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Hawaii island Fire: हवाई आईलैंड के जंगलों में लगी भीषण आग, मरने वालों की संख्या 50 के पार, जानें अब तक कितनी मची तबाही…

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Hawaii island Fire: अमेरिका का हवाई आईलैंड सबसे खूबसूरत पर्यटक स्थलों में से एक है. हाल ही में हवाई के माउई काउंटी में लाहैना के जंगलों में भीषण आग लग गई. इसकी वजह से मरने वालों की संख्या गुरुवार (10 अगस्त) को बढ़कर 53 हो गई है.

AFP के रिपोर्ट के मुताबिक माउई काउंटी के अधिकारियों ने बताया कि लाहैना के जंगलों में लगी भीषण आग की वजह से अकेले सिर्फ गुरुवार को 17 लोगों की मौत होने की पुष्टि की गई है.

लाहैना के जंगलों की आग की तबाही में बचे जिंदा लोगों ने हादसे से जुड़ी दर्दनाक कहानियां बताई हैं. एक शख्स ने कहा कि कभी लाहैना साइड का फ्लाईओवर एक रंगीन नजारों से भरा होता था, जो आज के वक्त में पूरी तरह से राख में बदल चुका है. फ्लाईओवर के हर एक ब्लॉक में जले हुए मलबे ही नजर आ रहे हैं. जहां-तहां जली हुई नाव दिखाई पड़ रही है.

मरने वालो की संख्या में हो सकता है इजाफा
लाहैना के माउई काउंटी में एक फेमस फ्रंट स्ट्रीट भी है, जो बुरी तरह से जलकर खाक हो चुका है. पोर्ट के किनार खड़ी नाव जल गई है. सारे शहर में आग के धुएं का गुब्बार फैल गया है. माउई काउंटी का फ्रंट स्ट्रीट लगभग 1700 के दशक का है.

हवाई सरकार के जोश ग्रीन ने बताया कि आग से 1,000 से अधिक संरचनाएं नष्ट हो गईं हैं और कुछ अभी भी जल रही हैं. उन्होंने कहा कि खोज और बचाव के अधिकारियों की मानें तो मरने वालो की संख्या में इजाफा हो सकता है.

कारों में मरे हुए लोग
हवाई आईलैंड में साल 1961 में सुनामी आयी थी, जिसमें 61 लोगों की मौत हो गई थी. उस घटना के बाद ये आग लगने की पहली ऐसी घटना है, जिसमें अब तक 53 लोगों की जान जा चुकी है. टिफ़नी किडर विन्न नाम के शख्स ने बताया कि मेरी यहां पर गिफ्ट की दुकान थी, जो जलकर खाक हो चुकी है.

मैंने अपनी आंखों से देखा कि जले हुए वाहनों की लंबी कतार है. उन कारों में मरे हुए लोगों की लाशें मौजूद हैं. वे ऐसे लोग थे, जो शायद ट्रैफिक में फंस गए थे और फ्रंट स्ट्रीट से नहीं निकल सके.

Durg : दुर्ग पुलिस ने तैयार किया ऐसा सॉफ्टवेयर, एक क्लिक में निकल जाएगी अपराधियों की कुंडली|

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Durg : छत्तीसगढ़ के दुर्ग पुलिस के लिए Coding Wizard Gorup ने एक ऐसा साफ्टवेयर बनाया है जिसके एक क्लिक करने पर अपराधियों का पूरी कुंडली निकल कर सामने आ जाएगी. इस सॉफ्टवेयर का नाम Facial Recognition Software है.

दुर्ग पुलिस ने पिछले 10 साल के 5000 अपराधियों का डाटाबेस अपलोड कर चुकी है. इसके साथ छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों के अपराधियों के भी एन्ट्री की जा रही है.

एक क्लिक में अपराधी की निकल जाएगी अपराधिक जन्म कुंडली
वर्तमान समय में लगातार शहरी क्षेत्रों में बढ़ते अपराध को देखते दुर्ग पुलिस ने बीआईटी इंजीनियरिंग के स्टूडेंट के साथ मिलकर पुलिस ने एक ऐसा सॉफ्टवेयर बनाया है. जिससे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति का चेहरा स्कैन करने पर उसकी पूरी आपराधिक जन्म कुंडली निकाल कर सामने आ जाएगी. जिससे पुलिस को अपराधियों को पकड़ने में काफी मदद मिलेगी. और पुलिस शहर में घटने वाली घटनाओं पर तेजी से कार्यवाही कर पाएगी.

अभी तक पुलिस ने 5000 अपराधियों का डाटाबेस बनाया गया
बीआईटी इंजीनियरिंग के स्टूडेंट ने पुलिस की सहायता करने Coding Wizard Group द्वारा Facial Recognition Software तैयार किया गया है. सॉफ्टवेयर में दुर्ग जिले के पिछले दस साल के 5000 अपराधियों का Database बनाया गया है. साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य के अन्य जिलों के भी अपराधियों की एंट्री की जा रही है. सॉफ्टवेयर में जिले के सभी थानों का अकाउंट बनाया गया है. जिसके माध्यम से पुलिस अपने अकाउंट से लॉगिन कर पेट्रोलिंग के दौरान मिलने वाले संदेही आरोपियों का फोटो अपलोड किया जा रहा है.

आने वाले समय में सीसीटीवी कैमरे में भी इस सॉफ्टवेयर का होगा इस्तेमाल
एआई बॉट की सहायता से एक क्लिक में अपराधियों का अपराधिक रिकार्ड तुरंत मिल जाता है. सॉफ्टवेयर में संदेही, आरोपी, निगरानी, गुंडा बदमाश की पूरी जानकारी जोड़ा जा रहा है. इस ओर आगे बढ़ते हुए दूसरे चरण में वीडियो में दिखने वाले आरोपियों की भी पहचान की जा सकेगी. आने वाले समय में सॉफ्टवेयर को I.T.M.S. के साथ जोड़ कर CCTV में रियल टाईम अपराधियों के गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी.

Indian Railways ; जनरल टिकट पर कितनी ट्रेनों में कर सकते हैं सफर? जान ल‍ीजिए रेलवे का ये न‍ियम…

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भारतीय रेलवे के जनरल टिकट पर आप सफर करते हैं तो आपके लिए काम की खबर है. रेलवे यात्रियों को जनरल टिकट के अलावा, स्लीपर कोच और एसी कोच के लिए रिजर्व टिकट पर सफर करने की अनुमति देता है.

जनरल कोच के लिए टिकट आप विंडो से लेकर जर्नी कर सकते हैं, लेकिन अगर आप स्लीपर या एसी कोच से सफर कर रहे हैं तो आपको टिकट रिजर्व कराने की आवश्यकता होगी.

भारतीय रेलवे से ज्यादातर लोग छोटी जर्नी के लिए टिकट रिजर्व कराने की जगह जनरल टिकट पर सफर करना पसंद करते हैं. हालांकि आपको जनरल टिकट से जुड़े एक नियम के बारे में जान लेना चाहिए, जो आपके काम आ सकता है.

जनरल टिकट पर कितनी ट्रेनों में कर सकते हैं सफर

क्या आप जानते हैं कि आप एक ट्रेन के जनरल कोच से उतरकर कितनी ट्रेनों के जनरल कोच से सफर कर सकते हैं. रेलवे ने इसे लेकर भी एक नियम पेश किया है. ऐसा करते हुए कई यात्रियों को देखा जाता है, जिन्हें शायद रेलवे के इस नियम के बारे में इसकी जानकारी नहीं होती है. लेकिन ऐसा करने पर रेलवे आपसे जुर्माना लगा सकता है. ऐसा करने की अनुमति रेलवे की ओर से नहीं दी जाती है.

क्या है पीछे की वजह

अगर कोई यात्री एक ट्रेन से सफर कर रहा है और उस ट्रेन में भीड़ या किसी साथी के इंतजार में पीछे से आ रही दूसरी ट्रेन में सफर करने के लिए किसी दूसरे स्टेशन पर उतरकर चढ़ जाता है तो रेलवे जुर्माना वसूल करता है, क्योंकि जनरल टिकट पर भी अलग-अलग ट्रेनों को किराया भी अलग होता है. अगर मौके पर ऐसा करते हुए पाए जाते हैं तो टीटीई की ओर से जुर्माना वसूल किया जाएगा.

जिस ट्रेन का टिकट उसी में होगा मान्य

आपने अगर किसी एक्सप्रेस ट्रेन के जनरल कोच के लिए टिकट लिया है तो आप उसी में सफर कर सकते हैं. अगर दूसरे ट्रेन में सफर करते हैं तो यह मान्य नहीं किया जा सकता है. टीटीई के टिकट मांगने पर अगर उसमें गड़बड़ी दिखती है तो आप मुश्किल में पड़ सकते हैं. टीटीई आपपर जुर्माना लगा सकता है.

Chhattisgarh Film Festival 2023: रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख बढ़ाकर की गई 10 से 17 अगस्त, जानें- पूरी गाइडलाइन…

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Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्तर पर सड़क सुरक्षा(Road safety) के जागरूकता के लिए शॉर्ट फिल्म(Short film making) मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है. इसमें देशभर से अबतक 300 लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है.

लेकिन बारिश के मौसम के कारण फिल्म मेकरों को चुनौतियों का सामना करना करना पड़ रहा है. इस लिए प्रतियोगिता आयोजित करने वाले अंतर्विभागीय लीड एजेंसी (सड़क सुरक्षा) और छत्तीसगढ़ पुलिस(Chhattisgarh police) ने पंजीयन की तारीख को बढ़ा दिया है.अब 17 अगस्त तक फिल्म महोत्सव के लिए रजिस्ट्रेशन करा सकते है.

देशभर के 19 राज्यों से 300 फिल्म मेकर का रजिस्ट्रेशन

दरअसल बुधवार को रायपुर पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया है कि यातायात पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रदीप गुप्ता और रायपुर आईजी रतन लाल डांगी ने जानकारी दी है कि बारिश के कारण शॉर्ट फिल्म मेकिंग में आ रही दिक्कतों के कारण फिल्म महोत्सव छत्तीसगढ़ 2023 में पंजीकरण की अंतिम तारीख 10 अगस्त 2023 से बढ़ाकर 17 अगस्त 2023 किया गया है. इसके अलावा फिल्म एंट्री की अंतिम तारीख 12 अगस्त 2023 से बढ़ाकर 19 अगस्त 2023 की गई है.ये भी बताया कि अब तक देश के 19 राज्यों से 300 प्रतिभागियों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है. इसमें उत्तर प्रदेश गुजरात, मध्यप्रदेश, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट, बिहार, पंजाब, असम, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, आंध्रप्रदेश, हरियाणा, झारखण्ड, दिल्ली, चंडीगढ़, तमिलनाडु, उड़ीसा और छत्तीसगढ़ के प्रतिभागी शामिल है.

शॉर्ट फिल्म बनाने में लिए क्या है दिशा निर्देश?

फिल्म एक डॉक्यूमेंट्री, प्रयोगात्मक, कथात्मक, काल्पनिक, गैर कॉल्पनिक या एनीमेशन हो सकती है. मूल फिल्म यथासंभव उच्चतम गणवत्ता (1920×1080 या उससे ऊपर) की सड़क सुरक्षा थीम पर आधारित होनी चाहिए. प्रतिभागियों को सर्वप्रथम https://forms.gle/6fjxo79kCbuzbydh8 में पंजीकरण अनिवार्य होगा. राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा लघु फिल्म महोत्सव, छत्तीसगढ़ में भाग लेने के लिए कोई प्रवेश शुल्क नहीं है और आयोजक टीम से कोई भी कभी भी किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं मांगेगा. प्रतिभागी की न्यूनतम आयु 18 साल या उससे अधिक होनी चाहिए. एक प्रतिभागी के लिए अधिकतम तीन एंट्री की पात्रता है. फिल्म की कुल अवधि क्रेडिट सहित (फ्रंट और एण्ड) अधिकतम 140 सेकण्ड (2.20 मिनट) हो सकती है.

इन दो कैटेगरी में बनानी होगी शॉर्ट फिल्म

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा लघु फिल्म महोत्सव, छत्तीसगढ़ 2023 में दो कैटेगरी में शॉर्ट फिल्म स्वीकार की जाएगी. इसमें पहल छत्तीसगढी भाषा (छत्तीसगढ़ी, गोडी, धुर्वा, भतरी, दोरली, संबलपुरी, कुड़ख, सदरी, बैगानी, कमारी, औरिया, सरगुजिया, दंतेवाड़ा गोड़ी आदि शामिल है और दूसरे में अन्य भारतीय भाषा, सभी लघु फिल्म के लिए हिंदी में उपशीर्षक अनिवार्य है. प्रस्तुत की जाने वाली लघु फिल्में प्रतियोगी की मूल रचना होनी चाहिए और किसी भी कॉपीराइट या किसी तीसरे पक्ष के किसी अन्य अधिकार का उल्लंघन नहीं करना चाहिए. प्रतियोगी इस बात से सहमत है कि उन्होंने अपनी लघु फिल्मों में प्रस्तुत संगीत, ध्वनि और या छवियों के संबंघ में सभी आवश्यक अनुमति प्राप्त कर ली हैं.

फिल्म मेकर के लिए ये जानना भी जरूरी है

किसी भी प्रकार के सामाजिक भेदभाव और अश्लील/वयस्क फिल्म को स्वीकार नहीं किया जाएगा और राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा लघु फिल्म महोत्सव छत्तीसगढ़ से अयोग्य घोषित कर दिया जायेगा. छत्तीसगढ़ पुलिस और अंतर्विभागीय लीड एजेंसी (सड़क सुरक्षा) छत्तीसगढ़ को अधिकार होगा कि महोत्सव के प्रचार उद्देश्यों के लिए प्रविष्टियों (प्रेषित चयनित/नामांकित फिल्में) और फिल्म की सामग्री का उपयोग छत्तीसगढ़ पुलिस और अंतर्विभागीय लीड एजेंसी (सड़क सुरक्षा) छत्तीसगढ़ द्वारा किया जा सकेगा और प्रत्येक फिल्म की प्रतियों को अपने महोत्सव पुस्तकालय के हिस्से के रूप में रखा जा सकेगा.सभी फिल्में चाहे पुरस्कृत हों या नहीं, छत्तीसगढ़ पुलिस और संबंधित एजेंसियों द्वारा व्यावसायिक हित के बिना सड़क सुरक्षा जागरूकता के लिये उपयोग की जा सकती है.

कितना मिलेगा इनाम?

छत्तीसगढ़ पुलिस की तरफ से बताया गया है कि 4 श्रेणियों में विजेताओं का चयन किया जाएगा. इसमें सबसे ज्यादा इनाम की राशि सर्वश्रेष्ठ फिल्म मेकर को मिलेगा जोकि 80 हजार रुपए है. इसके अलावा सर्वश्रेष्ठ कहानी को 25 हजार रुपए,सर्वश्रेष्ठ सिनेमॅटोग्राफी को 25 हजार रूप और सर्वश्रेष्ठ अभिनेता/अभिनेत्री को 25 हजार रुपए दिए जाएंगे.

Chhattisgarh: आज रायपुर और राजनांदगांव जिले के दौरे पर हैं सीएम भूपेश बघेल, ये है पूरा कार्यक्रम…

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CM Bhupesh Baghel Visit Raipur And Rajnandgaon Today : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) 10 अगस्त यानि आज रायपुर (Raipur) और राजनांदगांव (Rajnandgaon) जिले में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने वाले हैं.

इसी कड़ी में मुख्यमंत्री बघेल दोपहर 12 बजे पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय माना, रायपुर के ‘लक्ष्य’ इंडोर फायरिंग रेंज में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न भवनों का उद्घाटन और पुलिस वाहनों का फ्लैग ऑफ किया. इसके बाद मुख्यमंत्री दोपहर 1.10 बजे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 1.40 बजे राजनांदगांव जिले के ग्राम डुमरडीहकला पहुंचेंगे.

वहां से कार द्वारा ग्राम सेम्हरा दैहान पहुंचकर वहां सीएम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ठाकुर प्यारे लाल सिंह की प्रतिमा का अनावरण करेंगे. स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ठाकुर प्यारे लाल सिंह के जन्मस्थली ग्राम सेम्हरा दैहान में उनकी प्रतिमा का अनावरण करने के बाद सीएम बघेल ग्राम डुमरडीहकला में किसान-मजदूर सम्मेलन में शामिल होंगे. इस अवसर पर सीएम बघेल 93 करोड़ 61 लाख 75 हजार रुपये के 110 विकास कार्यों के भूमिपूजन और लोकार्पण भी करेंगे.

करोड़ों के विकास कार्य का लोकार्पण करेंगे सीएम बघेल
इसमें 57 करोड़ 37 लाख 78 हजार रुपये की लागत के 98 विकास कार्यों का भूमिपूजन और 36 करोड़ 23 लाख 97 हजार रुपये की लागत के 14 विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल हैं. कार्यक्रम में वो शासन की संचालित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 538 हितग्राहियों को 1 करोड़ 16 लाख 15 हजार रुपये की सामग्री का वितरण भी करेंगे. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जिन नए कार्यों का भूमिपूजन करेंगे. उनमें जिला पंचायत के अंतर्गत 1.91 करोड़ रुपये की लागत के 71 कार्य, जल संसाधन संभाग के अंतर्गत 20.91 करोड़ रुपये की लागत से दो कार्य, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के अंतर्गत 40 लाख रुपये की लागत के दो कार्य, सीजीएमएससी अंतर्गत 6.86 करोड़ रुपये की लागत के 16 कार्य और लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत 27.28 करोड़ रुपये की लागत के सात कार्यों का भूमिपूजन किया जाएगा.

इसी प्रकार जनपद पंचायत राजनांदगांव अंतर्गत 25.86 लाख रुपये की लागत के चार कार्यों, सेतु निर्माण राजनांदगांव अंतर्गत 23.61 करोड़ रुपये की लागत के चार कार्य, सीजीएमएससी अंतर्गत 1.76 करोड़ रुपये की लागत के पांच कार्य और लोक निर्माण विभाग अंतर्गत 10.60 करोड़ रुपये की लागत के एक कार्य का लोकार्पण किया जाएगा. यही नहीं सामग्री वितरण के अंतर्गत मछली पालन विभाग अंतर्गत चार हितग्राहियों को 32 हजार रुपये के आईस बाक्स और मछली जाल, कृषि विभाग के छहहितग्राहियों को 63 हजार 933 रुपये की लागत के बैटरी स्प्रेयर, पावर स्प्रेयर, विद्युत पंप और डीजल पंप वितरण किया जाएगा.

हितग्राहियों को चेक वितरण करेंगे सीएम बघेल
इसी तरह श्रम विभाग अंतर्गत 312 हितग्राहियों को 62 लाख 40 हजार रुपये के मिनीमाता महतारी जतन योजना अंतर्गत चेक वितरण, नोनी सशक्तिकरण योजना के अंतर्गत 160 हितग्राहियों को 32 लाख रुपये का चेक वितरण, सियान सहायता योजना के अंतर्गत 44 हितग्राहियों को 8 लाख 80 हजार रुपये का चेक वितरण, श्रमिक मृत्यु और दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत 10 हितग्राहियों को 10 लाख रुपये का चेक वितरण और मुख्यमंत्री नोनी, बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत एक हितग्राही को एक लाख रुपये का चेक वितरण किया जाएगा. महिला और बाल विकास विभाग के अंतर्गत स्वसहायता समूह को एक लाख रुपये का ऋण प्रदाय किया जाएगा.

रक्षाबंधन : रक्षाबंधन हर साल की तरह श्रावण मास पूर्णिमा तिथि 30 अगस्त को मनाया जायेगा…

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रक्षाबंधन हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है जिसे भाई बहन के अटूट रिश्ते के प्रतीक के तौर पर मनाया जाता है. इस दिन बहनें भाई के हाथों में रक्षा सूत्र बांधती हैं और आशीर्वाद देती हैं, वहीं भाई जीवनभर बहन की रक्षा करने का वचन देते हैं.

रक्षाबंधन हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है. इस साल ये तिथि 30 अगस्त को पड़ रही है. लेकिन इस बार पूर्णिमा तिथि के साथ-साथ भद्रा का साया भी रहेगा. भद्रा के साए में राखी बांधना शुभ नहीं माना जात. ऐसे में राखी बांधने का शुभ मुहूर्त 30 और 31 अगस्त, दोनों दिन पड़ रहा है.

भाइयों को राखी बांधने को लेकर कई नियम बताए गए हैं. इसी तरह राखी बांधने के बाद उन्हें उतारने के भी अलग नियम बताए गए हैं. दरअसल अक्सर लोग इस दुविधा में रहते हैं कि रक्षाबंधन बीतने के बाद कलाई पर सजी राखी का क्या करना चाहिए. कई लोग राखी उतारकर इधर-उधर रख देते हैं. लेकिन ऐसा करना सही नहीं माना जाता. इससे दुष्प्रभाव पड़ सकता है. ऐसे में आइए जानते हैं कलाई पर सजी राखियों का क्या करना चाहिए

ज्योतिषों के मुताबिक रक्षाबंधन बीत जाने के बाद अगले दिन राखी उतारकर किसी ऐसी जगह रखें जहां आपकी और आपकी बहन से जुड़ी बाकी चीजें रखी हुई हैं. जैसे आप दोनों की साथ तस्वीरें, आपके खिलौने या और कुछ. इसे अगले साल रंक्षाबंधन तक संभालकर रखे. फिर अगले साल रक्षाबंधन का त्योहार आने पर इस राखी को पजल में प्रवाहित कर दें.

खंडित राखियों का क्या करें?

अगर राखी कलाई से उतारते वक्त खंडित हो जाए तो उसे संभालकर नहीं रखना चाहिए और ना ही इधर-उधर फेंकना चाहिए. उसे या तो एक रुपए के सिक्के के साथ किसी पेड़ के नीचे रख देना चाहिए या जल में प्रवाहित कर देना चाहिए.

राखी बांधने को लेकर भी कुछ नियम

हिंदू धर्म में राखी बांधने को लेकर भी कुछ नियम बताए गए हैं.

  • बहनों को कभी भी काले रंग की या खंडित राथी भाइयों की कलाई पर नहीं बांधनी चाहिए.
  • राखी बंधवाते वक्त भाइयों को हमेशा सिर को रुमाल से ढकना चाहिए.
  • राखी कभी भी भद्रा काल में नहीं बांधनी चाहिए.
  • राखी बांधते वक्त भाइयों को जमीन पर नहीं बल्कि पीढ़े पर बैठाना चाहिए.
  • राख बांधते वक्त बहनों का मुंह दक्षिण-पश्चिम दिशा की तरफ होना चाहिए.

क्या है राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

इस साल पूर्णिमा तिथि 30 अग्सत सुबह 10 बजकर 58 मिनट से शुरू होकर 31 अगस्त सुबह 7 बजकर 05 मिनट तर रहेगी. इसी के साथ भद्रा का साया लग जाएगा जो सुबह 10.58 से शुरू होकर रात 09.01 मिनट तक रहेगा. भद्रा के साए में राखी बांधना अशुभ माना जाता है. ऐसे में राखी बांधने का शुभ मुहूर्त 30 अगस्त को रात 09 बजकर 01 मिनट से लेकर 31 अगस्त को सुबह 07 बजकर 05 मिनट तक का रहेगा.

10 नेता-10 बड़े हमले… दो दिन में उठे वो बड़े सवाल, जिन पर आज PM मोदी से जवाब चाहता है विपक्ष…

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मणिपुर समेत अन्य मसलों पर संसद गरम है. विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव (No-Confidence Motion) पर दो दिन की चर्चा के बाद अब बारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के भाषण की है.

पीएम मोदी गुरुवार को अविश्वास प्रस्ताव पर हुई चर्चा का संसद में जवाब देंगे. पीएम के संबोधन का हर किसी को इंतजार है. माना जा रहा है कि पीएम आज विपक्षी नेताओं के हर एक आरोप पर चुन-चुनकर जवाब देंगे और करारा हमला बोलेंगे. इससे पहले भी पीएम ने संसद में विपक्षी हमलों का मुंहतोड़ जवाब दिया है. आज फिर वही मौका है. मणिपुर के मुद्दे पर पीएम के भाषण की मांग को लेकर विपक्ष सदन का बहिष्कार करता रहा है.

बता दें कि विपक्षी की तरफ से कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने 26 जुलाई को एनडीए सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था, जिसे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने स्वीकार कर लिया था. यानी पहले चर्चा और फिर सरकार को लोकसभा में बहुमत सिद्ध करना है. हालांकि, एनडीए सरकार के पास 331 सांसदों के साथ बहुमत है, जिसमें बीजेपी के पास 303 सांसद हैं. जबकि विपक्षी गुट I.N.D.I.A के पास कुल 144 सदस्य हैं. वहीं, गैर-गठबंधन दलों के सांसदों की संख्या 70 है. स्पष्ट है कि विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव गिरना तय है.

कांग्रेस और BRS लेकर आई अविश्वास प्रस्ताव

बताते चलें कि कोई भी लोकसभा सांसद (जिसके पास 50 सहयोगियों का समर्थन हो) किसी भी समय मंत्रिपरिषद के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश कर सकता है. DMK, TMC, NCP, JDU, उद्धव ठाकरे की शिवसेना और वाम दलों ने अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन किया है. इसके अलावा, भारत राष्ट्र समिति के सांसद नामा नागेश्वर राव ने भी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है. 20 जुलाई से शुरू हुआ मानसून सत्र 11 अगस्त तक चलेगा.

No Confidence Motion का पूरा प्रोसेस, लोकसभा का नंबरगेम और विपक्षी INDIA गठबंधन की रणनीति, पढ़ें 10 बड़े सवालों के जवाब

पीएम आज 4 बजे देंगे अविश्वास प्रस्ताव पर जवाब

10 अगस्त को दोपहर 12 बजे से सदन में फिर से अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू होगी. शाम 4 बजे पीएम नरेंद्र मोदी अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में जवाब देंगे. पीएम के भाषण के बाद अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग होगी. मोदी सरकार के खिलाफ यह दूसरा अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है. इससे पहले 20 जुलाई 2018 को तेलुगू देशम पार्टी अविश्वास प्रस्ताव लाई थी.

मणिपुर को लेकर क्या सवाल कर रहा विपक्ष?

– विपक्ष का कहना है कि प्रधानमंत्री अब तक मणिपुर क्यों नहीं गए?
– मणिपुर पर पीएम को पहली बार बोलने में 80 दिन क्यों लग गए? सिर्फ 30 सेकेंड का बयान दिया और हिंसा पर नहीं, बल्कि हैवानियत के वीडियो पर दुख जताया. ना सहानुभूति जताई और ना मणिपुर में शांति की अपील की.
– मणिपुर के सीएम को बर्खास्त क्यों नहीं किया गया? मणिपुर के सीएम ने खुद स्वीकार किया है कि राज्य में बड़ी घटनाएं हुई हैं.

नेहरू-कृपलानी की पहली बहस से मोदी सरकार के खिलाफ दूसरे अविश्वास प्रस्ताव तक… भारत में नो कॉन्फिडेंस मोशन की 60 साल की History

विपक्ष के वो 10 बड़े नेता… जिन्होंने सरकार पर बोला हमला

1. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी: सांसद के रूप में बहाल होने के बाद बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पहली बार संसद पहुंचे और मणिपुर के मसले पर प्रधानमंत्री मोदी को घेरा. राहुल ने कहा, हमारे प्रधानमंत्री आज तक मणिपुर नहीं गए. उनके लिए मणिपुर हिंदुस्तान नहीं है. आप हिंदुस्तान में मणिपुर को मारना चाहते हो. आप भारत माता के हत्यारे हो. आज की सच्चाई ये है कि मणिपुर नहीं बचा है. आपने मणिपुर को दो भाग में बांट दिया है, तोड़ दिया है. मणिपुर में हिंदुस्तान की हत्या हुई है. आप मणिपुर में भारत माता के रखवाले नहीं, हत्यारे हो. आप देशभक्त नहीं हो. आप देशद्रोही हो.

2. कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई: अविश्वास प्रस्ताव हम मणिपुर के लिए लेकर आए हैं. देश के मुखिया होने के नाते पीएम सदन में आएं. अपनी बात रखें. अपनी संवेदना प्रकट करें और उस पर सभी पार्टियां समर्थन दें और मणिपुर को संदेश जाए कि दुख की इस घड़ी में पूरा सदन उसके साथ है. हम मणिपुर में शांति चाहते हैं. प्रधानमंत्री महोदय ने एक मौन व्रत लिया कि ना लोकसभा में कुछ बोलेंगे, ना राज्यसभा में कुछ बोलेंगे, इसलिए हम अविश्वास प्रस्ताव लाकर प्रधानमंत्री मोदी का मौन व्रत तोड़ना चाहते हैं. हम यह पूछना चाहते हैं कि उन्होंने मणिपुर हिंसा पर अब तक कुछ क्यों नहीं कहा.

3. सपा सांसद डिंपल यादव: मणिपुर की जो घटना हुई है, वह बहुत ही संवेदनशील घटना है. इस मामले में सरकार का रवैया बहुत ही संवेदनहीन रहा है. यह पूरी तरह से मानवाधिकार का उल्लंघन है. हिंसा को अंजाम देने के लिए महिलाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है. पूरे विश्व में इस कांड की निंदा हुई. इस घटना से हम भारतवासियों का सिर शर्म से झुक गया. इसका कौन जिम्मेदार है. हम सरकार से जानना चाहते हैं कि कितने लोगों पर एक्शन हुआ है, कितनी गिरफ्तारियां हुई हैं. करीब 60 हजार लोग विस्थापित हुए हैं. 14 हजार बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं. क्या यह भाजपा की राजनीतिक और नैतिक जिम्मेदारी नहीं है. क्या मणिपुर हमारा परिवार नहीं है. क्या हमारे देश का अंग नहीं है तो फिर उसके साथ यह अलग व्यवहार क्यों किया जा रहा है. बीजेपी नफरत की राजनीति करती है. वह पूरी तरह से इसके लिए जिम्मेदार है.

मणिपुर पर क्यों नहीं बोले PM, सीएम को क्यों नहीं हटाया… अमित शाह ने दिए विपक्ष के इन 5 सवालों के जवाब

4. एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले: मणिपुर में जो हुआ, वह शर्मनाक है. मैं मांग करती हूं कि मुख्यमंत्री को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए. क्या आप ऐसा होने दे सकते हैं और इस देश की महिलाओं को शर्मसार कर सकते हैं? अपनी अंतरात्मा से पूछें कि आप इस सरकार का समर्थन कैसे कर सकते हैं. आप इसकी अनुमति कैसे दे सकते हैं? ये उनके और हमारे बीच की बात नहीं है. ये महिलाओं की डिग्निटी की बात है. वो किसी की बहन, किसी की बेटी, किसी की पत्नी हैं. किसी की इज्जत उछालोगे और सरकार चुप रहेगी?

5. टीएमसी सांसद सौगत रॉय: मणिपुर में मई के बाद से जो कुछ हुआ है, उसके लिए वहां राष्ट्रपति शासन लगाना चाहिए. जब मणिपुर जल रहा था, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेश यात्रा पर थे. मई से जुलाई के बीच प्रधानमंत्री ने सात देशों का दौरा किया, लेकिन उन्हें मणिपुर जाने का वक्त नहीं मिला. यह सरकार हृदयविहीन सरकार है. मणिपुर के लोगों की सुध तक नहीं ली. मणिपुर में भयावह स्थिति है. प्रधानमंत्री ने 80 दिन बाद मुंह खोला लेकिन वो मणिपुर नहीं गए. आज मणिपुर में जातियां एक-दूसरे पर हमला कर रही हैं. वो हथियारों के साथ उसका जवाब दे रही हैं. विदेशी हथियारों का इस्तेमाल हो रहा है. यह सब ड्रग्स के जरिए कमाए गए पैसों से हो रहा है.

6. डीएमके सांसद टीआर बालू: जनता ने उन्हें (पीएम मोदी) संसद में आने के लिए चुना है, उन्हें कौन रोक रहा है? मणिपुर के अल्पसंख्यकों को बेरहमी से मारा गया है. 143 लोग मारे गए हैं. 65,000 लोग राज्य छोड़कर चले गए हैं. मणिपुर की सड़कों पर दो महिलाओं को निर्वस्त्र करके घुमाया गया और उनके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया. ना तो प्रधानमंत्री संसद आ रहे हैं. ना उन्होंने मणिपुर का दौरा किया. जबकि ‘INDIA’ के सांसदों ने मणिपुर का दौरा किया और समझा कि वहां क्या हुआ है. विपक्ष के पास अविश्वास प्रस्ताव लाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था.

7. नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला: प्यार पैदा करो, नफरत नहीं. हमसे नफरत मत करो, हमारी बात सुनो. कश्मीर में क्या विकास हो रहा है? मुद्दों से निपटने का सरकार का तरीका गलत है. यह लोगों का प्यार है जो हमें एक साथ रखेगा. आप कहते हैं कि कश्मीर में कोई आतंकवाद नहीं है, लेकिन पाकिस्तान सक्रिय है… प्यार ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है. हमने कश्मीरी पंडितों को घर वापस लाने की कोशिश की. जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा है. हमें पाकिस्तानी मत कहिए. क्या आप जानते हैं कि मेरे कितने मंत्री मारे गए थे कि हम भारत का हिस्सा बन सकें? प्रधानमंत्री केवल ‘एक रंग’ का नहीं बल्कि पूरे देश का प्रतिनिधित्व करते हैं. पिछले 10 वर्षों में कितने कश्मीरी पंडित कश्मीर घाटी में वापस गए हैं? कोई नहीं गया. यह कहना गलत है कि केंद्र ने कश्मीरी पंडितों के लिए कुछ नहीं किया.

‘मेरी आंखों के सामने बेटे को मार डाला, रातभर लाश के साथ लेटी रही,’ राहुल गांधी ने बयां किया मणिपुर की महिला का दर्द

8. कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी: मणिपुर के साथ म्यांमार की सरहद लगती है. म्यांमार के रिश्ते चीन से जगजाहिर हैं. इसलिए मणिपुर में जो भी अस्थिरता होती है तो उसका असर देश में ही नहीं पड़ता है उसका असर भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी पड़ता है. इसी संदर्भ में मैं चीन का भी जिक्र करता हूं. वर्ष 2020 अप्रैल में नियंत्रण रेखा के पार भारत की सरहद में घुसपैठ हुई. घुसपैठ एक जगह पर नहीं हुई, घुसपैठ 8 जगह पर हुई. मैं सरकार से ये पूछना चाहता हूं कि आज 37 महीने हो गए उस घुसपैठ को जारी हुए, क्या सरकार इस घुसपैठ पर ये सुनिश्चित कर पाई है कि इस घुसपैठ के पीछे चीन की राजनीतिक मंशा क्या है. आज तक इस सदन में चीन पर चर्चा नहीं हुई. क्या ऐसी थियेटर लेवल की घुसपैठ हो और हमारी खुफिया तंत्र को पता ना लगे. चीन के साथ 18 राउंड की बातचीत का क्या हल निकला?

9. जेडीयू सांसद राजीव रंजन सिंह: मणिपुर की अशांति नागालैंड और मिजोरम तक फैल सकती है और पूरी पूर्वोत्तर सीमा को प्रभावित कर सकती है. आप मणिपुर को हल्के में नहीं ले सकते. आज जो घटना मणिपुर में हुई, कल मिजोरम में होगी, परसों नागालैंड में हो सकती है और इसका असर पूरी पूर्वोत्तर सीमा पर पड़ेगा. आप मामले की गंभीरता को नहीं समझ रहे हैं. मणिपुर में ‘डबल इंजन सरकार’ है, फिर भी राज्य के लोग सरकार पर विश्वास खो रहे हैं. दोनों समुदायों के बीच बहुत नफरत है. दोनों समुदायों ने सरकार पर विश्वास खो दिया है. वे मणिपुर की स्थिति के लिए दोनों सरकारों (केंद्र और राज्य) को दोषी ठहरा रहे हैं. मणिपुर जल रहा है और एक भी शब्द नहीं बोला गया है. इतनी बड़ी घटना हुई और पीएम ने एक भी शब्द नहीं बोला. क्या यह प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी नहीं है कि वह इस मामले पर कुछ कहें?

10. शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद अरविंद सावंत: मणिपुर में हिंसा हुई. महिलाओं पर अत्याचार हुए, फिर भी सरकार 70 दिनों तक चुप रही. सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद प्रधानमंत्री 36 सेकेंड तक बोले. गोगाई ने मणिपुर का प्रस्ताव रखा. फिर ‘1963 और 1976 में क्या हुआ?’ संगरूर से सांसद सिमरनजीत सिंह मान: अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार रोका जाना चाहिए. दुनिया भर में सिखों की हत्याएं रुकनी चाहिए. मणिपुर में जो हो रहा है उसे देखकर हमें दुख हो रहा है. यह प्रस्ताव कांग्रेस ने नहीं, बल्कि पूरे विपक्ष ने पेश किया है.

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अमित शाह और स्मृति ईरानी ने ये कहा..

गृह मंत्री अमित शाह: मणिपुर में जो हुआ, वो शर्मनाक है. उस पर राजनीति करना उससे भी ज्यादा शर्मनाक है. मैं विपक्ष की इस बात से सहमत हूं कि मणिपुर में हिंसा का तांडव हुआ है. हमें भी दुख है. ये भ्रम फैलाया गया कि सरकार मणिपुर पर चर्चा नहीं करना चाहती. हम पहले दिन से चर्चा पर तैयार थे, लेकिन विपक्ष चर्चा नहीं हंगामा चाहता था. विपक्ष कहता है कि राज्य में आर्टिकल 356 (राष्ट्रपति शासन) क्यों नहीं लगाया. यह तब लगता है जब हिंसा के वक्त राज्य सरकार सहयोग ना करे. हमने डीजीपी बदला, उन्होंने स्वीकार किया. हमने चीफ सेक्रेटरी बदला, उन्होंने स्वीकार कर लिया. सीएम तब बदलना पड़ता है जब सहयोग ना करे, वहां के सीएम सहयोग कर रहे हैं.

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी: मणिपुर खंडित नहीं है. यह मेरे देश का अभिन्न अंग है. कांग्रेस का इतिहास खून से सना हुआ है. पहली बार राष्ट्र के इतिहास में भारत माता की हत्या की बात कही गई. कांग्रेस पार्टी यहां पर तालियां बजाती रही. जो भारत की हत्या पर ताली पीटती है, उसने इस बात का संकेत पूरे देश को दिया कि मन में गद्दारी किसके है? मणिपुर खंडित नहीं है, विभाजित नहीं है. देश का हिस्सा है. राहुल गांधी में हिम्मत है तो डीएमके के अपने साथी का खंडन करके बताएं.

20 घंटे की नींद और 4 घंटे काम , ये है शेर की शाही दिनचर्या, World Lion’s Day पर जानिए ऐसे ही और फैक्ट !

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यूं तो एशिया में भी शेर मिलते हैं लेकिन अफ्रीका में पाए जाने वाले शेरों को सबसे ज्यादा सामाजिक माना जाता है. ये सिर्फ और सिर्फ समूह में रहना पसंद करते हैं. इनके झुंड में 15 शेर हो सकते हैं, जिनमें से एक उनका मुखिया होता है.

शेरों की स्पीड के बारे में बात करें तो ये 50 मीटर/घंटा के हिसाब से दौड़ सकता है जबकि इसकी सबसे लंबी छलांग 36 फीट तक हो सकती है. इनका वज़न आराम से 170 से 230 किलोग्राम तक होता है. शेरनियां इससे कम भारी होती हैं और उनका वज़न 120 से 180 किलोग्राम तक होता है.

आमतौर पर शेर अफ्रीका, एशिया और यूरोप में पाए जाते थे लेकिन अब इनकी ज्यादा संख्या सिर्फ अफ्रीका में है. एशियन शेरों की बात करें तो गुजरात के सासन गिर नेशनल पार्क में करीब 350-400 तक शेर मिलते हैं. इस पार्क को इसी उद्देश्य से बनाया गया था.

एक शेर की दहाड़ को 5 मील यानि 8 किलोमीटर दूर से ही सुना जा सकता है, जबकि टाइगर की दहाड़ इससे कम तेज़ होती है, जिसे 3 किलोमीटर दूर से सुना जा सकता है.

शेरों को जंगल का राजा ज़रूर कहा जाता है लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि ये जंगल में नहीं बल्कि मैदानी एरिया में रहना पसंद करते हैं. अफ्रीका को चूंकि जंगल से जोड़कर देखा जाता रहा है, शायद इसलिए ये कहा गया लेकिन यहां जंगल का मतलब घने जंगल से नहीं है.

शेरों का मुख्य काम होता है अपने झुंड की रक्षा करना, जबकि ज्यादातर शिकार का काम शेरनियां ही करती हैं. वे शिकार करती ज़रूर हैं लेकिन झुंड के नियम के मुताबिक खाता शेर पहले है.

शेरों की उम्र का पता उनके चेहरे के आसपास के बड़े-बड़े बालों से चलता है. ये जितने गहरे रंग के होंगे, शेर की उम्र उतनी ज्यादा मानी जाती है.

एक शेर जब चलता है, तो कभी भी उसकी एड़ी जमीन को नहीं छूती है, जकि वो दिन के 24 में से 20 घंटे सोकर अपनी नींद पूरी करता है.

अमेरिका में भारी तूफान का कहर, लाखों घरों में बिजली गुल, हजारों उड़ानें रद्द, बवंडर से 5 करोड़ लोग प्रभावित

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America: अमेरिका में कुदरत का कहर तूफान बनकर प्रभावित कर रहा है। यहां भयंकर तूफान और बवंडर ने करोड़ों लोगों की जिंदगी को प्रभावित किया है। तूफान की वजह से न्यूयॉर्क से लेकर अलबामा तक करीब 10 लाख घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है।

तूफान का कहर ऐसा रहा कि हजारों फ्लाइट्स की उड़ानें रद्द करना पड़ी है। अमेरिका के कई शहरों में तूफान कहर बनकर टूटा है। करीब 5 करोड़ लोग इस तूफान से परेशान हुए हैं।

अग्निशमन विभाग के प्रमुख ने बताया कि मंगलवार सुबह तक उत्तरी कैरोलिना में 1 लाख लोग, पेंसिल्वेनिया में 95 हजार और वहीं मैरीलैंड में 64 हजार रहवासी अब भी बिजली न होने से परेशान हैं। मंगलवार सुबह 1000 से ज्यादा उड़ानों में देरी हुई। फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) ने सोमवार को न्यूयॉर्क, फिलाडेल्फिया, अटलांटा और वाशिंगटन डीसी में हवाईअड्डों के लिए ग्राउंड स्टॉप जारी किए गए हैं।

तूफान के कारण गई कई जानें

दक्षिण कैरोलिना के एंडरसन में तूफान के दौरान एक 15 वर्षीय किशोर अपने दादा के घर गया था। इस दौरान जैसे ही वह कार से बाहर निकला वैसे ही वह एक बार पेड़ से टकरा गया, जिससे उसकी मौत हो गई। वहीं फ्लोरेंस में 28 साल के एक व्यक्ति पर बिजली गई, जिससे उसकी भी मौत हो गई। मौसम विभाग का कहना है कि अमेरिका में बिजली गिरने से मौत होना दुर्लभ है। आकाशीय बिजली गिरने से अमेरिका में हर साल औसतन सिर्फ 20 लोगों की मौत होती है।

सबसे प्रभावशाली घटनाओं में से एक

मौसम विभाग ने तूफान को सबसे प्रभावशाली गंभीर मौसम घटनाओं में से एक को चेतावनी दी थी। इस दशक में पहली बार मौसम विभाग ने डीसी शहर में चार-पांच स्तर का जोखिम जारी किया था। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, सरकारी कर्मचारियों को जल्दी घर भेज दिया था।

Bigg Boss OTT 2: एल्विश यादव ने दी Urfi Javed को सूट-सलवार पहनने की हिदायद, एक्ट्रेस बोंली- ‘मुझे इनसे डर लगता है..’

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Bigg Boss OTT 2: बिग बॉस ओटीटी सीजन 2 के लेटेस्ट एपिसोड में उर्फी जावेद (Urfi Javed) ने घर में एंट्री मारी है। उर्फी को बिग बॉस के घर में देखना कंटेस्टेंट के साथ ही दर्शकों के लिए भी काफी एंटरटेनिंग रहा है।

एक तरह जहां उर्फी जावेद ने जिया शंकर को काफी खरी-खरी सुनाई हैं, वहीं दूसरी ओर उन्होंने पूजा भट्ट, बेबिका ध्रुवे और एल्विश यादव जैसे कंटेस्टेंट्स की जमकर तारीफ की हैं। इसी के साथ ही उन्होंने अभिषेक मल्हान की साइड ली और सभी घरवालों के सामने उन्हें डिफेंड भी किया। उर्फी जावेद, एल्विश से पूछती हैं कि वह उन्हें किस तरह के कपड़े सजेस्ट करेंगें। जिसके जवाब में एल्विश यादव उर्फी को हरे रंग का सूट सलवार पहनने के लिए कहते हैं। उर्फी जावेद खुलासा करती हैं कि उन्हें एल्विश से काफी डर लगता है। कहीं वह उनपर एक रोस्ट वीडियो न बना दें। आइए टाइम्स नाउ नवभारत की इस रिपोर्ट पर एक नजर डालते हैं।

उर्फी जावेद को लगता है एल्विश से डर

इसी के साथ ही उर्फी कहती हैं कि हालांकि उन्हें रोस्ट वीडियो से कोई फर्क नहीं पड़ता। अगर उसनें गाली गलौज ना हो तो। वह रोस्टिंग को हंसी मजाक में ही लेती हैं। बता दें कि इस बार बिग बॉस फिनाल 14 अगस्त 2023 (Bigg Boss OTT 2 Finale) को आयोजित होने वाला है। बिग बॉस के लेटेस्ट एपिसोड में उर्फी जावेद ने एंट्री ली है। घर में एंट्री के साथ ही उर्फी ने कई खुलासे किए हैं।