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mumbai rains : मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई जिलों में भारी बारिश

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Heavy Rain Alert: भारत को आधा हिस्सा मानसूम की मार झेल रहा है, दिल्ली – एनसीआर समेत पंजाब, हिमाचल , उत्तराकखंड समेत कई राज्य भारी बारिश और बाढ़ के कहर से जूझ रहें हैं

Heavy Rain Alert: भारत को आधा हिस्सा मानसूम की मार झेल रहा है, दिल्ली – एनसीआर समेत पंजाब, हिमाचल , उत्तराकखंड समेत कई राज्य भारी बारिश और बाढ़ के कहर से जूझ रहें हैं.

अब बारिश ने माया नगरी मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र को भी अपने चरेट में ले लिया है. जहां अब भारी बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है. मुंबई समेत महाराष्ट्र के कुछ जिलों में भारी बारिश की आशंका जताई जा रही है. वहीं मौसम विभाग ने पालघर, रायघर, रत्नागिरी, सिंदूर दुर्ग और धुले में भारी बारिश के चलते अलर्ट जारी कर दिया है. मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार से लेकर मंगलवार 16 से 18 जुलाई के बीच भारी बारिश हो सकती है. शुक्रवार को मुंबई में हुई बारिश को से पानी भरने के कारण यातायात पर काफी गहरा असर पड़ा है.

राजनांदगांव : पांच साल का बच्चा कुएं में गिरा, मौत

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छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में एक दर्दनाक हादसे में कुएं में डूबने से एक पांच साल के बच्चे की मौत हो गई. यह हादसा राजनांदगांव स्थित शिविर लाइन में एक ग्राउंड में स्तिथ कुएं पर हुआ.

जानकारी के अनुसार,

आसपास मौजूद ग्रामीणों ने बच्चे को बचाने की काफी कोशिशें भी की, लेकिन कुएं से बाहर निकालने तक मौत हो चुकी थी.

यहां मिलेंगे सस्ते टमाटर, केंद्र सरकार ने खोली दुकान, जानें कितनी होगी कीमत

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देशभर में टमाटर की कीमत को लेकर मुद्दा काफी गर्म हो गया है. रिटेल मार्केट में अगर आप टमाटर खरीदने जाएं तो इसके लिए आपको 300 रुपये प्रतिकिलोग्राम तक चुकाने पड़ सकते हैं. इसी बीच लगातार बढ़ती कीमतों के बीच अब कंज्यूमर अफेयर मिनिस्ट्री ने आम जनता को राहत दिलाने के लिए टमाटर को 90 रुपये प्रति किलोग्राम की कीमत पर बेचने का फैसला किया था.

लेकिन इसके बाद एक बार फिर कंज्यूमर अफेयर मिनिस्ट्री के अंतर्गत आने वाले नेशनल कंज्यूमर कोऑपरेटिव फेडरेशन ने टमाटर की कीमतों में कटौती करने का फैसला किया है. सरकारी कीमत पर अब टमाटर 90 रुपये प्रति किलोग्राम के बजाय 80 रुपये प्रति किलोग्राम की कीमत पर बेचा जाएगा.

500 केंद्रों पर बेचे जा रहे सस्ते टमाटर

टमाटर की लगातार बढ़ती कीमतों पर काबू पाने के लिए केंद्र सरकार ने देशभर में 500 सरकारी केंद्रों पर सस्ते कीमत पर टमाटर बेचने का निर्णय लिया है. केवल दिल्ली एनसीआर ही नहीं बल्कि, देश के अलग-अलग इलाकों में सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाने के लिए सस्ते कीमत पर टमाटर बेचे जाने लगे हैं. कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र से टमाटर खरीदकर नेशनल कंज्यूमर कोऑपरेटिव फेडरेशन बायर्स को सीधे 90 रुपये प्रति किलोग्राम की कीमत पर बेच रही थी लेकिन, अब इसकी कीमतों में और 10 रुपये की कटौती कर दी गयी है. कटौती के बाद अब टमाटर 80 रुपये परैत किलोग्राम के दर से बिक रहा है.

भारत सरकार ने दी जानकारी

भारत सरकार ने जानकारी देते हुए बताया कि, देश भर में 500 से अधिक बिंदुओं पर स्थिति का दोबारा आकलन करने के बाद आज 16 जुलाई से टमाटर 80 रुपये प्रति किलो बेचने का निर्णय लिया गया है. NAFED और NCCF के माध्यम से दिल्ली, नोएडा, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, पटना, मुजफ्फरपुर और आरा में कई बिंदुओं पर बिक्री आज से शुरू हो गई है. ऐसे स्थानों पर मौजूदा बाजार कीमतों के आधार पर कल से इसका विस्तार अधिक शहरों में किया जाएगा.

इस कारण से बढ़ रहे टमाटर के दाम

देशभर में टमाटर की कीमतों में वृद्धि के पीछे सबसे बड़ी वजह मानसून की भारी बारिश और सप्लाई प्रभावित होने हो बताया जा रहा है. अधिक बारिश होने से कई जगहों पर जलभराव की स्थिति पैदा हो गयी है और इसका असर फसल पर भी पड़ने लगा है. इन सभी कारणों की वजह से शनिवार को देश के प्रमुख शहरों के खुदरा बाजारों में टमाटर की कीमतें 250 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर तक पहुंच गईं. टमाटर की कीमतें जुलाई-अगस्त और अक्टूबर-नवंबर में प्रोडक्शन कम होने से आम तौर पर बढ़ जाती हैं. लेकिन, इस बार कई राज्यों में मानसून की भारी बारिश से सप्लाई में व्यवधान होने से इसकी कीमतें ज्यादा प्रभावित हुई हैं.

टमाटर का इस्तेमाल हुआ कम

कीमतें बढ़ने के बाद लोगों ने टमाटर का इस्तेमाल करना काफी कम कर दिया है. जी हां! ऐसा हम नहीं कह रहे हैं. दरअसर एक सर्वे रिपोर्ट में पाया गया है कि, 46 प्रतिशत परिवार अब टमाटर खरीदने के लिए 150 से ज्यादा रुपये का भुगतान कर रहे हैं. वहीं, दूसरी तरफ 14 प्रतिशत परिवारों ने टमाटर खरीदना ही बंद कर दिया है. रिपोर्ट में खुलासा करते हुए बताया गया कि, 68 प्रतिशत परिवारों ने टमाटर का इस्तेमाल करना ही कम कर दिया है.

Chhattisgarh Election 2023: छत्तीसगढ़ में किसके चेहरे पर चुनाव लडे़गी बीजेपी और कांग्रेस? हो गया फैसला! जानें- किस पर लगेगा दांव

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Chhattisgarh Politics : छत्तीसगढ़ में इस साल विधानसभा चुनाव (Chhattisgarh election)होने वाले है. इसकी तैयारियों में सभी राजनीतिक पार्टी लग गई है. कांग्रेस (Congress)पार्टी ने चुनावी साल में संगठन में बदलाव करते हुए सांसद दीपक बैज (Deepak baij)को संगठन का नेतृत्व दे दिया है.

वहीं दूसरी तरफ एक साल पहले बीजेपी(BJP) ने भी संगठन की लगभग पूरी सर्जरी करते हुए सांसद अरुण साव(Arun Sao) को कमान सौंपी है. लेकिन बीजेपी और कांग्रेस का चुनावी चेहरा(Election face) कौन होगा ये सबसे बड़ा सवाल है? चलिए आज यही समझने की कोशिश करते है.

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस और बीजेपी किसके चेहरे पर चुनाव लड़ेगी?
दरअसल देश के दो राष्ट्रीय पार्टी बीजेपी और कांग्रेस के दो प्रमुख चेहरे है. बीजेपी से पीएम मोदी का और कांग्रेस से राहुल गांधी का चेहरा हैं. अक्सर देखा जाता है कि बड़े राज्यों को छोड़कर यानी यूपी जैसे राज्यों को छोड़कर बीजेपी मोदी के चेहरे में ही अधिकांश राज्यों में चुनाव लड़ती है. वहीं छत्तीसगढ़ की बात करें तो राजनीतिक जानकर मान रहे है कि छत्तीसगढ़ में पहले बीजेपी डॉ. रमन सिंह के चेहरे पर चुनाव लड़ती थी. लेकिन इस बार पीएम मोदी के चेहरे पर चुनावी मैदान में उतर रही है. पर कांग्रेस में रणनीति अलग है. छत्तीसगढ़ में कांग्रेस राहुल गांधी नहीं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के चेहरे पर चुनाव लड़ेगी. इसकी घोषणा खुद नए पीसीसी चीफ दीपक बैज ने संगठन की कमान संभालते हुए ही कर दिया है.

पहले ही दिन से दीपक बैज बीजेपी पर जमकर बरसे
नए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कमान संभालते ही दीपक बैज ने बीजेपी को चैंलेंज कर दिया. दीपक बैज ने कहा कि भाजपा में अगर हिम्मत है तो प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे पर छत्तीसगढ़ में चुनाव लड़कर दिखाए. केंद्र सरकार साढ़े चार साल से छत्तीसगढ़ के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है. मुख्यमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार और नरेंद्र मोदी से लड़ेंगे. हम 2023 विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के चेहरा पर लड़ेंगे. 18 घंटे काम करके सरकार बनाएंगे. ईमानदारी के साथ, संगठन का काम करेंगे और सरकार बनाकर देंगे. 3 महीना दिन-रात काम करेंगे और जीता कर लाएंगे.सत्ता और संगठन दोनों अलग-अलग है। सत्ता और संगठन में तालमेल होना जरूरी है,उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य और मिशन 2023 और मिशन 75 प्लस हासिल करना है

बीजेपी के चुनावी चेहरे पर ओम माथुर का बयान
गौरतलब है कि बीजेपी के चेहरे को लेकर हालही में प्रदेश प्रभारी ओम माथुर ने बिलासपुर में बयान दिया था कि सीएम फेस का निर्णय ना मैं कर सकता हूं ना यहां की टीम कर सकती है. बीजेपी संगठन की पार्टी है, सिस्टम की पार्टी है. यह किसी व्यक्ति, परिवार या समाज की पार्टी नहीं है. यहां सिस्टम बना हुआ है. सेंट्रल पार्लियामेंट्री बोर्ड यह निर्णय करता है कि चुनाव किस तरह से लड़ा जाए और कौन चेहरा होगा. कई जगह चेहरा घोषित करके लड़े है तो कई जगह बिना चेहरा घोषित किए भी लड़े है.

India-Pakistan: कोलंबो में मचेगा कोहराम, मैदान पर होंगे भारत-पाकिस्तान, 17 जुलाई को क्रिकेट दे दना दन!

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श्रीलंका में खेले जा रहे इमर्जिंग एशिया कप में 17 जुलाई की तारीख खास है. इस दिन भारत और पाकिस्तान की टीमें मैदान पर होंगी. इनके बीच का मुकाबला एक दूसरे के खिलाफ नहीं होगा. बल्कि इन दोनों के ही मैच अलग-अलग खेले जाएंगे.

दोनों के मुकाबले कोलंबो में खेले जाएंगे. पाकिस्तान का मुकाबला दिन का होगा. जबकि भारत का मैच डे-नाइट खेला जाएगा.

पाकिस्तान ए की टीम 17 जुलाई को इमर्जिंग एशिया कप के अपने मैच में यूएई ए टीम का सामना करेगी. जब कि इस मुकाबले के खत्म होने के बाद नेपाल की चुनौती का सामना इंडिया ए टीम करेगी. 13 जुलाई से शुरू हुए इमर्जिंग एशिया कप में दोनों ही टीमों का ये दूसरा मैच होगा.

भारत-पाकिस्तान का पलड़ा विरोधियों पर भारी

भारत-पाकिस्तान ने अपना पहला मैच 14 जुलाई को खेला था, जिसमें पाकिस्तान ए ने नेपाल को हराया था, जबकि भारत ए की टीम यूएई ए पर विजयी रही थी. अब दोनों टीमें एक दूसरे के खिलाफ खेल चुकी टीमों का मुकाबला करेंगी. अपने-अपने विरोधियों पर पलड़ा भारत-पाकिस्तान दोनों का भारी है, ऐसे में इस मुकाबले में भी उनकी जीत पक्की नजर आ रही है.

19 जुलाई को होगा भारत VS पाकिस्तान

अब सवाल है कि इमर्जिंग एशिया कप में भारत-पाकिस्तान कब भिड़ रहे हैं? तो इन दो चिर प्रतिद्वन्दियों की टक्कर टूर्नामेंट में 19 जुलाई को होगी. ये भारत और पाकिस्तान दोनों का ही तीसरा मैच होगा. अब जब ये टीमें आपस में भिड़ेंगी तो जाहिर है कि किसी एक जीत और किसी की हार होगी. जो टीम हारेगी उसकी टूर्नामेंट के अंदर पहली हार होगी.

जब होंगे आमने-सामने, भारत-पाक में किसकी होगी हार?

दरअसल, भारत-पाकिस्तान दोनों ने ही अपना-अपना पहला मैच जीत लिया है. दूसरे में भी उनके जीतने की संभावना प्रबल है. ऐसे में पहली हार का घूंट भारत-पाकिस्तान इमर्जिंग एशिया कप में तभी पीते दिख सकते हैं जब ये एक दूसरे के खिलाफ खेलेंगे.

कोलंबो में ही डे-नाइट खेला जाने वाला भारत-पाक मैच टूर्नामेंट का आखिरी ग्रुप मैच होगा. इसके बाद सेमीफाइनल मुकाबले खेले जाएंगे. इमर्जिंग एशिया कप का फाइनल 23 जुलाई को खेला जाएगा.

Tomato Farmer Millionaire: टमाटर की खेती से करोड़पति हो रहे महाराष्ट्र के किसान! एक दिन में 18 लाख की कमाई

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Tomato Farmer Millionaire:

देश भर में टमाटर की बढ़ती कीमतों के बीच, महाराष्ट्र के पुणे जिले में टमाटर की खेती करने वाले एक किसान को खजाना मिल गया है। जुन्नार के एक किसान ने एक महीने में 13,000 क्रेट टमाटर बेचकर 1.5 करोड़ रुपए कमाए।

जुन्नार में कई किसान जो अब टमाटर उगा रहे हैं वे करोड़पति बन गए हैं।

जुन्नार के तुकाराम भागोजी गायकर और उनके परिवार ने एक महीने में 13,000 टमाटर की क्रेट बेचकर 1.5 करोड़ रुपए से अधिक की कमाई की। तुकाराम के पास 18 एकड़ कृषि भूमि है और 12 एकड़ भूमि पर वह अपने बेटे ईश्वर गायकर और बहू सोनाली की मदद से टमाटर की खेती करते हैं। परिवार ने कहा कि वे अच्छी गुणवत्ता वाले टमाटर उगाते हैं और उर्वरकों और कीटनाशकों के बारे में उनका ज्ञान उन्हें यह सुनिश्चित करने में मदद करता है कि उनकी फसल कीटों से सुरक्षित है। करोड़पति बने टमाटर के किसान…

नारायणगंज में किसान ने टमाटर की एक क्रेट बेचकर एक दिन में 2,100 रुपये कमाए। तुकाराम ने शुक्रवार को कुल 900 क्रेट बेचे, जिससे एक ही दिन में 18 लाख रुपए की कमाई हुई। पिछले महीने, वह गुणवत्ता के आधार पर 1,000 से 2,400 रुपए प्रति क्रेट की कीमत पर टमाटर की क्रेट बेची।

कर्नाटक में भी टमाटर की लाली से मालामाल हुए किसान

नारायणगंज स्थित झुन्नू कृषि उत्पादन बाजार समिति की मंडी में अच्छी गुणवत्ता (20 किलोग्राम) वाले क्रेट टमाटर की अधिकतम कीमत 2,500 रुपए यानी 125 रुपये प्रति किलोग्राम रही। समिति ने टमाटर बेचकर एक महीने में 80 करोड़ रुपए का कारोबार किया है और इससे क्षेत्र की 100 से अधिक महिलाओं को रोजगार भी मिला है। टमाटर बेचकर किसानों के करोड़पति बनने की बात सिर्फ महाराष्ट्र तक ही सीमित नहीं है।

कर्नाटक के कोलार के किसानों के एक परिवार ने इस सप्ताह टमाटर की 2,000 पेटियां बेचीं और 38 लाख रुपये लेकर घर लौटे।

Weather Alert: 15 से 18 जुलाई तक कई राज्यों में होगी भारी बारिश, IMD ने जारी की चेतावनी

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Weather Alert: 15 से 18 जुलाई तक कई राज्यों में होगी भारी बारिश, IMD ने जारी की चेतावनी

Weather Update: देश के तमाम हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है और अभी इसमें राहत मिलने की संभावना कम है। मौसम विभाग ने देश के कई राज्यों में अगले 4 दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

IMD के अनुसार, 15 से 18 जुलाई तक यूपी, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पूर्वी राजस्थान और आसपास के इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। मध्य और पूर्वी भारत में अगले पांच दिनों तक मानसून का असर जारी रहेगा। खास तौर पर पश्चिमी राज्यों में बारिश की गतिविधियों में इजाफा होने के आसार हैं।

इन राज्यों में अलर्ट

हिमाचल प्रदेश में 15 से 17 जुलाई तक 115 से 205 मिमी तक की भारी बारिश हो सकती है। वहीं उत्तराखंड में भी इन चार दिनों में बहुत भारी बारिश की संभावना है। इस दौरान आंधी-तूफान की भी चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में भी अगले चार दिनों तक भारी बारिश देखने को मिलेगी। पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 15 व 16 जुलाई, ओडिशा में 15-18 जुलाई और झारखंड में 15 और 16 जुलाई को भारी बरसात होगी।

मध्य और पश्चिमी भारत

मध्य भारत में भी अगले पांच दिनों तक तेज बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मध्य प्रदेश में 15-17 जुलाई तक और छत्तीसगढ़ में 17 जुलाई को मूसलाधार बारिश की चेतावनी है। इसके अलावा, पश्चिमी भारत के कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र के घाट इलाकों में अगले पांच दिनों तक बहुत भारी बारिश होगी। इसके अलावा, गुजरात में 19 जुलाई को तेज बारिश का अलर्ट है। दक्षिण भारत की बात करें तो तटीय कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल और माहे में 15 से 19 जुलाई को भारी बारिश होगी।

चांद का मालिक कौन, यहां कौन बेचता है जमीन, आखिर कैसे होती है रजिस्ट्री?

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चंद्रयान 3 सफलतापूर्वक लांच हो गया है और अब इसके 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा की सतह पर पहुंचने की उम्मीद है. इस बीच ये सवाल फिर से लोगों के मन में आ रहा है कि क्या वाकई में चंद्रमा पर जमीन खरीदी जा सकती है?

चंद्रमा का मालिक कौन है? इसकी रजिस्ट्री कहां और कैसे होती है? जमीन कितने में मिल रही है और किन किन बड़े सेलिब्रिटीज़ ने जमीन खरीदी है?

दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत ने चांद पर जमीन का एक टुकड़ा खरीदा था, जबकि शाहरूख खान को ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले उनके एक फैन ने चांद पर जमीन खरीदकर गिफ्ट की थी. Lunarregistry.com के मुताबिक, चांद पर एक एकड़ जमीन की कमत USD 37.50 यानि करीब 3075 रूपए है.लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये कि आखिर चांद का मालिक है कौन?

चांद या फिर बाकी ग्रहों पर किसी का अधिकार नहीं

Outer Space Treaty 1967 के मुताबिक, अंतरिक्ष में या फिर चांद या फिर बाकी ग्रहों पर किसी भी एक देश या व्यक्ति का अधिकार नहीं है. Outer Space Treaty के मुताबिक, चांद पर बेशक किसी भी देश का झंडा लगा हो, लेकिन चांद का मालिक कोई नहीं बन सकता.

Outer Space Treaty कुछ ऐसे कामों और नियमों की लिस्ट है, जिसे लिखित में हस्ताक्षर करके साल 2019 तक कुल 109 देश जुड़ चुके हैं. 23 अन्य देशों इन भी इस पर साइन कर दिए हैं, लेकिन अभी इनको मान्यता मिलना बाकी है. इस Treaty में लिखा है कि चांद पर कोई भी देश विज्ञान से जुड़ा अपना रिसर्च काम कर सकता है और उसका इस्तेमाल इंसान के विकास में कर सकता है, लेकिन उस पर कब्जा नहीं कर सकता. सवाल ये कि जब चांद पर किसी देश का मालिकाना हक है ही नहीं तो फिर कंपनियां कैसे चांद पर जमीन बेच रही हैं?

क्या चांद पर जमीन की रजिस्ट्री भी हो रही है?

जी हां, चांद पर खरीदी गई जमीन की रजिस्ट्री धरती पर ही हो रही है. Lunarregistry.com नाम की वेबसाइट इसकी रजिस्ट्री का अधिकार रखने का दावा करती है, लेकिन वेबसाइट अपने FAQs सेक्शन में साफ साफ लिखती है कि वो चांद पर जमीन की मालिक नहीं है. उनका काम सिर्फ रजिस्ट्री करवाना है, ना कि जमीन बेचना. यानि ये ठीक वैसे ही हुआ, जैसे धरती पर किसी भी जमीन की रजिस्ट्री तो आप करवा लेते हैं, लेकिन अब मालिकाना हक पर कोर्ट में सवाल उठता है तो रजिस्ट्री ऑफिस ये कहकर पल्ला झाड़ लेता है कि हमारा काम सिर्फ रजिस्ट्री करना है, ना कि जमीन बेचना और ये चैक करना कि जमीन का असली मालिक कौन है.

चांद पर जमीन की बिक्री एक गोरखधंधा है?

Space Law पर कई किताबें लिख चुके लेखक Dr.Jill Stuart ने अपनी किताब The Moon Exhibition Book में लिखा है कि चांद पर जमीन खरीदना और किसी को गिफ्ट करना अब एक फैशन बन चुका है. किसी भी देश का चांद पर हक नहीं है तो फिर कंपनियों और बाकी किसी व्यक्ति का भी कोई हक नहीं बनता. यानि चांद पर जमीन बेचने का काम एक गोरखधंधा है और अब ये Million Dollar Business बन चुका है, क्योंकि लोगों को एक एकड़ जमीन जब 3 हजार रूपए में मिल रही है तो वो 3 हजार रूपए का जुआं खेलने में जरा भी नहीं हिचकते.

चांद पर जमीन खरीदने वालों की सोच रहती है कि अगर कभी किस्मत खुल गई और चांद पर जमीन का मालिकाना हक पर सवाल उठा तो Registry की कॉपी बहुत काम आएगी.

आज की ताजा खबर : पीएम मोदी अबू धाबी पहुंचे, राष्ट्रपति अल नाहयान से मिलेंगे

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस के बाद युनाइटेड अरब अमिरात के लिए रवाना हुए हैं. थोड़ी देर में वह अबू धाबी में लैंड करेंगे. दो दिवसीय फ्रांस यात्रा पर प्रधानमंत्री ने रक्षा सौदों को अंतिम रूप दिया है.भारत फ्रांस से 26 और राफेल खरीद रहा है. यह नैवी वर्जन है. फ्रांस के साथ सबमरीन की डील भी हुई है. 

Sawan 2023 : 1857 के क्रांति स्थल से आशीर्वाद देते हैं बाबा औघड़नाथ, स्वतंत्रता सेनानियों ने अंग्रेजों के खिलाफ यहीं से फूंका था बिगुल

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1857 स्वतंत्रता सेनानियों ने अंग्रेजों के खिलाफ यहीं से फूंका था बिगुल

मेरठ:उत्तर प्रदेश के मेरठ में भक्ति की बयार बह रही है. सावन में यहां स्थिति बाबा औघड़नाथ के मंदिर (Baba Aughadnath Temple) में हर दिन हजारों की संख्या में शिव भक्त पूजा-अर्चना करने पहुंच रहे हैं.

इस मंदिर में स्थित शिव लिंग प्राचीन है. मंदिर के पुजारियों का दावा है कि जब देश अंग्रेजों के खिलाफ आजादी की जंग लड़ रहा था, तब से शिव लिंग यहां स्थित है. सन् 1857 में अंग्रेजों के खिलाफ बगावत से पहले मेरठ के स्वतंत्रता सेनानियों ने यहां आकर बाबा भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया था.

मंदिर से पुजारियों का दावा है कि अंग्रेजों के शासन में भोलेनाथ का शिवलिंग स्वयं प्रकट हुआ था, जहां बाबा का शिव लिंग स्थापित है, वहां हिंदुस्तानी फौज आ कर अंग्रेजों के खिलाफ रणनीति बनाती थी. मंदिर परिसर में आज भी वह कुआं मौजूद है, जहां स्वतंत्रता सेनानी पानी पीते थे. अंग्रेज भारतीय फौज को कालो की फौज यानी कि काली पलटन कहां करते थे. काली पलटन को अंग्रेजों के साथ उठने बैठने की अनुमति नहीं हुआ करती थी. ना ही खाने-पीने की अनुमति होती थी, ऐसे में काली पलटन शिवलिंग के पास स्थित कुएं में पानी पिया करते थे.

अंग्रेजों के खिलाफ फूंका था बिगुल

एक दिन जब मंदिर के पुजारी ने भारतीय लोगो की फौज को पानी पीने के लिए मना किया और कहा कि तुम जो कारतूस को इस्तेमाल करते हो वो गाय को चर्बी से बनती है. उसको मुंह से खोलते हो, इसलिए यहां पानी नहीं पी सकते. इसके बाद भारतीय की फौज ने 10 मई 1857 को आंदोलन कर दिया था, जो आज इतिहास के सुनहरे शब्दो में लिखा गया है.

बाबा औघड़नाथ मंदिर में विशेष पूजा की जाती है

हर साल शिवरात्रि पर बाबा औघड़नाथ मंदिर में विशेष पूजा की जाती है. बाबा भोलेनाथ को जल चढ़ाने के लिए लाखों की संख्या में भक्त आते हैं. इस मंदिर की प्रसिद्धी दूर-दूर तक है. मंदिर के पुजारियों का दावा है कि जो भी श्रद्धालु बाबा भोलेनाथ का सच्चे मन से जलाभिषेक करते हैं, उनकी हर मनोकामना पूरी होती है. श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के दृष्टिगत पुलिस यहां पर पुलिस की मौजूदगी रहती है. मंदिर में निगरानी के लिए 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. यहां के लोग कावड़ लाकर सबसे पहले बाबा औघड़नाथ को जल अर्पित करते हैं.