कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार को और बड़े स्तर पर हस्तक्षेप करना होगा. रविवार को खाद्य मंत्रालय ने प्याज के बफर नियम को 3 लाख मिट्रिक टन से बढ़ाकर पांच लाख मिट्रिक टन कर दिया. NAFED और NCCF को निर्देश दिया गया है कि वह इस नए टारगेट को पूरा करने के लिए एक-एक लाख मैट्रिक टन अतिरिक्त प्याज का प्रोक्योरमेंट करें. सरकार की तैयारी आने वाले समय में बाजार में प्याज़ की उपलब्धता और बढ़ाने की है, जिससे कीमतों को नियंत्रित किया जा सके.

“अरविंद केजरीवाल ने पहले भी कोशिश की थी, इस बार भी नाकाम होंगे…” : NDTV MPCG चैनल लॉन्च पर बोले छत्तीसगढ़ के CM भूपेश बघेल

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NDTV के मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ चैनल के लॉन्चिंग कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कई मुद्दों पर खुलकर बात की. साथ ही चैनल लॉन्च के मौके पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एनडीटीवी की पूरी टीम को बधाई दी.

NDTV के मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ चैनल के लॉन्चिंग कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कई मुद्दों पर खुलकर बात की. साथ ही चैनल लॉन्च के मौके पर छत्तीसगढ़ के CM बघेल ने एनडीटीवी की पूरी टीम को बधाई दी.

मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ चैनल लॉन्च कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के CM भूपेश बघेल से सवाल किया गया कि INDIA…में कांग्रेस और AAP साथ में हैं लेकिन केजरीवाल यहां आकर प्रचार भी कर रहे हैं?. इस पर भूपेश बघेल ने कहा, ”मुझे जानकारी नहीं है कि बंगलौर में क्या बात हुई है..मैं वहां नहीं था. ये सब राष्ट्रीय स्तर पर फैसले होंगे. राज्य में जो चुनाव हो रहे हैं तो इसके बारे में बात नहीं हुई है…केजरीवाल आए हैं तो आएं उससे फर्क नहीं पड़ता.”

इस कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ के CM भूपेश बघेल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से सवाल किया. उन्होंने कहा, ”केजरीवाल जी मैं एक बात पूछता हूं…मोहल्ला क्लीनिक बनाए हैं तो कितने लोगों की जिंदगी बचाई.? जबकि छत्तीसगढ़ हाट बाजार क्लीनिक में कई जिंदगियां बचाई गईं. दिल्ली में ऑक्सीजन की कमी रही, वहीं हम 6 राज्यों को ऑक्सीजन दे रहे हैं.

होमदेश”अरविंद केजरीवाल ने पहले भी कोशिश की थी, इस बार भी नाकाम होंगे…” : NDTV MPCG चैनल लॉन्च पर बोले छत्तीसगढ़ के CM भूपेश बघेल
“अरविंद केजरीवाल ने पहले भी कोशिश की थी, इस बार भी नाकाम होंगे…”

: NDTV MPCG चैनल लॉन्च पर बोले छत्तीसगढ़ के CM भूपेश बघेल
NDTV के मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ चैनल के लॉन्चिंग कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कई मुद्दों पर खुलकर बात की. साथ ही चैनल लॉन्च के मौके पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एनडीटीवी की पूरी टीम को बधाई दी.

NDTV के मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ चैनल के लॉन्चिंग कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कई मुद्दों पर खुलकर बात की. साथ ही चैनल लॉन्च के मौके पर छत्तीसगढ़ के CM बघेल ने एनडीटीवी की पूरी टीम को बधाई दी.

मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ चैनल लॉन्च कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के CM भूपेश बघेल से सवाल किया गया कि INDIA…में कांग्रेस और AAP साथ में हैं लेकिन केजरीवाल यहां आकर प्रचार भी कर रहे हैं?. इस पर भूपेश बघेल ने कहा, ”मुझे जानकारी नहीं है कि बंगलौर में क्या बात हुई है..मैं वहां नहीं था. ये सब राष्ट्रीय स्तर पर फैसले होंगे. राज्य में जो चुनाव हो रहे हैं तो इसके बारे में बात नहीं हुई है…केजरीवाल आए हैं तो आएं उससे फर्क नहीं पड़ता.”

NDTV मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ चैनल हुआ लॉन्‍च, CM शिवराज ने दी बधाई

इस कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ के CM भूपेश बघेल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से सवाल किया. उन्होंने कहा, ”केजरीवाल जी मैं एक बात पूछता हूं…मोहल्ला क्लीनिक बनाए हैं तो कितने लोगों की जिंदगी बचाई.? जबकि छत्तीसगढ़ हाट बाजार क्लीनिक में कई जिंदगियां बचाई गईं. दिल्ली में ऑक्सीजन की कमी रही, वहीं हम 6 राज्यों को ऑक्सीजन दे रहे हैं.

NDTV के मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ चैनल के लॉन्चिंग कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कहा कि मध्यप्रदेश बहुत बड़ा राज्य था. छत्तीसगढ़ के लोग हमेशा अपने को उपेछित महसूस करते थे. छत्तीसगढ़ बनने का मुख्य उद्देश्य संस्कृति है. तीन साल बनने में निकल गया. 15 साल का लंबा मौका बीजेपी को मिला. लेकिन लोगों को लग ही नहीं रहा था कि नया राज्य बना है. आज हर वर्ग महसूस करता है कि ये हमारा अपना राज्य है. छत्तीसगढ़ की अस्मिता और धरोहर को संजोने का काम किया. छत्तीसगढ़िया सबसे बढ़िया. अब सब खुलकर इस नारे को लगाते हैं.

उम्मीदों को पूरा करने मध्य प्रदेश – छत्तीसगढ़ पहुंचा NDTV, हुआ भव्य लॉन्चिंग समारोह

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आज मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की जनता के लिए उगा है नया सूरज, ऐसा सूरज, जिसकी ख़बरों की रोशनी इन दोनों राज्यों के लोगों की जिंदगी में उजियारा लाने की कोशिश करेगी. चैनल का नाम है NDTV मध्य प्रदेश – छत्तीसगढ़… NDTV, यानी भरोसे का दूसरा नाम और अब इसी भरोसे का विस्तार हो रहा है आपके राज्य में. हिन्दुस्तान के दिल में है NDTV और NDTV अब हिन्दुस्तान के दिल से…

21 अगस्त की सुबह… मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की जनता के लिए उगा है नया सूरज, ऐसा सूरज, जिसकी ख़बरों की रोशनी इन दोनों राज्यों के लोगों की जिंदगी में उजियारा लाने की कोशिश करेगी. चैनल का नाम है NDTV मध्य प्रदेश – छत्तीसगढ़… NDTV, यानी भरोसे का दूसरा नाम और अब इसी भरोसे का विस्तार हो रहा है आपके राज्य में. हिन्दुस्तान के दिल में है NDTV और NDTV अब हिन्दुस्तान के दिल से… अब MP और छत्तीसगढ़ के हर शहर और हर गांव की खबरें हम आप तक लाएंगे, आपके काम की खबरें लाएंगे और आपके मुद्दों की बात करेंगे, जटिल खबरों को आसान भाषा में समझाएंगे, युवाओं की बात करेंगे, महिलाओं के मुद्दों की बात करेंगे, खेती-किसानी की तकलीफें सुनेंगे और सुनाएंगे. चुनाव आ रहे हैं तो देश जानता है कि चुनाव मतलब NDTV… लिहाजा, इन दोनों राज्यों में आने वाले चुनावों की सटीक और निष्पक्ष खबरें और एनालिसिस दिखाएंगे NDTV मध्य प्रदेश – छत्तीसगढ़ पर… खबरें लोकल होंगी, लेकिन अंदाज एकदम ग्लोबल होगा. हम अपनी बात कहेंगे, लेकिन उससे ज्यादा आपकी बात सुनाएंगे, इसलिए हमारा जोर ग्राउंड रिपोर्ट पर होगा. लिहाजा, हमने दोनों राज्यों के चप्पे-चप्पे पर अपने संवाददाता तैनात किए हैं. इन खबरों को बनाने वाली टीम यंग होगी, टेक्नोलॉजी एकदम मॉडर्न होगी. खबरें हर वर्ग और समुदाय की होंगी और इन्हें बनाने वाले भी हर वर्ग और समुदाय से होंगे, यानी खबरों में डायवर्सिटी होगी और टीम इन्क्लूसिव होगी. हमारी पूरी कोशिश होगी कि हम एक ऐसा न्यूज चैनल बनें, जो आपकी उम्मीदों को पूरा करे, आपकी उम्मीद पर खरा उतरे, आपकी उम्मीद बने.

सीएम बनने के बाद पहला काम क्या करेंगे? ….इसके जवाब में रमन सिंह ने कहा कि मेरा पहला काम छत्तीसगढ़ को पूर्ण रूप से भष्टाचार मुक्त बनाना है.यहां पटवारी से लेकर मुख्यमंत्री तक भ्रष्ट है.छत्तीसगढ़ कांग्रेस के लिए ATM बन गया है.15 साल मैं कोल मिनिस्टर रहा लेकिन मुझ पर कोई करप्शन के आरोप नहीं लगा सकता. नीति से फर्क नहीं पड़ता नीयत भी होना चाहिए.

– छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम ने कहा कि नर्सिंग कॉलेज पहले 3 थे अब उसे 60 कर दिया. 2 मेडिकल कॉलेज से 10 मेडिकल कॉलेज हमने खोले. कांग्रेस के शासनकाल में सबसे उपेक्षित छत्तीसगढ़ था.हमने विकसित छत्तीसगढ़ बनाया.आज सरकार बदली तो करप्शन बढ़ गया. उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल की सरकार ED और CD की है. यहां 2000 हजार करोड़ का शराब घोटाला हुआ. छत्तीसगढ़ देश में पहला राज्य है जहां शराब की दुकानों में अवैध शराब बिकता है. छत्तीसगढ़ में 40 फीसदी अवैध शराब बिकता है.

-अपनी उपलब्धियों के गिनाते हुए रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता जानती है कि भारतीय जनता पार्टी को क्यों वोट देना चाहिए. वह 15 साल के विकास यात्रा भूले नहीं हैं. इन 15 साल के दौरान जिस तरह इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट किया गया, छत्तीसगढ़ में सड़कों का जाल बिछाने का काम किया गया. हमने राज्य में 22 हजार किलोमीटर सड़क का जाल बिछाया. पहले 9 हजार करोड़ पहले बजट होता था. हमने उसे1 लाख करोड़ किया. 

– छत्तीसगढ़ में लगातार 15 वर्ष तक सीएम की कुर्सी संभालने वाले रमन सिंह से जब चुनावी मौसम को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि जनता बीजेपी को वोट क्यों करें, इसका सबसे बड़ा कारण मुझे यह लगता है कि जो छत्तीसगढ़ के हालात में परिवर्तन आए हैं. विकास की गंगा बह रही थी, शांति का टापू बना हुआ था. वो छत्तीसगढ़ आज भ्रष्टाचार का घर बन गया है. जितना करप्शन पांच साल में यहां हुआ है उतरा पूरे हिंदुस्तान में कहीं नहीं हो रहा है. अब राज्य में कलेक्टर क्लेकटिंग एजेंट बन गया है. 

– छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम रमन सिंह ने भी NDTV MPCG के लॉन्चिंग कार्यक्रम में भाग लिया. उन्होंने कहा, मैं एनडीटीवी छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश लांचिंग के अवसर पर बहुत सारी शुभकामनाएं देता हूं, बधाई देता हूं. उम्मीद करता हूं कि छत्तीसगढ़ की कला, छत्तीसगढ़ के संस्कृति, छत्तीसगढ़ की राजनीति छत्तीसगढ़ के विकास के उन गाथाओं को और छत्तीसगढ़ देश के सामने हम किस तरह प्रस्तुत करना चाहते हैं, इस पर एनडीटीवी की सार्थक भूमिका रहे. और निश्चित रूप से जो हमारा अनुभव है इस पर आप सफल हो यह हमारी शुभकामनाएं हैं.

– INDIA गठबंधन में कांग्रेस और AAP साथ में है लेकिन केजरीवाल छत्तीसगढ़ में आकर प्रचार भी कर रहे हैं. इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मुझे जानकारी नहीं है कि बंगलौर में क्या बात हुई है. मैं वहां नहीं था. ये सब राष्ट्रीय स्तर पर फैसले होंगे. राज्य में जो चुनाव हो रहे हैं तो इसके बारे में बात नहीं हुई है. केजरीवाल आए हैं तो आएं उससे फर्क नहीं पड़ता. केजरीवाल ने पहले भी कोशिश की थी तब भी सफलता नहीं मिली थी अब भी नहीं मिलेगी.

– सीएम भूपेश बघेल ने कहा, जब भी चुनाव आते हैं तो बीजेपी वाले जय श्रीराम का नारा लगाते हैं. गौ माता की बात करते हैं, लेकिन गायों के लिए क्या किया. गाय हमारी पहचान है. हम उससे जोड़ कर काम करते हैं. राम तो हमारे कण-कण में बसे हुए हैं. हम राम के नाम पर वोट नहीं मांगते. उन्होंने कहा कि चुनावी हिंदू तो बीजेपी वाले हैं…अगर हिंदू हैं तो फिर उसके नाम पर वोट क्यों मागते हैं? 

– छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि यहां राम और कृष्ण दोनों की स्मृतियां हैं. बौद्ध परिसर भी है. वहां सभी पंथ और संप्रदाय है. शिरपुर में आपको सबकुछ मिलेगा. कबीर का प्रभाव रहा है. विववेकानंद का भी प्रभाव हमें दिखाई देता है. हमारे समाज में कट्टरता कहीं नहीं है. 

– सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़िया सबसे बढ़िया… यह नारा आज सबके दिलों दिमाग में है. सबने मिलकर छत्तीसगढ़ को बनाया है. छत्तीसगढ़ प्रतीक प्रगति के पद पर है. यह सांस्कृतिक तौर पर संपन्न है. 

– NDTV के क्षेत्रीय चैनल एनडीटीवी मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ के लॉन्चिंग कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने  कहा कि छत्तीसगढ़ बनने का मुख्य उद्देश्य सांस्कृतिक रहा है. छत्तीसगढ़ का हर वर्ग आज महसूस करता है कि यह हमारा अपना राज्य है. छत्तीसगढ़ के आर्थिक, सामाजिक, शिक्षा सहित सभी क्षेत्रों में हमने मिलकर काम किया. छत्तीसगढ़ की अस्मिता और धरोहर को संजोने संजोने का भी काम किया.

-छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने क्षेत्रीय चैनल NDTV मध्य प्रदेश – छत्तीसगढ़ की लॉन्चिंग के मौके पर NDTV की टीम को शुभकामनाएँ दी. उन्होंने ट्वीट कर लिखा, क्षेत्रीय चैनल के माध्यम से नई शुरुआत के लिए NDTV की पूरी टीम को बहुत बधाई एवं शुभकामनाएँ. जनआकांक्षाओं, जनसमस्याओं, जनप्रश्नवाचकों सहित जनसरोकार से जुड़े हर सवाल को बल मिले, ऐसी आशा करता हूँ. बधाई.

–  कमलनाथ का कहना है कि बीजेपी शिवराज, महाराज और नाराज इन तीन भागों में बांटा हुआ है. उन्होंने कहा कि शिवराज सिंह की जो राजनीति नारियल फोड़ने की है. वह जेब में नारियल लेकर घूमते हैं, लेकिन नारियल टूटता नहीं सड़क- पुल टूट जाती है.

चुनावी माहौल पर किए गए सवाल पर कमलनाथ ने कहा कि अभी हाल में 10-12 महीने पहले ग्वालियर में मेयर का चुनाव हुआ, उसमें कांग्रेस जीती. मोरैना में मेयर का चुनाव हुआ, उसमें कांग्रेसी जीती. ग्वालियर में जोधपुर ज्योतिरादित्य सिंधिया फैक्टर को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि किसका क्या प्रभाव है मैं इस पर जाना नहीं चाहता, निष्कर्ष यह निकला कि कांग्रेस जीती है.

– मध्य प्रदेश में निवेश के लेकर कमलनाथ ने कहा , मेरा मानना है कि निवेश की मांग नहीं की जा सकती है निवेश को आकर्षित किया जा सकता है.अगर मध्य प्रदेश की पहचान भ्रष्टाचार और माफिया से हो तो कोई यहां निवेश नहीं करेगा. मध्य प्रदेश के प्रति लोगों में विश्वास पैदा करें.इसी विश्वास से मध्यप्रदेश में इन्वेस्टमेंट आएगा.

– कमलनाथ ने कहा कि जब हमने कहा कि लोगों को राहत मिले तो हमारी सोच में चुनाव नहीं था. हमारे दिमाग में प्रदेश का नक्शा था. हम कहते हैं कि सिलेंडर ₹500 देंगे, तो मुझे खुशी होगी. यह जब हमने ये घोषणा की तब उनको सिलेंडर याद आया .अगर शिवराज सिंह हमारे कहने पर इसकी घोषणा कर दे, जो कि मुझे यह भी खबर है कि शायद वो करने वाले हैं, तो मुझे खुशी होगी .

– उन्होंने शिवराज सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि शिवराज को चुनाव के अंतिम 5 महीने में अपने काम याद आए.  इन्होंने 18 साल का पाप धोने का लिए घोषणाएं कीं. उन्होंने शिवराज सरकार पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि ये सभी घोषणाएं आपको चुनाव से पहले करने की क्या आवश्यकता है .अगर आपका कार्यकाल सफल रहा है तो इसकी कोई आवश्यकता नहीं है.

– MP के पूर्व सीएम कमलनाथ  ने कहा कि आज बड़ा सियासी परिवर्तन आ चुका है. एमपी के लोगों में विस्वास पैदा करना जरूरी है. आज मतदाता बुहत होशियार है. उन्होंने कहा कि  प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ काम करने में कम्फर्टेबल हूं.

NDTV मध्य प्रदेश – छत्तीसगढ़ चैनल लॉन्च समारोह में MP के पूर्व सीएम कमलनाथ भी मौजूद रहे. उन्होंने इस अवसर पर NDTV को बधाई दी. इस दौरान उन्होंने शिवराज सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि मुंह चलाने और प्रदेश चलाने में अंतर है. 

– इस बार के चुनाव में आपको कितनी सीट मिलेगी… इस सवाल के जवाब में सीएम शिवराज सिंह ने कहा कि मैं ज्योतिष नहीं हूं, लेकिन मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि अब तक के सारे रिकॉर्ड को तोड़कर भारतीय जनता पार्टी ऐतिहासिक जीत हासिल करेगी.यह मैं जनता के प्यार और समर्थन के आधार पर कह रहा हूं.

-शिवराज सिंह का कहना है कि 2005 में जब CM बना तो मध्यप्रदेश में तीन समस्याएं थीं. डकैत- मैंने कहा था या तो इस धरती पर डकैत रहेंगे या शिवराज रहेगा. साल भर में डकैतों को समाप्त कर दिया. हमने नक्सवाल को सीमित कर दिया वो बालाघाट तक ही सीमित रह गए. मैंने सिमी के नेटवर्क को ही खत्म कर दिया.

 धर्म और राजनीति पर बात करते हुए सीएम शिवराज ने कहा कि जो राम का नाम लेने से डरते थे वो आज रोज हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे हैं. ये भारत की राजनीति में बड़ा परिवर्तन आया है. जो कभी हिंदू का नाम लेने से डरते थे आज उनके हाथ में त्रिशुल और माला भी होती है. मैं चाहता हूं कि ये सर्वव्यापी हो. वो पहले डरते थे लेकिन अब उनकी भी आंखें खुल गई हैं

मध्यप्रदेश में 22 तारीख को मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना ल़ॉन्च कर रहे हैं. इसके लिए कंपनियों को हमने पोर्टल में ले लिया है. कंपनियों में सीखने के लिए हमारे बच्चे जाएंगे. बच्चे काम सीखने जाएंगे और काम सीखने जाएंगे तो भी हम पैसे देंगे.

– मुख्यमंत्री ने बताया कि 2002 और 2003 में हमारी अर्थव्यवस्था 71 हजार करोड़ थी जो अब 15 लाख करोड़ को छूने जा रही है. देश की अर्थव्यस्था में मध्यप्रदेश का अब 4.8 फीसदी योगदान है. आज प्रति व्यक्ति आय 1.40 लाख रुपये हो गई है. 

– सीएम शिवराज ने कहा-,जब मैं CM बना तो मैंने तय किया मध्यप्रदेश में कोई खेत सूखा नहीं रहेगा. आज हम 45 लाख हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई कर रहे हैं. जिसे बढ़ाकर 65 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाना है. 

– राज्य में महिला सशक्तीकरण को लेकर सीएम शिवराज ने कहा कि बेटियों को बोझ नहीं बनने देंगे. जब मैं मुख्यमंत्री नहीं था तब भी मैं बेटियों की शादी करवाता था. बेटी को बोझ समझने की सोच को बदलना है. एक ही मां की कोख से बेटा और बेटी दोनों पैदा होते हैं. हमने एक के बाद एक बेटियों के लिए योजना बनाई. बेटियों को साइकिल दिया, बेटी को जन्म देने वाली मां को जन्म के पहले 4 हजार और बाद में भी 4 हजार दिया. उन्होंने कहा कि मैं जब तक जिंदा रहूंगा तब तक महिलाओं के लिए योजना बनाता रहूंगा.

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि खबरें वो नहीं होती, जो नकारात्मक हैं. कई खबरें हैं जो दूसरों को प्रेरणा देती है वो भी NDTV सामने लाया है.

– मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मैं टीम NDTV का हृदय का स्वागत करता हूं. आपने अपने गुलदस्ते का पहला फूल मध्यप्रदेश को दिया है. आपको हृदय से धन्यवाद. मध्यप्रदेश एक ममतामयी प्रदेश है. 

– इस कार्यक्रम में NDTV के कार्यकारी निदेशक संजय पुगलिया ने मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान से खास बातचीत की. 

– NDTV मध्य प्रदेश – छत्तीसगढ़ चैनल लॉन्च समारोह में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहे.

– NDTV मध्य प्रदेश – छत्तीसगढ़ चैनल लॉन्च पर भोपाल-रायपुर में खास समारोह आयोजित किया गया है. इस दौरान कई सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

शरीर के लिए रामबाण है हरी मिर्च, 5 बीमारियों से दिला सकती है छुटकारा, फायदे जानकर रोज करेंगे सेवन

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Health Benefits of Green Chilli: भारतीय रसोई में हरी मिर्च का खूब इस्तेमाल किया जाता है. तमाम व्यंजनों का स्वाद और तीखापन बढ़ाने के लिए हरी मिर्च लोगों की पहली पसंद होती है. हरी मिर्च को लाल मिर्च की तुलना में सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद माना जाता है और यही वजह है कि अधिकतर लोग इसे अपनी डाइट में जरूर शामिल करते हैं.

कुछ लोग हरी मिर्च को सब्जी में डालकर खाना पसंद करते हैं, तो कई लोग खाने के साथ सलाद के रूप में हरी मिर्च का सेवन करते हैं. हरी मिर्च में कई पोषक तत्व होते हैं, जो सेहत को कई बड़े फायदे पहुंचा सकते हैं. हरी मिर्च वजन घटाने से लेकर हार्ट हेल्थ को दुरुस्त करने तक बेहद काम की साबित हो सकती है. हरी मिर्च दुनियाभर में सबसे अधिक इस्तेमाल किए जाने वाले मसालों में से एक है. आज आपको हरी मिर्च खाने के बेहतरीन फायदों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें जानकर आप हैरान रह जाएंगे.

वेट लॉस के लिए फायदेमंद – हरी मिर्च खाने से वजन को कम करने में मदद मिल सकती है. हेल्थलाइन की रिपोर्ट के अनुसार इस बात के कई प्रमाण हैं कि हरी मिर्च में पाया जाने वाला कंपाउंड कैप्साइसिन भूख को कम करता है और फैट को बर्न करता है. इससे वजन को तेजी से कम किया जा सकता है. कई रिसर्च से पता चलता है कि 10 ग्राम हरी मिर्च पुरुषों और महिलाओं दोनों में फैट बर्न करने में काफी बढ़ोतरी कर सकती है.

दर्द से दिलाए राहत – हरी मिर्च को नेचुरल पेन रिलीवर माना जा सकता है. मिर्च में पाया जाने वाला कंपाउंड कैप्साइसिन शरीर में होने वाले दर्द को कम कर सकता है. यह कंपाउंड हमारे नर्वस सिस्टम में जाकर दर्द को कम कर देता है. हरी मिर्च खाने से एसिड रिफ्लक्स के कारण होने वाले हार्टबर्न से भी राहत मिल सकती है. एक अध्ययन में पाया गया कि प्रतिदिन 2.5 ग्राम मिर्च का सेवन करने से सीने में जलन 5 सप्ताह बाद काफी कम हो गई थी.

हार्ट हेल्थ के लिए लाभकारी – हरी मिर्च खाना दिल की सेहत के लिए भी बेहद लाभकारी होता है. कई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि हरी मिर्च का सेवन करने से शरीर में जमे बैड कोलेस्ट्रॉल को कम किया जा सकता है. इससे ब्लड प्रेशर को भी कंट्रोल किया जा सकता है. इससे हार्ट हेल्थ को मजबूती मिलती है और दिल की बीमारियों का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है. हार्ट हेल्थ को बूस्ट करने के लिए हरी मिर्च का सेवन किया जा सकता है.

ब्लड शुगर होता है कंट्रोल – हरी मिर्च को डायबिटीज के मरीजों के लिए भी चमत्कारी माना जा सकता है. हरी मिर्च का सेवन करने से ब्लड शुगर लेवल को कम करने में मदद मिल सकती है. एक स्टडी में यह बात सामने आई थी. दरअसर मिर्च में मौजूद कैप्साइसिन रसायन इंसुलिन सेक्रेशन को बढ़ावा देता है, जिससे ब्लड में ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित किया जा सकता है. हालांकि शुगर के मरीज हरी मिर्च खाने से पहले डॉक्टर से जरूर कंसल्ट कर लें.

इम्यूनिटी को करे मजबूत – हरी मिर्च को शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने में भी असरदार माना जा सकता है. हरी मिर्च में बीटा कैरोटिन और विटामिन सी की मात्रा अधिक पाई जाती है. बीटा कैरोटिन एक पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट है, जो इम्यून सिस्टम को बूस्ट कर सकता है. विटामिन सी भी बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ाने में मददगार होता है.

कई राज्यों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट, यहां पढ़ें पूरी खबर…

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भारतीय मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और अरुणाचल प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई है। ।

हिमाचल, उत्तराखंड और यूपी समेत सात राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी
भारी बारिश, भूस्खलन से तबाही झेल रहे हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। भारतीय मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और अरुणाचल प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई है। विभाग ने इन सात राज्यों के लिए 21 से 24 अगस्त के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

आज से दिल्ली में 25 रुपये किलो प्याज बेचेगी सरकार


प्याज के खुदरा दामों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार इस साल दो लाख टन प्याज और खरीदेगी। इसके साथ ही बफर स्टॉक पांच लाख टन हो जाएगा। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने बताया, राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता फेडरेशन (एनसीसीएफ) और राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन फेडरेशन (नैफेड) को एक-एक लाख टन प्याज खरीदने के लिए कहा गया है।
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भारत ने आयरलैंड को 33 रन से हराया, सीरीज अपने नाम की


भारत और आयरलैंड के बीच टी20 सीरीज का दूसरा मैच भी भारतीय टीम ने जीत लिया है। 33 रन से यह मैच अपने नाम करने के साथ ही भारत ने सीरीज भी जीत ली है। तीन मैच की सीरीज में भारत ने 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है।
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ब्राजील में बस दुर्घटना में सात फुटबॉल प्रशंसकों की मौत


ब्राजील में एक पहाड़ी सड़क पर फुटबॉल प्रशंसकों को ले जा रही बस के चालक का नियंत्रण खो गया और भयानक सड़क दुर्घटना हो गई। इस घटना में सात लोगों की मौत हो गई और 27 अन्य को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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डेढ़ गुना आवेग के कारण ‘अस्तित्वहीन’ हुआ लूना-25 अंतरिक्ष यान


रूस के चंद्र मिशन लूना-25 की विफलता के लिए इंपल्स यानी आवेग को मुख्य वजह माना जा रहा है। बताया गया कि उड़ान योजना और अन्य प्रक्रियाओं के लिए बने ऑटोमेटिक स्टेशन के तय कार्यक्रम के तहत 19 अगस्त को रूसी यान को इंपल्स दिया गया।
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खरगे की नई टीम में मुख्यमंत्रियों को जगह नहीं


कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की नई टीम में किसी मुख्यमंत्री को जगह नहीं दी गई है। इसमें सचिन पायलट को जगह मिली है लेकिन पूर्व में सीडब्ल्यूसी सदस्य रहे राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को इससे बाहर रखा गया है। कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और हिमाचल के मुख्यमंत्रियों को भी इसका हिस्सा नहीं बनाया गया है। लेकिन पूर्व मुख्यमंत्रियों और पूर्व केंद्रीय मंत्रियों की भरमार है।
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हर देश के प्रतिनिधिमंडल का उनकी संस्कृति में होगा स्वागत


जी-20 सम्मेलन में आने वाले विदेशी मेहमानों का दिल्ली पुलिस के जवान उनकी संस्कृति व सभ्यता का पूरा ख्याल रखेगी। इससे देश की छवि और बेहतर हो सकेगी। जी हां, दिल्ली पुलिस अपने जवानों को विदेशी मेहमानों से उनकी संस्कृति, सभ्यता और व्यवहार के अनुसार बात व व्यवहार करने की ट्रेनिंग दिलवा रही है।
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नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा मिलेगा शुभ फल

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हिंदू धर्म में सावन में पड़ने वाली नाग पंचमी को बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है. इस दिन भगवान शिव के प्रिय नाग देव की पूजा का विधान है. भगवान भोलेनाथ को नाग देव कितने प्रिय है इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह हमेशा भोलेनाथ के गले में लिपटे रहते हैं.

नाग देव को हिंदू धर्म में विशेष महत्व दिया गया है. नाग पंचमी का दिन नाग देवता की पूजा के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है. इस दिन विधि विधान से की गई पूजा से नाग देवता प्रसन्न होते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद अपने भक्तों को देते हैं. पूजा का शुभ फल नाग देवता की पूजा जानें यहां.

ऐसे करें नाग देवता की पूजा

  • नाग पंचमी पर सूर्य उदय होने से पहले उठकर नहाएं और भगवान शिव और नाग देवता की पूजा-अर्चना विधि विधान से करें.
  • नाग देवता की पूजा करते समय उनको फल, फूल, मिठाई और कच्चा दूध जरूर चढ़ाएं. इस विधि से पूजा करना सफल होता है.
  • नाग पंचमी के दिन सांप और नागों के दर्शन करना बहुत ही शुभ माना जाता है. इस दिन नाग देवता के दर्शन जरूर करने चाहिए.
  • नाग पंचमी पर नाग देवता को तांबे के लोटे से ही जल और दूध चढ़ाना चाहिए.साथ ही चांदी के नाग-नागिन के जोड़े का अभिषेक करें.