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Petrol Diesel Price Hike: पेट्रोल ₹5.30 और डीजल ₹3 महंगा, ईरान जंग के बीच इस कंपनी ने बढ़ाई कीमतें, ये है रेट…

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Petrol Diesel Price Hike: भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिला है। देश की बड़ी प्राइवेट फ्यूल कंपनी नायरा एनर्जी (Nayara Energy) ने पेट्रोल के दाम में ₹5.30 प्रति लीटर तक और डीजल में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है।

यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब मिडिल ईस्टर में तनाव और सप्लाई संकट गहराता जा रहा है। ईरान जंग का असर अब भारत में भी दिखने लगा है।

ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच बढ़ते टकराव ने ग्लोबल एनर्जी मार्केट को हिला दिया है। खासतौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में सप्लाई बाधित होने की आशंका से कच्चे तेल की स्टॉक प्रभावित हुई है। यही वजह है कि पेट्रोल-डीजल के दाम धीरे-धीरे बढ़ते जा रहे हैं।

नायरा एनर्जी, जो रूस की कंपनी Rosneft के सपोर्ट से चलती है, भारत के करीब 6,967 पेट्रोल पंप संचालित करती है। कंपनी ने बढ़ती लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डालने का फैसला किया है। प्राइवेट कंपनियों को सरकारी सब्सिडी नहीं मिलती, जबकि सरकारी कंपनियां नुकसान होने पर भी कीमतें स्थिर रख सकती हैं। ऐसे में लगातार घाटे के चलते नायरा को दाम बढ़ाने पड़े।

आपके शहर में क्या है पेट्रोल और डीजल के दाम?

VAT और स्थानीय टैक्स के कारण हर राज्य में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फर्क देखने को मिल रहा है। कुछ जगह पेट्रोल की कीमत ₹5.30 तक बढ़ी है। हैदराबाद में पेट्रोल ₹107.46 प्रति लीटर तक पहुंच गया है, जो देश के बड़े शहरों में सबसे ज्यादा है। वहीं मुंबई और कोलकाता जैसे शहरों में भी पेट्रोल ₹100 के पार बना हुआ है।

देश के 20 बड़े शहरों में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट (26 मार्च 2026)

शहर पेट्रोल (₹/लीटर) डीजल (₹/लीटर)

  • हैदराबाद 107.46 95.70
  • कोलकाता 105.41 92.76
  • मुंबई 103.54 90.10
  • बेंगलुरु 102.92 89.45
  • भुवनेश्वर 101.19 91.05
  • चेन्नई 100.80 92.39
  • गुरुग्राम 95.57 88.45
  • नोएडा 95.16 88.32
  • नई दिल्ली 94.77 87.67
  • चंडीगढ़ 94.30 82.45
  • जयपुर 96.20 89.10
  • लखनऊ 95.50 88.70
  • पटना 105.20 92.10
  • अहमदाबाद 96.42 91.30
  • पुणे 103.90 90.50
  • नागपुर 102.30 89.90
  • इंदौर 97.10 90.00
  • सूरत 95.90 90.20
  • रायपुर 102.50 94.20
  • भोपाल 97.50 90.80

पेट्रोल पंप पर भीड़ क्यों? (Fuel Panic Buying)

देश के कई हिस्सों में पेट्रोल पंप पर भीड़ बढ़ गई है। लोग फ्यूल की कमी की आशंका में गाड़ियों में फुल टैंक करवा रहे हैं। एलपीजी संकट की खबरों ने भी इस डर को बढ़ा दिया है। हालांकि, इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि फिलहाल सप्लाई पूरी तरह बंद नहीं हुई है, लेकिन दबाव जरूर बढ़ा है। हालांकि सरकार ने कहा है कि फिलहाल देश में पेट्रोल और डीजल की कमी नहीं है। सरकान ने पैनिक होकर पेट्रोल और डीजल स्टॉक करने से मना किया है।

35 दिन बंद होगी बड़ी रिफाइनरी! क्या भारत में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई पर पड़ेगा असर?

भारत की बड़ी प्राइवेट फ्यूल कंपनी नायरा एनर्जी ने अप्रैल की शुरुआत से करीब 35 दिनों के लिए अपनी रिफाइनरी बंद करने की योजना बनाई है। यह शटडाउन मेंटेनेंस के लिए होगा, लेकिन इसका असर सिर्फ कंपनी तक सीमित नहीं रह सकता। जानकारों के मुताबिक, इस बंदी से देश की कुल रिफाइनिंग क्षमता का लगभग 8% हिस्सा कुछ समय के लिए ऑफलाइन हो जाएगा। यानी सप्लाई पर दबाव बढ़ सकता है।

गुजरात के वाडिनार में स्थित यह रिफाइनरी देश की दूसरी सबसे बड़ी रिफाइनरी मानी जाती है, जिसकी क्षमता करीब 20 मिलियन टन प्रति वर्ष है। असल में इस मेंटेनेंस को पहले ही किया जाना था, लेकिन यूरोपीय यूनियन के प्रतिबंधों के कारण इसे टाल दिया गया था। उस समय कई यूरोपीय सप्लायर्स ने केमिकल और कैटेलिस्ट देने से इनकार कर दिया था। अब जब तैयारी पूरी हो गई है, तो कंपनी ने इसे आगे बढ़ाने का फैसला लिया है।

इस पूरे घटनाक्रम का समय काफी अहम है। ईरान-इजरायल में जारी तनाव और ईरान-अमेरिका संघर्ष के कारण पहले से ही तेल और गैस की सप्लाई दबाव में है। कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और LPG के आयात में पहले ही गिरावट देखी जा रही है। ऐसे में रिफाइनरी का बंद होना सप्लाई को और टाइट कर सकता है।

क्या पेट्रोल-डीजल की कमी होगी? (Will There Be Fuel Shortage?)

फिलहाल कंपनी का कहना है कि उसके पास पर्याप्त स्टॉक और बफर मौजूद है, जिससे पेट्रोल पंपों पर सप्लाई जारी रहेगी और कोई बड़ी दिक्कत नहीं होगी। लेकिन इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि स्थिति इतनी आसान भी नहीं है। एक बड़े रिफाइनरी के बंद होने और आयात में कमी के चलते घरेलू बाजार पर दबाव बढ़ सकता है।

नायरा एनर्जी की रिफाइनरी का बड़ा हिस्सा घरेलू बाजार में ही खपता है। इसके अलावा कंपनी का नेटवर्क करीब 7,000 पेट्रोल पंपों तक फैला हुआ है। कुछ उत्पादन सरकारी कंपनियों को भी दिया जाता है, क्योंकि वे खुद जितना उत्पादन करती हैं, उससे ज्यादा फ्यूल बेचती हैं। ऐसे में इस रिफाइनरी की भूमिका और भी अहम हो जाती है।

ग्लोबल कीमतें बढ़ीं, कंपनियों पर दबाव (Rising Global Prices)

दुनियाभर में पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतें बढ़ रही हैं। लेकिन भारत में लंबे समय तक रिटेल कीमतें स्थिर रखी गईं, जिससे कंपनियों को नुकसान उठाना पड़ा। अब कच्चे तेल की खरीद महंगी हो रही है और मुनाफा घट रहा है, जिससे कंपनियों के लिए कीमतें कंट्रोल करना मुश्किल हो गया है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर ईरान-अमेरिका तनाव लंबा चला और सप्लाई बाधित रही, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम और बढ़ सकते हैं। फिलहाल हालात सामान्य दिख रहे हैं, लेकिन बाजार पूरी तरह ग्लोबल घटनाओं पर निर्भर है।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में यह बढ़ोतरी सिर्फ एक आर्थिक खबर नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति का सीधा असर है। Nayara Energy का यह फैसला आने वाले दिनों में और बड़ी हलचल का संकेत दे रहा है। अब नजर इस बात पर है कि क्या यह बढ़ोतरी यहीं थमेगी या आम आदमी को और महंगे फ्यूल का सामना करना पड़ेगा।