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सहारा इंडिया का रिफंड पोर्टल फिर से खुला, 10 लाख तक कर सकते हैं क्लेम, जानें फुल प्रोसेस…

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देशभर में ऐसे लाखों लोग हैं जिन्होंने सहारा समूह की सहकारी समितियों में अपनी जमा-पूंजी निवेश की थी. लंबे समय से लोग अपने पैसे की वापसी का इंतजार कर रहे थे. अब उनके लिए राहत की खबर है.

केंद्र सरकार का शुरू किया गया CRCS-Sahara Refund Portal फिर से खोल दिया गया है. खास बात यह है कि जिन लोगों का पहले क्लेम रिजेक्ट हो गया था या जिनके आवेदन में कोई कमी रह गई थी, वे अब दोबारा अपना दावा जमा यानी रीसबमिट कर सकते हैं. सरकार का कहना है कि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से की जा रही है, ताकि असली निवेशकों को उनका पैसा सीधे बैंक खाते में मिल सके.

क्या है सहारा रिफंड पोर्टल?

यह पोर्टल Ministry of Cooperation ने शुरू किया गया है. इसका उद्देश्य सहारा समूह की चार सहकारी समितियों में निवेश करने वाले लोगों को उनका पैसा वापस दिलाना है. यह कदम Supreme Court of India के आदेश के बाद उठाया गया, जिसके तहत सरकार को निवेशकों का पैसा लौटाने की प्रक्रिया शुरू करनी पड़ी. रिफंड की राशि सीधे निवेशक के बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाती है.

किन समितियों के निवेशकों को मिलेगा फायदा?

अगर आपने Sahara Credit Cooperative Society Ltd, Saharayan Universal Multipurpose Society Ltd, Humara India Credit Cooperative Society Ltd या Stars Multipurpose Cooperative Society Ltd जैसी सहकारी समितियों में पैसा जमा किया था, तो आप इस रिफंड के लिए आवेदन कर सकते हैं. इन समितियों में पैसा जमा करने वाले सभी पात्र निवेशक आधार और बैंक डिटेल के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.

10 लाख रुपये तक का क्लेम कर सकते हैं दोबारा

रीसबमिशन पोर्टल पर अभी 10 लाख रुपये तक के दावों को दोबारा जमा करने की सुविधा दी गई है. अगर आपके क्लेम में कोई कमी पाई गई थी या आपका आवेदन वेरीफीकेशन में पास नहीं हुआ था तो आपको पोर्टल के माध्यम से इसकी सूचना दी गई होगी. अब आप उन कमियों को सुधार कर अपना आवेदन फिर से जमा कर सकते हैं. दोबारा सही तरीके से क्लेम जमा करने के बाद उसे 45 वर्किंग डेज के भीतर प्रोसेस किया जाएगा.

अभी तक 50,000 रुपये तक के क्लेम हुए प्रोसेस

सरकार ने पहले चरण में 50,000 रुपये तक की राशि जारी करने की प्रक्रिया शुरू की है. जिन निवेशकों के दस्तावेज सही पाए गए, उन्हें 50,000 रुपये या उससे कम की राशि सीधे बैंक खाते में भेजी गई है. जिनके आवेदन में कमी थी, उन्हें मैसेज के जरिए जानकारी दी गई है ताकि वे दोबारा सही दस्तावेज अपलोड कर सकें. जानकारी के अनुसार, पात्र निवेशकों को मार्च 2026 से 50,000 रुपये तक की पहली किस्त मिलने की संभावना है. जिन लोगों के आवेदन पहले से स्वीकृत हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी.

रीसबमिशन कैसे करें?

आधिकारिक रिफंड रीसबमिशन पोर्टल पर mocresubmit.crcs.gov.in/resubmission जाएं.

आधार से लिंक मोबाइल नंबर दर्ज करें.

OTP डालकर लॉगिन करें.

अपने निवेश से जुड़े सर्टिफिकेट आदि अपलोड करें.

बैंक खाता विवरण भरें.

फॉर्म सबमिट करें और रसीद डाउनलोड कर लें, लेकिन आपका बैंक खाता आधार से लिंक होना जरूरी है, तभी DBT के जरिए पैसा ट्रांसफर होगा.

सहायता के लिए कहां करें संपर्क?

अगर आपको तकनीकी दिक्कत आ रही है या जानकारी चाहिए, तो आप हेल्पलाइन नंबर 011-20909044 या 011-20909045 पर संपर्क कर सकते हैं. हालांकि सरकार ने साफ किया है कि सिर्फ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन जमा किए गए क्लेम ही स्वीकार किए जाएंगे. ऑफलाइन आवेदन या किसी एजेंट के माध्यम से किया गया दावा मान्य नहीं होगा. पोर्टल को चरणबद्ध तरीके से खोला जा रहा है ताकि एक साथ ज्यादा लोड न पड़े.

सुप्रीम कोर्ट ने रूह अफजा को माना फ्रूट ड्रिंक, अब 12.5 प्रतिशत नहीं सिर्फ 4 प्रतिशत टैक्स देगा हमदर्द…

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सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (25 फरवरी, 2026) को एक फैसले में कहा है कि शरबत रूह अफजा को एक फ्रूट ड्रिंक माना जाना चाहिए. कोर्ट ने कहा कि मार्केटिंग लेबल किसी उत्पाद की टैक्स कैटेगरी निर्धारित नहीं कर सकते.

उन्होंने कहा कि ‘रूह अफजा’ एक फल आधारित पेय पदार्थ है जिसे पानी या दूध में मिलाकर पतला करके पिया जाता है. कोर्ट ने कहा कि इस पर वैट (Value Added Tax) की दर 12.5 प्रतिशत नहीं, बल्कि कम दर वाला 4 प्रतिशत वैट लागू होगा.

लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार कोर्ट ने कहा कि हमदर्द (WAKF) के शरबत रूह अफजा को उत्तर प्रदेश वैट एक्ट के तहत फ्रूट ड्रिंक की श्रेणी में रखा जाए. उन्होंने कहा कि भले ही इसे शरबत के रूप में बेचा जाता है, जिन पर 12.5 प्रतिशत टैक्स लगता है, लेकिन इसे फ्रूट ड्रिंक ही माना जाए और 4 प्रतिशत टैक्स कैटेगरी में रखा जाए.

जस्टिस बी वी नागरत्ना और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने कहा, ‘एक बार यह सिद्ध हो जाने पर कि उत्पाद फलों से बना पेय पदार्थ है जिसका पतला करके सेवन किया जाना है, तो इसे एंट्री 103 के अंतर्गत फ्रूट ड्रिंक के रूप में वर्गीकृत करने का उचित और ठोस आधार बनता है.’ बेंच ने हमदर्द लेबोरेटरीज की अपील को स्वीकार करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट के उन फैसलों को रद्द कर दिया, जिनमें रूह अफजा को 12.5 प्रतिशत ​​की वैट दर के तहत रखा गया था.

रूह अफजा को लेकर मुद्दा ये था कि इसमें 10 प्रतिशत फलों का रस, हर्बल अर्क और चीनी सिरप होता है तो इस पर टैक्स फ्रूट ड्रिंक के तौर पर लगाया जाए या अनक्लासीफाइड आइटम्स की तरह 12.5 प्रतिशत वैट लगाया जाए. इनकम टैक्स अधिकारियों ने इसके लेबल पर दी गई जानकारी कि यह नॉन-फ्रूट सिरप या शरबत है, इसको खाद्य नियमों के तहत उच्च दर वाले आइटम्स में वर्णित किए जाने के आधार पर 12.5 प्रतिशत ​​वैट लगाने को उचित ठहराया.

सुप्रीम कोर्ट ने माना कि किसी उत्पाद के टैक्स वर्गीकरण में उसका असली व्यवसायिक और वास्तिवक स्वरूप मायने रखता है. न कि सिर्फ उसका मार्केटिंग लेबल या नाम. कोर्ट ने आवश्यक विशेषता टेस्ट लागू करते हुए माना कि भले ही रूह अफजा में शुगर सिरप मात्रा में अधिक है, लेकिन यह एक कैरियर और प्रीजरवेटिव के रूप में काम करता है. भले ही इनवर्ट शुगर सिरप की मात्रा लगभग 80 प्रतिशत होती है, लेकिन इसका मुख्य काम ड्रिंक में मिठास बढ़ाना है और यह उसकी व्यावसायिक या पेय पहचान निर्धारित नहीं करता है.

उन्होंने कहा कि इसका स्वाद, फ्लेवर और पेय गुण फलों के रस और उससे प्राप्त आसुत पदार्थों से आते हैं, जो मिलकर उत्पाद को एक सुगंधित शरबत के रूप में विशिष्ट पहचान प्रदान करते हैं. कोर्ट ने कहा कि इसका वर्गीकरण उस घटक के आधार पर होना चाहिए जो इसको उसका आवश्यक पेय गुण प्रदान करता है. इसके अलावा, कोर्ट ने इस बात पर भी गौर किया कि कई राज्यों, जैसे दिल्ली, गुजरात, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश ने रूह अफजा को फल आधारित फ्रूट ड्रिंक की श्रेणी में रखा है.

NCP की ‘बॉस’ बनीं सुनेत्रा पवार, राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी अध्यक्ष नियुक्त…

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दिवंगत अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार अब एनसीपी की नई ‘बॉस’ हैं. गुरुवार (26 फरवरी) को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में उन्हें अध्यक्ष चुना गया. पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने सुनेत्रा पवार के नाम की घोषणा की.

चर्चा है कि सुनेत्रा पवार के बेटे पार्थ पवार को भी बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है. पार्टी की बैठक में प्रफुल्ल पटेल ने अध्यक्ष पद के सुनेत्रा पवार के नाम का प्रस्ताव रखा जिसे सभी ने स्वीकार लिया.

28 जनवरी को अजित पवार का हुआ था निधन

एनसीपी की बैठक में सुनेत्रा पवार, सुनील तटकरे, प्रफुल्ल पटेल, पार्थ पवार और छगन भुजबल सहित कई नेता मौजूद रहे. प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि 28 जनवरी को अजित दादा का निधन हो गया, ये हम सभी के लिए सदमा है. हमारे सामने ये सवाल था कि हम अब क्या करेंगे. हमारी पार्टी सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में काम करेगी.

हमने सही समय पर सही फैसला लिया- प्रफुल्ल पटेल

प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि बीते महीने हमने देखा कि कुछ लोग तरह-तरह की बातें कर रहे थे जिनका हमारी पार्टी से कोई लेना देना नहीं. लेकिन हमने सुनेत्रा पवार को डिप्टी सीएम बनाया. हमने सही समय पर सही फैसला लिया. अब हम नए अध्यक्ष के नेतृत्व में आगे बढ़ेंगे. हम सब यहां साथ आए हैं.

प्रफुल्ल पटेल ने आगे कहा कि अजित पवार ने उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया. उन्होंने बहुत भरोसा किया. हमने पार्टी और महाराष्ट्र के हित में काम किया. पटेल ने कहा, “तटकरे, छगन भुजबल, हसन मुश्रीफ और मेरी जिम्मेदारी है कि हम पार्टी को आगे ले जाए. अजित पवार के साथ 35 सालों की दोस्ती है. मैं आज घोषणा करता हूं कि सुनेत्रा पवार पार्टी की अध्यक्ष होंगी.”

बता दें कि सुनेत्रा पवार अभी महाराष्ट्र के किसी सदन की सदस्य नहीं हैं. वो राज्यसभा की सांसद थीं. उनकी जगह उनके बेटे पार्थ पवार को एनसीपी राज्यसभा भेजेगी. राज्यसभा के लिए 16 मार्च को चुनाव होने हैं.

CG: रंगों से बदलते जीवन के रंग ”हर्बल गुलाल” खुशहाली के नए रंग, होली का त्यौहार रंगों की उमंग और खुशियों का संदेश…

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होली का त्यौहार रंगों की उमंग और खुशियों का संदेश लेकर आता है। इस बार छत्तीसगढ़ की बिहान दीदियां प्राकृतिक रंगों से न केवल होली को सुरक्षित बना रही हैं, बल्कि अपने जीवन में खुशहाली के नए रंग भी भर रही हैं।

छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़ी महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर स्व-सहायता समूहों के माध्यम से हर्बल गुलाल तैयार कर रही हैं। प्राकृतिक फूलों, सब्जियों से बने ये रंग पूरी तरह सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल हैं। सुगंध के लिए गुलाबजल और प्राकृतिक इत्र का उपयोग किया जाता है, जिससे रंगों की महक भी मन को भा जाती है।

कांकेर जिले में आत्मसमर्पित माओवादियों के समूह ने भी पुनर्वास नीति के तहत हर्बल गुलाल निर्माण का कार्य शुरू किया है। पुनर्वास शिविर में मानकी नेताम, सामको नुरूटी और डाली सलाम जैसे सदस्य पूरे उत्साह से गुलाल तैयार कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह कार्य उन्हें आत्मसम्मान और स्थायी आजीविका दोनों दे रहा है। शासन की पुनर्वास नीति से भटके युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में यह सराहनीय पहल है।

प्रदेश के रायपुर, कबीरधाम, गरियाबंद, जांजगीर-चांपा, नारायणपुर और कांकेर सहित अनेक जिलों में स्व-सहायता समूह हर्बल गुलाल का उत्पादन कर रहे हैं। कई समूह मंदिरों में अर्पित फूलों को एकत्र कर सुगंधित गुलाल बना रहे हैं। अबुझमाड़ जैसे आदिवासी क्षेत्रों में महिलाओं ने इसे अपनी पहचान बना ली है। बिहान योजना के तहत महिलाएं सरस मेला एवं क्षेत्रीय मेलों में स्टॉल लगाकर उत्पादों की बिक्री कर रही हैं। इससे उन्हें 40 से 60 हजार रुपये तक का सीधा लाभ मिल रहा है। कई महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल गढ़ रही हैं।

हर्बल गुलाल के अनेक लाभ हैं। यह त्वचा और आंखों के लिए सुरक्षित है, एलर्जी या जलन की आशंका नहीं होती। यह बायोडिग्रेडेबल है और पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाता। हल्दी में एंटी-बैक्टीरियल गुण और पलाश में रक्त-शोधक विशेषताएं होती हैं, जो इसे और भी उपयोगी बनाती हैं। बाजार में इसकी कीमत 80 से 250 रुपये प्रति किलो तक है, जिससे यह आमजन के लिए भी सुलभ है।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार वर्ष 2026 को महिला गौरव वर्ष के रूप में मना रही है। राज्य सरकार के प्रयास से 5 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। महिलाओं को आर्थिक संबल देने के लिए चलाई जा रही महतारी वंदन योजना से लगभग 69 लाख से अधिक महिलाओं को हर माह एक-एक हजार रूपए की राशि भी दी जा रही है। चालू बजट में लखपति दीदीयों को एक्सपोजर विजिट के लिए नई योजना भी लाई गई है। महिलाओं के सशक्तिकरण का यह प्रयास विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को पूरा करने में सार्थक भूमिका निभाएगा।

CG: खुशहाली की खुशहोली, किसानों को मिलेगी धान की एकमुश्त अंतर राशि…

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समय पर सहायता से मजबूत होगा किसान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था’

रायपुर: होली का त्योहार इस बार  किसानों के लिए सिर्फ रंगों की नहीं, बल्कि समृद्धि और खुशहाली की सौगात लेकर आया है। राज्य सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अंतर राशि होली से पहले एकमुश्त देने के निर्णय ने गांव-गांव में उत्साह का माहौल बना दिया है। यह राशि किसानों के जीवन में आर्थिक राहत के साथ-साथ आत्मविश्वास भी बढ़ा रही है।

कबीरधाम जिले के ग्राम खिरशाली के किसान श्री मूलचंदन पाटिल के लिए यह निर्णय किसी वरदान से कम नहीं है। उन्होंने इस वर्ष धान खरीदी केंद्र में 31.20 क्विंटल धान बेचा था, जिसकी समर्थन मूल्य की राशि उन्हें समय पर बैंक खाते में मिल गई। अब अंतर राशि भी होली से पहले मिलने की खबर से उनके परिवार में खुशियों की लहर दौड़ गई है। श्री पाटिल बताते हैं कि इस बार खरीदी केंद्र में पूरी प्रक्रिया सहज और व्यवस्थित रही, जिससे उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। वे कहते हैं कि इस राशि से वे अपने बच्चों के लिए नए कपड़े, घर की आवश्यक सामग्री और त्योहार के लिए रंग-गुलाल खरीद सकेंगे।

ग्राम छांटा के किसान श्री भोलाराम चंद्रवंशी ने बताया कि 5.57 एकड़ में धान तथा शेष भूमि में गन्ने की खेती करते हैं। इस सीजन उन्होंने 84.40 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर बेचा। वे बताते हैं कि समय पर भुगतान मिलने से उन्हें आर्थिक चिंता नहीं रही और अब होली से पहले अंतर राशि मिलने से घर की आवश्यक जरूरतें पूरी करने के साथ-साथ खेती के कामों में भी सुविधा होगी। उनका कहना है कि त्योहार के समय यह राशि मिलना परिवार के लिए बहुत बड़ी राहत है।

इसी तरह ग्राम मोटियारी के किसान श्री मेलनराम जायसवाल ने भी सरकार के इस निर्णय पर प्रसन्नता जताई है। उन्होंने इस वर्ष लगभग 212 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर बेचा है। मूल भुगतान उन्हें पहले ही मिल चुका है, लेकिन अंतर राशि होली से पहले मिलने की घोषणा ने उनकी आर्थिक योजनाओं को नया बल दिया है। उनका कहना है कि होली के बाद खेती का नया सीजन शुरू हो जाता है, ऐसे में यह राशि पारिवारिक जरूरतों के साथ-साथ खेती-किसानी के कार्यों में बहुत उपयोगी साबित होगी। वे इस राशि से ट्रैक्टर ट्रॉली खरीदने की योजना बना रहे हैं, जिससे खेती का काम आसान होगा और आय के नए अवसर भी बढ़ेंगे।

किसानों ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय उनकी जरूरतों को पूरा करती है। होली से पहले आर्थिक सहायता मिलने से न केवल त्योहार की खुशियां दोगुनी हुई हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। यह पहल से समय पर मिला सहयोग किसानों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है। इससे त्योहार भी खुशहाल, खेती भी सशक्त और भविष्य भी सुरक्षित होगी।

CG: प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए अधोसंरचना और अवसरों का विस्तार हमारी प्राथमिकता — मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय…

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से पूर्व क्रिकेट कप्तान कपिल देव ने की सौजन्य मुलाकात, खेल विकास पर हुई सार्थक चर्चा’

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज नया रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने श्री कपिल देव को बेल मेटल से बनी प्रतिकृति, पुण्यभूमि छत्तीसगढ़ कॉफी टेबल बुक भेंट कर उनका अभिनंदन किया। मुलाकात के दौरान दोनों के बीच प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने, आधुनिक खेल अधोसंरचना के विकास, अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण केंद्र तथा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को तैयार करने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह  उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य सरकार द्वारा खेलों के प्रोत्साहन और खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए अधोसंरचना, प्रशिक्षण और अवसरों का विस्तार सरकार की प्राथमिकता है।

पूर्व कप्तान कपिल देव ने छत्तीसगढ़ में हो रहे सकारात्मक परिवर्तनों की सराहना करते हुए कहा कि सुरक्षा, विश्वास और विकास के इस माहौल में प्रदेश की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट मंच प्राप्त होगा तथा छत्तीसगढ़ सुरक्षित, समृद्ध और विकसित राज्य के रूप में आगे बढ़ेगा।

CG: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से प्रेस क्लब प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात…

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रंगोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में किया आमंत्रित’

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से रायपुर प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने आज सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में प्रेस क्लब अध्यक्ष श्री मोहन तिवारी, महासचिव श्री गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष श्री दिलीप साहू सहित पत्रकार श्री सौरभ सिंह परिहार शामिल थे।

प्रतिनिधिमंडल ने प्रेस क्लब द्वारा आयोजित किए जाने वाले रंगोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने हेतु मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को औपचारिक आमंत्रण दिया। साथ ही पत्रकार हित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित करते हुए सकारात्मक पहल की अपेक्षा व्यक्त की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना तथा सभी विषयों पर समुचित पहल करने का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री आर. कृष्णा दास  तथा मीडिया प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

‘मानवता कभी संघर्ष की शिकार नहीं होनी चाहिए’, गाजा पीस प्लान पर बोले PM मोदी, कहा- भारत का समर्थन…

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल यात्रा का आज (26 फरवरी) को दूसरा दिन है. पीएम मोदी ने यरूशलम में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया.

इस दौरान उन्होंने दौरान गाजा पीस प्लान को लेकर बड़ा बयान दिया है. पीएम मोदी ने कहा कि मानवता को कभी भी संघर्ष का शिकार नहीं होना चाहिए.

पीएम मोदी ने गाजा की स्थिति को लेकर कहा, ‘गाजा पीस प्लान को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने मंजूरी दी है. इसके जरिए शांति का रास्ता खुला है. उन्होंने कहा,भारत इस पहल का समर्थन करता है. भविष्य में भी सभ देशों के साथ सहयोग और बातचीत जारी रखेगा.’

इजरायली संसद में भी पीस प्लान का किया था समर्थन

इससे पहले बुधवार (25 फरवरी) को इजरायल की संसद क्नेसेट में भी प्रधानमंत्री ने गाजा पीस प्लान के समर्थन की बात कही थी. उन्होंने इजरायली संसद में अपने संबोधन के दौरान कहा, ‘गाजा पीस इनिशिएटिव को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने मंजूरी दी थी. यह शांति का रास्ता दिखाता है. भारत ने इस पहल का समर्थन किया है. हमारा मानना ​​है कि यह सभी लोगों के लिए शांति का वादा है, जिसमें फ़िलिस्तीन मुद्दे को सुलझाना भी शामिल है. हमारी सभी कोशिशें समझदारी, हिम्मत और इंसानियत से चलें. शांति का रास्ता हमेशा आसान नहीं होता, लेकिन भारत इस इलाके में बातचीत, शांति और स्थिरता के लिए आपके और दुनिया के साथ है.’

‘आतंकवाद के खिलाफ जारी रखेंगे लड़ाई’

इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आतंकवाद को लेकर रुख स्पष्ट करते हुए कहा, आतंकवाद के खिलाफ भारत और इजरायल का रुख एक जैसा है. उन्होंने साफ किया कि दुनिया में आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं है. इसे किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता है. प्रधानमंत्री ने आगे कहा, हम आतंकवाद और इसका समर्थन करने वालों के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे.

ईडी हर साल जब्त करती है करोड़ों और अरबों की प्रॉपर्टी, क्या इसे बेच भी सकती है जांच एजेंसी?

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प्रवर्तन निदेशालय यानी प्रवर्तन निदेशालय ने रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी के मुंबई स्थित बंगले ‘एबोड’ को कुर्क कर लिया है. इस संपत्ति की कीमत करीब 3,716 करोड़ रुपये आंकी गई है.

यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक कानून, यानी Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत की गई है. मामला उनकी ग्रुप कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) से जुड़े कथित बैंक धोखाधड़ी से संबंधित है. इस केस में करीब 40 हजार करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड की जांच चल रही है. आइए जानें कि क्या ईडी किसी की जब्त संपत्ति को बेच सकता है कि नहीं.

बंगले की खास बातें

‘एबोड’ नाम का यह बंगला मुंबई के पाली हिल इलाके में स्थित है, जो शहर के सबसे महंगे और पॉश इलाकों में गिना जाता है. यह इमारत करीब 66 मीटर ऊंची है और इसमें 17 फ्लोर हैं. इसे देश के महंगे रिहायशी घरों में शामिल किया जाता है. ईडी ने इस संपत्ति को कुर्क करने के लिए प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया है. इसका मतलब है कि फिलहाल मालिक इस संपत्ति को बेच या ट्रांसफर नहीं कर सकता है.

कुर्की और जब्ती में क्या अंतर है?

PMLA के तहत ईडी पहले प्रोविजनल अटैचमेंट करती है. धारा 5 के तहत अगर एजेंसी को लगता है कि कोई संपत्ति अपराध की कमाई से जुड़ी है, तो वह उसे अस्थायी रूप से अटैच कर सकती है. इस दौरान संपत्ति मालिक के पास रह सकती है, लेकिन वह उसे बेच या गिरवी नहीं रख सकता है. इसके बाद मामला न्यायनिर्णायक प्राधिकरण के पास जाता है. अगर वह अटैचमेंट को सही मानता है, तो कुर्की जारी रहती है. अंतिम फैसला विशेष अदालत में ट्रायल के बाद होता है.

क्या ईडी कुर्क संपत्ति बेच सकती है?

हां, लेकिन सीधे नहीं बेची जा सकती है. ईडी किसी संपत्ति को तभी संपत्ति बेच सकती है जब अदालत अपराध की पुष्टि कर दे और जब्ती का अंतिम आदेश दे दे. जब विशेष अदालत यह तय कर देती है कि संपत्ति अपराध की आय यानी Proceeds of Crime से जुड़ी है, तब उसे केंद्र सरकार के नाम जब्त कर दिया जाता है. इसके बाद सरकार उस संपत्ति को सार्वजनिक नीलामी या टेंडर के जरिए बेच सकती है. जब तक अदालत का अंतिम आदेश नहीं आता, तब तक ईडी संपत्ति को बेच नहीं सकती है.

बिक्री की प्रक्रिया कैसे होती है?

अंतिम जब्ती आदेश के बाद संपत्ति पूरी तरह केंद्र सरकार के अधिकार में चली जाती है. इसके बाद उसकी कीमत का आकलन कराया जाता है. आमतौर पर बिक्री सार्वजनिक नीलामी के जरिए की जाती है ताकि पारदर्शिता बनी रहे. बिक्री से मिली रकम सरकार के पास जाती है. अगर किसी बैंक या अन्य वित्तीय संस्था का बकाया है, तो कानूनी प्रक्रिया के तहत उस पर भी विचार किया जाता है.

PM मोदी ने रचा इतिहास, इंस्टाग्राम पर 10 करोड़ फॉलोअर्स वाले विश्व के पहले नेता बने…

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PM Narendra Modi Instagram Followers: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंस्टाग्राम पर 100 मिलियन फॉलोअर्स पार करने वाले दुनिया के पहले नेता और राजनेता बन गए जो उनकी ग्लोबल डिजिटल मौजूदगी में एक नया मील का पत्थर है.

2014 में PM Modi मेटा के इस प्लेटफॉर्म से जुड़े थे और अब उनके US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के दोगुने से भी ज्यादा फॉलोअर्स हैं. 43.2 मिलियन फॉलोअर्स के साथ ट्रंप दूसरे नंबर पर हैं.

इंडोनेशिया के प्रेसिडेंट Prabowo Subianto 15 मिलियन फॉलोअर्स के साथ तीसरे पायदान पर हैं, जबकि ब्राज़ील के प्रेसिडेंट 14.4 मिलियन फॉलोअर्स चौथे नंबर पर हैं. तुर्की के प्रेसिडेंट Tayyip Erdogan के 11.6 मिलियन फॉलोअर्स हैं और अर्जेंटीना के प्रेसिडेंट Javier Milei के 6.4 मिलियन फॉलोअर्स हैं. इन पांच नेताओं के कुल फॉलोअर्स की गिनती मोदी की अलग-अलग गिनती से कम है.

राहुल गांधी से इतने आगे हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

भारत में भी मोदी और दूसरे नेताओं के बीच का अंतर बहुत ज्यादा है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 16.1 मिलियन फॉलोअर्स हैं, जबकि कांग्रेस MP और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के लगभग 12.6 मिलियन फॉलोअर्स हैं.

इसके अलावा, सर्वे से पता चलता है कि PM मोदी दुनिया के कुछ चुने हुए नेताओं में ग्लोबल अप्रूवल रेटिंग में भी सबसे आगे हैं. Statista के अनुसार, दिसंबर 2025 तक PM मोदी की अप्रूवल रेटिंग 70 फीसदी थी, जिससे वह लिस्ट में सबसे ऊपर थे.

US की बिजनेस इंटेलिजेंस फर्म मॉर्निंग कंसल्ट के 2 फरवरी से 8 फरवरी 2026 के बीच किए गए सर्वे के आधार पर जारी लेटेस्ट डेटा के मुताबिक, मोदी 67 फीसदी अप्रूवल रेटिंग के साथ पहले नंबर पर हैं. चेक रिपब्लिक के Andrej Babis 59 फीसदी के साथ दूसरे नंबर पर हैं. Sanae Takaichi 56 फीसदी के साथ पांचवें नंबर पर जबकि ट्रंप 40 फीसदी अप्रूवल रेटिंग के साथ 11वें नंबर पर हैं.