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छत्तीसगढ़ : ‘गाय, गांधी और गांव’ की राह चली भूपेश सरकार

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 छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार ने ‘गाय, गांधी और गांव’ को पहली प्राथमिकता में रखा है। यही कारण है कि राज्य में गांधी विचार-यात्रा, गौठान और रियायती राशन के जरिए गरीब और गांव को मजबूत करने के प्रयास जारी हैं। वहीं, भाजपा ने मुख्यमंत्री बघेल की इस मुहिम को राजनीति का हिस्सा करार दिया है।

राज्य में कांग्रेस को सत्ता में आए नौ माह से ज्यादा का वक्त गुजर गया है, इस दौरान भूपेश बघेल की सरकार ने आवारा गौवंश को आश्रय देने के लिए गौठान बनाने का काम शुरू किया है तो दूसरी ओर, गांव को समृद्ध बनाने के लिए किसानों का कर्ज माफ किया और फसलों के दाम व तेंदूपत्ता संग्राहकों के बोनस में बढ़ोतरी की है। इसके अलावा गांधी का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के लिए ‘गांधी विचार यात्रा’ निकाली जा रही है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आईएएनएस से कहा कि वह गांधी के रास्ते पर ही चलकर ही राज्य की सत्ता में आए हैं और अगले पांच साल में गांधी की ग्राम स्वराज की परिकल्पना को मजबूत करने के लिए काम करेंगे।

छत्तीसगढ़ में आवारा जानवर, खासकर गाय एक बड़ी समस्या बनी हुई है। यहां एक करोड़ 28 लाख से ज्यादा जानवर हैं, इनमें 30 लाख आवारा हैं, जिसके कारण खेतों की फसलों को नुकसान होने के साथ सड़कों पर हादसे भी होना आम रहा है। इन जानवरों, खासकर गायों के लिए गौठान बनाए गए हैं। राज्य में अब तक दो हजार गौठान बन चुके हैं। इन गौठानों के लिए ग्राम पंचायतों ने 30 हजार एकड़ जमीन दी है। गौठान वह स्थान है, जहां गायों के लिए खाने-पीने का पूरा इंतजाम होता है।

मुख्यमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि अगले साल और एक हजार गौठान बनाने का लक्ष्य है, ताकि आवारा गायों को आश्रय मिल सके।

उन्होंने बताया कि धमतरी जिले का कंडेल ऐसा गांव है, जहां लोगों ने बगैर सरकारी मदद के गौठान बनाया है। यह वह गांव है, जहां अंग्रेजों के शासनकाल के दौरान नहर कर लगाए जाने पर आंदोलन हुआ था और महात्मा गांधी आए थे। इसी गांव से गांधी की 150वीं जयंती पर गांधी विचार यात्रा की शुरुआत हुई। सात दिन की इस राज्यस्तरीय यात्रा के बाद सात दिवसीय विकासखंड स्तरीय यात्रा शुरू हो रही है, जो गांवों तक जाएगी।

मुख्यमंत्री बघेल ने गांधी की ग्राम स्वराज की परिकल्पना के अनुसार राज्य के अंतिम व्यक्ति को सशक्त बनाने का वादा किया है। उनका कहना है कि गांधी की 150वीं जयंती के मौके पर राज्य सरकार ने पोषण, स्वास्थ्य, राशन, समस्या निदान के लिए पांच योजनाओं की शुरुआत की है।

इस तरह भूपेश सरकार ने पंद्रह दिन के भीतर गांव-गांव तक अपनी बात पहुंचाने के लिए गांधी विचार यात्रा निकाली हैं। इस यात्रा के जरिए गांधी के सहारे राज्य सरकार अपनी आगामी योजनाओं की जानकारी पहुंचा रही है और गांव-गांव से यह फीडबैक भी ले रही है कि सरकार को और क्या करना चाहिए, जिससे लोगों में सरकार के प्रति सकारात्मक सोच बनी रहे।

एक तरफ गाय को आश्रय दिया जा रहा है, गांधी के सहारे गांव-गांव पहुचने की सरकार की कोशिश है तो वहीं किसानों का कर्ज माफ कर, फसल के दाम बढ़ाकर और तेंदूपत्ता का बोनस बढ़ाकर उनकी आर्थिक स्थिति को सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार ने 400 यूनिट तक बिजली की खपत पर बिल आधा कर दिया है।

बघेल का मानना है कि लोगों के पास पैसा होगा तो उनकी क्रयशक्ति बढ़ेगी। ऐसा होने पर राज्य की आर्थिक गतिविधियां सुचारु रूप से चल सकेंगी।

राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने बघेल पर महात्मा गांधी की 150वीं जयंती को ‘विवादग्रस्त’ बनाने का आरोप लगाते हुए कहा, “भाजपा ने कभी भी राष्ट्रवाद के नाम पर देश को बांटने का काम नहीं किया है, कांग्रेस ने सत्ता के लिए देश का सांप्रदायिक आधार पर विभाजन तक मंजूर किया। बघेल छत्तीसगढ़ के कण-कण में राम होने की बात करते हैं और उनकी पार्टी ने सत्ता में रहते हुए राम के अस्तित्व को नकारने का हलफनामा दिया था।”

वहीं, भाजपा किसान मोर्चा की प्रदेशाध्यक्ष पूनम चंद्राकर ने गोठान की स्थिति पर चिंता जताई है और आरोप लगाया है कि सरकार इसका राजनीतिकरण कर रही है। वहां अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। चारा-पानी के अभाव में जानवर मर रहे हैं, सरकार को गौवंश की रक्षा की बजाय राजनीति की चिंता ज्यादा है।

छत्तीसगढ़ : RSS पर भूपेश बघेल ने साधा निशाना, कहा- उत्तेजक राष्ट्रवाद वालों के चेहरे से हटाना होगा नकाब

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 छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि ‘उत्तेजक राष्ट्रवाद’ फैलाने वाली ताकतों के चेहरे से नकाब हटाना होगा और महात्मा गांधी के राष्ट्रवाद को अपनाने की जरूरत है. उन्होंने अपनी एक हफ्ते की ‘गांधी विचार यात्रा’ के समापन कार्यक्रम में कहा, ‘पूरी दुनिया में गांधी को याद किया जाता है कि आजादी के लिए उन्होंने जो रास्ता अपनाया वो अहिंसा का था. गांधी ने राम, गाय और तिरंगा को प्रतीक के तौर पर अपनाया. उन्होंने एक गंभीर राष्ट्रवाद की बात की.’

बघेल ने कहा, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के राष्ट्रवाद में समाज के हर वर्ग के लिए स्थान है. उनके राष्ट्रवाद में कमजोर से कमजोर व्यक्ति की असहमति का भी सम्मान है. गांधी का राष्ट्रवाद हमारे संत, महात्माओं, महान विचारकों, महावीर स्वामी, गौतम बुद्ध, गुरूनानक, कबीर, बाबा गुरू घासीदास जैसी विभूतियों के विचारों से प्रभावित है.’ उन्होंने कहा, ‘हमारे नेताओं और महापुरुषों ने राम को जन-जन का राम बनाया. छत्तीसगढ़ की हर गलियों में राम हैं. गांधी के राम सबरी के राम और जन जन के राम हैं.’

भाजपा पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘अगर इनसे सवाल पूछो तो ये घबरा जाते हैं और राष्ट्रवाद का प्रमाणपत्र बांटने लगते हैं.’ उन्होंने कहा, ‘पूंजीवाद, सांप्रदायिकता और उत्तेजक राष्ट्रवाद को पहचानना होगा और इनके चेहरे से ये नकाब निकलकर फेंकना होगा.’ बघेल ने कहा कि जो आस्तिक है वो भी हिन्दू है और जो नास्तिक है वो भी हिन्दू है. हमारी धार्मिकता यह निडरता देती है. बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार महात्मा गांधी के बताए रास्ते पर चल रही है. राज्य सरकार ने किसानों का कर्ज माफ किया और किसानों को देश में सबसे अधिक 2500 रूपए प्रति क्विंटल धान का मूल्य दिया.

इससे पहले छत्तीसगढ़ के ऑटो एवं दूसरे क्षेत्रों में आए उछाल का उल्लेख करते हुए बघेल ने कहा कि देश में सुस्त पड़ी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए केंद्र को किसानों एवं आम लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के उनकी सरकार के मॉडल को राष्ट्रीय स्तर लागू करना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि देश भर में मंदी होने के बावजूद छत्तीसगढ़ में मंदी का कोई असर नहीं है, बल्कि तेजी से आर्थिक विकास हो रहा है.

बघेल ने कुछ स्वतंत्र एजेंसियों की ओर से किए गए अध्ययनों का हवाला देते हुए संवाददाताओं से कहा, ‘देश में मंदी का असर है लेकिन हमारे यहां नहीं है. इसकी वजह है कि हमने गरीबों और किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत किया है. पिछले कुछ महीनों में वाहनों की बिक्री 13 फीसदी बढ़ी है. गत दिसंबर से सर्राफा की बिक्री में 84 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.’ गत चार अक्टूबर को कंडेल से आरंभ हुई इस पदयात्रा में कृषि मंत्री रवीन्द्र चौबे, गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम और कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए.

मानसिक रूप से बीमार हैं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप: रिहाना

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सिंगर रिहाना का कहना है कि वर्तमान में अमेरिका में यदि कोई व्यक्ति सबसे ज्यादा मानसिक रूप से बीमार है, तो वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हैं. वरायटी डॉट कॉम के अनुसार, वोग के साथ एक साक्षात्कार में सिंगर ने इस साल के शुरू में एल पासो और डेटन में बड़े पैमाने पर हुई गोलीबारी के लिए ट्रंप के जवाब पर यह टिप्पणी की.

उस वक्त ट्रंप ने गोलीबारी को एक ‘कायरतापूर्ण’ घटना करार दिया था. वहीं इसपर ट्वीट करते हुए रिहाना ने कहा था कि उन्हें उन लोगों को इसके बदले ‘आतंकवादी’ कहना चाहिए था. रिहाना ने कहा कि लोग वैध रूप से खरीदे गए जंगी हथियारों के चलते मारे जा रहे हैं. यह भयानक है. यह कहीं से भी सामान्य बात नहीं है. यह कभी भी सामान्य नहीं हो सकता है. उन्होंने आगे कहा कि उन्हें कुछ और इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि उनका रंग दूसरों से अलग है? यह चेहरे पर थप्पड़ के जैसा है.

रिहाना ने कहा कि यह पूर्ण रूप से रंगभेद है. यदि उसके स्थान पर कोई अरब का व्यक्ति ऐसे ही जंगी हथियार के साथ वॉलमार्ट में वही कृत्य करे, तो ट्रंप कभी भी जनसभा में उसे मानसिक रूप से बीमार नहीं बताएंगे. उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान में अमेरिका में यदि कोई व्यक्ति सबसे ज्यादा मानसिक रूप से बीमार है, तो वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हैं.

मुख्य सचिव श्री सुनील कुजूर की अध्यक्षता में आज यहां नया रायपुर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थाई समिति की 13वीं बैठक आयोजित हुई…

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मुख्य सचिव श्री सुनील कुजूर की अध्यक्षता में आज यहां नया रायपुर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थाई समिति की 13वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ सहित मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, उत्तराखण्ड राज्य के महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषयों पर चर्चा की गई।

बैठक में उत्तरप्रदेश के मुख्य सचिव श्री राजेंद्र प्रसाद तिवारी, मध्यप्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री के के सिंह, अंतर्राज्यीय परिषद सचिवालय गृह मंत्रालय के विशेष सचिव श्री संजीव गुप्ता, उत्तराखंड के सचिव श्री पंकज पांडे सहित भारत सरकार के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे

प्याज के बाद टमाटर की महंगाई पर हरकत में आई सरकार, जमाखोरी रोकने के लिए करेगी ये काम

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प्याज के बाद टमाटर की महंगाई को काबू करने के लिए गुरुवार को सरकार हरकत में आई. देश की राजधानी दिल्ली में टमाटर की सप्लाई की कमी की भरपाई के लिए शुक्रवार से सफल के आउटलेट पर सस्ती दरों पर टमाटर प्यूरी उपलब्ध कराए जाएंगे. इसके अलावा, दिल्ली सरकार ने टमाटर की जमाखोड़ी पर लगाम लगाने के लिए एसडीएम स्तर के अधिकारियों की अगुवाई में गठित टीमों को इस काम में लगाया है.

सफल के आउटलेट पर 25 रुपये में 200 ग्राम टमाटर प्यूरी का पैक मिलेगा जोकि 800 ग्राम टमाटर के बराबर है. टमाटर प्यूरी का इससे बड़ा 825 ग्राम का एक पैक 85 रुपये में ग्राहकों को उपलब्ध होगा जो 2.5 किलो टमाटर के बराबर है. टमाटर प्यूरी का स्टॉक सफल के आउटलेट पर उपलब्ध करवा दिया गया है. यह जानकारी केंद्रीय उपभोक्ता मामले मंत्रालय की ओर से गुरुवार को जारी एक बयान में दी गई. बयान के अनुसार, केंद्रीय उपभोक्ता मामले मंत्रालय की अध्यक्षता में गुरुवार को एक अंतर-मंत्रालयी बैठक हुई जिसमें देश के अन्य हिस्सों के साथ-साथ दिल्ली-एनसीआर में टमाटर के दाम में हुई वृद्धि का जायजा लिया गया.

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के प्रतिनिधियों ने बैठक में बताया कि महाराष्ट्र और कर्नाटक में लगातार हुई बारिश के कारण टमाटर की सप्लाई प्रभावित हुई है जोकि मानसून सीजन के समाप्त होने के साथ अगले 10 दिन में सामान्य हो जाएगी. टमाटर के दाम में हुई वृद्धि को काबू करने के लिए बैठक में सप्लाई में कमी की भरपाई के अलावा अन्य उपायों पर भी चर्चा हुई. बयान के अनुसार, टमाटर उत्पादक राज्यों से दिल्ली समेत अन्य राज्यों में सप्लाई बढ़ाने का आग्रह किया जाएगा ताकि उपलब्धता बढ़ने से कीमतों को काबू किया जा सके. उन्हें नियमित तौर पर एपीएमसी, ट्रेडर और ट्रांसपोटरों से बातचीत करने को कहा गया जिससे नियमित सप्लाई सुनिश्चित हो.

महाराष्ट्र, कर्नाटक, हिमाचल और आंध्रप्रदेश से भी टमाटर की सप्लाई बढ़ाने के साथ-साथ नियमित सुनिश्चित करने को कहा गया है. उधर, दिल्ली सरकार ने बताया कि टमाटर की जमाखोड़ी पर लगाम लगाने के लिए एसडीएम स्तर के अधिकारियों की अगुवाई में गठित टीमों को इस काम में लगाया है. दिल्ली की आजादपुर मंडी में गुरुवार को टमाटर का थोक भाव 12-46 रुपये प्रति किलो था जबकि दिल्ली-एनसीआर में टमाटर का खुदरा भाव 40-70 रुपये प्रति किलो था. आजादपुर एपीएमसी के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में गुरुवार को टमाटर की आवक 514.1 टन थी.

Happy Birthday : जब हरिवंश राय बच्चन से नाराज हो गए थे ‘बिग बी’, पूछा- आपने मुझे पैदा ही क्यों किया’?

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 हिंदी सिनेमा के महानायक अमिताभ बच्चन का आज जन्मदिन है. इस अवसर पर वे अक्सर अपने पिता को याद करते हैं, क्योंकि उनके पिता हरिवंश राय बच्चन बिग बी के बर्थडे पर हमेशा एक कविता सुनाते थे. पिता की कविताएं आज भी अमिताभ बच्चन के दिल के करीब हैं. इस अवसर पर हम आपको बताते हैं उनकी जिंदगी से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा-

उन दिनों बिग बी अपनी जिंदगी में संघर्षों के दौर से गुजर रहे थे. वो इतने परेशान थे कि उन्होंने अपने पिता और कवि हरिवंश राय बच्चन से ही पूछ लिया था उन्होंने उन्हें पैदा ही क्यों किया? बिग बी का ये सवाल सुनकर पिता परेशान हो गए थे. वे समझ नहीं पा रहे थे कि अपने बेटे को इसका जवाब किस तरह दें. फिर उन्होंने एक कविता के जरिए अपनी भावनाओं को एक वयक्त किया. उस कविता का नाम था. ‘नयी लीक’. जिसके शब्द थे.

जिंदगी और जमाने की कशमकश से घबराकर, मेरे बेटे मुझसे पूछते हैं कि हमें पैदा क्यों किया था?

और मेरे पास इसके सिवाय कोई जवाब नहीं है कि, मेरे बाप ने मुझसे बिना पूछे मुझे क्यों पैदा किया था?

और मेरे बाप को उनके बाप ने बिना पूछे उन्हें और उनके बाबा को बिना पूछे ,उनके बाप ने उन्हें क्यों पैदा किया था?

जिंदगी और जमाने की कशमकश पहले भी थी, आज भी है शायद ज्यादा कल भी होगी, शायद और ज्यादा.तुम ही नई लीक रखना, अपने बेटों से पूछकर उन्हें पैदा करना.

अमिताभ बच्चन अपने पिता से थोड़ा डरते थे. उस वक्त ही वे सोचते थे जब उनका बेटा होगा तो वे उसे अपना दोस्त मानेंगे. बिग बी यह भी कहते थे कि बाबूजी के साथ उनका रिश्ता थोड़ा अलग रहा है. वे उनसे कुछ डरे-डरे रहते थे.

पहली पत्नी श्यामा के निधन के बाद वर्ष 1941 में हरिवंश राय बच्चन ने सिख परिवार में जन्मीं तेजी सूरी से शादी की थी. तेजी बच्चन अच्छी गायिका भी थीं और उन्होंने कई बार मंच पर अपनी कला का जौहर भी दिखाया था. हरिवंश राय बच्चन का 95 वर्ष की आयु में 18 जनवरी, 2003 को मुंबई में देहांत हो गया.

11 अक्टूबर को अमिताभ बच्चन पूरे 77 साल के हो रहे हैं. इस उम्र में भी अमिताभ बच्चन के काम करने का जज्बा देखकर हर कोई हैरान है.

सूरत के बाद अब आज अहमदाबाद की कोर्ट में हाजिर होंगे राहुल गांधी

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मानहानि के दो मामलों में शुक्रवार को यहां विभिन्न मजिस्ट्रेट अदालतों में पेश होंगे. इनमें से एक मामला कांग्रेस नेता द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को ”हत्या का आरोपी” कहने से संबद्ध है. वहीं दूसरा मामला, राहुल के इस दावे को लेकर है कि आठ नवंबर 2016 को नोटबंदी के बाद पांच दिनों में अहमदाबाद जिला सहकारी बैंक में 745.58 करोड़ रुपये मूल्य के चलन से बाहर किये गए नोट बदले गए थे.

अमित शाह इस बैंक के निदेशक हैं. इस मामले में एडीसी बैंक और उसके अध्यक्ष अजय पटेल ने मामला दायर किया था. इस मामले में उन्हें कोर्ट की तरफ से जमानत दी गई थी. कांग्रेस की गुजरात इकाई ने एक बयान में कहा कि राहुल शुक्रवार अपराह्न करीब ढाई बजे अदालत परिसर पहुंचेंगे. आपको बता दें कि इस मामले में इससे पहले कोर्ट ने जुलाई और अप्रैल में भी सुनवाई की थी.

गृह मंत्री अमित शाह पर रुपयों के बदलने का आरोप राहुल गांधी और कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने लगाए थे. दोनों नेताओं ने ये आरोप एक आरटीआई के आधार पर लगाए थे जो कि एक एक्टिविस्ट के द्वारा दायर की गई थी. इसके विरोध में एडीसीबी और पटेल ने कोर्ट से कहा था बैंक के पास इतना रुपया ही नहीं था कि वह इतनी बड़ी रकम को बदल सके.

इस बीच, राहुल गांधी मानहानि के एक अन्य मामले में बृहस्पतिवार को यहां मजिस्ट्रेट अदालत में पेश हुए और उन्होंने खुद के बेगुनाह होने की बात कही. यह मामला एक चुनाव रैली के दौरान राहुल की एक टिप्पणी से जुड़ा हुआ है, जिसके तहत उन्होंने कथित तौर पर कहा था ‘सभी चोरों का उपनाम मोदी क्यों होता है’ .

Honor भारत में 14 अक्टूबर को भारत में लॉन्च करेगा Vision-सीरीज के Smart TV

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चाइनीज ब्रांड Honor भारत में जल्द ही अपनी Smart TV सीरीज लॉन्च करने की प्लानिंग कर रहा है। ऑनर की स्मार्ट टीवी सीरीज Vision-सीरीज भारत में 14 अक्टूबर को लॉन्च करेगी। इससे पहले ऑनर ने होम मार्केट चीन में विजन सीरीज के दो स्मार्ट टीवी Honor Vision smart TV और Honor Vision Pro smart TV अगस्त महीने में लॉन्च किया था। कंपनी के ये टीवी इन-होम ऑपरेटिंग सिस्टम HarmonyOS पर रन करते हैं। Honor के Honor Vision Pro smart TV टीवी में वीडियो कॉलिंग के लिए पॉप-अप सेल्फी कैमरा दिया है।

Honor Vision smart TV Series launch date

Honor ने अपने नई दिल्ली में आयोजित होने वाले इवेंट के लिए मीडिया इन्वाइट्स भेजने शुरू कर दिए हैं। अपने बताया कि वह India Mobile Congress के दौरान भारत में विश्व का पहला पॉप-अप कैमरा वाला स्मार्ट टीवी लॉन्च करने जा रहे हैं। जैसा की हमने बताया कि Honor अपने दोनों smart TV भारत में 14 अगस्त को लॉन्च करेगा।

Specification and Features

स्पेसिफिकेशंस की बात करें तो Honor Vision smart TV और Honor Vision Pro smart TV में सिर्फ पॉप अप कैमरा और 6 फार फील्ड माइक्रोफोन्स, दो एक्स्ट्रा 10w स्पीकर और स्टोरेज का अंतर है। दोनों स्मार्ट टीवी 55-इंच 4K (3840×2160 pixels) डिस्पेले के साथ NTSC 87 परसेंट वाइड colour gamut होगा। इसके साथ ही डिस्प्ले का आस्पेक्ट रेश्यो 16:9, रिफ्रेश रेट 60Hz है। इस डिस्प्ले की ब्राइटनेस 400nits और व्यूविंग एंगल 178 degree है।

Honor Vision सीरीज के दोनों स्मार्ट टीवी में Honghu 818 क्वार्ड कोर SoC, जिसमें ग्राफिक्स के लिए Mali-G51 GPU दिया जाएगा। दोनों टीवी में रैम 2GB दी जाएगी। दूसरे स्पेसिफिकेशंस की बात करें तो इसमें Bluetooth 5.0, Wi-Fi 802.11 a/b/g/n/ac, तीन HDMI पोर्ट, एक USB 3.0 पोर्ट और एक Ethernet पोर्ट है। Honor Vision Pro मॉडलल में 10W के 6 स्पीकर दिए हैं वहीं Honor Vision टीवी में 10W के 4 स्पीकर दिए गए हैं।

शरद पूर्णिमा में खीर खाने से नहीं होता है दमा और मलेर‍िया, जानिए कौन-कौन सी बीमारियां होती है दूर

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हिंदू धर्म में शरद पूर्णिमा की रात को खुले आसमान में खीर रखने के बाद खाने की परांपरा काफी समय से चली आ रही हैं। मान्यता है कि इस दिन खुले आसमान में रखी जाने वाली इस खीर को खाने से सभी रोगों से मुक्ति मिल जाती है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन चांद अपनी सभी 16 कलाओं से भरा होता है, जिस वजह से चांद रात 12 बजे धरती पर अमृत बरसाता है। इसी अमृत को प्रसाद के तौर पर ग्रहण करने के लिए खीर चांद की रोशनी में रखी जाती है रात 12 बजे के बाद खीर उठाकर प्रसाद के तौर पर खाई जाती है।

लेकिन क्या आपको मालूम है कि ऐसा क्यों किया जाता है? इस बार शरद पूर्णिमा 13 अक्‍टूबर को है, जानते हैं आखिर क्यों इस खुले आसमान में रखे जाने वाली खीर को खाने के सेहत को क्‍या फायदे होते हैं। मच्छरों के काटने पर मलेरिया के बैक्टीरिया शरीर में फैलते हैं, जिससे आपको मलेरिया होता है। लेकिन बैक्टीरिया बिना उपयुक्त वातावरण के नहीं पनप सकते है। मलेरिया के बैक्टीरिया को जब पित्त का वातावरण मिलता है, तभी वह 4 दिन में पूरे शरीर में फैलता है, नहीं तो थोड़े समय में समाप्त हो जाता है।

ऐसे में मलेरिया फैलने का मुख्य कारण है शरीर में पित्त का बढ़ना या पित्त का असंतुलन। यानि पित्त को नियंत्रित रखकर, हम मलेरिया से बच सकते हैं। खीर खाने से पित्त को संतुल‍ित किया जा सकता है। इसलिए पित्त के असंतुलन से बचने के लिए इस समय खास तौर से खीर खाने की परंपरा है। शरद पूर्णिमा को रातभर चांदनी के नीचे चांदी के पात्र में रखी खीर सुबह खाई जाती है। यह खीर हमारे शरीर में पित्त का प्रकोप कम करती है। और मलेरिया के खतरे को कम करती है। यह खीर आंखों से जुड़ी बीमारियों से परेशान लोगों को भी बहुत फायदा पहुंचाती है।

माना जाता है क‍ि शरद पूर्णिमा का चांद बेहद चमकीला होता है इसीलिए आंखों की कम होती रोशनी वाले लोगों को इस चांद को एकटक देखते रहना चाहिए। क्योंकि इससे आंखों की रोशनी में सुधार होता है। इसी के साथ यह माना जाता है कि इस रात के चांद की चांदनी में आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए सुई में 100 बार धागा डालना चाहिए। दमा रोगियों के लिए यह खीर अमृत समान ही होती है। शरद पूर्णिमा की रात को चंद्रमा की चांदनी में खीर रखने के बाद सुबह चार बजे के आसपास दमा रोगियों को खा लेनी चाह‍िए।

इसल‍िए डॉक्‍टर्स भी दमा रोगियों को ये खीर खाने की सलाह देते हैं। चर्म रोग में फायदा दिलाने के साथ शरद पूर्णिमा का चांद और खीर दिल के मरीज़ों और फेफड़े के मरीज़ों के लिए भी काफी फायदेमंद होती है। इसे खाने से श्वांस संबंधी बीमारी भी दूर होती हैं। शरद पूर्णिमा की खीर को स्किन रोग से परेशान लोगों के लिए भी अच्छा बताया जाता है। मान्यता है कि अगर किसी भी व्यक्ति को चर्म रोग हो तो वो इस दिन खुले आसमान में रखी हुई खीर खाए। इसके अलावा इससे त्‍वचा भी क्रांतिमान हो जाती है। शरद पूर्णिमा की रात को छत पर खीर को रखने के पीछे वैज्ञानिक तथ्य भी छिपा है। खीर दूध और चावल से बनकर तैयार होता है।

दरअसल दूध में लैक्टिक नाम का एक अम्ल होता है। यह एक ऐसा तत्व होता है जो चंद्रमा की किरणों से अधिक मात्रा में शक्ति का शोषण करता है। वहीं चावल में स्टार्च होने के कारण यह प्रक्रिया आसान हो जाती है। इसी के चलते सदियों से ऋषि-मुनियों ने शरद पूर्णिमा की रात्रि में खीर खुले आसमान में रखने का विधान किया है और इस खीर का सेवन सेहत के लिए महत्वपूर्ण बताया है। एक अन्य वैज्ञानिक मान्यता के अनुसार इस दिन दूध से बने उत्पाद का चांदी के पात्र में सेवन करना चाहिए। चांदी में प्रतिरोधक क्षमता अधिक होती है। इससे विषाणु दूर रहते हैं।

डेंगू का खौफ: बिहार में 300-500 रुपये प्रति लीटर मिल रहा बकरी का दूध, बिक रहा पपीता का पत्ता

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डेंगू बुखार के कारण एक खास किस्म का बाजार भी पनप गया है. बकरी का दूध, पपीते का पत्ता, कीवी, डाभ और गिलोय का उपयोग होने से ये महंगे हो गये हैं. इस बीमारी में बकरी का दूध उपयोगी माना जाता है. इसी कारण अभी बकरी का दूध 300 से 500 रुपये प्रति लीटर की दर से मिल रहा है. पटना के बकरी बाजार के एक कारोबारी मो शोएब कुरैशी ने बताया कि ग्राहकों के अनुसार भी हमलोग दूध की दर तय करते हैं. डॉक्टरों के मुताबिक बकरी के दूध में विटामिन बी 6, बी 12, विटामिन सी और विटामिन डी की मात्रा कम पायी जाती है. बकरी के दूध में मौजूद प्रोटीन गाय, भैंस की तरह जटिल नहीं होता. इसके चलते यह प्रतिरोधी रक्षा तंत्र पर कोई प्रतिकूल असर नहीं डालता.

पत्तों को भी बेचा जा रहा है, 440 रुपये में मिल रहा है पपीते वाला टैबलेट

पपीते के पत्ते का जूस प्लेटलेट्स को ठीक करने में सबसे कारगर माना गया है. विटामिन-सी और एंटीऑक्सिडेंट का समृद्ध स्रोत पपीते के पत्ते इम्यून सिस्टम को बेहतर करने में भी मदद करते हैं. इसके कारण पपीते के ताजे पत्ते भी बिक रहे हैं. पीएमसीएच के पास पचास रुपये में पांच पत्ते का बंडल मिल रहा है. यदि आप टैबलेट लेना चाहते हैं तो इसके लिए कम से कम 440 रुपये खर्च करना पड़ेगा. डॉक्टरों के अनुसार डेंगू बुखार में अक्सर प्लेटलेट्स की संख्या कम होने लगती हैं. इससे पीड़ित मरीज को तुरंत इलाज की जरूरत होती है. डेंगू बुखार से ग्रसित व्यक्ति के यदि प्लेटलेट्स कम हो रहे हैं, तो पपीते के पत्ते ब्लड प्लेटलेट्स काउंट में सुधार करने में मदद कर सकते हैं.

पपीते के पत्ते का जूस कैसे बनाएं

इसके लिए आप एक कप पपीते का ताजा पत्ता लीजिए.

इसे पीसकर इसका जूस निकाल लीजिए, फिर इसे मरीज को दीजिए.

डॉक्टर की सलाह से इसमें शहद या फिर फलों का जूस मिला सकते हैं. इससे स्वाद बदल जाता है.

प्लेटलेट्स कम होने की स्थिति में आप रोजाना तीन बार दो बड़े चम्मच पपीते के पत्ते का जूस पी सकते हैं.