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Milk Price: आम जनता के लिए आ गई अच्छी खबर, सस्ता होगा दूध, केंद्र सरकार ने दिया तोहफा!

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Milk Price in India: देशभर में तेजी से बढ़ती महंगाई से आम जनता को जल्द ही राहत मिल सकती है. महंगे टमाटर सो राहत मिलने के बाद में अब दूध की कीमतें (Milk Price Down) भी जल्द ही गिर सकती हैं यानी आपको सस्ता दूध मिल सकता है.

केंद्र सरकार (Central Government) का मानना है कि मानसून के बाद में दूध की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिल सकती है.

एक साल में 10 फीसदी बढ़े दूध के रेट्स
देशभर में पिछले एक साल में दूध की कीमतों में काफी इजाफा देखने को मिला है. अमूल से लेकर मदर डेयरी तक सभी कंपनियां कीमतों में इजाफा कर चुकी हैं. भारत में दूध की कीमतों में पिछले 3 सालों में 22 फीसदी का इजाफा देखने को मिला है, जिसमें से पिछले एक साल में 10 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

हरा चारा हो रहा है सस्ता
केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री परषोत्तम रूपाला के मुताबिक, इस समय पर हरे चारे की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है. वहीं, मानसून के बाद में दूध की कीमतों में भी कमी आने की उम्मीद की जा रही है.

मौसम का पड़ता है असर
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंटरव्यू में रूपाला ने कहा है कि एक्सट्रीम वेदर की स्थिति की वजह से फसलों को नुकसान झेलना पड़ता है. फिलहाल इस समय कोई भी चिंता की बात नहीं है. फिलहाल दूध उत्पादकता में सुधार के लिए सरकार क्लाइमेट रेजिलियंट ब्रीड पर काम कर रही है.

किस तरह तय होती हैं कीमतें?
दूध की कीमतों की बात की जाए तो पशुपालन और डेयरी विभाग की तरफ से दूध की कीमतें तय नहीं की जाती हैं. इन कीमतों को सहकारी और निजी डेयरियों की तरफ से तय किया जाता है. कीमतों को प्रोडक्शन कॉस्ट और मार्केट फोर्सेस के बेस पर ही तय किया जाता है. इसके साथ ही दूध जल्दी खराब होने वाला प्रोडक्ट है तो इसको लंबे समय तक स्टोर करना काफी मुश्किल है.

कीमतों में आ सकती है गिरावट?
इसके साथ ही आपको बता दें कि चारे का थोक मूल्य सूचकांक भी गिरता जा रहा है. मानसून के मौसम के बाद में सर्दियों का मौसम शुरू हो जाता है, जिसमें कीमतों में गिरावट आ सकती है. इसे देखते हुए मुझे उम्मीद है कि मानसून सीजन के बाद दूध की कीमतें स्थिर हो जाएंगी.

Tomato Prices: टमाटर के दामों में लगी आग और भड़केगी, 300 रुपये प्रति किलो तक जा सकते हैं दाम|

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Tomato Prices Rise: किचन में रोजाना इस्तेमाल होने वाला टमाटर अब आम लोगों की पहुंच से दूर हो रहा है. कई थोक विक्रेताओं के मुताबिक टमाटर के दामों में लगी आग और भड़कने वाली है और इसकी रिटेल कीमतें 300 रुपये प्रति किलो तक जा सकती हैं.

टमाटर के दाम पिछले एक महीने से आसमान पर पहुंचे हुए हैं. भारी बारिश के कारण टमाटर उत्पादक इलाकों में इसके उत्पादन और सप्लाई में आ रही दिक्कतों की वजह से ऐसा हो रहा है.

क्यों चढ़ रहे हैं टमाटर के दाम

एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केटिंग कमिटी (APMC) के सदस्य कौशिक ने पीटीआई को बताया कि टमाटर, शिमला मिर्च जैसी कई मौसमी सब्जियों के दाम में जोरदार इजाफे के बाद इनकी बिक्री में बेतहाशा गिरावट आई है. इसके कारण थोक बाजार विक्रेताओं सहित रिटेल विक्रेताओं को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि टमाटर के दाम अब 160 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 220 रुपये प्रति किलो तक जा पहुंचे हैं और जिसके चलते रिटेल बाजार में भी इस सब्जी के दाम में बढ़ोतरी देखी जा रही है.

मदर डेयरी पर 259 रुपये प्रति किलो पर मिल रहा टमाटर

इसी बीच मदर डेयरी ने अपने सफल रिटेल स्टोर्स के जरिए बुधवार को टमाटर को 259 रुपये प्रति किलो के रेट पर बेचना शुरू कर दिया है. आजादपुर मंडी के थोक विक्रेता संजय भगत ने पीटीआई को बताया कि हिमाचल प्रदेश में लैंडस्लाइड और भारी बारिश के कारण सब्जियों को लाने-ले जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इसकी वजह से उत्पादकों से टमाटर सहित सब्जियों की ढुलाई में सामान्य समय से 6-8 घंटे ज्यादा लग रहे हैं. इसकी वजह से टमाटर के दाम 300 रुपये प्रति किलो तक जा सकते हैं. इसके अलावा हिमाचल और कर्नाटक के साथ महाराष्ट्र से आने वाली सब्जियों की क्वालिटी में भी गिरावट देखी जा रही है जिसके चलते इनकी बिक्री में दिक्कतें आ रही हैं.

300 रुपये तक जा सकते हैं टमाटर के दाम

सब्जी मंडियों के थोक विक्रेताओं के मुताबिक आने वाले समय में टमाटर के दाम 300 रुपये प्रति किलो तक जा सकते हैं. यहां तक कि दिल्ली से सटे नोएडा में तो टमाटर 300 रुपये प्रति किलो के रेट पर बिक ही रहा है. हालांकि केंद्र सरकार टमाटर की चढ़ती कीमतों के मद्देनजर एक्शन में आई और 14 जुलाई से घटे हुए रेट्स पर टमाटर की बिक्री करवानी शुरू की. इसके चलते राजधानी दिल्ली और और एनसीआर में टमाटर की कीमतें नीचे आई थीं पर सप्लाई में कमी के बाद ये फिर से ऊपर चढ़ने लगे हैं.

उपभेक्ता मामले मंत्रालय के मुताबिक बुधवार को टमाटर के दाम 203 रुपये प्रति किलो पर थे जबकि मदर डेयरी के सफल स्टोर्स पर ये 259 रुपये प्रति किलो के रेट पर बिक रहा था.

पश्चिम बंगाल में मदरसों के सर्वे को लेकर ममता बनर्जी का बड़ा ऐलान, केंद्र के खिलाफ होगा प्रदर्शन|

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ऐलान किया है कि पूरे राज्य में एक सर्वे कराया जाएगा, जिसके तहत मदरसों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा. ममता ने बताया कि जो भी मदरसा सरकार के साथ रजिस्टर होना चाहते हैं, वो इस सर्वे में भाग लेकर ऐसा कर सकते हैं.

इसके अलावा सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि अब पश्चिम बंगाल में शब-ए-बारात और करणी पूजा की पूरे दिन की छुट्टी होगी. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा सरकारी छुट्टियां होती हैं. इस दौरान ममता ने केंद्र सरकार पर भी जमकर हमला बोला.

मदरसों को लेकर ममता ने कही ये बात
ममता बनर्जी ने मदरसों के रजिस्ट्रेशन को लेकर कहा कि इससे उन्हें काफी फायदा होगा. उन्होंने कहा कि मुस्लिम लड़के-लड़कियां इसके जरिए आगे नौकरी और पढाई में कई सुविधाओं को प्राप्त कर सकेंगे. इस प्रक्रिया में जो मदरसे हिस्सा लेना चाहते हैं वो ले सकते हैं और जो मदरसे नहीं शामिल होना चाहते, वो नहीं आएं. ममता ने कहा कि हम लोग हर त्योहार को बराबरी से देखते हैं. राज्य में सभी त्योहारों को समान महत्व दिया जाता है और छुट्टी दी जाती है.

ममता बनर्जी ने बताया कि 6 अगस्त को केन्द्र सरकार की नीतियों के खिलाफ दोपहर बारह बजे से शाम चार बजे तक पूरे बंगाल में विरोध प्रदर्शन होगा, जिसमें ब्लॉक स्तर से लेकर शहर मे वार्ड स्तर पर विरोध होगा. ये केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ एक राजनीतिक निर्णय और विरोध होगा.

कर्जे को लेकर दिया जवाब
ममता ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि वो (केंद्र सरकार) केवल ये कहते हैं कि यहां ऋण (राज्य ऋण) बढ़ रहा है. वे कभी भी अपने ऋण के बढ़ने की बात नहीं कहते. इतनी सारी विकास परियोजनाओं को लागू करने के बावजूद, हमने अपना कर्ज का बोझ कम कर लिया है, लेकिन वे हमें कभी जवाब नहीं देते.

Defamation Case : मोदी सरनेम केस में राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया जवाब, ‘माफी नहीं मांगने के चलते…’

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Rahul Gandhi Defamation Case: मोदी सरनेम से जुड़े मानहानि मामले में अपनी याचिका पर शुक्रवार (4 अगस्त) को होने वाली सुनवाई से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल किया है.

उन्होंने बुधवार (2 अगस्त) को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि अपील सेशंस कोर्ट में लंबित है. उसमें सफलता की संभावना है. इसलिए दोषसिद्धि पर सुप्रीम कोर्ट रोक लगा दे. पूर्णेश मोदी ने सीधे उनका बयान नहीं सुना था. मेरे मामले को अपवाद की तरह देख राहत दी जाए.

उन्होंने कहा कि मानहानि केस में अधिकतम सज़ा के चलते संसद सदस्यता गई है. पूर्णेश मोदी खुद मूल रूप से मोदी समाज के नहीं हैं. उन्हें इससे पहले किसी केस में सज़ा नहीं मिली है. माफी नहीं मांगने के चलते घमंडी कहना गलत है.

पूर्णेश मोदी ने क्या दावा किया?
मोदी उपनाम मानहानि मामले में शिकायतकर्ता पूर्णेश मोदी ने सुप्रीम कोर्ट में 31 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल किया था. इसमें उन्होंने राहुल गांधी की याचिका खारिज करने की मांग की थी. बता दें कि राहुल गांधी ने अपनी दोषसिद्धि पर रोक की मांग की है और इसपर 4 अगस्त को सुनवाई होनी है.

पूर्णेश मोदी ने कहा है कि राहुल गांधी को राहत देने का कोई आधार नहीं है. उनका आचरण घमंड भरा है. बिना वजह एक पूरे वर्ग को अपमानित करने के बाद उन्होंने माफी मांगने से मना किया.

राहुल गांधी सुप्रीम कोर्ट क्यों गए?
मानहानि मामले में राहुल गांधी को इस साल मार्च में सूरत की एक कोर्ट ने दो साल कैद की सजा सुनाई थी और गुजरात हाई कोर्ट ने सात जुलाई को उनकी दोषसिद्धि पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था. इसके बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जिसने 21 जुलाई को गुजरात सरकार समेत संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा था.

राहुल गांधी ने क्या कहा था?
राहुल गांधी ने 13 अप्रैल 2019 को कर्नाटक के कोलार में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा था, “सभी चोरों का उपनाम मोदी क्यों होता है?” इसे लेकर पूर्णेश मोदी ने 2019 में उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज कराया था.

UP : Gyanvapi Masjid Case| इलाहाबाद HC में ज्ञानवापी मस्जिद मामले को लेकर एक और याचिका दाखिल, जानें- अब क्या की गई मांग?

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UP : उत्तर प्रदेश में ज्ञानवापी मस्जिद (Gyanvapi) मामले को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) में एक और याचिका दाखिल की गई है. सर्वे मामले में फैसला आने से एक दिन पहले ही जनहित याचिका दाखिल की गई. वाराणसी (Varanasi) की अदालत में श्रृंगार गौरी की नियमित पूजा की इजाजत दिए जाने की मांग को लेकर मुकदमा दाखिल करने वाली राखी सिंह (Rakhi Singh) और अन्य की तरफ से जनहित याचिका दाखिल की गई है.

जनहित याचिका में ज्ञानवापी परिसर में मिले हिंदुओं के प्रतीक चिन्हों को संरक्षित किए जाने और गैर हिंदुओं के प्रवेश पर पाबंदी लगाए जाने की अपील की गई है. पीआईएल में कहा गया है कि श्रृंगार गौरी केस में जब तक वाराणसी की अदालत का फैसला नहीं आ जाता तब तक परिसर में गैर हिंदुओं का प्रवेश प्रतिबंधित किया जाए और ज्ञानवापी परिसर में मिले हिंदू प्रतीक चिन्हों को संरक्षित रखने का आदेश दिया जाए.

इलाहाबाद हाईकोर्ट में 7 अगस्त को सुनवाई की उम्मीद

पीआईएल में कहा गया है कि इस तरह की व्यवस्था की जाए, जिससे एएसआई सर्वेक्षण का काम प्रभावित न हो. राखी सिंह, जितेंद्र सिंह बिसेन और अन्य की तरफ से ये जनहित याचिका दाखिल की गई है. अधिवक्ता सौरभ तिवारी के माध्यम से इलाहाबाद हाईकोर्ट में इस याचिका को दाखिल किया गया है. जनहित याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सोमवार यानी 7 अगस्त को सुनवाई होने की उम्मीद है.

ज्ञानवापी में सर्वेक्षण को लेकर गुरुवार को आएगा फैसला

गौरतलब है कि इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बीते गुरुवार को ज्ञानवापी सर्वेक्षण मामले में सुनवाई के बाद अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था. अदालत तीन अगस्त को फैसला सुनाएगी. मुख्य न्यायाधीश प्रीतिंकर दिवाकर की अदालत ने कहा कि तीन अगस्त तक एएसआई सर्वेक्षण पर लगी रोक बरकरार रहेगी. अदालत मस्जिद का प्रबंधन करने वाली अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी.

Maharashtra: देवेंद्र फडणवीस ने इस मुद्दे पर प्रकाश आंबेडकर का किया बचाव, अबू आजमी ने साधा था निशाना|

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Maharashtra : महाराष्ट्र विधानसभा में बुधवार (2 अगस्त) को औरंगजेब के मुद्दे पर माहौल गरमा गया. बीजेपी विधायक नीतीश राणे और समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी के बीच जुबानी तकरार देखने को मिला.

दोनों नेता राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर बोल रहे थे. नीतीश राणे ने कहा कि औरंगजेब की तस्वीर वाला स्टेटस लगाया गया. अगर औरंगजेब से इतनी मुहब्बत है तो उसके पास भेजा जाए. जब नीतीश राणे बोल रहे थे तो वो अबू आजमी की तरफ देख रहे थे.

नीतीश राणे ने कहा कि ये लोग वंदे मातरम् नहीं बोलना चाहते लेकिन सिर तन से जुदा के नारे लगाते हैं. ये राज्य का माहौल खराब करना चाहते हैं. इन लोगों को महाराष्ट्र में रहने का अधिकार नहीं है. ऐसे लोगों को पाकिस्तान चले जाना चाहिए. हम राज्य के कानून व्यवस्था को लेकर चिंतित हैं.

इस पर राज्य के गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि औरंगजेब देश में किसी का आदर्श नहीं हो सकता. वो मुसलमानों का भी आदर्श नहीं हो सकता. हमारे देश के मुसलमान यहां पैदा हुए. भारत के मुसलमान औरंगजेब के वंशज नहीं हैं. वह हीरो नहीं हो सकता है. हीरो छत्रपति शिवाजी महाराज, महाराणा प्रताप और एपीजे अब्दुल कलाम हैं.

वहीं समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी ने कहा कि कुछ मुस्लिम युवकों ने औरंगजेब का स्टेटस लगाया. इसको लेकर उनके खिलाफ केस दर्ज हो गया. लेकिन प्रकाश आंबेडकर औरंगजेब की कब्र पर गए, वहां उन्होंने अपना सिर झुकाया. इस पर डिप्टी सीएण देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि औरंगजेब की कब्र पर जाना गुनाह नहीं है. उन्होंने कहा, “प्रकाश आंबेडकरभारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकरके पोते हैं. जब वह वहां गए थे, तो मैंने कहा था कि महिमामंडन मत कीजिए. औरंगजेब शासक था. दो धर्मों के बीच दरार पैदा करना अपराध है. सिर झुकाना अपराध नहीं है.”

Anti-India Poster: कनाडा में भारतीय दूतावास के बाहर लगे विवादित पोस्टर, देख भड़का भारत, जताई आपत्ति|

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Khalistani Poster: कनाडा में खालिस्तान समर्थकों ने एक बार फिर भारतीय दूतावास को निशाना बनाया है, जिसपर भारत ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है. दरअसल, मंगलवार (1 अगस्त) को वैंकूवर में भारतीय दूतावास के बाहर लगे पोस्टर को लेकर भारत ने कनाडा के अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराइ है.

साथ ही इसे सुरक्षा में चूक का गंभीर मामला माना है.

भारत ने कनाडा के अधिकारियों से शिकायत दर्ज करता हुए कहा कि पहले ही अलगाववादी समूह ने भारत के स्वतंत्रता दिवस पर भारतीय दूतवासों को घेरने की धमकी दी थी. इस तरह के पोस्टर पहले भी अन्य क्षेत्रों में देखने को मिले थे बावजूद इसके इसे गंभीरता से नहीं लिया गया. जो दर्शाता है कि यह सुरक्षा में कितनी बड़ी चूक है.

वांटेड शीर्षक के साथ नया पोस्टर

भारतीय दूतावास के बाहर लगे पोस्टर पर ‘वांटेड’ शब्द लिखा हुआ था. इन पोस्टरों में भी इंडियन हाई कमिश्नर संजय कुमार वर्मा और टोरंटो में भारत के वाणिज्य दूतावास जनरल अपूर्व श्रीवास्तव को निशाना बनाया गया था. इन दोनों भारतीय अधिकारियों पर पोस्टर में खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आरोप लगाया गया है.

क्या बोले वरिष्ठ भारतीय अधिकारी

मंगलवार सुबह पता चलने के बाद वाणिज्य दूतावास वाली इमारत के प्रवेश द्वार के पास लगे विवादित पोस्टर को हटा दिया गया. एक वरिष्ठ भारतीय अधिकारी ने कहा कि वाणिज्य दूतावास विवादित पोस्टर के सम्बन्ध में पुलिस में शिकायत दर्ज कराइ हैं. इससे पहले ठीक इसी तरह के पोस्टर सरे शहर के विभिन्न स्थानों पर लगाया गया था. बताते चलें कि इससे पहले ‘किल इंडिया’ शीर्षक के साथ पोस्टर जारी किए गए थे. जिन्हें पाकिस्तानी हैंडल के साथ सोशल मीडिया पर साझा किया गया था.

नए पोस्टर में भी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का जिक्र

गौरतलब है कि अलगाववादी समूह सिख फॉर जस्टिस (SFJ) ने नए पोस्टर में भी अपने प्रमुख नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का जिक्र किया है. बता दें कि निज्जर की 18 जून को कनाडा के सरे में गुरु नानक सिंह गुरुद्वारा साहिब की पार्किंग में हत्या कर दी गई थी. जिसके बाद एसएफजे ने उनकी हत्या के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया.

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Chhattisgarh : 2 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को लगेगा बिजली बिल का झटका, 15 से 18 पैसे प्रति यूनिट का बढ़ेगा भार|

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छत्तीसगढ़ के औद्योगिक नगरी कोरबा में लाचार विद्युत व्यवस्था से उपभोक्ता परेशान हैं. लगातार पावर ट्रिपिंग व लो वोल्टेज की समस्या झेलने वाले जिले के 2 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को अधिक बिजली बिल का झटका लगने वाला है.

जुलाई की खपत पर उपभोक्ताओं को ज्यादा बिजली बिल का भुगतान करना होगा. उपभोक्ताओं से प्रति यूनिट 15 से 18 पैसे अधिक वसूला जाएगा.

केन्द्रीय विद्युत मंत्रालय भारत सरकार की अधिसूचना के अनुसार बिजली बिल में वेरिएबल कास्ट एडजेस्टमेंट (व्हीसीए) शुल्क के स्थान पर अब इंधन और विद्युत क्रय समायोजन अधिभार अधिरोपित किया जा रहा है. जिससे छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी की लागत में 40 पैसे प्रति यूनिट का इजाफा हुआ है. लिहाजा जुलाई महीने की खपत पर उपभोक्ताओं को 14.23 प्रतिशत इंधन व विद्युत क्रय समायोजन अधिभार लगेगा. जिले में लगभग 2 लाख 20 हजार 291 उपभोक्ता हैं, जिसमें 68 हजार बीपीएल कार्ड धारक उपभोक्ता हैं.

अगस्त में देना होगा ज्यादा बिल
शहरी क्षेत्र में लगभग 1 लाख, ग्रामीण में 75 हजार व कटघोरा संभाग में लगभग 50 हजार विद्युत उपभोक्ता हैं. जिनसे 400 यूनिट खपत पर 15 से 18 पैसे प्रति यूनिट का अधिभार लिया जाएगा. इस तरह 100-200 यूनिट खपत पर 15 पैसे, 300 यूनिट पर 17 पैसे और 400 यूनिट पर 18 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली बिल में वृद्धि संभावित है. 500 से 1000 हजार यूनिट तक खपत करने वाले उपभोक्ताओं के बिजली बिल में 19 से 25 पैसे प्रति यूनिट की दर से ईंधन और विद्युत क्रय समायोजन अधिभार लिया जाएगा. जुलाई माह के खपत का जो बिल अगस्त में जारी होंगे. उसमें बढ़े हुए दर के साथ बिल जारी होंगे. जिससे उपभोक्ताओं को बढ़े हुए बिजली दर का झटका लगेगा.

बकाया वसूली में छूट रहे पसीने
विद्युत वितरण विभाग पर 250 करोड़ से अधिक का बकाया है. बकाया वसूलने विभाग के पसीने छूट रहे हैं. वर्षा ऋतु में बकाया वसूली अभियान पर ब्रेक लगा हुआ है. विभाग द्वारा पूर्व में बकाया वसूलने कनेक्शन विच्छेद अभियान चलाया गया था, साथ ही कनेक्शन विच्छेद के बाद चोरी छिपे बिजली का उपयोग करने वालों पर एफआईआर भी दर्ज कराए गए हैं. इसके बाद भी बकाया वसूली का बोझ कम होने का नाम नहीं ले रहा है.

उपभोक्ताओं को मिलेगा हाफ बिजली बिल योजना का लाभ
मई महीने में इंधन और विद्युत क्रय समायोजन अधिभार 10.29 प्रतिशत की दर से ली गई थी, जो जून महीने में 14.23 प्रतिशत हो गई है. अतः जुलाई में की गई बिजली खपत में 38 पैसे के स्थान पर 53 पैसे प्रति यूनिट विद्युत क्रय समायोजन अधिरोपित की जाएगी. वैसे तो बिजली लागत में कंपनी पर 40 पैसे का भार पड़ रहा है, मगर छत्तीसगढ़ शासन के हाफ बिजली बिल योजना का लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा. हाफ बिजली बिल योजना से अधिभार भी आधा होगा, जिससे उपभोक्ताओं को जरूर कुछ राहत मिलेगी.

Nitin Desai Suicide: आर्ट डायरेक्टर नितिन देसाई ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, सदमे में पूरी इंडस्ट्री|

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Nitin Desai Suicide: बॉलीवुड के मशहूर आर्ट डायरेक्टर नितिन देसाई (Nitin Desai Death) अब इस दुनिया को अलविदा कह चुके हैं।नितिन देसाई ने बुधवार सुबह फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है।

नितिन देसाई की मौत की खबर सुनकर पूरी बॉलीवुड इंडस्ट्री सदमे में आ गए हैं। नितिन इंडस्ट्री के जाने-माने आर्ट डायरेक्ट हैं, जो कई बड़ी फिल्म के सेट डिजाइन कर चुके हैं। 58 साल के नितिन देसाई ने आत्महत्या कर अपनी जिंदगी समाप्त कर ली है। सुबह-सुबह इस खबर को सुनकर हर कोई दंग रह गया है। नितिन ने कर्जत के एनडी स्टूडियो में फांसी लगा ली है। उनकी आत्महत्या की कई वजहें सामने आ रही हैं, हालांकि अभी तक पुलिस की तरह से आत्महत्या की वजह सामने नहीं आई है।

इस वजह से हुई नितिन देसाई की मौत

नितिन देसाई को 9 फिल्मफेयर अवॉर्ड और 4 नेशनल अवॉर्ड मिल चुके हैं। सलमान खान से लेकर कई बड़े सितारों की फिल्मों के सेट डिजाइन कर चुके हैं। इस बीच उनकी मौत की खबर आने के बाद तरह-तरह की बातें बनना भी शुरू हो गई हैं, कई लोगों का मानना है कि भारी कर्जे की वजह से नितिन ने अपनी जान ले ली है। बीते कई दिनों से वह इस बात को लेकर परेशान थे। नितिन देसाई पर इसी साल कई लोगों ने धोखाधड़ी का भी आरोप लगाया था। अब पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।

नूंह के बाद दिल्ली-नोएडा और गाजियाबाद में भी बढ़ी टेंशन, VHP निकाल रही रैलियां|

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नूंह और गुरुग्राम में भड़की साम्प्रदायिक हिंसा की आग अभी बुझती नहीं दिख रही है। यह आग अब दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद तक भी पहुंच सकती है। नूंह हिंसा के खिलाफ बजरंग दल और विश्व हिन्दू परिषद (वीएचपी) ने दिल्ली-एनसीआर में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन का प्लान बनाया है।

हालात को देखते हुए सभी जगहों पर पुलिस अलर्ट हो गई है और सुरक्षा बढ़ा दी है। बॉर्डरों पर बैरिकेडिंग कर वाहनों की सख्ती से जांच की जा रही है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि दिल्ली की सुरक्षा और सांप्रदायिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाने के किसी भी प्रयास से सख्ती से निपटा जाएगा।

जानकारी के अनुसार, मेवात के नूंह में हिंदुओं पर हमले के विरोध में हिंदू संगठन बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद आज राजधानी दिल्ली में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके साथ ही विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल ने आज नोएडा और गाजियाबाद की नवयुग मार्केट में भी जोरदार प्रदर्शन करते हुए विशाल यात्रा निकली। इस दौरान सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

दिल्ली में संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाई गई

दिल्ली पुलिस ने बुधवार को कहा कि दिल्ली से सटे पड़ोसी राज्य हरियाणा के कुछ जिलों में साम्प्रदायिक हिंसा को ध्यान में रखते हुए दिल्ली के सभी संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और जहां आवश्यक हो वहां अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किए गए हैं।

इस बीच, राजधानी दिल्ली में अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा के गुरुग्राम और आसपास के इलाकों में सांप्रदायिक झड़पों के बाद अलर्ट जारी होने के दृष्टिगत दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को ही राजधानी में गश्त बढ़ा दी थी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस पड़ोसी राज्यों के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों में होने वाली घटनाओं पर नजर रखती है, जिनका राष्ट्रीय राजधानी पर असर पड़ सकता है।

दिल्ली पुलिस ने नहीं दी प्रदर्शन की इजाजत

विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और संगठन की युवा शाखा बजरंग दल ने बुधवार को दिल्ली के निर्माण विहार और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के घौंडा चौक पर विरोध प्रदर्शन किया, जबकि पुलिस ने कहा कि वीएचपी को विरोध प्रदर्शन करने की कोई अनुमति नहीं दी गई है। स्पेशल पुलिस कमिश्नर (कानून-व्यवस्था जोन-1) देपेंद्र पाठक ने कहा कि दिल्ली भर में हो रहे विरोध प्रदर्शन के लिए विश्व हिंदू परिषद को कोई अनुमति नहीं दी गई है।

दीपेंद्र पाठक ने कहा, “प्रदर्शनकारियों से यातायात या सार्वजनिक व्यवस्था में खलल न डालने के लिए कहा गया है। उन्हें सड़कों के किनारे रोका गया है। सभी जिलों के पुलिस उपायुक्त (डीसीएसपी) सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी स्थिति पर नजर रखने के लिए सड़कों पर हैं। किसी को भी कानून-व्यवस्था और शांति भंग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।”

वीएचपी ने मंगलवार को राजधानी में 21 स्थानों पर हरियाणा हिंसा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और रैलियां आयोजित करने की योजना की घोषणा की है। इसके बाद, बजरंग दल के सदस्यों ने बुधवार को दिल्ली के निर्माण विहार मेट्रो स्टेशन के पास प्रदर्शन किया। इस बीच, दिल्ली पुलिस ने कहा कि राजधानी में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
विशेष सीपी (कानून एवं व्यवस्था) सागर प्रीत हुड्डा ने कहा, “लगभग 200 वीएचपी समर्थक नांगलोई चौक के पास विरोध प्रदर्शन करने के लिए एकत्र हुए थे, लेकिन चूंकि उनके पास कोई अनुमति नहीं थी, इसलिए हमने उन्हें कोई भी प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी।

गौरतलब है कि एक समुदाय विशेष के लोगों की बेकाबू भीड़ ने सोमवार को नूंह-मेवात क्षेत्र में विश्व हिंदू परिषद द्वारा निकाली गई बृजमंडल यात्रा को रोके जाने के लिए पथराव के बाद आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिया था। इस घटना के बाद गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोहना, पलवल तक हिंसा भड़क उठी थी, जिसमें अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है और डेढ़ दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। हरियाणा पुलिस ने मंगलवार को कहा कि भीड़ ने देर रात एक मस्जिद पर हमले में एक इमाम की हत्या कर दी, एक रेस्टोरेंट में आग लगा दी और दुकानों में तोड़फोड़ की, क्योंकि हरियाणा के नूंह में शुरू हुई सांप्रदायिक हिंसा पड़ोसी गुरुग्राम में फैल गई।

नूंह हिंसा के पीछ बड़ी साजिश : खट्टर

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मंगलवार को कहा था कि नूंह हिंसा एक बड़ी साजिश का हिस्सा लगती है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी दंगाई को बख्शा नहीं जाएगा।

वहीं, हरियाणा में हिंसक घटनाओं पर राज्य के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि बृजमंडल यात्रा के आयोजकों ने जिला प्रशासन को यात्रा के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी थी। इसी वजह से यह घटना हुई…घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।