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केरल चुनाव: बेपोर में अमित शाह के रोड शो से उत्साहित जनता बोली, हम चाहते हैं बदलाव…

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केरल विधानसभा चुनाव में एनडीए उम्मीदवार केपी प्रकाश बाबू के समर्थन में रोड शो के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार को बेपोर पहुंचे। इस रोड शो को लेकर स्थानीय लोगों और भाजपा समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

यह रोड शो मथोट्टम बिजिथ जंक्शन से शुरू होकर नदुवट्टम और पेराचनंगड़ी जैसे प्रमुख इलाकों से गुजरेगा। यह कार्यक्रम 9 अप्रैल को होने वाले केरल विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए के चुनाव प्रचार अभियान का अहम हिस्सा है।

रोड शो से पहले ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुटने लगे हैं। एक स्थानीय निवासी ने आईएएनएस से कहा, “हमारे नेता अमित शाह के लिए यहां बहुत लोग इकट्ठा हुए हैं। हम बहुत खुश हैं।”

वहीं, एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “हम बदलाव चाहते हैं और चाहते हैं कि यहां भाजपा की सरकार बने। अमित शाह के आने को लेकर हम उत्साहित हैं।”

एक भाजपा समर्थक ने दावा किया, “इस बार हर सीट भाजपा को मिलेगी। हम बदलाव चाहते हैं और हमारा समर्थन अमित शाह के साथ है।” एक अन्य स्थानीय व्यक्ति ने भी उम्मीद जताई कि इस बार राज्य में भाजपा की सरकार बने और शीर्ष नेतृत्व का दौरा इस दिशा में अहम साबित होगा।

रोड शो को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।

इससे पहले शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल के तिरुवल्ला में एक जनसभा को संबोधित किया था। उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत ‘जय केरलम! जय विकसित केरलम!’ के नारों के साथ की।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि केरल में एनडीए के प्रति लोगों का बढ़ता विश्वास साफ नजर आ रहा है। उन्होंने खासतौर पर महिलाओं के समर्थन का जिक्र करते हुए कहा कि इस बार राज्य का माहौल बदला हुआ दिख रहा है और यह एक बड़े बदलाव की ओर इशारा करता है।

ईरान ने अमेरिकी हवाई ताकत को दी चुनौती, नई रक्षा प्रणाली बनी चर्चा का केंद्र…

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पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच ईरान ने पिछले 48 घंटों में ऐसी सैन्य कार्रवाई का दावा किया है, जिसने अमेरिकी हवाई वर्चस्व पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ईरान के मुताबिक, उसने दो अमेरिकी सैन्य विमानों और कम से कम तीन हेलीकॉप्टरों जिनमें दो ब्लैक हॉक शामिल हैं को निशाना बनाया। इस घटनाक्रम ने न केवल क्षेत्रीय तनाव को बढ़ाया है, बल्कि आधुनिक युद्ध तकनीकों को लेकर भी नई बहस छेड़ दी है।

नई एयर डिफेंस प्रणाली से मिली सफलता

ईरानी सेना ने इन हमलों की सफलता का श्रेय अपनी नई विकसित हवाई रक्षा प्रणाली को दिया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने संकेत दिया है कि हाल ही में अमेरिकी एफ-15ई स्ट्राइक ईगल को मार गिराने में इसी उन्नत तकनीक का इस्तेमाल किया गया। एफ-15ई के गिरने के बाद जब उसके चालक दल की तलाश के लिए अमेरिकी सेना ने दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर भेजे, तो वे भी हमले की चपेट में आ गए। हालांकि ये हेलीकॉप्टर किसी तरह ईरानी हवाई क्षेत्र से बाहर निकलने में सफल रहे। इसी दौरान ईरान ने कुवैत के ऊपर एक अमेरिकी ए-10 वार्थोग विमान को भी मार गिराने का दावा किया है।

पारंपरिक रडार से हटकर नई रणनीति

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान अब पारंपरिक रडार-आधारित प्रणालियों से हटकर इन्फ्रारेड और मोबाइल एयर डिफेंस सिस्टम पर ज्यादा निर्भर हो गया है। ये सिस्टम दुश्मन विमानों को बिना अपनी स्थिति उजागर किए ट्रैक कर सकते हैं, जिससे उन्हें नष्ट करना बेहद कठिन हो जाता है। विशेष रूप से “माजिद” नामक इन्फ्रारेड एयर डिफेंस सिस्टम की चर्चा हो रही है। यह प्रणाली रडार सिग्नल उत्सर्जित नहीं करती, बल्कि निष्क्रिय इन्फ्रारेड सेंसर का उपयोग करती है। इसका मतलब है कि यह दुश्मन विमान से निकलने वाली ऊष्मा (हीट सिग्नेचर) को पकड़कर उसे निशाना बनाती है।

माजिद सिस्टम: कम दृश्यता, ज्यादा घातक क्षमता

माजिद प्रणाली की मारक क्षमता करीब 8 किलोमीटर दूरी और 6 किलोमीटर ऊंचाई तक बताई जाती है, जबकि इसके सेंसर लगभग 15 किलोमीटर तक लक्ष्य को पहचान सकते हैं। इसमें प्रॉक्सिमिटी फ्यूज का उपयोग होता है, जिससे मिसाइल लक्ष्य के पास पहुंचते ही स्वतः विस्फोट कर देती है। सबसे अहम बात यह है कि यह सिस्टम एक साथ आठ मिसाइलों को तैनात कर सकता है और बाहरी “कशेफ-99” फेज्ड ऐरे रडार से जुड़कर 30 किलोमीटर तक लक्ष्य ट्रैक करने में सक्षम है।

स्टेल्थ विमान भी नहीं सुरक्षित?

विश्लेषकों का कहना है कि यही तकनीक मार्च में अमेरिकी एफ-35 स्टेल्थ फाइटर जेट को नुकसान पहुंचाने में भी इस्तेमाल की गई हो सकती है। एफ-35 को दुनिया के सबसे उन्नत स्टेल्थ विमानों में गिना जाता है, लेकिन उसकी इंजन से निकलने वाली गर्मी उसे इन्फ्रारेड मिसाइलों के लिए संवेदनशील बना देती है। इससे यह संकेत मिलता है कि भविष्य के युद्धों में स्टेल्थ तकनीक के साथ-साथ इन्फ्रारेड सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण होगी।

एसीमिट्रिक वॉरफेयर: ईरान की नई रणनीति

ईरान की हालिया सफलता के पीछे उसकी “एसीमिट्रिक वॉरफेयर” यानी असमान युद्ध रणनीति का बड़ा हाथ है। इस रणनीति में पारंपरिक ताकत की बजाय लचीले और अप्रत्याशित तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है। पिछले साल 12 दिन के संघर्ष के बाद ईरान ने अपनी रक्षा नीति में बड़ा बदलाव किया। उसने स्थायी एयर डिफेंस ठिकानों की जगह भूमिगत सुरंगों, मिसाइल शहरों और मोबाइल लॉन्चरों पर जोर देना शुरू किया।

शूट एंड स्कूट” रणनीति से बढ़ी चुनौती

ईरान की मोबाइल सतह से हवा में मार करने वाली प्रणालियां “शूट एंड स्कूट” रणनीति पर काम करती हैं। यानी मिसाइल दागने के तुरंत बाद वे अपनी लोकेशन बदल लेती हैं। इससे दुश्मन के लिए उन्हें ट्रैक कर नष्ट करना बेहद मुश्किल हो जाता है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के अनुसार, लगातार हमलों के बावजूद ईरान के करीब आधे मिसाइल लॉन्चर अब भी सुरक्षित हैं, जो उसकी रणनीति की सफलता को दर्शाता है।

रूस और चीन से संभावित सहयोग

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने रूस से 500 “वेरबा” मैन-पोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम (MANPADS) खरीदने का समझौता किया है। ये कंधे पर रखकर दागे जाने वाले आधुनिक मिसाइल सिस्टम हैं, जो कम ऊंचाई पर उड़ने वाले विमानों और हेलीकॉप्टरों के लिए बेहद खतरनाक होते हैं। इसके अलावा, कुछ विश्लेषकों ने चीन की HQ-9B लंबी दूरी की मिसाइल प्रणाली के संभावित उपयोग की भी आशंका जताई है। यह प्रणाली रडार और इन्फ्रारेड दोनों प्रकार के मार्गदर्शन का उपयोग करती है, जिससे इसकी प्रभावशीलता और बढ़ जाती है।

अमेरिकी हवाई वर्चस्व पर सवाल

अमेरिकी सैन्य इतिहास में पिछले 20 वर्षों में पहली बार इतने कम समय में इस स्तर पर विमानों को नुकसान पहुंचने की खबर सामने आई है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन यदि ये सही साबित होते हैं, तो यह अमेरिका की हवाई श्रेष्ठता के लिए बड़ा झटका हो सकता है।

LPG Oil Crisis: ईरान ने भारत को तेल देने से किया मना, पेमेंट की वजह से चीन गया जहाज? सरकार ने क्या कहा..

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India Iran Oil Trade News: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) को लेकर कई तरह की अफवाहें उड़ रही थीं। मुख्य विवाद ईरान से आने वाले एक तेल टैंकर को लेकर था, जिसके बारे में कहा गया कि पेमेंट की समस्या के कारण वह भारत के बजाय चीन चला गया।

हालांकि, भारत सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय ने इन खबरों को पूरी तरह गलत बताया है। सरकार ने साफ किया है कि भारत की तेल और गैस सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है और टैंकरों का रास्ता बदलना एक सामान्य व्यापारिक प्रक्रिया है।

Crude oil tanker diversion: क्या है तेल टैंकर विवाद?

सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि ईरान से 6 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर गुजरात आ रहा एक जहाज पेमेंट न हो पाने के कारण चीन की तरफ मुड़ गया। मंत्रालय ने इस पर स्पष्टीकरण दिया कि समुद्री व्यापार में जहाजों का रास्ता बदलना सामान्य बात है। कई बार बेहतर डील या ऑपरेशनल जरूरतों की वजह से जहाज का गंतव्य (Destination) बीच रास्ते में बदला जाता है। इसे पेमेंट की समस्या से जोड़ना गलत है, क्योंकि भारत को तेल सप्लाई करने में कोई बाधा नहीं है।

कैसे होता है तेल का व्यापार?

सरकार ने समझाया कि तेल का अंतरराष्ट्रीय व्यापार बहुत लचीला होता है। जब कोई जहाज चलता है, तो उसके कागजों (Bill of Lading) पर एक संभावित पोर्ट का नाम होता है। लेकिन यात्रा के दौरान अगर कंपनी को कहीं और बेहतर जरूरत महसूस होती है, तो वे जहाज को दूसरी जगह भेज सकते हैं। इसे ‘कार्गो ऑप्टिमाइजेशन’ कहते हैं। भारत 40 से अधिक देशों से तेल खरीदता है, इसलिए एक जहाज के मुड़ने से देश की सप्लाई पर कोई फर्क नहीं पड़ता।

LPG Oil Crisis: सुरक्षित है एलपीजी की सप्लाई

कच्चे तेल के साथ-साथ एलपीजी (LPG) को लेकर भी स्थिति साफ की गई है। मंत्रालय के अनुसार, ईरान से आया ‘सी बर्ड’ नामक जहाज हाल ही में मैंगलोर पोर्ट पर गैस उतार चुका है। भारत में रसोई गैस की कोई कमी नहीं है। इसके अलावा, भारतीय ध्वज वाले जहाज लगातार होर्मुज स्ट्रेट जैसे संवेदनशील इलाकों से सुरक्षित गुजर रहे हैं। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि आने वाले महीनों के लिए देश के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और घबराने की जरूरत नहीं है।

Hormuz Strait LPG supply: होर्मुज स्ट्रेट और भारतीय जहाज

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जहां से भारत का काफी तेल और गैस आता है। युद्ध के माहौल के बावजूद, ‘ग्रीन सान्वी’ नाम का भारतीय एलपीजी टैंकर इस रास्ते से सुरक्षित निकल चुका है। यह इस मार्ग को पार करने वाला सातवां भारतीय जहाज है। इसमें लगभग 44,000 टन एलपीजी है। इसके पीछे-पीछे ‘ग्रीन आशा’ और ‘जग विक्रम’ जैसे अन्य जहाज भी भारत की ओर बढ़ रहे हैं, जो हमारी मजबूत सप्लाई चेन को दिखाते हैं।

अफवाहों पर सरकार का जवाब

पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ कहा है कि भारत अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए किसी एक देश पर निर्भर नहीं है। भारतीय रिफाइनिंग कंपनियां अपनी मर्जी और कमर्शियल फायदों के हिसाब से तेल के स्रोत चुनती हैं। ईरान के साथ पेमेंट को लेकर कोई तकनीकी दिक्कत नहीं है। मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही बिना सिर-पैर की खबरों पर यकीन न करें, क्योंकि भारत की एनर्जी सप्लाई की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

CG: बंगाल चुनाव में भाजपा विधायक ने संभाली प्रचार की कमान, सभाओं में मांगा समर्थन…

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए दो चरणों में मतदान होगा। जबकि मतगणना चार मई को की जाएगी। भाजपा ने छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के नवागढ़ विधायक एवं खाद्य मंत्री दयालदास बघेल को प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को और दूसरा चरण 29 अप्रैल को होगा। मतगणना चार मई को की जाएगी, जिससे राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं।

भारतीय जनता पार्टी ने इस चुनाव में छत्तीसगढ़ के नेताओं को उतारा है। बेमेतरा जिले के विधायक दयालदास बघेल को प्रचार की जिम्मेदारी मिली है। वह छत्तीसगढ़ के खाद्य मंत्री भी हैं। बघेल ने चुनाव प्रवास के दौरान कार्यकर्ताओं और मतदाताओं से संवाद किया।

उन्होंने कुलतली क्षेत्र से लौटते समय आज पेटकुलचंद ब्रिज पर नुक्कड़ सभा की। यहां उन्होंने भाजपा के पक्ष में मतदान करने की अपील की। बघेल ने केंद्र सरकार की योजनाओं और पार्टी की नीतियों को बताया। उन्होंने राज्य में परिवर्तन की आवश्यकता पर जोर दिया। कुलतली विधानसभा क्षेत्र के तेनतुलबेरिया चौक में भी उन्होंने सभा को संबोधित किया। उन्होंने विकास और सुशासन के लिए बदलाव को जरूरी बताया।

कुलतली विधानसभा क्षेत्र में भाजपा ने पहली बार महिला प्रत्याशी उतारा है। इसे लेकर कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह देखा जा रहा है। मंत्री बघेल ने इसे महिला सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने अपने चुनावी दौरे में संगठनात्मक बैठकों में भी भाग लिया। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति मोर्चा के निर्देश पर बैठकें आयोजित की गईं।

भाजपा द्वारा छत्तीसगढ़ के नेताओं को बंगाल चुनाव में उतारना रणनीति का हिस्सा है। पार्टी अनुभवी नेताओं के जरिए संगठन को मजबूत करना चाहती है। इसका उद्देश्य मतदाताओं तक अपनी पहुंच प्रभावी बनाना है। यह कदम पार्टी की राष्ट्रीय विस्तार की महत्वाकांक्षा दर्शाता है। इससे स्थानीय और राष्ट्रीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जा सकेगा।

छत्तीसगढ़ की बड़ी छलांग, खनिज राजस्व प्राप्ति में 14 प्रतिशत का इजाफा, खनिज 2.0 प्लेटफॉर्म…

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खनिज राजस्व में कुल 14 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है. इस सफलता का श्रेय बेहतर प्रबंधन और तकनीक को दिया जा रहा है. 31 मार्च को नक्सलवाद के लगभग खात्मे का ऐलान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कर दिया. नक्सलवादी हिंसा का असर बीते एक साल में तेजी से प्रदेश में कम हुआ. इसका सीधा फायदा छत्तीसगढ़ को खनिज राजस्व के क्षेत्र में होता दिखाई दे रहा है. साल 2025–26 में 16,625 करोड़ की खनिज राजस्व प्राप्ति हुई है जो कि पिछले आंकड़ों की तुलना में करीब 14 प्रतिशत ज्यादा है.

छत्तीसगढ़ की बड़ी छलांग

खनिज विभाग के सचिव पी दयानंद ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा, छत्तीसगढ़ ने वित्तीय वर्ष 2025–26 में 16,625 करोड़ का खनिज राजस्व प्राप्त कर नया रिकार्ड बनाया है. पी दयानंद ने कहा, लक्ष्य सुशासन, प्रभावी नीति क्रियान्वयन और मजबूत निगरानी व्यवस्था की वजह से हासिल हुई. यह उपलब्धि न केवल प्रभावी प्रशासनिक रणनीति का परिणाम है, बल्कि राज्य की खनिज आधारित अर्थव्यवस्था की मजबूती को भी दिखाती है.

खनिज राजस्व प्राप्ति में 14 प्रतिशत का इजाफा

इस वर्ष खनिज राजस्व में 14 प्रतिशत की वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि दर्ज की गई है, जो पिछले पांच वर्षों की औसत वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) 6 प्रतिशत से दोगुनी से भी अधिक है. खनिज राजस्व में इस वृद्धि के प्रमुख कारकों में एनएमडीसी (NMDC) तथा अन्य सार्वजनिक उपक्रमों के लिए डिस्पैच रूट्स का प्रभावी अनुकूलन शामिल है. इसके साथ ही, ‘खनिज 2.0’ (Khanij 2.0) जैसे आईटी-आधारित प्लेटफॉर्म के माध्यम से पारदर्शिता, निगरानी और संचालन में सुधार हुआ है. शासन के प्रयासों से राजस्व में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है. इस बढ़ोत्तरी से राज्य की आर्थिक स्थिति पहले से और बेहतर हुई. राज्य को जब ज्यादा आय मिलेगी तो वो उससे विकास के कार्यों पर और अधिक मात्रा में खर्च कर पाएगा

खनिज 2.0 प्लेटफॉर्म

आने वाले वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार का विशेष ध्यान गौण खनिजों को भी ‘खनिज 2.0’ प्लेटफॉर्म से जोड़ने पर होगा, जिससे संपूर्ण खनन प्रणाली को डिजिटल और एकीकृत बनाया जा सके. इसके अतिरिक्त, खनिज परिवहन की निगरानी को और अधिक मजबूत करने के लिए वीटीएस (VTS), आई-चेक गेट्स (iCheck Gates) तथा ड्रोन आधारित निगरानी प्रणाली को बड़े स्तर पर लागू किया जाएगा. शासन का उद्देश्य खनिज संसाधनों के प्रबंधन में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए राजस्व में सतत वृद्धि करना है. इन प्रयासों से न केवल राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि विकास कार्यों के लिए संसाधनों की उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी.

CG: नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पहली बार हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार…

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दुर्ग पुलिस ने हाइड्रोपोनिक गांजा के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने दोनों के आरोपियों के पास से 2 किग्रा सामान्य गांजा और 2.3 ग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा, नगदी समेत अन्य सामग्री बरामद की है।

प्रकरण में मादक पदार्थ के स्रोत एवं अन्य संलिप्त व्यक्तियों की तलाश की जा रही है। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस के तहत कार्रवाई कर न्यायालय में पेश कर दिया है।

पुलिस प्रवक्ता एएसपी मणिशंकर चन्द्रा ने बताया कि शनिवार को मुखबीर से सूचना मिली कि बोरसी रोड स्थित बीज विकास निगम के पास रुआबांधा क्षेत्र में कुछ व्यक्ति गांजा बेच रहे हैं।

जिसके बाद पुलिस ने तलाशी अभियान चलाकर दोनों युवकों को हिरासत में लिया गया। युवकों की तलाशी में उनके पास से हाइड्रोपोनिक गांजा और सामान्य गांजा समेत अन्य सामग्री बरामद किया है।

पुलिस ने विक्रम साहू निवासी तालपुरी और यश विश्वकर्मा निवासी हुडको को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने इनके पास से 2 किग्रा गांजा और 2.3 ग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा, 40 हजार नगदी व अन्य सामग्री बरामद की है। पुलिस ने दो युवकों को एनडीपीएस के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है।

हाइड्रोपोनिक गांजा की कीमत एक लाख और सामान्य गांजा की कीमत एक लाख रुपये आंकी गई है।

सीएम विष्णु देव साय ने पीएम मोदी को दिया जीत का श्रेय, शहीदों को किया नमन

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के 31 मार्च 2026 को माओवादी आतंक से मुक्त होने पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह, शहीद जवानों, बस्तर की जनता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र, सुरक्षा बलों और बस्तर की जनता के सामूहिक संकल्प का परिणाम है।

उन्होंने सर्वप्रथम देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के साहसपूर्ण और दूरदर्शी नेतृत्व के प्रति आभार प्रकट किया, जिनके मार्गदर्शन, संकल्प और सतत प्रेरणा ने माओवादी हिंसा के विरुद्ध इस निर्णायक अभियान को दिशा दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने वर्ष 2015 में दंतेवाड़ा में प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए उस संदेश को भी स्मरण किया, जिसमें उन्होंने हिंसा का मार्ग छोड़ने का आह्वान करते हुए युवाओं से मानवता के दृष्टिकोण से सोचने की प्रेरणा दी थी।

मुख्यमंत्री साय ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रति भी विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया और उन्हें माओवादी उन्मूलन की रणनीति का प्रमुख शिल्पी बताया। उन्होंने कहा कि अमित शाह ने रायपुर में 31 मार्च 2026 तक माओवाद समाप्त करने का संकल्प लिया था, जिसे पूरी दृढ़ता के साथ पूरा किया गया। उनके नेतृत्व में सुरक्षा बलों को स्पष्ट दिशा, आवश्यक संसाधन और निरंतर प्रोत्साहन मिला, साथ ही उन्होंने यह स्पष्ट संदेश दिया कि हिंसा का उत्तर दृढ़ता से दिया जाएगा, जबकि शांति का मार्ग अपनाने वालों का स्वागत किया जाएगा।

शहीदों के बलिदान से लिखी गई बस्तर की नई कहानी: मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री साय ने शहीद जवानों के प्रति भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनके सर्वोच्च बलिदान ने इस ऐतिहासिक सफलता की नींव रखी है। साथ ही उन्होंने सुरक्षा बलों के उन बहादुर जवानों के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने साहस और संकल्प के साथ अपनी जान की परवाह किए बिना माओवाद की जड़ों पर प्रहार किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर की जनता के प्रति भी विशेष कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि जनता का विश्वास ही इस परिवर्तन की सबसे बड़ी ताकत बना। उन्होंने उस दौर को याद किया जब मतदान करने पर उंगली काटने की धमकियाँ दी जाती थीं, इसके बावजूद लोगों ने निर्भय होकर लोकतंत्र को मजबूत किया। यही जनविश्वास एक ऐसे नेतृत्व को स्थापित करने में निर्णायक सिद्ध हुआ, जिसने एक दशक के भीतर इस चुनौती का समाधान किया।

हिंसक माओवादी विचारधारा ने वर्षों तक अनगिनत परिवारों को पीड़ा दी – मांओं की कोख उजड़ी, बहनों का सुहाग छिना और मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया, जबकि देश की रक्षा और आंतरिक सुरक्षा के लिए हजारों जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी; यह संघर्ष केवल सुरक्षा बलों का नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र के आत्मबल और संकल्प का प्रतीक रहा।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में सरकार बनने के बाद माओवादी हिंसा के विरुद्ध एक निर्णायक और सुनियोजित रणनीति पर कार्य प्रारंभ हुआ, जिसके परिणामस्वरूप देश के कई राज्य इस चुनौती से मुक्त हुए, हालांकि छत्तीसगढ़ और उसके पड़ोसी क्षेत्रों में यह समस्या बनी रही; ऐसे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और आशीर्वाद से राज्य में डबल इंजन सरकार के गठन के बाद पिछले ढाई वर्षों में सामूहिक संकल्प के बल पर इस सशस्त्र माओवादी नासूर का समूल नाश संभव हो सका।

मुख्यमंत्री साय ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार ने उन लोगों का स्वागत किया है, जिन्होंने माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास जताया है, और यह परिवर्तन केवल सुरक्षा अभियान का परिणाम नहीं बल्कि विश्वास, पुनर्वास और विकास के समन्वित प्रयासों का प्रतिफल है। उन्होंने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि जनता के विश्वास की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।

उन्होंने कहा कि अब बस्तर में एक नया अध्याय प्रारंभ हो चुका है – जहाँ बच्चे निर्भय होकर विद्यालय जाएंगे, माताएं और बहनें स्वतंत्रता के साथ जीवन जी सकेंगी और विकास का प्रकाश हर गांव तक पहुंचेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अब कहीं रेड कॉरिडोर नहीं, हर तरफ ग्रीन कॉरिडोर है। इसी विश्वास और संकल्प के साथ छत्तीसगढ़ एक उज्ज्वल और समृद्ध भविष्य की ओर अग्रसर है।

CG: अगले पांच दिनों तक होगी भारी बारिश, लोगों को मिलेगी गर्मी से राहत, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट…

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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई इलाकों में शनिवार देर रात मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। राजधानी रायपुर समेत आस पास के इलाकों में में तेज हवाओं के साथ जमकर बारिश हुई है। अचानक मौसम में हुए बदलाव के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिली है। वहीं अचानक हुई बारिश के चलते लोगों को परेशानी का सामना भी करना पड़ा।

राजधानी समेत इन इलाकों में हुई बारिश

मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार की रात राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ली और देखते ही देखते तेज हवाओं के साथ जमकर बारिश शुरू हो गई है। राजधानी रायपुर और आस-पास के इलाकों में जमकर बारिश हुई। मौसम में अचानक हुए बदलाव के चलते लोगों को गर्मी से राहत मिल गई है। वहीं मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

मौसम विभाग ने राजधानी रायपुर समेत बलरामपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बलौदाबाजार, बालोद, समेत प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, बारिश होने से तापमान में कमी आएगी और लोगों को भीषण गर्मी से राहत भी मिलेगी। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले पांच दिनों तक उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ मेघगर्जन और बिजली गिरने की आशंका बनी रहेगी।

छत्तीसगढ़ के इस इलाके में आया भूकंप, दहशत में घरों से बाहर निकले लोग, रिक्टर स्केल में 4.4 रही तीव्रता…

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  • शनिवार रात करीब 11:31 पर 4.4 तीव्रता की भूकंप के झटके’
  • शनिवार की देर रात भूकंप के झटको से बस्तर के लोग दहशत में आ गए’

रात करीब 11:31 पर 4.4 तीव्रता की भूकंप के झटके बस्तर संभाग मुख्यालय में महसूस किए गए। जगदलपुर मुख्य शहर और आडावाल में लोगों ने इस कंपन को सीधी तौर पर महसूस किया। कई लोग अपने घरों से बाहर भी निकल आए पर यह समय इतना कम था कि लोगों को रिएक्ट करने का मौका नहीं मिला।

ओड़िशा के कोरापुट में रहा भूकंप का केंद्र

सीस्मोलॉजी सेंटर रिपोर्ट के अनुसार भूकंप का केंद्र ओड़िशा के कोरापुट में रहा, जो बस्तर संभाग मुख्यालय से करीब 80 किलोमीटर की दूरी पर है जिसके कारण इसका असर बस्तर में भी महसूस किया गया। भूकंप मॉनिटरिंग ऐप से मिले डाटा के अनुसार इस भूकंप की तीव्रता तीव्रता 4.4 मापी गई है और इसका केंद्र जमीन से 5 किलोमीटर भीतर था, (Earthquake in Bastar) इस वजह से झटका काफी हल्के महसूस किए गए। अब तक भूकंप के कम्पन की वजह से किसी भी तरह के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।

एक साल पहले भी आया था भूकंप

गौरतलब है कि, 10 साल पहले तक बस्तर कोरापुट सहित आसपास के क्षेत्र को भूकंप मुक्त जोन की तरह जाना जाता था, लेकिन बीते कुछ सालों में लगातार भूकंप के झटके बस्तर क्षेत्र में भी महसूस किए जा रहे हैं। इससे पहले अप्रैल 2024 में भी 2.6 तीव्रता का भूकंप कई क्षेत्रों में महसूस किया गया था।

(Earthquake in Bastar) उस वक़्त भूकंप का केंद्र नजदीक था इसलिए पिछली बार ज्यादा कम्पन लोगों को महसूस हुऐ थे। विशेषज्ञों का कहना है कि आमतौर पर बस्तर के क्षेत्र के नजदीक भूकंप का केंद्र नोटिस किया जा रहा है, लेकिन इसकी तीव्रता काफी कम होती है। इस वजह से नुकसान की आशंका नहीं है फिर भी लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

पांच में से तीन राज्यों में बनेगी एनडीए की सरकार, बंगाल में टीएमसी को सत्ता से हटाएंगे: संजय सरावगी…

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बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सारावगी ने आगामी राज्य चुनावों में भाजपा की स्थिति और आप सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटाए जाने पर प्रतिक्रिया दी।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने आईएएनएस से बातचीत कहा, “भाजपा पूरे साल चौबीसों घंटे चुनाव की तैयारियों में लगी रहती है। हमारे कार्यकर्ता हमेशा तैयार रहते हैं। इस बार पार्टी का लक्ष्य टीएमसी को सत्ता से हटाकर बंगाल में सरकार बनाना है। असम में भाजपा पहले से भी अधिक मजबूती के साथ सत्ता में आएगी। पार्टी को केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी दमदार प्रदर्शन की उम्मीद है। 5 में से तीन राज्यों में एनडीए की सरकार बनाएगी।”

संजय सरावगी ने आगे कहा, “पश्चिम बंगाल में बांग्लादेशी मुसलमानों की बढ़ती आबादी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। प्रवासियों, रोहिंग्याओं या बांग्लादेशियों की मौजूदगी के बावजूद भारतीय जनता पार्टी के सत्ता में आने की उम्मीद है। इससे इन समूहों का मनोबल बढ़ा है, लेकिन खबरों के मुताबिक बंगाल की जनता ऐसी स्थिति को बर्दाश्त करने को तैयार नहीं है और भाजपा को समर्थन मिलने की उम्मीद है। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद ममता बनर्जी और टीएमसी के सत्ता खोने की संभावना है।”

आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा में सांसद राघव चड्ढा को पार्टी के उपनेता पद से हटाए जाने पर संजय सरावगी ने कहा, “आप की नींव रखने वाले नेता धीरे-धीरे अरविंद केजरीवाल से दूर होते जा रहे हैं। केजरीवाल लगातार कमजोर होते जा रहे हैं। इसके पहले स्वाति मालीवाल को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर राघव चड्ढा के बोलने पर प्रतिबंध लगाना यह दर्शाता है कि पार्टी अपने लक्ष्यों से भटक गई है।”

दरभंगा में करोड़ों का सोना लूटने पर संजय सरावगी ने कहा कि उन्होंने सूचना मिलते ही तुरंत राज्य के गृहमंत्री और मुख्यमंत्री से बात की। एसपी और डीजीपी से बात हुई है। प्रशासन इस पर कार्रवाई कर रही है। बिहार में अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में भी जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।