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Fuel Price Update: क्या आने वाले दिनों में महंगा होगा पेट्रोल-डीजल? सरकार ने दिया जवाब’

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अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव-खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर-और कच्चे तेल की कीमतों में एक साथ आई तेज़ी के बीच, कई रिपोर्टों में यह आशंका जताई गई थी कि घरेलू पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है, जो शायद चल रहे राज्य विधानसभा चुनावों के बाद लागू हो सकती है।

सरकार ने अब इस मामले पर एक बड़ा बयान जारी किया है, जिसमें ऐसी रिपोर्टों को साफ तौर पर खारिज किया गया है। बयान में साफ किया गया है कि फिलहाल ईंधन की कीमतें बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है, और न ही सरकार ऐसा कोई कदम उठाने पर विचार कर रही है।

‘यह पूरी तरह से फ़ेक न्यूज़ है…’

गुरुवार को, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने राज्य चुनावों के बाद पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी की रिपोर्टों के संबंध में एक बयान जारी किया। बयान में कहा गया है कि मंत्रालय ऐसे किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रहा है। इसके अलावा, बयान में इन रिपोर्टों को “फ़ेक न्यूज़” करार दिया गया, और यह भी कहा गया कि इनका एकमात्र उद्देश्य देश के नागरिकों के बीच डर और घबराहट फैलाना है।

पेट्रोलियम मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्विटर (अब X) पर भी एक पोस्ट के ज़रिए स्थिति को स्पष्ट किया। पोस्ट में लिखा है: “फ़ेक न्यूज़: कुछ रिपोर्टों में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी का सुझाव दिया गया है; हालाँकि, यहाँ यह स्पष्ट किया जाता है कि सरकार द्वारा फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। ये रिपोर्टें जनता के बीच घबराहट पैदा करने के इरादे से फैलाई गई हैं और भ्रामक हैं।”

मंत्रालय के बयान में आगे इस बात पर भी ज़ोर दिया गया है कि भारत एकमात्र ऐसा देश है जहाँ पिछले चार वर्षों में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें नहीं बढ़ाई गई हैं। भारत सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव और बड़ी बढ़ोतरी से भारतीय नागरिकों को बचाने के लिए लगातार कदम उठाए हैं।

कीमतों में बढ़ोतरी की ख़बर कहाँ से आई? *बिज़नेस टुडे* की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक ब्रोकरेज फ़र्म ने एक नोट में कहा था कि भारत में चल रहे राज्य चुनावों के बाद, पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में ₹25-28 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो सकती है, क्योंकि कच्चे तेल की ऊँची कीमतें देश के ईंधन मूल्य निर्धारण तंत्र पर दबाव डाल रही हैं।

गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे भू-राजनीतिक तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव बना हुआ है। यह महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग दुनिया की कुल तेल और गैस खपत के लगभग 20 प्रतिशत के लिए एक माध्यम का काम करता है। संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य के संभावित बंद होने से कई देशों में तेल और गैस संकट पैदा हो गया है, जिससे कई देशों में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। इन विभिन्न वैश्विक तनावों के बावजूद, भारत में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹94.77 प्रति लीटर पर स्थिर है, जबकि डीज़ल की कीमत ₹87.67 प्रति लीटर है। वहीं, मुंबई में यह दर ₹87.67 प्रति लीटर है।

प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल में टीएमसी पर साधा निशाना, नागरिकता संशोधन अधिनियम का दिया आश्वासन’

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प्रधानमंत्री मोदी की रैली में टीएमसी पर हमले

पश्चिम बंगाल में चुनाव के दूसरे चरण से पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की आलोचना करते हुए कहा कि हाल ही में झालमुरी खाने से सत्तारूढ़ पार्टी को एक बड़ा झटका लगा है।

23 अप्रैल, 2026 को कृष्णानगर में आयोजित एक रैली में, मोदी ने टीएमसी पर घुसपैठियों को संरक्षण देने और महाजंगल राज को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने मतुआ और नामाशूद्र समुदायों को सुरक्षा का आश्वासन भी दिया। इसके साथ ही, उन्होंने अपनी सरकार बनने के बाद नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के तहत नागरिकता प्रदान करने की प्रक्रिया को तेज करने का वादा किया।

भाजपा-एनडीए की जीत का आह्वान

मोदी ने रैली में उपस्थित लोगों से भाजपा-एनडीए की जीत का झंडा पूरी ताकत से लहराने की अपील की। उन्होंने कहा कि 4 मई को बंगाल में भाजपा की जीत का जश्न मनाया जाएगा, मिठाइयाँ बाँटी जाएँगी और झालमुरी भी वितरित की जाएगी। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि उन्होंने खुद झालमुरी खाई, लेकिन उसका तीखापन टीएमसी को महसूस हुआ। यह टिप्पणी 19 अप्रैल को झाड़ग्राम में उनके द्वारा साझा किए गए एक मजेदार पल की ओर इशारा करती है।

टीएमसी के खिलाफ मोदी का बयान

मोदी ने पश्चिम बंगाल में वामपंथ के पतन पर चर्चा करते हुए टीएमसी के मौजूदा विरोध का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पंद्रह साल पहले लोग कम्युनिस्टों के खिलाफ थे, और अब वे टीएमसी के जंगल राज के खिलाफ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि उत्पीड़कों और भ्रष्ट लोगों को जवाबदेह ठहराया जाएगा। मोदी ने भाजपा के नारे ‘सबका साथ, सबका विकास’ का जिक्र करते हुए कहा कि टीएमसी ‘घुसपैठियों का साथ, घुसपैठियों का विकास’ में विश्वास करती है।

मतुआ और नामाशूद्र समुदायों के लिए आश्वासन

आगे बढ़ते हुए, मोदी ने आश्वासन दिया कि मतुआ समुदाय, नामाशूद्र समुदाय और शरणार्थी परिवारों को टीएमसी से डरने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि कोई भी उन्हें नुकसान नहीं पहुंचा सकेगा। जो भी भारत में शरण और सम्मान की तलाश में आया है, मोदी उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद, सीएए के तहत नागरिकता देने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी, और सभी को वे अधिकार और लाभ मिलेंगे जिनके हर भारतीय नागरिक हकदार हैं।

West Bengal Polls 2026: बमबाजी और झड़पों के बीच वोटिंग जारी, गर्मी के बावजूद 60% पार हुआ आंकड़ा’

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पश्चिम बंगाल में भीषण गर्मी और छिटपुट हिंसा के बीच मतदान प्रतिशत 60 फीसदी के आंकड़े को पार कर गया है. हालाँकि, तमिलनाडु में यह आंकड़ा फिलहाल 60 फीसदी से नीचे बना हुआ है। जहां पश्चिम बंगाल में दोपहर एक बजे तक 62.18 प्रतिशत मतदान हुआ, वहीं तमिलनाडु में 56.81 प्रतिशत मतदान हुआ।

पश्चिम बंगाल में जिले के अनुसार मतदान प्रतिशत

मालदा 58.45%, मुर्शिदाबाद 62.71%, पश्चिम बर्धमान 60.37%, पश्चिम मेदिनीपुर 65.77%, पूर्व मेदिनीपुर 62.90%, पुरुलिया 59.83%, उत्तर दिनाजपुर 60%, झाड़ग्राम 65.31%, कलिम्पोंग 59.52%, अलीपुरद्वार 60.03%, बांकुरा 64.58%, बीरभूम 63.93%, कूच बिहार 60.75%, दक्षिण दिनाजपुर 63.05%, दार्जिलिंग 59.81%, और जलपाईगुड़ी 60.84%।

तमिलनाडु में जिले के अनुसार मतदान प्रतिशत

तमिलनाडु की बात करें तो इरोड में 61.79%, कल्लाकुरिची में 57.15%, कांचीपुरम में 58.98%, कन्याकुमारी में 50.35%, करूर में 60.77%, कृष्णागिरी में 56.21% और मदुरै में 54.75%, मदुरै में 53.59% मतदान हुआ। मयिलादुथुराई में 55.18%, अरियालुर में 56.28%, चेंगलपट्टू में 54.58%, कोयंबटूर में 58.24%, कुड्डालोर में 55.13%, धर्मपुरी में 59.02% और डिंडीगुल में 59.79% मतदान हुआ। पश्चिम बंगाल में, पहले चरण का मतदान 152 सीटों पर हो रहा है, जबकि तमिलनाडु में सभी सीटों के लिए मतदान एक ही चरण में किया जा रहा है। दोनों राज्यों के नतीजे मई में घोषित किए जाएंगे।

बंगाल में कुल 1,478 उम्मीदवार मैदान में

चुनाव आयोग के अनुसार, पश्चिम बंगाल में 152 सीटों पर कुल 1,478 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। राज्य में लगभग 3.60 करोड़ मतदाता इन उम्मीदवारों के लिए अपने वोट डाल रहे हैं। BJP सभी 152 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि TMC 148 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। बंगाल में मतदान का पहला चरण BJP के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि ये वही क्षेत्र हैं जहाँ पार्टी की पकड़ सबसे मज़बूत है। बंगाल का पहला चरण न केवल शामिल सीटों की संख्या के मामले में महत्वपूर्ण है, बल्कि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह एक विशाल भौगोलिक क्षेत्र में फैला हुआ है, जो उत्तरी बंगाल से लेकर जंगलमहल क्षेत्र और मतुआ बहुल क्षेत्रों तक विस्तृत है।

भारत-अफ्रीका मंच शिखर सम्मेलन: वैश्विक सहयोग की नई दिशा

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भारत का नया कदम: अफ्रीका के साथ सहयोग

दुनिया विभिन्न संघर्षों में उलझी हुई है, लेकिन भारत वैश्विक चुनौतियों का सामना करने और विकासशील देशों की समस्याओं के समाधान के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रहा है।

इसी संदर्भ में, दिल्ली में अफ्रीकी देशों के प्रमुख नेता एकत्रित होंगे, जहां चौथा भारत-अफ्रीका मंच शिखर सम्मेलन 28 से 31 मई 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन में अफ्रीकी महाद्वीप के विभिन्न राष्ट्राध्यक्ष, अफ्रीकी संघ आयोग और क्षेत्रीय संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसका उद्देश्य भारत और अफ्रीका के बीच बहुआयामी साझेदारी को मजबूत करना और भविष्य के सहयोग के लिए एक ठोस रूपरेखा तैयार करना है.

सम्मेलन का विषय और तैयारी

विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने नई दिल्ली में इस सम्मेलन का प्रतीक चिन्ह, विषय और वेबसाइट का अनावरण किया। इस बार सम्मेलन का विषय ‘भारत-अफ्रीका रणनीतिक साझेदारी: नवाचार, लचीलापन और समावेशी परिवर्तन’ है, जो इस रिश्ते की गहराई को दर्शाता है। सम्मेलन से पहले 28 मई को वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक और 29 मई को विदेश मंत्रियों की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा की जाएगी.

भारत-अफ्रीका मंच का महत्व

भारत-अफ्रीका मंच शिखर सम्मेलन आपसी संवाद को मजबूत करने और लाभकारी सहयोग को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। यह साझेदारी समानता, परस्पर सम्मान और साझा समृद्धि के सिद्धांतों पर आधारित है। पिछले सम्मेलनों के परिणामस्वरूप, अफ्रीका में भारत की विकास सहायता और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों का उल्लेखनीय विस्तार हुआ है, जिसने दोनों पक्षों के संबंधों को और मजबूत किया है.

भू-राजनीतिक संदर्भ

यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब विश्व जटिल भू-राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। इस संदर्भ में, अफ्रीका का महत्व बढ़ रहा है और भारत ने अपनी विदेश नीति में अफ्रीका को केंद्रीय स्थान दिया है। भारत ने अफ्रीका में अपने राजनयिक संबंधों का विस्तार किया है और आज वह अफ्रीका के प्रमुख व्यापारिक भागीदारों में से एक है, जो दर्शाता है कि भारत का अफ्रीका के साथ जुड़ाव दीर्घकालिक है.

ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंध

इस साझेदारी की जड़ें ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंधों में निहित हैं। सदियों से सांस्कृतिक आदान-प्रदान और मानवीय संपर्कों ने इस रिश्ते को मजबूत किया है। उपनिवेशवाद के खिलाफ संघर्ष के दौरान भारत ने अफ्रीकी देशों के साथ एकजुटता दिखाई, जिससे यह संबंध और गहरा हुआ.

आर्थिक और सुरक्षा सहयोग

यह सम्मेलन कई स्तरों पर महत्वपूर्ण है। यह ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करने का माध्यम है। भारत ने अफ्रीका को वैश्विक शासन व्यवस्था में उचित स्थान दिलाने का समर्थन किया है। 2023 में जी-20 में अफ्रीकी संघ को शामिल करना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था. इसके अलावा, यह सम्मेलन आर्थिक और व्यापारिक सहयोग को नई गति देगा, जिसमें ऊर्जा, आधारभूत संरचना, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को विस्तार मिलने की संभावना है.

भारत की विदेश नीति में अफ्रीका का स्थान

विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि भारत की विदेश नीति में अफ्रीका का महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने कहा कि भारत-अफ्रीका संबंध ‘हमारे सभ्यतागत संबंधों’ पर आधारित हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम की कहानी अफ्रीका से गहराई से जुड़ी हुई है.

CG: प्रदेश में जारी रहेगा भीषण गर्मी का तांडव, मौसम विभाग जारी किया अलर्ट’

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अप्रैल का महीना अब खत्म होने वाला है, तो वहीं दूसरी ओर भीषण गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया। महीने भर में तापमान तेजी से बढ़ गया है, जिससे लोगों का हाल बेहाल हो गया है। दोपहर के समय लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। बात करें छत्तीसगढ़ की तो यहां मौसम में गर्मी ने पूरी तरह आक्रामक रुख अपना लिया है। तापमान 43 डिग्री के पार पहुंचते ही प्रदेश के कई इलाके ‘हीट जोन’ में बदलने लगे हैं।

प्रदेश के कई जिलों में तापमान 43 डिग्री तक पहुंच गई है। बढ़ते तापमान को देखते हुए मौसम विभाग ने भी अगले 4 से 5 दिनों के लिए अलर्ट जारी कर दिया है, यानी फिलहाल राहत मिलने के आसार कम ही हैं। वहीं रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग में गर्म हवाओं के साथ लू चलने की स्थिति बनी हुई है।

बात करें राजनांदगांव की तो सबसे ज्यादा यहां तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली है। यहां तापमान करीब 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। इसके अलावा रायपुर में भी दिन का तापमान लगभग 44 के आसपास दर्ज किया गया है। पिछले एक सप्ताह में तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बढ़ते तापमान को देखते हुए मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी कर दिया है।

छत्तीसगढ़ शासन ने कर्मचारियों पर राजनीतिक संगठनों में शामिल होने की रोक संबंधी आदेश वापस लिया’

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छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है। छत्तीसगढ़ शासन ने सरकारी कर्मचारियों पर राजनीतिक और अन्य संगठनों में शामिल होने की रोक संबंधी आदेश को अब वापस ले लिया है।

क्या था 21 अप्रैल का विवादित आदेश

दरअसल, छत्तीसगढ़ शासन ने शासकीय सेवकों के लिए आचरण नियमों को लेकर पहले सख्त निर्देश जारी किए थे। शासन द्वारा जारी आदेश में सरकारी कर्मचारियों के राजनीतिक दलों एवं अन्य संगठनों में शामिल होने, पद संभालने और ऐसे संस्थानों में सक्रिय भागीदारी पर रोक लगाई गई थी। साथ ही अधिकारी के बिना अनुमति के किसी भी संस्था, समिति या संगठन में पद धारण करने पर भी रोक लगाई गई थी।

सिर्फ 24 घंटे में आदेश हुआ रद्द

आदेश जारी होने के 24 घंटे बाद अब शासन ने यू टर्न ले लिया और आदेश को वापस ​ले लिया। नए आदेश में स्पष्ट किया गया कि 21 अप्रैल वाला निर्देश आगामी आदेश तक स्थगित रहेगा। उप सचिव अंशिका पांडेय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि 21 अप्रैल के आदेश के निर्देश फिलहाल प्रभावी नहीं रहेंगे, जिससे अब इन नियमों पर कार्रवाई पर भी अगले आदेश तक रोक लगा दी है।

CG: जिले में घरेलू गैस आपूर्ति सामान्य’

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– कलेक्टर ने दी जमाखोरी और अधिक वसूली पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी’

राजनांदगांव: कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में घरेलू गैस आपूर्ति की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में ऑयल कंपनी के सेल्स ऑफिसर, जिला खाद्य अधिकारी, सहायक खाद्य अधिकारी, खाद्य निरीक्षक तथा जिले की 15 गैस एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। समीक्षा के दौरान ऑयल कंपनी के सेल्स ऑफिसर ने जानकारी दी गई कि जिले में गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और मांग के अनुरूप नियमित वितरण किया जा रहा है। आंकड़ों के अनुसार फरवरी 2026 में 98 हजार 774 गैस सिलेंडरों की रिफिलिंग की गई, वहीं मार्च 2026 में 93 हजार133 सिलेंडर रिफिल के रूप में प्रदाय किए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि घरेलू गैस की आपूर्ति में किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है और सामान्य परिस्थितियों की भाति वितरण जारी है।

कलेक्टर ने डिलीवरी में विलंब की शिकायत पर 3 एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए। अधिकांश एजेंसियां बुकिंग के एक सप्ताह के भीतर डिलीवरी कर रही हैं। हालांकि, मेसर्स जेके एंड संस एचपी गैस राजनांदगांव, मेसर्स होम प्राइड इंडेन गैस राजनांदगांव और मेसर्स प्रोमिनेंट गैस एजेंसी डोंगरगढ़ में बुकिंग के विरूद्ध डिलीवरी में विलंब की समस्या है। कलेक्टर ने संबंधित एजेंसियों को प्राथमिकता के आधार पर समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।

कलेक्टर ने सभी गैस एजेंसी संचालकों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर गैस सिलेंडरों की जमाखोरी न की जाए तथा उपभोक्ताओं से डिलीवरी या अन्य सुविधाओं के नाम पर निर्धारित दर से अधिक राशि की वसूली न की जाए। डिलीवरी में अनियमितता या शिकायत मिलने पर संबंधित एजेंसी के विरूद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने खाद्य विभाग के अधिकारियों को गैस गोदामों का नियमित निरीक्षण करने और सिलेंडरों की निर्बाध आपूर्ति पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है। यदि किसी उपभोक्ता को गैस बुकिंग या डिलीवरी में समस्या आती है, तो वे टोल-फ्री नंबर 1800-233-3663 एवं हेल्पलाइन नंबर 1967 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

CG: सीईओ जिला पंचायत ने विभिन्न योजनाओं एवं कार्यों की समीक्षा’

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राजनांदगांव:  मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभाकक्ष में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यों की समीक्षा की गई। सीईओ जिला पंचायत ने विभिन्न विभागों एवं योजनाओं से संबंधित निष्क्रीय एवं बंद खातों की जानकारी ली और बचत राशि को शासन को भेजने कहा। उन्होंने हर घर सोख्ता गड्ढा अभियान अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर क्रियान्वयन करने कहा। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित नवीन आवासों में अनिवार्य रूप से सोख्ता गड्ढ़ा का निर्माण कराने तथा ग्रामीणों को जागरूक करने कहा। सीईओ जिला पंचायत ने इन्जेक्शन वेल, वाटर रिचार्ज शॉंप, रैन वाटर हार्वेस्टिंग, सोख्ता गड्ढा फिल्डर की साफ-सफाई कार्य को समय-समय पर अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मनरेगा अन्तर्गत निर्माणाधीन कार्यों को समय सीमा में पूर्ण कराने कहा। उन्होंने योजना के तहत आवास निर्माण पूर्ण हो चुके आवासों का तत्काल सीसी लगाने के लिए निर्देशित किया।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने 1 मई से 31 मई तक चलने वाले सुशासन तिहार समाधान शिविर की सभी आवश्यक तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान के तहत प्रत्येक शनिवार को ग्रामों में स्वच्छता त्यौहार मनाने तथा कचरा संग्रहण की निरंतरता बनाने कहा। स्वच्छताग्राहियों का प्रोत्साहन राशि नियमित रूप से प्रदाय करने हेतु निर्देशित किया। बैठक में बताया गया कि मोर गांव मोर पानी योजना अन्तर्गत प्रत्येक जनपद को 4 तालाब निर्माण के कार्य को चिन्हांकित करने का लक्ष्य दिया गया है। इस कार्य हेतु सीएलएफ को आजीविका गतितिविधि से जोड़ते हुए मछली पालन, सिंघाड़ा उत्पादन को प्रोत्साहित करने हेतु प्रेरित करने कहा। बैठक में एसबीएम, एनआरएलएम, पंचायत सेक्टर, समर्थ पोर्टल, क्यूआर कोड, हरघर जल योजना सहित अन्य योजनाओं एवं कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में वीडियो कान्फ्र्रेसिंग के माध्यम से जिले के समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत, जनपद पंचायत में पदस्थ मनरेगा, एसबीएम, एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के पीओ एवं ब्लाक समन्वयक, विभिन्न बैंक शाखा प्रबंधक एवं जिले के सभी विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी शामिल हुए।

CG: ग्राम जामरी एवं मुड़पार में अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन पर की गई कार्रवाई’

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– अवैध रूप से संचालित ईंट भट्ठे से लगभग 1.5 लाख ईंट किया गया जप्त’

राजनांदगांव: कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले में खनिज का अवैध उत्खनन एवं परिवहन करने पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम जामरी एवं मुड़पार में अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन की शिकायत प्राप्त होने पर राजस्व विभाग की टीम द्वारा ग्राम जामरी एवं मुड़पार का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान ग्राम जामरी में नाले के पास अवैध रूप से रेत परिवहन करते हुए 2 ट्रैक्टर पाए गए। मौके पर राजस्व विभाग की टीम के पहुंचते ही दोनों ट्रैक्टर चालक ट्रैक्टर का इंजन लेकर फरार हो गए। राजस्व विभाग द्वारा दोनों ट्रॉलियों में भरी रेत को ट्रॉली सहित जप्त कर थाना बोरतलाव को सुपुर्द किया गया। साथ ही मौके पर हेमलाल सिन्हा द्वारा अवैध रूप से संचालित ईंट भट्ठे पर कार्रवाई करते हुए लगभग 1.5 लाख ईंट जप्त किया गया। कार्रवाई में एसडीएम डोंगरगढ़ श्री एम भार्गव, नायब तहसीलदार सुश्री मेघा जैन एवं अन्य अधिकारी व कर्मचारी शामिल थे।

CG: महारानी लक्ष्मी बाई स्कूल परिसर हुआ अतिक्रमण मुक्त’

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– अवैध कब्जों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
– नवीन भवन निर्माण का मार्ग प्रशस्त, आगामी सत्र में विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
– कलेक्टर ने स्थल का निरीक्षण कर निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने के दिए निर्देश

राजनांदगांव” कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देश पर राजस्व विभाग द्वारा शहर स्थित महारानी लक्ष्मी बाई शासकीय आदर्श कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला परिसर में वर्षों से चले आ रहे अवैध कब्जों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए परिसर को पूर्णत: अतिक्रमण मुक्त कराया गया। तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व विभाग एवं लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम द्वारा यह कार्रवाई की गई। कलेक्टर ने आज महारानी लक्ष्मीबाई शासकीय उच्चतर माध्यमिक आदर्श कन्या शाला के नवीन भवन निर्माण कार्य का स्थल निरीक्षण किया। इस भवन के निर्माण हेतु 121.16 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। परिसर अतिक्रमण मुक्त होने के बाद अब निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि स्कूल परिसर में स्थित अत्यंत पुराने एवं जर्जर शासकीय आवासों पर कुछ शासकीय कर्मचारियों द्वारा लंबे समय से अवैध रूप से काबिज थे। प्रशासन द्वारा पूर्व में कई बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद कब्जाधारियों द्वारा आवास खाली नहीं किया गया। इसके पश्चात अंतिम 10 दिवस का नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए कब्जा हटाया गया। कार्रवाई के दौरान यह पाया गया कि संबंधित भवन अत्यंत जर्जर एवं असुरक्षित स्थिति में थे, जिन्हें लोक निर्माण विभाग की सहायता से ध्वस्त किया गया। महारानी लक्ष्मीबाई शासकीय उच्चतर माध्यमिक आदर्श कन्या शाला जिले का एक पुराना एवं महत्वपूर्ण शिक्षण संस्थान है। नवीन स्कूल भवन के निर्माण से आगामी शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों को बेहतर, सुरक्षित एवं आधुनिक शैक्षणिक वातावरण एवं सुविधाएं उपलब्ध होगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय भूमि एवं संपत्तियों पर अवैध कब्जा करने वालों के विरूद्ध आगे भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।