Home Blog Page 2383

ये महिला गांव-गांव जाकर खिलाती है घूघंट न करने की सौगंध!

0

पर्दा प्रथा के खिलाफ हरियाणा में एक महिला ने जंग छेड़ी। महिला ने एक कैंपेन के तहत घूंघट के खिलाफ महिलाओं को जागरूक करना शुरू कर किया।

इतना ही नहीं यह कैंपेनर महिलाओं को पर्दा प्रथा के खिलाफ लड़ने की सौगंध भी खिलाती है। 47 से ज्यादा लोगों की टीम में महिला ने ऐसा काम किया है बड़े-बड़े मीडिया चैनल्स में इंटरव्यू देने पड़ गए।

महिला का नाम मंजू यादव है जो एक स्कूल टीचर हैं। वह हरियाणा के एक स्कूल में पढ़ाती हैं। मंजू ने हरियाणा जैसे रूढ़िवादी समाज में पुरूषसत्ता को चुनौती देते हुए घूघंट के खिलाफ कैंपेन शुरू किया।

वह चाहती हैं कि देश भर में सभी महिलाए घूघंट करना बिल्कुल बंद कर दें। यह एक तरह की गुलामी और बंदिश है जो पुरूष समाज महिलाओं पर थोपता है। मंजू के साहसिक कदम को देख लोगों ने उनका समर्थन किया। इसके बाद वह मीडिया की नजरों में आ गईं।

कमलेश तिवारी हत्याकांड: हत्यारोपियों की मदद करने वाला कामरान गिरफ्तार

0

 हिंदू समाज पार्टी अध्यक्ष कमलेश तिवारी हत्याकांड मामले में बरेली एटीएस ने आरोपी वकील नावेद के साथी कामरान को भी गिरफ्तार कर लिया है। कामरान और नावेद ने ही अपनी कार से दोनों हत्यारोपितों को नेपाल तक पहुंचाया था। पुलिस के अनुसार कामरान नावेद की ट्रेवल एजेंसी का कर्मचारी है। बता दें, हत्यारोपितों की मदद करने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट के वकील नावेद के दो साथियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

क्या है पूरा मामला

18 अक्टूबर को लखनऊ के खुर्शेदबाग इलाके में हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में गुजरात एटीएस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया था, इनमें मौलाना मोहसिन शेख सलीम, रशीद अहमद पठान और फैजान शामिल थे। इनसे पूछताछ में सूरत के ही रहने वाले अशफाक और मोइनुद्दीन के नाम सामने आए थे। गुजरात एटीएस ने 22 अक्टूबर को दोनों को गिरफ्तार कर लिया था।

लगातार हो रही गिरफ्तारी

इस मामले में हत्यारों के मददगारों की लगातार गिरफ्तारी चल रही है। बरेली में क्राइम टीम के साथ ही एसटीएफ व एटीएस लगातार सक्रिय है। गुरुवार तड़के हत्यारोपियों के मददगार नावेद के साथी कामरान को भी बरेली एटीएस ने गिरफ्तार कर लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कामरान ने ही कमलेश तिवारी के हत्यारोपी अशफाक का मोबाइल ट्रेन में रखा था। चलती ट्रेन में अशफाक के मोबाइल की लोकेशन बदलती गई और उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम भ्रमित हुई थी। मोबाइल अंबाला में ऑन तो पुलिस को लगा कि दोनों हत्यारोपित पंजाब पहुंच गए हैं।

छत्तीसगढ़ : महापौर या अध्यक्ष को हटाने के लिए अब लाना होगा अविश्वास प्रस्ताव

0

 नगरीय निकायों के महपौर या अध्यक्ष को पद से हटाने के लिए अब विपक्ष को परिषद में अविश्वास प्रस्ताव लाना होगा। नगरीय निकायों में अप्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली होने के साथ ही महापौर या अध्यक्ष को हटाने के लिए राइट टू रिकॉल की व्यवस्था भी खत्म हो गई है। मतलब, महापौर और अध्यक्ष को जनता पद से नहीं हटा सकेगी। प्रदेश में अभी तक महापौर और अध्यक्ष का चुनाव प्रत्यक्ष तरीके से होता था। जनता इनका चुनाव करती थी। जिन पदों के लिए सीधे चुनाव होता है, उन पर चुने गए व्यक्ति को हटाने के लिए भी जनता वोट करती है।

मौजूदा सरकार ने महापौर और अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया बदल दी है। अब जनता केवल पार्षदों को चुनेगी। जिस दल के पार्षद बहुमत में होंगे, वे अपने बीच से महापौर या अध्यक्ष का चुनाव करेंगे। ऐसी स्थिति में महापौर या अध्यक्ष को पद से हटाने के लिए पार्षद ही अविश्वास प्रस्ताव ला सकेंगे।

अविश्वास प्रस्ताव लाकर उन्हें परिषद में यह साबित करना होगा कि महापौर या अध्यक्ष के खिलाफ में ज्यादा पार्षद हैं। अप्रत्यक्ष चुनाव पर राज्यपाल की मुहर लगने के साथ ही इस व्यवस्था को भी मंजूरी मिल गई है। राइट टू रिकॉल व्यवस्था को खत्म करने और अविश्वास प्रस्ताव की व्यवस्था को लागू करने के लिए अधिनियम में संशोधन किया जा रहा है।

विपक्ष का हमला, रमन बोले-जनता के अधिकारों का हनन

महापौर और अध्यक्ष को पद से हटाने की व्यवस्था में बदलाव पर भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि मौजूदा सरकार जनता के अधिकारों का हनन कर रही है। कांग्रेस के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने संविधान में संशोधन कर जनता को राइट टू रिकॉल की व्यवस्था दी थी, जिसे अब उन्हीं की पार्टी की सरकार बदल रही है।

रमन का कहना है कि राइट टू रिकॉल से जनप्रतिनिधि के मन में डर बना रहता है कि वह बेहतर काम नहीं करेगा, तो उसे जनता हटा सकती है। रमन का कहना है, मौजूदा सरकार घबराकर राइट टू रिकॉल को खत्म कर रही है।

अप्रत्यक्ष चुनाव की व्यवस्था है अविश्वास प्रस्ताव

नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया का कहना है कि अविश्वास प्रस्ताव तो सभी अप्रत्यक्ष चुनाव की व्यवस्था है। वह चाहे मुख्यमंत्री के लिए हो या फिर प्रधानमंत्री पद के लिए, अविश्वास प्रस्ताव लाना होता है। विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए नियमों के विपरीत बयानबाजी करने में लगा हुआ है।

लाखों भारतीयों के डेबिट-क्रेडिट कार्ड का डेटा चोरी, ऑनलाइन बिक रही डिटेल

0

देश में करीब 12 लाख डेबिट और क्रेडिट कार्ड का डेटा लीक हो गया है. यह डेटा ऑनलाइन बेचा जा रहा है. सिंगापुर स्थित एक ग्रुप आईबी सुरक्षा अनुसंधान की टीम ने डार्क वेब पर क्रेडिट और डेबिट कार्ड के विवरण के एक बड़े डेटाबेस का पता लगाया है. इन कार्ड्स की डीटेल को नाम के डार्कनेट मार्केट प्लेस पर बेचा जा रहा है. INDIA-MIX-NEW-01 के रूप में डब किए गए डेटा दो संस्करणों में उपलब्ध हैं – ट्रैक-1 और ट्रैक-2.

बता दें कि ट्रैक-1 डेटा में सिर्फ कार्ड नंबर ही होता है जो कि सामान्य बात है जबकि ट्रैक-2 डेटा में कार्ड के पीछ स्थित मैग्नेटिक स्ट्रिप की डीटेल होती है. इसमें ग्राहक की प्रोफाइल और लेनदेन की सारी जानकारी होती है. हैकर्स की वेबासाइट पर जो जानकारी डाली गई है, उसमें 98 फीसदी जानकारी भारतीयों की है. यहां तक कि 18 फीसदी जानकारी तो एक ही बैंक के हैं. हालांकि, इस बैंक के नाम का खुलासा अभी तक नहीं हुआ है. जानकारी के अनुसार हर कार्ड का डेटा 100 डॉलर (करीब 7 हजार रु.) में बेची जा रहा है. अंदेशा है कि हैकिंग के अलावा डेटा एटीएम या पीओएस में स्किमर से भी चुराए गए हैं.

चूंकि ये सारे कार्ड्स सिर्फ एक ही बैंक से नहीं है इसलिए कहा जा सकता है कि यह काफी बड़े लेवल पर सिक्युरिटी फेलियर है. बता दें कि 2016 में भी इसी तरह का एक डेटा ब्रीच हुआ था जब करीब 32 लाख डेबिट कार्ड की डीटेल चोरी हुई थी. इसमें येस बैंक, आईसीआईसीआई, एसबीआई सहित कई दूसरे बैंक शामिल थे. बाद में इन्होंने अपने ग्राहकों को दूसरा कार्ड जारी किया था.

छत्तीसगढ़ : RTE का उल्लंघन, लाखों नौनिहालों को पढ़ा रहे अप्रशिक्षित शिक्षक

0

शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के मापदंडों के खिलाफ प्रदेश के निजी और सरकारी स्कूलों में शिक्षक अभी भी पढ़ा रहे हैं। स्कूल शिक्षा विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक अभी भी निजी और सरकारी स्कूलों में 43 से अधिक शिक्षक ऐसे हैं, जिन्होंने प्रशिक्षण लिया ही नहीं है और न ही इसके लिए कोई कोर्स ही किया है, जबकि आरटीई के नियमानुसार अप्रशिक्षित शिक्षकों को 31 मार्च 2015 तक ही प्रशिक्षित कर लेना था। पिछले सालों में राज्य सरकार ने अप्रशिक्षित शिक्षकों को प्रशिक्षित कराने के लिए डीएड और डीएलएड कोर्स भी कराए। इसके बावजूद अभी तक अप्रशिक्षित शिक्षक स्कूलों में जमे हुए हैं। केंद्र सरकार का फरमान था कि 31 मार्च 2019 तक सभी शिक्षकों को प्रशिक्षित करना है।

इसके लिए केंद्र सरकार ने देश भर के अप्रशिक्षित शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए डीएलएड (डिप्लोमा इन एलिमेंटरी एजुकेशन) कोर्स कराया था। निजी और सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे शिक्षकों को यह कोर्स करना था इसके बाद भी कुछ शिक्षकों ने यह कोर्स नहीं किया। निजी स्कूलों में भी अप्रशिक्षितों के हवाले बच्चों को छोड़ दिया गया है।

यह है प्रदेश के शिक्षकों के प्रशिक्षण की स्थिति

– 269870 शिक्षक प्रदेशभर में संचालित

– 124341 ने किए डिप्लोमा डीएलएड, डीएड

– सर्टिफिकेट कोर्स य 15629 बीएड वाले शिक्षक हैं कार्यरत

– 64571 बीएड के समकक्ष वाले शिक्षक

– 2152 एमएड करने वाले शिक्षक

– 5095 डिप्लोमा इन स्पेशल एजुकेशन

– 10841 कोई अन्य तरह का सर्टिफिकेट

– कोर्स य 43605 शिक्षक कोई भी कोर्स नहीं किए हैं

– 3636 अभी कोर्स कर रहे हैं

फिसड्डी साबित हुआ शिक्षा विभाग

राज्य सरकार शिक्षकों को पढ़ाने लायक बनाने में फिसड्डी साबित हुई है। आरटीई के तहत शिक्षकों को 31 मार्च, 2015 तक प्रशिक्षित करना था, लेकिन अभी भी प्राइमरी स्कूलों में पढ़ा रहे सारे शिक्षकों को पढ़ाने लायक अभी भी नहीं बना पाए हैं। प्रदेश में आरटीई एक अप्रैल 2010 को राज्य में लागू हुआ था। आरटीई के धारा 23 (2) में आठवीं तक पढ़ाने वाले शिक्षकों को पांच साल के अंदर बीएड, डीएड के जरिए प्रशिक्षित करना था, लेकिन यह लक्ष्य अभी तक अधूरा है।

– सरकारी स्कूल के शिक्षकों को एनआइओएस के जरिए प्रशिक्षित किया गया है। इन आंकड़ों को देखना पड़ेगा इनमें निजी और सरकारी शिक्षक दोनों ही शामिल होंगे। पहले की तुलना में अप्रशिक्षित शिक्षक कम हुए हैं। – एस. प्रकाश, संचालक, स्कूल शिक्षा

टोयोटा राइज की लांच डेट हुई फाइनल

0

 दुनिया की सबसे बडी ऑटोमोबाइल कंपनी टोयोटा ने जल्द ही अपने अन्तराष्ट्रीय बाजार में राइज को लांच करने की तैयारी कर ली है। 5 नवंबर को जापान में टोयोटा की नई राइज का अनावरण किया जाना है। कार की काफी ज्यादा हाइप पहले ही उभरते बाजारों में बन चुकी है। टोयोटो द्वारा इस कार को CH-R और रश के नीचे प्लेस किया जायेगा।

आपको बता दें, Raize को RAV4 का एक कॉम्पैक्ट संस्करण माना जा सकता है। हालाँकि, राईज कुछ मायनों में दैहत्सु रॉकी से मिलता-जुलता है। दोनों एक ही मंच पर आधारित हैं। Raize को कई कस्टमाइज़ेशन विकल्पों में पेश किया जाएगा। लांच की डेट जैसे-जैसे नजदीक आ रही है इसको लेकर कई तरह की खबरें इंटरनेट पर साझा की जा रही है।

आपको बता दें, उप-चार-मीटर एसयूवी में कथित तौर पर 369 लीटर की बूटस्पेस क्षमता होगी और इसे व्यावहारिक उपयोग के लिए संरेखित किया गया है। सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सुविधाओं में इसमें टकराव की चेतावनी, टक्कर से बचने के समर्थन ब्रेक, साइन रिकॉग्निशन फ़ंक्शन, अग्रणी वाहन प्रारंभ अधिसूचना फ़ंक्शन, गलत नियंत्रण दमन नियंत्रण के साथ ब्रेक नियंत्रण और कॉर्नर सेंसर दिए गये हैं।

वैकल्पिक सुरक्षा पैक में सभी वाहन गति ट्रैकिंग, लेन कीप कंट्रोल (LKC), रियर क्रॉस-ट्रैफिक अलर्ट (RCTA), स्मार्ट पैनोरमा पार्किंग सहायता, साइड व्यू लैंप, एडेप्टिव ड्राइविंग बीम (ADB) के साथ अनुकूली क्रूज नियंत्रण (ACC) शामिल होगा।

राइज में आपको एक 1.0-लीटर तीन-सिलेंडर टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन मिलेगा यह 98 हॉर्स पावर का उत्पादन करने के लिए पर्याप्त होगा। इंजन को एक ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन में रखा जाएगा, जबकि बाद में छह-स्पीड MT लाइनअप में शामिल हो जाएगा। Raize दो-और चार-पहिया-ड्राइव कॉन्फ़िगरेशन में बेचा जाएगा।

छत्तीसगढ़ : घर के सामने खड़ी ऑटो पर लगा दी आग

0

घर के सामने खड़ी ऑटो में शरारती तत्वों ने आग लगा दी। पीड़ित की शिकायत पर सरकंडा पुलिस ने मामला दर्ज किया है। चांटीडीह के जबड़ानाला के पास रहने वाले ऑटो चालक दिनेश श्रीवास पिता लल्लु प्रसाद ने मंगलवार की सुबह अपने घर के सामने ऑटो खड़ी की थी। रात करीब ढाई बजे उसकी नींद खुली। उसे कुछ जलने की बदबू आई। घर से बाहर निकलने पर उसने देखा कि ऑटो में आग लगी है। उसने अपनी पत्नी और भाई को जगाकर आग को बुझाने की कोशिश की। आग बुझाते तक ऑटो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। बुधवार की सुबह उसने मामले की शिकायत सरकंडा पुलिस से की। उसने आशंका जताई की कुछ शरारती युवक रात में उसके घर के सामने पटाखे फोड़ रहे थे। हो सकता है उन्होंने घटना को अंजाम दिया हो। शिकायत के आधार पर सरकंडा पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 435 के तहत अपराध दर्ज किया है।

इन कहानियों में है छठ पूजन का इतिहास, जानिए प्रभु श्री राम से लेकर राजा प्रियवद तक की कथाएं

0

आपको बता दें, कि छठ पूजा का विशेष महत्व होता हैं सूर्य देव और छठी मैया की पूजा को समर्पित छठ पूजा आज से शुरू हो चुकी हैं इस दिन सूर्य देव और छठी मैया की विधि विधा से पूजा होती हैं सूर्य देव और छठी मैया की पूजा कब से शुरू हुई इसके बारे में पौराणिक कथाओं में बताया गया हैं कि सतयुग में प्रभुश्री राम और माता सीता, द्वापर में दानवीर कर्ण और पांच पांडवें की पत्नी द्रौपदी ने सूर्य की उपासना की थी

छठी मैया की पूजा से जुड़ी एक कथा राजा ​प्रियवद की हैं जिन्होंने सबसे पहले छठी मैया की पूजा की थी। वही आज हम आपको बताने जा रहे हैं सूर्य की उपासना और छठ पूजा के इतिहार और कथा के बारे में, तो आइए जानते हैं।

एक पौराणिक कथाओं के मुताबिक राजा प्रियवद निसंतान थे, उनको इसकी पीड़ा थी। उन्होनें महर्षि कश्यप से इसके बारे में बात की तब म​हर्षि कश्यप ने संतान प्राप्ति के लि पुत्रेष्टि यज्ञ कराया। उस दौरान यज्ञ में आहुति के लिए बनाई गई खीर राजा प्रियवद की पत्नी मालिनी को खाने के लिए दी गई। यज्ञ के खीर के सेवन से रानी मालिनी ने एक पुत्र को जन्म दिया। मगर वह मृत पैदा हुआ था।

राजा प्रियवद मृत पुत्र के शव को लेकर श्मशान पहुंचे और पुत्र वियोग में अपना प्राण त्यागने लगे। उसी समय ब्रह्मा की मानस पुत्री देवसेना प्रकट हुई उन्होंने राजा प्रियवद से कहा, मैं सृष्टि की मूल प्रवृत्ति के छठे अंश से उत्पन्न हुई हूं। इसलिए मेरा नाम षष्ठी हैं। तुम मरेी पूजा करो और लोगो में इसका प्रचार प्रसार करों। माता षष्ठी के कहे अनुसार, राजा प्रियवद ने पुत्र की कामना से माता का व्रत विधान से किया, उस दिन कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी थी। इसके फलस्वरूप राजा प्रियवद को पुत्र प्राप्त ​हुआ।

छत्तीसगढ़ : मकान का ताला तोड़कर एलईडी टीवी और जेवर ले गए चोर

0

मकान में ताला लगाकर कुछ घंटों के लिए बाहर जाना युवक को महंगा पड़ गया। चोरों ने ताला तोड़कर एलईडी टीवी समेत सोने चांदी के जेवर पार कर दिए।

एलआइसी सिटी कॉलोनी चिल्हाटी निवासी चंद्रकांत चंद्रा पिता रामकेतन चंद्रा मंगलवार की दोपहर तीन बजे अपने घर में ताला लगाकर किसी काम से कोरबा चला गया। सूने घर का फायदा उठाते हुए चोर दरवाजे का ताला तोड़कर अंदर घूस गए। वे हॉल में रखे 32 इंच का एलईडी टीवी के साथ आलमारी का ताला तोड़कर सोने की एक अंगूठी, चांदी का एक सिक्का चोरी कर फरार हो गए। इधर रात तीन बजे घर पहुंचने पर चंद्रकांत को चोरी का पता चला। उसने बुधवार की सुबह घटना की सूचना सरकंडा पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर जांच करने के बाद अज्ञात चोरों के खिलाफ धारा 380, 457 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।

VIDEO : सड़क पर गहरे गड्ढे में समा गई चलती बस, लोगों ने टाइटेनिक से कर दी तुलना

0

इंटरनेट पर कई बार ऐसी तस्‍वीरें सामने आती हैं, जिनके बाद सोशल मीडिया (Social Media) पर मीम्‍स (Memes) की बारिश हो जाती है. ऐसा ही कुछ हुआ अमेरिका के पिट्सबर्ग (Pittsburgh) की सड़क पर. यहां पर एक सार्वजनिक यात्री बस (Bus) चलते समय हादसे का शिकार हो गई. दरअसल जिस सड़क पर यह बस सफर कर रही थी, उसमें अचानक बड़ा गड्ढा (Sinkhole) हो गया. इसके बाद आधी बस उस गड्ढे में समा गई.

बस का पिछला हिस्‍सा गड्ढे में समा गया और अगला हिस्‍सा सड़क से बाहर निकलता हुआ तिरछा खड़ा हो गया. हालांकि गनीमत यह रही कि इस हादसे में किसी को गंभीर चोट नहीं आई. इस हादसे के बाद बस की तस्‍वीर को लेकर सोशल मीडिया पर मीम्‍स की बरसात को गई. लोगों ने इस बस की तुलना डूबते हुए टाइटेनिक (Titanic) से कर दी.

View image on Twitter

यह हादसा पेंसिलवेनिया के पिट्सबर्ग में हुआ. यहां एक व्‍यस्‍त सड़क पर यातायात सुचारू रूप से चल रहा था. तभी अचानक सड़क पर विशाल गड्ढा हो गया. इसी दौरान वहां से बस गुजर रही थी. यह बस हादसे का शिकार होकर पीछे की ओर से गड्ढे में घुस गई.

View image on Twitter

बस का अगला हिस्‍सा तिरछा होकर ऊपर की ओर खड़ा हो गया. हादसे के वक्‍त बस में सिर्फ एक बुजुर्ग महिला यात्री और ड्राइवर था. दोनों को मामूली चोट लगी. अब जब इंटरनेट पर लोगों को पता चला कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है तो सोशल मीडिया पर लोग इसे लेकर मीम्‍स चलाने लगे.

इन मी‍म्‍स में लोगों ने इस तिरछी बस की तुलना डूब रहे तिरछे टाइटेनिक से कर दी.

View image on Twitter

इसमें ए‍क ट्विटर यूजर ने 1912 में डूबते हुए टाइटेनिक की तिरछी ब्‍लैक एंड व्‍हाइट फोटो और तिरछी बस की फोटो शेयर कर दी. इसके अलावा भी कई यूजर्स ने मजाकिया तौर इस बस हादसे पर टिप्‍पणी की.