भारत में इंटरनेट का उपयोग तेजी से बड़ रहा जिसके चलते टेलीकॉम कम्पनियां अपने युजर्स को कम से कम किमत में डेटा और कॉल रिचार्ज उपलब्ध करने की दौड़ में जुटी हुई है। भारत की टॉप टेलीकॉम कपंनी में से एक भारती एयरटेल अपने यूजर्स के लिए आर्कषक पैक बाजार में उतर रही है।
एयरटेल ने अपने युजर्स के लिए 169 और 199 रुपए का रिचार्ज पैक पेश किया है। इस रिचार्ज पैक में कपंनी युजर्स को लोकल और एसटीडी कॉल करने की अनलिमिटेड सुविधा दे रही है। साथ में 169 रुपए के रिचार्ज में 1GB/DAY और 199 रुपए में 1.5GB/DAY का दिया जाएगा। इसकी वैधता 28 दिनों की होगी।
एयरटेल अपने युजर्स के लिए 399 रुपए का रिचार्ज प्लेन लाया है जिसमें आपको लोकल और एसटीडी कॉल करने की अनलिमिटेड सुविधा दे रही है और 1GB/PER DAY डेटा दे रही है। इसकी वैधता 84 दिनों की होगी।
एयरटेल ने अपने यूजर्स के लिए 499 रुपए का रिचार्ज पैक ऑफर किया है। इस प्लान के तहत कंपनी यूजर्स को प्रतिदिन उपयोग के लिए 2 जीबी डेटा दे रही है और साथ ही अनलिमिटेड कॉल की सुविधा भी दे रही है। वहीं इस पैक की वैधता 82 दिनों की है।
एयरटेल ने अपने यूजर्स के लिए छोटा रिचार्ज भी उपलब्ध कराया है जिसमें आपको 9 रूपए में 100MB डेटा की सुविधा देगी साथ में लोकल और एसटीडी कॉल करने की अनलिमिटेड सुविधा दे रही है। इसकी वैधता 1 दिनों की होगी।
एयरटेल अपने युजर्स के लिए डेटा पैक का 48 रुपए का रिचार्ज प्लेन लाया है जिसमें आपको 3GB का डेटा उपलब्ध होगा। इसकी वैधता 28 दिनों की होगी।
धारा-370 निरस्त किए जाने के बाद जम्मू कश्मीर के बाशिंदे बेहद ज्यादा अवसादग्रस्त और गहरे तनाव का शिकार हैं। अच्छी हालात और मुनासिब इलाज के अभाव में अवसाद और तनाव घाटी में महामारी का रूप अख्तियार कर रहा है। इसकी पुख्ता और तथ्यात्मक जानकारी पंजाब के प्रतिष्ठित डॉक्टर अरुण मित्रा ने जम्मू कश्मीर के गुप्त दौरे से लौटकर दी है।
डॉक्टर अरुण मित्रा परमाणु हथियारों के खात्मे के लिए काम कर रही डॉक्टरों के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय संगठन इंटरनेशनल फिजीशियन फॉर दी प्रिवेंशन ऑफ न्यूक्लियर वार (आईपीपीएन डब्लयू) के सह अध्यक्ष भी हैं और पंजाब के चिकित्सा एवं बौद्धिक जगत में अपनी अलग ख्याति रखते हैं। नवजीवन से लुधियाना में विशेष बातचीत में डॉक्टर अरुण मित्रा ने बताया कि लगभग एक महीने पहले उन्होंने अलायंस ऑफ डॉक्टर फॉर एथिकल हेल्थकेयर (एडीईएच) के पदाधिकारी की हैसियत से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर कश्मीर घाटी के संवेदनशील करार दिए गए कई इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लेने की अनुमति मांगी थी। लेकिन लगातार निवेदन करने के बाद भी कोई जवाब नहीं आया तो उन्होंने बगैर इजाजत, गुप्त रूप से कश्मीर जाने का फैसला किया और गए।
फोटो: अमरिक
डॉक्टर अरुण मित्रा ने बताया कि सरकारी दावों के विपरीत कश्मीर के हालात बेहद ज्यादा खराब हैं और आम लोगों का जीवन हर लिहाज से नरक बना हुआ है। 70 दिनों से लागू सरकारी प्रतिबंधों के चलते लोगों की आर्थिक स्थिति खराब है। सरकारी-गैर सरकारी दहशत आवाम के मनों पर इस कदर हावी है कि वह गंभीर रूप से बीमार हो रहे हैं। ज्यादातर बीमारियां दिल और दिमाग से जुड़ी हैं।
डॉक्टर मित्रा के मुताबिक, बच्चे, नौजवान, किशोर, महिलाएं और बुजुर्ग सभी के सभी तनाव और अवसाद में है। मानसिक तनाव जिस तरीके से वहां बढ़ रहा है, आने वाले वक्त में मानसिक रोग कश्मीर में महामारी का रूप ले लेंगे। डॉक्टर अरुण मित्रा ने नवजीवन से कहा कि लोगों के दिलों-दिमाग में यह धारणा पक्की हो गई है कि उनके साथ बहुत बड़ा धोखा किया गया है। वे शिकस्त की भावना का शिकार हैं। अब लोग एक दूसरे से बातचीत करने से भी कतरा रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर में कुछ दिन बिताकर आए डॉक्टर मित्रा ने बताया कि घाटी के लोग कहते हैं कि सरकारी सुरक्षा एजेंसियों ने 11, 000 से भी ज्यादा लोगों को हिरासत में लेकर बाहर की जेलों में रखा हुआ है और उन्हें अमानवीय यातनाएं दी जा रही हैं। इस तरह की चर्चाएं लोगों का रोष, तनाव और अवसाद बढ़ा रही हैं। 70 दिनों से बच्चे स्कूल नहीं जा रहे। बच्चों, बुजुर्गों में अवसाद और तनाव से जुड़ी बीमारियों के लक्षण ज्यादा पाए गए। बच्चे अपने साथियों से एकदम कटे हुए हैं।
सरकारी दावे हैं कि स्कूल कॉलेज खुल गए हैं लेकिन अभिभावक अपने बच्चों को दहशत के चलते भेज नहीं रहे। डॉक्टर अरुण मित्रा ने बताया कि कश्मीर में गंभीर मरीजों का भी अपने डॉक्टरों से संपर्क नहीं हो पा रहा और जरूरी दवाइयों के भी किल्लत है। केवल लैंडलाइन फोन काम कर रहे हैं। ऐसे फोन तादाद में कम तो है ही, तकनीकी गड़बड़ी भी आम है। सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था स्थगित होने से बीमार लोगों को अस्पताल जाकर डॉक्टरों से मिलने में भी भारी दिक्कतें आ रही हैं। आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं का तो मानों वजूद ही खत्म हो गया है। कैंसर, शुगर तक की दवाइयों का जबरदस्त अभाव है। मेडिकल उपकरण नहीं आ रहे। क्योंकि घाटी से पैसों का ट्रांजैक्शन एकदम रुकी हुई है और बाहर से सामान नहीं आ रहा। कश्मीर का मेडिकल सिस्टम काफी हद तक बाहरी दुनिया के साथ इंटरनेट के जरिए बना हुआ था, अब सब कुछ बंद है तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि हालात क्या होंगे।
डॉक्टर मित्रा के मुताबिक, हर तरह का कारोबार ठप है और लोगों ने जो राशन पानी इकट्ठा किया था, वह खात्मे की ओर है। कुछ दिन बाद हालात भुखमरी के होंगे। डॉक्टर मित्रा के मुताबिक कश्मीर की फौरी तौर पर तल्ख हकीकत तो यही है। डॉक्टर अरुण मित्रा का कहना है कि कश्मीरियों को तनाव और अवसाद की महामारी का बड़े पैमाने पर शिकार होने से बचाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए। ऐसा तभी संभव है, जब मानवाधिकार बहाल हों और बंदियों को रिहा किया जाए। संवाद के जरिए समस्या का समाधान तलाशा जाए। लोगों का खोया विश्वास जीतना निहायत जरूरी है, नहीं तो भविष्य में हालात बेहद खराब होंगे।
डॉक्टर मित्रा कहते हैं कि कश्मीर के मौजूदा हालात के चलते भारत-पाक संबंध काफी ज्यादा तनावग्रस्त हो गए हैं। खतरनाक आशंकाएं इसलिए भी जन्म ले रही हैं कि दोनों देशों के पास परमाणु हथियार हैं। उनके इस्तेमाल का खतरा भी बरकरार है। युद्ध की कैसी भी स्थिति में कम से कम 2 अरब लोग दुनिया भर में भुखमरी का शिकार होंगे और कश्मीर इस अलामत में एक बड़ा पहलू होगा। इसलिए हालात को सामान्य बनाने की और भी ज्यादा जरूरत है।
सोशल मीडिया पर महिला और उसके पालतु कुत्ते का एक इमोशनल वीडियो काफी वायरल हो रहा है। वीडियो देखने पर ऐसा लगता है जैसे दोनों काफी साल बाद मिले हैं, तो हम आपको बता दें कि वारयल हो रहे वीडियो की सच्चाई यही है कि कुत्ता और उसकी मालकिन 12 साल बाद एक दूसरे से मिले हैं। यहीं नहीं महिला को उसका कुत्ता उसके घर से करीब 18 हजार किलोमीटर दूर मिला। कुत्ता मिलने के बाद महिला की खुशी का ठिकाना नहीं रहता और खुशी से उसके आंसू निकल आते हैं, यह इमोशनल वीडियो काफी वायरल हो गया है।
2007 में लापता हुआ था कुत्ता साल 2007 में लापता हुआ था कुत्ता
वीडियो में दिखाई दे रही महिला का नाम कैथरीन स्ट्रेंज है, बात साल 2007 की है जब उनका बेटा स्कूल जाने के दौरान घर का दरवाजा खुला छोड़ गया और वह कुत्ता घर से बाहर निकल गया। उसके बाद से कैथरीन ने अपने कुत्ते को फिर कभी नहीं देखा। उस समय वह ऑरलैंडो में रहा करती थीं। पास में ही एक व्यस्त सड़क थी उन्हें लगा की वह किसी गाड़ी से मारा गया होगा या किसी ने उठा लिया होगा।
छान मारे सारे शेल्टर तलाश में छान मारे सारे शेल्टर
अपना कुत्ता खोने के बाद कैथरीन काफी उदास रहने लगीं वह हफ्ते में एक दिन जरूर शेल्टर होम जा कर देखती थीं। उन्होंने लगभग अपने इलाके के सारे शेल्टरों की छानबीन की लेकिन उनका कुत्ता कहीं नही मिला। कैथरीन ने कुत्ते पर एक माइक्रोचिप लग रखा था जिसमें वह अपना लुकेशन अपडेट करती रहती थीं। इसके लिए उन्होंने 12 साल तक सालाना उसका बिल भरती रहीं।
माइक्रोचिप से चला पता माइक्रोचिप मिली मालकिन
कैथरीन का लापता कुत्ता 14 साल की उम्र में भूखा और जीने के लिए संघर्ष करता हुआ एक जानवरों को बचाने वाली संस्था को मिला। उन्होंने बताया कि कैथरीन का कुत्ता जब उन्हें मिला तो उसकी हालत बहुत खराब थी। कुत्ते पर लगे चिप की वजह से संस्था कुत्ते के मालकिन को खोज सकी जो 18,184.74 किलीमीटर दूर रहती थी। संस्था ने कैथरीन से संपर्क किया और उनके कुत्ते को उन्हें सौंप दिया। अपने कुत्ते को पाकर कैथरीन खुश हो गईं और उनका यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
महाबलीपुरम तमिलनाडु जिले में बसा एक ऐतिहासिक नगर है। यह कांचीपुरन शहर में बसा है। चेन्नई से करीब 55 किमी दूर स्थित महाबलीपुरम अपने विशालकाय मदिरों और समुदी तटों के लिए मशहूर है। यहां के स्मारक और वास्तुकला ऐतिहासिक होने के साथ ही बेहत खूबसूरत भी है। यहां मंदिरों की वास्तुकला से मन मोहित हुए बिना नहीं रह सकता।
महाबलीपुरम बंगाल की खाड़ी के किनारे बसा चेन्नई से करीब 60 किलोमीटर दूर बसा एक शहर है। इसके इतिहास की बात की करेंगे तो इसकी स्थापना 7वीं सदी में पल्लव वंश के राजा नरसिंह देव बर्मन ने की थी। राजा नरसिंह को मामल्ल के नाम से भी जाना जाता था। इन्हीं के नाम पर इस शहर का नाम महाबलीपुरम रखा गया। महाबलीपुरम को एक और नाम मामल्लपुरम से भी जाना जाता है।
महाबलीपुरम के पास एक पहाड़ी है, जिसके ऊपर एक दीपस्तम्भ बना हुआ है। कहा जाता है कि ये दीपस्तम्भ समुद्री यात्राओं को सुरक्षित बनाने के लिए बनवाया गया था। यहां पांच रथ और एकाश्म मंदिर हैं। कहा जाता है कि इससे पहले यहां सात मंदिर थे, पांच रथ और एकाश्म मंदिर को इन्हीं सात मंदिरों का अवशेष बताया जाता है। इन सात मंदिरों की वजह से महाबलीपुरम को सप्तगोडा भी कहा जाता है। महाबलीपुरम के अंदर महाभारत काल से जुड़े कई प्रसंगों का जिक्र किया गया है। यहां इससे जुड़ी कलाकृतियों का भी निर्माण किया गया है।
महाबलीपुरम जाना चाहें तो याद रखें कि अक्टूबर से जनवरी तक का समय यहां आने के लिए उपयुक्त है। मई से जुलाई तक तो यहां बहुत अधिक गर्मी पड़ती है और तापमान 42 डिग्री सेंटीग्रेड तक जा पहुंचता है। महाबलीपुरम तक आने के लिए आपको चेन्नई से बस और टैक्सियां भी आसानी से उपलब्ध हो जाएंगी और दक्षिण भारत के सभी शहरों से यहां तक बस सेवा भी उपलब्ध है।
महाबलीपुरम में ठहरने की भी उचित व्यवस्था है। यहां निजी होटलों के अलावा सरकारी गेस्ट हाउस और लॉज इत्यादि भी हैं जहां आसानी से उचित मूल्य में आपके ठहरने की व्यवस्था हो सकती है। ठहरने की व्यवस्था यहां मौजूद दलालों की मदद लिए बगैर यदि स्वयं ही करें तो ठीक रहेगा। आप चाहें तो होटल में अपने ठहरने की व्यवस्था पहले से ही बुकिंग कर भी करवा सकते हैं।
महिला क्रिकेटरों द्वारा आपस में शादी रचाने की बात अब आम बात सी होती जा रही है,. अभी तक क्रिकेट में खेलने वाली 10 से अधिक महिला क्रिकेटर समलैंगिक शादी कर चुकी है. वहीं अब लिस्ट में इंग्लैंड की दो महिला खूबसूरत क्रिकेटरों ने आपस में शादी रचाई है. यह दोनों महिला क्रिकेटर विश्व कप के बाद से ही एक साथ रह रही थी और बीते शुक्रवार को उन्होंने इस बात का ऐलान किया कि दोनों ने सगाई कर ली है.
इंग्लैंड की महिला क्रिकेटर नताली साइवर और कैथरीन ब्रंट मौजूदा टीम की महत्वपूर्ण सदस्य है. इंग्लैंड ने 23 जुलाई 2017 को विश्व कप का खिताब अपने नाम किया था. इंग्लैंड के विश्व विजेता बनने वाले दिन ही इन दोनों खिलाड़ियों ने एक साथ रहने का फैसला किया. उसके बाद दोनों खिलाड़ियों ने एक दूसरे से अगले साल नए साल के दिन इपने प्यार का इजहार किया.
सूचना का अधिकार यानी RTI कानून को साल 2005 में भ्रष्टाचार के खिलाफ मजबूत हथियार के रूप में लागू किया गया था। इस कानून को लागू हुए 14 साल बीत चुके हैं, लेकिन इन सालों में RTI कानून का इस्तेमाल सिर्फ 2.5 फीसदी लोगों ने किया है। हैरानी की बात ये है कि उत्तर प्रदेश ने 14 साल में एक भी वार्षिक रिपोर्ट पेश नहीं की है, जबकि बिहार सूचना आयोग तो अब तक अपनी वेबसाइट भी नहीं बना पाया है। छत्तीसगढ़ ही एकमात्र राज्य है जिसने अपनी सभी वार्षिक रिपोर्टें निकाली हैं। RTI दिवस की पूर्व संध्या पर गैरसरकारी शोध संस्था ”ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल इंडिया” ने एक रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। रिपोर्ट में देश के 28 राज्य सूचना आयोगों के कामकाज का विश्लेषण किया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, छत्तीसगढ़ एकमात्र ऐसा राज्य है, जिसने साल 2005 से 2018 तक वार्षिक रिपोर्ट (वेबसाइट पर उपलब्ध) प्रकाशित की है। इसके अलावा 28 राज्यों में से केवल 9 (जम्मू – कश्मीर को छोड़कर) ने 2017-18 तक वार्षिक रिपोर्ट प्रकाशित की है। RTI एक्ट 2005 के मुताबिक, वार्षिक रिपोर्ट प्रकाशित करना अनिवार्य है। RTI एक्ट के सेक्शन 25 (1) के मुताबिक, केंद्रीय सूचना आयोग और राज्य सूचना आयोगों के लिए सालाना रिपोर्ट तैयार करना अनिवार्य है। ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल इंडिया” (TII) ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि छत्तीसगढ़ ने RTI कानून के प्रावधानों का कड़ाई से पालन किया है, जबकि उत्तर प्रदेश एकमात्र राज्य है जिसने पिछले 14 सालों में एक भी रिपोर्ट प्रकाशित नहीं की है।
सूचना आयुक्तों के रूप में महिलाओं का प्रतिनिधित्व भी राज्य के पैनलों में निराशाजनक है। सूचना आयोगों में केवल सात महिला सदस्य हैं, जो कुल स्वीकृत पदों का लगभग 4.5 प्रतिशत है। एक सूचना आयोग में 10 सूचना आयुक्त और एक मुख्य सूचना आयुक्त होना चाहिए। रिपोर्ट में कहा गया है, हालांकि, सभी राज्यों (बिहार को छोड़कर) के पास एक फंक्शनल वेबसाइट है, लेकिन केंद्रीय सूचना आयोग, राजस्थान और गुजरात जैसे राज्यों को छोड़कर सभी वेबसाइटें केवल बुनियादी जानकारी देने वाली हैं, यानी कि इन वेबसाइटों पर सूचना आयोगों के काम करने के बारे में कोई जानकारी नहीं मिलती है।
रिपोर्ट के अनुसार, RTI के पालन को लेकर जारी वैश्विक रैकिंग में भारत की रैकिंग दूसरे स्थान से गिरकर अब 7वें पायदान पर पहुंच गई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक रैंकिंग में जिन देशों को भारत से ऊपर स्थान मिला हैं, उनमें ज्यादातर देशों में भारत के बाद आरटीआई कानून लागू हुआ है। RTI के कुल आवेदनों की संख्या के आधार पर पांच अग्रणी राज्यों में महाराष्ट्र (61,80,069 आवेदन) पहले स्थान पर, तमिलनाडु (26,91,396 आवेदन) दूसरे और कर्नाटक (22,78,082 आवेदन) तीसरे स्थान पर है, जबकि केरल चौथे और गुजरात पांचवें पायदान पर हैं। वहीं, RTI के सबसे कम इस्तेमाल वाले राज्यों में मणिपुर, सिक्किम, मिजोरम, मेघालय और अरूणाचल प्रदेश हैं। रिपोर्ट में सूचना आयोगों में पदों की रिक्ति को भी आरटीआई की सक्रियता के लिए बाधक बताया गया है।
पीएम नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) ने चेन्नई (chennai) में बातचीत के बाद ताज फिशरमैन कोव होटल में कलाकृतियों और हैंडलूम की प्रदर्शनी देखी.
पीएम मोदी द्वारा भेंट की गई इस शाल की खास बात यह है कि चीनी राष्ट्रपति की तस्वीर शॉल पर हाथ से उकेरा गया है. कोयंबटूर जिले के सिरुमुगिपुदूर में श्री रामलिंगा सोदामबिगई हैंडलूम बुनकर सहकारी समिति के बुनकरों द्वारा यह चित्र शॉल पर उकेरा बनाया गया है.
रेशम की बुनाई की तमिलनाडु में सदियों पुरानी परंपरा रही है. तमिलनाडु में ऐसी कई सिल्क परंपराएं रहे हैं जहां सिल्स उत्पाद उन शहरों के नाम से जाने जाते हैं जहां वह विकसित हुए हैं. अब इस परंपरा को नई तकनीक का भी साथ मिल रहा है जिसके बाद बुनकर अंसभव समझे जाने वाले डिजाइन भी सिल्क पर उकेर रहे हैं.
यह चित्र शुद्ध शहतूत रेशम और सोने की जरी का उपयोग करके बनाया गया था। 240 हुक इलेक्ट्रॉनिक जैक्वार्ड ने चित्र पैटर्न को डिजाइन करने में मदद की है, जिसने मास्टर बुनकरों द्वारा उपयोग किए जाने वाले थ्रेड पैटर्न बनाए हैं. इस बेहद शानदार शॉल को बुनने में पांच दिन लगे हैं.
नचियारकोइल दीप पीएम मोदी ने शी जिनपिंग को नचियारकोइल दीप भी भेंट किया है. इस दीप को नचियारकोइल ब्रांच का अन्नम दीप (लैंप) भी कहा जाता है। इस दीप को आठ मशहूर कलाकारों ने बनाया है। यह दीप छह फीट ऊंचा है और 108 किलोग्राम वजन का है. पीतल से बने इस दीप पर सोने की परत चढ़ी है। इसे बनाने में 12 दिन लगे हैं.
तंजावुर पेंटिंग-डांसिंग सरस्वती पीएम मोदी ने तंजावुर पेंटिंग की डांसिग सरस्वती भी भेंट की है. तमिलनाडु के तंजावुर शहर में लकड़ी पर की जाने वाली पेंटिंग की यह कला काफी पुरानी है और इसे तंजावुर शहर के नाम से जाना जाता है. पीएम मोदी ने जो पेंटिंग गिफ्ट की है वह तीन फीट ऊंची, चार फीट चौड़ी और 40 किलोग्राम वजन की है। इस तैयार करने में 45 दिन का समय लगा है।
पीएम मोदी ने एक अन्य पेंटिंग भी शी जिनपिंग को तोहफे में दी है जिस पर शी की तस्वीर बनीहै.
अगर आपके पास दस रुपये के नए नोट हैं तो आप मिनटों में लखपति बन सकते हैं. यहां दस रुपये के नए नोट के बदले 1355 रुपये मिल रहे हैं. दरअसल, ऑनलाइन कंपनी ईबे डॉट कॉम आपको दस रुपए के नोट के बदले 1355.62 रुपए दे रही है. हालांकि इसमें कुछ शर्तें है.
शर्त यह है कि ये नोट नये वाला 10 रुपए का होना चाहिए. पुराना नोट नहीं चलेगा. इसके अलावा कुछ और भी शर्तें हैं. इन शर्तों को पूरा करने के बाद आप 10 रुपए के नोट के बदले 1355 रुपए पा सकते हैं। आइए जानते हैं पूरा मामला
दरअसल हर नोट पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर के हस्ताक्षर होते हैं। अब बताते हैं सबसे ख़ास बात, इन सबमे ख़ास बात यह है कि वही नए नोट बिक रहे हैं जिनपर उर्जित आर पटेल के साइन है. जी हाँ, वह नए नोट ऑनलाइन बेचे जा रहे हैं जिनपर उर्जित आर पटेल के साइन है, आपको बता दें कि वह आरबीआई के पूर्व गवर्नर हैं
इस वेबसाइट पर केवल दस रुपए के नोट ही नही बल्कि 1 रुपए के नोट भी काफी महंगे में बिक चुके हैं। आपको बता दें कि ईबे और कुछ अन्य वेबसाइट समय समय पर इस तरह के चीजें करते रहते हैं। इससे पहले इसी वेबसाइट ने एक रुपए और 100 रुपए के नोट बेचने शुरु किए थे। जो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहा था
किसी भी वित्तीय लेनदेन के दौरान या फिर पहचान पत्र के तौर पर पैन कार्ड का इस्तेमाल होता है। ये बेहद जरूरी दस्तावेज है जो आपके वॉलेट में भी आसानी से आ सकता है। हालांकि, अगर आपका पैन कार्ड कहीं खो गया या फिर डैमेज हो गया, या फिर आप पैन कार्ड की दूसरी प्रति मंगाना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। आप बेहद आसानी से इसे दोबारा पा सकते हैं।पैन कार्ड का रीप्रिंट पैन कार्ड का रीप्रिंट कर सकते हैं आनलाइन ऑर्डर
आप आसानी से ऑनलाइन रीप्रिंट ऑर्डर कर सकते हैं। आयकर विभाग UTITSL और NSDL-TIN के जरिए पैन कार्ड जारी करता है। कौन सी एजेंसी ने आपका पैन कार्ड जारी किया है, इसके आधार पर उनसे पैन कार्ड के रीप्रिंट के लिए संपर्क कर सकते हैं। आइए, जानते हैं कि कैसे आप पैन कार्ड का रीप्रिंट ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं।
UTITSL और NSDL-TIN UTITSL और NSDL-TIN के पोर्टल के जरिए रीप्रिंट पा सकते हैं
आप UTITSL और NSDL-TIN के ऑनलाइन पोर्टल पर विजिट कर Reprint PAN CARD विकल्प पर जाएं। यहां पर आपसे कुछ जानकारी मांगी जाएंगी, जिसे सही-सही भरने के बाद सबमिट कर दें। इस दौरान आपसे पैन कार्ड नंबर और जन्मतिथि पूछी जाएगी। पैन कार्ड को आधार से लिंक करना अनिवार्य होने के कारण इसकी जानकारी भी मांगी जाएगी। सबमिट करने के बाद आपके द्वारा दी गई जानकारी की पुष्टि होते ही आपको पैन कार्ड का रीप्रिंट आपके रजिस्टर्ड पते पर डिलिवर कर दिया जाएगा।
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