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HRA Exemption Rules:  अब इन 4 नए शहरों में भी मिलेगा 50% HRA क्लेम, सीधे बढ़ेगी ‘इन-हैंड’ सैलरी…

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1 अप्रैल, 2026 से केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने ‘आयकर नियम, 2026’ में अहम बदलाव करते हुए हाउस रेंट अलाउंस (HRA) पर मिलने वाली टैक्स छूट का दायरा बढ़ा दिया है. अब तक जो फायदा सिर्फ चार महानगरों तक सीमित था, उसे अब 8 शहरों तक विस्तार दे दिया गया है. इसका मतलब यह है कि आपकी टैक्सेबल इनकम घटेगी और हर महीने आपके बैंक खाते में आने वाली ‘टेक-होम’ सैलरी में शानदार इजाफा होगा.

अब इन 4 शहरों में भी मिलेगा 50% क्लेम

दशकों से यह नियम चला आ रहा था कि केवल दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे पारंपरिक महानगरों में रहने वाले कर्मचारी ही अपनी बेसिक सैलरी का 50 प्रतिशत हिस्सा HRA छूट के रूप में क्लेम कर सकते थे. बाकी पूरे देश के लिए यह सीमा महज 40 प्रतिशत तय थी. लेकिन, समय के साथ जमीनी हकीकत बदली है. इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद को भी इस 50 प्रतिशत वाले खास क्लब में शामिल कर लिया है. दरअसल, इन नए शहरों में पिछले कुछ सालों के भीतर मकानों का किराया बेतहाशा बढ़ा है. आईटी हब और प्रमुख व्यापारिक केंद्र होने की वजह से यहां किराये का खर्च पुराने महानगरों के बराबर ही पहुंच गया है. इस ऐतिहासिक फैसले से किराये के बढ़ते बोझ और पुराने टैक्स नियमों के बीच की खाई को पाटने में बड़ी मदद मिलेगी.

टैक्स का बोझ होगा कम

जब आप अपनी बेसिक सैलरी का आधा हिस्सा किराए के खर्च के तौर पर दिखा पाएंगे, तो आपकी कुल कर योग्य आय (Taxable Income) में भारी गिरावट आएगी. टैक्स का बोझ कम होने से आपके हाथ में खर्च करने के लिए अधिक नकद पैसा बचेगा. आर्थिक जानकारों का भी यही मानना है कि इस अतिरिक्त पैसे से मध्यम वर्ग को महंगाई से लड़ने में मदद मिलेगी. इसके अलावा, लोगों की खर्च करने की क्षमता बढ़ने से इन आठ शहरों के शहरी इलाकों में रेंटल हाउसिंग मार्केट को भी एक नई रफ्तार मिलने की पूरी उम्मीद है.

पुरानी टैक्स व्यवस्था चुनने वालों के लिए ‘डबल बोनान्ज़ा’

सरकार ने केवल HRA तक ही अपनी मेहरबानी सीमित नहीं रखी है. अगर आप पुरानी टैक्स रिजीम (Old Tax Regime) के तहत अपना इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते हैं, तो आपके लिए राहत की कुछ और खिड़कियां भी खोली गई हैं. बच्चों के भविष्य से जुड़े खर्चों को ध्यान में रखते हुए उनकी शिक्षा और हॉस्टल अलाउंस पर मिलने वाली टैक्स छूट की सीमा को बढ़ा दिया गया है. इसके साथ ही, कर्मचारियों को ऑफिस की तरफ से मिलने वाले फूड कूपन या मुफ्त भोजन जैसी सुविधाओं पर भी टैक्स में सहूलियत दी गई है. जो माता-पिता अपने बच्चों को विदेश में पढ़ाने की योजना बना रहे हैं या विदेश यात्रा पर जा रहे हैं, उनके लिए भी अच्छी खबर है. ऐसे खर्चों पर कटने वाले टीसीएस (TCS) की दर को कम किया गया है, जिससे विदेश जाने का आपका बजट थोड़ा हल्का होगा.

HRA क्लेम की होगी पूरी जांच

जहां एक ओर सरकार ने करदाताओं को कई तरह की छूट दी है, वहीं नियमों के पालन को लेकर शिकंजा भी कसा है. अब एडवांस टेक्नोलॉजी के माध्यम से HRA क्लेम की बहुत सूक्ष्म स्तर पर जांच की जाएगी. इसका सीधा उद्देश्य उन लोगों पर नकेल कसना है जो टैक्स बचाने के लिए फर्जी या जाली रेंट एग्रीमेंट और रसीदों का इस्तेमाल करते हैं.