कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर बिजली के दाम बढ़ने को लेकर हमला बोला है।
उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि पहले महंगे पेट्रोल-डीजल का बोझ और अब महंगी बिजली की मार, उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार आम जनता की जेब काटने में लगी है। क्यों?
प्रियंका गांधी ने निशाना साधते हुए लिखा कि खजाने को खाली करके भाजपा सरकार अब वसूली, जनता पर महंगाई का चाबुक चला कर रही है। कैसी सरकार है ये?।
इससे पहले मंगलवार रात को बसपा सुप्रीमो मायावती ने बिजली दरें बढ़ाने को प्रदेश की भाजपा सरकार का जनविरोधी फैसला बताया है। उन्होंने बढ़ाई गई दरों पर तत्काल पुनर्विचार की मांग की है।
ब्रिटेन में एक किशोर चर्चा का विषय बना हुआ है. वो पिछले कुछ सालों से केवल चिप्स और फ्रेंच फ्राइज खा रहा था. उसका लंच यही होता था और डिनर में भी वो फास्ट फ़ूड ही खा रहा था. अब ये युवक एक ऐसी बीमारी का शिकार हो गया है, जिससे उसकी आंखों की रोशनी चली गई और सुनाई देना भी बंद हो गया है.
खबरों के अनुसार 19 साल के ये एक लड़का पिछले तीन साल से केवल चिप्स, फ्रेंच फ्राइज, व्हाइट ब्रेड और सॉसेज खा रहा था. तीन सालों तक लगातार सिर्फ फास्ट फ़ूड खाने की वजह से अब वो पूरी तरह ब्लाइंड हो गया है. दरअसल इस खुराक ने उसके शरीर में विटामिन-12 और कॉपर लेवल को इतना कम कर दिया कि आखों की ऑप्टिक नर्व डैमेज हो गईं. साथ ही विटामिन-डी भी उसके शरीर में बहुत कम हो चुका है.
मेल आनलाइन में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार ये लड़का जो खाना खा रहा था, उसमें कोई न्यूट्रेंट्स यानि पोषक तत्व नहीं थे. वो लंच और डिनर में केवल चिप्स और फ्रेंच फ्राइज खा रहा था.
दस सालों से ना फल और ना ही सब्जी ये किशोर ब्रिस्टल का रहने वाला है, जानकारी के अनुसार उसने दस सालों से कोई फल या सब्जी नहीं खाई है. वो एक आईटी कॉलेज का ड्रॉपआउट है.
इन फूड हैबिट्स ने उसे तमाम बीमारियों का शिकार भी बना डाला. आंखों की बीमारी की शुरुआत उसमें तभी हो चुकी थी, जबकि वो 14 साल का था. इस बीमारी को न्यूट्रिशिनल ऑप्टिक न्यूरोपैथी (एनओएन) कहते हैं.
इस किशोर की कद और काठी सामान्य है लेकिन विटामिन की कमी ने आंखों के पीछे के नर्व को डैमेज कर दिया. आंख उस कंडीशन में जा चुकी है कि ठीक नहीं हो सकती.
उसने ब्रिटेन के अखबार द टाइम्स से कहा, मैं एकदम अलग-थलग पड़ गया था. जब मैं छोटा था तब मैं अपने दोस्तों के साथ जाता था और फुटबॉल खेला करता था. लेकिन अब ऐसा करने से मुझे डर लगता है.
ये लड़का चिप्स, ब्रेड और सॉसेज पर निर्भर हो गया. इसमें ये कोई भी ऐसा फूड नहीं है, जो शरीर को पोषक तत्व दे. उसका कहना है कि डॉक्टरों ने भी उसे काफी देर से खुराक संबंधी सलाह दी. तब तक वो उस स्टेज में पहुंच चुका था.
आंखों की रोशनी तेजी से गई लड़के की हालत जब बिगड़ने लगी, तो मां ने जॉब छोड़ दी. उन्होंने ब्रिटेन के अखबार टेलीग्राफ से कहा, उसकी आंखों की रोशनी बहुत तेजी से कम होने लगी, स्थिति यहां तक आ गई कि वो डॉक्टर्स ने उसे ब्लाइंड घोषित कर दिया.
मां ने कहा, उसके बेटे की कोई सामाजिक जिंदगी नहीं है. उसकी किसी से बातचीत नहीं होती. स्कूल के बाद जब वो कॉलेज पहुंचा तो उसने आईटी में दाखिला लिया लेकिन अब उसे इसे छोड़ना पड़ा है. वो अब ना तो देख सकता है और ना ही सुन सकता है.
जंक फूड के कारण सबसे गंभीर स्थिति डॉक्टरों का कहना है कि जितने भी मामले अब तक उनके सामने आए हैं, ये उनमें सबसे गंभीर है, जिसमें जंक फूड के चलते किसी की आंख की रोशनी चाली गई. डॉक्टरों का कहना है, उसका परिवार इसलिए उसके लिए चिप्स खरीदता रहा, क्योंकि कुछ और खा ही नहीं रहा था. उन्होंने बहुत कोशिश की कि वो सब्जियां और फल अपनी खुराक में शामिल करे लेकिन ऐसा नहीं हो सका.
मां का कहना है कि उसका बेटे ने अपनी खुराक तो नहीं बदली लेकिन उसने इटिंग डिसऑर्डर का इलाज शुरू कर दिया है. वो विटामिन सप्लीमेंट ले रहा है. डॉक्टर ने कहा-ये जानने की जरूरत है कि खराब खुराक और चिप्स का असर केवल हृदय पर ही नहीं पड़ता बल्कि मोटापे की ओर भी बढाता है. विजन को तो नुकसान पहुंचाता ही है.
टेस्ट बताते हैं कि इस लड़के को एनिमिया था और इसके शरीर में जरूरत लायक रेड ब्लड कोशिकाएं भी नहीं बन पा रही थीं. उसे विटामिन के इंजेक्शन दिये गए और हिदायत दी गई कि वो सभी तरह की चीजें खाने में खाए, जिसमें मीट, फ्रूट और सब्जियां सभी कुछ पर्याप्त संख्या में हो लेकिन इससे बात नहीं बनी.
क्या इसका इलाज हो पाएगा वो अब रजिस्टर्ड ब्लाइंड है केवल बड़े अक्षरों को ही पढ़ सकेगा. उसकी आंखों के बीच अब ब्लाइंड स्पाट भी आ गया है. हालांकि पैरीफेरल विजन बचा हुआ है, इसलिए वो कहीं आ जा सकने की स्थिति में होगा लेकिन चूंकि उसकी ऑप्टिक नर्व डैमेज हो चुकी हैं जो अपने आप दुरुस्त नहीं हो पाएंगी.
क्या होते हैं ऑप्टिक नर्व फाइबर ऑप्टिक नर्व्स लाखों फाइबर से मिलकर बनी होती हैं और जब हम कुछ देखते हैं तो ये फाइबर ही उसकी सूचना रेटिना से ब्रेन में भेजते हैं. जब ये फाइबर कम विटामिन के कारण डैमेज हो जाते हैं, तो ऑप्टिक नर्व ब्रेन तक जानकारी नहीं भेज पातीं. न्यूट्रीशिनल ऑप्टिक न्यूरोपैथी एक धीमी स्थिति है, जिसमें दृष्टि धीरे धीरे खत्म हो जाती है. विटामिन बी खासकर पत्तीवाली सब्जियों में काफी मात्रा में मिलता है, ये हमारी आंखों की दृष्टि बेहतर रखने के लिए काफी अहम होती हैं.
न्यूट्रीशिनल ऑप्टिक न्यूरोपैथी क्या होती है ये आप्टिक नर्व के काम नहीं करने की स्थिति होती है. ये स्थिति शरीर में तब आती है जब आप जरूरी पोषक तत्व जरूरत से कम ले रहे हों. सामान्य तौर पर ये तब होता है जबकि शरीर में फोलिक एसिड और विटामिन बी की कमी हो जाए. ये कमी आमतौर पर कुपोषण, गलत तरीके से ली जा रही वेजटेरियन खुराक और ज्यादा शराब से होती है. लेकिन ब्रिस्टल के लड़के जैसे मामलों में ये खाने की खराब आदतों की वजह से पैदा होती हैं. हालांकि ऐसे मामले कम होते हैं और खासकर विकसित देशों में. न्यूट्रीशिनल ऑप्टिक न्यूरोपैथी में दृष्टि धीरे लेकिन बगैर दर्द के कम होती जाती है. इससे आपका कलर विजन भी खत्म हो जाता है और इसका ढंग से इलाज नहीं कराया जाए तो स्थायी तौर पर अंधेपन की स्थिति आ जाती है. इसके इलाज में डायटीरी सप्लीमेंट लेना भी शामिल होता है ताकि कम हो चुके पोषक तत्वों की भरपाई की जा सके.
भारती एयरटेल के पास प्रीपेड प्लान्स की सबसे बेहतरीन रेंज है। अब एयरटेल कम कीमत में भी कुछ अच्छे बेनिफिट्स ऑफर कर रहा है। एयरटेल्स के प्लान्स में यूजर्स को कई अडिशनल बेनिफिट्स भी मिल रहे हैं। कंपनी अपने यूजर्स को लंबी वैलिडिटी वाले लॉन्ग-टर्म प्लान्स भी ऑफर कर रहा है।
597 रुपये का प्लान पहला लॉन्ग-टर्म प्लान 597 रुपये का है, जिसमें यूजर्स को 169 दिन की वैलिडिटी मिलती है। लगभग 6 महीने के इस प्लान में यूजर्स को 169 दिनों के लिए केवल 6 जीबी मोबाइल डेटा मिलता है। यह प्लान उन कस्टमर्स के लिए है, जो डेटा का इस्तेमाल कम और कॉलिंग ज्यादा करते हैं। अनलिमिटेड कॉलिंग के अलावा हर 28 दिन पर इसमें 300 फ्री एसएमएस भी मिलते हैं। अडिशनल बेनिफिट्स में Wynk म्यूजिक सब्सक्रिप्शन, एयरटेल Xstream ऐप प्रीमियम सब्सक्रिप्शन और Norton मोबाइल सिक्यॉरिटी भी एक साल के लिए मिलती है।
998 रुपये का प्लान यह प्रीपेड प्लान बैलेंस्ड बेनिफिट्स ऑफर करता है। इसकी वैलिडिटी 336 दिनों की है। यह पूरे 336 दिनों के लिए केवल 12 जीबी डेटा ऑफर करता है और इसमें हर 28 दिन पर 300 फ्री एसएमएस भी मिलते हैं। डेटा बेनिफिट्स को देखते हुए ज्यादातर यूजर्स इसे भी एक वॉइस-ओरिएंटेड प्लान ही मानेंगे। अनलिमिटेड कॉलिंग ऑफर करने वाले इस प्लान में Wynk म्यूजिक सब्सक्रिप्शन, एयरटेल Xstream ऐप प्रीमियम सब्सक्रिप्शन और Norton मोबाइल सिक्यॉरिटी भी एक साल के लिए अडिशनल बेनिफिट्स के तौर पर मिलती है।
1,699 रुपये का प्लान यह प्लान 1,699 रुपये का है और डेली डेटा और कॉलिंग बेनिफिट्स के लिए यह बेस्ट है। इस में यूजर्स को पूरे 365 दिन की वैलिडिटी मिलती है और रोज 1.4 जीबी डेटा मिलता है और अनलिमिटेड कॉलिंग बेनिफिट्स भी दिए गए हैं। इस प्लान को सब्सक्राइब करने पर यूजर्स को रोज 100 एसएमएस भी फ्री मिलते हैं। इसके अलावा अडिशनल बेनिफिट्स की बात करें तो Wynk म्यूजिक सब्सक्रिप्शन, एयरटेल Xstream ऐप प्रीमियम सब्सक्रिप्शन और Norton मोबाइल सिक्यॉरिटी भी एक साल के लिए मिलती है।
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में जहां एक ओर पीसीसी चीफ के लिए कांग्रेस में घमासान मचा हुआ है. वहीं दूसरी ओर दिल्ली से ग्वालियर लौटते ही ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने मंगलवार को बड़ा बयान दिया है. सिंधिया ने मध्य प्रदेश में चल रहे अवैध उत्खनन को लेकर कमलनाथ सरकार (Kamal Nath Government) पर निशाना साधते हुए कहा है कि प्रदेश में अवैध खनन के खिलाफ उन्होंने झंडा बुलंद किया था, लेकिन ये बड़ी शर्म की बात है कि आज भी अवैध खनन चल रहा है. मध्य प्रदेश सरकार को खनन पर रोक लगानी होगी. अगर अवैध खनन नहीं रोका गया तो में खुद इसके खिलाफ झंडा उठाऊंगा.
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ये बात ग्वालियर के मानस भवन फूलबाग में आयोजित झुग्गी झोपड़ी संघ के कार्यक्रम में खुले मंच से कही है. उन्होंने कहा कि वो गरीबों को पट्टा दिलाकर रहेंगे. इस दौरान उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार को घोषणा पत्र याद दिलाते हुए कहा कि किसानों की कर्ज माफी का वादा किया था. अब किसानों की भी कर्जमाफी भी ठीक तरह से होनी चाहिए.
सिंधिया ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार हमेशा से मध्य प्रदेश का बजट कम करती रही है. यूपीए सरकार और अब की सरकार की तुलना करके देख लीजिए कितना फंड प्रदेश को दिया गया है. पहले शिवराज सिंह की सरकार थी तो जरा-जरा सी बात पर केंद्र सरकार के पास फंड के लिए पहुंच जाते थे.
किफायती विमान सेवा कंपनी गोएयर ने 2020 के नए दशक में धूमधाम के साथ प्रवेश करने के लिए एक शानदार ऑफर की पेशकश की है। इस ऑफर के तहत 3 से 8 सितंबर, 2019 तक टिकटों की एक खास सेल का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें किराए की शुरुआत 1420 रुपए से होगी।
इस अवधि के दौरान बुक किए जाने वाले टिकटों पर 14 जनवरी 2020 से 31 जुलाई 2020 तक 24 शहरों में फैले हुए गोएयर के समूचे नेटवर्क में आपके पसंदीदा स्थलों तक हवाई यात्रा की जा सकेगी। 2020 की यह पहल ग्राहकों को शीघ्र बुकिंग करने का जरूरी संदेश देने के साथ हवाई यात्रा सस्ती बनाने के लिए गोएयर के प्रयासों का ऐलान है।
गोएयर के प्रबंध निदेशक जेह वाडिया ने कहा कि हम भारतीय लोग अपने वैश्विक समकक्षों की तर्ज पर चलने लगे हैं, जैसे कि छुट्टियों पर जाने की योजनाएं 120 से 180 दिन पहले बनाने लगे हैं। यह देखकर खुशी होती है कि अग्रिम योजना बनाने के लाभों को अच्छी तरह से समझा जा रहा है और ग्राहक लंबी अवधि के निर्णय लेने के लिए तैयार हैं।
इस सेल में दिल्ली से लखनऊ का टिकट 1420 रुपए में, दिल्ली से नागपुर 1520 रुपए, दिल्ली से अहमदाबाद 1920 रुपए, दिल्ली से मुंबई 2120 रुपए, दिल्ली से रांची 2200 रुपए, दिल्ली से पटना 2220 रुपए, दिल्ली से जम्मू 2320 रुपए, दिल्ली से कोलकाता 2420 रुपए और दिल्ली से हैदराबाद 2520 रुपए में जा सकते हैं।
गोएयर 24 घरेलू गंतव्यों के लिए उड़ानें संचालित करती है, जिनमें अहमदाबाद, बागडोगरा, बेंगलुरु, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, चेन्नई, दिल्ली, गोवा, गुवाहाटी, हैदराबाद, जयपुर, जम्मू, कोच्चि, कोलकाता, कन्नूर, लेह, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, पटना, पोर्ट ब्लेयर, पुणे, रांची और श्रीनगर शामिल हैं। इसकी 300 से ज्यादा दैनिक उड़ानें संचालित होती हैं।
यहां वास्तविक दुनिया में, शोधकर्ता लंबे समय से यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कैसे स्पष्ट रूप से दूर के एक्सोप्लैनेट पर जीवन के संकेतों का पता लगाया जाए। वे अब इस लक्ष्य के एक कदम करीब हैं, एक नई रिमोट-सेंसिंग तकनीक जो जैव रसायन की एक क्विक पर निर्भर करता है, जो एक विशेष दिशा में सर्पिल से प्रकाश पैदा करता है और एक काफी अचूक संकेत उत्पन्न करता है। एस्ट्रोबायोलॉजी जर्नल में प्रकाशित एक हालिया पेपर में वर्णित विधि का उपयोग अंतरिक्ष-आधारित वेधशालाओं में किया जा सकता है और वैज्ञानिकों को यह जानने में मदद मिल सकती है कि ब्रह्मांड में अपने जैसे जीवित प्राणी हैं या नहीं।
हाल के वर्षों में, सुदूर जीवन का पता लगाना बेहद रुचि का विषय बन गया है क्योंकि खगोलविदों ने अन्य सितारों की परिक्रमा करने वाले ग्रहों से प्रकाश पर कब्जा करना शुरू कर दिया है, जो यह निर्धारित करने के लिए विश्लेषण किया जा सकता है कि उन दुनिया में किस तरह के रसायन होते हैं। ये जीवित रसायन दो व्यवस्थाओं में आते हैं – एक दाएं हाथ और एक बाएं हाथ का संस्करण जो एक दूसरे की दर्पण-फ़्लिप छवियों की तरह हैं। नीदरलैंड के लीडेन विश्वविद्यालय के एक खगोलशास्त्री और नए पेपर के सह-लेखक फ्रैंस स्निक ने लाइव साइंस को बताया कि ‘जीवविज्ञान इस समरूपता को तोड़ता है,’ ‘यह रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के बीच अंतर है।’ पृथ्वी पर, जीवित प्राणी एक आणविक ‘हाथ’ का चयन करते हैं और उसके साथ चिपके रहते हैं। अमीनो एसिड जो आपके शरीर में प्रोटीन बनाते हैं, वे सभी अपने संबंधित अणुओं के बाएं हाथ के संस्करण हैं।
जब प्रकाश इन अलग-अलग हाथों की व्यवस्था की लंबी श्रृंखलाओं के साथ बातचीत करता है, तो यह गोलाकार रूप से ध्रुवीकृत हो जाता है, जिसका अर्थ है कि इसकी विद्युत चुम्बकीय तरंगें दक्षिणावर्त या वामावर्त सर्पिल में यात्रा करेंगी। अकार्बनिक अणु आमतौर पर प्रकाश की किरणों के लिए इस संपत्ति को प्रदान नहीं करते हैं। पिछले जर्नल अर्क्सिव में ऑनलाइन प्रकाशित पिछले काम में, स्निक और उनके सहयोगियों ने अपनी लैब में ताज़ी चुनी हुई इंग्लिश आइवी पत्तियों को देखा और क्लोरोफिल (एक हरे रंग के रंगद्रव्य) के रूप में देखा जो कि गोलाकार ध्रुवीकृत प्रकाश बनाता है। जब पत्तियां सड़ गईं, तो गोलाकार ध्रुवीकरण संकेत कमजोर हो गया, जब तक कि यह पूरी तरह से गायब नहीं हो गया।
अगला कदम क्षेत्र में तकनीक का परीक्षण करना था, और इसलिए शोधकर्ताओं ने एक उपकरण लिया, जो लीडेन विश्वविद्यालय में अपने भवन की छत पर इस तरह की ध्रुवीयता का पता लगाता है और इसे पास के खेल मैदान में निशाना बनाता है। जब शोधकर्ताओं ने कुछ दूरी पर एक जंगल में अपने डिटेक्टर का लक्ष्य रखा, तो परिपत्र ध्रुवीकृत संकेत जोर से और स्पष्ट रूप से आया।
कर्नाटक (Karnataka) के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (Siddaramaiah) के गुस्से से हर कोई वाकिफ है. छोटी-छोटी बातों पर भी वो आग बबूला हो जाते हैं. बुधवार को मैसूर एयपोर्ट (Mysuru Airport) पर उन्होंने अपने ही एक सहयोगी को चांटा मार दिया. आखिर क्यों सिद्धारमैया ने चांटा मारा इसको लेकर फिलहाल तस्वीर साफ नहीं है.
20 सकेंड के वीडियो में देखा जा सकता है कि सिद्धारमैया फ्रेम में आते हैं और उनके सामने अलग-अलग टीवी चैनल के ढेर सारे माइक लगे हैं. वो वापस लौटते हुए दिखते हैं. तभी उनके साथ एक और शख्स सफेद कपड़े में नजर आता है. सिद्धारमैया उनसे कुछ बात करते हैं और फिर तड़ाक से उन्हें चांटा जड़ देते हैं.
देश में एक सिंतबर से नए ट्रैफिक नियम लागू हो चुके हैं और इन नए ट्रैफिक नियमों को तोडना अब आपके लिए भारी पड़ेगा। वहीं अब राजस्थान यातायात विभाग अब उन मोटर चालकों पर कार्रवाई करेगा जो अपने वाहनों पर जाति और धर्म के स्टिकर लगाकर गाड़ी चलाते हैं। यातायात विभाग किसी भी गाडी पर जाति, धर्म, पेशा और राजनीतिक दलों से संबद्ध स्टिकर लगाने वालों से जुर्माना वसूलेगा।
टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार को ट्रैफिक एसपी के जारी किए गए एक आदेश के अनुसार किसी भी गाड़ी में जाट, ब्राह्मण, राजपूत, हिंदू, मुस्लिम, वकील, डॉक्टर आदि लिखकर चलने वालों का चालान काटा जाएगा। सिविल राइट्स सोसायटी ने 9 अगस्त को एक पत्र लिखकर अधिकारियों से कहा था कि वाहनों पर जाति, पदनाम और गांव के नाम लिखने का चलन बढ़ रहा है। यह चलन समाज में सांप्रदायिकता और जातिवाद को जन्म दे रहा था। इस पत्र को ट्रैफिक विभाग ने संज्ञानता में लिया और उसके बाद यह आदेश जारी किया।
नंबर प्लेटों पर नंबर की जगह नाम और नारे लिखना गलत… पत्र में यह भी कहा गया कि कई लोग नंबर प्लेटों में नंबर की जगह नाम और नारे भी लिखते हैं। एक वरिष्ठ ट्रैफिक पुलिस अधिकारी ने बताया कि नंबर प्लेटों पर नंबर की जगह कुछ और लिखना अवैध है और इसके लिए 5,000 रुपऐ तक का जुर्माना हो सकता है। अब तक गाड़ी की बॉडी और विंड स्क्रीन पर नाम और पदनाम लिखने पर कोई जुर्माना नहीं था।
इस ताजा कदम का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विंडस्क्रीन पर ऐसा कुछ न लिखा हो जो खराब दृश्यता का कारण बने और ड्राइवरों को गाड़ी चलाने में बाधा बने। इस आदेश में उस सटीक दंड या कार्रवाई के बारे में नहीं लिखा गया है कि ऐसे मामलों में चालकों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी। मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 177 के अनुसार, यदि अपराध के लिए कोई जुर्माना नहीं है, तो लगाया जाने वाला अधिकतम जुर्माना पहली बार में 100 रुपए है और बाद में यह 300 रुपए तक वसूला जा सकता है।
राजस्थान के जोधपुर में बुधवार सुबह खौफनाक हादसा हुआ है। एक चट्टान खिसककर मकानों पर आ गिरी, जिससे अफरा-तफरी मच गई। चार मकान क्षतिग्रस्त हो गए। गनीमत यह रही कि चट्टान खिसकने से मकानों को नुकसान पहुंचा है, मगर कोई जनहानि नहीं हुई है।
हादसे से टूटी नींद
जानकारी के अनुसार जोधपुर में केक मसूरिया स्थित बरगी कॉलोनी में बुधवार सुबह करीब 4 बजे तेज धमाकों के साथ लोगों की नींद टूटी। करीब 100 टन से ज्यादा वजनी एक चट्टान खिसककर घरों की छतों पर आ गिरे। एक बारगी तो लोगों के माजरा समझ नहीं आया। फिर घरों से बाहर निकलकर देखा तो एक बड़ी चट्टान खिसककर आई हुई दुखी।
रसोई तक पहुंची चट्टान
बरगी कॉलोनी में चट्टान खिसकने से चार मकानों को नुकसान हुआ है। राजू धानका के घर में तो चट्टान रसोई तक पहुंच गई, जिसके उसका रसोई गैस सिलेण्डर दब गया। राम प्रजापत व धर्मराज प्रजापत और मुन्नी बाई के मकान भी चट्टान से क्षतिग्रस्त हो गए। सूचना पाकर नगर निगम टीम मौके पर पहुंची और चट्टान को हटाने का कार्य शुरू किया।
खतरा अभी टला नहीं
पीड़ित राजू धानका ने बताया कि उनकी कॉलोनी में चट्टान के कारण खतरा अभी टला नहीं है, क्योंकि मसूरिया पहाड़ी से अब भी कई चटानें लटक रही हैं, जो एक-दो दिन में बरसात होने पर खिसककर हमारे घरों पर आ सकती हैं। निगम को ऐसी चटानों को चिन्हित उनकी जद में आने वाले घरों को खाली करवाया जाना चाहिए। ताकि समय रहते बड़ा रोका जा सके।
टेक्नोलॉजी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आने के बाद तकनीकि में एक नया मुकाम हासिल वहीं एक खतरा भी पैदा हुआ। खतरा आपकी सुरक्षा का। आजकल के ठग पुराने ठगों की तरह घोड़े में बैठकर हाथों में बंदूक लेकर आपको लुटने नहीं आते हैं बल्कि इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए एक कमरे में बैठ कर लैपटॉप और अच्छे इंटरनेट कनेक्शन की बदौलत आपकी पूरी तिजोरी खाली कर जाते हैं। अब एक ऐसी ही रिपोर्ट सामने आई है जिसमें हैकर्स ने AI की मदद से एक कंपनी के सीईओ को 2,43,000 डॉलर (करीब 1 करोड़ 75 लाख रुपये) का चूना लगाया है।
वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक हैकर्स ने जर्मनी की एक कंपनी के सीईओ के आवाज की नकल करके ब्रिटेन की एक कंपनी के सीईओ को 2,43,000 डॉलर की ठगी की है। यह घटना पूरी तरह से फिल्मी अंदाज में घटित हुई है। घटना इसी साल मार्च की है। एक दिन ब्रिटेन की एक एनर्जी फर्म के सीईओ को उनकी कंपनी के पैरंट कंपनी के सीईओ का फोन आता है और यहीं सबसे बड़ा खेल होता है क्योंकि यह फोन उनकी पैरंट कंपनी के सीईओ ने नहीं, बल्कि हैकर्स ने की थी और आवाज की नकल करने के लिए हैकर्स ने AI की मदद ली थी।
ऐसे में ब्रिटेन की कंपनी के सीईओ को जरा-सी भी भनक भी नहीं लगती कि वह दूसरी कंपनी के सीईओ से नहीं, बल्कि हैकर्स से बात कर रहे हैं। इसके बाद उन्होंने बातचीत के आधार को बिजनेस डील मानते हुए हंगरी के एक सप्लायर के खाते में पैसे ट्रांसफर कर दिए। रिपोर्ट की मानें तो यह पैसा हंगरी के बाद इन पैसों को मेक्सिको समेत कई देशों में मौजूद बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया।
बता दें कि ये सॉफ्टवेयर इतने काबिल हैं कि किसी की भी आवाज की मिमिक्री हू-ब-हू कर सकते हैं। ऐसे में पहचानना मुश्किल हो जाता है आप अपने दोस्त या बिजनेस पार्टनर से बात कर रहे हैं या फिर किसी ठग से। मामले की जांच की जा रही है, हालांकि कंपनी को हुए नुकसान की भरपाई इंश्योरेंस कंपनी ने कर दिया है, लेकिन आपको भी इस तरह के फोन कॉल से सतर्क रहने की जरूरत है।