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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: मुस्लिम मतदाताओं की भूमिका और राजनीतिक प्रभाव…

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारी

पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनावों के संकेत अब से ही दिखाई देने लगे हैं। वर्तमान में, मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) को लेकर राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया है और इस मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचाया है। इस बीच, पश्चिम बंगाल की राजनीति में ‘मुस्लिम फैक्टर’ फिर से चर्चा का केंद्र बन गया है। मुस्लिम मतदाता, जिनकी संख्या कई निर्वाचन क्षेत्रों में महत्वपूर्ण है, को संभावित किंगमेकर के रूप में देखा जा रहा है। आइए, उनकी जनसांख्यिकीय ताकत और राजनीतिक प्रभाव पर एक नजर डालते हैं।

पश्चिम बंगाल में मुस्लिम जनसंख्या

राज्य की कुल जनसंख्या में मुसलमानों की हिस्सेदारी लगभग 30 प्रतिशत है। पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुल 294 सीटें हैं, जिनमें से लगभग 40 से 50 निर्वाचन क्षेत्रों में मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं। मुर्शिदाबाद, मालदा, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण 24 परगना और बीरभूम जैसे जिलों में मुस्लिम जनसंख्या सबसे अधिक है। इन क्षेत्रों में, कई निर्वाचन क्षेत्रों में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या 50 प्रतिशत से अधिक है, जिससे उनके वोट चुनावी परिणामों को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण बन जाते हैं।

2021 विधानसभा चुनावों के परिणाम

2021 के विधानसभा चुनावों में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने शानदार जीत हासिल की। 294 सीटों में से 292 पर मतदान हुआ, जिसमें टीएमसी ने 213 सीटें जीतकर बहुमत प्राप्त किया। पार्टी को लगभग 48 प्रतिशत वोट मिले। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रमुख विपक्षी दल के रूप में उभरते हुए 77 सीटें जीतीं। वाम मोर्चा और कांग्रेस, जो दशकों से बंगाल की राजनीति में प्रभावी थे, को ऐतिहासिक हार का सामना करना पड़ा और वे एक भी सीट नहीं जीत सके। भारतीय धर्मनिरपेक्ष मोर्चा (आईएसएफ) को गठबंधन के तहत एक सीट मिली।

चुनाव में केवल 292 सीटों पर मतदान क्यों हुआ?

मुर्शिदाबाद जिले की दो विधानसभा सीटों – शमशेरगंज और जंगीपुर – पर मतदान नहीं हो सका क्योंकि मतदान से पहले ही उम्मीदवारों का निधन हो गया था। कांग्रेस के उम्मीदवार रेजाउल हक और आरएसपी के उम्मीदवार प्रदीप नंदी का कोविड-19 से संबंधित जटिलताओं के कारण निधन हो गया।

Dollar vs Rupee: भारतीय रुपये में आया भारी जोश, अमेरिकी डॉलर को दी करारी शिकस्त…

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केन्द्रीय बजट पेश होने के एक दिन बाद शेयर बाजार में जहां रिकवरी देखने को मिली, वहीं रुपये में भी मजबूती दर्ज की गई. सोमवार को शुरुआती कारोबार में रुपया 37 पैसे चढ़कर 91.56 प्रति डॉलर पर पहुंच गया.

कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज गिरावट से घरेलू मुद्रा को सहारा मिला है. विदेशी मुद्रा कारोबारियों के मुताबिक, बजट से रुपये को कोई तात्कालिक राहत नहीं मिली, लेकिन सरकार की नीतियों ने बाजार को एक तरह का आश्वासन जरूर दिया है. हालांकि, अगले वित्त वर्ष में सरकार की ऊंची उधारी योजना को लेकर निवेशकों की भावनाओं पर दबाव बने रहने की आशंका जताई जा रही है.

रुपये में मजबूती

सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 में सकल घरेलू उत्पाद के 4.3 प्रतिशत के अनुमानित राजकोषीय घाटे को पूरा करने के लिए करीब 17.2 लाख करोड़ रुपये उधार लेने का अनुमान रखा है. अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 91.95 पर खुला और धीरे-धीरे मजबूत होकर 91.56 प्रति डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव के मुकाबले 37 पैसे की बढ़त दर्शाता है. इससे पहले शुक्रवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 92.02 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक फिसल गया था, हालांकि अंत में यह 91.93 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था.

इस दौरान वैश्विक बाजार में डॉलर की स्थिति भी लगभग स्थिर रही. छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती दिखाने वाला डॉलर इंडेक्स 0.10 प्रतिशत की बढ़त के साथ 97.08 पर रहा. वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई और ब्रेंट क्रूड 4.14 प्रतिशत टूटकर 66.45 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जिससे भारत जैसे आयातक देशों की मुद्राओं को राहत मिली.

विदेशी निवेशकों ने बढ़ाई चिंता

हालांकि, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों ने बाजार में थोड़ी चिंता भी बढ़ाई है. शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) लंबे समय बाद बिकवाल नजर आए और उन्होंने करीब 588.34 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री की. इससे साफ है कि बजट के बाद बाजार में स्थिरता लौटने के संकेत तो मिले हैं, लेकिन विदेशी निवेशकों की सतर्कता और सरकार की उधारी योजनाएं आने वाले दिनों में रुपये और बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी.

योगी सरकार का लक्ष्य: मार्च तक 62% होगा सीडी रेशियो, बैंकिंग व्यवसाय 32.79 लाख करोड़ के पार…

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चालू वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक प्रदेश में कुल क्रेडिट डिपॉजिट (सीडी रेशियो) 62 प्रतिशत से अधिक करने का लक्ष्य रखा है. रविवार को राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी (एसएलबीसी) की विशेष बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी बैंक प्रतिनिधियों से उनके सीडी रेशियो के बारे में जानकारी प्राप्त करते हुए सीडी रेशियो बढ़ाने के लिए ठोस प्रयास करने पर बल दिया.

बैठक में बताया गया कि दिसंबर 2025 तक उत्तर प्रदेश का कुल सीडी रेशियो 60.39 प्रतिशत हो गया है, जो पिछले लगभग दस वर्षों का सर्वाधिक स्तर है. जनपद-वार समीक्षा के अनुसार 40 प्रतिशत से कम सीडी रेशियो वाले जनपद घटकर केवल पाँच रह गए हैं, जबकि 40-50, 50-60 और 60-80 प्रतिशत की श्रेणी वाले जनपदों की संख्या में भी निरंतर सुधार हुआ है. मार्च 2018 में 40 प्रतिशत से कम सीडी रेशियो वाले 20 जनपद थे, जो अब घटकर 5 हो गए हैं. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मार्च 2026 तक सभी जनपदों के सीडी रेशियो में लक्षित सुधार सुनिश्चित किया जाए.

महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) की सफलता के बाद अब राज्य सरकार एक जिला-एक व्यंजन (ओडीओसी) के माध्यम से छोटे व्यापारियों, पारंपरिक पाक कला से जुड़े कारीगरों और गिग वर्कर्स को नई पहचान देने जा रही है. उन्होंने बैंकों से आह्वान किया कि जैसे ओडीओपी को वित्तीय सहयोग मिला, वैसे ही ओडीओसी को भी प्राथमिकता देते हुए अधिक से अधिक लोगों को ऋण उपलब्ध कराया जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रशिक्षण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग में पूरा सहयोग दे रही है, और इस मिशन को गति देने में बैंकों की भूमिका निर्णायक होगी.

बैंकिंग प्रक्रिया में सहूलियत और समयबद्ध ऋण वितरण

राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी (एसएलबीसी) की विशेष बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान का उदाहरण दिया और कहा कि इन योजनाओं की सफलता के केंद्र में बैंकों की सहयोगी भावना है.

उन्होंने साफ कहा कि अनावश्यक दस्तावेज़ों की मांग, बार-बार वेरिफिकेशन और प्रक्रिया में देरी जैसी स्थितियां लाभार्थियों को हतोत्साहित करती हैं. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बैंकिंग प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए जिससे आम नागरिक को वास्तविक सहूलियत मिले और पात्र लाभार्थी बिना किसी दिक्कत के योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें.

एमएसएमई, स्टार्टअप और महिला-युवा उद्यमियों को ऋण सुविधा

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज आर्थिक गतिविधियों, औद्योगिक निवेश, उद्यमिता, कृषि और महिला-युवा स्वावलंबन के क्षेत्रों में तेज गति से आगे बढ़ रहा है. इस प्रगति में बैंकिंग तंत्र की सक्रिय साझेदारी अनिवार्य है. उन्होंने सभी बैंक प्रतिनिधियों से कहा कि किसान, सूक्ष्म,लघु, मध्यम उद्यम (एमएसएमई), स्टार्टअप, महिला स्वयं सहायता समूहों और नवउद्यमी युवाओं को ऋण उपलब्धता सरल, सम्मानजनक और समयबद्ध हो.

मुख्यमंत्री ने उन जनपदों में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए जहां सीडी रेशियो 40 प्रतिशत से कम है, और कहा कि बैंकों को गांवों को लक्षित कर मेगा ऋण मेले आयोजित करने चाहिए. मुख्यमंत्री ने हर माह जिला स्तरीय बैकर्स कमेटी की बैठक सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव को निर्देशित किया. उन्होंने बैंकों से सीएसआर के माध्यम से उत्तर प्रदेश के विकास में सहभागी बनने का भी आह्वान किया.

बैंकिंग तंत्र की ताकत और वित्तीय समावेशन

बैठक में बताया गया कि पिछले 08 वर्षों में प्रदेश का बैंकिंग तंत्र अत्यंत मजबूत हुआ है. मार्च 2017 में प्रदेश की कुल जमा राशि 8.92 लाख करोड़ रुपये थी, जो दिसंबर 2025 में बढ़कर 20.44 लाख करोड़ रुपये हो गई है. इसी अवधि में कुल ऋण वितरण 4.05 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 12.34 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया. मार्च 2017 में प्रदेश का कुल बैंकिंग व्यवसाय 12.80 लाख करोड़ रुपये था, जो दिसंबर 2025 में बढ़कर 32.79 लाख करोड़ रुपये हो गया है.

अप्रैल 2022 से दिसंबर 2025 के दौरान अकेले जमा में 6.47 लाख करोड़ रुपये, ऋण में 5.03 लाख करोड़ रुपये और कुल बैंकिंग व्यवसाय में 11.50 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है. कृषि, एमएसएमई और प्राथमिकता क्षेत्रों में ऋण प्रवाह लगातार बेहतर हुआ है. दिसंबर 2024 से दिसंबर 2025 के बीच एमएसएमई क्षेत्र में 23 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई.

वित्तीय समावेशन अभियान (जुलाई-अक्टूबर 2025) की उपलब्धियों की जानकारी भी बैठक में प्रस्तुत की गई. इस अवधि में प्रदेश ने देशभर में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और आठ प्रमुख सूचकों में से सात पर प्रथम स्थान प्राप्त किया. प्रदेश में 57,699 वित्तीय साक्षरता शिविर आयोजित हुए, 22.24 लाख जनधन खाते खोले गए, 17.14 लाख लोगों का जीवन सुरक्षा बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) में और 43.35 लाख नागरिकों का दुर्घटना बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) में नामांकन हुआ. अटल पेंशन योजना (एपीवाई) में 6.90 लाख नए सब्सक्रिप्शन दर्ज किए गए. नामांकन, दावा निपटान, पुनः-केवाईसी और नामांकन अद्यतन जैसे क्षेत्रों में भी प्रदेश का प्रदर्शन राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष रहा.

बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान ऊर्जा, कृषि, बुनियादी ढांचा, उद्योग, एमएसएमई और एनबीएफसी सह-ऋण मॉडल सहित विभिन्न क्षेत्रों में 22,000 करोड़ रुपये से अधिक के बड़े ऋण स्वीकृत किए गए हैं. यूपीपीसीएफ, यूपीसीयू, पावर ट्रांसमिशन और अन्य औद्योगिक परियोजनाओं को भी महत्वपूर्ण स्वीकृतियां मिली हैं. पिछले एक वर्ष में एमएसएमई दिवस, मुख्यमंत्री युवा कॉन्क्लेव, विश्वकर्मा जयंती, इंटरनेशनल ट्रेड शो और उत्तर प्रदेश दिवस जैसे कार्यक्रमों में बड़े पैमाने पर ऋण वितरण किया गया. अकेले विश्वकर्मा जयंती पर 1.32 लाख करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत हुए. 20 फ़रवरी और 16 मार्च 2026 को दो मेगा ऋण वितरण कार्यक्रम प्रस्तावित हैं, जिनमें 2.20 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ऋण वितरण का लक्ष्य है.

योजनाओं के तहत ऋण वितरण और बैंकिंग आउटलेट का विस्तार

योजनावार प्रगति प्रस्तुत करते हुए बताया गया कि चालू वित्तीय वर्ष में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में 4.66 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 2.32 लाख को स्वीकृति और 2.07 लाख को ऋण वितरण किया गया. प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में कुल 22.85 लाख आवेदनों के सापेक्ष 21.15 लाख को स्वीकृति और 20.72 लाख को ऋण वितरण किया गया है, जिसमें उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है. किसान क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत दिसंबर 2025 तक 50.82 लाख किसानों को 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की सीमा स्वीकृत की गई. महिला स्व-सहायता समूहों के बैंक-लिंकिंग में 2.16 लाख समूहों को सहायता प्रदत्त की गई.

बैठक में साझा किया गया कि प्रदेश में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार भी उल्लेखनीय है. पिछले दस वर्षों में 3.89 लाख से अधिक बैंकिंग आउटलेट स्थापित किए गए हैं. दिसंबर 2025 तक प्रदेश में कुल 4,30,565 बैंकिंग आउटलेट सक्रिय हैं, जिनमें 20,913 शाखाएं, 19,191 एटीएम और 4.09 लाख बैंक मित्र तथा बीसी सखी शामिल हैं. प्रधानमंत्री जनधन योजना के अंतर्गत प्रदेश में अब तक 10 करोड़ 21 लाख से अधिक खाते खोले जा चुके हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं.

बैंकिंग प्रणाली और निवेश को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसे और सशक्त बनाने में बैंकिंग तंत्र की सक्रियता अत्यंत महत्वपूर्ण है. उन्होंने अपेक्षा की कि सभी बैंक विकासोन्मुख क्षेत्रों में ऋण प्रवाह बढ़ाएं, नागरिकों को सरल और समयबद्ध सेवा प्रदान करें और वित्तीय समावेशन के लक्ष्य को जनपद-दर-जनपद पूरा करें. मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि बैंक और सरकार मिलकर उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति सुनिश्चित करेंगे.

बैठक में बैंक ऑफ बड़ौदा के कार्यकारी निदेशक लाल सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार की क्रेडिट गारंटी योजना ने बैंकों के लिए जोखिम कम किया है, जिससे ऋण वितरण की गति और बैंकिंग गतिविधियां दोनों बढ़ी हैं. उन्होंने सभी बैंकों से मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, ओडीओपी तथा विश्वकर्मा श्रम सम्मान जैसी योजनाओं में अधिक से अधिक युवाओं और कारीगरों तक लाभ पहुंचाने की अपील की. उन्होंने कहा कि साइबर धोखाधड़ी की रोकथाम के लिए मुख्यमंत्री द्वारा उठाए गए कदमों में बैंक पूरी तरह सहयोग करेंगे.

भारतीय रिजर्व बैंक, लखनऊ के क्षेत्रीय निदेशक पंकज कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश का लगातार राजस्व अधिशेष में बने रहना बैंकिंग क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस में तेजी से हो रहे सुधारों ने निवेश, उद्योग और ऋण मांग को मजबूत दिशा दी है, और बैंकिंग तंत्र को इस गति का पूरा लाभ उठाना चाहिए.

नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक पंकज कुमार ने किसान क्रेडिट कार्ड वितरण को लेकर और तेजी की अपेक्षा जताई. उन्होंने बैंक शाखाओं के सापेक्ष गांवों की मैपिंग पर भी जोर दिया ताकि सरकारी योजनाओं के संतृप्तिकरण में और बेहतर प्रयास किए जा सकें.

भारत के बजट 2026 पर आया फिच रेटिंग्स का बड़ा बयान, देश की GDP ग्रोथ रेट का बताया अनुमान…

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केन्द्रीय बजट 2026 एक फरवरी को पेश किया गया, जिसमें देश के समग्र विकास को केंद्र में रखते हुए कई बड़े निवेश संबंधी ऐलान किए गए हैं. इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर निर्यात तक लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों पर फोकस रखा गया है.

इसी बीच अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी फिच रेटिंग्स ने कहा है कि भारत का केंद्रीय बजट सरकारी कर्ज में क्रमिक कमी के जरिए व्यापक आर्थिक स्थिरता बनाए रखने की सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है.

इसके साथ ही मजबूत पूंजीगत व्यय कार्यक्रम को बनाए रखते हुए विकास की संभावनाओं को संतुलित करने की कोशिश की गई है. हालांकि बजट में किसी बड़े पैमाने के संरचनात्मक सुधार की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन फिच को आने वाले समय में खासतौर पर विनियमन में ढील देने के एजेंडे पर और सुधारों की उम्मीद है.

ऋण स्थिति में सुधार

फिच का मानना है कि मजबूत जीडीपी वृद्धि भारत के कई संप्रभु ऋण संकेतकों में सकारात्मक रुझान ला रही है और यदि यह गति आगे भी बनी रहती है, तो मौजूदा राजकोषीय चुनौतियों के बावजूद समय के साथ देश की ऋण स्थिति में सुधार हो सकता है. रेटिंग एजेंसी के अनुसार, हालिया सुधारों की रफ्तार को आगे बढ़ाने से निजी निवेश में तेजी आएगी और भारत की संभावित विकास दर और मजबूत होगी.

हालांकि फिच ने यह भी संकेत दिया कि राजकोषीय समेकन सीमित रहने की संभावना है, क्योंकि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य जीडीपी का 4.3 प्रतिशत रखा गया है, जो 2025-26 के 4.4 प्रतिशत से केवल मामूली रूप से कम है.

निजी निवेश की सुस्त गति की भरपाई

फिच ने कहा कि समेकन की धीमी रफ्तार इस आकलन के अनुरूप है कि आर्थिक वृद्धि से अधिक समझौता किए बिना घाटे में और कटौती करना अब मुश्किल होता जा रहा है. एजेंसी के मुताबिक, सरकार ने अधिक सख्त राजकोषीय समेकन की बजाय 2026-27 में पूंजीगत व्यय को जीडीपी के 3.1 प्रतिशत पर अपेक्षाकृत स्थिर रखने का विकल्प चुना है, जो निजी निवेश की सुस्त गति की भरपाई करने के प्रयास को दर्शाता है.

फिच रेटिंग्स के निदेशक जेरेमी जूक ने कहा कि यह बजट विकास और स्थिरता के बीच संतुलन साधने की सरकार की नीति को दर्शाता है. फिच ने वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है.

Union Budget 2026: ‘पिछली सरकार ने नहीं खर्च किया फंड, अब विकास में आएगी तेजी’, केंद्रीय बजट पर बोलीं CM रेखा गुप्ता…

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दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बजट देश के विकास में अहम भूमिका निभाने वाला है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दिल से आभार जताया और कहा कि यह बजट महिलाओं, युवाओं और किसानों के साथ-साथ पूरे देश के विकास को समर्पित है.

सीएम ने कहा कि बजट में हर वर्ग को आगे बढ़ने का मौका दिया गया है.

केंद्र-दिल्ली मिलकर करेंगे काम

मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि दिल्ली सरकार लगातार केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है. उन्होंने बताया कि इस बजट से दिल्ली को ग्रोथ, राहत और निवेश-तीनों का लाभ मिलेगा. केंद्र से मिलने वाले फंड को दिल्ली ज्यादा से ज्यादा लेने और सही तरीके से खर्च करने की कोशिश करेगी ताकि विकास कार्यों में तेजी आ सके.

पर्यावरण, महिला और ऊर्जा पर फोकस

रेखा गुप्ता ने बताया कि वन्य और पर्यावरण के लिए फंड बढ़ाया गया है, जिससे पर्यावरण को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी. महिलाओं के लिए हर जिले में हॉस्टल बनाने का काम किया जाएगा. इसके साथ ही ईवी और सोलर पावर एनर्जी पर भी काम होगा और इसके लिए केंद्र सरकार से ज्यादा से ज्यादा फंड लेने की कोशिश की जाएगी.

पिछली सरकार पर निशाना

सीएम ने कहा कि पिछली सरकारें केंद्र पर आरोप लगाती थीं कि फंड नहीं दिया जा रहा, जबकि सच्चाई यह है कि केंद्र पैसे देता था लेकिन पहले की सरकारें उसे सही तरह से खर्च नहीं कर पाती थीं. अब केंद्र से मिला बड़ा अमाउंट विकास कार्यों में तेजी से लगाया जाएगा.

स्वच्छ पानी और केंद्र का सहयोग

मुख्यमंत्री ने बताया कि 380 करोड़ रुपये के माध्यम से लाखों लोगों को स्वच्छ पानी पहुंचाया जाएगा. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का सहयोग दिल्ली के लिए बहुत महत्वपूर्ण है.

इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री का धन्यवाद किया और बताया कि दिल्ली को केंद्र से कुल 1348 करोड़ रुपये मिले हैं, जिनका सही इस्तेमाल किया जाएगा.

U19 World Cup 2026: U19 वर्ल्ड कप 2026 सेमीफाइनल मुकाबले तय, जानें टीमें, तारीख और लाइव स्ट्रीमिंग की पूरी डिटेल्स…

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U19 World Cup 2026: आईसीसी अंडर-19 विश्व कप 2026 अब अपने सबसे अहम दौर में पहुंच चुका है. सुपर सिक्स के मुकाबले खत्म होने के बाद टूर्नामेंट को चार सेमीफाइनलिस्ट टीमें मिल गई हैं और अब खिताब की जंग शुरू होने वाली है.

3 और 4 फरवरी को खेले जाने वाले सेमीफाइनल मुकाबलों के बाद 6 फरवरी को फाइनल खेला जाएगा.

सेमीफाइनल में पहुंचीं ये चार टीमें

इस बार अंडर-19 विश्व कप के सेमीफाइनल में भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और अफगानिस्तान ने जगह बनाई है. ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और अफगानिस्तान ने अपने-अपने सुपर सिक्स मुकाबले जीतकर पहले ही अंतिम चार में एंट्री कर ली थी. वहीं, भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ अहम मैच जीतकर सेमीफाइनल का टिकट कटा लिया.

पहला सेमीफाइनल: ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड

पहला सेमीफाइनल मुकाबला मंगलवार, 3 फरवरी 2026 को खेला जाएगा. इस मैच में ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 टीम का सामना इंग्लैंड अंडर-19 टीम से होगा. यह मुकाबला क्वींस स्पोर्ट्स क्लब, बुलावायो में खेला जाएगा. भारतीय समय के अनुसार मैच की शुरुआत दोपहर 1 बजे होगी, जबकि टॉस 12:30 बजे होगा. दोनों टीमें टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म में रही हैं, ऐसे में यह मुकाबला काफी रोमांचक होने की उम्मीद है.

दूसरा सेमीफाइनल: भारत बनाम अफगानिस्तान

दूसरा सेमीफाइनल बुधवार, 4 फरवरी 2026 को खेला जाएगा. इसमें भारत अंडर-19 टीम का सामना अफगानिस्तान अंडर-19 टीम से होगा. यह मैच हरारे स्पोर्ट्स क्लब, हरारे में खेला जाएगा. इस मुकाबले की भी शुरुआत भारतीय समय के अनुसार दोपहर 1 बजे होगी. भारत जहां अपने मजबूत बल्लेबाजी क्रम पर भरोसा करेगा, वहीं अफगानिस्तान अपनी तेज गेंदबाजी से चौंकाने की कोशिश करेगा.

फाइनल की तारीख और जगह

दोनों सेमीफाइनल के विजेता टीमें शुक्रवार, 6 फरवरी 2026 को फाइनल में आमने-सामने होंगी. खिताबी मुकाबला भी हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा.

भारत में कहां देखें लाइव मैच

आईसीसी अंडर-19 विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल मुकाबलों का लाइव टेलीकास्ट स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा. वहीं, लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार ऐप और वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी.

ICC U19 वर्ल्ड कप 2026 की सभी सेमीफाइनलिस्ट टीमों के स्क्वॉड

भारतीय टीम: आयुष म्हात्रे (कप्तान), आर.एस. अंबरीश, कनिष्क चौहान, डी. दीपेश, मोहम्मद एमान, एरॉन जॉर्ज, अभिज्ञान कुंडू, किशन कुमार सिंह, विहान मल्होत्रा, उदय मोहन, हेमिल पटेल, खिलान ए. पटेल, हर्षवर्धन सिंह, वैभव सूर्यवंशी, वेदांत त्रिवेदी

ऑस्ट्रेलियाई टीम: ओलिवर पीक (कप्तान), केरी बार्टन, नाथन करे, जेडन ड्रेपर, बेन गार्डनर, स्टीवन होगन, थॉमस होगन, जॉन जेम्स, चार्ल्स लेमंड, विल मलाजुक, निवेश सेमुअल, हेडन शिलर, आर्यन शर्मा, विलियम बायरस, एलेक्स ली यंग

इंग्लैंड टीम: शमस रेव (कप्तान), फरहान अहमद, रॉकी अलर्ट, बिल वीसन, बेन डॉकिन्स, कालेब फॉल्कनर, अली फारूक, एलेक्स फ्रेंच, एलेक्स ग्रीन, ल्यूक हेंडरसन, मैनी लार्डन, बेन मेयर, जेम्स मीटो, जो मूर्स, सेबेस्टियन मॉर्गन

अफगानिस्तान टीम: महबूब खान (कप्तान), खालिद अहमदजई, उस्मान सावत, फैसल खान, उजैरुल्लाह नियाज़ई, अजीज मिया खिल, नाजिफ अमीरी, खातिर स्टेनिकजई, नूरस्तानी, अब्दुल अजीज, सलाम खान, वाहिद जादरान, जैदुल्लाह शाहीन, रोहुल्लाह अरब, अकील खान

रिजर्व: अकील खान, फहीम कासमी, इज्जत नूर

क्या भाई को छोड़ मुंबई में BJP से गठबंधन करेंगे राज ठाकरे? MNS चीफ ने साफ कर दिया स्टैंड…

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मुंबई में राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) द्वारा भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ गठबंधन किए जाने की जोरदार चर्चा चल रही थी. इससे महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई थी.

कुछ दिनों पहले लचीली राजनीति के संकेत देने वाले मनसे प्रमुख राज ठाकरे के बारे में चर्चा थी कि वे कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका के बाद अब मुंबई में भी सत्ताधारी दलों के साथ हाथ मिलाने वाले हैं.

बीजेपी से गठबंधन को लेकर राज ठाकरे ने साफ किया रुख

सोमवार, 2 फरवरी की सुबह बीजेपी और एकनाथ शिंदे गुट के नगरसेवक गुट पंजीकरण के लिए कोकण भवन जाने से पहले मुंबई महानगरपालिका में एकत्र हुए थे. इसी दौरान खबर फैल गई कि मनसे बीजेपी को समर्थन देने वाली है.

उसी समय राज ठाकरे एमआईजी क्लब में मनसे के पराजित नगरसेवकों के साथ बैठक कर रहे थे. जैसे ही राज ठाकरे और बीजेपी के संभावित गठबंधन की खबर बाहर आई, राजनीतिक हलचल तेज हो गई. हालांकि, बैठक समाप्त होने के बाद बाहर निकलते ही राज ठाकरे ने इस खबर का साफ इनकार कर दिया. राज ठाकरे ने कहा,’हम मुंबई में बीजेपी के साथ नहीं जाएंगे. मैं कह रहा हूं ना, नहीं मतलब नहीं.’

एमआईजी क्लब में मनसे की बैठक

आज सुबह बांद्रा स्थित एमआईजी क्लब में मनसे की निर्धारित बैठक थी. इसमें मुंबई के सभी पराजित उम्मीदवार, विभाग अध्यक्ष और उपाध्यक्ष उपस्थित थे. बैठक में मनसे नेता संदीप देशपांडे समेत पार्टी के प्रमुख नेता मौजूद थे.

कल्याण-डोंबिवली में समर्थन देने पर हुई थी आलोचना

कुछ दिन पहले मनसे ने कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका में एकनाथ शिंदे की शिवसेना को समर्थन दिया था. इसके बाद राज ठाकरे और मनसे की काफी आलोचना हुई थी. चुनाव प्रचार के दौरान जिन पर कड़ी आलोचना की गई थी, चुनाव के बाद उन्हीं के साथ बैठने को लेकर मनसे पर कई लोगों ने निशाना साधा था.

लोकसभा में चर्चा के दौरान राहुल गांधी को इस मुद्दे पर मिला अखिलेश यादव का साथ, जमकर हुआ हंगामा…

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संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने डोकलाम का मुद्दा उठाया. इस मुद्दे पर जब सत्ता पक्ष ने हंगामा किया और आपत्ति जाहिर की तब उन्हें समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव का साथ मिला है.

लोकसभा में राहुल गांधी पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे की किताब का जिक्र कर रहे थे, जो प्रकाशित नहीं हुई है.

रायबरेली सांसद राहुल ने जैसे ही डोकलाम के मुद्दे पर थलसेना के पूर्व अध्यक्ष नरवणे की अप्रकाशित किताब का जिक्र किया, उस पर सत्ता पक्ष की ओर से हंगामा शुरू हो गया और आपत्ति दर्ज कराई गई. इन सबके बीच कन्नौज सांसद ने अखिलेश ने कहा कि चीन का मुद्दा संवेदनशील है. अखिलेश ने मांग की है कि राहुल गांधी को पूर्व थलसेनाध्यक्ष एमएम नरवेण का बयान पढ़ने दिया जाए.

क्या है पूरा मामला?

2 फरवरी, सोमवार को राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान डोकलाम और चीन का मुद्दा उठाया, जिस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कड़ी आपत्ति जताई. जैसे ही राहुल गांधी ने डोकलाम का जिक्र शुरू किया, राजनाथ सिंह ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में इस विषय का उल्लेख नहीं था और ऐसे मुद्दे उठाना नियमों के अनुरूप नहीं है.

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि राहुल गांधी जिस पुस्तक का हवाला दे रहे हैं, क्या वह प्रकाशित हुई . सिंह ने कहा कि पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवाणे से जुड़ी जिस किताब का संदर्भ दिया जा रहा है, वह अब तक प्रकाशित नहीं हुई है. जिस पुस्तक का जिक्र किया जा रहा है, वह प्रकाशित है या नहीं. स्पीकर ने भी इस दौरान यह रूलिंग दी कि यह बयान नहीं पढ़ा जा सकता है.

लोकसभा में बहस के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि जिस किताब का संदर्भ दिया जा रहा है, उसमें ऐसा क्या है जिसे छिपाया जा रहा है और सरकार रिपोर्ट से घबरा क्यों रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि चीनी सेना के टैंक भारतीय सीमा में आए थे. राहुल गांधी ने यह भी कहा कि वह मूल रूप से यह मुद्दा उठाने वाले नहीं थे, लेकिन एक युवा सदस्य द्वारा कांग्रेस पार्टी की देशभक्ति और भारतीय संस्कृति की समझ पर सवाल उठाए जाने के बाद उन्हें बोलना पड़ रहा है.

बजट डे की गिरावट के बाद आज बाजार में उछाल; लेकिन प्री-बजट स्तर से अब भी नीचे Sensex-Nifty, जानें डिटेल…

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भारतीय शेयर बाजार में बजट 2026 वाले दिन जबरदस्त गिरावट देखने को मिली थी. दोनों ही प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स टमाटर की तरह लाल हो गए थे. सेंसेक्स 1546.84 अंक या 1.88 प्रतिशत की गिरावट के साथ 80,722.94 अंक तो वहीं, एनएसई निफ्टी 50 495.20 अंक या 1.96 प्रतिशत फिसलकर 24,825.45 के लेवल पर कारोबारी दिन की समाप्ति की थी.

हालांकि, आज 2 फरवरी कारोबारी दिन शेयर बाजार की रौनक लौट आई है. कारोबारी दिन के दौरान सेंसेक्स 600 अंक से अधिक उछल गया था. निफ्टी 50 में भी तेजी देखने को मिल रही है. आइए जानते हैं, शेयर बाजार के ताजा प्रदर्शन के बारे में……

शेयर बाजार का हाल

सोमवार, 2 फरवरी के कारोबारी दिन दोपहर करीब 1:20 बजे सेंसेक्स 343 अंक उछलकर 81,065 के लेवल पर कारोबार कर रही थी. वहीं, निफ्टी 50 भी लगभग 63 अंक उछलकर 24,888 अंक पर ट्रेड कर रही थी.

बीएसई बॉस्केट से पावरग्रिड, अडानी पोर्ट, रिलायंस और इंडिगो के शेयरों में तेजी दर्ज की जा रही थी. वहीं ट्रेंट, टाइटन और एक्सिस बैंक के शेयरों में गिरावट थी.

प्री बजट डे से नीचे कर रहा कारोबार

30 जनवरी के कारोबारी दिन सेंसेक्स 296.59 अंक या 0.36 फीसदी गिरकर 82,269.78 अंक पर बंद हुआ था. वहीं निफ्टी 50 में भी गिरावट देखने को मिली थी. निफ्टी 98.25 या 0.39 फीसदी गिरकर 25,320.65 लेवल पर कारोबार करते हुए दिन की समाप्ति की थी.

हालांकि, अगर आज के आंकड़ों से तुलना करें तो, प्री बजट का कारोबारी डेटा आज के कारोबारी दिन की तुलना में काफी आगे है.

छत्तीसगढ़ के लाखों युवाओं के लिए खुला नौकरी का पिटारा, मोदी सरकार ने बजट 2026 में कर दिया बड़ा ऐलान…

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छत्तीसगढ़ के इन जिलों में बनेगा माइनिंग कॉरिडोर, युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर, Budget 2026 Live Updates: Chhattisgarh Mining Corridor;

देश की वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को देश का आम बजट पेश किया। इस दौरान वित्तमंत्री ने देश में माइनिंग कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया है। वित्तमंत्री ने कहा कि देश के तीन राज्य छत्तीसगढ़, ओडिशा और केरल को बड़ी सौगात दी है। वित्तमंत्री ने इन तीनों ही राज्यों के लिए खनन गलियारे का ऐलान किया है।

छत्तीसगढ़ में कहां बनेगा माइनिंग कॉरिडोर?

मिली जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ में बॉक्साइट और चूना पत्थर खनन के लिए कई जगहों पर कॉरिडोर बनाया जाएगा। बॉक्साइट और चूना पत्थर के लिए कोरबा, जशपुर, बलरामपुर, बस्तर का चयन किया गया है। वहीं रायपुर, बलौदाबाजार, दुर्ग में भी माइनिंग कॉरिडोर बनाया जाएगा। ये कॉरिडोर खनन, प्रोसेसिंग, रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देंगे, जिससे चीन पर निर्भरता कम होगी और स्वदेशी उत्पादन मजबूत होगा। माइनिंग कॉरिडोर बनने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

देश के इन राज्यों में बनेंगे डेडिकेटेड मिनरल पार्क

वित्त मंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट के लिए 40 हजार करोड़ देंगे। 1000 मान्यता प्राप्त क्लीनिकल साइट्स बनाई जाएंगी, जहां साइंटिफिक रिव्यू हो सकेंगे। सेमीकंडक्टर मिशन के लिए प्रोडक्शन और इंडियन आईपी बनाने, सप्लाई चेन बनाने के लिए प्रावधान किया गया है।इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट बनाने के लिए 40 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। रेयर अर्थ मटेरियल के लिए ओडिशा, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश में डेडिकेटेड फेसिलिसिटी बनाने की पहल की गई है। इसके लिए डेडिकेटेड मिनरल पार्क बनाए जाएंगे। हाई टेक टूल रूम दो लोकेशन पर हाई प्रेसिजन कंपोनेंट्स बनाने के लिए – इसके तहत टनल बोरिंग मशीन से लेकर मल्टी स्टोरीज में फायर फाइटिंग सिस्टम तक बनेंगे।