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भारत में स्थित है ऐसी जगह,जहां पर दफन है आज भी अरबों का खजाना

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हिमाचल अपनी प्राकृतिक सुंदरता और प्राकृतिक दृश्यों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। यहां के कई जंगलों के पहाड़ और झीलें सभी बहुत खूबसूरत हैं। सभी प्रकार के मंदिरों, नदियों और झरनों को देखना बहुत अच्छा है।

सभी प्रकार के मंदिरों, नदियों और झरनों को देखना बहुत अच्छा है। आज तक आपने फिल्मों या कहानियों के खजाने के बारे में सुना होगा, लेकिन आज हम आपको एक ऐसी असली जगह के बारे में बताएंगे। जहां वास्तव में आप अरबों के खजाने के बारे में जानकारी पा सकते हैं।

हिमाचल प्रदेश में स्थित इस झील का नाम कमरुनाग झील है। जो बड़े पहाड़ों के बीच में है। 14 और 15 जून को यहां मेले लगते हैं।

इन दो दिनों में बाबा कमरूनाग सभी को दर्शन देते हैं। तो इन दो दिनों के रूप में अगर एक गुच्छा यहाँ देखा जाता है। ऐसा माना जाता है कि बाबा इस स्थान के देवता हैं और सभी की इच्छाओं को पूरा करते हैं।

हजारों लोग यहां आते हैं। प्राचीन समय से यह माना जाता है कि यहां सोने और चांदी के गहनों को रखने से कोई भी मान्यता पूरी हो जाती है और यह माना जाता है कि झील का रास्ता सीधे रसातल में चला जाता है।

लोग इसे क्या कहते हैं, रसातल में सीधे पेश किया जाता है। लोहड़ी पर इस स्थान पर एक भव्य पूजा का आयोजन किया जाता है।

ठंड के दिनों में इस जगह पर जाना बहुत मुश्किल है। इस समय भारी हिमपात हो रहा है। इस मामले में, इस स्थान का अनुभव करने वाले लोग ही यहां पहुंच सकते हैं। जो कई बार यहां आ चुके हैं। कमरुनाग झील के इस रहस्य के बारे में बात करें और यहां पाए गए खजाने आसपास के सभी क्षेत्रों में पाए जाते हैं।

ये मगरमच्छ 60 साल से कर रहा है इस मदिर की रक्षा,खाता है सिर्फ प्रसाद

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 भारत में कई सारे मंदिर है जो अपने चमत्कार के लिए जाने जाते है। आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे है जिसकी रक्षा एक मगरमच्छा पिछले 60 साल से कर रहा है। इसी कारण भारत देश अन्ये देशों से अलग माना जाता है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हम बात कर रहे है बाबिया नाम के मगरमच्छ की जो केरल के अनंतपुरा मंदिर के पास की झील में रहता है। ये भारत देश के लोगों के लिए एक अजुबा से कम नहीं है। ऐतिहासिक स्थलों को छोड़कर आज हमारे खिलाफ कई मामले हैं।

बताया जा रहा है कि झील में रहने वाला मगरमच्छ सिर्फ मंदिर का प्रसाद ही खाता है। मंदिर के पंडित मगरमच्छ को अपने हाथों से प्रसाद खिलाते है जैसे गाय को खिलाते है।

मंदिर का रक्षक वाटिका है। इस मंदिर का संरक्षक बाबिया है। पिछले 60 वर्षों से बाबिया विष्णु भगवान के इस प्रसिद्ध मंदिर की रखवाली कर रहे हैं।

शुद्ध एक शाकाहारी है, लेकिन यह माना जाता है कि यह मगरमच्छ शुद्ध शाकाहारी है और किसी को नुकसान नहीं पहुंचाता है। वह तालाब में मछली नहीं खाता है, और न ही यह झील में स्नान के लिए जाने वाले भक्तों को नुकसान पहुंचाता है।

इस मंदिर या उसके भक्तों को तब तक कोई नुकसान नहीं पहुँचा सकता जब तक कि यहाँ नहीं है। “विष्णु ने भगवान को भेजा, इस मंदिर के ट्रस्टी, रामचंद्र भट कहते हैं ऐसा माना जाता है कि विष्णु भगवान द्वारा बाबिया को भेजा गया था।

बाघिन के लिए दो बाघों में हुई भयंकर लड़ाई, वीडियो में देखिए ‘कौन जीता-कौन हारा’

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एक लड़की के चक्कर में दो लड़कों के बीच लड़ाई तो आपने देखी होगी, लेकिन क्या कभी किसी बाघिन के लिए दो बाघों के बीच लड़ाई देखी है? जी हां, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें दो बाघ आपस में भयंकर तरीके से लड़ते दिख रहे हैं। बताया जा रहा है कि ये दोनों बाघ भाई हैं, जिनका नाम सिंहस्थ और रॉकी है।

आईएफएस अधिकारी परवीन कासवान ने बुधवार को इस वीडियो को अपने ट्विटर पर शेयर किया और बताया कि ये बाघ टी57 और टी58 हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि ये दोनों बाघ टी39 नंबर की बाघिन नूर के लिए आपस में लड़ रहे थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये दोनों बाघ जयसिंघपुरा क्षेत्र की बाघिन शर्मीली के बेटे हैं।

परवीन कासवान के मुताबिक, इस लड़ाई में टी57 की जीत हुई। हालांकि सबसे अच्छी बात ये रही कि दोनों बाघों में से कोई भी गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ। यह वीडियो राजस्थान के रणथंभौर नेशनल पार्क का है, जिसे अब तक 35 हजार से भी ज्यादा बार देखा जा चुका है।

https://twitter.com/ParveenKaswan/status/1184435552931631104

…तो ये है दुनिया का सबसे बड़ा कछुआ, जिसका वजन है करीब 700 किलो, देखे : Video

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रोचक डेस्क : अक्सर यह तो हम सभी को पता है कि आए दिन सोशल मीडिया पर कोई न कोई फोटो या वीडियो वायरल होते रहते है। जिनकों लेकर खूब चर्चा भी होती है। कुछ दिनों पहले ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ था जिसमें आप समुंद्र किनारे दुनिया का सबसे बड़ा कछुआ चलते हुए देख सकते हैं।

कछुए को देखकर लोग हैरान रह गए
समुद्र के किनारे लोगों ने जब लोगों ने दुनिया के सबसे बड़े चमड़े वाले कछुए को बीच के किनारे बैठे हुए देखा तो वो हैरान रह गए। एक कछुए का वजन औसतन 700 किलो होता है। इस जीव को देखते ही लोग इसकी वीडियो बनाने लग गए, जबकि ये विशाल कछुआ अपनी ही धुन में रेत पर रेंगता हुआ चल रहा था। कुछ देर तक आराम करने के बाद ये कछुआ अपने आप को धकेलते हुए समुद्र में उतर गया और लोगों की आंखों से ओझल हो गया। ये कछुए मुख्य रूप से सेंट्रल अमेरिका के अटालांटिक और प्रशांत महासागर के भूमध्य रेखा के पास निवास करते हैं। इस वीडियो को सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि इतना बड़ा कछुआ उन्होंने अपने जिंदगी में पहली बार देखा है।

जिम वर्कआउट में बड़े-बड़े एक्टर्स को कड़ी टक्कर देती हैं बॉलीवुड की ये 7 हसीनाएं

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इंडस्ट्री में कई अभिनेता हैं जो अपनी इमेज बनाने के लिए नियमित जिम में वर्कआउट करते रहते हैं। यही वजह है कि सलमान खान, ऋतिक रोशन, टाइगर श्रॉफ जैसे अभिनेताओं के डोलो शोले देख लड़कियां फिदा हो जाती हैं। पर वहीं एक्ट्रेसेस की बात की जाए तो वह भी जिम में वर्कआउट के ज़रिए इन अभिनेता को कड़ी टक्कर देती हुई दिख जाती हैं। इन एक्ट्रेसेस की मेंटेन बॉडी का पता तब चलता है, जब ये बिकिनी में कहर बरपाती दिखाई देती हैं। तो चलिए आपको बताते हैं उन एक्ट्रेसेस के बारें में जो खुद को मेंटेन करने के लिए जिम में कड़ी मेहनत करती हैं।

ये 7 एक्ट्रेसेस जो एक्टर्स को देती हैं जिम में कड़ी टक्कर

करीना कपूर खान

बॉलीवुड इंडस्ट्री में करीना कपूर खान ने ही ज़ीरो फिगर के चलन की शुरूआत की है। खूबसूर बॉडी पाने के लिए वह जिम में खूब पसीने बहाती हैं। अक्सर उन्हें अपनी दोस्त एक्ट्रेस अमृता अरोड़ा के साथ जिम में वर्कआउट करते हुए देखा गया है।

दीपिका पादुकोण

यहां पर्फेक्ट बॉडी की बात की जारही है तो भला हम दीपिका पादुकोण को कैसे भूल सकते हैं। वह बॉलीवुड की उन एक्ट्रेसेस में जानी जाती हैं जिन्हें छरहरी काया के लिए जाना जाता है।उनपर बिकिनी से लेकर साड़ी तक, हर एक आउटफीट जंचती है। वह नियमित योग और पिलेट्स करती हैं।

दिशा पटानी

दिशा पटानी अक्सर एब्ज़ फ्लॉन्ट करती हुईं तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर करती रहती हैं। टोंड बॉडी को पाने के लिए वह बहुत मेहनत करती हैं। दिशा को हाई-इंटेंसिटी ट्रेनिंग करने के लिए जाना जाता है और उनके वर्कआउट में एक्रोबेटिक्स स्किल्स भी शामिल हैं। अपने रूटीन में वह अपबीट डांस रूटीन को भी शामिल करती हैं।

कटरीना कैफ

अपने गढ़े हुए बदन के लिए कटरीना कैफ जानी जाती हैं। उनकी बिकिनी में एब्ज़ फ्लॉन्ट की तस्वीरों को लोग को खूब पसंद करते हैं। फ्लॉलेस बॉडी पाने के लिए वह वर्कआउट करना नहीं भूलतीं। योग के साथ उनके वर्कआउट में पिलेट्स भी शामिल है। वह अपने खान पान का भी बहुत ख्याल रखती हैं।

आलिया भट्ट

आलिया भट्ट भी पर्फेक्ट बॉडी पाने के लिए जिम में कड़ी मेहनत करती हैं। फैन्स अक्सर उनके फिटनेस के राज को जानने के लिए एक्साइटेड रहते हैं। आलिया नें अपने वर्कआउट में डेडलिफ्ट को शामिल किया है क्योंकि उन्हें कथित तौर पर 70 किलोग्राम से अधिक वजन उठाते देखा गया था। वेट ट्रेनिंग के अलावा, उन्होंने एक्वा वर्कआउट मेंभी अपने हाथ आजमाए हैं।

सारा अली खान

फिल्म केदारनाथ से बॉलीवुड डेब्यू करने वाली एक्ट्रेस सारा अली खान भी खुद की फीटनेस का बेहद ख्याल रखती हैं। वह बिना भूले नियमित जाती हैं। उनकी पहले की तस्वीर या वीडियो में आप देखेंगे सारा काफी मोटी थीं। पर नियमित वर्कआउट और प्रॉपर डायट ने उन्हें फ्लेक्सिबल बॉडी पाने में मदद की।

शिल्पा शेट्टी

शिल्पा शेट्टी अपने योग रूटीन के लिए जानी जाती हैं। उनके पर्फेक्ट बॉडी को लोग खूब पसंद करते हैं। शिल्पा हमेशा अपने फैन्स को अपने वर्कआउट वीडियो के ज़रिए प्रेरित करती रहती हैं। यही नहीं वह तरह-तरह के योगासन के ज़रिए उसके फायदे भी समझाती हैं।

छत्तीसगढ़ – राजधानी में पहली बार राज्य स्तर पर लगेगा नौकरियों का मेला 21 अक्टूबर को…

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छत्तीसगढ़ के युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय स्तर की कम्पनियों में रोजगार उपलब्ध कराने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश पर प्रदेश में पहली बार राज्य स्तर पर प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा यह प्लेसमेंट कैंप रायपुर सेजबहार स्थित शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय में 21 अक्टूबर 2019 को किया जाएगा। 21 अक्टूबर को आयोजित होने वाले प्लेसमेंट कैंप में प्रदेश एवं देश की लगभग 50 प्रतिष्ठित कंपनियॉ भाग ले रही हैं। तकनीकी शिक्षा संचालनालय द्वारा शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय के अधिक से अधिक विद्यार्थियों का प्लेसमेंट राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय प्रतिष्ठित कंपनियों में करवाने हेतु अवसर प्रदान करने के लिए राज्य स्तरीय प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया जा रहा है। राज्य के तीन शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय रायपुर, बिलासपुर एवं जगदलपुर में तीन हजार 370 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। सत्र 2018-19 में तीनों शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय रायपुर से 82, बिलासपुर से 15 एवं जगदलपुर से मात्र 13 विद्यार्थियों का कैंपस प्लेसमेंट से चयन हुआ था। 

तीनों महाविद्यालयों के लगभग 600 छात्र-छात्राओं को प्लसेमेंट कैंप में भाग लेंगे। मेकेनिकल, सिविल, इलेक्ट्रिकल, माईनिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टेलीकम्यूनिकेशन, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, कम्प्यूटर साईंस, इनफारमेशन टेक्नालॉजी ब्रांच के विद्यार्थियों को रोजगार प्राप्त करने हेतु सुनहरा अवसर प्रदान किया जा रहा है।

तकनीकी शिक्षा संचालनालय इस वर्ष शासकीय इंजीनियरिंग एवं पॉलीटेक्निक संस्थानों के विद्यार्थियों के शत्-प्रतिशत प्लेसमेंट के लिए प्रयासरत है। इस हेतु उक्त संस्थानों में प्लेसमेंट सेल का गठन किया गया है। प्लेसमेंट सेल के माध्यम से पूरे अकादमिक सत्र के दौरान निरंतर विद्यार्थियों के प्लेसमेंट हेतु सतत् प्रयास किया जाएगा। जिसकी निगरानी केन्द्रीय स्तर पर तकनीकी शिक्षा संचालनालय द्वारा की जाएगी। कैंपस प्लेसमेंट के आयोजन एवं बेहतर संचालन के लिए शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालयों के प्लेसमेंट सेल के छात्र प्रतिनिधियों को 11 अक्टूबर 2019 को प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में छात्र प्रतिनिधियों को कैंपस प्लेसमेंट के विभिन्न गतिविधियों जैसे- छात्र-छात्राओं तथा कंपनियों के डाटाबेस तैयार करना, कंपनियों के साथ संपर्क स्थापित करना तथा प्लेसमेंट कैंप की अन्य बारिकियों के बारे में विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला में राज्य के प्रतिष्ठित संस्थानों भारतीय प्रबंधन संस्थान, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान तथा अंर्तराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, नया रायपुर के प्लेसमेंट सेल के छात्र प्रतिनिधियों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

21 अक्टूबर को आयोजित प्लेसमेंट कैंप में औद्योगिक प्रतिष्ठानों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग तथा वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की संयुक्त बैठक 10 अक्टूबर 2019 को आयोजित की गई थी। जिसमें भारतीय उद्योग परिसंघ, फिक्की, नैसकॉम, एसोचौम, छत्तीसगढ़ चौम्बर ऑफ कामर्स, छत्तीसगढ़ लघु उद्योग महासंघ एवं छत्तीसगढ़ के अन्य विभिन्न औद्योगिक संघों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में राज्य के तकनीकी शिक्षा संस्थाओं के विद्यार्थियों के नियोजन एवं प्रशिक्षण के अवसरों में वृद्धि हेतु विचार-विमर्श किया गया। उद्योग संघों के प्रतिनिधियों द्वारा प्लेसमेंट कैंप में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने हेतु सहमति व्यक्त की गई। 

अपने काम के बकाया पैसे लेने गया था इलेक्ट्रिशियन, पीछे छोड़ दिया शेर, मिले जख्म

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अक्सर हमने सुना या देखा होगा कि कई लोग अपने बकाया पैसे मांगने वालों पर अपने पालतू जानवर जैसे कुत्ता-बिल्ली छोड़ देते है लेकिन पाकिस्तान में तो नजारा कुछ और ही देखने को मिला यहां एक व्यक्ति ने बकाया पैसे मांगने आए इलेक्ट्रिशियन के पीछे पालतू शेर ही छोड़ दिया। यह घटना करीब एक महीने पहले की है पर इसका खुलासा हाल ही में हुआ है। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। दरअसल, पीड़ित इलेक्ट्रिशियन ने पहले इसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई थी। लेकिन जब आरोपी इलाज का पूरा खर्चा देने के अपने वादे से मुकर गया तब पुलिस में शिकायत की।
यह घटना पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के शहादरा इलाके की है। आरोपी व्यक्ति एक धार्मिक स्थल पर केयरटेकर का काम करता है। खबरों के मुताबिक, आरोपी ने पीड़ित इलेक्ट्रिशियन से कुछ काम करवाया था, लेकिन बार-बार कहने के बाद भी उसके पैसे नहीं दे रहा था। जब पीड़ित अपना बकाया लेने पहुंचा तो दोनों के बीच बहस हो गई और आरोपी ने गुस्से में आकर अपना पालतू शेर उस पर छोड़ दिया, जिससे वह घायल हो गया।

इस घटना के बाद आरोपी ने पीड़ित को पुलिस में शिकायत नहीं करने को कहा और हर्जाना देने की बात कही। जब महीने भर बाद भी पीड़ित को पैसे नहीं मिले तो उसने पुलिस में शिकायत कर दी। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को शेर छोड़ने और इलाज का खर्चा नहीं देने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। हालाकि इसके बाद पुलिस ने अभी तक नहीं बताया कि उस आदमी के पास शेर पालने का लाइसेंस था की नहीं और इस घटना के बाद शेर का क्या हुआ।

Birthday Special : कड़े संर्घष के बाद बॉलीवुड में मिली खास पहचान, जानें ‘ड्रीम गर्ल’ से जुड़ी खास बातें

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बॉलीवुड की जानी मानी अभिनेत्री हेमा मालिनी ने लगभग पांच दशक के कैरियर में कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया लेकिन कैरियर के शुरआती दौर में उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा था और वह दिन भी देखना पड़ा था जब एक निर्माता-निर्देशक ने उन्हें यहां तक कह दिया था कि उनमें स्टार अपील नहीं है। ड्रीमगर्ल हेमा मालिनी ने जब फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा ही था तब एक तमिल निर्देशक श्रीधर ने उन्हें अपनी फिल्म में काम देने से यह कहते हुए इंकार कर दिया कि उनमें स्टार अपील नहीं है। बाद में सत्तर के दशक में इसी निर्माता.निर्देशक ने उनकी लोकप्रियता को भुनाने के लिए उन्हें लेकर 1973 में गहरी चाल फिल्म का निर्माण किया।

हेमा मालिनी का जन्म 16 अक्टूबर 1948 को तमिलनाडु के आमानकुंडी में हुआ था। उनकी मां जया चक्रवर्ती फिल्म निर्माता थीं। घर में फिल्मी माहौल होने से हेमा मालिनी का झुकाव भी फिल्मों की ओर हो गया। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा चेन्नई से पूरी की । वर्ष 1961 में हेमा मालिनी को एक लघु नाटक पांडव वनवासम में बतौर नर्तकी काम करने का अवसर मिला। वर्ष 1968 में हेमा मालिनी को सर्वप्रथम राजकपूर के साथ सपनों का सौदागर में काम करने का मौका मिला। फिल्म के प्रचार के दौरान हेमा मालिनी को ड्रीम गर्ल के रूप में प्रचारित किया गया। बदकिस्मती से फिल्म टिकट खिड़की पर असफल साबित हुई लेकिन अभिनेत्री के रूप में हेमा मालिनी को दर्शकों ने पसंद कर लिया।

हेमा मालिनी को पहली सफलता वर्ष 1970 में प्रदर्शित फिल्म ..जॉनी मेरा नाम ..से हासिल हुयी। इसमें उनके साथ अभिनेता देवानंद मुख्य भूमिका में थे। फिल्म में हेमा और देवानंद की जोड़ी को दर्शकों ने सिर आंखों पर लिया। और फिल्म सुपरहिट रही। इसके बाद रमेश सिप्पी की वर्ष 1971 में प्रदर्शित फिल्म अंदाज में भी हेमा मालिनी ने अपने अभिनय से दर्शको को मंत्रमुग्ध कर दिया।

वर्ष 1972 में हेमा मालिनी को रमेश सिप्पी की ही फिल्म सीता और गीता में काम करने का अवसर मिला जो उनके सिने कैरियर के लिये मील का पत्थर साबित हुयी। इस फिल्म की सफलता के बाद वह शोहरत की बुंलदियों पर जा पहुंचीं। उन्हें इस फिल्म में दमदार अभिनय के लिये सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के फिल्म फेयर पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।हेमा मालिनी सीता और गीता से फिल्म इंडस्ट्री में शोहरत की बुलंदियों पर पहुंची लेकिन दिलचस्प बात यह है कि फिल्म के निर्माण के समय निर्देशक रमेश सिप्पी नायिका की भूमिका के लिए मुमताज का चयन करना चाहते थे लेकिन किसी कारण से वह यह फिल्म नहीं कर सकी। बाद में हेमा मालिनी को इस फिल्म में काम करने का अवसर मिला।

सिल्वर स्क्रीन पर हेमा मालिनी की जोडी धर्मेन्द्र के साथ खूब जमी। यह फिल्मी जोड़ी सबसे पहले फिल्म शराफत से चर्चा में आई। वर्ष 1975 में प्रदर्शित फिल्म शोले में धर्मेन्द्र ने वीर और हेमामालिनी ने बसंती की भूमिका में दर्शकों का भरपूर मनोंरजन किया।हेमा और धमेन्द्र की यह जोड़ी इतनी अधिक पसंद की गई कि धर्मेन्द्र की रील लाइफ की .ड्रीम गर्ल. हेमामालिनी उनके रीयल लाइफ की ड्रीम गर्ल बन गईं। बाद में इस जोड़ी ने ड्रीम गर्ल, चरस आसपास प्रतिज्ञा, राजा जानी, रजिया सुल्तान, अली बाबा चालीस चोर .बगावत आतंक द बर्निंग ट्रेन दोस्त आदि फिल्मों में एक साथ काम किया। सत्तर के दशक में हेमा मालिनी पर आरोप लगने लगे कि वह केवल ग्लैमर वाले किरदार ही निभा सकती है लेकिन उन्होंने खुशबू (1975) किनारा (1977) और मीरा (1979) जैसी फिल्मों में संजीदा किरदार निभाकर अपने आलोचकों का मुंह हमेशा के लिये बंद कर दिया। इस दौरान हेमा मालिनी के सौंदर्य और अभिनयका जलवा छाया हुआ था।इसी को देखते हुये निर्माता प्रमोद चक्रवर्ती ने उन्हें लेकर फिल्म ड्रीम गर्ल का निर्माण तक कर दिया।

वर्ष 1990 में हेमा मालिनी ने छोटे पर्दे की ओर भी रूख किया और धारावाहिक नुपूर का निर्देशन भी किया । इसके बाद वर्ष 1992 में फिल्म अभिनेता शाहरूख खान को लेकर उन्होंने फिल्म दिल आशना है। का निर्माण और निर्देशन किया ।वर्ष 1995 में उन्होंने छोटे पर्दे के लिये मोहिनी का निर्माण और निर्देशन किया।फिल्मों में कई भूमिकाएं निभाने के बाद हेमा मालिनी ने समाजसेवा के लिए राजनीति में प्रवेश किया और भारतीय जनता पार्टी के सहयोग से राज्य सभा की सदस्य बनीं। वर्ष 2000 में हेमा मालिनी पद्मश्री सम्मान से भी सम्मानित की गयीं। हेमा मालिनी ने अपने पांच दशक के सिने कैरयिर में लगभग 150 फिल्मों में काम किया। हेमा मालिनी मथुरा संसदीय सीट से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतकर संसद पहुंची है। (वार्ता)

मरी हुई बेटी को दफनाने गया था व्यक्ति, श्मशान में गड्ढा खोदते वक्त घड़े में मिली जिंदा बच्ची

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ऐसी घटना के बारे में आपने पहले कभी नहीं सुना होगा। दरअसल अपनी मरी हुई बच्ची को दफनाने गए एक व्यक्ति को श्मशान में गड्ढा खोदते वक्त जमीन में दबे घड़े में एक जिंदा नवजात बच्ची मिली। उसे भगवान का तोहफा मानते हुए वह शख्स उसे अपने घर ले आया। हुआ ये था की बरेली शहर के सीबीगंज स्थित वेस्टर्न कॉलोनी के निवासी हितेश कुमार सिरोही के घर एक बच्ची ने जन्म लिया, जिसकी कुछ देर बाद ही मौत हो गई थी।

…तो ये है दुनिया का सबसे बड़ा कछुआ, जिसका वजन है करीब 700 किलो, देखे : Video

उन्होंने बताया कि हितेश शाम को ही बच्ची को दफनाने के लिए श्मशान पहुंचे और गड्ढा खुदवाया। करीब तीन फुट गड्ढा खोदने पर मजदूर का फावड़ा एक घड़े से टकराया। घड़े को जब बाहर निकाला गया तो उसके अंदर एक नवजात बच्ची थी। वह जिंदा थी और उसकी सांसें काफी तेज चल रही थीं।

करंट लगते ही ट्रक ‘ड्राइवर’ की गर्दन जलकर नीचे गिरी, शव देखकर घरवालें बोले ऐसे हो नहीं सकता !

हितेश ने उस बच्ची को अपना लिया है। परिवार ने बच्ची का नाम सीता रखा है। फिलहाल उसका बरेली के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनीत शुक्ला ने बताया कि बच्ची की हालत में सुधार है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र पांडे ने कहा कि बच्ची को जिंदा किसने दफनाया, इसकी जांच की जा रही है।

63 साल के बुजुर्ग पड़ोसी ने किया 4 साल की बच्ची के साथ कुकर्म

इस शख्स को है ऐसी बीमारी, जिसके कारण हो गया है इसका ये हाल

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 मनुष्य को कभी-कभी कई तरह की बीमारियाँ हो जाती हैं जो उसके लिए समस्या बन जाती हैं, और उन्हें इसे दूसरों के साथ साझा करने में शर्म आती है। यह सिर्फ इतना हुआ कि अमेरिका के पनामा में, एक आदमी का निजी हिस्सा फुटबॉल के आकार से बड़ा हो गया।

फिर उसे चलने में समस्या होने लगी और वह सार्वजनिक रूप से असहज महसूस करने लगा। जब पीड़ित ने अपनी बीमारी डॉक्टर को दिखाई, तो उसे पता चला कि उसे गैंग्रीन नामक बीमारी हो गई है, जो कि मांस खाने वाली एक घातक बीमारी है।

इस बीमारी के कारण वह चलने-फिरने में असमर्थ हो गया और उसका प्राइवेट पार्ट इतना बड़ा और भारी हो गया कि वह घंटों इधर-उधर घूमने लगा। डॉक्टरों के अनुसार, यह बीमारी मरीज के शरीर में रक्त में संक्रमण के कारण हुई थी जबकि रक्त में। बीमारी से पीड़ित को घूमने फिरने के लिए एक वॉकर का इस्तेमाल करना पड़ता है और अपनी दैनिक जरूरतों का ध्यान रख रहा है क्योंकि प्राइवेट पार्ट में सूजन के कारण वह अपना काम नहीं कर पा रहा था।

जब ऑपरेशन के लिए आदमी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, तो डॉक्टर अपने निजी साथी के आकार से नाराज था।

व्यक्ति के निजी हिस्से के ऑपरेशन के दौरान, डॉक्टरों को दो मामलों की जानकारी मिली, जिसमें मवाद भरा हुआ था। इसे निकालने के लिए उन्हें सर्जरी करवानी पड़ी। ऑपरेशन मुश्किल था

क्योंकि डॉक्टरों को सड़े हुए मांस के साथ कई चीजों का ध्यान रखना था। हालाँकि वह ऐसा करने में सफल रहा। कई सफल सर्जरी और ऑपरेशन के बाद भी आदमी अस्पताल में आराम कर रहा है। सर्जरी के दस दिन बाद, डॉक्टरों ने कहा कि ऑपरेशन के बाद अब वह सामान्य जीवन जी सकता है।