Home Blog Page 13

प्लैटिनम की बढ़ती कीमतों का असर! कैंसर दवाओं के दाम 50% बढ़ाने की तैयारी, मुश्किल में पड़ सकती है मरीजों की जेब…

0

लोकल मेडिसिन मेकर्स की ओर से दावा किया जा रहा है कि कैंसर की दवाओं जैसे कि कार्बोप्लाटिन, ऑक्सालिप्लाटिन और सिस्प्लाटिन का प्रोडक्शन अब फायदेमंद नहीं रहा है. इसकी वजह है प्लैटिनम की कीमतों में भारी बढ़ोतरी है, जो इन दवाओं का एक ज़रूरी हिस्सा है.

उन्होंने नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी से संपर्क किया है और मांग की है कि इन दवाओं की अधिकतम कीमत में 50 फीसदी की बढ़ोतरी की जाए, जिस कीमत पर इन्हें मरीजों को बेचा जा सकता है. अभी कार्बोप्लाटिन की अधिकतम कीमत 61.10 रुपए प्रति 10 mg/ml वायल है. सिस्प्लाटिन के लिए, यह दवा की मात्रा (strength) के आधार पर 70 से 300 रुपए के बीच है. सिप्ला, इंटास, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, जाइडस लाइफसाइंसेज, एमक्योर, फ्रेसेनियस और हेटेरो, इन दवाओं को बनाने वाली दर्जनों स्थानीय कंपनियों में सबसे आगे हैं.

दोगुनी हो गई प्लैटिनम की कीमतें

एक इंडस्ट्री एग्जीक्यूटिव ने ईटी की रिपोर्ट में कहा कि अगर सरकार दखल नहीं देती और जनता के हित में जरूरी कदम नहीं उठाती, तो इससे हमारे मुनाफे और कैंसर के एक जरूरी ‘फर्स्ट-लाइन’ इलाज की उपलब्धता पर खतरा पैदा हो सकता है. पिछले छह महीनों में, जियो पॉलिटिकल अनिश्चितता के कारण प्लैटिनम की कीमतें लगभग दोगुनी हो गई हैं. सोने और चांदी जैसी दूसरी कीमती धातुओं की कीमतों में भी इसी तरह की बढ़ोतरी हुई है. पिछले सितंबर में 3,869 रुपए प्रति ग्राम रही कीमत, फरवरी में बढ़कर 8,000 रुपए प्रति ग्राम हो गई. एग्जीक्यूटिव ने कहा कि हालांकि कीमतें अब स्थिर होती दिख रही हैं, फिर भी वे ऐतिहासिक रूप से काफी ज्यादा हैं. उन्होंने बताया कि कार्बोप्लाटिन की मौजूदा अधिकतम कीमत जनवरी में ही आर्थिक रूप से फायदेमंद नहीं रह गई थी.

कीमत पैदा कर रही समस्या

मैक्स ऑन्कोलॉजी के वाइस चेयरमैन प्रमोद कुमार जुल्का ने मीडिया रिपोर्ट में कहा कि प्लैटिनम दवाओं का यह ग्रुप सिर और गर्दन, स्तन और पेट-आंत (gastrointestinal) के कैंसर सहित कई तरह के कैंसर के इलाज की रीढ़ है. उन्होंने कहा कि सिस्प्लाटिन और कार्बोप्लाटिन जैसी प्लैटिनम दवाएं, उपलब्ध सबसे सस्ती और आसानी से मिलने वाली कीमोथेरेपी दवाओं में से हैं. लेकिन एक अन्य इंडस्ट्री एग्जीक्यूटिव ने कहा कि अब इनकी कम कीमत ही समस्या पैदा कर रही है. उन्होंने कहा कि इसलिए, जहां एक तरफ प्लैटिनम दवाएं ADCs (एंटीबॉडी-ड्रग कॉन्जुगेट्स) या इम्यूनोथेरेपी की तुलना में कहीं ज्यादा सस्ती हैं, वहीं दूसरी तरफ इनकी कम कीमत का मतलब है कि मेकर्स के पास इनका लगातार उत्पादन करने के लिए बहुत कम आर्थिक प्रोत्साहन बचता है, जिससे एक खतरनाक विरोधाभास पैदा हो गया है. इसलिए, सरकार का दखल देना बहुत जरूरी है. प्लैटिनम-बेस्ड दवाएं 2013 से सरकारी कंट्रोल में हैं. उद्योग के जानकारों के अनुसार, कार्बोप्लैटिन की कीमत में 2015 से अब तक सिर्फ 21.71 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

110 करोड़ का बाजार

कार्बोप्लैटिन, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) द्वारा अधिसूचित कैंसर उपचार प्रोटोकॉल में मौलिक रूप से महत्वपूर्ण है. इसे ग्लोबल लेवल पर एक आवश्यक दवा के रूप में मान्यता प्राप्त है. इस दवा को ‘नेशनल फॉर्मुलरी ऑफ इंडिया, 2021’ में लिस्टेड किया गया है और इसे ओवेरियन कैंसर (अंडाशय के कैंसर) की एडवांस अवस्थाओं तथा फेफड़ों के कुछ प्रकार के कैंसर के उपचार के लिए निर्देशित किया गया है. बाजार अनुसंधान एजेंसी ‘फार्माट्रैक’ के आंकड़ों के अनुसार, प्लैटिनम-बेस्ड दवाओं का बाजार 110 करोड़ रुपए का है, जिसमें प्रति वर्ष 14 फीसदी की दर से वृद्धि हो रही है. फार्माट्रैक की उपाध्यक्ष शीतल सपाले ने कहा कि खुदरा सेल इन दवाओं के बाजार के साइज को पूरी तरह से नहीं दर्शाती है, क्योंकि इसका एक बड़ा हिस्सा संस्थागत बिक्री या सीधे अस्पतालों को की जाने वाली बिक्री में इंडीकेट होता है.

नीति आयोग ने 2019 में की थी सिफारिश

उद्योग के एक अधिकारी ने कहा कि कैंसर के मामलों में हो रही वृद्धि को देखते हुए, ‘प्लैटिनम’ दवाओं के बाजार का साइज कम से कम दस गुना अधिक हो सकता है. नीति आयोग की ‘किफायती दवाएं और स्वास्थ्य उत्पाद समिति’ ने 2019 में, उन आवश्यक दवाओं की अधिकतम कीमतों (ceiling prices) में एक बार में 50 फीसदी की वृद्धि का समर्थन किया था, जिनके निर्माण में आर्थिक रूप से व्यवहार्य न होने की समस्या आ रही थी.

“Mesh Sankranti 2026: मेष संक्रांति पर आखिर क्यों किया जाता है सत्तू का दान? जानिए धार्मिक महत्व”

0

Mesh Sankranti 2026: हिंदू पंचांग और ज्योतिष शास्त्र में संक्रांति का विशेष महत्व होता है. जब सूर्य एक राशि से निकलकर दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं, तो उसे संक्रांति कहा जाता है.

साल 2026 में 14 अप्रैल को सूर्य देव मीन राशि की अपनी यात्रा समाप्त कर मेष राशि में प्रवेश करेंगे. इसे ही मेष संक्रांति के नाम से जाना जाता है. भारतीय संस्कृति में यह दिन केवल एक खगोलीय घटना नहीं, बल्कि नई फसल, नए उत्साह और दान-पुण्य का महापर्व है. आइए जानते हैं इस दिन का महत्व और सत्तू के दान की परंपरा के पीछे का कारण.

मेष संक्रांति पर क्यों किया जाता है सत्तू का दान?

मेष संक्रांति पर सत्तू दान करने की परंपरा बहुत पुरानी और विशेष मानी जाती है. सत्तू मुख्य रूप से भुने हुए चने से बनता है और यह गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडक देने वाला आहार है. धार्मिक दृष्टि से सत्तू का दान करने से व्यक्ति को पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है. वहीं वैज्ञानिक नजरिए से देखें तो अप्रैल के महीने से गर्मी बढ़ने लगती है, ऐसे में सत्तू शरीर को ठंडा रखता है और ऊर्जा प्रदान करता है. इसलिए इस दिन जरूरतमंदों को सत्तू, जल, फल और वस्त्र का दान करना बहुत ही फलदायी माना गया है.

अलग-अलग राज्यों में मेष संक्रांति का उत्सव

भारत के विभिन्न हिस्सों में मेष संक्रांति को अलग-अलग नामों से मनाया जाता है. बैसाखी (पंजाब), पोइला बोइशाख (पश्चिम बंगाल), पुथंडु (तमिलनाडु) और बोहाग बिहू (असम) जैसे त्योहार इसी दिन या इसके आसपास मनाए जाते हैं.

क्या करें इस दिन?

मेष संक्रांति के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए और सूर्य देव को जल अर्पित करना चाहिए. इसके बाद दान-पुण्य का विशेष महत्व है. सत्तू, गुड़, जल, पंखा, वस्त्र और फल का दान करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है. साथ ही इस दिन क्रोध और नकारात्मक विचारों से दूर रहकर सकारात्मकता अपनाने की सलाह दी जाती है.

मेष संक्रांति का धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मेष संक्रांति के दिन सूर्य देव की विशेष पूजा-अर्चना करने से जीवन में ऊर्जा, सफलता और सकारात्मकता का संचार होता है. इस दिन से सूर्य उत्तरायण के प्रभाव को और अधिक मजबूत करता है, जिससे दिन बड़े और मौसम गर्म होने लगता है. यही कारण है कि इसे नई शुरुआत, उन्नति और शुभ कार्यों के आरंभ का समय माना जाता है. पुराणों में वर्णित है कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान करने से कई गुना अधिक पुण्य की प्राप्ति होती है. खासकर गंगा स्नान और सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा बेहद शुभ मानी जाती है.

CG: एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने निकली छत्तीसगढ़ की बेटी, मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं…

0

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जांजगीर-चांपा जिले की युवा पर्वतारोही सुश्री अमिता श्रीवास को उनके आगामी माउंट एवरेस्ट अभियान के लिए शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में पर्वतारोही सुश्री अमिता श्रीवास से मुलाकात के दौरान कहा कि आगामी 9 अप्रैल को सुश्री अमिता विश्व की सर्वोच्च चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने के संकल्प के साथ काठमांडू के लिए रवाना हो रही हैं। यह केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि की यात्रा नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की आकांक्षाओं, साहस और आत्मविश्वास की ऊंची उड़ान है।

उन्होंने कहा कि अमिता का यह अभियान इस बात का प्रमाण है कि यदि संकल्प अटल हो, तो कोई भी ऊंचाई असंभव नहीं रहती। प्रदेश की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और परिश्रम से नए मानक स्थापित कर रही हैं और छत्तीसगढ़ को नई पहचान दे रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अमिता श्रीवास ने वर्ष 2021 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर माउंट किलिमंजारो को फतह कर पहले ही अपनी क्षमता और दृढ़ता का परिचय दिया है। उनका यह सतत प्रयास न केवल उपलब्धि है, बल्कि प्रदेश की युवा पीढ़ी, विशेषकर बेटियों के लिए एक जीवंत प्रेरणा है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अमिता अपने इस साहसिक अभियान में सफलता प्राप्त कर विश्व की सबसे ऊंची चोटी पर देश का तिरंगा फहराएंगी और छत्तीसगढ़ सहित पूरे राष्ट्र का गौरव बढ़ाएंगी।

मुख्यमंत्री ने सुश्री अमिता श्रीवास को इस महत्वपूर्ण अभियान के लिए प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

CG: राजधानी रायपुर के लिए बड़ी गुड न्यूज ! 360 करोड़ की लागत से इन सड़कों पर बनेंगे 4 नए फ्लाईओवर…

0

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के लिए बड़ी गुड न्यूज है। रायपुर में इस साल चार नए फ्लाईओवर के निर्माण कार्य शुरू किए जाएंगे। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा इन परियोजनाओं के लिए कुल 360 करोड़ 35 लाख 93 हजार रुपये के बजट की स्वीकृति दी गई है।

इन फ्लाईओवर के बनने से शहर के व्यस्त यातायात को तेज, सुगम और सुव्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री एवं पीडब्ल्यूडी मंत्री अरुण साव के निर्देश पर विभाग ने लंबे समय से लंबित इन परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।

शहरवासियों द्वारा काफी लंबे समय से इन फ्लाईओवर की मांग की जा रही थी।इन स्थानों पर बनेंगे फ्लाईओवरविभागीय जानकारी के अनुसार, जी.ई. रोड पर गुरु तेग बहादुर उद्यान से तेलीबांधा स्थित नेताजी सुभाष चौक तक फ्लाईओवर निर्माण के लिए 172 करोड़ 86 लाख 28 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

इसके अलावा रिंग रोड क्रमांक-2 में सोनडोंगरी चौक पर ओवरपास के लिए 43 करोड़ 89 लाख 17 हजार रुपये मंजूर किए गए हैं। इसी तरह वी.आई.पी. रोड स्थित फुंडहर चौक में ओवरपास निर्माण हेतु 56 करोड़ 7 लाख 35 हजार रुपये तथा अटल पथ एक्सप्रेसवे पर फुंडहर चौक में ग्रेड सेपरेटर के लिए 87 करोड़ 53 लाख 13 हजार रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।

सड़कों पर जाम होगा कम

अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार रायपुर में यातायात व्यवस्था को तेज, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए गंभीरता से काम कर रही है। फ्लाईओवर एवं सड़कों के चौड़ीकरण से ट्रैफिक जाम में कमी आएगी और आवागमन अधिक सुगम होगा। उन्होंने कहा कि नागरिकों को बेहतर यातायात सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री एवं पीडब्ल्यूडी मंत्री अरुण साव के निर्देश पर विभाग ने लंबे समय से लंबित इन परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। शहरवासियों द्वारा काफी लंबे समय से इन फ्लाईओवर की मांग की जा रही थी।

इन स्थानों पर बनेंगे फ्लाईओवर

विभागीय जानकारी के अनुसार, जी.ई. रोड पर गुरु तेग बहादुर उद्यान से तेलीबांधा स्थित नेताजी सुभाष चौक तक फ्लाईओवर निर्माण के लिए 172 करोड़ 86 लाख 28 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा रिंग रोड क्रमांक-2 में सोनडोंगरी चौक पर ओवरपास के लिए 43 करोड़ 89 लाख 17 हजार रुपये मंजूर किए गए हैं। इसी तरह वी.आई.पी. रोड स्थित फुंडहर चौक में ओवरपास निर्माण हेतु 56 करोड़ 7 लाख 35 हजार रुपये तथा अटल पथ एक्सप्रेसवे पर फुंडहर चौक में ग्रेड सेपरेटर के लिए 87 करोड़ 53 लाख 13 हजार रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।

CG: महिला आरक्षण के साथ तैयारी में जुटे दल, क्या है राष्ट्रीय बैकग्राउंड और छत्तीसगढ़ से इसका क्या कनेक्शन?

0

33% महिला आरक्षण से छत्तीसगढ में चुनाव पर असर पड़ेगा. अगर छत्तीसगढ़ विधानसभा में सीटें नहीं भी बढ़ी तों महिला आरक्षित सीटें 30 हो जाएंगी.

33% महिला आरक्षण को 2029 लोकसभा चुनाव से पहले लागू करने की केंद्र सरकार की तैयारी अब छत्तीसगढ़ की राजनीति पर भी सीधा असर डालती दिख रही है. 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन, लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 816 करने का प्रस्ताव और विधानसभाओं में भी आनुपातिक बढ़ोतरी इन तीन फैसलों से छत्तीसगढ़ में 11 लोकसभा और 90 विधानसभा सीटों का भी चुनावी नक्शा बदल सकता है.

महिला आरक्षण के साथ तैयारी में जुटे दल

राजनीतिक जानकार एवं वरिष्ठ पत्रकार अनिरुद्ध दुबे की माने तो इस बदलाव को लेकर अभी से ही राजनीतिक दल अपनी रणनीति बनाने में जुट चुके हैं. यदि छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की बात की जाए तो यहां वर्तमान में चार विधानसभा सीट है जिसके बढ़कर 6 होने की संभावना है. जानकारी के मुताबिक भाजपा हो या कांग्रेस दोनों ही राजनीतिक दलों ने इन बढ़ी हुई सीटों को टारगेट करते हुए अभी से ही अपनी तैयारी शुरू कर दी है.

क्या है राष्ट्रीय बैकग्राउंड और छत्तीसगढ़ से इसका क्या कनेक्शन?

हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विभिन्न दलों के सांसदों के साथ बैठक की. इससे साफ है कि सरकार नारी शक्ति वंदन अधिनियम को 2029 से लागू करने के लिए 2011 जनगणना आधारित परिसीमन का रास्ता अपनाना चाहती है. इसके तहत लोकसभा सीटें 543 से बढ़कर 816 हो सकती है, साथ ही महिलाओं के लिए 273 सीटें आरक्षित हो सकती हैं.

छत्तीसगढ़ में असर

इसका सीधा असर छत्तीसगढ़ पर इसलिए होगा क्योंकि अगर राज्यों का मौजूदा अनुपात लगभग बरकरार रखा गया, तो राज्य की 11 लोकसभा सीटें बढ़कर 16–17 तक जा सकती हैं. उसी फॉर्मूले पर विधानसभा सीटों में भी बढ़ोतरी संभव है.

अगर लोकसभा की बात की जाए तो अभी छत्तीसगढ़ में 11 लोकसभा सीटें हैं. इसमें रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, कोरबा, बस्तर और सरगुजा जैसे बड़े संसदीय क्षेत्र हैं. जनसंख्या और भौगोलिक विस्तार के हिसाब से ये सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं. अगर राष्ट्रीय स्तर पर 50% के आसपास विस्तार मॉडल लागू हुआ, तो छत्तीसगढ़ में संभावित नई लोकसभा सीटें इन क्षेत्रों से निकल सकती है.

विधानसभा सीटों का गणित

राज्य में फिलहाल 90 विधानसभा सीटें हैं. अगर लोकसभा की तरह यहां भी आनुपातिक सीट विस्तार हुआ, तो यह संख्या 110–120 या उससे अधिक जा सकती है. हालांकि अगर अगर सीटें 90 ही रहती हैं तो फिर महिला आरक्षित सीटें 30 हो जाएंगी. वहीं अगर सीटें 120 तक होती हैं तो महिला आरक्षित सीटें 40 हो जाएंगी. यानी यहां फिर वही बात साफ है आरक्षण 33% रहेगा, सीटों की संख्या बढ़ने पर महिलाओं के हिस्से की सीटें बढ़ेंगी.

राजनीतिक असर: छत्तीसगढ़ में किसकी बढ़ेगी चिंता?

इस फैसले का सबसे बड़ा असर भाजपा और कांग्रेस दोनों के टिकट वितरण पर पड़ेगा. करीब 30 से 40 सीटें महिला आरक्षित हो सकती हैं. इसका इम्पैक्ट समझिए-

  • कई मौजूदा दिग्गज नेताओं की सीट बदल सकती है.
  • शहरी महिला चेहरे तेजी से उभरेंगे.
  • आदिवासी महिला नेतृत्व को बड़ा अवसर मिलेगा.
  • रायपुर, बस्तर, सरगुजा और दुर्ग में नए समीकरण बनेंगे.

दिल्ली में 33% महिला आरक्षण और 2011 आधारित परिसीमन पर बन रही सहमति का सबसे बड़ा चुनावी असर छत्तीसगढ़ में दिख सकता है. 11 से 16–17 लोकसभा सीटें, 90 से 110+ विधानसभा सीटें और 33% महिला आरक्षण यह पूरा फॉर्मूला राज्य की राजनीति का चेहरा बदल सकता है. यानी यह सिर्फ संसद का फैसला नहीं, बल्कि रायपुर से बस्तर तक नए चुनावी नक्शे की शुरुआत हो सकती है.

नोट- यह खबर 33% महिला आरक्षण, 2011 जनगणना आधारित परिसीमन की संभावनाओं और राजनीतिक विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर तैयार एक अनुमानित विश्लेषण है. इसमें दिए गए सीटों के आंकड़े और संभावित नाम सिर्फ संभावित परिदृश्य को समझाने के लिए हैं. विधेयक लागू होने और परिसीमन आयोग की अंतिम रिपोर्ट के बाद सीटों की संख्या, नाम और सीमाएं बदल सकती हैं.

छत्तीसगढ़ में बदला मौसम का मिजाज, अगले 4 दिनों तक आंधी, बारिश और ओले का अलर्ट…

0

आज का मौसम: छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदला है और तापमान में 1-2°C की गिरावट दर्ज हुई है. अगले 4 दिनों तक कई क्षेत्रों में गरज-चमक, तेज हवाएं और बारिश की संभावना है. 5 अप्रैल को कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है, जिससे सतर्क रहने की जरूरत है. रायपुर में आंशिक बादल छाए रहने के साथ बारिश और 37°C के आसपास तापमान रहने का अनुमान है.

छत्तीसगढ़ में मौसम ने अचानक करवट ले ली है. पिछले 24 घंटों में जहां अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, वहीं आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाएं, गरज-चमक, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग के अनुसार उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में अगले 4 दिनों तक मौसम अस्थिर बना रहेगा, जिससे किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है.

पिछले 24 घंटे का मौसम हाल:
प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिली. कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा भी दर्ज की गई. जगदलपुर में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 36.9°C रहा, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 19.2°C दर्ज किया गया.

अगले 4 दिनों का पूर्वानुमान:
मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर अगले 4 दिनों तक गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की संभावना है. खासतौर पर 5 अप्रैल को कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि होने के आसार हैं.

तापमान में गिरावट का दौर जारी’
प्रदेश में अगले 3 दिनों तक अधिकतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है. इसके बाद तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है.

वर्षा और आंकड़े’
प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई है. वर्षा के प्रमुख आंकड़ों में पौड़ी उपरोरा में 1 सेमी वर्षा दर्ज की गई है.

मौसम प्रणाली का असर’
गंगा के पश्चिम बंगाल से लेकर तेलंगाना तक छत्तीसगढ़ से होकर एक निम्न दबाव क्षेत्र गुजर रहा है, जो समुद्र तल से लगभग 0.9 किमी ऊपर स्थित है. इसी सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश में मौसम में बदलाव देखा जा रहा है.

कल के लिए चेतावनी’
प्रदेश के एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

आने वाले दिनों का रुझान’
अगले दो दिनों के बाद भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा जारी रहने की संभावना है. साथ ही गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं का दौर भी जारी रह सकता है.

रायपुर का स्थानीय मौसम’
राजधानी रायपुर में 6 अप्रैल को आकाश आंशिक मेघमय रहने और मेघगर्जन के साथ बारिश होने की संभावना है. यहां अधिकतम तापमान 37°C और न्यूनतम तापमान 25°C के आसपास रहने का अनुमान है.

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का फैसला, जग्गी हत्याकांड में अमित जोगी को उम्रकैद की सजा, 7 दिन में सरेंडर के निर्देश…

0

छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने पूर्व विधायक अमित जोगी को राम अवतार जग्गी हत्याकांड में दोषी ठहराया गया है. पूर्व मुख्यमंत्री अजित जोगी के बेटे अमित जोगी को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उम्र कैद की सजा सुनाई है. जोगी को यह सजा जग्गी हत्याकांड के मामले में सुनाई गई है.

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत अजित जोगी के बेटे और जनता कांग्रेस के नेता अमित जोगी को उम्र कैद की सजा सुनाई है. हाईकोर्ट ने यह सजा जग्गी हत्याकांड के मामले में सुनाई है. हाईकोर्ट ने उन्हें 7 दिनों के भीतर सरेंडर करने के निर्देश दिए हैं. वहीं इस मामले में अमित जोगी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है. मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायाधीश अरविंद कुमार वर्मा की बेंच ने यह फैसला सुनाया है.

बता दें 4 जून 2003 को एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की हत्या हुई थी, जिसने उस समय प्रदेश की राजनीति में भारी सनसनी मचा दी थी. इस बहुचर्चित मामले में 2007 में निचली अदालत ने 28 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जबकि अमित जोगी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था. बाद में जग्गी के बेटे ने इस फैसले को चुनौती दी, जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और वहां से सुनवाई के लिए इसे वापस हाईकोर्ट भेज दिया गया.

अमित जोगी ने किया था ये दावा

इससे पहले 2 अप्रैल को जोगी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक वीडियो पोस्ट कर दावा किया था कि उन्हें सुनवाई का अवसर नहीं मिला था. आज माननीय उच्च न्यायालय ने मेरे विरुद्ध CBI की अपील को मात्र 40 मिनट में स्वीकार कर लिया- बिना सुनवाई का अवसर दिए. मुझे खेद है कि जिस व्यक्ति को अदालत ने दोषमुक्त किया था, उसे बिना सुनवाई का एक भी अवसर दिए दोषी करार दिया गया. यह अप्रत्याशित है.

उन्होंने कहा था कि अदालत ने मुझे 3 सप्ताह के अंदर सरेंडर करने का समय दिया है. मुझे लगता है कि मेरे साथ गंभीर अन्याय हुआ है. मुझे पूरा विश्वास है कि सर्वोच्च न्यायालय से मुझे न्याय अवश्य मिलेगा. मैं न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास रखता हूं. मैं पूर्ण शांति, आस्था और धैर्य के साथ आगे बढ़ रहा हूं. सत्य की जीत अवश्य होगी. आप सभी से आग्रह है कि मेरे लिए प्रार्थना करें और अपना आशीर्वाद बनाए रखें.

RBI MPC Meeting: ग्लोबल टेंशन के बीच रेपो रेट पर क्या होगा फैसला? जानिए SBI रिपोर्ट का दावा…

0

RBI MPC Meeting April 2026: कल यानी 6 अप्रैल से रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की नई मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक शुरू होने जा रही है. जिस पर लोगों की खास नजर बनी हुई है. मौजूदा वैश्विक हालात, खासकर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि RBI फिलहाल रेपो रेट में कोई बड़ा बदलाव नहीं करेगा.

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की रिपोर्ट भी यही संकेत देती है कि इस समय केंद्रीय बैंक सतर्क रुख अपनाते हुए ब्याज दरों को स्थिर रख सकती है. आइए जानते हैं, इस विषय में…

रेपो रेट पर क्या रह सकता है RBI का फैसला?

मौजूदा हालात को देखते हुए आरबीआई इस बार रेपो रेट में बदलाव करने से बच सकती है. एसबीआई की रिसर्च के मुताबिक, दरें करीब 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रह सकती हैं. इसकी बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में जारी तनाव है.

जिससे वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है. खासकर होर्मुज स्ट्रेट में जारी रुकावट के चलते कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं.

भारतीय अर्थव्यवस्था पर असर

वैश्विक स्तर पर बनी इन परिस्थितियों का असर भारत की अर्थव्यवस्था पर भी दिख रहा है. भारतीय करेंसी रुपया लगातार कमजोर हो रही है. रुपया अब तक के अपने सबसे नीचले स्तर पर पहुंच गया था. ऐसे में RBI रेपो रेट में बदलाव करने से दूरी बना सकती हैं.

महंगाई को लेकर आगे की राह कठिन

आने वाले महीनों में महंगाई का दबाव कम होने की संभावना कम दिख रही है. State Bank of India की रिसर्च के अनुसार, अगले तीन तिमाहियों तक CPI महंगाई 4.5 फीसदी से ऊपर बनी रह सकती है.

इसके साथ ही संभावित सुपर अल नीनो का असर भी कीमतों को और बढ़ा सकता है. जिससे हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं. ऐसे में रेपो रेट में बदलाव की उम्मीद कम है.

बाजार में हलचल के बीच ये शेयर रॉकेट की तरह भागा, दिया 265% का रिटर्न; निवेशकों की हो गई मौज…

0

Prime Focus Multibagger Stock: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच कुछ स्टॉक्स ऐसे भी होते हैं जो निवेशकों को शानदार रिटर्न देकर चौंका देते हैं. Prime Focus Limited ऐसा ही एक मल्टीबैगर स्टॉक बनकर उभरा है.

जिसने कम समय में ही जबरदस्त तेजी दिखाई है.

सबसे खास बात यह है कि यह तेजी ऐसे दौर में आई है जब वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता और ओवरऑल मार्केट में गिरावट का दौर देखने को मिल रहा है. आइए जानते हैं, इस मल्टीबैगर स्टॉक के विषय में…

चर्चा में बनी हुई है कंपनी

हाल के समय में प्राइम फोकस के शेयरों में आई तेजी के पीछे कई कारण माने जा रहे हैं. जिनमें बड़े प्रोजेक्ट्स से जुड़ी चर्चा भी शामिल है. मिली जानकारी के अनुसार, कंपनी ने 46 करोड़ से ज्यादा शेयरों के प्रेफरेंशियल इश्यू को मंजूरी दी थी. जिसमें फिल्म अभिनेता रणबीर कपूर भी संभावित निवेशकों में शामिल बताए गए थे.

उनके करीब 12.5 लाख शेयर लेने की बात सामने आई थी. हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने अब तक निवेश पूरा किया है या नहीं. लेकिन इस खबर ने निवेशकों के बीच उत्साह जरूर बढ़ाया है.

मजबूत रिटर्न से निवेशकों को किया मालामाल

हाल के महीनों में कंपनी शेयरों के प्रदर्शन की बात करें तो, इसने निवेशकों को तगड़ा मुनाफा कमाने का मौका दिया है. स्टॉक ने 347.80 रुपये का अपना 52 हफ्तों का उच्च स्तर भी छुआ है.

आखिरी 6 महीनों में इसमें करीब 88.08 की तेजी देखने को मिली है, जबकि एक साल में यह लगभग 265 फीसदी तक उछल गया है. जो इसे एक मजबूत मल्टीबैगर स्टॉक के रूप में पेश करता है.

क्या करती है कंपनी?

प्राइम फोकस लिमिटेड एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से जुड़ी एक प्रमुख कंपनी है. जो पर्दे के पीछे रहकर फिल्मों, वेब सीरीज, टीवी प्रोग्राम और विज्ञापनों को आकर्षक बनाने का काम करती है.

कंपनी खासतौर पर VFX, एनीमेशन और प्रोडक्शन से जुड़े काम संभालती है. जिससे कंटेंट को बेहतर और हाई-टेक लुक दिया जा सके.

शेयर बाजार में कंपनी का हाल

बीएसई पर आखिरी कारोबारी दिन प्राइम फोकस के शेयरों में हल्की गिरावट देखने को मिली थी. शेयर 0.97 प्रतिशत या 3.25 रुपये की गिरावट के साथ 331.35 रुपये पर ट्रेड करते हुए दिन की समाप्ति की थी.

दिन का इंट्रा डे हाई 340 रुपये था. कंपनी शेयरों के 52 सप्ताह के हाई लेवल की बात करें तो, इस दौरान शेयरों ने 347.80 रुपये का आंकड़ा छूआ था. वहीं, 52 सप्ताह का लो लेवल 85.84 रुपये है. कंपनी का मार्केट कैप करीब 25,712.45 करोड़ रुपये आंकी गई है.

Aaj Kiska Match Hai: IPL Super Sunday में आज डबल धमाका! दोपहर में LSG vs SRH, शाम RCB vs CSK, जान लें बड़ी बातें…

0

IPL 2026 Today Match 5th April 2026: आईपीएल में आज का दिन फैंस के लिए पूरा पैसा वसूल रहने वाला है। आज सुपर संडे में एक नहीं बल्कि दो बड़े मुकाबले होने वाले हैं। दोपहर में एक्शन शुरू होगा और रात तक रोमांच बना रहेगा।

अगर आप सोच रहे हैं कि आज किसका मैच है, कब शुरू होगा और किसमें क्या खास है, तो यहां जानिए दोनों मैचों का पूरा शेड्यूल, पिच का हाल और कौन किस पर भारी पड़ सकता है।

IPL में आज किसका मैच है?

आज दो मैच खेले जाएंगे। पहला मैच दोपहर 3:30 बजे शुरू होगा, जिसमें लखनऊ सुपर जायंट्स और सनराइजर्स हैदराबाद आमने-सामने होंगे। दूसरा मुकाबला शाम 7:30 बजे से होगा, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और चेन्नई सुपर किंग्स की टक्कर देखने को मिलेगी। मतलब पूरा दिन क्रिकेट ही क्रिकेट छाने वाला है।

LSG vs SRH: पहले मुकाबले में किसका पलड़ा भारी?

हैदराबाद का घरेलू मैदान इस सीजन पहली बार मैच होस्ट कर रहा है और टीम पूरे कॉन्फिडेंस में दिख रही है। पिछले मैच में शानदार जीत के बाद सनराइजर्स का मूड हाई है। दूसरी तरफ लखनऊ की टीम अपने पहले मैच में लड़खड़ा गई थी और अब वापसी करना चाहेगी। लखनऊ सुपर जायंट्स (Lucknow Super Giants) के लिए सबसे बड़ी चिंता बैटिंग रही है। टीम में बड़े नाम हैं, लेकिन पिछले मैच में तालमेल नहीं दिखा। खासकर ऋषभ पंत (Rishabh Pant) का ओपनिंग करना ज्यादा काम नहीं आया और अब उनके बैटिंग ऑर्डर पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं सनराइजर्स हैदराबाद (Sunrisers Hyderabad) की बात करें तो टीम बैलेंस्ड नजर आ रही है। टॉप ऑर्डर फॉर्म में है और मिडिल ऑर्डर भी मजबूत दिख रहा है। अपने घर में खेलने का फायदा भी उन्हें मिल सकता है। अगर लखनऊ को जीतना है तो बैटिंग क्लिक करनी ही पड़ेगी, वरना हैदराबाद भारी पड़ सकता है।

SRH vs LSG: क्या कहती है पिच?

हैदराबाद की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए अच्छी मानी जाती है, खासकर दिन के मैच में। यहां बड़े स्कोर बनने के चांस रहते हैं, जिससे मैच हाई-स्कोरिंग हो सकता है। यानी फैंस को चौके-छक्कों की बारिश देखने को मिल सकती है।

RCB vs CSK: दूसरे मुकाबले में असली हाई-वोल्टेज क्लैश

शाम का मैच असली मसाला लेकर आएगा। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (Royal Challengers Bengaluru) और चेन्नई सुपर किंग्स (Chennai Super Kings) की भिड़ंत हमेशा से खास रही है और इस बार भी फैंस को बड़ी टक्कर देखने को मिलेगी। RCB इस समय अच्छी फॉर्म में है और अपनी लय बरकरार रखना चाहेगी। वहीं CSK ने अभी तक वैसा खेल नहीं दिखाया है जैसा उनसे उम्मीद होती है। टीम की बॉलिंग और बैटिंग दोनों में थोड़ा असंतुलन नजर आया है। इस मैच में सबसे ज्यादा नजरें विराट कोहली (Virat Kohli) और ऋतुराज गायकवाड़ (Ruturaj Gaikwad) जैसे बड़े नामों पर रहेंगी, जो मैच का रुख बदल सकते हैं।

CSK vs RCB: क्या रहेगा मैच का मूड?

बेंगलुरु का मैदान आमतौर पर बल्लेबाजों का पसंदीदा होता है। यहां रन तेजी से बनते हैं और 200+ स्कोर भी सेफ नहीं माना जाता। ऐसे में यह मुकाबला भी हाई स्कोरिंग हो सकता है। RCB का कॉन्फिडेंस ज्यादा नजर आ रहा है, लेकिन CSK जैसी टीम को हल्के में लेना हमेशा खतरनाक होता है।