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CG: प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना…

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जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र में 16 फरवरी को मार्गदर्शन शिविर

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना अंतर्गत बेरोजगार युवाओं हेतु विभिन्न प्रकार के सूक्ष्म श्रेणी के खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने 16 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे से संयुक्त कार्यालय जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र कमरा नंबर 01 कलेक्टोरेट परिसर राजनांदगांव में एक दिवसीय मार्गदर्शन शिविर का आयोजन किया गया है। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना का लाभ लेने के इच्छुक नागरिक शिविर में अपना आधार कार्ड, पैन कार्ड, राशन कार्ड पासबुक की कापी जमा कर पंजीयन करा सकते है। योजना के तहत 35 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है।

CG: दौलतराम ने ग्रीष्मकालीन धान के बदले लगाई धनिया की फसल…

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– किसानों को धान के बदले धनिया की फसल लेने के लिए किया जा रहा प्रोत्साहित
– उद्यानिकी विभाग की ओर से दिया गया 20 किलो धनिया बीज

जिले में उद्यानिकी फसलों की ओर किसानों का रूझान बढ़ा है। ग्रीष्मकालीन धान के बदले धनिया की फसल लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम जंगलेसर के किसान श्री दौलतराम साहू ने 2.5 एकड़ में धनिया की फसल लगाई है।

उन्होंने बताया कि उद्यानिकी विभाग से इसके लिए मदद मिली है तथा 20 किलो धनिया बीज प्राप्त हुआ है। फसल चक्र परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए उन्होंने यह फसल लगाई है। विशेषकर फल धनिया से उन्हें मार्च-अप्रैल में इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि फसल विविधीकरण के बहुत से लाभ है।

धान की फसल की अपेक्षा धनिया की खेती में कम पानी लगता है। भूमि की उर्वरक क्षमता बढ़ती है, लागत कम आती है और बीमारी कम होती है। धान की फसल की तुलना में अन्य फसलों से अधिक लाभ हो रहा है।

शासन द्वारा चना, सरसों एवं अन्य फसलों की भी खरीदी करने की घोषणा की गई है, जिससे किसानों को और भी लाभ होगा।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा मंत्रीपरिषद की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को 3100 रूपए  प्रति क्विंटल के मान से अंतर की राशि होली पर्व से पहले एक मुश्त भुगतान करने का निर्णय लिया गया है। यह किसानों के लिए बहुत ही खुशी की बात है।

CG: जिला स्तरीय समन्वय एवं एमआईएस सहायक पद के संबंध में दावा आपत्ति 20 फरवरी तक…

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अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम एवं नियमों के प्रभावी व सुचारू क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर तथा चिन्हित अनुभाग स्तर पर जिला स्तरीय समन्वय (समन्वय-वन अधिकार अधिनियम) एवं एमआईएस सहायक (सहायक-वन अधिकार अधिनियम) पद हेतु निर्धारित मानदेय पर एक वर्ष की अवधि के लिए नियुक्ति के संबंध में प्राप्त आवेदन पत्रों के परीक्षण उपरांत पात्र-अपात्र सूची जारी की गई है।

जारी पात्र-अपात्र सूची के संबंध में 20 फरवरी 2026 शाम 4 बजे तक कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास राजनांदगांव कमरा नंबर 65 में साक्ष्य व आवश्यक अभिलेख के साथ स्वयं आपत्ति प्रस्तुत कर दावा आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं। जारी पात्र-अपात्र सूची का अवलोकन राजनांदगांव जिले की वेबसाईट के माध्यम से किया जा सकता है।

CG: शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यक्रम अंतर्गत आईवायसीएफ (एमएए) प्रशिक्षण संपन्न…

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शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यक्रम अंतर्गत 9 से 12 फरवरी  2025 तक जिला चिकित्सालय में चार दिवसीय आईवायसीएफ (एमएए) प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में जिले के स्वास्थ्य केन्द्रों में कार्यरत स्टाफ नर्स एवं नर्सिंग ऑफिसर एवं एएनएम को शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यक्रम की जानकारी दी गई।

आईवायसीएफ (एमएए)  कार्यक्रम जन्म से लेकर 2 वर्ष तक के शिशु स्वास्थ्य एवं विकास के लिए स्तनपान एवं पूरक आहार पद्धति को बढ़ावा दिए जाने वाली एक पहल है।

जिसके तहत शिशु को जन्म से एक घंटे के भीतर स्तनपान शुरू करवाना, शिशु के शुरू के 6 माह तक केवल माँ का ही दूध ही पिलाया जाना व शहद, पानी, अन्य कोई भी पदार्थ नहीं पिलाया जाना, शिशु के 6 माह पूरे होने के बाद स्तनपान के साथ-साथ दलिया, मसला हुआ खाना, अन्य सुरक्षित एवं पौष्टिक आहार खाना शुरू करना, माताओं को शिशु आहार के सही तरीके के बारे में आंगनबाड़ी या स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के माध्यम से परामर्श दिया जाना, कुपोषण की रोकथाम शिशु के मृत्यु दर में कमी लाना बच्चों की शारीरिक एवं मानसिक विकास को बढ़ावा देना है।

शिशु विशेषज्ञ रोग डॉ. ओमेश खुराना, प्रोफेसर शासकीय नर्सिंग कॉलेज राजनांदगांव डॉ. उमा शेंडे, ग्रामीण चिकित्सा सहायक मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी श्री राकेश गुप्ता, काउंसलर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोंगरगढ़ श्री हितेंद्र कोसरे द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया।

CG: नया आंगनबाड़ी भवन बना गांव के बच्चों और माताओं के लिए खुशियों का घर…

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– छुरिया विकासखंड के ग्राम पांगरीखुर्द में बना नवीन आंगनबाड़ी भवन
– नए आंगनबाड़ी भवन में स्वच्छ पेयजल, ओव्हरहेड टैंक जैसी सुविधाएं उपलब्ध
– टाइल्स फर्श, आकर्षक रंगरोगन एवं बाल चित्रकारी से सुसज्जित
– नया आंगनबाड़ी भवन बना गांव के लिए जागरूकता और विकास का केंद्र

जिले के सुदूर छुरिया विकासखंड के ग्राम पांगरीखुर्द में नवीन आंगनबाड़ी भवन निर्माण होना गांव के बच्चों और माताओं के लिए खुशियों का घर साबित हो रहा है। ग्राम पांगरीखुर्द में 11 लाख 20 हजार रूपए की लागत से नवीन आंगनबाड़ी भवन का निर्माण किया गया है। नए आंगनबाड़ी भवन में स्वच्छ पेयजल, ओव्हरहेड टैंक, शौचालय, जैसी सुविधाएं हैं, वहीं आकर्षक टाइल्स फर्श, ब्लैकबोर्ड, रंगरोगन एवं बाल चित्रकारी से सुसज्जित है।

नवीन आंगनबाड़ी भवन निर्माण के बाद यहां के बच्चों, माताओं व महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा के क्षेत्र में अत्यंत सकारात्मक प्रभाव हुआ है। आंगनबाड़ी केन्द्र कुपोषण को दूर करने, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और प्री-स्कूल शिक्षा प्रदान करने में मदद मिल रही है। आंगनबाड़ी भवन के निर्माण से बच्चों का सर्वांगीण विकास और माताओं को स्वास्थ्य संबंधी सलाह और सहायता मिल रही है। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं, माताओं और किशोरी बालिकाओं को बेहतर स्वास्थ्य और पोषण सेवाएं मिल रही हैं। नया आंगनबाड़ी भवन बच्चों, माताओं, महिलाओं और किशोरी बालिकाओं के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधायुक्त वातावरण लेकर आया है। यहां बच्चों के लिए पर्याप्त जगह, साफ-सुथरे कक्ष, खेल सामग्री और पौष्टिक आहार की बेहतर व्यवस्था है। इससे बच्चों की नियमित उपस्थिति बढ़ी है और उनके शारीरिक व मानसिक विकास में सकारात्मक सुधार देखने को मिल रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अब बच्चों को बेहतर ढंग से प्रारंभिक शिक्षा और विभिन्न रचनात्मक गतिविधियां करा पा रही हैं।

ग्राम पांगरीखुर्द की गर्भवती महिलाओं और माताओं को भी इस भवन से विशेष लाभ मिल रहा है। उन्हें स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण और पोषण संबंधी सलाह एक ही स्थान पर आसानी से उपलब्ध हो रही है। स्वच्छ वातावरण और बैठने की समुचित व्यवस्था के कारण माताएं अब केंद्र पर नियमित रूप से आने लगी हैं। सरपंच श्रीमती अंजली गावड़े ने बताया कि नए आंगनबाड़ी भवन ने गांव में बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य एवं शिक्षा के स्तर को मजबूत किया है। यह केंद्र अब सिर्फ बच्चों की देखभाल का स्थान नहीं, बल्कि पूरे गांव के लिए जागरूकता और विकास का केंद्र बन गया है। उन्होंने कहा कि नया आंगनबाड़ी भवन बनने से ग्रामवासियों में खुशी है। नया आंगनबाड़ी भवन गांव के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए बच्चों और माताओं के जीवन में खुशियों की नई किरण लेकर आया है, जो आने वाली पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य की नींव रख रहा है।

‘कांग्रेस ने नॉर्थ-ईस्ट को किया नजरअंदाज, हमारे लिए अष्टलक्ष्मी’, असम में बोले PM मोदी…

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असम दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा, साथ ही नॉर्थ ईस्ट को नजरंदाज करने का आरोप भी लगाया. प्रधानमंत्री ने असम के गुवाहाटी में एक सभा को संबोधित करते हुए इन बातों को कहा है.

इसी साल असम में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में राज्यों में चुनावी गहमागहमी देखने को मिल रही है.

नॉर्थ-ईस्ट एनडीए सरकार के लिए अष्टलक्ष्मी है: नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नॉर्थईस्ट को एनडीए की सरकार अष्टलक्ष्मी मानती है. उनकी सरकार असम में इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है. उन्होंने कहा कि संसद में यूनियन बजट पेश होने के बाद उनका असम का पहला दौरा है.

उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले यूनियन बजट पेश किया गया था. बजट के बाद यह मेरा पहला नॉर्थ-ईस्ट दौरा है. नॉर्थ ईस्ट जिसे कांग्रेस ने नजरंदाज किया है. हमारी प्राथमिकता है और हम इसके विकास के लिए समर्पित हैं. हमारे लिए नॉर्थईस्ट हमारी अष्टलक्ष्मी है. हमने इसे आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने के लिए नॉर्थ-ईस्ट पर जोर दिया है.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस तो भारत को एक देश मानने से इनकार करती है. जो लोग भारत माता के प्रति जरा भी सम्मान नहीं दिखाते, वे कभी भी देश के लिए काम नहीं कर सकते.

खराब इन्फ्रास्ट्रक्चर की जगह हाईवे बन रहे, एयरक्राफ्ट उतर रहे: नरेंद्र मोदी

पीएम मोदी ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब पहले नॉर्थईस्ट का जिक्र होता था, तो लोगों को खराब इन्फ्रास्ट्रक्चर की याद आती थी. आज यहां हाईवे बन रहे हैं. न सिर्फ गाड़ियां चलती है, बल्कि एयरक्राफ्ट भी उतर सकते हैं. यह गर्व का पल है. यह असम की बदलती भावना है.

पीएम मोदी ने कहा कि उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान उनका बीजेपी कार्यकर्ता होना है. उन्होंने कहा, आज बीजेपी ने जो भी ऊंचाइयां हासिल की हैं, उसका क्रेडिट हमारे पार्टी कार्यकर्ताओं को जाता है. हमारा विश्वास संगठन में है. इसलिए इतनी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को सम्मानित करना सौभाग्य की बात है. हम एक मंत्र से जुड़े हैं. वह मंत्र है. भारत माता की जय.

उन्होंने कहा कि मैं गर्व के साथ कहता हूं, कि मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान यह है कि नरेंद्र मोदी बीजेपी के कार्यकर्ता हैं. एक बीजेपी कार्यकर्ता के तौर पर मैं सिर झुकाकर असम में हमारे कार्यकर्ताओं और संगठन की ताकत को नमन करता हूं. मैं मां आदि शक्ति और मां कामाख्या को भी अनगिनत सलाम करता हूं.

पीएम ने पुलवामा में जान गंवाने वाले सुरक्षाकर्मियों की दी श्रद्धांजलि

इसके अलावा पीएम मोदी ने पुलवामा में जान गंवाने वाले सुरक्षाकर्मियों को भी श्रद्धांजलि दी. उन्होंने कहा कि आज पुलवामा हमले की बरसी है. मैं उन भारत माता के वीर सबूतों को नमन करता हूं, जिन्होंने इस हमले में अपनी जान गंवाई. इस हमले के बाद जिस तरह से भारत ने आतंकवादियों को सजा दी, वो पूरे भारत ने देखा. कुछ लोग आज भी कांप रहे हैं. आपने ऑपरेशन सिंदूर में भारत की ताकत देखी है.

महाशिवरात्रि 2026: पूजा विधि और विशेष उपाय…

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महाशिवरात्रि 2026 के लिए विशेष पूजा उपाय

महाशिवरात्रि 2026 पूजा के उपाय: भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए महाशिवरात्रि की यह पावन रात्रि विशेष महत्व रखती है। इस वर्ष महाशिवरात्रि का पर्व 15 फरवरी 2026, रविवार को धूमधाम से मनाया जाएगा।

मान्यता है कि इसी रात भगवान शिव ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए थे और इसी दिन महादेव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। भक्तों के लिए इस दिन चार प्रहर की पूजा का विधान है, जो शिव की कृपा प्राप्त करने में सहायक होती है।

महाशिवरात्रि 2026 का समय: महाशिवरात्रि पर चार प्रहर की पूजा:

  • पहला प्रहर: शाम 06:01 से रात 09:09 बजे तक
  • दूसरा प्रहर: रात 09:09 से 16 फरवरी 2026 को 00:17 बजे तक
  • तीसरा प्रहर: 16 फरवरी 2026 को सुबह 00:17 से 03:25 बजे तक
  • चौथा प्रहर: 16 फरवरी 2026 को सुबह 03:25 से 06:33 बजे तक

निशीथ काल की पूजा का समय: रात 11:52 से अगले दिन 16 फरवरी 2026 को सुबह 12:42 बजे तक

  1. महाशिवरात्रि पर भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए, इस दिन आपको पवित्रता से रहकर नजदीकी शिवालय में जाकर शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित करना चाहिए। यह उपाय भोग और मोक्ष दोनों दिलाने में सहायक है।
  2. पूजा करने वाले भक्तों को सफेद कपड़े पहनकर भगवान शिव की आराधना करनी चाहिए। बिना सिले हुए सफेद कपड़े जैसे सफेद धोती पहनकर रुद्राभिषेक करना चाहिए।
  3. हिंदू मान्यता के अनुसार, महाशिवरात्रि पर भगवान शिव को दूध अर्पित करने से वे शीघ्र प्रसन्न होते हैं। यदि संभव हो, तो इस दिन गाय के दूध से शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए।

बांग्लादेश चुनाव में BNP की जीत: क्या है तारिक रहमान की रणनीति?

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बांग्लादेश की 13वीं संसदीय चुनाव में BNP की जीत

बांग्लादेश में हाल ही में हुए 13वें संसदीय चुनाव में तारिक रहमान की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने शानदार जीत हासिल की है। इस चुनाव ने न केवल देश के आंतरिक मुद्दों को उजागर किया, बल्कि भारतीय राजनीतिक रणनीतियों के प्रभाव को भी दर्शाया।

BNP ने 212 सीटें जीतकर दो-तिहाई बहुमत प्राप्त किया, जबकि जमात-ए-इस्लामी गठबंधन को 77 सीटें मिलीं। यह चुनाव 2024 के छात्र आंदोलन के बाद का पहला बड़ा चुनाव था, जिसमें BNP ने युवाओं को ध्यान में रखते हुए प्रभावी प्रचार किया।

भारतीय राजनीतिक अभियानों का प्रभाव

BNP की चुनावी रणनीति में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के सफल अभियानों की झलक साफ नजर आई। पार्टी ने भारतीय सोशल मीडिया ट्रेंड्स और जमीनी गतिविधियों का गहन अध्ययन कर अपनी रणनीति बनाई, जिससे तारिक रहमान को बाहरी और अनुभवहीन नेता के आरोपों से उबरने में मदद मिली।

चाय पर चर्चा से चायेर अड्डा तक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2014 के चाय पर चर्चा अभियान की तर्ज पर BNP ने बांग्लादेश में चायेर अड्डा का आयोजन किया। यह पहल तारिक रहमान की बेटी जैमा रहमान द्वारा शुरू की गई थी। इस कार्यक्रम में युवाओं के साथ अनौपचारिक चाय पर बातचीत की गई, जहां मुद्दों पर खुलकर चर्चा हुई। भारत में यह अभियान मणिशंकर अय्यर की चायवाला टिप्पणी के जवाब में शुरू हुआ था और बांग्लादेश में भी इसने तारिक रहमान को युवा वोटरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सहज नेता की छवि

BNP ने तारिक रहमान को एक सहज और अनौपचारिक नेता के रूप में प्रस्तुत किया। पार्टी ने ‘मुझे सर नहीं, भाई कहो’ का नारा अपनाया, जो भारत में राहुल गांधी द्वारा छात्रों के साथ बातचीत के दौरान अपनाए गए दृष्टिकोण से मिलता-जुलता था। इसका उद्देश्य 4 करोड़ से अधिक पहली बार वोट देने वाले युवाओं से भावनात्मक जुड़ाव बनाना था।

युवाओं को लुभाने की रणनीति

युवा वोटरों को आकर्षित करने के लिए BNP ने रील-मेकिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया। उभरते YouTubers और कंटेंट क्रिएटर्स को पार्टी के विचारों पर रील बनाने के लिए आमंत्रित किया गया। विजेताओं को पुरस्कार दिए गए और उनकी रीलों को BNP के आधिकारिक हैंडल से साझा किया गया। यह रणनीति सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई और युवाओं में पार्टी की पहुंच बढ़ाई।

तारिक रहमान की चुनौतियाँ

तारिक रहमान के सामने चुनौतियाँ खत्म नहीं हुई हैं। जमात-ए-इस्लामी के मजबूत प्रदर्शन (77 सीटें) और चुनाव में धांधली के आरोपों ने स्थिति को जटिल बना दिया है। इन सबके बीच रहमान के पोस्टरों पर टैगलाइन ‘आई हैव अ प्लान’ छपी थी, जो बराक ओबामा के ‘यस, वी कैन’ अभियान की याद दिलाती है। यह चुनाव दर्शाता है कि आधुनिक राजनीतिक रणनीतियाँ अब भौगोलिक सीमाओं से परे फैल रही हैं।

ओवैसी ने तेलंगाना चुनावों पर भाजपा को घेरा, हिजाब और बाबरी मस्जिद पर दी अपनी राय…

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तेलंगाना में हाल ही में संपन्न नगरपालिका चुनावों ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। इस संदर्भ में एआईएमआईएम के प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी।

उन्होंने कहा कि यह वफादारी का परीक्षण नहीं होना चाहिए। ओवैसी ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत का संविधान ‘हम भारत के लोग’ से शुरू होता है, न कि ‘भारत माता की जय’ से।

भाजपा पर ओवैसी का हमला

ओवैसी ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि चुनाव के दौरान भाजपा के नेता हर पांच मिनट में उनका नाम लेते थे, जिससे ऐसा प्रतीत होता था कि वे उन्हें पसंद करते हैं। इसके अलावा, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत द्वारा वीर सावरकर को भारत रत्न देने की मांग पर भी ओवैसी ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हो सकता है, तो नाथूराम गोडसे को भी भारत रत्न दिया जा सकता है। ओवैसी ने बताया कि उनकी पार्टी तेलंगाना में एक संरचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभा रही है, जबकि सरकार तब लाभान्वित होती है जब संसद का काम बाधित होता है।

हिजाब पर ओवैसी का दृष्टिकोण

हिजाब के मुद्दे पर ओवैसी ने कहा कि वे देश की विविधता और समावेशिता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका सपना है कि एक हिजाब पहनने वाली महिला भारत की प्रधानमंत्री बने।

योगी आदित्यनाथ के बयान पर ओवैसी की प्रतिक्रिया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर ओवैसी ने कहा कि कम से कम उन्होंने उर्दू का शब्द इस्तेमाल किया, जबकि हिंदी में ऐसा कोई शब्द नहीं है।

बाबरी मस्जिद पर ओवैसी की राय

बाबरी मस्जिद के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ओवैसी ने कहा कि वे अब भी इसे गलत मानते हैं। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के एक वीडियो पर उन्होंने कहा कि यह वीडियो जातिगत भेदभाव और हिंसा को भड़काने वाला था। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि यह वीडियो ओवैसी ने बनाया होता, तो क्या प्रतिक्रिया होती।

भारत-पाकिस्तान टी20 विश्व कप 2026: मैच से पहले बढ़ते हवाई किराए और होटल बुकिंग…

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भारत और पाकिस्तान के बीच टी20 विश्व कप 2026 का मुकाबला

15 फरवरी को आर. प्रेमदासा स्टेडियम में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला टी20 विश्व कप 2026 का मुकाबला क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक महत्वपूर्ण घटना है।

इस मैच का इंतजार सभी को बेसब्री से है, क्योंकि यह केवल एक खेल नहीं, बल्कि आईसीसी के लिए एक बड़ा आर्थिक अवसर भी है। भारत-पाकिस्तान के मैच का उत्साह अद्वितीय होता है।

विज्ञापन बाजार में उछाल

कोलंबो में होने वाले इस मैच से पहले विज्ञापन बाजार में जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। कंपनियां इस मैच की लोकप्रियता का लाभ उठाने के लिए विज्ञापन स्लॉट्स पर भारी निवेश कर रही हैं। इसके साथ ही, कोलंबो में होटल और फ्लाइट की कीमतों में भी वृद्धि हुई है।

हवाई किराए में वृद्धि

आसमान छूते हवाई किराए

भारत-पाकिस्तान का मैच केवल एक खेल नहीं है, बल्कि यह क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक जुनून बन चुका है। जो लोग इसे लाइव देखना चाहते हैं, वे इसके लिए किसी भी कीमत पर तैयार हैं। दिल्ली से कोलंबो की फ्लाइट के किराए में भी अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।

आम दिनों में दिल्ली से कोलंबो का हवाई किराया लगभग 16,000-17,000 रुपये होता है, लेकिन अब इकोनॉमी क्लास का किराया 1,10,000 रुपये तक पहुंच गया है। वहीं, बिजनेस क्लास का किराया 2,00,000 रुपये तक पहुंच गया है।

होटल बुकिंग की स्थिति

हाउसफुल की स्थिति

केवल फ्लाइट्स ही नहीं, कोलंबो में होटल के कमरों की भी हाउसफुल स्थिति बन गई है। मैच से पहले लगभग 3,500-4,000 होटल के कमरे पहले से ही बुक हो चुके हैं। Airbnb पर उपलब्ध कमरे और छोटे गेस्ट हाउस भी तेजी से बुक हो रहे हैं। भारत-पाकिस्तान मैच का प्रभाव पूरे कोलंबो में महसूस किया जा रहा है।

विज्ञापन बाजार में प्रतिस्पर्धा

सोने के भाव बिक रहा 10 सेकंड का एड

भारत-पाकिस्तान का मुकाबला केवल मैदान पर ही नहीं, बल्कि विज्ञापन बाजार में भी रिकॉर्ड तोड़ रहा है। कंपनियों के बीच इस हाई-वोल्टेज मैच को लेकर प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है, जिससे 10 सेकंड का टीवी विज्ञापन स्लॉट 30 से 40 लाख रुपये तक पहुंच गया है। आमतौर पर बड़े वर्ल्ड कप मैचों में यह कीमत 20 से 25 लाख रुपये के बीच होती है।

आखिरी समय में स्लॉट्स की कीमतों में 20 से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। अनुमान है कि ब्रॉडकास्टर जियोस्टार को पूरे टूर्नामेंट से लगभग 2000 करोड़ रुपये तक की विज्ञापन आय हो सकती है।