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लेट पहुंची तेजस एक्सप्रेस, देश में पहली बार प्रत्येक यात्री को मिलेगा ‘देरी का मुआवजा’

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हाल ही में लॉन्च हुई बहुचर्चित ट्रेन तेजस एक्सप्रेस पहली बार शनिवार (19 अक्टूबर) को दोनों तरफ लगभग दो घंटे लेट पहुंची. इसके बाद ट्रेन के प्रत्येक यात्री को मुआवजे के रूप में 250 रुपये दिया जाएगा. यह मुआवजा IRCTC देगी. बता दें कि लखनऊ से दिल्ली ट्रेन में लगभग 451 यात्री सवार थे और नई दिल्ली से लखनऊ जाने वाली ट्रेन में लगभग 500 यात्री सवार थे.

IRCTC के लखनऊ के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अश्विनी श्रीवास्तव ने बताया, “हमने सभी यात्रियों के मोबाइल पर एक लिंक भेजी है, जिसपर क्लिक करने से वे अपने मुआवजे के लिए आवेदन कर सकते हैं. ऐसा करने पर उन्हें मुआवजा मिल जाएगा.”

बता दें कि तेजस एक्सप्रेस 4 अक्टूबर को लखनऊ से लॉन्च हुई है. यह भारतीय रेलवे की पहली प्राइवेट ट्रेन है, इसका संचालन इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) कर रहा है. यह पहली बार होगा जब ट्रेन में यात्रा कर रहे यात्रियों को लेट होने पर मुआवजा दिया जाए.

यह मुआवजा तब दिया जाता है जब ट्रेन अपने अंतिम स्टेशन पर निर्धारित समय से लेट पहुंचती है. अगर ट्रेन निर्धारित समय से देरी से चलने के बावजूद अपने अंतिम स्टेशन पर समय से पहुंचती है तो मुआवजा नहीं दिया जाएगा.

शनिवार को यह ट्रेन लखनऊ से अपने निर्धारित समय सुबह 6.10 बजे के बजाय लगभग 8.55 पर निकली. इसके बाद यह नई दिल्ली दोपहर 12.25 बजे के बजाय दोपहर 3.40 पर पहुंची. फिर नई दिल्ली से दोपहर 3.35 बजे के बजाय शाम को 5.30 बजे चली. बताया गया कि मेंटीनेंस में देरी होने के चलते ट्रेन लेट हो गई थी.

शनिवार को तेजस का मेंटीनेंस सुबह लगभग चार बजे शुरू किया जा सका क्योंकि लखनऊ स्टेशन पर मेंटीनेंस यार्ड में शंटिंग के दौरान एक कोच पटरी से उतर गया था. देरी होने के कारण यात्रियों को अतिरिक्त चाय, दोपहर का खाना और उन्हें दिए गए रिफ्रेशमेंट के पैकेट्स पर ‘सॉरी फॉर डिले’ छपा हुआ था. इस दौरान घोषणा कर यात्रियों को ट्रेन के लेट होने की सूचना भी दी गई.

भारत के इस फूल के दिवाने हैं लोग, पूरी दुनिया से देखने आते हैं लोग

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पूर्वोत्तर भारत का मणिपुर राज्य प्राकृतिक दृृष्टि से कितना खूबसूरत है उसका दर्शन केवल अभी किए जा सकते हैं। जी हां, यह वो समय है यहां पर विश्वप्रसिद्ध शिरूई लिलि के फूल खिलते हैं। मणिपुर के अलावा यह फूल पूरी दुनिया में कहीं भी नहीं खिलता। यह फूल का पौधा प्रकृतिक रूप से उगता है और इस समय उस पर खूबसूरत फूल लगते हैं जिससे यहां की वादी की छटा स्वर्ग जैसी हो जाती है। इसी के चलते मणिपुर सरकार द्वारा शिरूई लिलि फेस्टिवल का आयोजन किया गया है। यह फेस्टिवल चार दिनों तक चलता है।

इस फेस्टिवल के दौरान सरकार की तरफ से ShiRock Fest 2019 का भी आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 16 से 20 अक्टूबर तक चलेगा जिसका आयोजन इस बार उखरूल जिले में किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में लोगों की एंट्री बिल्कुल फ्री रखी गई है। इसके पीछे का मकसद युवा टेलेंट को बढ़ावा देने समेत राज्य में पर्यटन को भी बढ़ावा देना है। इस कार्यक्रम में स्कॉटिस हार्ड रॉक बैड नजारेथ, अमेरिकन रॉक बैंड समेत 22 क्षेत्रीय बैंड शामिल हो रहे हैं। इसके अलावा वॉयस टेलेंट भी देखने को मिलेगा।

शिरूई लिलि मणिपुर में शिरूई पहाड़ की चोटी पर खिलने वाला एक बेहद खूबसूरत फूल है जिसको देखने के लिए दुनियाभर से लोग हर साल यहां आते हैं। इस आयोजन के दौरान हजारों की संख्या में पर्यटक व स्थानीय निवासी आ रहे है जिससे यह भव्य होने जा रहा है।

दिल्ली में मिलेगी एक किलोमीटर के दायरे में सभी को मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं: केजरीवाल

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उन्होंने कहा सभी को बेहतर और मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं देना ही हमारा सपना था। अब ऐसा होने भी लगा है। इससे लगत है कि आम आदमी का राजनीति में आने का मकसद पूरा हो रहा है। वह शनिवार को 100 मोहल्ला क्लीनिक का तिमारपुर के संगम विहार फ्लाईओवर के पास उद्घाटन के बाद लोगों को संबोधित करने के दौरान यह बात कहें। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन भी मौजूद थें। अब सौ मोहल्ला क्लीनिक खुलने के बाद दिल्ली के लोगों को घर के पास बेहतर प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। इससे पहले दिल्ली में 202 मोहल्ला क्लीनिक चल रहे थे। साथ ही 30 सांध्यकालीन मोहल्ला क्लीनिक का संचालन हो रहा है। अब मोहल्ला क्लीनिक की संख्या 302 हो गई।

इस दौरान मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पूरी दुनिया में एक साथ इतने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आज तक नहीं खुले, जितने दिल्ली में पांच साल में मोहल्ला क्लीनिक खुले। मोहल्ला क्लीनिक को 2015 में खोलने के पीछे का मकसद यह था कि पहले लोगों को बीमारी के इलाज के लिए बड़े बड़े अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ते थे। इसके लिए घर से बसों में अस्पताल जाना पड़ता था या निजी डॉक्टर को पैसे खर्च कर दिखाना पड़ता था। इसे ध्यान में रखकर मोहल्ला क्लीनिक बनाया गया कि आधा किलोमीटर में लोगों को मुफ्त इलाज मिल जाए। आज सौ मोहल्ला क्लीनिक के उद्घाटन के साथ इनकी संख्या 302 हो गई। हमारा एक हजार मोहल्ला क्लीनिक का टारगेट है।

आज 100 मोहल्ला क्लीनिकों के उद्घाटन के बाद दिल्ली में अब 300 से ज़्यादा मोहल्ला क्लिनिक खुल चुके हैं। लाखों लोगों को अब स्वास्थ्य सेवाएं अपने मोहल्ले में ही मिलेंगी। ऐसे मौकों पर लगता है आम आदमी का राजनीति में आना सार्थक साबित हो रहा है, इस राजनीति ने लोगों की जिंदगियां बदली है। – श्री अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री दिल्ली

एक किलोमीटर दायरे में मिलेगी स्वास्थ्य सुविधा

सीएम ने कहा कि दिल्ली का डेढ़ हजार किलोमीटर क्षेत्रफल है। पांच सौ में हरियाली व अन्य चीजें है। एक हजार किलोमीटर के दायरे में आबादी है। हम एक किलोमीटर के दायरे में एक मोहल्ला क्लीनिक खोल देंगे। अगले माह सौ और मोहल्ला क्लीनिक खुलेंगे। उसके अगले माह सौ और रेंट की जमीन पर मोहल्ला क्लीनिक खुल जाएंगे। इससे एक किलोमीटर के दायरे में एक मोहल्ला क्लीनिक हो जाएंगे। पांच साल में जितने दिल्ली में मोहल्ला क्लीनिक खुले, पूरे देश में उतने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नहीं खुलें। नीदरलैंड के प्रधानमंत्री और यूएन के पूर्व महासचिव हमारा मोहल्ला क्लीनिक देखने आ चुके हैं। पूरी दुनिया में नाम हो रहा। पिछले साल अस्ट्रेलिया सरकार ने सतेंद्र जैन को बुलाया कि मोहल्ला क्लीनिक के बारे में बताए। उन्हें जाने नहीं दिया गया। फिर भी कोई बात नहीं दुनिया में चर्चे तो दिल्ली सरकार के काम के ही हो रहे हैं।

पूरी दुनिया के एतिहासिक काम दिल्ली में हुए

सीएम ने कहा कि हमने ऐसे ऐसे काम किए जो दुनियाभर में कहीं नहीं हुए। दिल्ली में 3 लाख सीसीटीवी लगे। 2 लाख स्ट्रीट लाइट लगाने जा रहे । पूरी दुनिया में ऐसा कभी नहीं हुआ। दिल्ली के स्कूलों में 22 हजार कमरे बने। पूरे देश के सरकारी स्कूलों में इतने कमरे नहीं बने। आज तक देश में जो नहीं हुआ, दिल्ली में हो रहा। दिल्ली में सबसे सस्ती और 24 घंटे बिजली है। दुर्घटना होने पर किसे के भी मुफ्त इलाज की व्यवस्था है। दिल्ली सरकार के काम से दिल्ली की जनता बहुत खुश है, इसकी मुझे बेहद खुशी है। लोग कह रहे, इस बार तीन सीट भी नहीं छोड़ेंगे, जो पिछली बार छूट गई थी।

ढाई माह में 500 सौ मोहल्ला क्लीनिक की योजना

स्वास्थ्य मंत्री श्री सतेंद्र जैन ने बताया कि अगले ढाई माह में करीब दो सौ और मोहल्ला क्लीनिक खोलने की तैयारी है। इसके बाद दिल्ली में मोहल्ला क्लीनिक की संख्या पांच सौ के पार हो जाएगी। सतेंद्र जैन ने बताया कि पूरी दुनिया में दिल्ली एक मात्र ऐसा प्रदेश है, जहां पांच साल में तीन सौ से ज्यादा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोले गए। इससे पहले दिल्ली में 70 साल में 250 सौ ही स्वास्थ्य केंद्र खुले थें। आम आदमी पार्टी की सरकार ने पांच साल में ही इससे ज्यादा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोहल्ला क्लीनिक के तौर पर खोल दिए। सतेंद्र जैन का कहना है कि सरकार की योजना है कि एक हजार मोहल्ला क्लीनिक खोले जाएंगे।

किराये पर जमीन देने के नियम हुए सरल

श्री सतेंद्र जैन ने बताया कि मोहल्ला क्लीनिक के लिए किराये पर ज़मीन देने के नियम को सरल कर दिया गया है। अब 40 वर्ग मीटर ज़मीन पर एक शौचालय वाली जगह पर मोहल्ला क्लीनिक खोलने की इजाज़त दे दी जाएगी। पहले 60 वर्ग मीटर व दो शौचालय वाली ज़मीन पर ही मोहल्ला क्लीनिक खोलने की इजाज़त मिलती थी। मोहल्ला क्लीनिक में सहयोग देने के लिए भी लोग सामने आए हैं। दिल्ली में 10 जगह पर लोगों ने मोहल्ला क्लीनिक के लिए मुफ्त में जमीने दी हैं। जिसमें 6 पर निर्माण काम भी प्रारंभ हो गया है। यहां मोहल्ला क्लीनिक खोलने पर चल रहा काम – तीन मेट्रो स्टेशन, 5 सब्जी मंडी, 3 आईएसबीटी बस टर्मिनल

छत्तीसगढ़ सरकार अभी सोच रही और छात्रा ने बना दिया हाथी रिजर्व का मॉडल

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हाथी रिजर्व को हरी झंडी देते हुए राज्य सरकार अब भी सोच-विचार ही कर रही। इधर होनहार छात्रा सोनिया ने कोरबा के वनवासियों के लिए जिंदगी और मौत का सवाल बन चुकी समस्या पर फोकस कर अभयारण्य का मॉडल भी पेश कर दिया। निर्धन परिवार की इस बेटी के सिर से पिता का साया छिन चुका है। मां सिलाई-कढ़ाई कर दो बेटियों का पालन कर रही। मां ने सोनिया को 12वीं के बाद पढ़ाई छोड़ सिलाई में मदद करने कहा था, पर शिक्षकों के समझाने पर इस साल वह कॉलेज में पढ़ रही। इतना ही नहीं, पिछले साल 12वीं में बनाया हाथी अभयारण्य का उसका मॉडल अब राष्ट्रीय विज्ञान प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर रहा है।

कोरबा-रायगढ़-सरगुजा कॉरिडोर समेत प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में हाथियों की धमक लोगों की जिंदगी में दहशत की वजह बनी हुई है। गंभीर हो चली इस बड़ी समस्या से जनता को राहत देने सरकार भले ही सोच-विचार में मग्न हो, पर शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा सोनिया बरेठ ने इस दिशा में एक उम्दा पहल करते हुए हाथी अभयारण्य का मॉडल भी तैयार कर लिया है। उसका यह मॉडल वर्तमान में चल रहे 46वें राष्ट्रीय जवाहरलाल नेहरू विज्ञान, गणित एवं पर्यावरण प्रदर्शनी मेला रायपुर में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने चुना गया है। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उतरदा की छात्रा सोनिया ने संसाधन प्रबंधन विषय अंतर्गत यह मॉडल बनाया है, जिसमें बताया है कि जंगली हाथी से हम अपनी सुरक्षा कैसे करें। कई बाल वैज्ञानिकों व तेलंगाना, झारखंड और ओडिशा समेत दीगर राज्यों से आए शिक्षक-शिक्षिकाओं के लिए सोनिया का मॉडल आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। उतरदा स्कूल की प्रचार्या उमा निधि ने बताया कि काफी निर्धन परिवार से ताल्लुक रखने वाली दो बहनों में सोनिया बड़ी है और वर्तमान में वह स्नातक प्रथम वर्ष में जीव विज्ञान की छात्रा है। उसने 12वीं बोर्ड में भी 75 फीसदी अंक प्राप्त कर टॉप किया था।

आबादी से ऐसे दूरी, बचने को टनल

मॉडल में अभयारण की बाउंड्री के बाहर एक गहरा जलाशय बनाए जाने का सुझाव दिया गया है। अहाते के के बाहरी क्षेत्र में चौड़े कांक्रीट की ऊंची दीवार बना दी जाए। हाथी गहरा पानी होने व दीवार होने के कारण सड़क या गांव की ओर प्रवेश नहीं कर पाएंगे। यदि कोई व्यक्ति जंगल में वन संपदा संग्रहण करने पहुंच जाता हैं और हाथी दिख गए तो वहां बनी टनल में घुसकर अपनी जान बचा सकता है। टनल में लगे सेंसेटिव बटन को दबाने पर इसकी सूचना गांव में कंट्रोल रूम तक पहुंच जाएगी, जिससे ग्रामीण तथा वन विभाग के बचाव दल संबंधित के पास जाकर हाथियों को खदेड़ कर उस व्यक्ति की जान बचा सकते हैं।

खदेड़ेगा मधुमक्खी का शोर, सिंचाई भी

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जंगल में जगह-जगह बड़े-बड़े टावर लगाकर उसमें एलीफेंट सेंसेटिव कैमरा लगा दिया जाए। जैसे ही कैमरा हाथी को ट्रेस करेगा, इसकी सूचना वन विभाग तक पहुंच जाएगी। बचाव दल व गांव की हुल्ला पार्टी संबंधित टनल के पास जाकर हाथियों को खदेड़ कर उस व्यक्ति की जान बचा सकता है। कैमरे से हाथी ट्रेस कर उसकी लाकेशन बताकर क्षेत्र को सतर्क कर सकते हैं। हाथी सेंसिटिव कैमरों में एक साउंड सिस्टम लगा रहेगा, जो मधुमक्खी की आवाज निकालेगा। चूंकि हाथी मधुमक्खी की आवाज से डरता है, उसे सुनकर हाथी दूर चले जाएंगे। जलाशय के पानी का उपयोग ग्रामीण सिंचाई का साधन के रूप में कर सकते हैं तथा अतिरिक्त अनाज भी उत्पादन कर सकते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक लाभ होगा।

शिक्षाविदों के आकर्षण का केंद्र बना

यह विज्ञान मेला 20 अक्टूबर तक बीटीआइ ग्राउंड रायपुर में आयोजित हो रहा। शिक्षाविदों का कहना है कि इस तरह का हाथी अभयारण यदि हाथी प्रभावित क्षेत्र में धरातल पर योजना तैयार कर बना दिया जाए तो जंगली हाथियों से निर्दोष लोगों की सुरक्षा तो होगी ही, हाथियों के रहवास और पुनर्वास की दिशा में कारगर इंतजाम सुनिश्चित किए जा सकेंगे। किसी प्रकार की जन-धन की क्षति रुकेगी। सोनिया का मॉडल विद्यालय के रसायन शिक्षक राकेश टंडन के मार्गदर्शन में तैयार हुआ। उन्होंने कहा कि अभयारण का जो मॉडल प्रस्तुत है, उसका अनुपालन हो तो हाथियों और मनुष्यों का जनजीवन आसान हो सकता है।

कोरबा, रायगढ़, कोरिया व सरगुजा के लिए भी हाथी उत्पात एक वृहद समस्या बनकर उभरा है। हमारे क्षेत्र की इस अहम समस्या से प्रभावित होकर उसके बारे में विचार करना व निराकरण के लिए प्रयास करते हुए विज्ञान मॉडल प्रस्तुत करना होनहार छात्रा सोनिया बरेठ की संवेदनशीलता प्रकट करता है। उसकी यह अनुपन पहल का महत्व इससे पता चलता है कि उसका मॉडल नेशनल में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर रहा और यह जिले के लिए गौरव की बात है।

– सतीश पांडेय, जिला शिक्षा अधिकारी

छत्तीसगढ़ : मोबाइल टावर लगाने के नाम पर तीन लाख की धोखाधड़ी

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मोबाइल टावर लगाने का सब्जबाग दिखाकर तीन लाख की धोखधड़ी किए जाने के एक साल पुराने मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। खाली जमीन पर एक बार टावर लगने के बाद हमेशा किराया बतौर मोटी रकम मिलने का झांसा दिया, उसके बाद आरोपित ने मोबाइल नहीं उठाया।

दीपका कॉलोनी में निवासरत उपेंद्र कुमार चंद्रा (47) को वर्ष 2018 में एयरटेल कंपनी के टावर लगाने के लिए एक अज्ञात व्यक्ति ने दो अलग-अलग मोबाइल नंबर से फोन करके उसके गृहग्राम जैजेपुर स्थित पैतृक जमीन में सब्जबाग दिखाकर अच्छी कमाई होने की बात कहते हुए उससे तीन लाख रुपये अपने बताए गए खाते में ट्रांसफर करवा लिया। इसके बाद मोबाइल फोन करने वाला एयरटेल कंपनी का मैनेजर बताने वाले व्यक्ति ने अपने मोबाइल नंबर को बंद कर दिया। चंद्रा के बार-बार फोन किए जाने पर उसे कोई रिस्पांस नहीं दिया गया। इस तरह एक वर्ष तक ठग से फोन में संपर्क करने में वह नाकाम रहा। उपेंद्र ने एसपी जितेंद्र सिंह मीणा को इस मामले में आवश्यक कार्रवाई किए जाने हेतु आवेदन दिया था। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी मीणा ने दीपका पुलिस को कार्रवाई हेतु निर्देश जारी किया था। एसपी के आदेश पर दीपका पुलिस अज्ञात एयरटेल कंपनी के टावर लगाने वाले आरोपित के विरुद्ध धारा 420 के तहत धोखाधड़ी का जुर्म दर्ज कर मामले की विवेचना कर रही है।

एटीएम का कोड नंबर जान निकाला 32 हजार

दर्री थाना क्षेत्र के सिंचाई कॉलोनी स्थित मकान नंबर एच-20 में रहने वाले सुधीर कुमार कौशिक पिता डीआर कौशिक सिंचाई विभाग में काम करता है। 17 अक्टूबर को उसके पास अज्ञात नंबर से कॉल आया। उससे कहा गया कि एटीएम की सुविधा जारी रखने के लिए उसका कोड नंबर बताइए। सिंचाई कर्मी ठगराज के झांसे में आकर पिन नंबर अज्ञात व्यक्ति को शेयर कर दिया। इसके कुछ देर बाद ही एसबीआइ की रामपुर शाखा में संचालित खाते से 32 हजार 874 रुपये कट गए। इसकी जानकारी उसे मोबाइल पर मैसेज आने से हुई। उसने तत्काल कार्ड ब्लॉक करवाया और इसकी जानकारी दर्री पुलिस को दी। पुलिस ने अज्ञात ठग के खिलाफ धारा 420 के तहत मामला पंजीबद्ध किया है। इससे पहले भी एटीएम ठगी के मामले सामने आ चुके है। पुलिस बार-बार लोगों को जागरूक करने का प्रयास कर रही है, ताकि कोई भी अपने एटीएम कार्ड से संबंधित जानकारी किसी को न दें। बावजूद लोग अभी भी ठगराजों के झांसे में आकर ठगी का शिकार हो रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में जीएसटी से बचने चन्द्रपुर के बिल पर सरिया में बिक रहा था सीमेंट, पड़ा छापा

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जीएसटी से बचने के लिए चन्द्रपुर की फर्म के बिल पर सरिया में सीमेंट बिक रहा था। जीएसटी में इनपुट क्रेडिट लेने के लालच में हो रही इस बोगस बिक्री का राज्य कर विभाग ने भांडा फोड़ दिया और बिना बिल इनवाइस व ईवे बिल के सप्लाई किए जाने पर व्यवसायी से टैक्स समेत पेनाल्टी भी वसूली है।

जिले में जीएसटी में चोरी के हर दिन नए-नए मामले सामने आ रहे हैं। इस दफा बोगस बिल के जरिए माल सप्लाई का केस सामने आया है। दरअसल बलौदाबाजार से 600 सीमेंट लेकर निकले ट्रक को जांजगीर जिले के चन्द्रपुर जाना था। बिल इनवाइस के अनुसार ट्रक की सीमेंट को चन्द्रपुर जय बालाजी ट्रेडर्स के यहां अनलोड होना था लेकिन आदर्श रोड लाइन की यह ट्रक क्रमांक सीजी 15 डीडी 9489 चन्द्रपुर की जगह रायगढ़ जिले के सरिया में एक गोदाम के पास संदिग्ध अवस्था में मिली। असिस्टेंट कमिश्नर शंकर सिंह जानसन ने ड्रायवर से पूछताछ की तो पता चला कि बिल व बिल्टी गोदाम के मालिक को दी गई है लेकिन गोदाम मालिक ने इससे इंकार कर दिया। बिला बिल इनवाइस के सीमेंट सप्लाई और एक जिले से दूसरे जिले में सप्लाई के लिए ईवे बिल नहीं मिलने पर विभाग ने गाड़ी जप्त कर ली। जीएसटी में कर अपवंचन के इस मामले के बाद राज्य कर विभाग ने रायपुर से सीमेंट भेजने वाली कंपनी की भी खबर ली और जीएसटी चोरी का मामला सामने आने के बाद संबंधित फर्म से 65 हजार की पेनाल्टी भरवाई है। इसी तरह रायपुर से सरिया लोडकर आ रही फर्म से भी 2 लाख 37 हजार की पेनाल्टी ली गई है।

यूं चल रहा इनपुट क्रेडिट का खेल

सीमेंट पर स्टेट एवं सेंट्रल जीएसटी को मिलाकर कुल 28 प्रतिशत टैक्स लगता है। इसलिए जीएसटी में इनपुट क्रेडिट लेने के चक्कर में व्यवसायी यह तरीका अपना रहे हैं। ज्यादातर व्यवसायी जीएसटी में बिल के साथ एक नंबर में खरीदी कर बिक्री के वक्त इधर-उधर के रास्ते तलाशते हैं। जिससे रिकार्ड में उनका स्टाक अनसोल्ड दिखता है और इस दौरान वो बिना जीएसटी के दो नंबर में अपना माल खपा देते हैं और आगे जाकर कुछ पक्के बिल में बिक्री दिखाकर उसकी इनपुट क्रेडिट भी ले लेते हैं।

पुराने ईवे बिल से सरिया सप्लाई

रायपुर में मां खुदरगड़ी स्टील प्राइवेट लिमिटेड से ट्रक क्रमांक सीजी 07 ई 3695 सरिया लोडकर निकला था। यह लोहे का सरिया शहर में पटेलपाली की किसी फर्म में अनलोड होना था लेकिन राज्य कर विभाग के अफसरों ने इसे पकड़ा तो इसमें ईवे बिल एक्सपायर मिला। फर्म ने 14 अक्टूबर को ईवे बिल जारी किया था, जो कि रायपुर रायगढ़ की दूरी के अनुसार 16 तक ही वैध था लेकिन इसके बाद भी सरिया की सप्लाई होना पाया गया तो फिर इसमें 2 लाख 37 हजार की पेनाल्टी लगाई गई।

जीएसटी में कर अपवंचन के दो मामलों में कार्रवाई कर विभाग ने करीब 3 लाख रूपये का टैक्स व पेनाल्टी वसूला है। जांजगीर की फर्म के इनवाइस बिल पर रायगढ़ में सीमेंट की सप्लाई की जा रही थी। जीएसटी में बिना बिल इनवाइस के इस तरह से बिक्री पाए जाने के बाद उक्त कार्रवाई की गई है।

टीएल ध्रुव, ज्वाइंट कमिश्नर स्टेट टैक्स ।

एक नवंबर से बदल जाएगा बैंकों के खुलने और बंद होने का समय!

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महाराष्ट्र में बैंकों का नया टाइम टेबल तय हो गया है। अब यहां सभी बैंक एक ही टाइम पर खुलेंगे और बंद होंगे। बैंकों का समय सुबह 10 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक का होता है, लेकिन पैसों का लेनदेन दोपहर 03:30 बजे तक ही होता है। महाराष्ट्र में बैंकों का नया टाइमटेबल बैंकर्स कमेटी ने तय किया है, जिसे 1 नवंबर से लागू कर दिया जाएगा।
गौरतलब है कि वित्त मंत्रालय ने बैंकों के कामकाज का समय एक जैसा ही करने का निर्देश दिया था। इसके पहले एक ही इलाके में बैंकों के कामकाज का समय अलग होता था। नए टाइम टेबल के मुताबिक, बैंक सुबह 9 बजे खुलेंगे और शाम 4 बजे तक कामकाज होगा। कुछ बैंकों का समय सुबह 9 बजे से लेकर शाम 3 बजे तक होगा। बैंकों के कमर्शियल एक्टिविटी के समय में भी बदलाव किया गया है. अब यह सुबह 11 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक का होगा। हालांकि कुछ बैंकों में कमर्शियल एक्टिविटी का समय सुबह 11 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक कर दिया गया है। वहीं अन्य इलाकों में बैंकिंग कामकाज का समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक होगा।
बैंकों के लिए तीन टाइम टेबल
वित्त मंत्रालय के बैंकिंग डिवीजन ने सभी बैंकों से बातचीत करने के बाद यह फैसला किया है कि बैंकों के किसी भी ब्रांच को ग्राहकों की सहूलियत के हिसाब से खोलना चाहिए। इसी को ध्यान में रखते हुए बैंकों में तीन तरह का टाइम टेबल लागू किया गया है। टाइम टेबल में बैंकों के खुलने के तीन टाइम टेबल सुझाए गए थे। पहला टाइम टेबल के मुताबिक, बैंकों के खुलने का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक. दूसरा समय सुबह 10 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक और तीसरा समय सुबह 11 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक। इस फैसले को सभी सरकारी व क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों पर लागू होना था।

छत्तीसगढ़ में 25 सौ के लालच में जिले में बढ़ गया धान का 10 हजार एकड़ रकबा

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25 सौ के लालच में जिले में पंजीयन से 15 दिन पहले ही साढ़े 5 हजार नए किसान आ गए हैं। कर्जमाफी एवं धान के समर्थन मूल्य के कारण इस बार खरीफ में धान का पंजीकृत रकबा भी बढ़ गया है और बीते साल की तुलना में इस बार समितियों में अब तक करीब 10 हजार एकड़ रकबे कस अतिरिक्त पंजीयन हो चुका है।

खरीफ में धान खरीदी से पहले ही इस बार जिला प्रशासन के लिए मुसीबत बढ़ गई है। बीते साल की तुलना में इस बार जिले में 79 सेवा सहकारी समितियों में किसानों की संख्या रिकार्ड स्तर तक पहुंच गई है। बीते साल से जहां 5 हजार ज्यादा किसानों ने खरीफ में धान बेचने के लिए पंजीयन कराया है तो वहीं समितियों में कुल पंजीकृत रकबा भी 10 हजार एकड़ से बढ़ गया है, जबकि अभी भी किसान पंजीयन के लिए करीब 10 दिनों का वक्त शेष है। खाद्य व सहकारिता विभाग के रिकार्ड के अनुसार रायगढ़ जिले में बीते साल जहां 82648 किसानों ने अपना पंजीयन कराया था तो कर्जमाफी एवं 25 सौ में धान बेचने की प्रत्याशा में इस बार 87 हजार से ज्यादा किसानों ने पंजीयन करा लिया है। इसमें करीब 5 हजार 7 सौ नए किसान भी शामिल हैं। साल 2018 में समितियों में धान का कुल रकबा जहां 1 लाख 43 हजार 165 हेक्टेयर था, तो वहीं इस बार 1 लाख 47 हजार हेक्टेयर से ज्यादा पहुंच गया है। मतलब एकड़ में करीब 10 हजार एकड़ धान का रकबा अब तक बढ़ चुका है। अब विभाग को भी उम्मीद है कि 31 अक्टूबर तक होने वाले किसान पंजीयन में पंजीकृत रकबा डेढ़ लाख हेक्टेयर व किसानों की संख्या भी 60 हजार से उपर पहुंच जाएगी।

वीसी में बारदाना वसूली की टिप्स

धान खरीदी से पहले तैयारियों की समीक्षा के लिए सचिव खाद्य विभाग ने वीसी ली थी। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उन्होंने अफसरों को धान खरीदी में उपयोग में आने वाले एक नग भरती बारदानों की याद दिलाई और कहा कि राइस मिलरों व पीडीएस के अलावा किसानों से भी यह बारदाना संग्रहित करना है। संग्रहण में आ रही परेशानियों को सुनने के बाद उन्होंने कुछ टिप्स भी दी और टार्गेट के अनुसार बारदाना की वसूली सयम पर पूरा करने की नसीहत भी दी।

खरीफ में धान खरीदी के लिए अब तक करीब साढ़े 5 हजार नए किसानों ने पंजीयन के लिए तहसील कार्यालयों में आवेदन दिया है। बीते साल की तुलना में पंजीकृत रकबा भी बढ़ा है। अभी किसान 31 अक्टूबर तक धान बेचने के लिए पंजीयन करवा सकते हैं।

शिल्पा अग्रवाल, सहायक पंजीयक सहकारिता

जानिए राजस्थान के राजा और ख्वाजा मोइनुद्दीन के बीच सम्बन्ध.

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राजस्थान के राजा पृथ्वीराज चौहान के कुछ सैनिक अपने ऊंट लेकर वहां पहुचे और ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती और उनके साथी से उस पेड़ के नीचे से हट जाने को बोला और कहा कि यह हमारे ऊँटो के बैठने की जगह है और यह बात सुनकर ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती ने फरमाया की: ‘अच्छा यहां पर ऊंट बैठते है’ यह बात कहकर ख्वाजा साहब और उनके साथी वहां से चले गए। दोस्तों वहां से रवाना होकर गरीब नवाज ने अजमेर में मौजूद अना सागर के किनारे बैठने का फैसला किया।

दोस्तों हैरान करने वाली बात तब हुई जब पृथ्वीराज चौहान के सैनिकों ने जहां से ख्वाजा गरीब नवाज और उनके साथियों को जिस पेड़ के नीचे से उठ जाने को बोला था वहां बैठे ऊंट कुछ घण्टे गुजरने के बाद जब सैनिकों ने वापस जाने का फैसला किया तो उस जगह से ऊंट उठने का नाम नही ले रहे थे, फिर सब सैनिकों ने उन ऊँटो पर लाठियां बरसाई लेकिन ऊंट फिर भी नही उठ रहे थे, और आखिर में हैरान हुए सैनिकों ने यह बात पृथ्वीराज चौहान से करने का सोचा और सब सैनिक राजा के दरबार मे बात करने पहुच गए । दोस्तों सब परेशान हुए सैनिक ने पृथ्वीराज चौहान से सब बात बताई और यह बात सुनकर पृथ्वीराज चौहान को भी हैरत हुई।

पृथ्वीराज चौहान अपने सैनिको को हुक्म दिया कि वह जल्दी जाकर वह फकीर यानी ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती से फौरन माफी माँगे ले, और फिर सब सिपाही उस फकीर यानी ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती को ढूंढने लगे और कुछ घण्टो बाद ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती और उनके साथियों को एक जगह बैठे नजर आए और सब सिपाही ने ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती को सब बात बताई और उनसे माफी भी मांगी फिर गरीब नवाज ने फरमाया की अब सारे ऊंट उठ गए होंगे,

छत्तीसगढ़ : अधिकारी-कर्मचारी के लिए आयुवेदिक पद्धति पर की गई संगोष्ठी

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पुणे महाराष्ट्र के ड।संकेत ओम गोड़बोले ने सृजन सभाकक्ष में कलेक्टोरेट के अधिकारी कर्मचारी के लिए आयुर्वेदिक प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि विभिन्न बीमारियों का ईलाज हमारे आस-पास पाए जाने वाले पेड़ पौधे और जड़ी बूटियों से कैसे छोटी-मोटी बीमारियों का घरेलू ईलाज किया जा सकता है। बरसात के मौसम में अक्सर होने वाले डेंगू के ईलाज के बारे में उन्होंने ने बताया कि दो पपीता का पत्ता, शहद और 8 तुलसी के पत्ते तीनो को मिलाकर पेस्ट बना लें मरीज के लिए दिन में चार खुराक और डेंगू से बचने के लिए दो दिन तक सेवन करने बहुत लाभदायक बताया गया।

दमा श्वास बीमारी के लिए चिड़चिड़ा की जड़ की दातून रोज सुबह एक बार एक सप्ताह तक करने से मुंह की दुगर्ध दूर होती है।साथ ही दांत मजबूत होते हैं। पायरिया दंत रोग के लिए बरगद, डुमर, मस्ती, महुआ इन चारों में से किसी एक पेड़ के पत्ते का 4-5 बूंद दूध उंगली पर लेकर मंजन करें एक सप्ताह तक पायरिया बीमारी से निजात मिल जाएगी। डायबिटीज, शुगर बीमारी के लिए गुड़मार चिरायता भुई लीम में से किसी एक का पत्ता लेकर रोज सुबह एक या दो पत्ता चबाकर खाये पानी पीकर नमक जीभ पर दो माह नियमित तक लगाने से लाभ मिलता है। पथरी ईलाज के लिए हीरवा दाल प्रतिदिन 100 ग्राम दाल को 1 लीटर पानी में डालकर रातभर भिगोने के बाद अगली सुबह उबालें और उसका पानी बचने पर छान कर दाल को अलग कर 10 दिनों तक लगातार पानी पीने से पथरी के ईलाज के लिए लाभकारी है। संगोष्ठी में जोड़ों का दर्द, कैंसर, किडनी, माइग्रेन, याददाश्त कमजोर, हकलाना, खराटा, ब्लडप्रेशर, हाइपरटेंशन, हृदय रोग, अत्यधिक मानसिक तनाव आदि बीमारी के उपचार बताया गया। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर श्रवण कुमार टंडन, कोषालय अधिकारी अनिल पटेल, राजेश मेहरा और अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।