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अजित पवार के प्लेन क्रैश में साजिश का शक! ब्लैक बॉक्स कैसे जल गया? संजय राउत ने फिर उठाए सवाल…

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बारामती में 28 जनवरी को हुए विमान हादसे को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने दुर्घटना की जांच पर सवाल उठाते हुए विमान के ब्लैक बॉक्स की जली हुई स्थिति को रहस्यमय और बेहद गंभीर बताया है.

बता दें, ये हादसा महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत के बाद से लगातार चर्चा में है.

ब्लैक बॉक्स कैसे जल सकता है?

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राउत ने कहा कि अजित पवार की फ्लाइट का ब्लैक बॉक्स जल गया था, जो गंभीर चिंता का विषय है. उन्होंने कहा कि यदि यह तथ्य सही है, तो इसकी विस्तृत जांच होनी चाहिए. राउत ने कहा कि अगर रोहित पवार ने यह मुद्दा उठाया है तो यह गंभीर है. पवार परिवार को संदेह है तो उन्हें जांच की मांग करने का पूरा अधिकार है. इस मामले में सरकार की मंशा पर भी सवाल उठ रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि बीते वर्षों में अन्य दुर्घटनाओं में ब्लैक बॉक्स सुरक्षित मिले हैं ऐसे में इस मामले में इसके जलने की बात असामान्य प्रतीत होती है.

रोहित पवार ने जताया साजिश का शक

इससे पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता रोहित पवार ने भी दुर्घटना को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे. उन्होंने कहा था कि यह महज एक हादसा नहीं बल्कि साजिश भी हो सकती है. रोहित पवार ने कहा कि दुर्घटना से पहले के 24 घंटों में कई घटनाएं ऐसी हुईं, जिनसे संदेह पैदा होता है. उनके अनुसार, अजित पवार की मूल यात्रा योजना अंतिम समय में बदली गई थी. उन्होंने दावा किया कि दुर्घटना से एक दिन पहले अजित पवार मुंबई से पुणे कार से आने वाले थे और सुरक्षा काफिला भी तैयार था, लेकिन उन्होंने कार से यात्रा नहीं की. रोहित पवार ने यह भी कहा कि उनकी एक बड़े नेता के साथ बैठक हुई थी, जिसके बाद यात्रा योजना बदली गई.

रोहित पवार ने एक किताब का हवाला देते हुए कहा कि किसी व्यक्ति को निशाना बनाने के लिए उसके ड्राइवर को नुकसान पहुंचाना एक आसान तरीका बताया गया है. हालांकि, उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन संकेत दिया कि घटना की निष्पक्ष जांच जरूरी है. इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ गई है. विपक्षी दलों ने भी जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की है.

जांच जारी, डीजीसीए की पुष्टि

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के अनुसार, मुंबई से बारामती जा रहा एक चार्टर्ड लेयरजेट 45 विमान रनवे पर दुर्घटनाग्रस्त लैंडिंग के दौरान हादसे का शिकार हुआ. विमान में सवार अजित पवार सहित चालक दल के सदस्य समेत कुल 5 लोगों की मौत हो गई.

विमानन अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं. अब ब्लैक बॉक्स और यात्रा योजना में बदलाव से जुड़े सवालों ने इस दुर्घटना को और अधिक संवेदनशील बना दिया है. फिलहाल सरकार या जांच एजेंसियों की ओर से ब्लैक बॉक्स के संबंध में आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. मामले की जांच जारी है.

संघ की सोच को अपनाना चाहिए…शताब्दी वर्ष पर क्या-क्या बोले गडकरी? अजय देवगन फिल्म देखने की क्यों की अपील?

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RSS: शतक फिल्म को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 साल पर लोगों से संघ और देश को बनाने में संघ की भूमिका को बेहतर ढंग से समझने के लिए फिल्म देखने की अपील की है.

साथ ही गडकरी ने कहा कि एक वॉलंटियर के तौर पर, मुझे कभी-कभी लगता है कि इमेज और असलियत, या सोच और जमीनी सच्चाई के बीच एक अंतर रहा है. इसके अलावा उन्होंने क्या कुछ कहा है आइए जानते हैं.

भावना को समझने के लिए बुलाया

आगे कहा कि मैं आपको करीब आने, उसकी आइडियोलॉजी को जानने और त्याग, समर्पण और देशभक्ति की भावना को समझने के लिए बुलाता हूं. आदिवासी इलाकों की सेवा से लेकर कोऑपरेटिव से लेकर शिक्षा तक, हर व्यक्ति के विकास के काम का लेवल देखें. हमारे देश की तरक्की और विकास में, इन कामयाबियों का क्रेडिट संघ को जाता है. मैंने सड़कों, पुलों, एक्सप्रेसवे और टनल पर काम किया है, मैं कोई इंजीनियर नहीं हूं, न ही मुझे पहले का कोई अनुभव था.

मैं हूं कार्यकर्ता

इसके अलावा कहा कि कई लोग पूछते हैं कि मैंने यह कैसे किया, और मैं कहता हूं, मैं संघ का वॉलंटियर और स्टूडेंट काउंसिल का कार्यकर्ता हूं. इन संस्थानों से मुझे जो वैल्यू मिलीं, उन्होंने मेरे काम को गाइड किया और इसीलिए मैंने जारी रखा. लोगों को आगे आने के लिए बुलाते हुए उन्होंने कहा मेरा मानना ​​है कि हम सभी को इस शताब्दी को मनाने के लिए एक साथ आना चाहिए, संघ को समझना चाहिए और अपनी जिंदगी में इसकी सोच को अपनाना चाहिए, मैं आपसे दिल से गुजारिश करता हूं कि यह फिल्म देखें और संघ को समझने की कोशिश करें.

कब आएगी शतक फिल्म

शतक फिल्म में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 साल में संघ के सोच में बदलाव, सामाजिक पहल और पीढ़ियों से देश सेवा को दिखाया गया है. हाल ही में रिलीज हुए ट्रेलर ने काफी चर्चा और दिलचस्पी पैदा की है. यह फिल्म 20 फरवरी 2026 को पूरे भारत के सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है.

Puducherry Elections 2026: कमल हासन की पार्टी MNM को मिला ‘टॉर्च लाइट’ चुनाव चिन्ह, तमिलनाडु में गठबंधन को लेकर सियासी घमासान जारी…

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Puducherry Assembly Elections 2026: निर्वाचन आयोग ने 2026 के पुडुचेरी विधानसभा चुनाव से पहले मक्कल नीधि मैयम (MNM) को टॉर्च लाइट चुनाव चिन्ह आवंटित करने की अधिसूचना जारी की है. यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब आयोग तमिलनाडु और पुडुचेरी में आगामी चुनावों की तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है.

बता दें कि एमएनएम, जिसकी स्थापना अभिनेता से राजनेता बने कमल हसन ने की थी, पुडुचेरी में अपनी चुनावी रणनीति को तेज कर चुकी है. चुनाव चिन्ह के आवंटन को पार्टी के लिए संगठनात्मक और प्रचारात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

चुनाव आयोग की समीक्षा बैठकें तेज

बता दें, 11 फरवरी को उप चुनाव आयुक्तों का 7 सदस्यीय दल चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचा था जहां से उन्होंने तमिलनाडु और पुडुचेरी में चुनाव तैयारियों की समीक्षा शुरू की. प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त मनीष गर्ग सहित कई अधिकारी शामिल हैं. मनीष गर्ग ने कहा कि चुनाव आयोग के अधिकारियों की टीम चुनाव तैयारियों की समीक्षा के लिए चेन्नई और पुडुचेरी पहुंच चुकी है. टीम रसद, कर्मियों की तैनाती और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय सहित विभिन्न पहलुओं का आकलन कर रही है.

तमिलनाडु में गठबंधन चर्चाएं तेज

इसी बीच तमिलनाडु में राजनीतिक हलचल भी बढ़ गई है. राज्य कांग्रेस अध्यक्ष के. सेल्वापेरुंथगई ने कहा कि विधानसभा चुनावों से जुड़े सभी अहम फैसले अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) द्वारा लिए जाएंगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी एआईसीसी के निर्णयों का पालन करेगी और द्रमुक (DMK) के साथ कांग्रेस के संबंध मजबूत हैं. सीट बंटवारे को लेकर बातचीत केंद्रीय नेतृत्व के स्तर पर होगी.

कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने भी कहा कि पार्टी गठबंधन मामलों पर डीएमके द्वारा गठित समिति के गठन का इंतजार कर रही है. उन्होंने संकेत दिया कि गठबंधन में कांग्रेस को उचित सम्मान मिलने की उम्मीद है और सीट बंटवारे व सत्ता-साझाकरण पर स्पष्टता जरूरी है.

बता दें कि तमिलनाडु विधानसभा में कुल 234 सीटें हैं. 2021 के चुनाव में डीएमके-कांग्रेस गठबंधन ने 151 सीटें जीतकर सत्ता हासिल की थी, जिसमें डीएमके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. अब 2026 के चुनाव से पहले चुनाव आयोग की तैयारियां और राजनीतिक दलों की रणनीतिक बैठकों ने चुनावी माहौल को गति दे दी है. पुडुचेरी में एमएनएम को ‘टॉर्च लाइट’ चुनाव चिन्ह मिलने के साथ ही क्षेत्र में चुनावी समीकरण और रोचक होने की संभावना है. आयोग की तैयारियों और दलों के बीच सीट बंटवारे की कवायद से स्पष्ट है कि तमिलनाडु में 2026 का चुनावी मुकाबला बेहद अहम होने वाला है.

छत्तीसगढ़ में मौसम शुष्क, बढ़ी गर्मी; रायपुर में तापमान सामान्य से अधिक…

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प्रदेश में बढ़ी गर्मी

  • अधिकतम तापमान रायपुर में9 डिग्री सेल्सियस दर्ज
  • न्यूनतम तापमान8 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड
  • अगले सात दिनों तक मौसम में कोई खास बदलाव नहीं होगा

प्रदेश में मौसम फिलहाल पूरी तरह शुष्क बना हुआ है और तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार रविवार को राजधानी का अधिकतम तापमान 32.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.7 डिग्री अधिक रहा।

वहीं न्यूनतम तापमान 19.1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया, जो सामान्य से 1.7 डिग्री ज्यादा है। प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान रायपुर में 32.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड हुआ। बिलासपुर में अधिकतम तापमान 31.4 डिग्री, जगदलपुर में 32.3 डिग्री तथा राजनांदगांव में 32.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकांश स्थानों पर वर्षा शून्य रही और मौसम शुष्क बना रहा।

अगले दिन हल्के बादल, तापमान में खास बदलाव नहीं

मौसम विभाग के अनुसार 16 फरवरी को रायपुर शहर में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

बिलासपुर का हाल

फरवरी के दूसरे पखवाड़े की शुरुआत के साथ मौसम ने साफ संकेत दे दिए हैं कि सर्दी अब अंतिम चरण में है। रविवार को न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री और अधिकतम 31.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लगातार शुष्क वातावरण और साफ आसमान के कारण दिन की गर्माहट बढ़ती जा रही है।

सात दिन तक मौसम में बड़ा बदलाव नहीं

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रदेश में फिलहाल कोई सक्रिय मौसम प्रणाली नहीं है। इसके चलते अगले सात दिनों तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान में विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है। मौसम शुष्क बने रहने के कारण दिन में हल्की गर्मी और सुबह-शाम हल्की ठंड का असर बना रहेगा।

Chhattisgarh Budget: इस बार 24 फरवरी को पेश होगा, बजट से प्रदेश को मिलेगी गति…

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छत्तीसगढ़ का बजट इस बार 24 फरवरी को पेश होगा. वित्त मंत्री ओपी चौधरी की तरफ से यह जानकारी दी गई है. सत्र के दूसरे दिन ही बजट पेश किया जाएगा.  

“छत्तीसगढ़ का बजट 24 फरवरी को आएगा”

छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू हो रहा है. वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि सत्र के दूसरे ही दिन यानि 24 फरवरी को छत्तीसगढ़ का बजट पेश किया जाएगा. बजट को लेकर वित्त विभाग की तरफ से तैयारियां पूरी कर कर ली गई हैं. ओपी चौधरी ने कहा कि इस बार का बजट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर फोकस होगा, जबकि बजट में महिलाओं, किसानों, युवाओं समेत सभी के लिए मौका मिलेगा. सरकार नई थीम के साथ बजट पेश करने जा रही है, जिसमें सभी वर्गों और विभागों का पूरा ध्यान रखा गाय है.

बजट से प्रदेश को मिलेगी गति

छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि बजट समावेशी होगा, जिसमें सभी वर्गों को ध्यान दिया गया है. खासकर महिलाओं और युवाओं के लिए खास ऐलान होंगे, जबकि किसानों को भी बजट में ध्यान में रखा गाय है. सरकार के इस नए बजट से छत्तीसगढ़ के विकास के लिए गति मिलेगी और जनहितकारी योजनाओं का लाभ भी प्रदेश को मिलेगा, सरकार की तरप से आने वाले बजट से राज्य के विकास को और मजबूती मिलेगी. वित्त विभाग की तरफ से बजट को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. बजट में कई तरह के प्रावधान और योजनाएं देखने को मिलेगी.

इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट

वित्त मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ बजट 2026-27 में सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर और डेवलपमेंट पर फोकस किया है. जहां कुछ अहम प्रावधान बजट में आने वाले हैं, जिसका फायदा राज्य के लोगों को मिलेगा. पिछली बार छत्तीसगढ़ का बजट 1 लाख 47 हजार 446 करोड़ रुपए का था, जिसमें 21.3 प्रतिशत की ग्रोथ दिखी थी. इस बार का बजट और ज्यादा हो सकता है. क्योंकि सरकार की तरफ से बजट को बढ़ाया जाएगा.

छत्तीसगढ़ का बजट सत्र

बता दें कि छत्तीसगढ़ सरकार का बजट सत्र 23 फरवरी से राज्यपाल रमेन डेका के अभिभाषण के साथ शुरू हो जाएगा. बजट सत्र 20 मार्च तक चलने वाला है, जिसमें कुल 15 बैठकें आयोजित होगी, पिछली बार भी बजट सत्र हंगामेदार रहा था, जबकि इस बार भी बजट सत्र हंगामेंदार हो सकता है. सत्र के लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की तरफ से तैयारियां पूरी हो चुकी हैं.

CG: नई टीम के गठन के बाद बीजेपी संयुक्त मोर्चा की बड़ी बैठक, संगठन को मजबूत करने पर दिया जोर, CM साय भी हुए शामिल…

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राजधानी रायपुर में बीजेपी के प्रदेश मुख्यालय में संगठन की एक बड़ी और अहम बैठक आयोजित की गई. बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, संगठन महामंत्री अजय जामवाल और प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. नई प्रदेश कार्यकारिणी के गठन के बाद यह पहली बड़ी बैठक थी. जिसमें सभी मोर्चा और प्रकोष्ठ के पदाधिकारी शामिल हुए. इस बैठक में क्या रणनीति बनी और आने वाले चुनाव को लेकर क्या संकेत दिए गए.

नई टीम के गठन के बाद बीजेपी संयुक्त मोर्चा की बड़ी बैठक
राजधानी रायपुर स्थित बीजेपी मुख्यालय में प्रदेश संगठन की बड़ी बैठक आयोजित की गई… नई टीम के गठन के बाद यह पहला बड़ा शक्ति प्रदर्शन भी माना जा रहा है. बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, संगठन महामंत्री अजय जामवाल और प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे.

संगठन को मजबूत करने पर दिया जोर
जब छत्तीसगढ़ बीजेपी के सभी बड़े नेता और पदाधिकारी एक साथ जुटे, तो संगठन की मजबूती को लेकर कई अहम टिप्स दिए गए. कार्यकर्ताओं को साफ संदेश दिया गया कि आने वाले समय में संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक सक्रिय करना है. बैठक में सबसे ज्यादा फोकस जनता से सीधा संवाद बढ़ाने पर रहा. नेताओं ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे सरकार और जनता के बीच एक मजबूत पुल की तरह काम करें. ताकि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं सीधे लोगों तक पहुंच सके. बैठक में नए पदाधिकारियों को ट्रेनिंग भी दी गई. उन्हें बताया गया कि किस तरह अगले तीन वर्षों में जमीनी पकड़ मजबूत करनी है. इधर बीजेपी 2028 चुनाव के लिए भी टीम की सक्रियता बढ़ाने की तैयारी में है.

कांग्रेस ने भी जिलाध्यक्षों को दी जिम्मेदारी
इधर, कांग्रेस ने 2028 के चुनावी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए जिलाध्यक्षों को अहम जिम्मेदारियां सौंपनी शुरू कर दी हैं. हाल ही में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ के जिला अध्यक्षों ने एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया.

CG: मुख्यमंत्री ने परीक्षा दे रहे विद्यार्थियों को दिया आत्मविश्वास और सफलता का संदेश…

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा — “ऑल द बेस्ट, प्यारे बच्चों।”

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के छात्र-छात्राओं को परीक्षाओं के अवसर पर शुभकामनाएँ देते हुए उन्हें आत्मविश्वास और हौसले के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया है। उन्होंने विद्यार्थियों के नाम अपने आत्मीय संदेश में कहा कि परीक्षाओं का समय जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव होता है, जिसमें उत्साह के साथ थोड़ा तनाव भी स्वाभाविक है, लेकिन घबराने की आवश्यकता नहीं है।

मुख्यमंत्री ने बच्चों से कहा कि परीक्षाओं का समय आ गया है। मैं जानता हूँ कि इन दिनों आपके मन में उत्साह भी है और थोड़ा सा तनाव भी। लेकिन सबसे पहले यह जान लीजिए — आप अकेले नहीं हैं, हम सब आपके साथ हैं।

उन्होंने कहा कि परीक्षाओं का समय कभी-कभी मन में घबराहट भी लेकर आता है। यह स्वाभाविक है। यदि आपको डर लग रहा है तो इसका अर्थ है कि आप अपनी पढ़ाई और अपने भविष्य को गंभीरता से लेते हैं।

उन्होंने कहा कि सबसे पहले यह समझ लीजिए — डर कमजोरी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का संकेत है। लेकिन इस डर को अपने आत्मविश्वास पर हावी न होने दें। आपने पूरे वर्ष मेहनत की है। हर दिन का प्रयास, हर अभ्यास, हर दोहराव — सब आपकी ताकत बनकर आपके साथ खड़े हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी नियमित पढ़ाई करें, कठिन विषयों को दोहराएँ, समय का संतुलन बनाए रखें। पर्याप्त नींद लें, पौष्टिक भोजन करें और कुछ समय के लिए मोबाइल से दूरी बनाकर अपने लक्ष्य पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करें।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ के सभी विद्यार्थी इस बार भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे और अपने परिवार तथा प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।

CG: महिला सशक्तिकरण और कुपोषण मुक्ति के लिए 6 जिले के 42 स्व-सहायता समूह को रेडी-टू-ईट निर्माण एवं वितरण का कार्य…

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रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में कुपोषण दूर करने और महिला सशक्तिकरण के लिए रेडी-टू-ईट फूड निर्माण का काम महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपते हुए 6 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। इस पहल के तहत रायगढ़, बस्तर, दंतेवाड़ा, बलौदाबाजार, कोरबा, और सूरजपुर जिलों में आंगनबाड़ियों के लिए पौष्टिक आहार निर्माण का कार्य महिला समूहों को मिला है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए पूरक पोषण आहार (रेडी टू ईट) के निर्माण और वितरण का कार्य महिला स्वसहायता समूहों को सौंपने का फैसला किया। राज्य के 6 जिले के 42 महिला स्व-सहायता समूहों को रेडी टू ईट के निर्माण और वितरण का कार्य सौंपा गया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण और कुपोषण मुक्ति के इस मिशन को प्रथम चरण में प्रदेश के 6 जिलों – बस्तर, दंतेवाड़ा, बलौदाबाजार, कोरबा, रायगढ़ एवं सूरजपुर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जा रहा है। वहीं रायगढ़ प्रदेश का पहला जिला बन गया है, जहां महिला समूहों ने ‘रेडी-टू-ईट’ उत्पादन प्रारंभ किया है। यह पहल महिलाओं की आर्थिक समृद्धि और बच्चों के स्वास्थ्यकृदोनों को नई दिशा प्रदान करेगी। महिला एवं बाल विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार कोरबा-10 स्व-सहायता समूह को रेडी-टू-ईट निमाण का कार्य सौंपा जा चुका है। इसी प्रकार  रायगढ़-10 स्व-सहायता समूह, सूरजपुर और बलौदाबाजार-भाठापारा जिला में 7-7 स्व- सहायता समूह को, बस्तर जिले में 6 स्व-सहायता समूह और दंतेवाड़ा में 2 महिला स्व-सहायता समूह को रेडी-टू-ईट निमाण का कार्य सौंपा जा चुका है। इन स्व-सहायता समूहों के द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए पूरक पोषण आहार (रेडी टू ईट) का निर्माण और वितरण का कार्य किया जा रहा है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि इन समूहों की बहनें अब आंगनबाड़ी के बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के साथ-साथ इस कार्य से अपनी आमदनी भी बढ़ाएंगी, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगी। यह योजना महिलाओं को स्व-रोजगार के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण और परिणामोन्मुखी पहल है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से बच्चों को पोषण युक्त आहार प्रदान कर राज्य के पोषण स्तर में सुधार लाने में भी यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी।

2026-27 सत्र के लिए आरटीई प्रवेश की समय-सारणी जारी, ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू

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राजनांदगांव। लोक शिक्षण संचालनालय, रायपुर द्वारा ऑनलाइन आरटीई (Right to Education) के माध्यम से नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के तहत 2026-27 सत्र के लिए प्रवेश कार्यवाही की समय-सारणी जारी कर दी गई है। जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रवास सिंह बघेल ने बताया कि इस प्रक्रिया के अंतर्गत दो चरणों में कार्य किए जाएंगे, जिससे अधिक पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित की जाएगी।

पहला चरण:
पहला चरण 1 जनवरी 2026 से शुरू होकर 31 जनवरी 2026 तक स्कूल प्रोफाइल अपडेट के कार्य से संबंधित रहेगा। इसके बाद, नोडल प्राचार्य और डीईओ द्वारा सीट प्रकटीकरण का सत्यापन 1 जनवरी से 7 फरवरी 2026 तक किया जाएगा। छात्र पंजीयन की प्रक्रिया 16 फरवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक चलेगी, जबकि नोडल वेरीफिकेशन 16 फरवरी से 31 मार्च 2026 तक होगा।

इसके बाद 13 से 17 अप्रैल 2026 तक लॉटरी और आबंटन की प्रक्रिया की जाएगी, और 1 मई से 30 मई 2026 तक स्कूल दाखिले की कार्यवाही पूरी की जाएगी। वर्ष 2025-26 की शुल्क प्रतिपूर्ति का सत्यापन कार्य 25 मई से 30 मई 2026 तक होगा।

दूसरा चरण:
दूसरे चरण में, 8 जून 2026 से 20 जून 2026 तक नए स्कूलों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। नोडल प्राचार्य और डीईओ द्वारा सीट प्रकटीकरण का सत्यापन 8 जून से 25 जून 2026 तक किया जाएगा। छात्र पंजीयन 1 जुलाई 2026 से 11 जुलाई 2026 तक होगा, जबकि नोडल वेरीफिकेशन 1 जुलाई से 15 जुलाई 2026 तक किया जाएगा।

लॉटरी और आबंटन 27 से 31 जुलाई 2026 तक होंगे, और स्कूल दाखिले 3 अगस्त से 17 अगस्त 2026 तक किए जाएंगे।

प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता:
जिला शिक्षा अधिकारी श्री बघेल ने बताया कि समय-सारणी के अनुसार सभी कार्यों को निर्धारित तिथियों पर किया जाएगा, जिससे प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और सभी पात्र बच्चों को सही समय पर शिक्षा का अवसर मिल सके।

नागरिकों से अपील:
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे समय पर इस प्रक्रिया में भाग लें और पात्र बच्चों को शिक्षा का अवसर प्रदान करने में सहयोग करें।

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का जिले में बढ़ रहा असर, उपभोक्ताओं को मिल रहा लाभ

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राजनांदगांव। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत जिले में लगातार उल्लेखनीय प्रगति देखी जा रही है। केंद्र और राज्य सरकार की इस पहल के तहत उपभोक्ताओं को 1 लाख 8 हजार रूपए तक की सब्सिडी दी जा रही है, जिससे सोलर रूफटॉप की स्थापना अब जनसामान्य के लिए और अधिक किफायती और सुलभ हो गई है।

आवेदनों और इंस्टॉलेशन में बढ़ोत्तरी:
अब तक जिले में 8228 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 3518 लाभार्थियों का वेंडर चयन पूरा किया जा चुका है। इसके अलावा, 1340 घरों में सोलर पैनलों की स्थापना भी पूरी हो चुकी है, और 875 उपभोक्ताओं को सब्सिडी भी वितरित की जा चुकी है। इस सप्ताह 181 नए आवेदन प्राप्त हुए, साथ ही 96 इंस्टॉलेशन पूरी हुईं, जो इस योजना की निरंतर बढ़ती गति और जनभागीदारी को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

बिजली बिलों में कमी, आय का नया स्रोत:
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का असर जिले में साफतौर पर देखा जा रहा है। बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में कमी आई है, वहीं कई घरों के बिल तो शून्य या नकारात्मक आ रहे हैं। इस योजना के तहत, उपभोक्ताओं द्वारा अतिरिक्त उत्पादित सौर ऊर्जा को ग्रिड में आपूर्ति करने से उन्हें आय भी प्राप्त हो रही है। इससे न केवल उपभोक्ताओं की आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है, बल्कि वे ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भी बन रहे हैं।

स्वच्छ ऊर्जा का बढ़ावा और पर्यावरण संरक्षण:
यह पहल पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। सोलर ऊर्जा के इस्तेमाल से न केवल बिजली की बचत हो रही है, बल्कि प्रदूषण में भी कमी आ रही है। स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देकर यह योजना जलवायु परिवर्तन को नियंत्रित करने में मददगार साबित हो रही है।

जिला प्रशासन की सक्रियता:
जिला प्रशासन प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत पात्र परिवारों तक इसका लाभ शीघ्र और पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। इसके अलावा, प्रशासन उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और मानक अनुरूप इंस्टॉलेशन, समयबद्ध सब्सिडी वितरण, और सतत मार्गदर्शन प्रदान करने में सक्रिय है।

नागरिकों से अपील:
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से जुड़कर अपने घरों को स्वच्छ, सस्ती और आत्मनिर्भर ऊर्जा से सशक्त बनाएं और इस योजना का पूरा लाभ उठाएं।