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छत्तीसगढ़ – चौपाटी यानी पाव-भाजी, डोसा और चाइनीज एक जैसे स्टाल इसलिए कम होने लगी रुचि…

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राजधानी की एमजी रोड चौपाटी सैटरडे-सनडे और सरकारी अथवा स्कूली छुट्टियों की पूर्वसंध्या पर चल रही हैं, लेकिन इसके अलावा शहर की किसी चौपाटी में वैसी रौनक नहीं है, जैसी होनी चाहिए। निगम प्रशासन की ओर से इस मामले में लोगों से फीडबैक लिया गया तो चौंकाने वाली बात सामने अाई कि हर चौपाटी में केवल पाव-भाजी, डोसा और कुछ चाइनीज अाइटम्स की भरमार है। इसके शौकीनों के लिए एमजी रोड पर्याप्त है, इसलिए बाकी जगह वे नहीं जा रहे हैं।

इनके अलावा दूसरी चौपाटियां भी खाने-पीने के दूसरे विकल्प पर फोकस नहीं कर पाई हैं, इसलिए फेल हो रही हैं। हालात ये हैं कि नगरघड़ी चौक की वीकेंड नाइट चौपाटी का प्लान शुरू होने से पहले ही बंद होने की कगार पर है। रजबंधा की महिला चौपाटी में भी इसी तरह के स्टाॅल खुल गए, इसलिए वहां लोग नहीं गए और कई दुकानदारों ने अपना स्टाॅल समेट लिया है। 


निगम प्रशासन से जुड़े अफसरों का मानना है कि पावभाजी, चाउमीन और दोसे की अधिकता के चलते चौपाटी में लोगों को खाने पीने के सामान के विकल्प नहीं मिल रहे हैं, इसलिए वे चौपाटी के बजाय दूसरी जगहों का रुख कर रहे हैं। एमजी रोड और तेलीबांधा के अलावा बाकी जगह अभी यही स्थिति है। पिछले साल घड़ी चौक में वीकेंड नाइट चौपाटी का प्रोजेक्ट इसलिए भी फेल हुआ था। एक सी दुकानों के चलते वेंडरों ने भी ने बाद में यहां रुचि दिखानी बंद कर दी थी।

कुछ एक दिन बाद ही ये नाइट चौपाटी बंद हो गई थी। घड़ी चौक की चौपाटी में भी 25 दुकानों के लिए स्पेस बनाया गया था। शुरूआत में कुछ दुकानें भी लगी। लेकिन बाद में वेंडर यहां नहीं आए क्योंकि एक सी दुकानों की वजह से वहां उतना रिस्पांस नहीं था। 


अलग वैरायटी के लिए प्लान

नरैया तालाब में आम लोगों को खाने पीने के सामान की अलग-अलग किस्में मिले इसके लिए 20 से 25 दुकानों में स्ट्रीट फूड की वैरायटी और दुकानों की संख्या पहले से तय की जाएगी। एक से सामान की अधिकतम दो या तीन दुकानें ही लगाई जा सकेंगी। ताकि एक जैसी दुकानों की संख्या न बढ़े। 


नरैयातालाब चौपाटी के लिए बना रहे गेट, लेकिन लोगों के घरों से सटाकर
नरैया तालाब में स्मार्ट सिटी नई नाइट चौपाटी बना रहा है। चौपाटी को आकर्षक बनाने के लिए यहां भी रंग बिरंगे गेट लगाए जा रहे हैं। लेकिन इसका मुख्यद्वार ही आसपास रह रहे लोगों की घरों से सटाकर बनाया जा रहा है। इससे स्थानीय लोग खासे नाराज नजर आ रहे हैं। यही नहीं तालाब के इर्दगिर्द गंदगी अभी तक हटाई नहीं गई है। भास्कर ने तालाब में चल रहे कामों का जायजा लिया। तालाब में नाइट चौपाटी के लिए स्मार्ट सिटी ने हाल ही में 20 से 25 दुकानों के लिए टेंडर ओपन कर दिया है। दिवाली के बाद इसे ओपन करने का प्लान है। लेकिन कामों की रफ्तार देखकर लग रहा है कि ये नवंबर के मध्य में ही शुरु हो पाएगी। हाल ही में पाथ-वे लाइट लगाने जैसे निर्माण से जुड़े जो काम किए गए, उन पर गंदगी पानी फेर रही है। क्योंकि स्थानीय लोग भी यहां कचरा फेंक रहे हैं।

छत्तीसगढ़ : पार्षद चुनाव की मतदाता सूची जारी, लाखे वार्ड में सबसे ज्यादा, मदर टेरेसा वार्ड में सबसे कम वोटर…

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रायपुर नगर निगम के 70 वार्डों की अंतिम मतदाता सूची बुधवार को वार्डों में बांट दी गई है। जो सूची तैयार हुई है, उसके अनुसार राजधानी के 5 वार्डों में अब भी मतदाताओं की संख्या 17 हजार से ज्यादा है। सबसे ज्यादा 17882 वोटर वामनराव लाखे वार्ड-66 में हैं। सबसे कम 6977 मतदाताओं वाले मदर टेरेसा वार्ड-48 की एक खासियत ये भी है कि यहां पुरुषों से ज्यादा महिला वोटर (3558) हैं। पिछले यानी 2014 के चुनाव की तुलना में इस बार मतदाताओं की संख्या 75 हजार बढ़ गई है। इसमें भी सबसे खास बात ये है कि महिलाओं की संख्या में इजाफा ज्यादा है। 


वामनराव लाखे वार्ड को छोड़कर जिनमें वोटरों की संख्या ज्यादा है, उनमें वार्ड नंबर 7 कुशाभाऊ ठाकरे (17785), वार्ड नंबर 18 बाल गंगाधर तिलक (17427),  रानी दुर्गावती वार्ड (17169) और ठाकुर प्यारेलाल वार्ड-40 में (17153) मतदाता हैं। इस वार्ड में महिला वोटरों की संख्या पुरुषों की तुलना में लगभग 90 अधिक है। यही नहीं, सात वार्ड ऐसे हैं जहां मतदाताओं की कुल जमा तादाद दस हजार से भी कम हैं। मदर टेरेसा के बाद सबसे कम मतदाता वार्ड क्रमांक 33 में है यहां भी 7 हजार 386 वोटरों में महिलाओं की तादाद पुरुषों से ज्यादा है। 

जानिए अापके वार्ड में कितने वोटर करेंगे पार्षद का फैसला 
 

  • कुल वोटर 8.96  लाख
  • पुरुष 4.57  लाख
  • महिला 4.38 लाख
  • थर्ड जेंडर 242

वार्ड  वोटर
1 वीर सावरकर  14,505
2 जवाहरलाल नेहरु  15070
3 संत कबीरदास  12,298
4 यतियतनलाल  12,330
5 बंजारी माता   15,226
6 अवंति बाई  11,706
7 कुशाभाऊ ठाकरे  17,785
8 पं. मोतीलाल नेहरु  12,964
9 डॉ. अंबेडकर 10,434
10 रानी लक्ष्मीबाई  13,938
11 कालीमाता  10,047
12 महात्मा गांधी  11,912
13 राजीव गांधी  11,961
14 रमण बाई मंदिर 11,649
15 नेताजी बाजारी  12,743
16 वीर शिवाजी14,640
17 ठक्कर बापा  14,208
18 बालगंगाधर तिलक 17,427
19 डॉ कलाम  11,233
20 रामकृष्ण परमहंस  8,106
21 शहीद भगत सिंह  15,294
22 ईश्वरी चरण  9,670
23 शहीद बक्शी  15,557
वार्ड  वोटर
24 सरदार पटेल  15,547
25 संत रामदास  9,978
26 भामाशाह  15, 596
27 इंदिरा गांधी  13,824
28 हेमू कलाणी  8,430
29 गुरु गोविंद सिंह  12,770
30 शंकर नगर  9,957
31 नेताजी सुभाष  13,209
32 वाल्मीकि 12,613
33 शहीद वीरनारायण7,386
34 लालबहादुर शास्त्री  9,728
35 पंडित रविशंकर  9,361
36 अब्दुल हमीद  8,635 
37 तात्यापारा  14,508 
38 शहीद चूडामणि 13,671
39 आत्मानंद 8,726
40 ठाकुर प्यारेलाल  17,153 
41 पंडित दीनदयाल  13,636
42 पंडित सुंदरलाल  15,169
43 म. लक्ष्मीनारायण13,041
44 ब्राह्मणपारा  13,338
45 स्वामी विवेकानंद  13,684
46 मौलाना रउफ  15,620
वार्ड  वोटर
47 सिविल लाइंस 11,286 
48 मदर टेरेसा  6,977 
49 गुरु घासीदास  14,666
50 रानी दुर्गावती  17,169 
51 पंडित विद्याचरण  10,035
52 डॉ. राजेंद्र प्रसाद  15,704
53 जगजीवन राम9,558
54 कामरेड सुधीर  11,920
55 रविंद्रनाथ टैगोर  11,709
56 अरविंद दीक्षित  15,617
57 भगवती चरण  11,920
58 शहीद पंकज 13,079
59 मोरेश्वरराव गद्रे  16,496
60 चंद्रशेखर आजाद13,072
61 श्यामा प्रसाद  12,703
62 श. राजीव पांडे12,400
63 ब्रिगेडियर उस्मान14,201
64 डॉ. विपिन बिहारी  9,540
65 महामाया मंदिर 11,393
66 वामनराव लाखे  17, 882
67 भक्तमाता  12,360
68 खूबचंद बघेल13,343
69 माधव राव सप्रे  16,529
70 संत रविदास  10,479

छत्तीसगढ़ – देशभर के स्टेशन में स्टेशन मास्टर, पैनल और रिले रूम में वीडियो रिकार्डिंग होगी…

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 देश के सभी रेलवे स्टेशनों में सुरक्षा के मद्देनजर अब स्टेशन मास्टर, पैनल रूम और रिले रूम में वीडियो रिकार्डिंग की जाएगी। इस संबंध में रेलवे बोर्ड ने सभी रेलवे जोन के महाप्रबंधकों को दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। रेलवे बोर्ड के निर्देश में स्पष्ट कहा गया है कि रेलवे स्टेशन एरिया की वीडियो रिकार्डिंग के साथ-साथ स्टेशन मास्टर रूम,पैनल रूम और रिले रूम की रिकार्डिंग कराई जाए। इससे सुरक्षा को बढ़ावा मिलने के साथ ही किसी घटना या दुर्घटना होने की स्थिति में छानबीन करने में मदद मिल सकेगी।

इस बारे में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत बिलासपुर डिवीजन के 81 स्टेशनों के अलावा रायपुर डिवीजन व नागपुर डिवीजन समेत कुल 283 स्टेशनों में वीडियो रिकार्डिंग किए जाने की व्यवस्था बनाई जा रही है।  इससे पूर्व एसईसीआर में 317 रेलवे स्टेशन थे लेकिन इनमें से 34 रेलवे स्टेशन नैरोगेज लाइन के होने के बंद हो चुके हैं।


रेलवे बोर्ड के चेयरमैन (सीआरबी) द्वारा इस संबंध निर्णय लिए जाने के बारे में रेलवे बोर्ड की डिम्पी गर्ग द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि स्टेशन मास्टर के रूम के अंदर की वीडियो रिकार्डिंग किए जाने के साथ ही ट्रेनों के संचालन में अहम भूमिका अदा करने वाले पैनल व रिले रूम में प्राथमिकता के इस कार्य को पूरा किया जाए। रेलवे बोर्ड के अधिकारी के मुताबिक कई बार रेलवे स्टेशनों में कोई घटना से हादसे के समय सही जानकारी मिलने में काफी मुश्किल हो जाती है। लेकिन वीडियो रिकार्डिंग हो जाने से फुटेज आसानी से मिल जाने से वास्तविकता का पता चल सकेगा।

छत्तीसगढ़ – महापौर के बाद अब सरपंचों का चुनाव भी जनता नहीं पंच करेंगे…

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नए साल की शुरूआत में होने वाले पंचायत चुनाव भी बदले स्वरूप में नजर आ सकते हैं। इस बार नया यह होगा कि सरपंचों को भी गांवों की जनता नहीं बल्कि पंच मिलकर चुनेंगे। फिलहाल उच्च स्तर पर इस विधि से सरपंचों को चुनने का फैसला सरकार ने कर लिया है। इसके लिए जल्द ही पंचायत अधिनियम में अध्यादेश के जरिए संशोधन करने जा रही है। भास्कर से शासन स्तर पर इसकी पुष्टि की है। इसकी तैयारी अंतिम दौर में है।

सरकार पहले ही महापौर का चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से करने का फैसला कर चुकी है। इसके लिए अध्यादेश में भी संशोधन किया गया है। सरकार को उम्मीद है कि वह एक दिन में ही पंचायत अध्यादेश में भी संशोधन करा लेगी। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान पहले पंचों का चुनाव जनता करेगी फिर वे मिलकर अपने बीच में से पंच चुनेंगे। राज्य निर्वाचन आयोग को भी इस बात के संकेत दे दिए हैं। निकाय चुनाव की तैयारी में जुटे आयोग ने पंचायत चुनाव में भी बदले फार्मूले पर क्या – क्या करना होगा इस पर विचार-विमर्श शुरू कर दिया है।  


मालूम हो कि पंचायत चुनाव गैरदलीय अदार पर होते हैं, लेकिन राजनीतिक दल अप्रत्यक्ष तौर पर उम्मीदवारों को समर्थन देकर उन्हें जीताने की कोशिश करते हैं।। नतीजों के बाद विजयी प्रत्याशियों पर दल अपना दावा भी ठोकते हैं। 


सोच के पीछे क्या  
पंचायत चुनाव में भी पंचों के जरिए सरपंच चुनने की जरूरत क्यों पड़ी? इसे लेकर कांग्रेसी गलियारों में चर्चा है कि पार्टी अपने जमीनी व निचले स्तर के कार्यकर्ताओं को ऊपर उठाना चाहती है। बरसों से पार्टी की सेवा में लगे कार्यकर्ताओं को व्यवस्था में बड़ी जिम्मेदारी सौंपकर उनके ही हाथों उनके गावों का विकास करना चाहती है। इसी कांसेप्ट को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अप्रत्यक्ष प्रणाली से सरपंचों के चुनाव का सिस्टम लाना चाहती है। 

 क्या बदलेगा: अब तक यह होता था कि पंचायत चुनाव में वोटर 4-4 वोट डालता था। इसमें एक वोट सरपंच, एक पंच, एक जनपद सदस्य और एक वोट जिला पंचायत सदस्य के लिए होता था। इनमें से जिला पंचायत सदस्य मिलकर अध्यक्ष को चुना करते थे। जनपद के चयन में भी इसी तरह की व्यवस्था थी। जनपद सदस्य, जनपद अध्यक्ष का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली के आधार पर करते थे। अब अध्यादेश में संशोधन होने पर एक वोटर तीन जनप्रतिनिधियों को चुनने वोट डालेगा। इनमें पंच, जनपद सदस्य और जिला पंचायत सदस्य शामिल हैं।

नगरीय निकायों में राइट टू रिकाॅल खत्म, अविश्वास प्रस्ताव से हटाए जा सकेंगे महापौर और अध्यक्ष  
छत्तीसगढ़ सरकार ने अब नगरीय निकायों में राइट टू रिकाल कानून खत्म कर दिया है। अब महापौर और अध्यक्ष अविश्वास प्रस्ताव के जरिए ही हटाए जा सकेंगे। नगरीय निकाय मंत्री डॉ. शिव डहरिया ने कहा कि सरकार ने नगरीय निकायों में राइट टू रिकाल अधिनियम को खत्म कर दिया है। अब तक महापौर, पालिका और नगर पंचायत अध्यक्षों को काम काज से असंतुष्ट होने पर जनता मतदान कर उन्हें वापस बुला सकती थी। अब एेसा नहीं होगा। 

मंत्री डहरिया ने कहा कि अब अविश्वास प्रस्ताव के जरिए ही महापौर और अध्यक्षों को हटाया जा सकेगा। यह अविश्वास प्रस्ताव पार्षद ला सकेंगे। राइट टू रिकाल व्यवस्था खत्म करने के लिए निगम एक्ट में फिर संशोधन किया जाएगा। संकेत है कि परसों होने वाली कैबिनेट की बैठक में यह संशोधन प्रस्ताव लाया जा सकता है। बता दें कि सरकार ने पिछले ही दिनों अध्यादेश के जरिए महापौर और अध्यक्षों केचुनाव भी पार्षदों के जरिए करने की व्यवस्था कर दी है। राइट टू रिकाल को खत्म करने की तैयारी का विरोध भी शुरु हो गया है। भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि राइट टू रिकॉल को समाप्त कर सरकार पूरी व्यवस्था को बदलना चाहती है। मतदाताओं को उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास कर रही है। रमन िसंह ने काह कि पूर्व पीएम राजीव गांधी ने ही संविधान संशोधन कर जनता को राइट टू रिकाल का अधिरकार दिया था। अब उन्हीं की पार्टी की सरकार व्यवस्था बदलना चाहती है।

शादी के 3 माह तक दुल्हन ने नहीं मनाने दी सुहागरात, पति की जिद पर दे डाला कभी ना भूलने वाला गम…जानिए

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 सीमा और मुकेश की शादी को 3 माह हो गए थे, मगर इस बीच दुल्हन ने दूल्हे को कभी नजदीक भी नहीं आने दिया और फिर दुल्हन ने जो कदम उठाया वो दूल्हा जिंदगीभर नहीं भूल पाएगा।

दरअसल, वो दुल्हन लुटेरी निकली। शादी के नाम पर धोखा दे गई। जाते-जाते आभूषण भी ले गई। अब मामला पुलिस थाने से होता हुआ न्यायालय तक पहुंच गया है। जिस किसी ने भी इस दूल्हे की पीड़ा सुनी वो दंग रह गया कि किस कदर दुल्हन की खरीद-फरोख्त करने वाले दलालों ने उसे अपने जाल में फंसाया। लुटेरी दुल्हन का यह मामला राजस्थान के उदयपुर जिले के कुराबड़ पुलिस थाना इलाके के गांव गुड़ली का है।

5 लाख लेकर जैन मंदिर में करवाई शादी

कुराबड़ पुलिस ने बताया कि गुड़ली निवासी मुकेश पुत्र शान्तिलाल सेठिया ने रिपोर्ट दी थी कि मुसाखेड़ी (इंदौर) निवासी सपना मिश्रा से दलाल के जरिये बातचीत करते हुए 5 लाख रुपए देने के बाद जैन मन्दिर में शादी रचाई गई। सीमा लगभग तीन माह मुकेश सेठिया के साथ रही। इस दौरान उसने पत्नी धर्म नहीं निभाया। दोनों के बीच कोई संबंध नहीं बने। इस दौरान वह 5 बार मायके गई। वह दलाल से मोबाइल पर चुपके-चुपके बातचीत करती और यहां से सब कुछ लूटकर भागने की योजना बनाती थी।

पांच जनों के खिलाफ मामला दर्ज

3 माह बाद वह घर में रखे आभूषण व रुपए लेकर भाग गई। मुकेश सेठिया ने उसकी तलाश शुरू की तो उस दुल्हन का फर्जी व लुटेरी होने का पता चला। यह कार्य वह एक गिरोह की मदद से अंजाम दे रही थी। इस पर मुकेश ने उदयपुर एसपी को परिवाद देकर न्याय की गुहार लगाई। कुराबड़ पुलिस के एएसआई गुलाब सिंह ने बताया कि ने 5 जनों के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए अनुसंधान शुरू किया गया।

दुल्हन की तलाश जारी

अनुसंधान में सामने आए आरोपी इन्दौर निवासी अनिल जैन पुत्र केशव लाल पोरवाल व विशाल सोनी उर्फ अखिलेश जैन को प्रतापगढ़ जेल से प्रोडक्शन वारंट के जरिए कुराबड़ थाने लाकर पूछताछ की गई, जिसमें पूरे गिरोह का खुलासा हो गया। बाद में दोनों आरोपियों को पुलिस ने न्यायालय में पेश किए, जहां से उन्हें जेल भेज दिए गए। लुटेरी दुल्हन व उसके अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है।

नच बलिए 9 : विनर्स की लिस्ट हुई लीक, प्रिंस-युविका के सिर ताज, ये होंगे रनरअप!

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टीवी जगत के सबसे चर्चित डांसिंग रियलिटी शो नच बलिए 9 (Nach Baliye 9) अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है. जानकारी के अनुसार शो के फिनाले की शूटिंग भी पूरी की जा चुकी है. इसी के साथ शो के विनर्स भी चुने जा चुके हैं. सेट से जुड़े कुछ लोगों के अनुसार इस शो की विजेता जानी-मानी प्रिंस नरूला (Prince Narula) और युविका चौधरी (Yuvika Chaudhary) की जोड़ी ही होगी. कई मीडिया रिपोर्ट्स में ये दावा किया जा रहा है कि बिग बॉस में बनी यह जोड़ी अब टीवी जगत में एक अलग ही पहचान बनाने की ओर अग्रसर है. सलमान खान द्वारा होस्ट किए जाने वाले बिग बॉस से बनी जोड़ी अब सलमान खान के प्रोड्यूस किए जाने वाले शो नच बलिए की विजेता के रूप में उभर रही है.

अगर ऐसा होता है तो यह चौथी बार होगा जब टीवी जगत के किसी रियलिटी शो का तमगा प्रिंस नरूला और युविका चौधरी के सिर सजेगा.

जानकारी के अनुसार प्रिंस नरूला और युविका चौधरी के बाद अनीता हसनंदानी और रोहित रेड्डी को पहले रनरअप और विशाल आदित्य व मधुरिमा तुली की जोड़ी को दूसरी रनरअप कंटेस्टेंट जोड़ी का दावेदार बताया जा रहा है.

उल्लेखनीय है कि नच बलिए का सीजन 9, अब तक का सबसे ज्यादा कंट्रोवर्शियल और सबसे ज्यादा ऑडिएंस को इंगेज करने वाले ट्वीस्ट और टर्न्स के लिए याद किया जाएगा. इस बार यह शो लगातार काफी चर्चा में रहा है.

बिहार में छुट्टी के लिए पुलिस वालों का शपथ पत्र वायरल, ‘हे छठी मैया, अगर झूठ बोलकर छुट्टी लूं, तो आ जाए आफत’

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दशहरा और दिवाली के बाद अब बारी है महापर्व छठ की। बिहार के इस महापर्व के लिए जोरदार तैयारी शुरू हो गई है और इसी के साथ पर्व में शामिल होने के लिए लोगों के छुट्टी पर आने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। लेकिन जहां इस महापर्व के लिए पूरे देश और विदेश में रहने वाले लोग छुट्टियों पर घर पहुंच रहे हैं, वहीं बिहार में पुलिस वालों की छुट्टी पर आफत है। इतना ही नहीं, बिहार पुलिस द्वारा छुट्टी के लिए पुलिस वालों से छठी मइया के नाम से शपथ पत्र जमा करवाए जाने की खबर है।

दरअसल इन दिनों सोशल मीडिया पर छठ की छुट्टी के लिए दिया गया एक शपथ पत्र वायरल हो रहा है। यह शपथ पत्र समस्तीपुर के पुलिस लाइन के अधिकारी द्वारा दिया गया बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि ये शपथ पत्र पुलिस अवर निरीक्षक श्रीनारायण सिंह की ओर से छठ पूजा की छुट्टी लेने के लिए दिया गया है, जिसमें उन्होंने शपथ लेते हुए कहा है कि “वह खुद 40 वर्षों से छठ पूजा करते आ रहे हैं और अगर उनकी बातें झूठी निकलीं तो छठी मइया उनके परिवार पर विपत्ति ला देंगी।”

इस वायरल पत्र की जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि जिस पुलिस अवर निरीक्षक श्रीनारायण सिंह के नाम का शपथ पत्र वायरल हो रहा है वो समस्तीपुर जिले में ही पदस्थापित हैं। हालांकि, यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उन्होंने किसी तरह के शपथ पत्र से इंकार कर दिया। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि छुट्टी के लिए 85 पुलिसकर्मियों ने ऐसे शपथ पत्र भरकर आवेदन दिए हैं, जिनमें कहा गया है, “हे छठी मैया अगर मैं झूठ बोल कर छुट्टी ले रहा हूं तो उसी समय मेरे बच्चे और मेरे समस्त परिवार पर घोर विपत्ति आ जाए।” इसके बाद शपथ पत्र में संबंधित पुलिसकर्मी के हस्ताक्षर हैं।

समस्तीपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विकास बर्मन ने इस तरह के किसी भी मामले से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस मुख्यालय का पुलिसकर्मियों को छुट्टी नहीं देने का आदेश है तो ऐसे में छुट्टी के लिए इस तरह के शपथ पत्र लेने का सवाल ही नहीं उठता। एसपी ने कहा कि, “जिला मुख्यालय द्वारा ऐसे शपथ पत्र के साथ आवेदन पत्र लेने का कोई निर्देश या आदेश नहीं दिया गया है। इस मामले पर पुलिस लाईन सार्जेट को जांच के आदेश दिए गए हैं। ऐसा आवेदन दिया जाना कहीं से उचित नहीं है। जांच के बाद ऐसा करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।”

गौरतलब है कि आस्था का महापर्व कहा जाने वाला छठ बिहार का सबसे बड़ा पर्व माना जाता है। पूरे घर परिवार की सुख, समृद्धि के लिए मनाये जाने वाले इस महापर्व को लेकर लोगों में भारी आस्था है। इसलिए लोग साल भर इश पर्व का इंतेजार करते हैं और चाहे देश के किसी भी कोने में, पर्व के समय किसी न किसी तरह घर पहुंचने की पूरी कोशिश करते हैं।

छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से छत्तीसगढ़ लघु वेतन शासकीय कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि मण्डल ने की मुलाकात…

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से आज यहां उनके निवास में छत्तीसगढ़ लघु वेतन शासकीय कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि मण्डल ने मुलाकात की। उन्होंने अपनी विभिन्न मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री ने उनके ज्ञापन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधि मण्डल में छत्तीसगढ़ लघु वेतन शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष श्री बिंदेश्वर राम रौतिया सहित संघ की प्रदेश और जिला इकाईयों के अनेक पदाधिकारी और सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री से ब्रम्हकुमारी बहनों ने की मुलाकात…

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से आज यहां उनके निवास कार्यालय में  प्रजापिता ब्रम्हकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की रायपुर शाखा की प्रमुख कमला बहन के नेतृत्व में ब्रम्हकुमारी बहनों ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को दीपावली, भाईदूज की बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने भी उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं। सविता बहन भी इस अवसर पर उपस्थित थीं।

छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री से ग्रामीणों ने की मुलाकात….

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से आज यहां उनके निवास में राजनांदगांव जिले से आये ग्रामीणों के प्रतिनिधि मण्डल ने मुलाकात की । उन्होंने अपनी विभिन्न मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री ने उनके ज्ञापन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया।