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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रेड डील पर ट्रंप का बड़ा बयान, कहा- ‘भारत के लिए कुछ नहीं बदला’

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अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ को रद्द करने के फैसले के 3 घंटे बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत के साथ ट्रेड डील में कोई बदलाव नहीं होगा.

ट्रंप ने कहा कि भारत उस पर पहले से तय किया गया टैरिफ देता रहेगा, जबकि अमेरिका कोई टैरिफ नहीं देगा. अमेरिका और भारत के बीच हुए ट्रेड डील के तहत अमेरिका ने भारतीय सामानों के आयात पर 18 परसेंट की दर से टैरिफ लगाने की बात कही थी, जो पहले लगाए गए 50 परसेंट के टैरिफ से कम है.

हालांकि, यहां दिलचस्प बात यह है कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के ट्रंप के लगाए गए टैरिफ को गैर-कानूनी मानने के बाद ट्रंप का भारत के लिए यह कहना हैरान कर देने वाला लगता है. वह भी तब जब कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप ने दुनियाभर पर 10 परसेंट के ग्लोबल टैरिफ का ऐलान कर दिया.

भारत के साथ ट्रेड डील पर ट्रंप ने क्या कहा?

प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के असर के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा, ”कुछ नहीं बदलेगा. वो टैरिफ देते रहेंगे और हम टैरिफ नहीं देंगे. भारत के साथ टैरिफ देने को लेकर डील हुई और वो टैरिफ देते रहेंगे. यह पहले जैसा नहीं है. मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री मोदी एक बहुत अच्छे सज्जन व्यक्ति हैं, असल में एक महान इंसान हैं, लेकिन वह अमेरिका के मामले में उन लोगों से कहीं ज्यादा स्मार्ट हैं, जिनके वह खिलाफ थे. वे हमें, भारत को लूट रहे थे इसलिए हमने भारत के साथ एक डील की. यह अब एक सही डील है और हम उन्हें टैरिफ नहीं दे रहे हैं और वे टैरिफ दे रहे हैं. हमने थोड़ा पलटवार किया.”

क्या भारत पर कम होगा टैरिफ?

हालांकि, इस बीच ऐसी भी खबरें आ रही हैं कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अमेरिका के साथ ट्रेड डील करने वाले पार्टनर्स को 10 परसेंट टैरिफ का ही सामना करना पड़ेगा. भले ही पहले हुई डील के तहत ज्यादा टैरिफ रेट पर ही सहमति क्यों न बनी हो. ऐसे में यह बात भारत पर भी लागू होती है.

इस बीच व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के हवाले से AFP ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि 10 परसेंट का ग्लोबल टैरिफ अस्थायी है क्योंकि ट्रंप प्रशासन पहले से तय हुए ज्यादा टैरिफ रेट को लागू करने के लिए कानूनी पैंतरे अपना सकता है.

‘पीएम मोदी फिर से करेंगे सरेंडर…’, टैरिफ पर US कोर्ट के फैसले के बीच राहुल गांधी ने साधा प्रधानमंत्री पर निशाना…

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को लेकर उठे विवाद ने अब भारत की सियासत में भी हलचल तेज कर दी है. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रंप के टैरिफ को अवैध करार दिए जाने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है.

राहुल ने आरोप लगाया है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील में देश के हितों से समझौता किया गया है और सच्चाई अब सामने आ रही है.

ट्रंप के टैरिफ पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ को रद्द करते हुए कहा कि राष्ट्रपति को इस तरह के शुल्क लगाने का अधिकार नहीं था. अदालत के फैसले के कुछ ही घंटों बाद ट्रंप ने वैश्विक स्तर पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी. उन्होंने कहा कि वह एक नए आदेश पर हस्ताक्षर करने जा रहे हैं, जिसके तहत दुनियाभर के देशों पर 10% ग्लोबल टैरिफ लागू होगा.

राहुल गांधी का पीएम मोदी पर सीधा वार

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा. उन्होंने लिखा कि ‘प्रधानमंत्री ने समझौता कर लिया है, उनका धोखा अब सामने आ गया है. वह दोबारा बातचीत नहीं कर सकते, वे फिर से सरेंडर कर देंगे.’

कांग्रेस लगातार आरोप लगाती रही है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील में भारतीय हितों, खासकर किसानों और छोटे कारोबारियों, की अनदेखी की गई है.

पहले भी उठा चुके हैं ट्रेड डील का मुद्दा

यह पहला मौका नहीं है जब राहुल गांधी ने ट्रेड डील और टैरिफ के मुद्दे पर सरकार को घेरा है. इससे पहले भी वह कई बार संसद और सार्वजनिक मंचों से प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों की आलोचना कर चुके हैं. बजट सत्र के दौरान भी इस मुद्दे पर जमकर राजनीतिक बयानबाजी और हंगामा देखने को मिला था.

भारत-अमेरिका ट्रेड डील

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर लंबे समय से बातचीत चल रही थी. कई सेक्टरों में मतभेद के बाद फरवरी की शुरुआत में सहमति बनी और 7 फरवरी को समझौते का ऐलान किया गया. समझौते के तहत भारतीय कृषि उत्पादों को अमेरिका में जीरो टैरिफ पर निर्यात की अनुमति दी गई, जबकि अमेरिकी कृषि उत्पादों को भारत में टैरिफ में कोई विशेष छूट नहीं दी गई. सरकार का दावा है कि किसानों और डेयरी क्षेत्र के हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है.

AI समिट में यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन पर मायावती की पहली प्रतिक्रिया, जानें- BSP चीफ ने क्या कहा?

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दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एआई इंपेक्ट समिट में यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन पर बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अर्धनग्न होकर प्रदर्शन को अशोभनीय बताया और कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समिट के दौरान ऐसा आचरण करना चिंता की बात है.

यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन पर मायावती की प्रतिक्रिया

बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन पर नाराजगी जताई. उन्होंने लिखा- ‘नई दिल्ली में आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट समिट’, जिसमें देश व विदेश के भी काफी प्रमुख लोग आमंत्रित थे तथा यह इवेन्ट अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खि़यों में था, इस दौरान जिन भी लोगों द्वारा अर्द्धनग्न होकर अपना रोष प्रकट किया है जिसमें अधिकतर कांग्रेसी युवा बताये जा रहे हैं, वह अति-अशोभनीय व निन्दनीय है.

अगर यह सम्मेलन अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का नहीं होता तो अलग बात थी, किन्तु समिट के दौरान ऐसा आचरण करना यह चिन्ता की बात है अर्थात अपने देश की गरिमा व इमेज को ना बिगाड़ा जाये तो यह उचित होगा.’

एआई समिट में किया था प्रोटेस्ट

बता दें कि शुक्रवार 20 फरवरी को दिल्ली में एआई समिट 2026 के दौरान यूथ कांग्रेस के 8-10 कार्यकर्ताओं ने भारत मंडपम परिसर में घुसकर भारत-अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था. कार्यकर्ताओं ने टीशर्ट उतार कर परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी की और ‘पीएम इज कॉम्प्रोमाइज्ड’ के नारे लगाए.

इस घटना के बाद पूरे परिसर में हड़कंप मच गया था. जिसके बाद वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने सभी कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया और तुरंत उन्हें इवेंट से दूर ले जाया गया.

इस घटना को लेकर सियासत भी गरम हो गई है. भारतीय जनता पार्टी ने इसे लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला. बीजेपी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने साबित कर दिया है कि वो एंटी नेशनल पार्टी है. जहां दुनिया भर में एआई समिट की तारीफ़ हो रही है वहीं राहुल गांधी की कांग्रेस इसका विरोध कर रही है. बीजेपी आज देशभर में इसके विरोध में प्रदर्शन भी कर रही है.

AI समिट के बीच हिमाचल के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला का बड़ा बयान, ‘नेताओं की जगह वैज्ञानिकों को…’

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हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने तकनीक और अध्यात्म के संगम पर जोर देते हुए विपक्ष को जमकर निशाने पर लिया है. राष्ट्र कथा में बतौर कथा वाचक पहुंचे जगद्गुरु रामभद्राचार्य मौजूद रहे, इस दौरान राज्यपाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि AI आज पूरे विश्व की अनिवार्य आवश्यकता बन चुकी है और भारत इस क्षेत्र में अब चीन की बराबरी करने की स्थिति में आ गया है.

उन्होंने तकनीक के विरोध को प्रगति में बाधक बताया है.

‘तकनीकी उपलब्धि का श्रेय वैज्ञानिकों को दें’

कांग्रेस द्वारा डिजिटल इंडिया और AI का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को दिए जाने के दावों पर राज्यपाल ने कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि देश की किसी भी तकनीकी उपलब्धि का श्रेय राजनेताओं के बजाय उन वैज्ञानिकों को मिलना चाहिए, जिन्होंने अपनी मेहनत से देश को इस मुकाम पर पहुंचाया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रेय की राजनीति के बजाय प्रतिभा के सम्मान की संस्कृति विकसित होनी चाहिए.

राजनीतिक दलों द्वारा मुफ्त सुविधाओं के वादों (रेवड़ी कल्चर) पर बोलते हुए राज्यपाल ने सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणी का पुरजोर समर्थन किया. उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए लोगों को ‘रेवड़ी’ यानी मुफ्त की चीजें देने के बजाय ‘नौकरी और स्वरोजगार’ के अवसर प्रदान करने चाहिए. युवाओं के हाथ में कौशल होगा तभी आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा.

पीएम मोदी की तारीफ की

मंच से अपने संबोधन में शिव प्रताप शुक्ला ने विपक्षी दलों पर जमकर प्रहार किया. उन्होंने कहा, “अगर किसी को राजनीति ही करनी है, तो राम के नाम पर करो, क्योंकि राम के बिना भारत की कल्पना भी संभव नहीं है. राम हैं तो सब कुछ है.”

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि आज पूरा विश्व उन्हें ‘बॉस’ के रूप में स्वीकार कर रहा है. उन्होंने अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण का श्रेय प्रधानमंत्री की इच्छाशक्ति को देते हुए कहा कि हम सभी को राम के मार्ग पर चलना चाहिए, तभी हमारे सभी संकल्प और कार्य पूर्ण होंगे.

Social Media Ban: इन देशों में बच्चों के लिए बैन है Insta-Facebook, जानें भारत में क्या है नियम?

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ऑस्ट्रेलिया दुनिया का पहला ऐसा देश है जिसने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया इस्तेमाल पर पूरी तरह से बैन लगा दिया है. यह कानून दिसंबर 2025 में पूरी तरह से लागू हुआ और इसके तहत प्लेटफार्म ने उम्र वेरिफिकेशन को सख्ती से लागू किया गया.

जो कंपनियां इसका पालन नहीं करती उन्हें भारी पेनल्टी लग सकती है.

फ्रांस ने भी 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए माता-पिता की सहमति के बिना सोशल मीडिया एक्सेस पर बैन लगाकर कड़ा रुख अपनाया है. फ्रांस के प्रेसिडेंट इमैनुएल मैक्रों ने बच्चों की डिजिटल सेफ्टी पर दुनिया भर में मजबूत सहयोग की खुलकर वकालत की है और भारत समेत कुछ दूसरे देशों को भी ऐसे ही सुरक्षा उपाय अपनाने के लिए कहा है.

कई यूरोपियन देश इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. डेनमार्क ने 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया एक्सेस पर रोक लगा दी है. इसी के साथ नॉर्वे ने अपनी मिनिमम उम्र सीमा बढ़ाकर 15 करने का प्रस्ताव दिया है. स्पेन 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर बैन लगाने की तैयारी कर रहा है.

भारत में अभी इंस्टाग्राम या फेसबुक जैसे प्लेटफार्म इस्तेमाल करने वाले बच्चों पर देशभर में कोई बैन नहीं है. ज्यादातर प्लेटफार्म ने अपनी मिनिमम उम्र की जरूरत 13 साल तय की है. हालांकि भारत सरकार ने मिनिमम उम्र को 16 साल तक बढ़ाने और बड़े कंप्लायंस स्टैंडर्ड लाने पर सलाह मशविरा शुरू कर दी है.

डिजिटल पर्सनल डाटा प्रोटक्शन एक्ट बच्चों के पर्सनल डाटा को प्रोसेस करने के लिए माता-पिता की सहमति को जरूरी बनाता है. यह कानून पहले से ही नाबालिगों की ऑनलाइन प्राइवेसी को सुरक्षित रखने के लिए एक फ्रेमवर्क बनाता है.

सरकार नाबालिगों को नियमों को बायपास करने से रोकने के लिए उम्र वेरिफिकेशन के सख्त तरीकों पर विचार कर रही है. इसके अलावा पॉलिसी बनाने वाले बच्चों के लिए एडिक्टिव डिजाइन फीचर जैसे कि एंडलेस स्क्रॉलिंग और एल्गोरिथम ड्रिवन कंटेंट लूप को लिमिट करने पर चर्चा कर रहे हैं.

CG: बस्तर हेरिटेज मैराथन का आयोजन 22 मार्च को…

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वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने चित्रकोट महोत्सव के दौरान किया बस्तर हेरिटेज मैराथन के लोगो का अनावरण’

बस्तर में खेल एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित होने वाले बस्तर हेरिटेज मैराथन का आयोजन आगामी 22 मार्च को किया जाएगा। चित्रकोट महोत्सव के समापन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने बस्तर हेरिटेज मैराथन के आधिकारिक लोगो का अनावरण किया।

कलेक्टर बस्तर ने बताया कि बस्तर हेरिटेज मैराथन का आयोजन 22 मार्च को किया जाएगा, जिसमें 5 किमी, 10 किमी, 21 किमी और 42 किमी की दौड़ प्रतियोगिता होगी। प्रतियोगिता चित्रकोट जलप्रपात से प्रारंभ होकर कुरुषपाल तक 21 किमी जाकर वापस चित्रकोट में समाप्त होगी। पाँच किलोमीटर की दौड़ चित्रकोट से मारडूम चौक तक, दस किमी की दौड़ एसटीएफ कैम्प से वापस चित्रकोट तक होगी।

वन मंत्री श्री कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि पहली बार बस्तर हेरिटेज मैराथन का आयोजन किया जा रहा है स यह केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि युवाओं में फिटनेस, अनुशासन एवं सकारात्मक जीवनशैली को प्रोत्साहित करने की पहल है। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में भागीदारी का आह्वान किया।

इस अवसर पर बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप, विधायक श्री विनायक गोयल, पूर्व विधायक श्री लच्छूराम कश्यप सहित अन्य जनप्रतिनिधि, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

CG: रहस्यमयी विष्णु मंदिर, कलचुरी काल की अमर धरोहर; इतिहास, शिल्पकला और रहस्य का अद्भुत संगम…

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पत्थरों में दर्ज इतिहास: जहाँ हर पत्थर कहती है एक कहानी…

रहस्यमयी विष्णु मंदिर, कलचुरी काल की अमर धरोहर; इतिहास, शिल्पकला और रहस्य का अद्भुत संगम

छत्तीसगढ़ के जांजगीर नगर में स्थित विष्णु मंदिर, जिसे स्थानीय रूप से ‘नकटा मंदिर’ भी कहा जाता है, प्रदेश की महत्वपूर्ण पुरातात्विक एवं सांस्कृतिक धरोहरों में गिना जाता है। महानदी अंचल की ऐतिहासिक भूमि पर निर्मित यह मंदिर अपनी अधूरी संरचना के कारण सदियों से जिज्ञासा और आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

कलचुरी काल की स्थापत्य विरासत

इतिहासकारों के अनुसार इस मंदिर का निर्माण 11वीं-12वीं शताब्दी में कलचुरी शासकों के काल में प्रारंभ हुआ था। उस समय छत्तीसगढ़ क्षेत्र कला, स्थापत्य और धार्मिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र था। मंदिर की संरचना नागर शैली में निर्मित है, जिसमें ऊँचा शिखर, अलंकृत गर्भगृह तथा सुसज्जित मंडप की परिकल्पना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। हालांकि निर्माण कार्य किसी अज्ञात कारण से अधूरा रह गया, किंतु जो संरचना आज विद्यमान है, वह उस युग की समृद्ध कला और स्थापत्य कौशल का जीवंत प्रमाण प्रस्तुत करती है।

अद्वितीय शिल्पकला और सूक्ष्म नक्काशी

मंदिर की दीवारों, स्तंभों और आधार भागों पर की गई बारीक नक्काशी अत्यंत आकर्षक है। इनमें विभिन्न पौराणिक प्रसंग, देवी-देवताओं की प्रतिमाएँ, गंधर्व, अप्सराएँ और अलंकारिक रूपांकन उकेरे गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मूर्तियों के अनुपात, भाव-भंगिमा और अलंकरण शैली से तत्कालीन शिल्पियों की उच्च कोटि की दक्षता का परिचय मिलता है। प्रत्येक आकृति मानो किसी कथा का दृश्य रूपांतरण हो, जो भारतीय धर्म और संस्कृति की गहराई को अभिव्यक्त करता है।

अधूरापन: रहस्य और किंवदंती

मंदिर के अधूरे रह जाने को लेकर कई मत प्रचलित हैं। कुछ इतिहासकार इसे राजनीतिक अस्थिरता या सत्ता परिवर्तन से जोड़ते हैं, जबकि स्थानीय लोककथाओं में इसे दैवीय संकेत या अलौकिक कारणों से संबंधित बताया जाता है। यद्यपि सटीक कारणों का स्पष्ट प्रमाण उपलब्ध नहीं है, किंतु यही अधूरापन इस मंदिर को विशिष्ट पहचान प्रदान करता है। यह अधूरी रचना भी पूर्ण सौंदर्य का अनुभव कराती है और दर्शकों को इतिहास के उस कालखंड में ले जाती है, जब कला और आस्था का अद्भुत संगम हुआ करता था।

आस्था और पर्यटन का प्रमुख केंद्र

आज यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का स्थल होने के साथ-साथ पर्यटकों और शोधकर्ताओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र है। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान में इस मंदिर का विशेष स्थान है। पुरातात्विक महत्व के कारण इसे संरक्षित स्मारक के रूप में देखा जाता है और प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर भी यह महत्वपूर्ण पड़ाव है। मंदिर परिसर में खड़े होकर ऐसा प्रतीत होता है मानो समय ठहर गया हो और पत्थरों में इतिहास बोल रहा हो।

विरासत जो अधूरी होकर भी पूर्ण है

जांजगीर का विष्णु मंदिर यह संदेश देता है कि विरासत केवल पूर्ण संरचनाओं में ही नहीं, बल्कि अधूरी कहानियों में भी जीवित रहती है। इसकी भव्यता, शिल्प और रहस्य आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते रहेंगे। अधूरा होकर भी यह मंदिर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना में पूर्ण रूप से प्रतिष्ठित है, और यही इसकी सबसे बड़ी विशेषता है।

CG: सकारात्मक सोच ही सफलता की कुंजी, युवा बदलेंगे भारत का भविष्य” वार्षिक स्नेह सम्मेलन हर्षोल्लास से सम्पन्न…

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– राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा –

बाबू छोटे लाल श्रीवास्तव स्नातकोत्तर महाविद्यालय में वार्षिक स्नेह सम्मेलन हर्षोल्लास से सम्पन्न’

धमतरी स्थित बाबू छोटे लाल श्रीवास्तव स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आज वार्षिक स्नेह सम्मेलन उत्साह और उमंग के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का जो संकल्प लिया गया है, उसमें शिक्षा और स्वास्थ्य की निर्णायक भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा विकास की आधारशिला है और आज का युवा नई तकनीकों का कुशल उपयोग कर स्वयं को ऊँचाइयों तक पहुंचा रहा है। एक सकारात्मक विचार जीवन की दिशा बदल सकता है। विचार ही सामान्य व्यक्ति को असाधारण बनाते हैं।उन्होंने युवाओं से नकारात्मकता से दूर रहकर सकारात्मक सोच अपनाने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार घोषणाओं से अधिक कार्यों में विश्वास रखती है।

इस अवसर पर मंत्री श्री वर्मा ने विद्यार्थियों के आग्रह पर छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध लोकगायक लक्ष्मण मस्तुरिया का लोकप्रिय गीत प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन कर प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह भी प्रदान किए।

महापौर रामू रोहरा ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश निरंतर विकास के नए आयाम गढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि धमतरी विधानसभा क्षेत्र में बीते दो वर्षों में लगभग 250 करोड़ रुपये के विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 500 सीटर नालंदा परिसर, विधि विभाग भवन, हाईटेक बस स्टैंड, प्रमुख मार्गों का उन्नयन, ऑडिटोरियम, इंडोर स्टेडियम, विद्युत स्टेशन तथा सिहावा चौक से कोलियरी और रत्नाबांधा चौक से मुजगहन तक सड़क चौड़ीकरण जैसे कार्य शामिल हैं।

प्राचार्य श्री विनोद पाठक ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं खेल उपलब्धियों की जानकारी दी। इस अवसर पर पूर्व विधायक रंजना साहू, जनपद पंचायत अध्यक्ष अंगिरा ध्रुव, नगर निगम सभापति कौशल्या देवांगन सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

CG: शतक’ फिल्म राष्ट्रसेवा जीवंत दस्तावेज: महिला बाल विकास मंत्री ने प्रथम दिवस देखी फिल्म, युवाओं से की प्रेरणा लेने की अपील…

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की प्रेरक यात्रा पर बनी फिल्म ‘शतक’ के रिलीज के पहले दिन महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने फिल्म देखी। इस फिल्म में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी यात्रा, संगठन की शक्ति, अनुशासन, सेवा और सांस्कृतिक मूल्यों की समृद्ध परंपरा का भावनात्मक एवं प्रभावशाली चित्रण किया गया है। यह फिल्म राष्ट्र जीवन में संघ के योगदान, त्याग और समर्पण की प्रेरक गाथा को दर्शाती है।

श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े

मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि रिलीज के पहले दिन ‘शतक’ फिल्म देखकर मुझे अत्यंत गर्व और आत्मिक संतोष का अनुभव हुआ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सेवा, समर्पण और राष्ट्रहित को सर्वाेपरि रखते हुए समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि ‘शतक’ केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा और संगठन की शक्ति का जीवंत दस्तावेज है। श्रीमती राजवाड़े ने प्रदेश के सभी नागरिकों, विशेषकर युवाओं से आग्रह किया है कि वे इस प्रेरणादायी फिल्म को अवश्य देखें और राष्ट्र निर्माण के इस महान विचार से प्रेरणा लें।

CG: दुर्घटनाग्रस्त पात्र व्यक्ति को दुर्घटना की तिथि से 7 दिनों तक 1.5 लाख तक का कैशलेस उपचार प्रदान किया जाएगा…

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पीएमराहत योजना का शुभारंभ 13 फरवरी 2026′

रायपुर: माननीय प्रधानमंत्री द्वारा 13 फरवरी 2026 को PM-RAHAT (Road Accident Victim Hospitalization and Assured Treatment) योजना का शुभारंभ किया गया। पूर्व में यह योजना CTRAV के नाम से जानी जाती थी। योजना के अंतर्गत किसी भी श्रेणी की सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त पात्र व्यक्ति को दुर्घटना की तिथि से 7 दिनों तक ₹1.5 लाख तक का कैशलेस उपचार प्रदान किया जाएगा।

Ministry of Road Transport & Highways के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली लगभग 50% मौतों को समय पर अस्पताल में भर्ती कराकर रोका जा सकता है। पीएम-राहत योजना का उद्देश्य ‘गोल्डन आवर’ के दौरान त्वरित और नि:शुल्क उपचार सुनिश्चित करना है।

योजना का क्रियान्वयन Ministry of Road Transport & Highways के eDAR प्लेटफॉर्म तथा National Health Authority के TMS 2.0 के एकीकृत डिजिटल तंत्र के माध्यम से किया जाएगा, जिससे दुर्घटना रिपोर्टिंग से लेकर क्लेम निपटान तक की प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध होगी।

अस्पतालों को भुगतान मोटर व्हीकल एक्सीडेंट फंड (MVAF) के माध्यम से किया जाएगा तथा स्वीकृत दावों का भुगतान 10 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा।

यह योजना सुनिश्चित करती है कि किसी भी सड़क दुर्घटना पीड़ित को आर्थिक अभाव के कारण जीवनरक्षक उपचार से वंचित न होना पड़े।