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विजया एकादशी: जानें इस दिन के महत्वपूर्ण नियम और व्रत की विधि…

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विजया एकादशी का महत्व;

13 फरवरी को मनाई जाएगी विजया एकादशी

विजया एकादशी का व्रत विशेष महत्व रखता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान श्री राम ने लंका पर विजय पाने के लिए इसी दिन का व्रत किया था।

2026 में यह पर्व 13 फरवरी को मनाया जाएगा। यदि आप अपने जीवन में बाधाओं को दूर करना चाहते हैं और सफलता प्राप्त करना चाहते हैं, तो इस दिन कुछ महत्वपूर्ण नियमों का पालन करना आवश्यक है।

विजया एकादशी पर क्या करें?

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ पीले वस्त्र पहनें। भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर के सामने घी का दीपक जलाएं।

इस दिन सामर्थ्य अनुसार अन्न, जल या गर्म कपड़ों का दान करें। ब्राह्मणों और जरूरतमंदों को भोजन कराना उत्तम माना जाता है।

संभव हो तो रात में सोएं नहीं, बल्कि भजन-कीर्तन करते हुए भगवान का ध्यान करें।

विजया एकादशी पर क्या न करें?

एकादशी के दिन चावल खाना धार्मिक दृष्टि से अशुभ माना जाता है।

इस दिन प्याज, लहसुन, मांस या मदिरा का सेवन न करें।

एकादशी का व्रत संयम का प्रतीक है। इस दिन किसी को अपशब्द न बोलें, गुस्सा न करें और न ही किसी की बुराई करें।

भगवान विष्णु को तुलसी प्रिय है, लेकिन एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए। पूजन के लिए पत्ते एक दिन पहले ही तोड़कर रख लें।

इस दिन दिन के समय सोने से बचें और अपना समय प्रभु की भक्ति में लगाएं।

लोकसभा में केंद्रीय बजट पर गरमागरम बहस, राहुल गांधी ने उठाए गंभीर सवाल…

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बजट चर्चा में तीखी नोकझोंक

बुधवार को लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026 पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है और देश को विदेशी ताकतों के सामने ‘समर्पण’ कर दिया है।

उनके इस बयान पर सत्ता पक्ष ने जोरदार विरोध किया।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के दौरान भारत के हितों को शर्मनाक तरीके से गिरवी रख दिया। उन्होंने इसे ‘नॉनसेंस’ कदम बताते हुए कहा कि सरकार ने कृषि, आईटी, डेटा और लोगों के हितों से जुड़े कई मामलों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने झुकाव दिखाया है।

इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आपत्ति जताई। उन्होंने राहुल गांधी की टिप्पणियों को ‘बेतुका’ करार दिया और कहा कि आलोचना रचनात्मक होनी चाहिए। रिजिजू ने मांग की कि असंसदीय शब्दों को कार्यवाही से हटाया जाए। सदन की कार्यवाही देख रहे अध्यक्षीय पीठासीन सदस्य जगदंबिका पाल ने भी राहुल गांधी से आपत्तिजनक शब्दों से बचने को कहा। राहुल गांधी ने इसे स्वीकार किया, लेकिन सरकार को घेरना जारी रखा।

सदन में उस समय हंगामा और नारेबाजी शुरू हो गई जब विपक्षी सदस्यों ने राहुल के ‘सरेंडर’ वाले आरोप का समर्थन किया, जबकि सत्ता पक्ष के सदस्य उनका विरोध करते रहे।

राहुल गांधी ने आगे कहा कि यह सरकार देश, किसानों, आईटी सेक्टर और ऊर्जा सुरक्षा को बेच चुकी है और अमेरिका के सामने पूरी तरह झुक गई है।

इस पर किरेन रिजिजू ने पलटवार करते हुए कहा कि कोई भी ऐसा नहीं है जो देश को बेच सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के अब तक के सबसे मजबूत नेता हैं।

राहुल गांधी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर भी निशाना साधते हुए भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और विदेशी क्लाउड सेवा कंपनियों को कथित टैक्स छूट को देश के आर्थिक और रणनीतिक हितों के खिलाफ बताया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ‘वित्त मंत्री मुस्कुरा रही हैं, उन्हें मुस्कुराना पसंद है। बड़ी कंपनियों को 20 साल की टैक्स छुट्टी दे दी, क्या हमारे डेटा के साथ यही किया गया?’

कांग्रेस सांसदों पर किरन रिजिजू का गंभीर आरोप, स्पीकर के कक्ष में गाली गलौज का मामला…

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संसद में हंगामा और आरोप-प्रत्यारोप

संसद के बजट सत्र में हंगामे का दौर जारी है। केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने बुधवार को कांग्रेस के सांसदों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कई कांग्रेस सांसद स्पीकर के कक्ष में गए और उनके साथ अभद्रता की।

इस घटना से लोकसभा स्पीकर काफी दुखी हैं। रिजिजू ने इस मामले में लोकसभा अध्यक्ष से बातचीत की है।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि लगभग 20-25 कांग्रेस सांसद स्पीकर के कक्ष में पहुंचे और उनके साथ गाली गलौज की। उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना के समय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल भी वहां मौजूद थे।

इसके अलावा, रिजिजू ने सदन में बोलने को लेकर हुए विवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि स्पीकर ने एक निर्णय लिया था, लेकिन उसका पालन नहीं किया गया। उनके अनुसार, राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें बोलने के लिए किसी की अनुमति की आवश्यकता नहीं है और वे अपनी मर्जी से बोलेंगे। इस पर रिजिजू ने स्पष्ट किया कि संसद में नियम स्पष्ट हैं, बिना अध्यक्ष की अनुमति के कोई भी सदस्य नहीं बोल सकता।

उन्होंने यह भी कहा कि यहां तक कि प्रधानमंत्री भी तभी बोलते हैं जब अध्यक्ष अनुमति देते हैं। सभी सदस्यों को नियमों का पालन करना आवश्यक है। रिजिजू ने कहा कि स्पीकर का स्वभाव बहुत शांत है, अन्यथा इस तरह की घटना पर कड़ी कार्रवाई हो सकती थी। दरअसल, हाल ही में कांग्रेस ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है, जिसके बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप की होगी स्थापना…

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सीएम विष्णुदेव साय की मौजूदगी में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी विभाग छत्तीसगढ़ और एसटीपीआई के बीच हुआ ऐतिहासिक समझौता। नवाचार, स्टार्टअप और कौशल आधारित रोजगार को मिलेगा बढ़ावा।

छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ ज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी देश में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए। छत्तीसगढ़ सरकार राज्य को ज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है।

आधुनिक अधोसंरचना, प्रभावी ई-गवर्नेंस प्रणाली और निवेश-अनुकूल नीतियों के चलते छत्तीसगढ़ आज आईटी, आईटीईएस एवं इमर्जिंग टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों के लिए एक भरोसेमंद और आकर्षक गंतव्य के रूप में उभर रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में 10 फरवरी को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन एवं सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के मध्य हुए महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू, MoU) के बाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

सीएम साय ने कहा कि युवाओं में उद्यमिता विकसित करने और उन्हें आईटी एवं आईटीईएस जैसे क्षेत्रों में विश्वस्तरीय अवसर राज्य के भीतर ही उपलब्ध कराने की दिशा में यह पहल की गई है। इस एमओयू के तहत राज्य में सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप (CoE) एवं इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड डवलपमेंट (ESDD) सेंटर की स्थापना की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वन एवं औषधीय उत्पाद आधारित मेडटेक, स्मार्ट सिटी समाधान तथा स्मार्ट कृषि जैसे चार महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नवाचार और स्टार्टअप को प्रोत्साहन मिलेगा।

साथ ही, एक अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड डेवलपमेंट (ESDD) सेंटर की स्थापना की जाएगी, जो प्रति वर्ष लगभग 30 से 40 हार्डवेयर स्टार्टअप और एमएसएमई (MSME) को प्रोडक्ट डिजाइन, प्रोटोटाइपिंग, कौशल विकास एवं क्षमता निर्माण की सुविधाएं प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस पहल से प्रदेश के युवाओं को राज्य के भीतर ही इनक्यूबेशन (Incubation), मेंटरशिप, फंडिंग और आधुनिक प्रयोगशालाओं की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे उच्च कौशल वाले युवाओं का बड़े शहरों की ओर पलायन रुकेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने एसटीपीआई जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित संस्था के सहयोग को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि देशभर में 68 केंद्रों और 24 सेक्टर-विशेष सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के माध्यम से एसटीपीआई (STPI) का व्यापक अनुभव छत्तीसगढ़ के स्टार्टअप और नवाचार इकोसिस्टम (Ecosystem) को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (CM Vishnu Deo Sai) ने विश्वास व्यक्त किया कि यह एमओयू राज्य के आर्थिक विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा और छत्तीसगढ़ को डिजिटल नवाचार, तकनीकी उद्यमिता और स्टार्टअप (Startup) के क्षेत्र में राष्ट्रीय मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाएगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, इलेक्ट्रॉनिक और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, एसटीपीआई के निदेशक रवि वर्मा, चिप्स (CHIPS) के सीईओ प्रभात मलिक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

CG Weather: छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज शुष्क, तापमान में हल्की गिरावट के आसार…

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मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में कहीं भी बारिश के आसार नहीं हैं और अगले कुछ दिनों तक मौसम में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। बुधवार से न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे सुबह-शाम ठंडक का अहसास बना रहेगा।

छत्तीसगढ़ में मौसम फिलहाल शुष्क बना हुआ है और फरवरी के पहले पखवाड़े तक इसी तरह के हालात बने रहने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में कहीं भी बारिश के आसार नहीं हैं और अगले कुछ दिनों तक मौसम में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। बुधवार से न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे सुबह-शाम ठंडक का अहसास बना रहेगा।

पिछले 24 घंटों की बात करें तो प्रदेशभर में मौसम पूरी तरह शुष्क रहा। इस दौरान राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 7.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस अवधि में प्रदेश के किसी भी हिस्से में बारिश नहीं हुई है और न ही अगले दो दिनों तक वर्षा की कोई संभावना है।

मौसम वैज्ञानिक एच.पी. चंद्रा ने मौसम की मौजूदा स्थिति को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि एक पश्चिमी विक्षोभ ऊपरी हवा के चक्रीय परिसंचरण के रूप में पंजाब और उससे लगे उत्तर पाकिस्तान के ऊपर लगभग 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर सक्रिय है। इसके साथ ही एक प्रेरित चक्रीय परिसंचरण दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में करीब 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। हालांकि, इन मौसमी सिस्टमों का छत्तीसगढ़ के मौसम पर फिलहाल कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा।

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में बुधवार से न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट हो सकती है, लेकिन दिन के तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। कुल मिलाकर प्रदेश में मौसम साफ और शुष्क बना रहेगा, जिससे दिन में हल्की गर्मी और सुबह-रात में हल्की ठंड महसूस की जाएगी।

राजधानी रायपुर की बात करें तो बुधवार सुबह शहर में हल्की धुंध छाए रहने की संभावना जताई गई है। अगले 24 घंटों के दौरान रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 16 डिग्री सेल्सियस रहने के आसार हैं। मौसम साफ रहने के कारण दिन के समय तेज धूप निकल सकती है, जबकि सुबह और देर रात हल्की ठंड बनी रहेगी।

CG: भूपेश बघेल समेत तीन कांग्रेस नेताओं पर 500 करोड़ की मानहानि का मुकदमा, असम के सीएम हेमंत बिस्वा सरमा ने किया केस…

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असम विधानसभा चुनाव से पहले वहां राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोपों का दौर शुरू हो गया है। असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कांग्रेस नेता जितेंद्र सिंह और गौरव गोगोई के खिलाफ 500 करोड़ रुपये का मानहानि केस दर्ज कराया है। सरमा ने एक्स पर पोस्ट कर जानकारी दी कि इन नेताओं ने प्रेस कान्फ्रेंस के जरिए उन पर जानबूझकर झूठे और अपमानजनक आरोप लगाए हैं।

जानकारी के मुताबिक विवाद की शुरुआत चार फरवरी को हुई, जब असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के परिवार ने राज्य में लगभग 12,000 बीघा (करीब 3,960 एकड़) सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया है। इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए सरमा ने कानूनी कार्रवाई का रास्ता चुना है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस कानूनी कार्रवाई पर पलटवार करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि असम की जनता ‘बंटी और बबली’ की लूट से त्रस्त है। उन्होंने असम के बढ़ते कर्ज और जुबीन गर्ग की मृत्यु के मुद्दे को उठाकर मानहानि के मुकदमे को सरमा का ‘डर’ करार दिया।

बघेल ने तंज कसते हुए कहा कि हिमंत बिस्वा सरमा को मानसिक चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए, उनकी भाषा संवैधानिक पद की मर्यादा के अनुरूप नहीं है। वहीं, सांसद गौरव गोगोई ने मानहानि केस को मुख्यमंत्री की घबराहट बताते हुए चुनौती दी है कि यदि उनमें हिम्मत है, तो वे कोर्ट में जनता का सामना करें।

CG: सीएम विष्णुदेव साय की अगुवाई की कैबिनेट की बैठक संपन्न.. इन अहम प्रस्तावों पर मंत्रिमंडल की मुहर…

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Sai Cabinet Today Key Decision: इस बैठक में जनहित से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए जिसकी जानकारी सरकार के सूत्रों द्वारा दी जा रही है।

सीएम साय की अगुवाई में कैबिनेट की बैठक, मंत्रालय भवन में संपन्न हुई मीटिंग, कई जनहित से जुड़े फैसलों को हरी झंडी.

नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में आज सुबह शुरू हुई छत्तीसगढ़ कैबिनेट की मीटिंग ख़त्म हो गई है। यह बैठक मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई में की गई थी। बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को सरकार की तरफ से हरी झंडी मिल गई है। सरकार के उप मुख्यमंत्री अरुण साव बैठकें में लिए गए निर्णयों की जानकारी दे रहें है।

ये हुए महत्वपूर्ण निर्णय

  1. मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ के षष्ठम् विधान सभा के अष्टम् सत्र माह फरवरी-मार्च, 2026 हेतु माननीय राज्यपाल के अभिभाषण का अनुमोदन किया गया।
  2. मंत्रिपरिषद द्वारा बजट अनुमान वर्ष 2026-27 का विधानसभा में उपस्थापन हेतु छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक-2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
  3. मंत्रिपरिषद ने राज्य में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से अंतर की राशि होली पर्व से पहले एकमुश्त भुगतान किए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 25 लाख 24 हजार 339 किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के तहत धान के मूल्य के अंतर की राशि के रूप में लगभग 10 हजार करोड़ रूपए का भुगतान होली त्यौहार से पहले एकमुश्त किया जाएगा।

यहां यह उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से की जा रही है, जो देश में सर्वाधिक है। बीते दो वर्षाें में कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के किसानों को धान के मूल्य के अंतर के रूप में 25 हजार करोड़ रूपए से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। इस साल होली से पूर्व किसानों को 10 हजार करोड़ रूपए का भुगतान होने से यह राशि बढ़कर 35 हजार करोड़ रूपए हो जाएगी।

CG: किसनों को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला, होली से पहले मिलेगी धान की अंतर की राशि, जानें कितने करोड़ रुपए का होगा भुगतान…

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किसनों को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला, होली से पहले मिलेगी धान की अंतर की राशि, जानें कितने करोड़ रुपए का होगा भुगतान

नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में आज सुबह शुरू हुई छत्तीसगढ़ कैबिनेट की मीटिंग ख़त्म हो गई है। यह बैठक मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई में की गई थी। बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को सरकार की तरफ से हरी झंडी मिल गई है। सरकार के उप मुख्यमंत्री अरुण साव बैठकें में लिए गए निर्णयों की जानकारी दे रहें है।

साय कैबिनेट ने किसानों को दिया होली का सबसे बड़ा तोहफा

बैठक में मंत्रिपरिषद ने राज्य में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से अंतर की राशि होली पर्व से पहले एकमुश्त भुगतान किए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 25 लाख 24 हजार 339 किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के तहत धान के मूल्य के अंतर की राशि के रूप में लगभग 10 हजार करोड़ रूपए का भुगतान होली त्यौहार से पहले एकमुश्त किया जाएगा।

मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ के षष्ठम् विधान सभा के अष्टम् सत्र माह फरवरी-मार्च, 2026 हेतु माननीय राज्यपाल के अभिभाषण का अनुमोदन किया गया।मंत्रिपरिषद द्वारा बजट अनुमान वर्ष 2026-27 का विधानसभा में उपस्थापन हेतु छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक-2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

यहां यह उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से की जा रही है, जो देश में सर्वाधिक है। बीते दो वर्षाें में कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के किसानों को धान के मूल्य के अंतर के रूप में 25 हजार करोड़ रूपए से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। इस साल होली से पूर्व किसानों को 10 हजार करोड़ रूपए का भुगतान होने से यह राशि बढ़कर 35 हजार करोड़ रूपए हो जाएगी।

CG: ‘एक देश एक कानून’, छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष का बड़ा बयान, कहा- यूसीसी कानून तत्काल लागू होना चाहिए…

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‘एक देश एक कानून’, छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष का बड़ा बयान, कहा- यूसीसी कानून तत्काल लागू होना चाहिए’

डॉ. सलीम राज ने कहा कि देश संविधान और एक कानून से चलेगा, न कि अलग-अलग धार्मिक रीति-रिवाजों से, उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत में दो तरह के कानूनों की कोई आवश्यकता नहीं है.

छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि देश मुस्लिम या ईसाई रीति-रिवाजों से नहीं, बल्कि एक कानून और संविधान से चलेगा। उन्होंने कहा कि भारत में दो तरह के कानून नहीं होने चाहिए और मुस्लिम रीति-रिवाजों के आधार पर अलग कानून की कोई ज़रूरत नहीं है।

इसके अलावा उन्होंने वंदे मातरम के गायन का समय बढ़ाए जाने के फैसले को भी स्वागतयोग्य बताया। उन्होंने कहा कि देश में अब मुगल या बाबर का शासन नहीं है। उन्होंने दावा किया कि तुष्टिकरण की राजनीति को खत्म किया गया है और अब समानता की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।

कलेक्टर की अध्यक्षता में सुरक्षित इंटरनेट दिवस का आयोजन, नागरिकों को स्कैम से बचने के उपायों की दी जानकारी

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राजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में “सुरक्षित इंटरनेट दिवस” का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नागरिकों को इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग, इसके लाभ और संभावित खतरों के बारे में जागरूक किया गया।

हर साल फरवरी माह के दूसरे मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षित इंटरनेट दिवस मनाया जाता है, और इस दिन का उद्देश्य इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा देना है। कलेक्टर श्री यादव ने कहा कि इंटरनेट का सही तरीके से इस्तेमाल जीवन को आसान बना सकता है, लेकिन इसके उपयोग में सतर्कता जरूरी है, ताकि लोग ऑनलाइन धोखाधड़ी से बच सकें।

इस कार्यक्रम में इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। प्रजेंटेशन के माध्यम से डिजिटल पेमेंट, ई-शॉपिंग, ई-लर्निंग और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले स्कैम्स से बचने के उपाय बताए गए। खास तौर पर नागरिकों को अनजान व्यक्ति से ओटीपी साझा न करने की सलाह दी गई और यह बताया गया कि “डिजिटल अरेस्ट” जैसी कोई चीज नहीं होती है।

कार्यक्रम में बताया गया कि वर्तमान में ओटीपी स्कैम, यूपीआई स्कैम, फिशिंग, नकली एसएमएस और अज्ञात एपीके फाइल्स के माध्यम से व्यापक पैमाने पर ठगी की जा रही है। इस ठगी से बचने के लिए, नागरिकों को अनजान व्यक्तियों से कोई भी संवेदनशील जानकारी साझा करने से बचने की सलाह दी गई।

इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा, एसडीएम डोंगरगढ़ श्री एम भार्गव, एसडीएम डोंगरगांव श्री श्रीकांत कोराम और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।