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टू-व्हीलर सेल की रेस में Hero आगे है या Honda? इस कंपनी ने बेची सबसे ज्यादा गाड़ियां…

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भारत का टू-व्हीलर बाजार FY26 के आखिरी चरण में तेजी से आगे बढ़ रहा है. इस बीच जापानी कंपनी होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया बाजार में सबसे आगे रहने वाली हीरो मोटोकॉर्प को टक्कर देने के लिए पूरी ताकत लगा रही है.

कंपनी ने वित्त वर्ष खत्म होने से ठीक एक हफ्ते पहले स्कूटरों पर बड़े डीलर इंसेंटिव शुरू किए हैं.

जापानी कंपनी ने मंगलवार को एक नया थोक इंसेंटिव प्लान लॉन्च किया, जिसका मकसद बिक्री को तेजी से बढ़ाना और ग्राहकों की खरीद को प्रोत्साहित करना है. पिछले पांच महीनों में कंपनी पहले ही कई तरह के ऑफर ला चुकी है. कंपनी के एक डीलर के हवाले से ET की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मांग मजबूत है और स्टॉक भी संतुलित है, फिर भी होंडा बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने और हीरो से अंतर कम करने के लिए इंसेंटिव दे रही है.

देश में बढ़ी स्कूटरों की मांग

SIAM के आंकड़ों के अनुसार, FY26 के पहले 11 महीनों में स्कूटर बाजार 17.7% बढ़कर 73 लाख यूनिट हो गया, जो पिछले साल 62 लाख यूनिट था. हालांकि, होडा की स्कूटर बिक्री सिर्फ 7.7% बढ़कर 28 लाख यूनिट हुई, जबकि बाजार की ग्रोथ ज्यादा रही. इसकी मुख्य वजह इलेक्ट्रिक स्कूटर और प्रीमियम 125cc पेट्रोल स्कूटर की बढ़ती मांग है.

EV सेगमेंट का जलवा बरकरार

ईवी सेगमेंट में देर से कदम रखने वाली होंडा ने ग्राहकों की रेंज से जुड़ी शिकायतों के बाद अपनी इलेक्ट्रिक होंडा एक्टिवा को भी धीरे-धीरे पीछे खींच लिया है. वहीं TVS Motor और Bajaj Auto नए इलेक्ट्रिक मॉडल लॉन्च कर अपनी बढ़त मजबूत कर रहे हैं. अब होंडा पेट्रोल स्कूटर सेगमेंट पर ज्यादा ध्यान दे रही है, जहां अभी भी बिक्री ज्यादा है.

इस कंपनी ने बेचे ज्यादा टू-व्हीलर

एक्स्पर्ट्स के मुताबिक, बढ़ती पेट्रोल कीमतों के बीच कंपनी इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर तेजी से बदलाव की संभावना भी देख रही है और पेट्रोल स्कूटर पर अच्छे ऑफर देकर ग्राहकों को अपनी ओर खींचना चाहती है. FY26 के पहले 11 महीनों में Hero MotoCorp ने 55 लाख यूनिट्स शोरूम तक भेजे, जबकि Honda 52 लाख यूनिट्स के साथ पीछे रही. फरवरी 2026 के अंत तक Hero की बाजार हिस्सेदारी 26.92% और Honda की 25.36% रही. Honda की कुल बिक्री में स्कूटरों की हिस्सेदारी 53% से ज्यादा है.

West Bengal Election 2026: 13 लाख और नाम कटे, कुल 76 लाख वोटर लिस्ट बाहर! SIR बना सबसे बड़ा चुनावी गेमचेंजर?

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West Bengal Election 2026 SIR Update: पश्चिम बंगाल में चुनाव से ठीक पहले मतदाता सूची को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के तहत पहली सप्लीमेंट्री लिस्ट में करीब 13 लाख वोटरों के नाम हटा दिए गए हैं। इसके साथ ही अब तक कुल 76 लाख नाम वोटर लिस्ट से बाहर हो चुके हैं। यह आंकड़ा अपने आप में बड़ा है और राजनीतिक हलकों में हलचल मचा रहा है।

बंगाल SIR में क्या हुआ अब तक?

पूरे प्रोसेस को समझें तो SIR के दौरान सबसे पहले दिसंबर में एन्यूमरेशन फेज में करीब 58 लाख नाम हटाए गए थे। इसके बाद राज्य में कुल वोटर संख्या 7.66 करोड़ से घटकर 7.08 करोड़ रह गई। फिर 28 फरवरी को जारी नई लिस्ट में यह संख्या और घटकर करीब 7.04 करोड़ रह गई। इस दौरान करीब 60 लाख वोटरों को “अंडर एडजुडिकेशन” यानी जांच के दायरे में रखा गया था। ये वो लोग थे जिनके दस्तावेज या पात्रता पर सवाल थे।

अब इन 60 लाख में से करीब 32 लाख मामलों का निपटारा हो चुका है, जिसमें लगभग 40% यानी करीब 13 लाख नाम और हटा दिए गए हैं। इस तरह कुल मिलाकर 76 लाख नाम लिस्ट से बाहर हो चुके हैं।

28 लाख नाम अभी भी पेंडिंग (28 Lakh Cases Still Pending)

अब भी करीब 28 लाख वोटरों के मामले “अंडर एडजुडिकेशन” में हैं। इन पर फैसला होना बाकी है। राज्य में तैनात 705 न्यायिक अधिकारी इन मामलों की जांच कर रहे हैं। यानी आने वाले दिनों में यह आंकड़ा और बढ़ सकता है, जो चुनावी गणित को पूरी तरह बदल सकता है।

सप्लीमेंट्री लिस्ट में देरी क्यों? (Why Delay in Supplementary List?)

पहली सप्लीमेंट्री लिस्ट सोमवार देर रात जारी की गई, जिसमें करीब 10 लाख नाम वेबसाइट पर अपलोड किए गए। हालांकि, सभी मामलों का डेटा एक साथ जारी नहीं हो पाया। अधिकारियों के मुताबिक, सिर्फ उन्हीं नामों को शामिल किया गया, जिनमें ई-साइन यानी डिजिटल हस्ताक्षर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी। करीब 29 लाख मामलों को प्रोसेस किया गया था, लेकिन तकनीकी कारणों से सभी को एक साथ जारी नहीं किया जा सका। अब हर शुक्रवार नई सप्लीमेंट्री लिस्ट जारी की जाएगी।

राजनीतिक घमासान शुरू, हाई कोर्ट पहुंचा मामला?

इस मुद्दे पर सियासत भी तेज हो गई है। ममता बनर्जी पहले ही केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साध चुकी हैं। विपक्ष का आरोप है कि यह एक खास वर्ग के वोटरों को टारगेट करने की कोशिश है। वहीं चुनाव आयोग का कहना है कि सिर्फ मृत, पलायन कर चुके, डुप्लीकेट और जिनका पता नहीं चल पाया, ऐसे वोटरों के नाम हटाए गए हैं। मामला अब कलकत्ता हाई कोर्ट तक पहुंच गया है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अदालत से रोजाना सप्लीमेंट्री लिस्ट जारी करने की अनुमति मांगी है। हालांकि कोर्ट ने इस पर सुनवाई 27 मार्च के बाद तय की है।

पश्चिम बंगाल की 294 सीटों पर 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होगा और 4 मई को नतीजे घोषित किए जाएंगे। ऐसे में इतने बड़े पैमाने पर वोटर लिस्ट में बदलाव सीधे चुनावी समीकरण को प्रभावित कर सकता है।

Ram Navami 2026 in Ayodhya: कितने बजे होगा सूर्य तिलक? नोट करें आरती का टाइम…

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Ram Navami 2026 in Ayodhya: राम नवमी चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है। इसी दिन दोपहर 12 बजे भगवान राम का जन्म हुआ था। अयोध्या में राम नवमी 27 मार्च को मनाई जाएगी, रामलला के दर्शन के लिए इस वक्त यहां पर भक्तों का तांता लगा है।

24 घंटे के अंदर यहां पर एक लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं। कल सूर्य तिलक दोपहर 12 बजे होने वाली आरती के समय ही होगा और लगभग 4 मिनट तक भगवान के माथे पर सूर्य की किरणें रहेंगी। VIP दर्शन बंद किए गए हैं।

Surya Tilak in Ayodhya: क्या होता है सूर्य तिलक?

सूर्य तिलक एक विशेष खगोलीय और धार्मिक घटना है, इसमें सूर्य की किरणें सीधे भगवान राम की मूर्ति के माथे (मस्तक) पर पड़ती हैं, ऐसा लगता है जैसे सूर्य देव स्वयं भगवान राम को तिलक कर रहे हों। मंदिर की संरचना और दिशा इस तरह बनाई गई है कि एक निश्चित समय पर सूर्य की किरणें सीधे गर्भगृह में प्रवेश करती हैं और भगवान राम की प्रतिमा के माथे पर केंद्रित हो जाती हैं।

Ayodhya Aart: रामलला की आरती

आरती कीजै श्री राम लला की ||
आरती कीजै श्री राम लला की,

दशरथ नंदन पूर्ण कला की।
आरती कीजै श्री राम लला की।

नारायण नर बनकर आए, रघुकुल नंदन राम कहाए।
कौशल्या सुत राजीव लोचन, दशरथ सुत हरि भव भय मोचन।

आरती कीजै श्री राम लला की।
रावण वध कर अवध को आए, सियासन सिंहासन को सजाए।

राम राज त्रिभुवन में लाए,
आरती कीजै श्री राम लला की।

जय जय मर्यादा अवतारी, जय जय धनुष बाण के धारी।
जय सीतापति, जय असुरा, जय रघुनायक अवध बिहारी।

आरती कीजै श्री राम लला की।
सो भवसागर से तर जावे, राम नाम जो निशदिन गावे।
राम नाम अंधकार मिटावे, हृदय में ज्ञान की ज्योत जगावे।

आरती कीजै श्री राम लला की।
दशरथ नंदन पूर्ण कला की,
आरती कीजै श्री राम लला की।

जय सिया राम, जय सिया राम, जय जय सिया राम।

Ayodhya mai Ram Navami 2026: अयोध्या नगरी को सप्तपुरी कहते हैं

आपको बता दें कि सरयू नदी के किनारे बसी अयोध्या नगरी को सप्तपुरी कहा जाता है। महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण में अयोध्या का विस्तार से वर्णन मिलता है। यहीं से भगवान राम को 14 वर्ष का वनवास मिला, इसके बाद राम अयोध्या लौटे और राजा बने, यहीं राम का बचपन बीता था इसलिए यहां पर राम बाल रूप में ही विराजमान हैं।

भारत को हरी झंडी, ईरान ने किन 5 देशों को होर्मुज से जहाज निकालने की परमिशन दी?

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मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच भारत के लिए खुशखबरी है. ईरान ने साफ कर दिया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह से बंद नहीं है. यहां से पांच देशों को जहाज निकलने की अनुमति दी गई है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का कहना है कि होर्मुज रूट से भारत समेत पांच मित्र देशों के जहाज सुरक्षित निकल सकते हैं.

अराघची ने जिन पांच देशों को रास्ता देने की बात कही है उनमें भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान है.

ईरान का कहना है कि इन देशों ने होर्मुज से तेल और गैस के जहाज सुरक्षित निकलने के लिए मांग की थी, जिसके बाद उन्हें अनुमति दी गई है. अब सवाल है कि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर किनके लिए सख्त है.

किन देशों के लिए बंद है होर्मुज रूट?

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के मुताबिक, होर्मुज को सिर्फ दुश्मन देशों के लिए बंद किया गया है. यह बाकी देशों के लिए खुला है. भारत के दो जहाज कुछ दिन पहले गुजरे थे. बांग्लादेश ने भी हमसे बातचीत की और तालमेल बिठाया. यह तालमेल भविष्य में भी जारी रहेगा और जंग के बाद भी. ईरान जंग को खत्म कराना चाहता है, लेकिन अपनी शर्तों पर ताकि भविष्य में हमले न होने की गारंटी ली जा सके. उन्होंने कहा, ईरान ने होर्मुज को कंट्रोल करके अपनी ताकत दिखा दी है.

स्ट्रेट ऑफ होर्मूज.

होर्मुज रूट दुनिया के लिए क्यों जरूरी?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज उत्तर में ईरान, दक्षिण में ओमान और संयुक्त अरब अमीरात से घिरा है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अपनी शुरुआत और अंत पर 50 किलोमीटर चौड़ा है. यह खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है. यह जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे बड़े कच्चे तेल के टैंकरों के लिए पर्याप्त गहरा है, और इसका इस्तेमाल मिडिल ईस्ट के प्रमुख तेल और एलएनजी उत्पादक देशों के साथ-साथ उनके आयातक देशों द्वारा भी किया जाता है.

दुनिया को मिलने वाली 20 फीसदी तेल और LNG इसी रूट से होकर पहुंचती है. ईरान ने इस पर रोक लगाई और ईधन की कीमतें आसमान छूने लगीं.

रूट से कितना तेल रोजाना निकलता है?

अमेरिका के ऊर्जा सूचना प्रशासन का कहना है कि 2025 में होर्मुज जलडमरूमध्य से रोजाना 2 करोड़ बैरल तेल और तेल उत्पादों का परिवहन हुआ. इसकी कीमत 600 अरब डॉलर (447 अरब पाउंड) है. यह तेल केवल ईरान से ही नहीं बल्कि इराक, कुवैत, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे अन्य खाड़ी देशों से भी आता है.

तेल.

रोजाना 300 जहाज गुजरते हैं

आम तौर पर हर महीने लगभग 3,000 जहाज जलडमरूमध्य से गुजरते हैं, लेकिन ईरान की रोक-टोक के बाद इसमें कमी आई है. ईरान ने साफतौर पर टैंकरों और अन्य जहाजों पर हमला करने की धमकी दी. ईरान समेत खाड़ी देशों की आय का मुख्य एनर्जी एक्सपोर्ट है. जलडमरूमध्य की नाकाबंदी से एशिया को भी भारी नुकसान हुआ. हालांकि, मित्र देशों के जहाजों को ईरान ने होर्मुज से निकलने की मंजूरी दी. अकेले चीन ही ईरान के वैश्विक बाजार में निर्यात किए जाने वाले तेल का लगभग 90% खरीदता है.

Nitish Kumar का मास्टरस्ट्रोक! राज्यसभा गए पर CM पद पर अब भी सस्पेंस! 14 अप्रैल के बाद बिहार को मिलेगा नया CM?

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Nitish Kumar Resignation CM: बिहार की राजनीति इस समय एक बड़े बदलाव के मुहाने पर खड़ी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जो पिछले दो दशकों से राज्य की सत्ता के केंद्र में रहे हैं अब देश की राजधानी दिल्ली की राजनीति में लौटने की तैयारी कर चुके हैं।

वे राज्यसभा के सदस्य चुने जा चुके हैं लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अभी तक मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं दिया है। सियासी गलियारों में सबसे बड़ा सवाल यही है कि नीतीश कुमार अपनी कुर्सी कब छोड़ेंगे?

क्या वे किसी संवैधानिक मजबूरी में हैं या फिर 13 अप्रैल तक चलने वाले ‘खरमास’ के खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं? आइए विस्तार से समझते हैं कि सीएम पद से इस्तिफा देने के क्या हैं नियम?

What do The Constitutional Rules Say: सीएम पद से इस्तिफा देने के लिए क्या हैं संवैधानिक नियम?

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 101 (2) के तहत कोई भी व्यक्ति एक साथ संसद (लोकसभा/राज्यसभा) और राज्य विधानमंडल (विधानसभा/विधान परिषद) का सदस्य नहीं रह सकता। यदि कोई सदस्य दोनों सदनों के लिए चुन लिया जाता है, तो उसे एक निश्चित समय सीमा के भीतर एक पद से इस्तीफा देना होता है।

प्रोहिबिशन ऑफ सिमुल्टेनियस मेंबरशिप रूल्स 1950′ के अनुसार, दो सदनों का सदस्य होने पर व्यक्ति को 14 दिनों के भीतर एक पद छोड़ना पड़ता है। यह 14 दिनों की समय सीमा ‘निर्वाचन की तिथि’ से नहीं, बल्कि चुनाव परिणामों के गजट नोटिफिकेशन(राजपत्र प्रकाशन) की तिथि से शुरू होती है।

‘नहीं तो यूपी, बिहार की एस्‍प्रेस ट्रेनों को रोक देंगे’, राज ठाकरे MNS ने आखिर क्‍यों दी ये धमकी?

चूंकि नीतीश कुमार के राज्यसभा निर्वाचन का गजट नोटिफिकेशन अभी तक जारी नहीं हुआ है इसलिए तकनीकी रूप से वे अभी विधान परिषद सदस्य (MLC) और राज्यसभा सांसद दोनों बने रह सकते हैं। यही कारण है कि वे अभी भी मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज हैं।

क्यों अब तक CM पद पर बने हैं नीतीश कुमार? क्या ‘खरमास’ है इस्तीफे में बाधा?

बिहार की राजनीति में शुभ-अशुभ और मुहूर्त का बड़ा महत्व रहा है। फिलहाल ‘खरमास’ का महीना चल रहा है जो 13 अप्रैल को समाप्त होगा। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, खरमास में कोई भी नया या मांगलिक कार्य नहीं किया जाता है। बीजेपी नेतृत्व वाली नई सरकार का गठन एक बड़ा अवसर है और माना जा रहा है कि बीजेपी जो हिंदुत्व पार्टी के रुप में पहचान रखती है वो खरमास के दौरान शपथ ग्रहण जैसा शुभ कार्य नहीं करना चाहती।

यही वजह है कि नीतीश कुमार के इस्तीफे और नई सरकार के गठन को 14 अप्रैल या उसके बाद के लिए टाला जा रहा है। दूसरी ओर JDU पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक नहीं चाहते हैं कि नीतिश कुमार बिहार छोड़ कर दिल्ली जाएं ऐसे में एक दांव यहां भी फंसा हुआ है। 9 अप्रैल को राज्यसभा के पांच सदस्यों का कार्यकाल भी पूरा हो रहा है, जो नीतीश के दिल्ली प्रस्थान के लिए सही समय माना जा रहा है।

बिहार में ‘बीजेपी सीएम’ का क्या है नया फॉर्मूला?

नीतीश कुमार के जाने के बाद बिहार में पहली बार बीजेपी का अपना मुख्यमंत्री होगा। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, सरकार गठन का नया फॉर्मूला मिल गया है। सीएम की रेस में सम्राट चौधरी और नित्यानंद राय जैसे दिग्गजों के नाम सबसे आगे चल रहे हैं।

चर्चा यह भी है कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत को राजनीति में लॉन्च करते हुए उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। उनके साथ जेडीयू के किसी अन्य वरिष्ठ नेता को भी दूसरा डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। वही बीजेपी और जेडीयू के बीच 15-15 मंत्रियों का फॉर्मूला तय होने की संभावना है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नीतीश अपनी विदाई को ‘यादगार’ बनाना चाहते हैं और यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि उनके जाने के बाद भी बिहार में जेडीयू का सांगठनिक ढांचा और जनाधार मजबूत बना रहे। 21 साल पहले नीतीश सांसद रहते हुए बिहार के सीएम बने थे, और अब 21 साल बाद वे सीएम की कुर्सी छोड़कर वापस संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) जा रहे हैं।

Petrol Diesel Price Hike: पेट्रोल ₹5.30 और डीजल ₹3 महंगा, ईरान जंग के बीच इस कंपनी ने बढ़ाई कीमतें, ये है रेट…

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Petrol Diesel Price Hike: भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिला है। देश की बड़ी प्राइवेट फ्यूल कंपनी नायरा एनर्जी (Nayara Energy) ने पेट्रोल के दाम में ₹5.30 प्रति लीटर तक और डीजल में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है।

यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब मिडिल ईस्टर में तनाव और सप्लाई संकट गहराता जा रहा है। ईरान जंग का असर अब भारत में भी दिखने लगा है।

ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच बढ़ते टकराव ने ग्लोबल एनर्जी मार्केट को हिला दिया है। खासतौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में सप्लाई बाधित होने की आशंका से कच्चे तेल की स्टॉक प्रभावित हुई है। यही वजह है कि पेट्रोल-डीजल के दाम धीरे-धीरे बढ़ते जा रहे हैं।

नायरा एनर्जी, जो रूस की कंपनी Rosneft के सपोर्ट से चलती है, भारत के करीब 6,967 पेट्रोल पंप संचालित करती है। कंपनी ने बढ़ती लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डालने का फैसला किया है। प्राइवेट कंपनियों को सरकारी सब्सिडी नहीं मिलती, जबकि सरकारी कंपनियां नुकसान होने पर भी कीमतें स्थिर रख सकती हैं। ऐसे में लगातार घाटे के चलते नायरा को दाम बढ़ाने पड़े।

आपके शहर में क्या है पेट्रोल और डीजल के दाम?

VAT और स्थानीय टैक्स के कारण हर राज्य में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फर्क देखने को मिल रहा है। कुछ जगह पेट्रोल की कीमत ₹5.30 तक बढ़ी है। हैदराबाद में पेट्रोल ₹107.46 प्रति लीटर तक पहुंच गया है, जो देश के बड़े शहरों में सबसे ज्यादा है। वहीं मुंबई और कोलकाता जैसे शहरों में भी पेट्रोल ₹100 के पार बना हुआ है।

देश के 20 बड़े शहरों में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट (26 मार्च 2026)

शहर पेट्रोल (₹/लीटर) डीजल (₹/लीटर)

  • हैदराबाद 107.46 95.70
  • कोलकाता 105.41 92.76
  • मुंबई 103.54 90.10
  • बेंगलुरु 102.92 89.45
  • भुवनेश्वर 101.19 91.05
  • चेन्नई 100.80 92.39
  • गुरुग्राम 95.57 88.45
  • नोएडा 95.16 88.32
  • नई दिल्ली 94.77 87.67
  • चंडीगढ़ 94.30 82.45
  • जयपुर 96.20 89.10
  • लखनऊ 95.50 88.70
  • पटना 105.20 92.10
  • अहमदाबाद 96.42 91.30
  • पुणे 103.90 90.50
  • नागपुर 102.30 89.90
  • इंदौर 97.10 90.00
  • सूरत 95.90 90.20
  • रायपुर 102.50 94.20
  • भोपाल 97.50 90.80

पेट्रोल पंप पर भीड़ क्यों? (Fuel Panic Buying)

देश के कई हिस्सों में पेट्रोल पंप पर भीड़ बढ़ गई है। लोग फ्यूल की कमी की आशंका में गाड़ियों में फुल टैंक करवा रहे हैं। एलपीजी संकट की खबरों ने भी इस डर को बढ़ा दिया है। हालांकि, इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि फिलहाल सप्लाई पूरी तरह बंद नहीं हुई है, लेकिन दबाव जरूर बढ़ा है। हालांकि सरकार ने कहा है कि फिलहाल देश में पेट्रोल और डीजल की कमी नहीं है। सरकान ने पैनिक होकर पेट्रोल और डीजल स्टॉक करने से मना किया है।

35 दिन बंद होगी बड़ी रिफाइनरी! क्या भारत में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई पर पड़ेगा असर?

भारत की बड़ी प्राइवेट फ्यूल कंपनी नायरा एनर्जी ने अप्रैल की शुरुआत से करीब 35 दिनों के लिए अपनी रिफाइनरी बंद करने की योजना बनाई है। यह शटडाउन मेंटेनेंस के लिए होगा, लेकिन इसका असर सिर्फ कंपनी तक सीमित नहीं रह सकता। जानकारों के मुताबिक, इस बंदी से देश की कुल रिफाइनिंग क्षमता का लगभग 8% हिस्सा कुछ समय के लिए ऑफलाइन हो जाएगा। यानी सप्लाई पर दबाव बढ़ सकता है।

गुजरात के वाडिनार में स्थित यह रिफाइनरी देश की दूसरी सबसे बड़ी रिफाइनरी मानी जाती है, जिसकी क्षमता करीब 20 मिलियन टन प्रति वर्ष है। असल में इस मेंटेनेंस को पहले ही किया जाना था, लेकिन यूरोपीय यूनियन के प्रतिबंधों के कारण इसे टाल दिया गया था। उस समय कई यूरोपीय सप्लायर्स ने केमिकल और कैटेलिस्ट देने से इनकार कर दिया था। अब जब तैयारी पूरी हो गई है, तो कंपनी ने इसे आगे बढ़ाने का फैसला लिया है।

इस पूरे घटनाक्रम का समय काफी अहम है। ईरान-इजरायल में जारी तनाव और ईरान-अमेरिका संघर्ष के कारण पहले से ही तेल और गैस की सप्लाई दबाव में है। कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और LPG के आयात में पहले ही गिरावट देखी जा रही है। ऐसे में रिफाइनरी का बंद होना सप्लाई को और टाइट कर सकता है।

क्या पेट्रोल-डीजल की कमी होगी? (Will There Be Fuel Shortage?)

फिलहाल कंपनी का कहना है कि उसके पास पर्याप्त स्टॉक और बफर मौजूद है, जिससे पेट्रोल पंपों पर सप्लाई जारी रहेगी और कोई बड़ी दिक्कत नहीं होगी। लेकिन इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि स्थिति इतनी आसान भी नहीं है। एक बड़े रिफाइनरी के बंद होने और आयात में कमी के चलते घरेलू बाजार पर दबाव बढ़ सकता है।

नायरा एनर्जी की रिफाइनरी का बड़ा हिस्सा घरेलू बाजार में ही खपता है। इसके अलावा कंपनी का नेटवर्क करीब 7,000 पेट्रोल पंपों तक फैला हुआ है। कुछ उत्पादन सरकारी कंपनियों को भी दिया जाता है, क्योंकि वे खुद जितना उत्पादन करती हैं, उससे ज्यादा फ्यूल बेचती हैं। ऐसे में इस रिफाइनरी की भूमिका और भी अहम हो जाती है।

ग्लोबल कीमतें बढ़ीं, कंपनियों पर दबाव (Rising Global Prices)

दुनियाभर में पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतें बढ़ रही हैं। लेकिन भारत में लंबे समय तक रिटेल कीमतें स्थिर रखी गईं, जिससे कंपनियों को नुकसान उठाना पड़ा। अब कच्चे तेल की खरीद महंगी हो रही है और मुनाफा घट रहा है, जिससे कंपनियों के लिए कीमतें कंट्रोल करना मुश्किल हो गया है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर ईरान-अमेरिका तनाव लंबा चला और सप्लाई बाधित रही, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम और बढ़ सकते हैं। फिलहाल हालात सामान्य दिख रहे हैं, लेकिन बाजार पूरी तरह ग्लोबल घटनाओं पर निर्भर है।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में यह बढ़ोतरी सिर्फ एक आर्थिक खबर नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति का सीधा असर है। Nayara Energy का यह फैसला आने वाले दिनों में और बड़ी हलचल का संकेत दे रहा है। अब नजर इस बात पर है कि क्या यह बढ़ोतरी यहीं थमेगी या आम आदमी को और महंगे फ्यूल का सामना करना पड़ेगा।

PM Kisan 23rd Installment Update: अगली किस्त चाहिए तो आज ही निपटा लें ये काम, वरना लिस्ट से कट सकता है नाम…

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PM Kisan 23rd Installment: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi Yojana) के लाभार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। केंद्र सरकार जल्द ही योजना की 23वीं किस्त जारी करने की तैयारी में है।

साल 2019 में शुरू हुई इस महत्वाकांक्षी योजना ने अब तक करोड़ों छोटे और सीमांत किसानों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है।

सरकार हर साल किसानों को 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करती है, जो 2,000-2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में सीधे बैंक खातों में भेजी जाती है। अब तक सरकार सफलतापूर्वक 22 किस्तें जारी कर चुकी है, जिससे खेती-किसानी की जरूरतों जैसे बीज और खाद के लिए किसानों की साहूकारों पर निर्भरता काफी कम हुई है। हालांकि, अगली किस्त का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा जिन्होंने अपनी पात्रता से जुड़ी अनिवार्य शर्तें पूरी कर ली हैं।

PM Kisan: कब जारी होगी 23वीं किस्त?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीएम किसान योजना की 23वीं किस्त अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच जारी होने की प्रबल संभावना है। हालांकि सरकार ने अभी तक किसी सटीक तारीख का ऐलान नहीं किया है, लेकिन चुनावी और पेमेंट सर्क्ल को देखते हुए उम्मीद है कि अप्रैल के अंत तक किसानों के खाते में पैसा पहुंचना शुरू हो सकता है।

खेती में हो रहा है पैसे का सदुपयोग

हालिया सर्वे रिपोर्टों के मुताबिक, लगभग 90 प्रतिशत किसान इस राशि का उपयोग सीधे तौर पर खेती से जुड़े कार्यों में कर रहे हैं। इससे न केवल उनकी आय में सुधार हुआ है, बल्कि संकट के समय उन्हें कर्ज लेने की जरूरत भी कम पड़ती है। डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देते हुए सरकार ने स्टेटस चेक करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल और वॉयस चैटबॉट जैसी सुविधाएं भी दी हैं।

PM Kisan Yojana: इन 3 गलतियों से अटक सकता है आपका पैसा

अगर आप चाहते हैं कि बिना किसी रुकावट के 2,000 रुपये आपके खाते में आएं, तो इन तीन कामों को तुरंत पूरा करें:

e-KYC अनिवार्य: बिना ई-केवाईसी के अगली किस्त पोर्टल द्वारा रोक दी जाएगी। इसे पीएम किसान पोर्टल या नजदीकी सीएससी (CSC) केंद्र से पूरा किया जा सकता है।

आधार-बैंक अकाउंट लिंकिंग: सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता आधार से लिंक है और डीबीटी (DBT) विकल्प इनेबल है।

भू-लेख अंकन (Land Records): आपके जमीन के दस्तावेजों का सत्यापन (Land Seeding) होना जरूरी है। अगर रिकॉर्ड में कोई विसंगति है, तो तुरंत लेखपाल या कृषि विभाग से संपर्क करें।

CG: पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, एक साथ 100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों का तबादला…

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छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा जिले के पुलिस विभाग में बेड़े पैमाने में पुलिसकर्मियों का फेरबदल हुआ है। यहां एक साथ 100 से ज्यादा सुरक्षाबलों को इधर से उधर किया गया है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय ने आदेश भी जारी कर दिया है। SP द्वारा जारी पुलिसकर्मियों की ट्रांसफर सूची में एक ही थाना में करीब तीन वर्षों या उससे अधिक समय से एक ही जगह पर कार्यरत कर्मचारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, ताकि उनकी कार्यप्रणाली में नवीनता आए और प्रशासनिक दक्षता बढ़े। दूसरी ओर, जांजगीर में अब 31 मार्च से महिला थाना में काम शुरू होगा। इस दिन बिलासपुर आईजी, महिला थाना का शुभारंभ करेंगे।

जारी हुआ CGPSC प्री परीक्षा का रिजल्ट, कैंडिडेट यहां चेक कर सकते हैं रिजल्ट…

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CGPSC PCS Prelims Exam Result 2025:   जारी हुआ CGPSC प्री परीक्षा का रिजल्ट, कैंडिडेट यहां चेक कर सकते हैं रिजल्ट’

CGPSC PCS Prelims Exam Result:  जारी हुआ CGPSC प्री परीक्षा का रिजल्ट, इतने उम्मीदवारों को हुआ चयन, कैंडिडेट यहां चेक कर सकते हैं रिजल्ट…

CGPSC PCS Prelims Exam Result 2025 छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने राज्य सेवा परीक्षा 2025 की प्रारंभिक परीक्षा का नतीजा जारी कर दिया है। इस परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार अब आसानी से आयोग की आधिकारिक वेबसाइट psc.cg.gov.in पर जाकर अपना परिणाम देख सकते हैं। इस बार कुल 3921 अभ्यर्थियों ने प्रीलिम्स क्लियर किया है और अब ये सभी उम्मीदवार अगले चरण यानी मेंस परीक्षा में शामिल होंगे।

16 से 19 मई तक होगी मेंस की परीक्षा CGPSC PCS Prelims Exam Result

आपको बता दें कि इस बार कुल 3921 अभ्यर्थियों ने प्रीलिम्स क्लियर किया है और अब ये सभी उम्मीदवार मेंस परीक्षा में शामिल होंगे। अयोग ने मेंस परीक्षा की तारीखें भी तय कर दी है। आयोग के अनुसार, यह परीक्षा 16 मई से 19 मई के बीच आयोजित की जाएगी।

कैसे चेक कर सकते हैं कैंडिडेट अपना रिजल्ट? (How to Check the CGPSC PCS Prelims Exam Results)

राज्य सेवा प्रारंभिक (Prelims) परीक्षा 2025 का रिजल्ट, जिसमें अभ्यर्थी का रोल नंबर, जन्मतिथि के साथ वर्ग, कट ऑफ अंक आयोग की अधिकृत वेबसाइट www.psc.cg.gov.in पर अपलोड कर दिए गए हैं। अभ्यर्थी पीडीएफ फाइल डाउनलोड करके उसमें अपना रोल नंबर खोज सकते हैं।

छत्तीसगढ़ में फिल्म निर्माण को मिलेगी नई दिशा.. स्क्रिप्ट समिति गठन हेतु महत्वपूर्ण बैठक, कला-संस्कृति और सिनेमा के समन्वय पर जोर…

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संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय में छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन की अध्यक्षता में स्क्रिप्ट समिति के गठन हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक प्रदेश में फिल्म निर्माण की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने तथा छत्तीसगढ़ की समृद्ध कला और सांस्कृतिक विरासत को सिनेमा के माध्यम से व्यापक पहचान दिलाने की दिशा में एक अहम पहल के रूप में देखी जा रही है।
संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य ने सिनेमा और संस्कृति के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया। इस दौरान विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों और क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञों ने सहभागिता करते हुए अपने महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए।

स्क्रिप्ट समिति गठन हेतु महत्वपूर्ण बैठक

बैठक में इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ के अधिष्ठाता प्रो. डॉ. राजन यादव, ललित कला अकादमी नई दिल्ली के फोटो अधिकारी श्री अभिमन्यु सिन्हा, प्रसार भारती आकाशवाणी रायपुर से पद्मश्री डॉ. राधेश्याम तारक तथा प्रसार भारती दूरदर्शन रायपुर के कार्यक्रम अधिकारी श्री पी.के. पाठक उपस्थित रहे। विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में मुंबई से फिल्म अभिनेता श्री भगवान तिवारी ने भी अपनी भागीदारी निभाते हुए फिल्म निर्माण के व्यावहारिक पहलुओं और संभावनाओं पर प्रकाश डाला। बैठक में सदस्य सचिव के रूप में उप संचालक श्री उमेश मिश्रा ने समन्वय की भूमिका निभाई।

बैठक के दौरान स्क्रिप्ट समिति के गठन की रूपरेखा, कार्यप्रणाली और चयन प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई। इस समिति का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की लोककथाओं, ऐतिहासिक प्रसंगों, जनजीवन और परंपराओं पर आधारित सशक्त और गुणवत्तापूर्ण पटकथाओं को प्रोत्साहित करना है, ताकि स्थानीय विषयवस्तु पर आधारित फिल्मों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके।

अध्यक्ष सुश्री मोना सेन ने अपने विचार रखते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में अपार रचनात्मक संभावनाएं हैं, जिन्हें सिनेमा के माध्यम से सशक्त मंच प्रदान किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्क्रिप्ट समिति का गठन स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करेगा और प्रदेश में फिल्म निर्माण के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगा।

विशेषज्ञों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए सुझाव दिया कि स्थानीय कलाकारों, लेखकों और तकनीकी विशेषज्ञों को जोड़कर एक समग्र फिल्म पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जाए। साथ ही, छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, परंपराओं और जनजीवन को फिल्म माध्यम में सशक्त रूप से प्रस्तुत करने पर जोर दिया गया।

इस बैठक से प्रदेश की कला, संस्कृति और सिनेमा को एक नई मिलेगी स्क्रिप्ट समिति के गठन से आने वाले समय में छत्तीसगढ़ फिल्म उद्योग को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे राज्य की सांस्कृतिक पहचान और अधिक व्यापक रूप से स्थापित हो सकेगी।