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छत्तीसगढ़ – पेट्रोल डाल जला दी तीन मोटरसाइकिल…

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 मन में जलन रखने को लेकर क्षेत्र के बदमाश ने घर में खड़ी तीन मोटरसाइकिलों पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। आग लगने से तीनों मोटरसाइकिल जलकर पूरी तरह से खाक हो गईं। मामला एक दुकान में लगे सीसीटीवी में कैद हो गया, जिसमें आरोपी आग लगाते हुए नजर आ रहा है। घटना सिविल लाइन पुलिस थाना क्षेत्र के मंगला में शनिवार की रात अादर्श चौक की है। पुलिस ने अपराध कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोपी फरार है। 


मंगला के आदर्श चौक में मुन्ना श्रीवास का घर है। इनके यहां नवीन तिवारी उर्फ पुरू तथा राजकुमार किराए से रहते हैं। शनिवार की रात राजा पात्रे पिता गोरेलाल निवासी आजाद चौक ने पुरानी रंजिश को लेकर मुन्ना श्रीवास के घर में खड़ी तीन मोटरसाइकिल में आग लगा दी। राजा पात्रे ने पहले बोरी जलाकर आग लगाने की कोशिश की जब उसमें सफल नहीं हो पाया तो वह कहीं से पेट्रोल चोरी करके लाया और तीनों मोटरसाइकिल में आग लगा दी। आग लगने से तीनों मोटरसाइकिल खाक हो गईं। 

पता नहीं क्यों किया ऐसा : मेरी राजा पात्रे से कोई रंजिश नहीं है, वह मेरा पुराना दोस्त है। मैंने मेहनत करके रुपए कमाए और कुछ दिन पहले ही मोटरसाइकिल खरीदी थी। ऐसा लगता है कि राजा इसी से मुझसे जलने लगा और मोटरसाइकिल में आग लगा दी। मेरा तो बहुत नुकसान हो गया है। सीसीटीवी में घटना कैद हुई है। कुछ लोग जो रात को वहां से निकल रहे थे, बताया कि राजा नशे की हालत में था। पुलिस पकड़ने आई तब तक वह फरार हो गया।

छत्तीसगढ़ – इंजीनियरिंग के दौरान बायो मेडिकल में रिसर्च किया, इसी दौरान तय किया कैंसर मरीजों की करनी है सेवा

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रायपुर . अगर सेवा करने की ठान ली, तब कोई डिग्री, कोर्स या करियर नहीं है जो इस इरादे को रोक ले। कैंसर मरीजों की सेवा में पिछले सात साल से दिन-रात लगीं सुदेशना रूहान की कहानी ऐसी ही है। इंजीनियरिंग का करियर मन में संजोए सुदेशना ने बीटेक किया फिर एमटेक में दाखिला लिया। एमटेक में किसी विषय पर डेढ़ साल रिसर्च करना होता है और उन्होंने बायो-मेडिकल को चुना। इसी दौरान वह ऐसे सीनियर के संपर्क में अाईं जो कैंसर पर रिसर्च कर रहे थे।

इसके बाद ही उन्होंने तय कर लिया कि कैंसर मरीजों की सेवा करेंगी और इसके लिए एमबीबीएस, एमडी-एमएस जैसी डिग्रियां जरूरी नहीं है। पिछले सात साल से सुदेशना यही कर रही हैं, वह भी बिना पैसों के। मरीजों का दर्द और फिर ठीक होने की खुशी… यह हर बार उनके इरादे को मजबूत कर रही है। ठीक हो चुके मरीजों की मुस्कुराहट से उनकी सोच को ताकत भी मिल रही है। कैंसर मरीजों के साथ 2012 से अब तक का उनका सफर, जानिए उन्हीं की जुबानी… 

मजबूत होता गया संकल्प : रिसर्च के दौरान मेरी मुलाकात रायगढ़ की 35 वर्षीय मरीज से हुई। उनके पति की 2 साल पहले पीलिया से मौत हुई थी। दो बच्चे थे। मरीज लास्ट स्टेज में थी। यानी दवा का मतलब नहीं था। महिला ने बताया कि मुझे कुछ हुअा तो बच्चों को मेरे भैया-भाभी रख लेंगे। कुछ माह बाद महिला की मौत हो गई। इसके बाद मेरा संकल्प और मजबूत हुअा। तब सोचा कि ऐसे लोगों की जिंदगी भले ही न बदल सको, हाथ पकड़कर तो साथ खड़े हो ही सकते हैं। सुदेशना के अनुसार- यहां कैंसर मरीजों के अपने संघर्ष हैं। रायपुर में ही इलाज की ज्यादातर सुविधाएं हैं। लेकिन सबका इलाज यहीं कैसे होगा। ज्यादातर मरीज गांवों से खेत या जेवर बेचकर यहां आते हैं। इन सबके बारे में सोचना होगा।
सबसे पहले उनके आने-जाने के इस कष्ट को कम करना होगा। कोने-कोने में अस्पताल खोलने होंगे। मरीजों की यात्राओं के लिए रिबेट की व्यवस्था होनी चाहिए। मरीज कभी अकेले नहीं होता। परिवार के साथ आता है। वह कहीं तो रहेंगे। एक मंगल भवन है? लेकिन इसकी क्षमता पांच सौ लोगों की है। यह काफी नहीं।

रिसर्च के दौरान जुड़ीं मरीजों से : सुदेशना के अनुसार-मैं या तो कुछ कलात्मक करना चाहती थी या फिर ऐसा कुछ जिसमें मानवसेवा की गुंजाइश है। एमटेक में शोध पर डेढ़ साल देना जरूरी है। इसी दौरान मुझे कैंसर पर शोध का मौका मिला, फिर कैंसर अस्पताल में काम करने लगी। वहां लगा कि मुझे लगा कि दवाएं काफी नहीं हैं, मानसिक सपोर्ट भी जरूरी है। अभी 2017 से फिर इसी शोध में लगी हूं।

एमबीबीएस में मानवता पढ़ाएं बच्चे नहीं बनेंगे व्यापारी : स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर प्रदेश में जागरूकता की कमी है। जब हमें यही पता नहीं होगा तो हम जिम्मेदारों से सवाल कैसे करेंगे कि जो सुविधाएं आप दे रहे हैं वे काफी नहीं। मरीजों के लिए आपके मन में करुणा और सम्मान होना चाहिए। मरीजों का सीधे सामना डॉक्टरों से होता है। तो एमबीबीएस की पढ़ाई में  मानवता को भी शामिल किया जाना चाहिए। क्योंकि अगर आप उन्हें करुणा नहीं सिखाएंगे तो कॉलेज से निकलकर वे चिकित्सा से व्यापारी ही बनेंगे।

Diwali 2019: इन 5 चीजों के इस्तेमाल से देवी लक्ष्मी हो जाती हैं नाराज, पूजा में न करें इनका प्रयोग

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कार्तिक महीने में अमावस्या तिथि को दिवाली मनाई जाती है. इस साल यह त्योहार 27 अक्टूबर को मनाया जाएगा. घर में धन-संपदा और सुख-शांति लाने के लिए इस दिन भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना की जाती है. धार्मिक शास्त्रों के अनुसार देवी लक्ष्मी की पूजा का फल तब ही मिलता है जब पूजा पाठ नियम से किया जाए. मान्यता है कि मां लक्ष्मी की पूजा में कुछ चीजें ऐसी हैं जिनका इस्तेमाल करने से धन की देवी नाराज हो जाती हैं. इसलिए दिवाली के दिन देवी लक्ष्मी की पूजा करते समय इन बातों का विशेष रूप से ध्यान रखें.

तुलसी के पत्ते न चढ़ाएं

पौराणिक कथा के अनुसार भगवान विष्णु को तुलसी सबसे अधिक प्रिय है लेकिन देवी लक्ष्मी को तुलसी से वैर है क्योंकि यह भगवान विष्णु के दूसरे स्वरूप शालिग्राम की पत्नी हैं. इस नाते तुलसी देवी लक्ष्मी की सौत हुईं. इसलिए देवी लक्ष्मी की पूजा में तुलसी नहीं चढ़ानी चाहिए.

 पूजा के वक्त दीया दाहिने तरफ रखें

देवी लक्ष्मी की पूजा के लिए दीया की बाती का रंग लाल होना चाहिए और दिये को दाहिने तरफ रखें. इसका कारण यह है कि भगवान विष्णु अग्नि और प्रकाश स्वरूप हैं. भगवान विष्णु का स्वरूप होने के कारण दीप को दाहिने तरफ रखना चाहिए.

सफेद फूल न चढ़ाएं 

दिवाली पर पूजा करते समय मां लक्ष्मी को सफेद फूल नहीं चढ़ाना चाहिए. देवी लक्ष्मी चीर सुहागन हैं इसलिए उनकी हमेशा लाल फूल जैसे लाल गुलाब या लाल कमल से ही पूजा करनी चाहिए. आप गेंदे के फूलों का इस्तेमाल कर सकती हैं. भगवान विष्णु को पीला या केसरिया रंग बहुत पसंद है. ऐसे में पीले गेंदे के फूल मां लक्ष्मी को भी पसंद आते हैं.

भगवान विष्णु की पूजा करना न भूलें

देवी लक्ष्मी की पूजा तब तक सफल नहीं मानी जाती जब तक भगवान विष्णु की पूजा उनके साथ न हो. इसलिए दिवाली की शाम गणेश जी की पूजा के बाद देवी लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा एकसाथ करें. पूजा समाप्त होने के बाद घर-घर जाकर मिठाई बांटें.

दक्षिण दिशा में रखें प्रसाद

दिवाली पर देवी लक्ष्मी की पूजा के समय प्रसाद दक्षिण दिशा में रखना चाहिए और फूल बेलपत्र हमेशा सामने रखने चाहिए. पूजा समाप्ति के बाद ही प्रसाद का वितरण करें.

हर कॉल पर 6 पैसे वसूलने के रिलायंस Jio के दांव पर पलटवार का इंतजार

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रिलांयस जियो ने हाल ही में इंटर कनेक्ट यूसेज चार्ज वसूलना शुरू कर दिया. जियो से दूसरे नेटवर्क पर मोबाइल कॉल के लिए इसके ग्राहकों को प्रति मिनट छह पैसे IUC देना पड़ रहा है. जियो ने दूसरी कंपनी के कॉल के लिए मुफ्त वॉयस फैसिलिटी बंद करने की घोषणा की है. इसके बाद टेलीकॉम इंडस्ट्री में इस बात पर निगाहें जमी है कि अब इसकी कंपीटिटर कंपनियां क्या करेंगी.

वोडाफोन और एयरटेल बना रही हैं स्ट्रेटजी?

मोबाइल ऑपरेटरों के इस कदम से टैरिफ में इजाफा हो सकता है. विश्लेषकों का कहना है कि इस मामले में काफी कुछ ट्राई पर निर्भर करेगा. यूबीएस की एक रिपोर्ट में कहा गया है, “यह देखा जाना बाकी है कि क्या भारती और वीआईएल (वोडाफोन आइडिया) नेट कॉल के लिए समान शुल्क पेश करने में जियो की राह चलती हैं. हालांकि हमारी नजर में उनका ऐसा करने की ज्यादा संभावना है. एक संभावना यह भी है कि नियामक जीरो IUC को स्थगित करने का फैसला रद्द कर दे और मूल योजना को लागू करे.

पिछले महीने मंगवाए गए एक परामर्श पत्र में ट्राई ने आईयूसी को समाप्त करने की तारीख को टाल दिया. रिलायंस जियो ने नियामक से IUC हटाने और 1 जनवरी, 2020 से आईयूसी नियमों के तहत ‘बिल एंड कीप’ नियम को लागू करने के लिए नई समय-सीमा पर परामर्श प्रक्रिया को रोकने के लिए कहा है.कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारती और वोडाफोन आइडिया पर फैसले के असर का अनुमान लगाना आसान नहीं है. इसमें कहा गया है कि भारती और वीआईएल पर प्रभाव का अंदाजा लगाना दो कारणों से आसान नहीं है. पहला यह कि ये दोनों कंपनियां या तो पूरी तरह से जियो के नक्शेकदम पर चल सकती हैं या नहीं चल सकतीं.

वोडाफोन और एयरटेल ने जियो के फैसले की आलोचना की

रिपोर्ट में कहा गया है, “हमारा मानना है कि दोनों कंपनियों को इस पर ध्यान से विचार करना चाहिए और इस पर जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए. दूसरा कारण है कि भारती और वीआईएल के सभी ग्राहक अनलिमिटेड वॉयस कॉल स्कीम से जुड़े नहीं हैं. जियो ने प्रतिद्वंद्वी नेटवर्क पर वॉयस कॉल के लिए 6 पैसे प्रति मिनट शुल्क लगाने की घोषणा की है. इस कदम की अन्य निजी कंपनियों ने आलोचना की.

वोडाफोन आइडिया ने घोषणा को जल्दबाजी में उठाया अनुचित कदम करार दिया. एयरटेल ने मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली कंपनी के इस कदम को इंटरकनेक्शन चार्ज को कम करने के लिए चली गई चाल बताया.

छत्तीसगढ़ : नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाले स्तंभ : श्री रविन्द्र चौबे

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 कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी व पशुधन विकास मंत्री श्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण की दिशा में नरवा, गरूवा, घुरवा एवं बाड़ी योजना मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने आज राजधानी रायपुर के न्यू-सर्किट हाऊस में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति-जनजाति पशु चिकित्सा अधिकारी संघ के वार्षिक अधिवेशन और छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरूवा, घुरवा एवं बाड़ी विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए यह बात कही। 
    मंत्री श्री रविन्द्र चौबे ने कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहा कि यदि हम छत्तीसगढ़ का विकास चाहते है तो गांवों का विकास करना जरूरी है। नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी योजना हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाले स्तंभ है, इससे न केवल गांवों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा बल्कि ग्रामीण युवाओं को स्थानीय स्तर पर स्व-रोजगार भी मिलेगा। 
    उन्होंने कहा कि आज पूरा विश्व आर्गेनिक खेती की ओर अग्रसर है तथा उसके महत्व के प्रति जागरूकता बड़ी तेजी से जनमानस में फैल रही है। कुछ दिनों पूर्व रायपुर में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय क्रेता-विक्रेता सम्मेलन में देश-विदेश से आए हुए प्रतिनिधियांे ने कहा कि छत्तीसगढ़ के कृषि उत्पादों जैसा स्वाद और कही नहीं है। ग्राम सुराजी योजना से आर्गेनिक खेती को बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि अब धुंआ उगलती चिमनियों की जगह गौठान विकास का सशक्त प्रतीक बनेगें। 
    उन्होंने अधिवेशन में उपस्थित पशु चिकित्सा अधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि सभी अधिकारी अपने-अपने कार्य क्षेत्र में गंभीरता से कार्य करते हुए गौठान के निर्माण में रूचि रखे। उन्होंने धमतरी जिले के ग्राम कंडेल में ग्रामीणों द्वारा स्व-प्रेरणा से जन सहयोग के माध्यम से निर्मित गौठान का उदाहरण देते हुए कहा कि अन्य स्थानों पर भी जन सहयोग के माध्यम से गौठान निर्माण हेतु पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी ग्रामीणों को प्रेरित करें। उन्होंने पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को गौठानों का नियमित रूप से निरीक्षण करने के निर्देश दिए। 
    श्री चौबे ने कहा कि गौठान हमारी समृद्ध ग्रामीण परम्परा का अंग है। शासकीय प्रयासों के माध्यम से उसको व्यवस्थित स्वरूप दिए जाने का प्रयास किया जा रहा है। वर्तमान सरकार सुनियोजित तरीके से इस कार्य को करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि यह योजना आप सभी के सहयोग व सक्रिय भागीदारी से सफल होगी। पशुधन विकास मंत्री ने योजना की सफलता में जन भागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ग्रामीण स्व-सहायता समूह को इस योजना से जोड़ा जाए। उन्होंने पशुओं के लिए चारा इकट्ठा करने हेतु जन-जागरण अभियान चलाने की बात कही। 
    संस्कृति मंत्री श्री अमरजीत भगत ने कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृृति में पशुधन का विशेष महत्व है तथा नरवा, गरूवा, घुरवा एवं बाड़ी योजना का छत्तीसगढ़ की संस्कृति के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि समय के साथ बदलते परिवेश में कृषि एवं पशुधन विकास के क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों को अपनाना भी जरूरी है। 
    सांसद श्रीमती छाया वर्मा ने कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहा कि नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी योजना के माध्यम से सरकार गांव को ताकतवर बनाने, कुटीर उद्योग को बढ़ावा देने व महात्मा गांधी के विचारों को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है। 
    कार्यशाला को भरतपुर सोनहत के विधायक श्री गुलाब कमरो, मनेन्द्रगढ़ विधायक डॉ. विनय जायसवाल, सिहावा विधायक डॉ. लक्ष्मी धु्रव ने भी सम्बोधित किया। कार्यशाला में पशु चिकित्सा के क्षेत्र में विशिष्ट एवं उल्लेखनीय कार्य करने वाले पशु चिकित्सकों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कामधेनु विश्वविद्यालय के कुलपति श्री नारायण पुरषोत्तम दक्षिणकर व पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।
                                

छत्तीसगढ़ : राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके 22 अक्टूबर को सुपेबेड़ा दौरे पर जाएंगी

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 राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके 22 अक्टूबर 2019 को गरियाबंद जिला के ग्राम सुपेबेड़ा के दौरे पर जाएंगी। सुश्री उइके सुबह 8 बजे राजभवन रायपुर से कार द्वारा गरियाबंद के लिए प्रस्थान करेंगी। वे सुबह 10 बजे सर्किट हाउस गरियाबंद पहुंचकर 10.30 बजे सुपेबेडा के लिए प्रस्थान करेंगी। राज्यपाल सुश्री उइके दोपहर 1.30 बजे ग्राम पंचायत सुपेबेडा पहुंचकर वहां के किडनी रोग से प्रभावित परिवारों से मिलेंगी। तत्पश्चात वे दोपहर 2.30 बजे देवभोग के लिए प्रस्थान कर अपरान्ह 3.30 बजे देवभोग के सर्किट हाउस में जिला अधिकारियों की बैठक लेंगी। बैठक के पश्चात वे शाम 4 बजे रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगी।

चेन्‍नई एयरपोर्ट पर गोल्‍ड के साथ गिरफ्तार हुए दो यात्री, कीमत जानकर दंग रह जाएंगे आप

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तमिलनाडु के चेन्‍नई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कस्‍टम विभाग के एयर इंटेलिजेंस यूनिट ने सोने की तस्करी करने के जुर्म में शनिवार को दो यात्रियों को गिरफ्तार कर लिया है। तस्‍करों से जब्‍त किए गए सोने की कीमत करीब 37.6 लाख रुपये है। जानकारी के मुताबिक सीआईएसएफ द्वारा तलाशी के दौरान दोनों यात्रियों के पास से सोना मिला। सीआईएसएफ ने दोनों तस्‍करों को एयरपोर्ट पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस का कहना है कि तस्‍करों से पूछताछ की जा रही है।

आपको बता दें कि शनिवार को भी चेन्‍नई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दो यात्रियों को सोने के साथ गिरफ्तार किया गया था। जानकारी के मुताबिक दोनों यात्री दुबई से आ रहे थे और अपने मलाशय में सोना छिपाकर रखा था। दोनों की पहचान मोहम्मद यासीन और शेख अब्दुल्ला के रूप में हुई। उन्होंने अपने मलाशय में पेस्ट के रूप में 909 ग्राम सोना छिपाकर रखा था। यह 24 कैरेट शुद्धता वाला सोना था जिसकी कीमत 36 लाख रुपये थे।

बता दें कि सोने की तस्करी की घटनाओं में काफी इजाफा हुआ है। तस्करी के लिए जूड़े का बन, ब्रा और जूते जैसे तरीकों का इस्तेमाल तो होता ही है। तस्करों को दांत और खिलौने में छुपाकर भी सोने की तस्करी करते हुए पकड़ा गया है। सरकार और प्रशासन की सख्ती के बाद भी तस्कर ऐसे तरीके निकाल लेते हैं। तस्करों के द्वारा अक्सर तारपीन लपेटकर सोना लाने की घटनाओं में देश में काफी इजाफा हुआ है। इस तरह से तारपीन लपेटकर लाने पर डोर फ्रेम मेटल डिटेक्‍टर जांच के दौरान सोने को पकड़ नहीं पाता है।

हाल के दिनों में बढ़े सोने की तस्करी के मामले

पिछले सप्ताह इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर कस्टम अधिकारियों ने एक ऐसे शख्स को पकड़ा है जो सोने को पेस्ट के रूप में बदलकर तस्करी करके उसे भारत ला रहा था। देखने में वह बिल्कुल मानव मल जैसा लग रहा था। शख्स ने उसे अपने अंडरवेअर के अंदर ही छिपाया हुआ था और उसे अपने पेट खराब होने का नतीजा बता रहा था।

पीली साड़ी वाली मैडम का एक बार फिर से दिखा जलवा, लोग लेने लगे सेल्फी

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यूपी में सोमवार को 11 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए पोलिंग पार्टियां रवाना कर दी गई हैं। मतदान को लेकर सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। सोमवार सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक कड़ी सुरक्षा के बीच वोट डाले जाएंगे।

लोकसभा चुनाव 2019 में चर्चा में रही पोलिंग अफसर रीना द्विवेदी एक बार फिर खबरों में हैं। रविवार को चुनाव की तैयारियों के लिए वह रमाबाई अम्बेडकर मैदान में मौजूद रहीं। उन्हें देखते ही उनके साथ सेल्फी खिंचवाने वालों की भीड़ लग गई। खास बात है कि इस बार भी वह अपने परंपरागत लुक यानी पीली साड़ी में थीं।

घर की दूसरी मंजिल से नीचे गिरा बच्चा रिक्शे पर अटका, बाल-बाल बचा, देखें Video

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‘जाको राखे साइयां, मार सके न कोय’ वाली कहावत आपने सुनी तो होगी ही, मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में हुई एक घटना से, इस पुरानी कहावत पर एक बार फिर आपको यकीन हो जाएगा. जी हां, यहां के ठंगन लगी इलाके में एक बच्चा घर की छत पर खेल रहा था. अचानक ही उसका संतुलन बिगड़ा और बच्चा नीचे गिर गया. संयोग देखिए कि उसी दौरान नीचे गली से एक रिक्शा (Rickshaw) गुजर रहा था, खुशकिस्मती से वह बच्चा रिक्शे की सीट पर ही आकर गिर गया, जिससे उसकी जान बच गई. 35 फीट ऊपर से गिरने के बावजूद बच्चा सही-सलामत है, उसे मामूली चोट ही आई है. यह पूरी घटना गली में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका Video देखकर आप भी हैरान रह जाएंगे.

खेलने के दौरान रेलिंग पार कर गया
टीकमगढ़ के ठंगन लगी इलाके में तीन साल का मासूम पार्थ जैन बीते शनिवार को घर की दूसरी मंजिल पर खेल रहा था. छत पर रेलिंग भी लगी है, लेकिन खेलने के दौरान मासूम पार्थ को रेलिंग का ध्यान नहीं रहा और छत से उसका पैर फिसल गया. यह महज संयोग ही था कि पार्थ का घर जिस गली में है, उससे एक रिक्शा उसी समय गुजर रहा था. पार्थ सीधे रिक्शे की सीट पर आकर गिरा. रिक्शे की सीट पर बच्चे को गिरा देख लोग फौरन दौड़े और पार्थ को उठाया. लोगों ने बताया कि पार्थ बिल्कुल ठीक है, उसे मामूली चोट आई है.

भारतीय सेना ने PoK में टेरर कैंप्स किए तबाह, जैश और हिजबुल के 35 आतंकी ढेर, 6 पाक सैनिक की भी मौत

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जम्मू-कश्मीर में तंगधार में पाकिस्तान की ओर से की जा रही फायरिंगमें दो भारतीय जवानों के शहीद होने के बाद अब भारतीय सेना ने पाक अधिकृत कश्मीर के आतंकी कैंपों पर धावा बोल दिया है. भारतीय सेना ने चार आतंकी कैंपों को निशाना बनाते हुए आर्टिलरी गन से गोले दागे. भारतीय सुरक्षा बलों की ओर से की गई जवाबी कार्रवाई में आतंकी संगठन जैश और हिजबुल के 35 आतंकियों के साथ 6 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने की खबर है.

सीमा पर रविवार को हुई गोलीबारी में 2 भारतीय जवान शहीद हो गए हैं वहीं दो आम नागरिक भी घायल हुए हैं. हालांकि पाकिस्तान का दावा है कि पाक सेना की गोलीबारी में 9 भारतीय जवान मारे गए हैं. पाकिस्तान ने भारतीय सेना की फायरिंग में अपने एक सैनिक की मौत की बात भी स्वीकार की है. हालांकि किसी दावे की अभी तक आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है. पाकिस्तान और भारत के बीच बढ़े तनाव के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत से बात की है. रक्षा मंत्री इस पूरी घटना पर नजर बनाए हुए हैं और उन्होंने सेना प्रमुख को इस घटना से जुड़ी हर अपडेट देने के लिए कहा है.

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से पाकिस्तानी सेना की ओर से लगातार भारतीय सुरक्षाबलों को निशाना बनाते हुए हमला किया जा रहा है. जम्मू-कश्मीर के तंगधार में आज ही (रविवार को) पाकिस्तानी सेना ने एक बार फिर सीजफायर का उल्लंघन करते हुए फायरिंग की. पाकिस्तान की ओर से की गई फायरिंग में दो जवान शहीद हो गए, जबकि एक आम नागरिक की मौत हो गई. फायरिंग में तीन अन्य लोगों के घायल होने की भी खबर है. बताया जाता है कि पाकिस्तान की ओर से गोले भी दागे गए, जिससे तंगधार के एक घर और उसका चावल का भंडार गृह पूरी तरह से ध्वस्त हो गया और उसमें आग लग गई. इस घटना में दो कार, दो गौशाला और 19 भेड़ों की भी मौत हो गई.

पाकिस्तान के निकट के मन्यारी गांव के घरों में भी पाकिस्तान की फायरिंग से काफी नुकसान हुआ है. एएनआई के मुताबिक स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस समय पाकिस्तान की ओर से फायरिंग की गई उस वक्त लोग अपने घरों के अंदर सो रहे थे. बाहर होते तो काफी नुकसान होता. पाकिस्तान की आरे से की गई फायरिंग से इलाके के लोगों में दहशत का माहौल है.

26 आतंकियों के घायल होने की भी है सूचना
सूत्रों के मुताबिक भारतीय सुरक्षाबलों की ओर से की गई कार्रवाई में 6 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत हो गई है. पाकिस्तानी सैनिकों के साथ 35 आतंकी भी मारे गए हैं जबकि 26 आतंकियों के घायल होने की खबर है.

घुसपैठ के लिए पाक सेना में हलचल तेज
खुफिया रिपोर्ट में ये साफ हो गया है की गुरेज सेक्टर के दूसरी ओर पीओके में पाकिस्तान सेना की कुछ अतिरिक्त सेना का मूवमेंट भी हुआ है. इनका काम भारतीय सेना को सीजफायर का उलंघन कर फंसा कर रखना है, जिससे घुसपैठ की कोशिश तेज की जा सके. बताया जाता है कि पाकिस्तानी सेना आतंकियों को नई-नई तकनीक की भी ट्रेनिंग देती है, जिसका इस्तेमाल आतंकी भारतीय सेना से बचने के लिए करते हैं. उत्तर कश्मीर को गुरेज सेक्टर में जिस जगह पकिस्तानी सेना की हलचल तेज हुई है उसमें मिनिमार्ग , कामरी, डोमेल और गुल्टारी शामिल हैं.

तंगधार के दूसरी और PoK में बड़ा नुकसान
एक दिन पहले ही खुफिया रिपोर्ट के हवाले से बताया था कि तंगधार के दूसरी ओर पीओके में जूरा लॉन्चपैड और केरन के दूसरी ओर अथुमगाम लॉन्चपैड पर आतंकियों का जमावड़ा बढ़ रहा है. पाकिस्तानी सेना की कोशिश है कि आतंकियों को बर्फबारी से पहले सीमा पारकर भारत में दाखिल कर दिया जाए. इसका सबसे बड़ा कारण ये है कि अगर सर्दी बढ़ गई और बर्फ गिरने लगी तो आतंकियों के पास ऐसे कपड़े और साजो समान नहीं है, जिससे वह बर्फ से बच सकें.