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CBI Action: CBI की बड़ी कार्रवाई, ऑनलाइन फ्रॉड सिंडिकेट का खुलासा, कई राज्यों में छापे…

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“CBI Action: CBI की बड़ी कार्रवाई, ऑनलाइन फ्रॉड सिंडिकेट का खुलासा, कई राज्यों में छापे”

”CBI ने एक बड़े ट्रांसनेशनल ऑनलाइन फ्रॉड मामले में गुरुवार (12 मार्च 2026) को देश के कई राज्यों में एक साथ छापेमारी की है. ये कार्रवाई दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और पंजाब में कुल 15 ठिकानों पर की गई. जांच एजेंसी के मुताबिक ये मामला ऑनलाइन निवेश और पार्ट-टाइम जॉब के नाम पर ठगी से जुड़ा है, जिसमें दुबई में बैठे गिरोह ने हजारों भारतीयों से करोड़ों रुपये की ठगी की.”

”ये केस गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) से मिली जानकारी के आधार पर दर्ज किया गया था. शुरुआती जांच में सामने आया कि एक संगठित अंतरराष्ट्रीय गिरोह सोशल मीडिया, मोबाइल ऐप और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर लोगों को फंसाता था.”

”कैसे लोगों को फंसाता था आरोपी?”

”CBI के मुताबिक आरोपी पहले लोगों को ऑनलाइन निवेश या पार्ट-टाइम जॉब के नाम पर संपर्क करते थे. शुरुआत में पीड़ितों से छोटी रकम जमा कराई जाती थी और उन्हें नकली मुनाफा दिखाकर भरोसा दिलाया जाता था. जब पीड़ित का भरोसा बन जाता था.तब उनसे बड़ी रकम निवेश कराने के लिए कहा जाता थाइसके बाद आरोपी पैसे लेकर गायब हो जाते थे जांच में पता चला कि ठगी से हासिल रकम को तुरंत कई फेंक बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता था ताकि पैसे का ट्रेल छिपाया जा सकेइसके बाद इस पैसे को विदेशों में ATM से निकासी या फिर दुबई की फिनटेक कंपनी ‘Pyypl’ जैसे प्लेटफॉर्म में वॉलेट टॉप-अप के जरिए बाहर भेज दिया जाता था. ये ट्रांजैक्शन बैंकिंग सिस्टम में POS ट्रांजैक्शन के रूप में दिखाई देते थेजिससे तुरंत शक भी नहीं होता था.इन ट्रांजैक्शन में Visa और MasterCard नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाता था”

CBI की जांच में क्या मिला?

;CBI की जांच में दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर के पास बिजवासन गांव में रहने वाला चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक कुमार शर्मा इस पूरे नेटवर्क का मुख्य आरोपी सामने आया है.एजेंसी का आरोप है कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर फेक खातों और विदेशी वित्तीय चैनलों के जरिए सैकड़ों करोड़ रुपये की हेराफेरी की. जांच में ये भी सामने आया है कि पिछले एक साल में ही करीब 900 करोड़ रुपये इस नेटवर्क के जरिए बाहर भेजे गए.ठगी से जुटाए गए पैसे को 15 शेल कंपनियों के खातों में जमा किया जाता थाजिनके जरिए आगे फंड ट्रांसफर किया जाता था”

पैसे को छिपाने का तरीका

CBI के मुताबिक इस गिरोह ने पैसे को छिपाने के लिए क्रिप्टोकरेंसी का भी इस्तेमाल किया. जांच में सामने आया कि इन कंपनियों के जरिए पैसे को भारत के वर्चुअल एसेट एक्सचेंज पर क्रिप्टोकरेंसी में बदला जाता था और फिर इसे व्हाइट-लिस्टेड वॉलेट में ट्रांसफर कर दिया जाता था. जांच एजेंसी ने सितंबर 2025 में ही इन कंपनियों से जुड़े कई बैंक खातों को फ्रीज कर दिया था और उनमें मौजूद रकम को भी जब्त किया था ताजा छापेमारी इन कंपनियों के डायरेक्टरों के घरों और उनके ऑफिस में की गई.”

तलाशी के दौरान मिले कई महत्वपूर्ण दस्तावेज’

‘CBI के मुताबिक तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल सबूत बरामद किए गए है. जांच में ये भी सामने आया कि कई लोगों को बिना जानकारी के शेल कंपनियों का डायरेक्टर बना दिया गया था और कंपनी बनाने के लिए फर्जी दस्तावेज इस्तेमाल किए गए थे. CBI ने बताया कि अशोक शर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. एजेंसी अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है, जिनमें कुछ विदेशी नागरिक भी शामिल हो सकते है. CBI का कहना है कि जांच अभी जारी है और एजेंसी देश-विदेश के वित्तीय नेटवर्क के जरिए भेजे गए फ्रॉड के पैसे को ट्रेस कर फ्रीज करने की कोशिश कर रही है.’

एयर इंडिया ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर ईंधन अधिभार बढ़ाने का निर्णय लिया…

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“एयर इंडिया ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर ईंधन अधिभार बढ़ाने का निर्णय लिया”

ईंधन अधिभार में वृद्धि:

”एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने घरेलू उड़ान टिकट पर 399 रुपये का ईंधन अधिभार लगाने का निर्णय लिया है, जो 12 मार्च से लागू होगा। इसके साथ ही, अंतरराष्ट्रीय बुकिंग के लिए भी चार्ज बढ़ाया जाएगा, जो मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण जेट ईंधन की कीमतों में भारी वृद्धि के चलते है।”

”यह नया ईंधन अधिभार चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। एयर इंडिया ने मंगलवार को कहा कि बिना इस अधिभार के, “कुछ उड़ानें संचालन लागत को कवर नहीं कर पाएंगी और उन्हें रद्द करना पड़ सकता है।”‘

‘पहले चरण में, घरेलू उड़ान टिकट पर 399 रुपये का ईंधन अधिभार 12 मार्च से लागू होगा, और यह SAARC उड़ानों पर भी लागू होगा। पश्चिम एशिया की उड़ानों के लिए, ईंधन अधिभार 10 डॉलर होगा, जबकि अफ्रीका की उड़ानों के लिए यह 30 से 90 डॉलर तक बढ़ेगा और दक्षिण पूर्व एशिया सेवाओं के लिए 20 से 60 डॉलर तक। ये सभी परिवर्तन 12 मार्च से प्रभावी होंगे, जिसमें सिंगापुर के लिए उड़ानें भी शामिल हैं। वर्तमान में, सिंगापुर सेवाओं पर कोई ईंधन अधिभार नहीं है।”

”दूसरे चरण में, एयर इंडिया यूरोप, उत्तरी अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के लिए उड़ानों पर ईंधन अधिभार 25 से 50 डॉलर बढ़ाएगी, जो 18 मार्च से लागू होगा। यूरोप की उड़ानों के लिए ईंधन अधिभार 100 से 125 डॉलर और उत्तरी अमेरिका की उड़ानों के लिए 150 से 200 डॉलर तक बढ़ेगा। ऑस्ट्रेलिया की उड़ानों के लिए, यह 150 से 200 डॉलर तक बढ़ेगा। वर्तमान में, एयर इंडिया एक्सप्रेस अपनी किसी भी उड़ान पर ईंधन अधिभार नहीं लगाती है।”

”एयर इंडिया समूह ने आज अपने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर ईंधन अधिभार के चरणबद्ध विस्तार की घोषणा की, जो खाड़ी क्षेत्र में भू-राजनीतिक स्थिति के कारण जेट ईंधन की कीमतों में भारी वृद्धि के कारण आवश्यक हो गया है। बयान में कहा गया है कि मार्च 2026 की शुरुआत से, एवीएशन टरबाइन फ्यूल (ATF), जो एक एयरलाइन की संचालन लागत का लगभग 40 प्रतिशत है, में कीमतों में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है।”

”भारत में, यह दबाव उच्च उत्पाद शुल्क और VAT के कारण बढ़ता है, जो दिल्ली और मुंबई जैसे प्रमुख महानगरों में ATF पर लागू होता है, जिससे लागत पर प्रभाव बढ़ता है और एयरलाइन संचालन की अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव पड़ता है।”

”स्पष्टता के लिए, बयान में कहा गया है कि जो टिकट पहले से जारी किए गए हैं, उन पर नया अधिभार लागू नहीं होगा जब तक कि ग्राहक तारीख या यात्रा में बदलाव नहीं करते हैं, जिससे किराए की पुनर्गणना की आवश्यकता होती है। इंडिगो, स्पाइसजेट और अकासा एयर से ईंधन अधिभार के बारे में कोई घोषणा नहीं की गई है।”

Ramadan Special: इस्लाम का अहम फर्ज है ‘जकात’, रमजान में क्यों बढ़ जाता है इसका महत्व…

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“Ramadan Special: इस्लाम का अहम फर्ज है ‘जकात’, रमजान में क्यों बढ़ जाता है इसका महत्व”

”माह-ए-रमजान का मुकद्दस महीना चल रहा है. रोजेदार नियमित रूप से रोजा रख रहे हैं और धीरे-धीरे रमजान अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंचने वाला है. रमजान का महीना अल्लाह की इबादत, संयम, रोजा, नमाज, कुरान के लिए खास माना जाता है.”

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”इसी के साथ इस महीने जकात का महत्व भी बढ़ जाता है. जकात का अर्थ होता है ‘दान’, लेकिन जकात देने के कुछ नियम होते हैं.”

इस्लाम का अहम फर्ज है जकात

”इस्लाम धर्म में मुख्य रूप से 5 फर्ज (स्तंभ) हैं, जिसमें जकात भी एक है. जकात का अर्थ होता है अपनी कमाई का एक निश्चित हिस्सा जरूरतमंदों और गरीबों में बांटना. जकात देना सिर्फ दान नहीं है, बल्कि यह बहुत ही सवाब का काम है, जिसे इस्लाम में धार्मिक कर्तव्य माना जाता है. इसलिए हर सक्षम मुसलमान पर जकात अदा करना फर्ज है. खासतौर पर रमजान में जकात का महत्व अन्य दिनों की अपेक्षा कई गुणा बढ़ जाता है. क्योंकि ऐसा कहा जाता है कि, रमजान में किए कामों का 70 गुणा अधिक सवाब मिलता है.”

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”इस्लाम में ऐसी मान्यता है कि, अल्लाह ने अपने बंदों को जो भी दौलत और नेमतें प्रदान की हैं, उनमें गरीब और जरूरतमंदों का भी हक है. इसलिए जकात देने से न केवल जरूरतमंदों की मदद होती है, बल्कि देने वाले की संपत्ति भी पाक और पवित्र मानी जाती है.”

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जकात के नियम भी जान लें

”इस्लामिक जानकारों के अनुसार, जकात हर उस मुसलमान पर फर्ज है, जो कि हैसियतमंद या सक्षम हो. व्यक्ति अपने पूरे साल की कुल बचत का ढाई प्रतिशत (2.5%) हिस्सा जकात के रूप में दान करना चाहिए. लेकिन इस बात का भी ध्यान रखें कि, जकात केवल उसी को दें जो वाकई जरूरतमंद,गरीब या कमजोर वर्ग से हो. जकात का मुख्य उद्देश्य समाज में आर्थिक संतुलन बनाए रखना और जरूरतमंदों की मदद करना है.”

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”इसके अलावा जिन लोगों के पास गहने के रूप में संपत्ति होती है, वे उसकी कीमत के हिसाब से जकात निकालते हैं. वैसे तो आप पूरे साल में कभी भी जकात दे सकते हैं. लेकिन अधिकतर लोग ईद से पहले जकात देते हैं. इसका कारण यह भी है कि, रमजान और ईद के दिनों में खाने-पीने का खर्च बढ़ता जाता है. नए कपड़े, फल, सवईंया आदि के लिए पैसों की जरूरत होती है. जकात देने से गरीब भी ईद की खुशियों में शामिल हो पाते हैं.”

नबी की सुन्नत

“”हदीस के अनुसार, मुहम्मद रमजान में बहुत ज्यादा सखावत यानी दान करते थे. इसलिए मुसलमान उनकी सुन्नत पर अमल करते हुए रमजान के पाक महीने में अधिक से अधिक जकात और फितरा देना चाहिए.”

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जिस रूसी तेल खरीद पर भारत पर फोड़ा था टैरिफ बम, अब उसी को बताने लगे जरूरी… मिडिल ईस्ट जंग ने बदला ट्रंप स्टैंड!

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“जिस रूसी तेल खरीद पर भारत पर फोड़ा था टैरिफ बम, अब उसी को बताने लगे जरूरी… मिडिल ईस्ट जंग ने बदला ट्रंप स्टैंड!”

”मिडिल ईस्ट में ईरान के खिलाफ जंग छेड़कर डोनाल्ड ट्रंप कितने मजबूर हो चुके हैं, इसका रूसी तेल खरीद पर उनके बदले हुए स्टैंड से लगाया जा सकता है. ईरान के खिलाफ जंग में उतरे अमेरिका को शायद अंदाजा ही नहीं था कि वो इतने दिनों तक युद्ध में टिक पाएगा और यही वजह थी कि पहले तो ट्रंप ने कहा कि उन्हें फर्क ही नहीं पड़ता होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से, लेकिन जब देखा कि दुनिया में तेल का संकट गहरा होता जा रहा है तो उन्होंने अपना स्टैंड ही बदल लिया.”

”अमेरिका की ओर से अब कहा जा रहा है कि दुनिया में तेल की आपूर्ति पूरी करने के लिए जरूरी है कि भारत रूस से तेल खरीदे. भारत की रूसी तेल खरीद को अमेरिका अब जरूरी करार दे रहा है.”

”भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने X पर एक पोस्ट में लिखा, ‘दुनिया में तेल की कीमतें स्थिर रखने में भारत एक बड़ा पार्टनर रहा है. अमेरिका मानता है कि रूस से तेल की लगातार खरीद इसी कोशिश का एक हिस्सा है. भारत तेल के सबसे बड़े कंज्यूमर और रिफाइनर में से एक है. अमेरिकियों और भारतीयों के लिए मार्केट में स्थिरता लाने के लिए हमारा मिलकर काम करना जरूरी है.”

”ट्रंप ने तेल पर क्या कहा था?’

”मिडिल ईस्ट जंग के बाद गहराए तेल संकट के बीच यूएस राष्ट्रपति ट्रंप ने दो दिन पहले ही प्रतिबंधों में ढील के संकेत दिए थे.उन्होने तेल की किल्लत को रोकने के लिए कहा था कि वे कुछ देशों पर लगे प्रतिबंध हटा रहे हैं. इसके बाद चर्चा तेज हो गई थी कि क्या रूसी तेल पर लगा बैन भी हटाया जाएगा. फ्लोरिडा में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा था कि उनका प्रशासन तेल बाजार को स्थिर करने के प्रयास कर रहा है और इसके तहत कुछ देशों पर लगे प्रतिबंध हटा रहा है. उन्होंने कहा था, ‘हमने कुछ देशों पर प्रतिबंध लगा रखे हैं, जिन्हें होर्मुज स्ट्रेट में शांति बहाल होने तक प्रतिबंध हटा रहे हैं. इस कदम का उद्देश्य तेल आपूर्ति में आई बाधाओं के बीच ग्लोबल ऑयल सप्लाई को बढ़ावा देना है. दुनिया में तेल की कमी नहीं होने देंगे.”

”अमेरिका के वित्त मंत्री ने क्या किया था ऐलान?’

”जब ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने की धमकी दी तभी अमेरिका के हाथ-पैर फूल गए. अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने घोषणा करते हुए कहा कि यूएस ने भारतीय रिफाइनरियों को रूस से कच्चा तेल खरीदने के लिए 30 दिनों की अस्थायी छूट दी है. यह कदम मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष की वजह से वैश्विक तेल आपूर्ति में बाधा को रोकने के लिए स्टॉपगैप उपाय है. बेसेंट ने भारत को एक महत्वपूर्ण साझेदार बताया और उम्मीद जताई कि यह व्यवस्था वैश्विक तेल बाजार को तनाव से बचाने में मदद करेगी.”

”रूसी तेल खरीद पर ट्रंप ने लगाया था जुर्माना’

”बता दें कि भारत के रूस से तेल खरीदने को लेकर ही डोनाल्ड ट्रंप भड़के हुए थे और उन्होंने भारत के रूसी तेल खरीद को वॉर मशीन बता दिया था. पहले उन्होंने भारत पर 25 फीसदी रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया था, लेकिन अगस्त, 2025 में रूसी तेल खरीद पर जुर्माना लगाते हुए इसे बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया था. अब जब हालात बिगड़ने लगे तो वह कह रहे हैं कि हम कुछ देशों को रूस से तेल खरीदने के प्रतिबंधों में छूट देते हैं.”

ग्रेटर नोएडा में होगी अखिलेश यादव की विशाल रैली, 142 विधानसभा से करीब 1 लाख लोग पहुंचेंगे…

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उत्तर प्रदेश के 2027 के विधानसभा चुनाव का बिगुल समाजवादी पार्टी गौतमबुद्ध नगर की दादरी विधानसभा से फूंकेंगी. इसको लेकर 29 मार्च को सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव एक विशाल रैली करेंगे. जिसमें एक लाख से ज्यादा लोगों के शामिल होने का दावा किया जा रहा है.

गुरुवार को ग्रेटर नोएडा की प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने बताया कि पश्चिम उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी को कमजोर बताया जाता है. इसी धारणा को बदलने के लिए समाजवादी पार्टी विधानसभा चुनाव की शुरुआत ग्रेटर नोएडा से करेगी. दादरी के मिहिरभोज डिग्री कॉलेज में अखिलेश यादव 29 मार्च को समाजवादी समानता भाईचारा रैली में शामिल होंगे. इस रैली में पश्चिम उत्तर प्रदेश के 32 जिलों के 142 विधानसभा से करीब 1 लाख लोग पहुंचेंगे.

इस रैली की तैयारी हम अगस्त से कर रहे हैं और लगातार समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं के द्वारा गांव में जाकर अलग-अलग जगह में जाकर पंचायत की गई है. लोगों से इस रैली में आने के लिए अनुरोध किया गया है और लोगों में एक अलग तरह का उत्साह दिख रहा है. इस रैली में काफी ऐसे लोग आयेंगे जो समाजवादी पार्टी की सदस्य ले सकते हैं.

राजकुमार भाटी ने कहा कि यह रैली सबसे ऐतिहासिक और सबसे बड़ी रैली होगी. इसमें कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं है जो कोई प्रलोभन देकर बुलाया गया होगा. इसमें सब व्यक्ति अपने आप आएंगे और इस बार समाजवादी पार्टी की ताकत को दिखाया जाएगा. समाजवादी पार्टी पिछले विधानसभा चुनाव से ही अपने तैयारी में लगी हुई है और यह तैयारी इस बार 2022 में दिखेगी जब समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में सरकार बनाई गई.

होटल-रेस्टुरेंट्स से लेकर अंतिम संस्कार तक. ईरान वॉर के भारत के ऊपर पड़े ये पांच बड़े असर, अब क्या विकल्प…

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“होटल-रेस्टुरेंट्स से लेकर अंतिम संस्कार तक. ईरान वॉर के भारत के ऊपर पड़े ये पांच बड़े असर, अब क्या विकल्प”

वेस्ट एशिया में जारी संघर्ष को लगभग दो हफ्ते हो चुके हैं, लेकिन हालात में अभी तक कोई ठोस सुधार नहीं दिख रहा है. न तो Iran की ओर से समझौते का संकेत मिला है और न ही United States या Israel की तरफ से तनाव कम होने के संकेत मिले हैं.

इसी बीच कच्चे तेल की कीमतों में फिर तेजी देखने को मिल रही है. हाल ही में Crude Oil करीब 120 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गया था और अब फिर 100 डॉलर के पार कारोबार कर रहा है.

इस तनाव का सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जिंदगी पर भी पड़ रहा है। आइए समझते हैं कि इस संघर्ष का भारत पर क्या असर हो रहा है.

1-गैस की बढ़ती किल्लत

युद्ध की वजह से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है. खासकर Strait of Hormuz के बंद होने से तेल और गैस की सप्लाई पर बड़ा असर पड़ा है. भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का लगभग 80% आयात करता है, इसलिए इस संकट का सीधा असर देश पर पड़ रहा है.

कई उद्योग जैसे फर्टिलाइज़र प्लांट, टाइल्स फैक्ट्रियां और रेस्टोरेंट गैस की कमी से प्रभावित हो रहे हैं. National Restaurant Association of India (NRAI) ने अपने सदस्यों को मेनू छोटा करने, बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ाने और काम के घंटे घटाने की सलाह दी है.

2-अंतिम संस्कार व्यवस्था पर असर

एलपीजी की कमी का असर श्मशानों तक पहुंच गया है. कई जगह गैस से चलने वाली भट्टियां बंद करनी पड़ी हैं और अब अंतिम संस्कार लकड़ी से किए जा रहे हैं.

3-हवाई किराया महंगा

जेट ईंधन की कीमत बढ़ने से विमानन कंपनियों की लागत बढ़ गई है. इसके अलावा मिडिल ईस्ट रूट पर उड़ानों का बीमा भी महंगा हो गया है. युद्ध के कारण दुनिया भर में लगभग 46,000 से अधिक उड़ानें रद्द हुई हैं और अंतरराष्ट्रीय हवाई किराया काफी बढ़ गया है.

4-सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट

आमतौर पर वैश्विक तनाव के समय सोने की कीमतें बढ़ती हैं क्योंकि इसे सुरक्षित निवेश माना जाता है. लेकिन इस बार तेल की कीमतों में तेजी के कारण महंगाई बढ़ने का डर है. इससे Federal Reserve द्वारा ब्याज दरें कम न करने की संभावना बढ़ गई है. मजबूत डॉलर के कारण सोने की कीमतों पर दबाव आया है. रिपोर्ट के अनुसार Goldman Sachs का मानना है कि अब ब्याज दरों में कटौती सितंबर से पहले संभव नहीं है.

5-आर्थिक विकास पर असर

भारत ने 2047 तक विकसित देश बनने का लक्ष्य तय किया है, जिसके लिए 8-11% जीडीपी वृद्धि दर जरूरी मानी जाती है. लेकिन अगर कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी रहती है, तो इसका असर आर्थिक वृद्धि पर पड़ सकता है. अनुमान है कि इससे भारत की जीडीपी वृद्धि दर में करीब 0.60 प्रतिशत (60 बेसिस प्वाइंट) तक की गिरावट आ सकती है.

‘चर्चा के लिए समय कम पड़ता है, तो सत्र को शनिवार…’, विपक्ष के आरोपों पर सदन में बोले CM धामी…

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गैरसैंण (भराड़ीसैंण) की वादियों में उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र का चौथा दिन सियासी सरगर्मियों से भरा रहा. गुरुवार सुबह जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बजट को लेकर तकरार के साफ संकेत मिलने लगे.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने न केवल विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने का दावा किया, बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं का सम्मान करते हुए सत्र की अवधि बढ़ाने के भी स्पष्ट संकेत दे दिए.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सदन में कड़ा रुख अपनाते हुए विपक्ष के उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें कहा जा रहा था कि सरकार सदन चलाने से कतरा रही है. सत्र विस्तार पर सीएम ने साफ किया कि यदि चर्चा के लिए समय कम पड़ता है, तो सत्र को शनिवार तक चलाया जा सकता है. उन्होंने प्रस्ताव रखा कि रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को भी सदन की कार्यवाही जारी रखी जा सकती है.

‘गैरसैंण केवल स्थान नहीं, पहाड़ की उम्मीद और स्वाभिमान का प्रतीक’

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सदन में भावुक होते हुए कहा कि गैरसैंण केवल एक स्थान नहीं, बल्कि पहाड़ की उम्मीद और स्वाभिमान का प्रतीक है. उन्होंने आंकड़ों के साथ बताया कि पिछले चार वर्षों में उनकी सरकार ने ही यहां सबसे अधिक सत्र आयोजित किए हैं.

‘गोल्डन कार्ड पर 771 रुपये करोड़ खर्च’

उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन की शुरुआत प्रश्नकाल से हुई, जहाँ मंत्रियों ने अपने विभागों का लेखा-जोखा पेश किया. स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सदन में बताया कि राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए ‘गोल्डन कार्ड’ योजना के तहत कैशलेस इलाज की सुविधा पर अब तक 771 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं.

भूकंप की आहट और सुरक्षा

उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन की कार्यवाही में संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि प्रदेश के 500 संवेदनशील स्थानों पर भूकंप चेतावनी प्रणाली स्थापित की जानी है. इनमें से 169 स्थानों पर सिस्टम लग चुका है, जिस पर अब तक 115 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं.

विपक्ष ने नियमों के उल्लंघन का लगाया आरोप

जहाँ सरकार बजट को विकासकारी बता रही है, वहीं विपक्ष इसे प्रक्रियात्मक आधार पर घेरने की तैयारी में है. विपक्ष का मुख्य आरोप यह है कि विधानसभा के नियमों के अनुसार राज्यपाल के अभिभाषण और बजट पर अलग-अलग दिनों में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए थी, लेकिन सरकार ने एक ही दिन में दोनों पर चर्चा कराकर खानापूर्ति करने की कोशिश की है.

आध्यात्मिक शुरुआत और सौहार्दपूर्ण झलकिया

सदन की तपिश के बीच सुबह का माहौल काफी शांत और आध्यात्मिक रहा. सदन में प्रवेश करने से पहले मुख्यमंत्री धामी ने भराड़ी देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की और प्रदेश की खुशहाली की प्रार्थना की. एक सुखद तस्वीर सदन के बाहर भी दिखी, जहाँ सत्र शुरू होने से पहले शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत और भाजपा विधायकों की कांग्रेस विधायकों के साथ अनौपचारिक मुलाकात हुई. राजनीति की इस गहमागहमी के बीच पक्ष-विपक्ष की यह शिष्टाचार मुलाकात लोकतंत्र की स्वस्थ परंपरा को दर्शाती है.

आज की कार्यवाही का मुख्य केंद्र बजट 2026-27 पर सामान्य चर्चा रहने वाली है. देखना दिलचस्प होगा कि सरकार विपक्ष के तीखे सवालों का सामना कैसे करती है और क्या वाकई सत्र की अवधि को सोमवार तक बढ़ाया जाता है.

चैत्र नवरात्रि 2026: व्रत में क्या खाएं और क्या न खाएं? जानें खास नियम, सेहत और आध्यात्मिक लाभ!

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“चैत्र नवरात्रि 2026: व्रत में क्या खाएं और क्या न खाएं? जानें खास नियम, सेहत और आध्यात्मिक लाभ!”

Chaitra Navratri 2026 Food Rules:

”पवित्र महीना चैत्र को हिंदू कैलेंडर की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है और भारत के अधिकतर हिस्सों में हिंदू नववर्ष के स्वागत का भी उत्सव है. यह नौ दिवसीय चैत्र नवरात्रि उत्सव के साथ भी मेल खाता है, जो व्रत, प्रार्थना और आध्यात्मिक अनुशासन के जरिए से देवी दुर्गा की पूजा के लिए समर्पित है.”

”इस दौरान कई श्रद्धालु खास आहार नियमों का पालन करते हैं, जिनके बारे में माना जाता है कि, वे शरीर को शुद्ध करते हैं, सात्विक (शुद्ध) खान-पान की आदतों को बढ़ावा देते हैं और आध्यात्मिक साधानाओं में मदद करते हैं.”

”इस पवित्र अवधि के दौरान आमतौर पर किन खाद्य पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी जाती है और किन से परहेज करने से बचना चाहिए. आइए जानते हैं इसके बारे में?

बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिरों में गैर-हिंदुओं का प्रवेश बंद! जानें फैसले का कारण और यात्रा की डेट?”

”चैत्र माह के दौरान खान-पान संबंधी नियमों का पालन क्यों जरूरी?”

”चैत्र माह शीत ऋतु से ग्रीष्म ऋतु में परिवर्तन को कहा जाता है, जब शरीर को स्वाभाविक रूप से हल्के और आसानी से पचने वाले भोजन की जरूरत होती है.”

”पारंपरिक व्रत और आहार संबंधी प्रथाएं शरीर को विषाक्त पदार्थों से मुक्त करने में मदद करती हैं, साथ ही प्रार्थना और दैनिक गतिविधियों के लिए ऊर्जा स्तर बनाए रखती है.”

”चैत्र नवरात्रि के दौरान क्या खाद्य पदार्थ खा सकते हैं?”

”चैत्र नवरात्रि के उपवास के दौरान भक्त आमतौर पर ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं, जो हल्के और सुपाच्य हो.”

  • फल- केले, सेब, पपीते, अनार और मौसमी फल
  • दुग्ध उत्पाद- दूध, दही, पनीर और छाछ
  • व्रत के दौरान इस्तेमाल होने वाले कुट्टू,
  • सिंघाड़ा का आटा और अमरंथ का आटा.
  • साबूदाना.आलू और सेंधा नमक.मेवे और ड्राई फ्रूट्स

”चैत्र नवरात्रि उपवास के दौरान ये खाद्य पदार्थ ऊर्जा प्रदान करते हैं और साथ ही पाचन तंत्र को हल्का रखते हैं.”

”उपवास के दौरान इन खाद्य पदार्थों से बचें.’

”चैत्र व्रत के दौरान कुछ खाद्य पदार्थों से परंपरागत रूप से परहेज करना चाहिए, क्योंकि उन्हें भारी या तामसिक प्रकृति का माना जाता है.”

  • गेहूं और चावल
  • प्याज और लहसुन
  • सामान्य टेबल नमक
  • पैकेटबंद खाद्य पदार्थ
  • मांस, अंडे और शराब का सेवन

”ऐसा माना जाता है कि, शरीर में पानी की कमी न होने देना खास तौर से महत्वपूर्ण है. श्रद्धालु आमतौर पर ताजा पेय पदार्थों का सेवन करते हैं, जैसे कि,

  • नींबू पानी में सेंधा नमक
  • नारियल पानी
  • दूध आधारित पेय पदार्थ
  • ताजे फलों का रस

”ये पेय पदार्थ शरीर में ऊर्जा के स्तर को बढ़ाने के साथ निर्जलीकरण को रोकने में मदद करते हैं.”

”बाराबंकी का सोमेश्वर मंदिर जहां आधी रात को होती है शिवलिंग की अदृश्य पूजा! जानिए रहस्य और महत्व?”

‘CG: (SCR) की पहली बैठक आयोजित, cg’ को मिलेगा नया ग्रोथ इंजन, कनेक्टिविटी को मिलेगी गति.होगा तेजी से विकास च्चस्तरीय समीक्षा के दिए निर्देश’

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योजनाबद्ध विकास से छत्तीसगढ़ को मिलेगा नया ग्रोथ इंजन’

राजधानी क्षेत्र के योजनाबद्ध विकास से छत्तीसगढ़ को मिलेगा नया ग्रोथ इंजन: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय’

महानगरों की तर्ज पर विकसित होगा स्टेट कैपिटल रीजन, आधुनिक अधोसंरचना और कनेक्टिविटी को मिलेगी गति’

एससीआर में व्यवस्थित आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापारवाणिज्य, कनेक्टिविटी और आधुनिक अधोसंरचना का होगा तेजी से विकास’

निर्धारित योजना और समयसीमा के अनुरूप पूरे किए जाएं एससीआर के काम, मुख्यमंत्री ने प्रगति की नियमित रूप से उच्चस्तरीय समीक्षा के दिए निर्देश’

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में

”मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज विधानसभा परिसर स्थित उनके कार्यालय में छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (स्टेट कैपिटल रीजन – SCR) की पहली बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्राधिकरण के उद्देश्य, कार्यप्रणाली, गतिविधियों तथा राजधानी क्षेत्र के समग्र और योजनाबद्ध विकास की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।”

”मुख्यमंत्री श्री साय ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण की परिकल्पना शहर की बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थित आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार-वाणिज्य और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की पहली बैठक अत्यंत सार्थक रही है और विभिन्न विषयों पर हुई विस्तृत चर्चा के सकारात्मक परिणाम आने वाले समय में स्पष्ट रूप से दिखाई देंगे।”

”मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राजधानी रायपुर और आसपास के शहर तेजी से विकसित होते हुए एक बड़े शहरी क्षेत्र का रूप ले रहे हैं, इसलिए महानगरों की तर्ज पर इनके संतुलित और योजनाबद्ध विकास की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि स्टेट कैपिटल रीजन की घोषणा से जनता की अपेक्षाएँ भी बढ़ी हैं और इन अपेक्षाओं को पूरा करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित योजना और समयसीमा के अनुरूप पूरे किए जाएं तथा प्रगति की नियमित रूप से उच्चस्तरीय समीक्षा सुनिश्चित की जाए।”

”बैठक में बताया गया कि राजधानी रायपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों को स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें रायपुर, दुर्ग-भिलाई, नवा रायपुर अटल नगर और आसपास के क्षेत्र शामिल होंगे। यह क्षेत्र बड़े महानगरों की तर्ज पर विकसित किया जाएगा और भविष्य में छत्तीसगढ़ के विकास का एक प्रमुख ग्रोथ इंजन बनेगा।”

”बैठक में राजधानी क्षेत्र में क्षेत्रीय मोबिलिटी और लॉजिस्टिक्स के विकास, मेट्रो संचालन के लिए टेक्नो-इकोनॉमिक फिजिबिलिटी स्टडी, सर्वेक्षण कार्यों के संचालन तथा इसके लिए विशेषज्ञ सलाहकारों की नियुक्ति पर विचार किया गया। साथ ही प्राधिकरण के प्रशासकीय और वित्तीय अधिकारों के प्रत्यायोजन, ऑडिट सेवाओं के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट की नियुक्ति और प्लानिंग प्रभाग के लिए विशेषज्ञ सलाहकारों की सेवाएं लेने के प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई।”

”बैठक में राजधानी क्षेत्र विकास एवं निवेश योजना तैयार करने की कार्ययोजना पर भी विचार किया गया। इसके अंतर्गत निवेश क्षेत्रों का विधिवत चिन्हांकन, आवश्यक सर्वेक्षण, अनुसंधान एवं अध्ययन तथा चरणबद्ध रूप से परियोजनाओं के क्रियान्वयन की रणनीति तैयार की जाएगी। साथ ही राजधानी क्षेत्र में भूमि विकास और आबंटन की प्रक्रिया को सरल बनाने के संबंध में भी आवश्यक निर्देश जारी करने पर सहमति बनी। बैठक में प्राधिकरण की प्रारंभिक गतिविधियों के लिए 27 करोड़ रुपये के प्रावधान की जानकारी भी दी गई।”

”बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अंकित आनंद, नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., एनआरडीए के सीईओ श्री चंदन कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।”

”उल्लेखनीय है कि भौगोलिक दृष्टि से देश के मध्य में स्थित छत्तीसगढ़ व्यापार, वाणिज्य और उद्योग के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। स्टेट कैपिटल रीजन के विकास से राजधानी और आसपास के शहरों में योजनाबद्ध शहरी विस्तार, बेहतर परिवहन कनेक्टिविटी, आधुनिक अधोसंरचना और निवेश के नए अवसर उपलब्ध होंगे।”

CG: प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल बड़े राज्यों की श्रेणी में देश में पहला स्थान…

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”महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और सशक्तिकरण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने एक और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की है। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना (PMMVY) के क्रियान्वयन की फरवरी 2026 की स्टेट-वाइज राष्ट्रीय रैंकिंग में छत्तीसगढ़ ने बड़े राज्यों की श्रेणी में देश में पहला स्थान प्राप्त कर इतिहास रच दिया है। राज्य ने अन्य बड़े राज्यों को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की है।”

”जारी रैंकिंग के अनुसार छत्तीसगढ़ ने 93.37 प्रतिशत नामांकन, 83.87 प्रतिशत स्वीकृति दर और 93.95 प्रतिशत शिकायतों के त्वरित समाधान के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। वहीं 30 दिनों से अधिक लंबित प्रकरणों की दर मात्र 7.07 प्रतिशत और लंबित शिकायत दर 4.96 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो योजना के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन को दर्शाती है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ ने पिछले माह की तुलना में 6 स्थानों की छलांग लगाकर पहला स्थान प्राप्त किया है।”

बड़े राज्यों को पछाड़कर बना नंबर-वन, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने दी बधाई

”इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मैदानी अमले को बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा दिया जा रहा है और छत्तीसगढ़ का प्रथम स्थान इस दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासों का प्रमाण है।”

बड़े राज्यों को पछाड़कर बना नंबर-वन, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने दी बधाई

”महिला एवं बाल विकास  मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि को राज्य के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए विभागीय टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल मार्गदर्शन और दूरदर्शी नेतृत्व के कारण ही छत्तीसगढ़ आज देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों-कर्मचारियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के आपसी समन्वय, प्रतिबद्धता और समयबद्ध कार्यशैली के परिणामस्वरूप ही राज्य यह मुकाम हासिल कर पाया है।”

”मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने विश्वास व्यक्त किया कि विभाग भविष्य में भी इसी ऊर्जा और समर्पण के साथ कार्य करते हुए इस प्रथम स्थान को बनाए रखेगा तथा प्रदेश की प्रत्येक पात्र गर्भवती महिला तक योजना का लाभ समय पर पहुंचाएगा। उन्होंने योजना के क्रियान्वयन की जानकारी देते हुए बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक प्रदेश में 1,86,586 गर्भवती महिलाओं का प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत पंजीकरण किया जा चुका है। राज्य सरकार द्वारा अब तक 72 करोड़ 24 लाख 89 हजार रुपये की राशि सीधे पात्र हितग्राही महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है।”

”प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिली है और छत्तीसगढ़ देश के सामने एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रहा है।”