Home Blog Page 236

केरल चुनाव के लिए बीजेपी ने जारी की अपनी दूसरी लिस्ट, 39 उम्मीदवारों को मिला टिकट, देखें लिस्ट…

0

Kerala Assembly Elections: केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उम्मीदवारों की अपनी दूसरी सूची जारी कर दी है। पहली लिस्ट जारी होने के ठीक तीन दिन बाद आई इस सूची में 39 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की गई है।

इस लिस्ट की सबसे बड़ी बात यह है कि पार्टी ने अनुभवी और नए चेहरों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है। दिग्गज नेता कुम्मनम राजशेखरन को अरनमूला (Aranmula) सीट से मैदान में उतारा गया है।

पहली लिस्ट में 47 नाम

बीजेपी ने इससे पहले सोमवार को 47 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर (नेमम सीट) और के. सुरेंद्रन (मंजेश्वरम) जैसे बड़े नाम शामिल थे।

पार्टी के केंद्रीय चुनाव आयोग की इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह मौजूद थे। इस बैठक के बाद ही इन नामों पर मुहर लगी है।

केरल में 9 अप्रैल को मतदान

चुनाव आयोग ने केरल में आगामी विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा कर दी है। केरल में मतदान एक ही चरण में होगा, और यह 9 अप्रैल को होगा। वोटों की गिनती 4 मई को की जाएगी। चुनाव आयोग ने यह भी सुनिश्चित किया है कि सभी मतदान केंद्रों पर 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वोटिंग की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता से हो सके।

केरल में कुल मतदाता

केरल की विधानसभा में 140 सीटें हैं, और चुनाव के लिए मतदाता सूची तैयार कर ली गई है। राज्य में कुल 2.70 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें:

पुरुष मतदाता: 1.31 करोड़

महिला मतदाता: 1.38 करोड़

थर्ड जेंडर मतदाता: 277

इसके अलावा, 20 से 29 साल की आयु वर्ग के मतदाता लगभग 45 लाख हैं, जबकि 18 से 19 साल की आयु वाले मतदाता 4.24 लाख हैं।

Sarkari Naukri 2026: 2700+ पदों पर बंपर भर्ती, ₹19900 से 1 लाख तक सैलरी, 10वीं-ग्रेजुएट सबके लिए मौका…

0

Govt Jobs: सरकारी नौकरी का सपना देख रहे उम्मीदवारों के लिए बड़ी खबर है। 2700+ पदों पर भर्ती निकली है। SSB, UPSSSC और IDBI बैंक में 10वीं पास से ग्रेजुएट तक के लिए मौका है। पद अनुसार 19,900 हजार से 1.12 लाख तक सैलरी है।

 जानें सभी वैकेंसी की डिटेल।

सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए इस समय बंपर वैकेंसी निकली हुई है। SSB, UPSSSC और IDBI में कुल मिला कर 2700+ पदों पर भर्ती का मौका है। खास बात ये है कि इन भर्तियों में 10वीं पास से लेकर ग्रेजुएट तक हर वर्ग के उम्मीदवार के लिए ऑप्शन मौजूद हैं। सैलरी भी शानदार है। जानिए सभी वैकेंसी की पूरी डिटेल।

सशस्त्र सीमा बल ने कॉन्स्टेबल और हेड कॉन्स्टेबल के कुल 1060 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। अगर आप वर्दी वाली नौकरी का सपना देख रहे हैं, तो यह एक मजबूत अवसर है। इस भर्ती में आवेदन प्रक्रिया 21 मार्च 2026 से शुरू हो चुकी है और उम्मीदवार 20 अप्रैल 2026 तक फॉर्म भर सकते हैं। पदों की बात करें तो कॉन्स्टेबल के लिए 827 और हेड कॉन्स्टेबल के लिए 233 सीटें तय की गई हैं। योग्यता के तौर पर उम्मीदवार का 10वीं या 12वीं पास होना जरूरी है, साथ ही संबंधित ट्रेड में डिप्लोमा भी मांगा गया है। उम्र सीमा 18 से 27 साल के बीच रखी गई है, जिसमें आरक्षित वर्ग को नियमानुसार छूट मिलेगी। सेलेक्शन प्रोसेस थोड़ा लंबा है, जिसमें फिजिकल टेस्ट, लिखित परीक्षा, स्किल टेस्ट और मेडिकल शामिल हैं। सैलरी की बात करें तो शुरुआत 21,700 रुपए से होती है और 81,100 रुपए तक जाती है, जो इसे काफी आकर्षक बनाती है। ऑनलाइन आवेदन ssb.gov.in के माध्यम से करें।

Uttar Pradesh Subordinate Services Selection Commission ने लघु सिंचाई विभाग में बोरिंग तकनीशियन के 402 पदों पर भर्ती निकाली है। यह उन उम्मीदवारों के लिए अच्छा मौका है जिनके पास ITI या टेक्निकल स्किल है। इस भर्ती के लिए आवेदन 15 अप्रैल 2026 से शुरू होंगे और 5 मई 2026 तक चलेंगे। कुल 402 पदों में अलग-अलग कैटेगरी के अनुसार सीटें बांटी गई हैं। योग्यता की बात करें तो उम्मीदवार का 10वीं पास होना जरूरी है, साथ ही PET 2025 का वैध स्कोर कार्ड होना चाहिए। इसके अलावा ITI या संबंधित ट्रेड जैसे फिटर, वायरमैन, टर्नर आदि में सर्टिफिकेट भी अनिवार्य है। चयन प्रक्रिया PET स्कोर के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग से शुरू होगी, जिसके बाद मेन्स एग्जाम और मेरिट लिस्ट के जरिए फाइनल चयन किया जाएगा। सैलरी 19,900 रुपए से 63,200 रुपए प्रति माह तक मिलेगी और खास बात यह है कि आवेदन फीस सिर्फ 25 रुपए रखी गई है। ऑनलाइन आवेदन upsssc.gov.in के माध्यम से करें।

इसी के साथ UPSSSC ने स्पेशल टीचर (JTC ग्रेड) के 58 पदों पर भी भर्ती निकाली है। अगर आप शिक्षा के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं, तो यह भर्ती आपके लिए उपयुक्त है। इसमें आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का 12वीं पास होना जरूरी है और PET 2025 का स्कोर भी अनिवार्य है। इसके अलावा संबंधित विषय में डिप्लोमा होना चाहिए। उम्र सीमा 21 से 24 साल तय की गई है। चयन प्रक्रिया में PET के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग, लिखित परीक्षा, स्किल टेस्ट और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन शामिल हैं। सैलरी काफी आकर्षक है, जो 35,400 रुपए से लेकर 1,12,400 रुपए प्रति माह तक जाती है। आवेदन फीस यहां भी सिर्फ 25 रुपए रखी गई है, जिससे ज्यादा से ज्यादा उम्मीदवार आवेदन कर सकें। ऑफिशियल वेबसाइट upsssc.gov.in पर अप्लाई करें।

IDBI Bank ने 1300 पदों पर भर्ती निकाली है, जिसमें जूनियर असिस्टेंट मैनेजर और असिस्टेंट मैनेजर के पद शामिल हैं। यह भर्ती खासतौर पर ग्रेजुएट उम्मीदवारों के लिए है। इसमें आवेदन की आखिरी तारीख 19 मार्च 2026 है, यानी आज ही अंतिम मौका है। इसलिए इच्छुक उम्मीदवारों को तुरंत आवेदन कर लेना चाहिए। योग्यता के तौर पर उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन होना जरूरी है। जनरल, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए न्यूनतम 60% अंक और एससी-एसटी के लिए 55% अंक तय किए गए हैं। सेलेक्शन प्रोसेस में ऑनलाइन परीक्षा, इंटरव्यू और मेडिकल टेस्ट शामिल हैं। सैलरी पैकेज लगभग 6.14 लाख से 6.50 लाख रुपए सालाना तक है, जो इस नौकरी को काफी आकर्षक बनाता है। ऑनलाइन आवेदन www.idbi.bank.in पर करें।

अगर आप 10वीं या 12वीं पास हैं तो SSB और बोरिंग तकनीशियन भर्ती आपके लिए बेहतर विकल्प हैं। वहीं ITI किए हुए उम्मीदवारों के लिए बोरिंग तकनीशियन सबसे फिट बैठती है। टीचिंग लाइन में जाने वालों के लिए स्पेशल टीचर भर्ती अच्छा मौका है और ग्रेजुएट उम्मीदवारों के लिए IDBI बैंक एक शानदार करियर ऑप्शन साबित हो सकता है।

केरल से सामने आई ADR की चौंकाने वाली रिपोर्ट, 70% विधायकों पर दर्ज हैं केस, आधे से ज्यादा करोड़पति…

0

Kerala Assembly Elections 2026:

Shocking Report: 47% of India’s Ministers Have Criminal Cases | Wealth of  Indian Ministers Reveled

केरल में विधानसभा चुनावों की घोषणा के साथ ही एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और केरल इलेक्शन वॉच की एक नई रिपोर्ट ने राज्य की राजनीति की ऐसी तस्वीर पेश की है जिसने सबको हैरान कर दिया है।

सत्ता के गलियारों में बैठने वाले 132 विधायकों में से लगभग 70 प्रतिशत यानी 92 विधायक आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं।

इन विधायकों में से कई माननीयों पर ऐसे संगीन आरोप हैं जिन्हें सुनकर किसी का भी सिर चकरा जाए। चुनाव के इस माहौल में यह डेटा वोटर्स के लिए किसी आईने से कम नहीं है, जो लोकतंत्र में पारदर्शिता की मांग करता है।

हत्या और बलात्कार जैसे संगीन आरोप

ADR की रिपोर्ट में जो सबसे चौंकाने वाली बात सामने आई है, वह है अपराधों की गंभीरता। विश्लेषण किए गए कुल विधायकों में से 33 यानी करीब 25 प्रतिशत ने अपने हलफनामों में खुद स्वीकार किया है कि उन पर गंभीर आपराधिक मामले लंबित हैं। इनमें से दो विधायकों पर सीधे हत्या (आईपीसी की धारा 302) और तीन पर हत्या के प्रयास (धारा 307) जैसे गंभीर आरोप दर्ज हैं। इतना ही नहीं, तीन विधायकों ने महिलाओं के खिलाफ अपराधों की भी घोषणा की है, जिनमें से एक मामला तो बलात्कार जैसे अपराध से संबंधित है।

पार्टियों के बीच मची ‘अपराध’ की रेस: 90% दागियों के साथ कांग्रेस टॉपर

जब हम पार्टी के आधार पर इन आंकड़ों को देखते हैं, तो कोई भी मुख्य दल इस दाग से अछूता नजर नहीं आता। रिपोर्ट के अनुसार, प्रतिशत के लिहाज से कांग्रेस इस मामले में सबसे आगे है, जिसके 21 में से 19 विधायकों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं, सत्ताधारी सीपीआई (मार्क्सवादी) के 58 में से 43 विधायकों यानी 74 प्रतिशत पर मुकदमे चल रहे हैं। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के भी 86 प्रतिशत विधायक इसी श्रेणी में आते हैं, जबकि सीपीआई के 44 प्रतिशत विधायकों पर केस दर्ज हैं।

करोड़पति और सबसे गरीब विधायक के बीच बड़ा अंतर

अपराध के साथ-साथ केरल की विधानसभा में धनबल का भी पूरा बोलबाला है। रिपोर्ट बताती है कि सूबे के आधे से ज्यादा यानी 55 प्रतिशत विधायक करोड़पति हैं। अगर सभी 132 विधायकों की संपत्ति को जोड़ दिया जाए, तो यह 363.78 करोड़ रुपये बैठती है, जिसका मतलब है कि हर विधायक औसतन 2.75 करोड़ रुपये की संपत्ति का मालिक है।

केरल कांग्रेस (M), जेडी(एस) और एनसीपी जैसी पार्टियों के तो शत-प्रतिशत विधायक करोड़पति हैं। सबसे अमीर विधायक की बात करें तो

कांग्रेस के मैथ्यू कुझलनादन 34 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति के साथ शीर्ष पर हैं। वहीं, इसके विपरीत सीपीआई (एम) के पीपी सुमोद सबसे कम संपत्ति वाले विधायक हैं, जिन्होंने महज 9.9 लाख रुपये की संपत्ति घोषित की है।

उपचुनाव का शंखनाद: भाजपा ने 4 राज्यों के लिए उतारे धुरंधर, जानें पोंडा से बागलकोट तक किसे मिला टिकट?

हालांकि आपराधिक मामलों और संपत्ति के बीच शिक्षा का स्तर कुछ राहत देता है। रिपोर्ट के अनुसार,

केरल के 61 प्रतिशत विधायक स्नातक या उससे अधिक शिक्षित हैं, जबकि 36 प्रतिशत ने 5वीं से 12वीं तक की पढ़ाई की है। उम्र के लिहाज से देखें तो सदन में अनुभव का पलड़ा भारी है, जहां 70 प्रतिशत विधायक 51 से 80 साल के आयु वर्ग में आते हैं, जबकि युवाओं (25-50 साल) की हिस्सेदारी केवल 30 प्रतिशत है। इन सबमें सबसे चिंताजनक बात महिलाओं का कम प्रतिनिधित्व है; 132 के सदन में केवल 11 महिला विधायक हैं, जो कुल संख्या का मात्र 8 प्रतिशत है।

HSBC Layoffs 2026: क्या बैंकिंग सेक्टर में 20,000 नौकरियों को खत्म करने वाला है AI? जानिए सच…

0

Global Banking Crisis:

HSBC Job Cuts: Layoffs at Investment Bank to Start in Asia

दुनिया के बड़े बैंक HSBC से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह ग्लोबल बैंक आने वाले 3 से 5 सालों में करीब 20,000 कर्मचारियों की छंटनी कर सकता है।

सबसे बड़ा कारण है-तेजी से बढ़ता AI (Artificial Intelligence) और ऑटोमेशन का इस्तेमाल। सरल भाषा में समझें तो बैंक अब ऐसे काम, जो पहले इंसान करते थे, मशीनों और सॉफ्टवेयर से करवाना चाहता है। इससे काम तेज़ होगा और खर्च कम होगा, लेकिन कर्मचारियों के लिए खतरा बढ़ जाएगा।

क्या वजह है इतनी बड़ी छंटनी की?

HSBC पिछले कुछ समय से अपने कामकाज को ज्यादा “स्मार्ट” और “कम खर्चीला” बनाने में लगा है। बैंक के CEO Georges Elhedery ने पद संभालने के बाद से कई बड़े बदलाव शुरू किए हैं।

गैर-जरूरी खर्च कम करना कुछ बिजनेस से बाहर निकलना AI और ऑटोमेशन को तेजी से अपनाना बैंक का मानना है कि AI की मदद से प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी और लागत घटेगी। यही कारण है कि अब इंसानी जॉब्स कम की जा रही हैं।

किन कर्मचारियों पर सबसे ज्यादा खतरा?

सबसे ज्यादा खतरा उन लोगों पर है जो सीधे ग्राहकों से नहीं जुड़े हैं। यानी: बैक-ऑफिस कर्मचारीडेटा प्रोसेसिंग और एंट्री जॉब्स ग्लोबल सर्विस सेंटर के रोल्सये वो काम हैं जिन्हें AI आसानी से कर सकता है। इसलिए आने वाले समय में इन जॉब्स  की जरूरत तेजी से कम हो सकती है।

AI बैंकिंग में क्या-क्या बदल रहा है?

HSBC ही नहीं, पूरी बैंकिंग इंडस्ट्री अब AI पर शिफ्ट हो रही है। बैंक की CFO Pam Kaur के मुताबिक AI का इस्तेमाल इन कामों में होगा: कस्टमर सर्विस (Chatbots) KYC और कंप्लायंस चेक ट्रांजैक्शन मॉनिटरिंग फ्रॉड डिटेक्शन इसका मतलब साफ है-जहां पहले कई लोग मिलकर काम करते थे, अब वही काम कुछ सॉफ्टवेयर कर देंगे।

क्या यह सिर्फ HSBC तक सीमित है?

नहीं। यह एक बड़ा ग्लोबल ट्रेंड है। रिपोर्ट्स के मुताबिक आने वाले 3-5 सालों में दुनिया भर के बैंक मिलकर करीब 2 लाख नौकरियां खत्म कर सकते हैं। डिजिटलीकरण और ऑटोमेशन के इस दौर में मैनुअल काम करने वाली नौकरियां सबसे पहले खत्म होंगी।

क्या आने वाला है ग्लोबल जॉब क्राइसिस?

HSBC में छंटनी की खबर सिर्फ एक संकेत हो सकती है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि: AI जॉब मार्केट को पूरी तरह बदल देगा नई स्किल्स की मांग बढ़ेगी पारंपरिक नौकरियां धीरे-धीरे खत्म होंगी यानी आने वाला समय उन लोगों के लिए चुनौती भरा हो सकता है जो खुद को अपडेट नहीं करेंगे।

क्या करना होगा अब?

यह खबर डराने वाली जरूर है, लेकिन एक संकेत भी देती है-भविष्य AI का है। जो लोग नई टेक्नोलॉजी सीखेंगे, वही आगे बढ़ पाएंगे।

पहले राज्यसभा और अब पार्टी की कमान पर नजर! JDU अध्यक्ष के लिए आज पर्चा भरेंगे नीतीश कुमार, क्या है रणनीति?

0

Nitish Kumar as JDU President: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जनता दल (यूनाइटेड) के अध्यक्ष पद के लिए आज गुरुवार को नामांकन करेंगे। नीतीश कुमार की ओर से 2025-2028 कार्यकाल के अध्यक्ष पद के लिए गुरुवार शाम 4.00 बजे पार्टी के केंद्रीय कार्यालय नई दिल्ली में नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे।

नीतीश कुमार की ओर से पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा में संसदीय दल के नेता संजय कुमार झा, विधान परिषद सदस्य श्रवण कुमार, संजय कुमार सिंह ‘गांधी’ और पार्टी के अन्य नेता नामांकन पत्र पार्टी के निर्वाचन अधिकारी अनिल प्रसाद हेगडे को सौंपेंगे।

नीतीश कुमार निर्विरोध चुना जाना तय

जदयू में प्रदेश स्तर तक संगठन के चुनाव पहले ही कराए जा चुके हैं। अब केवल राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया बची है, जिसे निर्धारित समयसीमा के तहत पूरा किया जा रहा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए 22 मार्च तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। 23 मार्च को स्क्रूटनी होगी और 24 मार्च नाम वापसी की अंतिम तारीख है। इसके बाद तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएग। हालांकि, अब तक किसी अन्य दावेदार के सामने नहीं आने से यह लगभग तय माना जा रहा है कि नीतीश कुमार निर्विरोध अध्यक्ष चुने जाएंगे। पूरी प्रक्रिया औपचारिकता भर रह गई है।

नेतृत्व में बदलाव के पक्ष में नहीं JDU

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा पहले ही कह चुके हैं कि हर कार्यकर्ता की इच्छा है कि नीतीश कुमार ही अध्यक्ष बने रहें। इससे साफ है कि जदयू फिलहाल नेतृत्व में किसी बदलाव के पक्ष में नहीं है। आने वाले राजनीतिक दौर को देखते हुए पार्टी अनुभव और स्थिरता पर ही भरोसा बनाए रखना चाहती है।

‘आगे यही सब काम करेंगे’, नीतीश कुमार ने सम्राट चौधरी के कंधे पर रखा हाथ, कही बड़ी बात, तय हो गया अगला सीएम?

कौन होगा बिहार का अगला सीएम?

बता दें कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के निर्णय के बाद उनके पुत्र निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री हो गई है। वहीं, बिहार में नए सीएम को लेकर चर्चा जोरों पर है। राजनीतिक और मीडिया में सम्राट चौधरी के नाम का दावा किया जा रहा है। हालांकि, अभी तक सीएम कौन होगा, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। मुख्यमंत्री के नाम पर बीजेपी और जदयू की ओर से कुछ साफ नहीं हो सका है।

“खाड़ी में तनाव, UAE में 800 भारतीय कंपनियों के 1.3 अरब डॉलर दांव पर”

0

अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई का माहौल बनने से खाड़ी क्षेत्र में टेंशन बढ़ गई है। इसका सीधा असर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में निवेश करने वाली भारतीय कंपनियों पर पड़ रहा है। पिछले छह महीनों में, करीब 800 भारतीय छोटी और मझोली कंपनियों (SMEs) ने UAE में 1।3 अरब डॉलर (यानी 130 करोड़ डॉलर) का भारी-भरकम निवेश किया है, जो अब खतरे में पड़ गया है।

पिछले दो सालों से अमेरिका के बाद UAE भारतीय कंपनियों के लिए निवेश का दूसरा सबसे बड़ा ठिकाना बन गया था। इस तनाव का सबसे ज़्यादा असर रिटेल और हॉस्पिटैलिटी (होटल, टूरिज्म) सेक्टर पर पड़ने की आशंका है। रिज़र्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, इन सेक्टर्स की 280 भारतीय कंपनियों ने यहां करीब 400 मिलियन डॉलर का निवेश किया है।

छोटी कंपनियों की चिंता ज़्यादा बड़ी

बड़े कॉर्पोरेट ग्रुप्स के मुकाबले, छोटी कंपनियों के लिए यह लड़ाई ज़्यादा बड़ी मुसीबत है। इसकी वजह यह है कि उनके पास अचानक होने वाले नुकसान से निपटने के लिए ज़्यादा पैसा नहीं होता। इसके अलावा, कई कंपनियों का पूरा बिजनेस सिर्फ UAE में ही है। इसलिए, अगर सामान की आवाजाही रुकती है, ग्राहक कम होते हैं या प्रोजेक्ट्स में देरी होती है, तो उनकी कमाई पर तुरंत असर पड़ेगा। लड़ाई की वजह से इन कंपनियों को बड़ा आर्थिक नुकसान और बिजनेस में रुकावटें झेलनी पड़ सकती हैं।

इन कंपनियों ने किया है बड़ा निवेश

पिछले छह महीनों में कई छोटी-बड़ी भारतीय कंपनियों ने UAE में पैसा लगाया है। इनमें मुंबई की सबको कॉफ़ी (Subko Coffee) ने 2,10,000 डॉलर, लाइफ़स्टाइल ब्रांड ब्रह्म लाइफ़स्टाइल (Brahmlife Style) ने 2 मिलियन डॉलर और इदम नेचुरल वेलनेस (Idam Natural Wellness) ने 6,80,000 डॉलर का निवेश किया है। इनके अलावा, भारत में बास्किन रॉबिन्स (Baskin Robbins) की लाइसेंसी कंपनी ग्रेविस फूड्स (Gravis Foods) ने 11।4 मिलियन डॉलर, हल्दीराम (Haldiram’s) ने 2।8 मिलियन डॉलर और ओयो (Oyo) की सब्सिडियरी कंपनी ओयो प्रॉपटेक (Oyo Proptech) ने 11 मिलियन डॉलर का निवेश किया है।

कंपनियों ने नहीं छोड़ी उम्मीद

लड़ाई के खतरे के बावजूद, ज़्यादातर कंपनियां UAE में अपने बिजनेस के भविष्य को लेकर भरोसे में हैं। नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट और ‘वाओ! मोमो’ (Wow! Momo) के CEO सागर दरियानी का कहना है कि यह संकट बस कुछ समय के लिए है। उन्हें उम्मीद है कि हालात जल्द ही सामान्य हो जाएंगे।

क्या केरल के मुख्यमंत्री बनेंगे शशि थरूर? कांग्रेस नेता ने खुद बताया प्लान; पार्टी को भी दे डाला ये सुझाव…

0

Kerala Assembly Elections 2026:

पांच राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनाव के साथ ही केरल में भी चुनावी बिगुल बज गई है। चुनाव से पहले तिरुवनंतपुरम सांसद और दिग्गज कांग्रेस नेता शशि थरूर की मुख्यमंत्री उम्मीदवारी को लेकर अटकलें तेज हो गईं हैं।

हालांकि, उन्होंने खुद इन सभी अटकलों से इनकार कर दिया है। थरूर नहीं कहा कि वह विधानसभा चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि वह व्यक्तिगत रूप से चुनाव से पहले संभावित मुख्यमंत्री चेहरे का ऐलान करने के पक्ष में नहीं हैं।

न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत के दौरान कांग्रेस सांसद ने कहा कि वे इस बार उम्मीदवार नहीं हैं, इसलिए उन्हें किसी एक विशेष निर्वाचन क्षेत्र की चिंता करने की जरूरत नहीं है और राज्य के चुनावों में उनकी भूमिका एक मिक्स्ड बैग या मिली-जुली है। उन्होंने आगे कहा कि वे चुनाव प्रचार के लिए राज्य के ‘चप्पे-चप्पे और हर कोने’ में जाने के लिए उत्सुक हैं।

सीएम पद पर शशि थरूर ने क्या कहा?

अपनी सीएम उम्मीदवारी को लेकर उन्होंने कहा कि नहीं, और बिल्कुल नहीं हूं, और इसके पीछे कई अच्छे कारण हैं, जिनमें से एक यह भी है कि मैं चुनाव में उम्मीदवार नहीं हूं। मेरा मानना है कि आदर्श रूप से मुख्यमंत्री का चयन चुने हुए विधायकों में से ही किया जाना चाहिए। थरूर ने कहा कि वह 85 से 100 सीटें यानी कांग्रेस की बहुमत आने पर खुश हो जाएंगे। केरल में खुल 140 विधानसभा सीटें हैं। उन्होंने कहा कि UDF या यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट खासतौर से लेफ्ट गठबंधन को गुगली डाल रहा है, क्योंकि ‘वो मुश्किल पिच पर खेल रहे हैं और हम उन्हें वहां हरा सकते हैं।

थरूर से पूछा गया कि क्या चुनाव प्रचार में कोई निश्चित चेहरा न होने से कांग्रेस की संभावनाओं पर असर पड़ सकता है। इसपर उन्होंने कहा व्यक्तिगत रूप से मैं आपकी बात से सहमत हूं कि हम उस रास्ते (चेहरा घोषित करने) पर जा सकते थे, लेकिन जैसा कि पार्टी नेतृत्व ने मुझे बताया, कांग्रेस ने पहले कभी ऐसा नहीं किया है।

बाकी उम्मादवारों के नामों का जल्द ऐलान

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वी डी सतीशन ने गुरुवार को कहा कि राज्य में आगामी चुनाव के लिए पार्टी उम्मीदवारों के चयन से जुड़े सभी मुद्दे सुलझा लिए गए हैं। सतीशन ने नई दिल्ली में सुबह मीडिया से बातचती में बताया कि पार्टी जिन शेष 40 सीट पर चुनाव लड़ रही है, उनके लिए उम्मीदवारों के नाम की सूची दिन में घोषित कर दी जाएगी। कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए मंगलवार को 55 उम्मीदवारों की सूची जारी की थी।

CG ”समावेशी विकास का संकल्प – छत्तीसगढ़ के बजट 2026-27 से किसानों, महिलाओं के उत्थान और अधोसंरचना विकास को मिलेगी नई गति’

0

: वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी

संकल्प से संवरेगा विकसित छत्तीसगढ़: वित्त मंत्री श्री . पी. चौधरी

छत्तीसगढ़ विधानसभा में 1.87 लाख करोड़ का विनियोग विधेयक पारित

कृषक उन्नति योजना के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान

महतारी वंदन योजना के लिए 8,200 करोड़ रुपये का प्रावधान

वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने छत्तीसगढ़ सरकार के वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए एक लाख 87 हजार 500 करोड़ रुपये का व्यापक और जनोन्मुखी विनियोग विधेयक प्रस्तुत करते हुए राज्य के समग्र विकास की दिशा में एक मजबूत खाका सामने रखा है। विधानसभा में विनियोग विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट राज्य के 3 करोड़ नागरिकों की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है और इसका उद्देश्य समावेशी विकास, आर्थिक सुदृढ़ता तथा अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में तैयार इस बजट को सरकार ने “संकल्प आधारित बजट” बताया है, जो राज्य को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

बजट का वित्तीय स्वरूप संतुलित और विकासोन्मुखी

वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने सदन को जानकारी दी कि प्रस्तुत विनियोग विधेयक कुल विनियोग 1 लाख 87 हजार 500 करोड़ रुपये का है, जिसमें ऋणों का पुनर्भुगतान एवं अन्य समायोजन शामिल हैं। शुद्ध बजट आकार 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। कुल प्राप्तियां भी इसी के अनुरूप 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये आंकी गई हैं, जिनमें से 1 लाख 41 हजार करोड़ रुपये राजस्व प्राप्तियां तथा 29 हजार करोड़ रुपये पूंजीगत प्राप्तियां हैं। व्यय पर दृष्टि डालें तो राजस्व व्यय 1 लाख 45 हजार करोड़ रुपये तथा पूंजीगत व्यय 27 हजार करोड़ रुपये प्रस्तावित है। राज्य का राजस्व घाटा मात्र 2 हजार करोड़ रुपये तथा शुद्ध राजकोषीय घाटा 20 हजार 400 करोड़ रुपये (जीएसडीपी का 2.87 प्रतिशत) अनुमानित है, जो राज्य के वित्तीय अनुशासन और संतुलित प्रबंधन को दर्शाता है।

संकल्प के सात स्तंभ और 5 नए महत्वाकांक्षी मिशन

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि यह बजट संकल्प (समावेशी विकास, अधोसंरचना, निवेश, कुशल मानव संसाधन, अंत्योदय, लाइवलीहुड और पॉलिसी) के सात स्तंभों पर टिका है। इस विजन को साकार करने के लिए 500 करोड़ रुपये की लागत से 5 नए मिशन शुरू किए जाएंगे। मुख्यमंत्री एआई मिशन के लिए 100 करोड़ रुपये (तकनीक के विस्तार हेतु), मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन हेतु 100 करोड़ रुपये, मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन के लिए 100 करोड़ रुपये, मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन के लिए 100 करोड़ रुपये और मुख्यमंत्री स्टार्ट-अप एवं निपुन मिशन हेतु 100 करोड़ रुपये का प्रावधान है।

वित्त मंत्री ने बताया कि आर्थिक दृष्टि से छत्तीसगढ़ निरंतर प्रगति कर रहा है। वर्ष 2025-26 में राज्य की आर्थिक वृद्धि दर 8.11 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो राष्ट्रीय औसत 7.4 प्रतिशत से अधिक है। कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्रों में संतुलित वृद्धि राज्य की मजबूत आर्थिक नींव को इंगित करती है। कृषि क्षेत्र में 7.49 प्रतिशत, उद्योग में 7.21 प्रतिशत और सेवा क्षेत्र में 9.11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1 लाख 79 हजार 244 रुपये हो गई है, जिसमें 10.07 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि राज्य की आर्थिक गतिविधियों में तेजी और नागरिकों की आय में सुधार का संकेत है।

वित्त मंत्री ने कहा कि बजट में कृषि एवं किसान कल्याण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी गई है। “कृषक उन्नति योजना” के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो इस बजट का सबसे बड़ा मद है। राज्य सरकार द्वारा किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है और अब तक लगभग 1 लाख 40 हजार करोड़ रुपये का भुगतान सीधे किसानों के खातों में किया जा चुका है। इससे न केवल किसानों की आय में वृद्धि हुई है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। सरकार ने फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए मक्का, कोदो-कुटकी, रागी एवं कपास जैसी फसलों को भी योजना में शामिल किया है। इसके साथ ही कृषि पंपों के लिए निःशुल्क विद्युत आपूर्ति हेतु 5,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे खेती की लागत में कमी आएगी।

मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी बजट में महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। “महतारी वंदन योजना” के अंतर्गत राज्य की लगभग 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इस योजना के प्रभावी संचालन के लिए 8,200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को “महतारी गौरव वर्ष” घोषित कर महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता दी है। इसके अतिरिक्त आंगनबाड़ी सेवाओं, पोषण आहार, महिला एवं बाल विकास योजनाओं के लिए भी पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि अधोसंरचना विकास को इस बजट में विशेष महत्व दिया गया है। राज्य में सुदृढ़ आधारभूत ढांचा विकसित करने के लिए 27 हजार करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय प्रस्तावित है। इसके अंतर्गत 1,162 सड़कों के निर्माण हेतु 837 करोड़ रुपये तथा 393 पुलों के निर्माण के लिए 163 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सिंचाई परियोजनाओं के लिए 4,400 करोड़ रुपये तथा जल जीवन मिशन के लिए 3,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इन प्रावधानों से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी, जल आपूर्ति और कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय सुधार होने की संभावना है।

वित्त मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में भी बजट में व्यापक प्रावधान किए गए हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 2,000 करोड़ रुपये तथा आयुष्मान योजना के लिए 1,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जिला चिकित्सालयों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के सुदृढ़ीकरण के साथ नए चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना की योजना भी शामिल है। शिक्षा के क्षेत्र में 700 नए शाला भवनों के निर्माण और तकनीकी शिक्षा संस्थानों के उन्नयन से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि ग्रामीण एवं शहरी विकास के क्षेत्र में संतुलित दृष्टिकोण अपनाया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना और रोजगार गारंटी मिशन के अंतर्गत 4-4 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं शहरी क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास के लिए 750 करोड़ रुपये तथा “आदर्श शहर समृद्धि योजना” के माध्यम से नगरीय सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इसके अतिरिक्त भूमिगत विद्युतीकरण, नालंदा परिसर और आवास योजनाओं के माध्यम से शहरी जीवन स्तर को बेहतर बनाने का प्रयास किया गया है।

मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण को भी बजट में विशेष स्थान दिया गया है। “शक्ति पीठ परियोजना” के माध्यम से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा, जबकि “रामलला दर्शन योजना” के तहत श्रद्धालुओं को धार्मिक स्थलों के दर्शन की सुविधा प्रदान की जा रही है। होम स्टे नीति के माध्यम से स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे और पर्यटन से जुड़े सहायक उद्योगों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 1,500 नए बस्तर फाइटर के पदों के सृजन, 15 नए पुलिस थानों की स्थापना और 5 साइबर पुलिस स्टेशनों के गठन का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही ई-गवर्नेंस, डिजिटल सेवाओं और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न विभागों में तकनीकी सुधार किए जाएंगे।

वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि यह बजट छत्तीसगढ़ के लिए एक दूरदर्शी और संतुलित विकास के दस्तावेज के रूप में उभरकर सामने आएगा, जो समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने और राज्य को आत्मनिर्भर एवं विकसित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया है कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर विकास का लाभ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचाया जाएगा, जिससे “समृद्ध छत्तीसगढ़” का सपना साकार हो सके।

विनियोग विधेयक के चर्चा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा, सर्वश्री उमेश पटेल, अजय चन्द्राकर, राघवेन्द्र सिंह, किरण सिंहदेव, देवेन्द्र यादव, धर्मजीत सिंह, रामकुमार यादव तथा सुशांत शुक्ला शामिल हुए।

पांच राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में हिंसा मुक्त और प्रलोभन मुक्त चुनाव हेतु 25 लाख से अधिक अधिकारियों की तैनाती…

0

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने 15 मार्च, 2026 को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु एवं पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के आम चुनाव तथा 6 राज्यों में उपचुनावों के कार्यक्रम की घोषणा की है।इन पांच राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में चुनाव प्रक्रिया के विभिन्न चरणों को सुचारू एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए 25 लाख से अधिक चुनाव अधिकारियों की तैनाती की गई है। इन चुनावों में 17.4 करोड़ से अधिक मतदाता मतदान के पात्र हैं,यह लगभग प्रत्येक 70 मतदाताओं पर 1 चुनाव अधिकारी के बराबर है।

मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के दौरान अधिकारियों को पूर्ण निष्पक्षता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं, ताकि चुनाव हिंसा मुक्त एवं प्रलोभन मुक्त वातावरण में संपन्न हो सकें और प्रत्येक मतदाता बिना किसी भय या पक्षपात के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके।
तैनात कर्मियों में लगभग 15 लाख मतदान कर्मी, 8.5 लाख सुरक्षा कर्मी, 40 हजार गणना कर्मी, 49 हजार माइक्रो ऑब्जर्वर, 21 हजार सेक्टर अधिकारी तथा गणना हेतु 15 हजार माइक्रो-ऑब्जर्वर सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं।

क्षेत्रीय स्तर की चुनावी मशीनरी, जिसमें 2.18 लाख से अधिक बीएलओ (BLO) शामिल हैं, मतदाताओं को फोन कॉल तथा ECINet ऐप पर ‘बुक-ए-कॉल टू बीएलओ’ सुविधा के माध्यम से सेवाएं प्रदान कर रही है। वहीं, डीईओ/आरओ स्तर पर किसी भी शिकायत या जानकारी के लिए कॉल सेंटर नंबर +91 (एसटीडी कोड) 1950 उपलब्ध है।तैनात सभी कर्मी जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 28ए के तहत निर्वाचन आयोग में प्रतिनियुक्ति पर माने जाएंगे।

आयोग द्वारा 832 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में 1,111 केंद्रीय पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है, जो आम चुनाव एवं उपचुनावों के दौरान आयोग की ‘आंख और कान’ के रूप में कार्य करेंगे। इनमें 557 सामान्य पर्यवेक्षक, 188 पुलिस पर्यवेक्षक एवं 366 व्यय पर्यवेक्षक शामिल हैं। अधिकांश केंद्रीय पर्यवेक्षक अपने-अपने आवंटित निर्वाचन क्षेत्रों में पहुंच चुके हैं।ये पर्यवेक्षक अपना संपर्क विवरण साझा करेंगे तथा प्रतिदिन निर्धारित समय पर उम्मीदवारों, राजनीतिक दलों/उनके प्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों से मुलाकात कर उनकी चुनाव संबंधी शिकायतों एवं सुझावों को सुनेंगे।

CG: मुख्यमंत्री से मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ला ने की सौजन्य मुलाकात…

0

रीवा हवाई सेवा के लिए की मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित उनके निवास में मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ला ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री शुक्ला का शॉल एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया।

इस दौरान दोनों के मध्य क्षेत्रीय विकास, आपसी समन्वय एवं जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। साथ ही दोनों राज्यों के बीच सहयोग को और सुदृढ़ करने पर भी सहमति व्यक्त की गई। उपमुख्यमंत्री श्री शुक्ला ने बताया कि अब रीवा-रायपुर से सीधे हवाई मार्ग से जुड़ गया है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के साझा प्रयासों से दोनों राज्यों के लोगों को हवाई सेवा की बड़ी सौगात मिली है। उपमुख्यमंत्री श्री शुक्ला ने इस दिशा में मुख्यमंत्री श्री साय के प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया और आगे भी दोनों राज्यों के साझा हितों को आगे बढ़ाने की बात कही।

उल्लेखनीय है रायपुर और रीवा के मध्य हवाई सेवा प्रारंभ हो गई है। इससे छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के लोगों की यात्रा आसान होगी।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, डॉ. हिमांशु द्विवेदी एवं जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।