Home Blog Page 285

“पुतिन के भारत दौरे ने झकझोरा पश्चिम! रूस के खिलाफ साजिश फिर से तेज, यूरोपीय देशों की चिंता बढ़”

0

यूक्रेन युद्ध के बीच रूस पर दबाव बढ़ाने की कोशिशें एक बार फिर तेज़ होने वाली हैं। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, G7 और यूरोपियन यूनियन अब एक ऐसे कदम पर विचार कर रहे हैं जो रूस के तेल रेवेन्यू पर पिछले सभी प्रतिबंधों की तुलना में कहीं ज़्यादा असर डाल सकता है।

इस प्रस्ताव में रूस के तेल व्यापार से पश्चिमी समुद्री सेवाओं – टैंकर, बीमा और शिपिंग – को पूरी तरह से हटाना शामिल है। अगर इसे लागू किया जाता है, तो इससे ग्लोबल एनर्जी पॉलिटिक्स में एक बड़ा बदलाव आ सकता है।

हालांकि रूस ने युद्ध के दौरान नए रास्ते ढूंढ लिए हैं, लेकिन उसके लगभग एक तिहाई तेल शिपमेंट अभी भी यूरोपीय समुद्री देशों के जहाजों पर निर्भर हैं। बड़ी मात्रा में कच्चा तेल ग्रीस, माल्टा और साइप्रस के बड़े टैंकर बेड़े के ज़रिए भारत और चीन पहुंच रहा है। अगर प्रस्तावित प्रतिबंध लागू होते हैं, तो ये सेवाएं बंद हो जाएंगी, जिससे रूस को अपने ग्लोबल खरीदारों तक पहुंचने के लिए नए विकल्प खोजने होंगे।

शैडो फ्लीट का आकार बढ़ेगा – क्योंकि यह रूस का एकमात्र दूसरा विकल्प है

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले प्राइस कैप प्रतिबंधों के बाद, रूस ने अस्पष्ट स्वामित्व वाले और पश्चिमी बीमा के बिना पुराने जहाजों का एक “शैडो फ्लीट” बनाया। यह फ्लीट अब उसके 70% से ज़्यादा तेल का ट्रांसपोर्ट करता है। लेकिन अगर G7-EU समुद्री नेटवर्क को पूरी तरह से बंद कर देता है, तो रूस को इस फ्लीट को और बढ़ाना होगा, जिससे न केवल लागत बढ़ेगी बल्कि दुर्घटनाओं और पारदर्शिता की कमी का जोखिम भी बढ़ेगा।

2026 की शुरुआत एक बड़ा टर्निंग पॉइंट हो सकता है – EU इसे अगले पैकेज में शामिल करने की तैयारी कर रहा है

अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि यूरोपियन यूनियन 2026 की शुरुआत में अपेक्षित एक बड़े प्रतिबंध पैकेज में इस प्रस्ताव को शामिल करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। हालांकि, कुछ सदस्य चाहते हैं कि पहले G7 के भीतर एक संयुक्त सहमति बन जाए। अमेरिका और ब्रिटेन तकनीकी स्तर पर इस विकल्प को आगे बढ़ा रहे हैं।

ट्रम्प प्रशासन की नीति अंतिम निर्णय तय करेगी

यह निर्णय काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प रूस और यूक्रेन के बीच चल रही बातचीत को किस दिशा में ले जाना चाहते हैं। कई विशेषज्ञों का मानना ​​है कि ट्रम्प प्राइस कैप रणनीति को पिछले प्रशासन जितना प्रभावी नहीं मानते हैं, इसलिए उनका रुख महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

2022 के बाद से सबसे मुश्किल प्रस्ताव

2022 से रूस पर प्रतिबंध लगातार बढ़े हैं। पहले, यूरोपीय तेल आयात रोक दिया गया, फिर प्राइस कैप लागू किया गया। हालांकि, समुद्री सेवाओं पर पूरी तरह से प्रतिबंध पिछले सभी उपायों की तुलना में कहीं ज़्यादा बड़ा असर डाल सकता है। यह एक ऐसा कदम होगा जो रूस के इंटरनेशनल तेल ट्रांसपोर्टेशन को लगभग पूरी तरह से पंगु बना देगा।

रूस अब तक इस दबाव से कैसे बचा है?

रूस की रणनीति सीधी रही है: उन रास्तों से जहाज़ भेजना जहाँ कम कंट्रोल हो। यही वजह है कि एशियाई देशों की ओर जाने वाले ज़्यादातर जहाज़ पश्चिमी इंश्योरेंस के बिना और डेटा शेयर किए बिना चलते हैं। बाइडेन एडमिनिस्ट्रेशन का तर्क था कि अगर रूस शिपिंग पर ज़्यादा खर्च करेगा, तो उसके पास युद्ध के लिए कम संसाधन बचेंगे, लेकिन ट्रंप टीम इस अप्रोच पर शक कर रही है।

मौजूदा स्थिति: रूस का तेल तीन हिस्सों में बंटा हुआ है

फिनिश ऑर्गनाइज़ेशन CREA के एक एनालिसिस के मुताबिक, रूस अपना कच्चा तेल कई चैनलों से ट्रांसपोर्ट करता है। लगभग 44% उसके बैन वाले “शैडो फ्लीट” द्वारा, 18% बिना बैन वाले “शैडो जहाज़ों” द्वारा, और 38% G7-EU या ऑस्ट्रेलिया से जुड़े टैंकरों द्वारा हैंडल किया जाता है। समुद्री डेटा से पता चलता है कि रूस, ईरान और वेनेजुएला से बैन वाले तेल को ट्रांसपोर्ट करने में 1,423 जहाज़ शामिल हैं, जिनमें से 900 से ज़्यादा पश्चिमी बैन के दायरे में आते हैं।

“‘हम सभी बाबासाहेब के हमेशा आभारी रहेंगे’, पीयूष गोयल समेत कई नेताओं ने किया संविधान निर्माता को याद”

0

भारतीय संविधान के निर्माता बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि को ‘ महापरिनिर्वाण दिवस’ के रूप में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर देशवासी सुदृढ़, सशक्त और उन्नत भारत के निर्माण में भीमराव अंबेडकर के योगदान को याद कर रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि हम सभी बाबासाहेब अंबेडकर के हमेशा आभारी रहेंगे।

भीमराव अंबेडकर के ‘महापरिनिर्वाण दिवस’ पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “हम सभी बाबासाहेब अंबेडकर से प्रेरणा लेते हैं, जिन्होंने देश में सामाजिक सद्भाव स्थापित करने, दुनिया का सबसे अच्छा संविधान बनाने, सभी को अवसर प्रदान करने और बेहतर भविष्य के लिए देश को सशक्त बनाने का काम किया। हम इसके लिए हमेशा उनके आभारी रहेंगे।”

इस मौके पर केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कहा, “आज बाबासाहेब अंबेडकर का महापरिनिर्वाण दिवस है, जिनका निधन 6 दिसंबर 1956 को हुआ था। हर साल, संसद परिसर में सामाजिक न्याय मंत्रालय की ओर से एक कार्यक्रम आयोजित किया जाता है, जहां राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मंत्री, विपक्ष के नेता और कई अन्य लोग उन्हें श्रद्धांजलि देते हैं।”

रामदास आठवले ने आगे कहा, “बाबासाहेब ने ऐसा संविधान दिया है कि अगर कोई देश तोड़ने की कोशिश करेगा, तो वह खुद टूट जाएगा। बाबासाहेब ने दलितों के लिए सबसे बड़ा काम किया। उनका यह संविधान बहुत ही शक्तिशाली है।”

भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा, “आज बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर का महापरिनिर्वाण दिवस है, जिस दिन उन्होंने अपनी आखिरी सांस ली थी। उन्हें सम्मान देने के लिए राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा स्पीकर, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, कई मंत्री, सांसद और राहुल गांधी भी मौजूद थे। हम सभी ने बाबासाहेब को गहरे सम्मान के साथ याद किया और श्रद्धांजलि दी।”

इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “महापरिनिर्वाण दिवस पर वे डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर को स्मरण करते हैं। उनकी दूरदर्शी सोच, न्याय और समानता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता तथा संवैधानिक मूल्यों ने भारत की विकास यात्रा को दिशा दी है।”

उन्होंने आगे कहा, “अंबेडकर ने पीढ़ियों को मानव गरिमा और लोकतांत्रिक आदर्शों को मजबूत करने के लिए प्रेरित किया।” पीएम मोदी ने कामना की कि बाबासाहेब के आदर्श विकसित भारत के निर्माण में आगे भी हमारा मार्ग रोशन करते रहें।

“Shashi Tharoor :  पुतिन से मिलने का मौका शशि थरूर को मिला, राहुल गांधी को क्यों नहीं? समझिए क्या है प्रोटोकाल”

0

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत की अपनी यात्रा पूरी कर वापस लौट चुके हैं.

इस यात्रा ने दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत किया है, लेकिन इस यात्रा से एक विवाद अपने देश में शुरू हो गया है. विपक्ष का आरोप यह है कि सरकार विदेशी मेहमानों से विपक्ष के नेता राहुल गांधी को मिलने का मौका नहीं दे रही है और यह प्रोटोकाॅल का उल्लंघन है.

रूस के राष्ट्रपति पुतिन के साथ पीएम मोदी

विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने यह आरोप लगाया है कि सरकार प्रोटोकाॅल तोड़ रही है और डेमोक्रेसी की परंपराओं का उल्लंघन कर रही है. डेमोक्रेसी परंपराओं से ही चलता है. यहां गौर करने वाली बात यह है कि विदेशी मेहमान पुतिन के लिए जो भोज राष्ट्रपति भवन में आयोजित किया गया, उसमें भी विपक्ष के नेता राहुल गांधी को आमंत्रित नहीं किया गया, लेकिन कांग्रेस नेता शशि थरूर को आमंत्रित किया गया है.

शशि थरूर को निमंत्रण, राहुल-खरगे को क्यों नहीं?

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने मीडिया के सामने यह स्पष्ट कहा कि रूस के राष्ट्रपति पुतिन के सम्मान में आयोजित भोज में शामिल होने का न्यौता उन्हें मिला है, जबकि विपक्ष के नेता राहुल गांधी को भोज में शामिल होने का न्यौता नहीं मिला. शशि थरूर ने यह कहा भी कि वे इस भोज में जरूरी शामिल होंगे. यह डेमोक्रेसी के लिए अच्छा है कि विपक्ष को भी विदेशी मेहमानों से मिलने दिया जा रहा है. वहीं कांग्रेस की ओर से पवन खेड़ा ने कहा है कि यह सरकार की चाल है कि वो विपक्ष के नेता को तो विदेशी मेहमान से मिलने नहीं दे रही है, लेकिन उसी पार्टी के एक सांसद को भोज में आमंत्रित किया जा रहा है.

राहुल गांधी ने सरकार पर क्यों लगाया आरोप?

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार पर यह आरोप लगाया है कि वह असुरक्षित महसूस करती है, इसकी वजह यह है कि जब विपक्ष का नेता विदेशी मेहमानों से मिलता है, तो उन्हें एक अलग नजरिया पेश करता है. राहुल ने कहा कि सरकार परंपराओं को तोड़ती जा रही है. जब मनमोहन सिंह और अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री थे, तो विपक्ष के नेता को विदेशी मेहमानों से मिलने दिया जाता था. पर अब ऐसा नहीं हो रहा है.

विदेशी मेहमानों को लेकर क्या है प्रोटोकाल?

राज्यसभा के सांसद और पूर्व राजनयिक हर्ष वर्धन श्रृंगला ने मीडिया को बताया कि विदेशी मेहमान को लेकर ऐसा कोई प्रोटोकाॅल नहीं है कि वह विपक्ष के नेता से मिले. यह सबकुछ विदेशी मेहमान के पास कितना समय और उनकी इच्छा पर निर्भर करता है. इस संबंध में कोई लिखित प्रोटोकाॅल नहीं है. हां, कई बार विपक्ष के नेताओं से विदेशी मेहमान मिलते भी हैं.

विदेशी मेहमानों को लेकर क्या रहा है इतिहास?

राहुल गांधी और बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना. साथ ही सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी

यह बात सही है कि जब कोई विदेशी मेहमान देश में आते हैं, तो वे प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से तो मिलते ही हैं. इसके अलावा वे विदेश मंत्रालय के अधिकारियों और अन्य विभागों के उच्च अधिकारियों से भी मिलते हैं, लेकिन ऐसा तभी होता है जब उनसे संबंधित कोई कार्य हो. विपक्ष के नेता से मिलने को लेकर कोई प्रोटोकाॅल तो देश में नहीं है, लेकिन विपक्ष के नेता परंपरा अनुसार विदेशी मेहमान से मिलते हैं.

मनोहन सिंह और अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में कई बार विदेशी मेहमानों से विपक्ष के नेता के मिलने की जानकारी विदेश मंत्रालय की ओर से दी गई है.

लेकिन विदेशी मेहमान के हर विजिट में ऐसा होता हो यह जरूरी नहीं है. इसकी वजह यह है कि विदेशी मेहमान कितने समय के लिए उपलब्ध है, यह देखना जरूरी होता है. उसके बाद उनकी प्राथमिकताएं भी होती हैं. जहां तक राहुल गांधी का सवाल है तो उन्होंने भी वर्ष 2024 और 2025 में कई विदेशी मेहमानों से मुलाकात की है, जिसमें बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री और माॅरीशस के प्रधानमंत्री रामगुलाम से राहुल गांधी की मुलाकात शामिल है.

“बाबा साहेब आंबेडकर की मूर्तियों से अब नहीं होगी छेड़छाड़, योगी सरकार बनाएगी ऐसा सिस्टम”

0

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बाबा साहेब की पुण्यतिथि के मौके पर एक बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा आज हमारी सरकार एक और अहम फैसला ले रही है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में जहां भी बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की मूर्तियां लगी हैं, वहां अक्सर शरारती तत्व आकर उनसे छेड़छाड़ करते हैं.

उन्हें नुकसान पहुंचाने की बुरी कोशिश करते हैं.

सीएम योगी ने कहा कि हमारी सरकार अब इन मूर्तियों की सुरक्षा के लिए एक सिस्टम बनाएगी. इसमें एक बाउंड्री वॉल बनाना और जहां मूर्ति पर छत नहीं है, वहां उसके ऊपर कैनोपी लगाना शामिल होगा. इन उपायों से बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की मूर्तियों की सुरक्षित और सम्मानजनक सुरक्षा सुनिश्चित होगी. इसके अलावा, हम हर झुग्गी-झोपड़ी, दलित बस्ती, अनुसूचित जाति की बस्ती और आदिवासी बस्ती को सही कनेक्टिविटी से लैस करने का प्रोग्राम पूरा करेंगे.

सरकार हर तरह की सुविधा देने के लिए काम कर रही

CM योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमें अपने संविधान पर गर्व है. हमें बाबा साहेब आंबेडकर पर गर्व है. तब भी उन्होंने हमें उन सभी खतरों के बारे में चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा कि 1923 में कांग्रेस के एक सीनियर नेता ने ‘वंदे मातरम’ गाने से मना कर दिया था. ये कांग्रेस प्रेसिडेंट थे. इन्होंने अपने आखिरी पलों में उन्होंने येरुशलम में मरने की इच्छा जताई. बाबा साहेब ने कहा था कि जो कोई भारत में पैदा होने और इसके फायदों का मजा लेने के बावजूद, भारत की मिट्टी को पवित्र नहीं मानता, वह सही मायने में भारतीयों के हितों की सेवा नहीं कर सकता.

दुख की बात है कि तुष्टीकरण की नीतियों की वकालत करने वाली पार्टियां न केवल भारत को नुकसान पहुंचा रही हैं, बल्कि बाबा साहेब आंबेडकर का अपमान भी कर रही हैं. इसके साथ ही नागरिकों से उनके अधिकार छीनने की शर्मनाक कोशिश कर रही हैं. उन्होंने कहा कि PM मोदी के नेतृत्व में नया भारत अपने महान लोगों पर गर्व करता है और उनका सम्मान करता है.

उन्होंने आगे कहा कि एक कॉर्पोरेशन बनाया गया है और अगले 1-2 महीनों में सरकार सभी क्लास IV कर्मचारियों, सफाई कर्मचारियों और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के लिए न्यूनतम मानदेय की गारंटी देगी. उन्होंने कहा कि हमारा ‘ज़ीरो पॉवर्टी’ कैंपेन भी इसी का हिस्सा है. हम उन सभी पिछड़े ग्रुप्स, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और सबसे पिछड़े वर्ग की पहचान करने के करीब हैं, जो वंचित हैं. उन्होंने कहा कि जिन्हें अभी तक इन सेवाओं का फायदा नहीं मिला है. यह डबल इंजन वाली सरकार उन्हें हर तरह की सुविधाएं देने के लिए काम कर रही है और इस कैंपेन को आगे बढ़ाती रहेगी.’

विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR) में लगभग 99.50 प्रतिशत गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूर्ण..

0

रायपुर: छत्तीसगढ़ में अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के लिए मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य का संचालन 04 नवम्बर 2025 से  पारदर्शिता के साथ जारी है। बीएलओ द्वारा प्रदेशभर में घर-घर जाकर पंजीकृत मतदाताओं के गणना प्रपत्रों का संग्रहण एवं डिजिटाइजेशन कार्य  लगभग पूर्ण  कर लिया गया है।आज  तक प्रदेश में लगभग 02 करोड़  11  लाख से अधिक गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जो कुल 02 करोड़ 12 लाख 30 हजार 737 पंजीकृत मतदाताओं का लगभग  99.50 प्रतिशत है।

RI Promotion Exam Scam: राजस्व निरीक्षक (आरआई) प्रमोशन परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा…

0

राजस्व निरीक्षक (RI) प्रमोशन परीक्षा में बड़े घोटाले का खुलासा होने के बाद EOW ने जांच तेज कर दी है।

राजस्व निरीक्षक (आरआई) प्रमोशन परीक्षा में हुए बड़े घोटाले की जांच अब तेज हो गई है। पटवारी संघ और शासन से मिले पत्रों के आधार पर आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने 10 अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है। इनमें से दो आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, जबकि बाकी आठ आरोपितों की गिरफ्तारी जल्द होने की संभावना है।

एजेंसी के अनुसार, पूरी साजिश में 18 से अधिक लोगों की संलिप्तता सामने आई है और आगे और बड़ी कार्रवाई हो सकती है। जांच में सामने आया कि प्रमोशन परीक्षा में गंभीर अनियमितताएं की गईं। कई केंद्रों पर पति-पत्नी और भाई-भाई को पास-पास बैठाकर परीक्षा दिलाई गई, जिससे नकल कराई जा सके। वहीं, एक मामले में परीक्षा में फेल हुए पटवारी को बाद में पास दिखा दिया गया।

पटवारियों (गांव के अकाउंटेंट) को गलत तरीके से रेवेन्यू इंस्पेक्टर के पद पर प्रमोट करने का यह मामला एक बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करता है। EOW टीम ने 19 नवंबर को सात जिलों में 19 जगहों पर छापा मारा। इन जगहों से डॉक्यूमेंट्स और डिजिटल सबूत बरामद किए गए, और उनकी जांच के बाद एक केस दर्ज किया गया।

RI Promotion Exam Scam: इसमें शामिल सभी लोगों पर परीक्षा में मिलीभगत, नतीजों में हेरफेर, प्रमोशन के लिए धोखाधड़ी के तरीके अपनाने और आपराधिक साजिश का आरोप लगाया गया है। प्रेमलता पद्माकर- तत्कालीन आयुक्त (सांख्यिकी), हरमन टोप्पो- सहायक आयुक्त, वीरेंद्र जाटव- सहायक अधिकारी (गिरफ्तार), आशीष प्रकाश ब्रजपाल- क्लर्क, रामाज्ञा यादव- मानचित्रकार, लीला देवांगन- आरआई, ईश्वर लाल ठाकुर- बाबू, हेमंत कौशिक- (गिरफ्तार), जयंत यादव- राकेश डड़सेना- प्यून इन सभी के खिलाफ FIR दर्ज है।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के बयान पर कांग्रेस का पलटवार…

0
प्रदेश BJP अध्यक्ष के बयान पर कांग्रेस ने तीखा पलटवार किया है। कांग्रेस नेता बैज ने सरकार से प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव के माध्यम से भाजपा सरकार ने पीएम आवास को लेकर एक बार फिर झूठ बोला। किरण देव दावा कर रहे हैं कि प्रदेश में अभी तक 2016 से कुल 24 लाख आवास स्वीकृत हुए है, उनमें से 16 लाख 72000 आवास उनकी सरकार ने पूरे कर लिए हैं, जबकि हकीकत यह है कि पिछले दो साल में साय सरकार ने एक भी नया मकान स्वीकृत नहीं किया।

कांग्रेस सरकार के समय स्वीकृत हुए मकानों की दूसरी किस्त दी, जो पूरे हुए उनका उद्घाटन करवाया। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष 2016 से आंकड़ा तो प्रस्तुत कर रहे, लेकिन 2023 तक कितने मकान स्वीकृत हुए उनकी संख्या नहीं बता रहे। भाजपा सरकार में साहस है तो अभी तक बनाए गए प्रधानमंत्री आवास की वर्षवार संख्या का श्वेत पत्र जारी कर दे।

बैज ने कहा, प्रदेश में चल रही धान खरीदी में सरकार की लापरवाही के कारण किसान परेशान हो रहे हैं। टोकन नहीं कट पा रहा है। तौलाई में दिक्कत हो रही और पंजीयन की समस्या यथावत बनी हुई है। आज भी 5 लाख किसान पंजीयन के लिए सोसायटी दफ्तर से लेकर तहसीलदार तक के चक्कर काट रहे।

सरकार जल्द शुरू करेगी मुख्यमंत्री जन पर्यटन प्रोत्साहन योजना, आकर्षक टूर पैकेजों से राज्य में पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान..

0

रायपुरसरकार जल्द शुरू करेगी मुख्यमंत्री जन पर्यटन प्रोत्साहन योजना आकर्षक टूर पैकेजों से राज्य में पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान योजना के पहले चरण में शुरू किए जाएंगे चार प्रमुख टूर पैकेज’

छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की ओर से मुख्यमंत्री जन पर्यटन प्रोत्साहन योजना की घोषणा की गई है। जिसके तहत पर्यटकों को 75 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान किया किया जाएगा। इस योजना के पहले चरण में चार प्रमूख टूर पैकेज शुरू होंगे।

अब राज्य के भीतर पर्यटन स्थलों में घूमने-फिरने के लिए राज्य सरकार 75 प्रतिशत सब्सिडी देगी। राज्य पर्यटन विभाग और आईआरसीटीसी ने मिलकर मुख्यमंत्री जन पर्यटन प्रोत्साहन योजना बनाई है। इसके तहत रायपुर और बस्तर में पर्यटकों के लिए विशेष टूर पैकेजों की शुरुआत जल्द होगी।

प्रत्येक पैकेज में वातानुकूलित वाहन, हिंदी-अंग्रेजी गाइड, भोजन और ट्रैवल इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे पर्यटक आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का आनंद ले सकेंगे। यह पहल प्रदेश की सांस्कृतिक, धार्मिक और प्राकृतिक विरासत के प्रसार के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।बस्तर के सुदूर अंचलों तक पर्यटक पहुंच सकेंगे।

उत्तर से चलने वाली ठंडी हवाओं का असर, तापमान में तेजी से गिरावट

0

रायपुरदिसंबर शुरू होते ही उत्तर से चलने वाली ठंडी हवाओं का असर प्रदेश के मौसम पर दिखने लगा है। उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में शीत लहर का दौर शुरू हो गया है। इन इलाकों में रात के तापमान में तेजी से गिरावट हो रही है। IMD के अनुसार, तापमान में और गिरावट की संभावना है।

प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान मौसम पूरी तरह शुष्क रहा। कई जिलों में रात का पारा दो डिग्री तक कम हो गया है। अधिकतम तापमान में मामूली उतार-चढ़ाव देखने को मिला, वहीं रात का पारा लगातार गिर रहा है।

मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अगले दो दिनों तक मौसम शुष्क रहेगा। न्यूनतम तापमान में 1 से 3 डिग्री तक गिरावट की सम्भावना है, जिसके बाद फिलहाल कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखेगा। उत्तर से आ रही ठंडी हवाएं रात और सुबह के तापमान को और गिराएंगी।

रायपुर में अधिकतम तापमान 28.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.6 डिग्री कम रहा। न्यूनतम तापमान 13.3 डिग्री रहा, जो सामान्य से 1.6 डिग्री कम है। चढ़ते-उतरते तापमान के बीच हवा की औसत रफ्तार 2 किमी प्रतिघंटा रही।

प्रदेश में सबसे अधिक तापमान  दुर्ग में 30.2 डिग्री, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 6.9 डिग्री दर्ज किया गया। माना एयरपोर्ट में दिन का तापमान 28 डिग्री और रात का 10.6 डिग्री रहा। बिलासपुर, पेंड्रारोड, जगदलपुर और राजनांदगांव सहित किसी भी स्टेशन पर वर्षा नहीं हुई तथा आद्रता का स्तर सुबह–शाम क्रमशः 60–78 प्रतिशत और 38–58 प्रतिशत के बीच रहा।

शनिवार को शहर में आंशिक बादल रहने के आसार हैं। अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री और न्यूनतम 13 डिग्री के आसपास रहने की संभावना जताई गई है। सुबह और देर शाम हल्की ठंड बढ़ सकती है।

दिसंबर शुरू होते ही प्रदेश में हर साल की तरह इस बार भी शीतलहर का ट्रेंड लौट आया है। खासकर उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है। सरगुजा संभाग के कई क्षेत्रों में पारा 4 से 5 डिग्री तक गिर जाने की स्थिति बनती है, वहीं राजधानी के अंदरूनी इलाकों में तापमान 11-12 डिग्री, और आउटर क्षेत्रों में 8–9 डिग्री तक पहुंच जाता है।

मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों में न्यूनतम तापमान में 1 से 3 डिग्री तक और गिरावट आने की संभावना है, यानी ठंड और तेज होगी। इसके बाद तापमान में फिलहाल किसी खास बदलाव के संकेत नहीं हैं।

माओवाद अब अंतिम सांसें ले रहा, बस्तर में लौट रही शांति: CM विष्णु देव साय

0

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने माओवाद के खात्मे को लेकर कहा कि माओवाद अब अंतिम सांसे ले रहा है। यह डबल इंजन की सरकार में वीर सुरक्षाबलों के साहस, पराक्रम और अटूट संकल्प का सामूहिक परिणाम है। साथ ही उन्होंने कहा कि बस्तर से माओवाद समाप्त होने के साथ ही वहीं शांति लौट रही है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को कहा कि राज्य के विकास में सबसे बड़ी बाधा रहे माओवादी हिंसा का जड़ से उन्मूलन अब साकार होता दिख रहा है। यह सफलता डबल इंजन की सरकार के मजबूत नेतृत्व, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की स्पष्ट नीति तथा हमारे वीर सुरक्षाबलों के साहस, पराक्रम और अटूट संकल्प का सामूहिक परिणाम है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि माओवादी हिंसा आज अपने अंतिम चरण में है और यह छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री शाह का स्पष्ट संकल्प है कि 31 मार्च 2026 तक पूरे देश से माओवाद का पूर्ण उन्मूलन किया जाएगा और यह संकल्प अब धरातल पर साकार रूप लेता दिखाई दे रहा है।