Home Blog Page 2476

पार्टी छोड़ने की अटकलों पर बोले हार्दिक पटेल – मैं कांग्रेस का ही हूं, राज्य सरकार के कामों को सराहा…

0

कांग्रेस पार्टी छोड़ने की अटकलों पर पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने विराम लगा दिया। एयरपोर्ट पर मीडियाकर्मियों के एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘मैं कांग्रेस का ही हूं यह बात आप समझिए।’ हार्दिक एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने राजधानी रायपुर पहुंचे हैं। हार्दिक ने कहा कि छत्तीसगढ़ या झारखंड आने का मौका बहुत कम मिलता है। मैं पहली बार रायपुर आया हूं। यहां कांग्रेस की भूपेश सरकार अच्छा काम कर रही हैं।

5 सालों में बदलेगा छत्तीसगढ- हार्दिक

  1. हार्दिक ने कहा- राज्य सरकार किसानों और गरीबों के साथ-साथ महिलाओं के बारे में अच्छी सोच के साथ आगे बढ़ रही है। आने वाले 5 साल में प्रदेश के लिए, गांव के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल काफी अच्छा काम कर पाएंगे, निश्चित रहें 5 साल बेहतर होंगे। रायपुर में रविवार की शाम हो रहे रास गरबा कार्यक्रम में हार्दिक शामिल होंगे।
  2. 11 अक्टूबर को मानहानी मामले में पेशी के लिए राहुल गांधी अहमदाबाद गए थे। इस दौरान वह एक रेस्टोरेंट में हार्दिक के साथ देखे गए थे। चर्चा थी कि हार्दिक कांग्रेस पार्टी का दामन छोड़ सकते हैं। राहुल से मुलाकात के दौरान पार्टी के नेताओं द्वारा हार्दिक को मनाने की सुर्खियां मीडिया में छाई हुई थी। गुजरात में कांग्रेस छोड़कर चर्चित नेता अल्पेश ठाकोर भाजपा में शामिल हो चुके हैं। हार्दिक, पाटीदार आरक्षण आंदोलन के बाद सियासी तौर पर बड़े नेता बनकर उभरे थे।

छत्तीसगढ़ – लोगों ने जहां कचरा फेंक बनाया था मुक्कड़, अब वहां उगाई हरी घास…

0

 शहर भर में कहीं भी कचरा फेंक देने वाली आदत छुड़ाने मुक्कड़ों को हटाया जा रहा। मुक्कड़ों की जगह हरी-हरी घास उगाई जाएगी। 50 ऐसे मुक्कड़ों का चयन भी कर लिया गया है जो लोगों की कचरा फेंकने की प्रवृत्ति के कारण बन गए थे। पहले चरण में 20 मुक्कड़ों को बंद कर वहां घास उगाने का काम चालू कर दिया गया है। मुक्कड़ वाली जगह पर सीमेंट-रेती की पक्की घेरेबंदी कर बीचोबीच में मिट्‌टी भरकर वहां घास और पौधे उगाए जाएंगे। 


मुक्कड़ के आसपास की दीवारों में कलाकृतियां भी बनाई जाएगी। अफसरों ने बताया कि फिलहाल 20 मुक्कड़ पर एक साथ काम चालू कर दिया गया है। इनमें अंबेडकर अस्पताल, जिला कोर्ट, कमिश्नर ऑफिस, मल्टीलेवल पार्किंग, काशवाणी चौक, बूढ़ापारा, पेंशनबाड़ा, मौदहापारा जैसे इलाके हैं, जहां लोगों की आदत की वजह से मुक्कड़ बन गए थे। चूंकि ये जगह खाली थी, इस वजह से किसी कोई दिक्कत नहीं थी। स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत राजधानी को मुक्कड़ मुक्त बनाने का टारगेट तय किया गया है। पूरा काम उसी लक्ष्य के तहत किया जा रहा है। पचास जगहों को संवारने में 20 लाख से ज्यादा खर्च होने का अनुमान है। इसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है।  

डस्टबिन और मुक्कड़ फ्री  : स्वच्छता सर्वेक्षण की थीम डस्टबिन फ्री सिटी है। मुक्कड़ खत्म करने के साथ सार्वजनिक इलाकों से डस्टबिन हटाने का काम भी चल रहा है। मुक्कड़ वाली जगहों को सौंदर्यीकरण करने के बाद जालीदार फेंसिंग के जरिए एक नया लुक भी देंगे। ताकि कोई भी दोबारा इन जगहों पर कचरा न फेंके। 20 जगहों पर अगर ये प्रयोग सफल रहा तो बाकी जगहों पर अलग अलग थीम पर इसे बनाया जाएगा।

मुक्कड़ खत्म करने के बाद जो खाली जगह है उसके बेहतर उपयोग के लिए स्मार्ट सिटी ने ये योजना बनाई है। ताकि शहर भी सुंदर दिखे और लोगों को आने जाने में बदबू की वजह से परेशानी न उठाना पड़े। कृति शर्मा, प्रोजेक्ट इंचार्ज, स्मार्ट सिटी

जहां बड़ी जगह वहां मार्केट, पार्किंग : ऐसे मुक्कड़ जो आकार में बहुत ज्यादा बड़े हैं। उसकी खाली जगह का इस्तेमाल बाजार बनाने में करना तय किया गया है। ऐसी जगहों पर आकार के मुताबिक औसतन दस से बीस छोटी दुकानों वाले बाजार बना जाएंगे। यही नहीं संबंधित इलाके की जरूरत के हिसाब से भी जगह का उपयोग किया जाएगा। कुछ जगहों पर फूल पौधे और पार्किंग का भी प्लान है।जबकि जहां ज्यादा जगह की गुंजाइश है वहां साइकिल डॉक या स्टैंड भी बनेंगे। 

अयोध्या मामले पर आखिरी सुनवाई 14 अक्टूबर को अंतिम दौर में…

0

दशहरा की हफ्ते भर की छुट्टी के बाद उच्चतम न्यायालय में अयोध्या के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले की सुनवाई सोमवार को अंतिम चरण में प्रवेश कर जाएगी और न्यायालय की संविधान पीठ 38 वें दिन इस मामले की सुनवाई करेगी।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने इस जटिल मुद्दे का सौहार्दपूर्ण हल निकालने के लिये मध्यस्थता प्रक्रिया के नाकाम होने के बाद मामले में छह अगस्त से प्रतिदिन की कार्यवाही शुरू की थी।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 2014 के फैसले के खिलाफ शीर्ष न्यायालय 14 अपीलों पर सुनवाई कर रहा है। पीठ ने इस मामले में न्यायालय की कार्यवाही पूरी करने की समय सीमा की समीक्षा की थी और इसके लिए 17 अक्टूबर की सीमा तय की है।

पीठ के सदस्यों में न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़, न्यायामूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस ए नजीर भी शामिल हैं। न्यायालय ने अंतिम चरण की दलीलों के लिये कार्यक्रम निर्धारित करते हुए कहा था कि मुस्लिम पक्ष 14 अक्टूबर तक अपनी दलीलें पूरी करेंगे और इसके बाद हिंदू पक्षकारों को अपना प्रत्युत्तर पूरा करने के लिये 16 अक्टूबर तक दो दिन का समय दिया जाएगा। इस मामले में 17 नवंबर तक फैसला सुनाये जाने की उम्मीद है। इसी दिन प्रधान न्यायाधीश गोगोई सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

पीएम मोदी : देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर अब जितना ध्यान दिया, उतना पहले कभी नहीं दिया…

0

महाराष्‍ट्र के चुनावी जंग को जीतने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को जलगांव में अपनी जनसभा के साथ शुरुआत कर दी। पीएम मोदी के निशाने पर विपक्षी एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन रहा। पीएम मोदी ने एक पुराने विडियो के सहारे एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार पर जोरदार निशाना साधा।

– हमारे लिए 5 अगस्त का निर्णय अटल है और जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को नए रास्ते पर ले जाने का निश्चय भी अटल है। आज मैं विरोधियों को चुनौती देता हूं कि अगर आपमें हिम्मत है, तो इस चुनाव में और आने वाले चुनावों में भी अपने चुनावी घोषणा पत्र में ऐलान करें कि हम 370 को वापस लाएंगे : पीएम मोदी।

– जब आस-पड़ोस की नापाक शक्तियों की गिद्ध-दृष्टि जम्मू-कश्मीर की शांति को भंग करने की हो, तब हमने सुरक्षा की दृष्टि से कुछ और कदम भी उठाए हैं। 40 साल तक वहां जो असामान्य परिस्थितियां रहीं, उन्हें सामान्य बनाने में 4 महीने भी नहीं लगेंगे : पीएम मोदी।

– ये पूरा क्षेत्र जंगलों से भरा है, तालों-तालाबों और झरनों से भरपूर है। यहां पर्यटन के लिए भरपूर संभावनाएं हैं। आदिवासी समाज द्वारा तैयार होने वाले उत्पाद भी यहां भरपूर हैं। चुलबंद नदी और नागझीरा नेशनल पार्क को पर्यटकों के लिए और आकर्षक बनाना ज़रूरी है : पीएम मोदी।

– भारत पर्यटन के मानचित्र पर तेज़ी से उभर रहा है। पूरी दुनिया से बड़ी संख्या में टूरिस्ट भारत आ रहे हैं। कल ही मैं तमिलनाडु के महाबलीपुरम में था। वहां जब चीन के राष्ट्रपति से मेरी बातचीत हो रही थी तो वो भारत की सांस्कृतिक समृद्धि से बहुत प्रभावित थे: पीएम मोदी।

– आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए और स्वरोजगार पर आज चरों नदिशाओं में नए नए प्रकल्पों द्वारा तेजी से काम चल पड़ा है। आदिवासी बच्चों की शिक्षा और उनकी स्किल को बढ़ाने के लिए एकलव्य मॉडल स्कूल का व्यापक नेटवर्क सरकार द्वारा तैयार किया जा रहा है : पीएम मोदी।

– लोकसभा चुनाव के दौरान हमने आपको आश्वस्त किया था कि पीएम किसान सम्मान निधि के अंतर्गत हर किसान को लाया जाएगा और छोटे किसानों को पेंशन की सुविधा से जोड़ा जाएगा। आज ये दोनों वायदे हकीकत में बदल चुके हैं : पीएम मोदी।

– देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर अब जितना ध्यान दिया जा रहा है, उतना पहले कभी नहीं दिया गया। गांव की सड़कों पर पहले ही तेजी से काम चल रहा है। अब आने वाले वर्षों में गांवों में इंफ्रास्ट्रक्टर को विकसित करने के लिए 25 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे : पीएम मोदी।

– पहले पानी के मामलों को अलग अलग मंत्रालय और विभाग देखते थे, सब बिखरा पड़ा था। इसका एक असर ये भी था की पानी से जुडी योजनाएं पूरा होने में वर्षों लग जाते थे। अब ये सभी विभाग जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत लाये गए हैं : पीएम मोदी।

– आज हमारी हर नीति, हर रणनीति- जनकल्याण से राष्ट्रकल्याण की है, जन अभियान से राष्ट्रनिर्माण की है। चाहे गरीबों के घर का और शौचालय का निर्माण हो, हर घर में बिजली का कनेक्शन हो, गरीबों को मुफ्त इलाज मिले। इन सभी योजनाओं के केंद्र में गरीब और सामान्य जन है : पीएम मोदी।

– बांटने और छांटने वाली राजनीति अब अतीत हो गई है और इसका ट्रेलर आपने 2014 में दिखा दिया था और इस चुनाव में आप पूरी फिल्म दिखने वाले हैं । जो काम करेगा उसको ही आपका विश्वास मिलेगा, ये अब सिद्ध हो चुका है : पीएम मोदी।

– पीएम मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, देवेंद्र फडणवीस जी के रूप में एक मजबूत और युवा नेतृत्व महाराष्ट्र को मिला है। फडणवीस जी ने पूरे महाराष्ट्र को, महाराष्ट्र के हर नागरिक को समग्रता और संपूर्णता के साथ नेतृत्व दिया है, सामाजिक सद्भाव के लिए काम किया है।

प्याज-टमाटर के बाद अब लहसुन ने महंगाई में लगाया तड़का, 300 रुपए प्रति किलो पहुंचा भाव…

0

प्याज, टमाटर के बाद अब लहसुन के बढ़ते दामों ने भी भोजन का जायका बिगाड़ दिया है। प्याज और टमाटर की महंगाई पर अब लहसुन का तड़का लगा है। पिछले एक महीने में लहसुन का दाम तकरीबन 40 फीसदी उछला है, जबकि देश में इस साल लहसुन का उत्पादन पिछले साल से 76 फीसदी अधिक रहा है।

प्याज और टमाटर की महंगाई से परेशान लोगों को अब लहसुन के लिए भी बड़े दाम चुकाने पड़ेंगे। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में दुकानों पर लहसुन 300 रुपए किलो तक बिक रहा है। हालांकि लहसुन के थोक भाव में बीते दो सप्ताह में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन रिटेल में लहुसन 250-300 रुपए प्रति किलो मिलने लगा है, जो कि दो सप्ताह पहले 150-200 रुपए प्रति किलो था।

देश में इस साल लहसुन का उत्पादन पिछले साल से 76 फीसदी अधिक रहने के बावजूद इसके दाम में बेहताशा वृद्धि हुई है। देश की प्रमुख लहसुन मंडी मध्यप्रदेश के नीमच, मंदसौर और राजस्थान के कोटा के कारोबारियों ने बताया कि बारिश के कारण स्टॉक में रखा लहुसन खराब हो जाने से सप्लाई का टोटा पड़ गया है, जिससे कीमतों में इजाफा हुआ है।

देश की राजधानी दिल्ली में मदर डेयरी के बूथ पर लहसुन 300 रुपए प्रति किलो बिक रहा है। जबकि दिल्ली-एनसीआर में सब्जी की दुकानों पर लहसुन 250-300 रुपए प्रति किलो बिक रहा है। लहसुन के प्रमुख उत्पादक राज्य राजस्थान और मध्यप्रदेश सहित देश के अन्य हिस्सों में भी रिटेल में भाव 200 रुपए किलो से ज्यादा ही है। हालांकि नीचम मंडी में लहसुन का थोक भाव बीते 30 सितंबर को जितना था, तकरीबन उसी भाव पर बीते शनिवार को लहुसन बिका।

नीमच में शनिवार को विभिन्न क्वालिटी के लहसुन का भाव 8,000-17000 रुपए क्विंटल था। कारोबारी सूत्र से मिली जानकारी के अनुसार, स्पेशल क्वालिटी का लहसुन हालांकि 21,700 रुपये प्रति कुंटल तक बिका। कोटा में लहसुन का थोक भाव 7,000-17,500 रुपए प्रति क्विंटल था।

नीमच के कारोबारी पीयूष गोयल ने बताया कि आवक काफी घट गई, क्योंकि जिनके पास लहसुन है, वे भाव और बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस समय लहसुन की आवक 4,000-5,000 बोरी एक बोरी में 50 किलो) है, जबकि पीक आवक के सीजन के दौरान नीमच में लहसुन की आवक 20,000 बोरी से ज्यादा रहती है।

गोयल ने बताया कि भाव बढ़ने का एक कारण यह भी है कि मानसून सीजन के आखिर में हुई बारिश से बुवाई में देर हो जाएगी, जिससे नई फसल आने में भी देर होगी। उन्होंने बताया कि रिटेल कारोबारी वहां भी लहसुन 200 रुपए किलो से अधिक दाम पर बेच रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर आवक इसी तरह घटती रही तो आने वाले दिनों में दाम में और इजाफा हो सकता है।

कोटा के कारोबारी उत्तमचंद ने बताया कि बारिश के मौसम में किसानों के पास रखा लहसुन नमी के कारण खराब हो गया है, जिसके कारण स्टॉक की भी कमी है, जिससे कीमतों में वृद्धि हुई है। कृषि मंत्रालय द्वारा जारी वाणिकी फसलों के तीसरे अग्रिम उत्पादन के अनुसार, 2018-19 में 28.36 लाख टन लहसुन का उत्पादन है, जबकि पिछले साल 16.11 लाख टन था। इस प्रकार, पिछले साल के मुकाबले इस साल लहसुन का उत्पादन 76 फीसदी अधिक है। भारत लहसुन के प्रमुख उत्पादक देशों में है, जबकि चीन दुनिया का सबसे बड़ा लहसुन उत्पादक है।

गाजियाबाद कलेक्ट्रेट बना मिसाल, डीएम, अधिकारी व कर्मचारी कार्यालय में रोज सुबह लगाते हैं झाड़ू

0

 गाजियाबाद कलेक्ट्रेट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान का साफ असर दिखाई दे रहा है। कलेक्ट्रेट में अधिकारी व कर्मचारी अपने दिन की शुरुआत अपने कार्यालय में झाड़ू लगाकर करते हैं।

जिलाधिकारी अजय शंकर पांडे ने चार्ज लेने के बाद यह नई परंपरा शुरू की थी, जिसमें वह दफ्तर पहुंचकर 10 मिनट अपने कार्यालय की सफाई खुद ही झाड़ू लगाकर करते हैं, इसके लिए वह दस मिनट पहले पहुंचते हैं। अपने कार्यालय के बाहर भी उन्होंने यह बोर्ड लगवा दिया कि मैं अपना सफाई का कार्य खुद करता हूं कृपया मुझे इस पर डिस्टर्ब ना करें। इसके बाद यह सब उनकी दिनचर्या में शामिल हो गयी। उनकी देखा-देखी कलक्ट्रेट में अन्य अधिकारियों ने भी इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इसकी शुरुआत कर दी। ज्यादातर अधिकारी निर्धारित समय से 10 मिनट पहले अपने कार्यालय पहुंच जाते हैं और सबसे पहले अपने कार्यालय की झाड़ू लेकर सफाई करते हैं और उसके बाद अपना काम शुरू करते हैं।

जिलाधिकारी का कहना है कि सफाई एक ऐसी प्रक्रिया है, जिससे लाभ ही लाभ होता है। उन्होंने कहा कि सफाई से आने वाले व्यक्ति पर भी अच्छा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने किसी से इसकी अपील नहीं की है लेकिन अधिकारियों ने खुद ही यह अच्छी पहल की है, जो स्वागत योग्य है ।

छत्तीसगढ़ – मुख्यमंत्री ने कवि सम्मेलन के पोस्टर का किया विमोचन…

0

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल राजधानी स्थित अपने निवास कार्यालय में 16 अक्टूबर को सरदार बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम रायपुर में आयोजित होने वाले कवि सम्मेलन के पोस्टर का विमोचन किया। सम्मेलन का आयोजन स्वराज एक्सप्रेस और उसके डिजिटल पार्टनर लल्लूराम डॉट कॉम द्वारा किया जा रहा है। इस अवसर पर स्वराज एक्सप्रेस के चेयरमेन श्री नमित जैन, डायरेक्टर श्री देवेन्द्र मिश्रा, संपादक श्री मनोज सिंह बघेल और ब्यूरो हेड श्री आशीष तिवारी उपस्थित थे। कवि सम्मेलन में श्री कुमार विश्वास, पदमश्री डॉ. सुरेन्द्र दुबे, श्री विनीत चौहान, श्री रमेश मुस्कान, सुश्री अंकिता सिंह, श्री मिर अली मिर, श्री किशोर तिवारी और पदमलोचन शर्मा भाग ले रहे हैं।

विश्व बैंक : भारत अब भी व्यापक संभावनाओं वाली तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था…

0

वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में सुस्ती के चलते भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी बुरा असर पड़ा है। इससे 2019 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर कम होकर 6 प्रतिशत रह जाने का अनुमान है। इसके बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था अब भी व्यापक संभावनाओं के साथ तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनी हुई है। विश्व बैंक के अर्थशास्त्री ने रविवार को यह बात कही। विश्वबैंक के मुख्य अर्थशास्त्री दक्षिण एशिया) हंस टिम्मर ने कहा, ‘हालिया सुस्ती के बावजूद भारत तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनी हुई है। उसके आर्थिक वृद्धि के आंकड़े दुनिया के अधिकांश देशों से अधिक है। भारत अभी भी व्यापक क्षमता वाली तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है।’

दक्षिण एशिया आर्थिक फोकस के ताजा संस्करण में विश्वबैंक ने चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान घटाकर छह प्रतिशत कर दिया। हालांकि, विश्वबैंक ने कहा कि वृद्धि दर धीरे-धीरे सुधर कर 2021 में 6.9 प्रतिशत और 2022 में 7.2 प्रतिशत पर पहुंच जाने का अनुमान है। भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर पूछे गए सवाल पर टिम्मर ने कहा, ‘हालिया वैश्विक नरमी से भारत में निवेश और खपत प्रभावित हुये हैं। इसकी वजह से उसे कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।’ भारत की आर्थिक वृदधि दर 2016 में 8.2 प्रतिशत थी और अगले दो साल में यह 2.2 प्रतिशत गिर गई है। उन्होंने कहा, ‘यह सबसे बड़ी गिरावट नहीं है लेकिन यह 2012 से तुलना करने योग्य है, जहां नरमी का असर था। हालांकि, 2009 में हमने जो गिरावट देखी यह उससे कुछ कम है। लेकिन, यह गंभीर सुस्ती है। यह बात सही है।’

टिम्मर ने कहा यदि आप घरेलू मांग की वृद्धि को देखते हैं तो यह जीडीपी के मुकाबले अधिक तेजी से नीचे आ रही है क्योंकि इसमें आयात भी तेजी से सुस्त पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह अपने आप में अलग मामला है जहां कंपनियों और घरेलू दोनों स्तरों पर निवेशक निवेश को लेकर सतर्कता बरत रहे हैं। टिम्मर ने कहा कि विश्वबैंक ने अनुमान में कहा है कि ‘भारत की 80 प्रतिशत आर्थिक नरमी’ का कारण अतंरराष्ट्रीय कारक हो सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘हमारे विचार में यह काफी कुछ उसी के अनुरूप है जो कि दुनिया में हो रहा है। इस समय दुनिया में सब जगह निवेश की रफ्तार काफी तेजी से धीमी पड़ रही है। जहां तक रिण की बात है यह एक धारणा से चल रहा है जो कि पूरी दुनिया में फैली हुई और यह धारणा वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता की है।’

वहीं, विश्वबैंक ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि 2019 में भारत के मुकाबले बांग्लादेश और नेपाल की अर्थव्यवस्था के अधिक तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, बैंक ने वैश्विक सुस्ती के कारण चालू वित्त वर्ष में दक्षिण एशिया की आर्थिक वृद्धि में गिरावट का अनुमान जताया है। इसमें कहा गया है कि पाकिस्तान की आर्थिक वृद्धि दर और गिरकर महज 2.4 प्रतिशत रह सकती है। बैंक ने अपनी हालिया रिपोर्ट में चालू वित्त वर्ष में दक्षिण एशिया की आर्थिक वृद्धि का अनुमान घटाकर 5.9 प्रतिशत कर दिया है। यह अप्रैल 2019 के पूर्वानुमान से 1.1 प्रतिशत कम है। बांग्लादेश की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 2019 में 8.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह 2018 में 7.9 प्रतिशत की दर से अधिक है। इसके 2020 में 7.2 प्रतिशत और 2021 में 7.3 प्रतिशत पर रहने का अनुमान जताया गया है। नेपाल के मामले में, जीडीपी की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष और अगले वित्त वर्ष में औसतन 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

एक सप्ताह में इतना सस्ता हो चुका है सोना और चांदी, जानिए कीमत…

0

विदेशों में रही गिरावट के कारण त्योहारी मौसम के बावजूद बीते सप्ताह दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 130 रुपये फिसलकर 39,140 रुपये प्रति दस ग्राम और चांदी 110 रुपये टूटकर 46,640 रुपये प्रति किलोग्राम रह गयी। लंदन एवं न्यूयॉर्क से प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत सप्ताह सोना हाजिर 15.95 डॉलर लुढक़कर 1,488.65 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। इससे स्थानीय बाजार में भी कीमत प्रभावित हुई, हालांकि यहां गिरावट कुछ कम देखी गयी।

त्योहारी मौसम में आम तौर पर देश में सोने की कीमतें चढ़ती हैं। गत सप्ताह रही गिरावट से जेवराती माँग सुस्त रहने के संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी और चीन के बीच व्यापार युद्ध के समाधान को लेकर हुई वार्ता में सकारात्मक परिणाम निकलने की उम्मीद से विदेशों में दिसंबर का अमेरिकी सोना वायदा भी 16.80 डॉलर टूटकर 1,493.50 डॉलर प्रति औंस बोला गया। चांदी हाजिर सप्ताह भर के उतार-चढ़ाव के बाद सप्ताहांत पर 17.53 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर बंद हुई। स्थानीय बाजार में मंगलवार को दशहरे के अवकाश के कारण पांच दिन ही कारोबार हुआ। इसमें शनिवार की बड़ी गिरावट को छोडक़र अन्य चार दिन पीली धातु मजबूत हुई।

पूरे सप्ताह के दौरान सोना स्टैंडर्ड 130 रुपये कमजोर होकर 39,140 रुपये प्रति दस ग्राम पर आ गया। सोना बिटुर भी इतनी ही साप्ताहिक गिरावट में 38,970 रुपये प्रति दस ग्राम पर रहा। आठ ग्राम वाली गिन्नी पूरे सप्ताह 30,200 रुपये पर अपरिवर्तित रही। चांदी में एक दिन तेजी और तीन दिन गिरावट रही जबकि शुक्रवार को उसके भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। चांदी हाजिर 110 रुपये की साप्ताहिक गिरावट में 46,640 रुपये प्रति किलोग्राम रह गयी। चांदी वायदा 359 रुपये टूटकर सप्ताहांत पर 45,171 रुपये प्रति किलोग्राम बोली गयी। सिक्का लिवाली और बिकवाली क्रमश: 920 रुपये और 930 रुपये के भाव पर स्थिर रहे।

शादी में मिला धोखा, एक्ट्रेस ने रो-रोकर PM मोदी से लगाई गुहार…

0

भोजपुरी फिल्‍म अभिनेत्री नेहा बंसल का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. वीडियो में नेहा बसंल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद मांगते नजर आ रही हैं।

वीडियो में नेहा बंसल का रो-रो कर बुरा हाल है. नेहा का आरोप है कि उनके पति ने उन्हें छोड़ दिया है और उसके साथ मारपीट की घटना को अंजाम दिया है. ने‍हा ने बताया कि उनके पति को अमेरिकी नागरिकता प्राप्‍त है।

नेहा का कहना है कि मेरे माता-पिता नहीं हैं, इसलिए शादी के लिए मैंने सबकुछ बेच दिया था. उन्‍होंने आरोप लगाया कि पति कभी मुझे अपने घर नहीं ले गया।

नेहा का आरोप है कि उनका पति लगातार छह महीने तक उनके साथ खेलता रहा और अब कह रहा है कि वह अमेरिका का नागरिक है. नेहा ने बताया कि पति कहता है कि उसे पीएम मोदी और भारत के कानून से कोई डर नहीं है।