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सरकार जल्द शुरू करेगी मुख्यमंत्री जन पर्यटन प्रोत्साहन योजना, आकर्षक टूर पैकेजों से राज्य में पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान..

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रायपुरसरकार जल्द शुरू करेगी मुख्यमंत्री जन पर्यटन प्रोत्साहन योजना आकर्षक टूर पैकेजों से राज्य में पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान योजना के पहले चरण में शुरू किए जाएंगे चार प्रमुख टूर पैकेज’

छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की ओर से मुख्यमंत्री जन पर्यटन प्रोत्साहन योजना की घोषणा की गई है। जिसके तहत पर्यटकों को 75 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान किया किया जाएगा। इस योजना के पहले चरण में चार प्रमूख टूर पैकेज शुरू होंगे।

अब राज्य के भीतर पर्यटन स्थलों में घूमने-फिरने के लिए राज्य सरकार 75 प्रतिशत सब्सिडी देगी। राज्य पर्यटन विभाग और आईआरसीटीसी ने मिलकर मुख्यमंत्री जन पर्यटन प्रोत्साहन योजना बनाई है। इसके तहत रायपुर और बस्तर में पर्यटकों के लिए विशेष टूर पैकेजों की शुरुआत जल्द होगी।

प्रत्येक पैकेज में वातानुकूलित वाहन, हिंदी-अंग्रेजी गाइड, भोजन और ट्रैवल इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे पर्यटक आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का आनंद ले सकेंगे। यह पहल प्रदेश की सांस्कृतिक, धार्मिक और प्राकृतिक विरासत के प्रसार के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।बस्तर के सुदूर अंचलों तक पर्यटक पहुंच सकेंगे।

उत्तर से चलने वाली ठंडी हवाओं का असर, तापमान में तेजी से गिरावट

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रायपुरदिसंबर शुरू होते ही उत्तर से चलने वाली ठंडी हवाओं का असर प्रदेश के मौसम पर दिखने लगा है। उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में शीत लहर का दौर शुरू हो गया है। इन इलाकों में रात के तापमान में तेजी से गिरावट हो रही है। IMD के अनुसार, तापमान में और गिरावट की संभावना है।

प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान मौसम पूरी तरह शुष्क रहा। कई जिलों में रात का पारा दो डिग्री तक कम हो गया है। अधिकतम तापमान में मामूली उतार-चढ़ाव देखने को मिला, वहीं रात का पारा लगातार गिर रहा है।

मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अगले दो दिनों तक मौसम शुष्क रहेगा। न्यूनतम तापमान में 1 से 3 डिग्री तक गिरावट की सम्भावना है, जिसके बाद फिलहाल कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखेगा। उत्तर से आ रही ठंडी हवाएं रात और सुबह के तापमान को और गिराएंगी।

रायपुर में अधिकतम तापमान 28.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.6 डिग्री कम रहा। न्यूनतम तापमान 13.3 डिग्री रहा, जो सामान्य से 1.6 डिग्री कम है। चढ़ते-उतरते तापमान के बीच हवा की औसत रफ्तार 2 किमी प्रतिघंटा रही।

प्रदेश में सबसे अधिक तापमान  दुर्ग में 30.2 डिग्री, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 6.9 डिग्री दर्ज किया गया। माना एयरपोर्ट में दिन का तापमान 28 डिग्री और रात का 10.6 डिग्री रहा। बिलासपुर, पेंड्रारोड, जगदलपुर और राजनांदगांव सहित किसी भी स्टेशन पर वर्षा नहीं हुई तथा आद्रता का स्तर सुबह–शाम क्रमशः 60–78 प्रतिशत और 38–58 प्रतिशत के बीच रहा।

शनिवार को शहर में आंशिक बादल रहने के आसार हैं। अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री और न्यूनतम 13 डिग्री के आसपास रहने की संभावना जताई गई है। सुबह और देर शाम हल्की ठंड बढ़ सकती है।

दिसंबर शुरू होते ही प्रदेश में हर साल की तरह इस बार भी शीतलहर का ट्रेंड लौट आया है। खासकर उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है। सरगुजा संभाग के कई क्षेत्रों में पारा 4 से 5 डिग्री तक गिर जाने की स्थिति बनती है, वहीं राजधानी के अंदरूनी इलाकों में तापमान 11-12 डिग्री, और आउटर क्षेत्रों में 8–9 डिग्री तक पहुंच जाता है।

मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों में न्यूनतम तापमान में 1 से 3 डिग्री तक और गिरावट आने की संभावना है, यानी ठंड और तेज होगी। इसके बाद तापमान में फिलहाल किसी खास बदलाव के संकेत नहीं हैं।

माओवाद अब अंतिम सांसें ले रहा, बस्तर में लौट रही शांति: CM विष्णु देव साय

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रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने माओवाद के खात्मे को लेकर कहा कि माओवाद अब अंतिम सांसे ले रहा है। यह डबल इंजन की सरकार में वीर सुरक्षाबलों के साहस, पराक्रम और अटूट संकल्प का सामूहिक परिणाम है। साथ ही उन्होंने कहा कि बस्तर से माओवाद समाप्त होने के साथ ही वहीं शांति लौट रही है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को कहा कि राज्य के विकास में सबसे बड़ी बाधा रहे माओवादी हिंसा का जड़ से उन्मूलन अब साकार होता दिख रहा है। यह सफलता डबल इंजन की सरकार के मजबूत नेतृत्व, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की स्पष्ट नीति तथा हमारे वीर सुरक्षाबलों के साहस, पराक्रम और अटूट संकल्प का सामूहिक परिणाम है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि माओवादी हिंसा आज अपने अंतिम चरण में है और यह छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री शाह का स्पष्ट संकल्प है कि 31 मार्च 2026 तक पूरे देश से माओवाद का पूर्ण उन्मूलन किया जाएगा और यह संकल्प अब धरातल पर साकार रूप लेता दिखाई दे रहा है।

Income Tax Raid; आयकर छापे में कारोबारियों के ठिकानों से सात करोड़ रुपये बरामद…

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रायपुर : टैक्स चोरी, बोगस बिलिंग और आय छिपाने की शिकायतों के आधार पर आयकर विभाग की करीब 200 अफसरों और कर्मचारियों की टीम ने राजधानी के कई आवासीय इलाकों और औद्योगिक क्षेत्रों में छापेमारी शुरू की थी। पहले दिन ही अफसरों ने कंप्यूटर हार्ड डिस्क, कैश बुक, लेनदेन रजिस्टर और संपत्ति के कागजात खंगालने शुरू कर दिए थे।

स्टील कारोबार से जुड़े कारोबारियों पर आयकर विभाग की कार्रवाई दूसरे दिन शुक्रवार को भी जारी रही। शहर के अलग-अलग इलाकों में छापे मारे गए, जिसमें आइटी अफसरों को करीब सात करोड़ रुपये नकद, 18 बैंक लॉकर और जमीन के दस्तावेज मिले हैं। छापों का दायरा 40 से बढ़कर 45 ठिकानों तक पहुंच गया है। सूत्रों के मुताबिक, विभाग ने पांच नए ठिकानों पर भी सर्च वारंट जारी कर दिया।

रायपुर के सिलतरा में देवी स्पंज, ओम स्पंज और हिंदुस्तान क्वाइल में दबिश दी गई। अब तक विभाग ने छापों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। इधर सूत्रों के अनुसार, राजधानी में आयकर अधिकारी कंप्यूटर हार्ड डिस्क, लेनदेन रजिस्टर और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच में लगे हैं। रायपुर के आनंदम निवासी विनोद सिंगला, रवि बजाज के घरों में भी आयकर ने छापा मारा है।

दोनों एमएस पाइप निर्माण फैक्ट्री इस्पात इंडिया सिलतरा से जुड़े हैं। टीमों ने सभी फाइनेंशियल रिकॉर्ड, जमीन सौदों से जुड़े दस्तावेज और ट्रांजैक्शन (लेनदेन) की जांच की जा रही है। यह कार्रवाई टैक्स चोरी की शिकायतों के आधार पर की गई है। पिछले तीन से पांच वर्षों के आयकर रिटर्न में बड़े अंतर को लेकर यह दबिश दी गई है।

इन स्टील प्लांट के संचालक मैग्नेटो माल के पीछे सिग्नेचर होम में निवासरत हैं। प्लांट के संचालक विकास अग्रवाल, विपिन अग्रवाल और अरविंद अग्रवाल बताए गए हैं। वे रियल एस्टेट कारोबार से भी जुड़े बताए जाते हैं। कारोबारियों के सीए के यहां भी आयकर टीम पहुंची। रायगढ़ के प्रतीक गोयल के यहां भी आयकर टीम पड़ताल में लगी है।

गुरुवार को टैक्स चोरी, बोगस बिलिंग और आय छिपाने की शिकायतों के आधार पर आयकर विभाग की करीब 200 अफसरों और कर्मचारियों की टीम ने राजधानी के कई आवासीय इलाकों और औद्योगिक क्षेत्रों में छापेमारी शुरू की थी। पहले दिन ही अफसरों ने कंप्यूटर हार्ड डिस्क, कैश बुक, लेनदेन रजिस्टर और संपत्ति के कागजात खंगालने शुरू कर दिए थे। जांच के दौरान कुछ और व्यक्तियों और फर्मों के नाम सामने आए, जिसके बाद विभाग ने अतिरिक्त पांच स्थानों पर भी दबिश दी।

छापे के दौरान अधिकारियों को करोड़ों रुपये की फर्जी (बोगस) बिलिंग से जुड़े कागजात और लूज पेपर भी मिले हैं। इन बिलों पर दूसरे राज्यों के कारोबारियों और फर्मों के नामों का उपयोग किया गया है। आयकर विभाग अब उन फर्मों और व्यक्तियों को भी जांच के दायरे में ला रहा है, जिनके नाम से ये बिल जारी किए गए थे।

सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग को शुरुआती जांच में पता चला है कि कई कारोबारियों ने अपनी अघोषित आय को प्रापर्टी में निवेश कर रखा है। रिटर्न में गड़बड़ी, कम आय दिखाना, जमीन-जायदाद की वास्तविक कीमत छिपाने जैसे कई साक्ष्य मिले हैं। अब विभाग सभी प्रापर्टी पेपर, खरीद-फरोख्त के दस्तावेज और आय के स्रोत की बारीकी से जांच कर रहा है।

“BJP President: हो गया फाइनल! इस तारीख से पहले BJP को मिलेगा नया अध्यक्ष, इन नेताओं के नाम पर लग सकती है मुहर”

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भारतीय जनता पार्टी को जल्द ही नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिलने वाला है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की हालिया बैठकों के बाद यह संकेत साफ हो गए हैं कि अब घोषणा में ज्यादा देर नहीं है।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि 15 दिसंबर से पहले बीजेपी अपने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम का ऐलान कर सकती है।

इसके साथ ही उत्तर प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष को लेकर भी फैसला लगभग तय माना जा रहा है। हालांकि पार्टी की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन अंदरखाने गतिविधियां तेज हो चुकी हैं।

15 दिसंबर से पहले क्यों हो सकता है फैसला

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बीजेपी की योजना 15 दिसंबर से पहले नए अध्यक्ष का चुनाव करने की है। इसकी एक बड़ी वजह 16 दिसंबर से शुरू होने वाला खरमास माना जा रहा है, जिसे धार्मिक दृष्टि से शुभ नहीं माना जाता।

यही कारण है कि पार्टी नेतृत्व इससे पहले संगठन से जुड़े अहम फैसले निपटाना चाहता है। वहीं, अगले साल 2026 में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी जैसे बड़े राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इन चुनावों से पहले पार्टी नए अध्यक्ष के नेतृत्व में रणनीति को अंतिम रूप देना चाहती है।

संसद भवन में हुई हाईलेवल बैठक

बुधवार को संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और संगठन महामंत्री बीएल संतोष के बीच एक अहम बैठक हुई। करीब एक घंटे तक चली इस बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी अध्यक्ष के चुनाव को लेकर गहन चर्चा हुई। इस बैठक के बाद ही यह संकेत मिलने लगे कि पार्टी अब जल्द नाम का ऐलान कर सकती है।

उत्तर प्रदेश अध्यक्ष का भी जल्द होगा ऐलान

उत्तर प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष का पद करीब एक साल से खाली है। संगठन स्तर पर 98 में से 84 जिलाध्यक्षों की नियुक्ति पहले ही हो चुकी है, जिससे प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया पूरी मानी जा रही है। सूत्रों की मानें तो इसी सप्ताह यूपी बीजेपी को नया अध्यक्ष मिल सकता है। बीएल संतोष ने समन्वय बैठक के दौरान संभावित नाम भी साझा किया है। माना जा रहा है कि पार्टी यूपी के संगठन को 2027 विधानसभा चुनाव से पहले पूरी तरह मजबूत करना चाहती है।

कौन-कौन हैं रेस में आगे

बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की रेस में कई बड़े चेहरे शामिल बताए जा रहे हैं। पुरुष नेताओं में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, शिवराज सिंह चौहान, भूपेंद्र यादव और विनोद तावड़े के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। महिला नेताओं की बात करें तो केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, डी पुरंदेश्वरी और वनति श्रीनिवासन का नाम भी मजबूत दावेदारों में शामिल है। बिहार विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत के बाद धर्मेंद्र प्रधान का कद और मजबूत माना जा रहा है, क्योंकि वे वहां चुनाव प्रभारी थे।

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 जेपी नड्डा का कार्यकाल पहले ही हो चुका पूरा

मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल लोकसभा चुनाव 2024 से पहले ही पूरा हो गया था। इसके बावजूद पार्टी ने उन्हें कई बार विस्तार दिया। अब माना जा रहा है कि पार्टी संगठन में नई ऊर्जा और नए चेहरों को मौका देने की तैयारी में है। यही वजह है कि नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया को अब अंतिम चरण में पहुंचाया जा रहा है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव भी एक साल से लंबित

बीजेपी में राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव पिछले करीब एक साल से लंबित चल रहा है। पार्टी के 29 राज्यों में संगठनात्मक चुनाव पूरे हो चुके हैं। सिर्फ उत्तर प्रदेश और कर्नाटक ऐसे बड़े राज्य हैं जहां अभी अध्यक्ष का चुनाव बाकी है। बिहार में भी प्रदेश अध्यक्ष का पद खाली हो गया है, क्योंकि वहां दिलीप जायसवाल मंत्री बन चुके हैं। ऐसे में पार्टी एक साथ कई अहम संगठनात्मक नियुक्तियों पर फैसला लेना चाहती है।

अब बस आधिकारिक घोषणा बाकी

सारी बैठकों, नामों की चर्चा और संगठनात्मक तैयारियों को देखकर साफ है कि बीजेपी अब किसी भी वक्त नए राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी अध्यक्ष के नाम का औपचारिक ऐलान कर सकती है। 15 दिसंबर से पहले यह फैसला आना लगभग तय माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें सिर्फ इस बात पर टिकी हैं कि आखिर पार्टी किस नेता के नाम पर अंतिम मुहर लगाती है।

“Modi Putin News: ‘यूक्रेन जंग में भारत चुप नहीं बैठेगा’, मोदी का बड़ा बयान, पुतिन ने भी अपना स्टैंड किया साफ”

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच शुक्रवार (05 दिसंबर) को दिल्ली के हैदराबाद हाउस में अहम मुलाकात हुई। इस दौरान यूक्रेन युद्ध, वैश्विक हालात, व्यापार, डिफेंस और भारत-रूस के रिश्तों को लेकर खुलकर बातचीत हुई।

पीएम मोदी ने दो टूक कहा कि भारत इस युद्ध को लेकर न्यूट्रल नहीं है, बल्कि शांति के पक्ष में मजबूती से खड़ा है। वहीं पुतिन ने भी साफ किया कि रूस भी शांति चाहता है और इस दिशा में भारत की भूमिका को वह अहम मानते हैं।

मोदी का बड़ा बयान – भारत तटस्थ नहीं, शांति के साथ है

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया ने कोविड-19 के बाद से अब तक कई बड़े संकट देखे हैं, लेकिन उन्हें पूरा भरोसा है कि इन चुनौतियों से दुनिया जल्द बाहर निकलेगी। उन्होंने कहा कि भारत और रूस के आर्थिक संबंधों को और मजबूत किया जाना चाहिए और दोनों देशों को मिलकर नई ऊंचाइयों तक पहुंचने का लक्ष्य रखना चाहिए। मोदी ने यह भी कहा कि आज कई अहम वैश्विक मुद्दों पर बातचीत होगी, जिनका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा।

पुतिन का जवाब – भारत-रूस की दोस्ती सिर्फ नाम की नहीं

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन संकट पर शांति के प्रयासों के लिए पीएम मोदी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि भारत और रूस के रिश्ते बहुत पुराने और बेहद मजबूत हैं। यह दोस्ती सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि भरोसे और साझेदारी की नींव पर टिकी है। पुतिन ने कहा कि दोनों देश एक-दूसरे के सच्चे और भरोसेमंद साथी हैं।

25 साल की साझेदारी का जिक्र

भारत-रूस संबंधों पर बात करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पुतिन के सत्ता संभालने और पहली बार भारत आने के बाद अब 25 साल पूरे हो चुके हैं। उसी समय दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी की मजबूत नींव रखी गई थी। पीएम मोदी ने कहा कि उनके और पुतिन के व्यक्तिगत संबंधों को भी 25 साल हो चुके हैं और यह दिखाता है कि एक दूरदर्शी नेतृत्व रिश्तों को कितनी ऊंचाई तक ले जा सकता है।

ट्रेड और डिफेंस पर बड़ी बातचीत के संकेत

दोनों नेताओं की इस मुलाकात के बाद 23वीं भारत-रूस समिट में शामिल होने की तैयारी है। माना जा रहा है कि इस दौरान भारत और रूस के बीच 25 से ज्यादा अहम समझौतों पर मुहर लग सकती है। इन समझौतों में व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और तकनीक से जुड़े कई बड़े फैसले शामिल हो सकते हैं।

शानदार स्वागत से हुआ दौरे की शुरुआत

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे की शुरुआत भी बेहद खास रही। राष्ट्रपति भवन में उन्हें 21 तोपों की सलामी दी गई और गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया गया। इसके बाद उन्होंने राजघाट पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।

“Winter Session: संसद सत्र के बीच में रेपो रेट में बदलाव से सरकार ने विपक्ष का बड़ा दांव किया फेल, समझें समीकरण”

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संसद के शीतकालीन सत्र में विपक्षी सांसद आर्थिक मोर्चे पर भी सरकार को घेर रहे हैं। रूपया के डॉलर के मुकाबले ऐतिहासिक गिरावट, मार्केट में चल रहे उतार-चढ़ाव और मिडिल क्लास पर महंगाई की मार शामिल है।

हालांकि, सत्र के बीच में रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में कटौती का ऐलान किया है। इससे सबसे ज्यादा फायदा मध्यम वर्ग को ही हो सकता है। घर और कार की ईएमआई में मामूली कटौती होगी। हालांकि, दरों में यह बदलाव ऐसे वक्त में हुआ है जब विपक्ष के हाथ से मुद्दा छिटक गया।

रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती कई गई है, जिसके बाद रेपो रेट अब 5.25 प्रतिशत हो गया है। इस पूरे साल में रेपो रेट में कुल चार बार बदलाव किया गया है। सरकार के पास अब अपना मजबूत तर्क है कि मोदी सरकार मिडिल क्लास की महत्ता समझती है। आयकर में छूट देने के साथ ही लोन लेने में सुविधा और ईएमआई का बोझ कम करने के लिहाज से सरकार ने अहम कदम उठाए हैं।

Winter Session में विपक्ष के हाथ से निकला बड़ा मुद्दा

समाजवादी पार्टी और कांग्रेस सांसदों ने सत्र से पहले इस बात के संकेत दिए थे कि विपक्ष महंगाई और आर्थिक मोर्चे पर सरकार को घेरेगी। खुद अखिलेश यादव ने कहा था कि वोट चोरी एक मुद्दा है, लेकिन यह सरकार आर्थिक मोर्चे पर नाकाम साबित हो रही है। नए लेबर कानून इनके अमीर कारोबारी दोस्तों के फायदे के लिए हैं और मिडिल क्लास को भारी नुकसान होगा।

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सत्र के बीच में रेपो रेट में बदलाव सीधे तौर पर मिडिल क्लास को प्रभावित करने वाला फैसला है। सरकार अपने स्तर पर यह तर्क देगी कि रेपो रेट में लगातार बदलाव के जरिए सिर्फ मिडिल क्लास ही नहीं, कम पूंजी के साथ अपना कारोबार करनेवाले उद्यमियों को भी राहत दी गई है। इससे देश की अर्थव्यवस्था को एक गति मिलेगी।

मोदी सरकार के पास आर्थिक मोर्चे पर बचाव के लिए तर्क

हालांकि, रूपया में ऐतिहासिक गिरावट एक ऐसा मुद्दा है जिस पर विपक्ष तैयारी के साथ सरकार को घेर सकती है। अब तक ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि विपक्षी दलों की पूरी तैयारी सरकार को लेबर कोड और एसआईआर (SIR) पर ही घेरने की है। आर्थिक मोर्चे पर सरकार को घेरने के लिए विपक्ष के पास लेबर कोड बड़ा मुद्दा है। खास तौर पर वामपंथी दल और समाजवादी पार्टी इस पर आक्रामक रुख अपनाए हुए है। हालांकि, मोदी सरकार की सत्ता में आने के बाद आयकर के दायरे में बड़ी छूट दी गई है। इसके अलावा, छोटे उद्यमियों के लिए भी कई ऋण सुविधाएं मुद्रा लोन, कृषि और मतस्य व्यवसाय के लिए आसान ऋण जैसी सुविधाएं भी शुरू की गई हैं। जिन्हें आधार बनाकर सरकार अपना मजबूत बचाव कर सकती है।

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Repo Rate Change से आम लोगों को क्या राहत मिलेगी?

– रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कटौती होने से उन लोगों को फायदा जो लोग आने वाले समय में लोन लेने का प्लान बना रहे हैं।

– जो लोग पहले से ही अपने लोन की EMI भर रहे हैं, उनके लोन की ब्याज दरें भी अब कम होंगी जिससे लोन की EMI में कटौती होगी।

– इसका सीधा असर मिडिल क्लास की जेब पर पड़ता है, जो अमूमन घर और कार की ईएमआई देते हैं। इसके अलावा, कारोबार या दूसरी जरूरतों के लिए लोन लेने वाले लोगों को भी फायदा मिलेगा।

“इजरायल से पाकिस्तान की सीक्रेट दोस्ती, इजरायली स्पाइवेयर से करा रहा बलूचों की जासूसी, एमनेस्टी ने किया खुलासा”

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पाकिस्तान दुनिया के सामने खुद को इजरायल का कट्टर दुश्मन दिखाता है। इस्लामाबाद ने आज तक इजरायल को मान्यता नहीं दी है और किसी तरह के औपचारिक रिश्ते नहीं रखे हैं, लेकिन पर्दे के पीछे कहानी अलग है।

पाकिस्तान ने यहूदी देश से सीक्रेट दोस्ती कर रखी है। पाकिस्तान ने न सिर्फ इजरायल से खुफिया रिश्ते बनाए हैं, बल्कि वह यहूदी देश की मदद से अपने ही देश में लोगों की जासूसी कर रहा है। पाकिस्तान की सरकार इजरायली स्पाईवेयर का इस्तेमाल कर रही है। इजरायली स्पाईवेयर से पाकिस्तान बलूचिस्तान में लोगों पर नजर रख रहा है। एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।

एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट में कहा गया है कि एक इजरायली कंपनी का बनाया हुआ स्पाइवेयर पाकिस्तान में एक्टिवली इस्तेमाल किया जा रहा था। इंटेलेक्सा लीक्स नाम से जारी एमनेस्टी की रिपोर्ट में पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में रहने वाले एक मानवाधिकार वकील की कहानी बताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, वकील को 2025 की गर्मियों में एक अनजान नंबर से वॉट्सएप पर एक संदिग्ध लिंक मिला था, जिसके बाद उन्होंने एमनेस्टी इंटरनेशनल से संपर्क किया था।

इजरायली कंपनी इंटेलेक्सा का स्पाइवेयर

एमनेस्टी सिक्योरिटी लैब ने लिंक की जांच की और इन्फेक्शन सर्वर के टेक्निकल बिहेवियर के आधार पर इसे प्रीडेटर अटैक की कोशिश के तौर पर पहचाना। प्रीडेटर इजरायली कंपनी इंटेलेक्सा का बनाया हुआ एक बहुत ज्यादा आक्रामक स्पाइवेयर है। एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट में बताया गया है कि यह जांच कंपनी से लीक हुए बहुत संवेदनशील दस्तावेज और दूसरे तत्वों पर आधारित थी। इसमें कंपनी के अंदरूनी दस्तावेज, सेल्स और मार्केटिंग मटीरियल और ट्रेनिंग वीडियो शामिल थे।

महीनों की जांच के बाद आई रिपोर्ट

यह जांच महीनों तक चली थी और इसकी रिपोर्ट को ग्रीस में इनसाइड स्टोरी, इजरायल में हारेत्ज अखबार और स्विटरलैंड में WAV रिसर्च कलेक्टिव क साथ मिलकर पब्लिश की गई। गूगल ने पाकिस्तान समेत कई देशों में अपने सैकड़ों यूजर्स को स्पाइवेयर खतरे का नोटिफिकेशन भेजना शुरू कर दिया था। इन अकाउंट्स की पहचान प्रीडेटर स्पाइवेयर टारगेट के तौर पर की गई थी।

वहीं, पाकिस्तान ने एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट में छपे दावों को गलत बताया है। नाम न बताने की शर्त पर डॉन से बात करने वाले एक सीनियर इंटेलिजेंस अफसर ने कहा कि यह रिपोर्ट पाकिस्तान को बदनाम करने की कोशिश थी। अधिकारी ने जोर देकर कहा कि इसमें जरा भी सच्चाई नहीं है।

“रेपो रेट में 0.25% की कटौती, होम और कार लोन की ईएमआई होगी कम – अभी पढ़ें”

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नए वर्ष से ठीक पहले रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने आम लोगों को राहत देते हुए रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कटौती की है। इस निर्णय के बाद आरबीआई की रेपो दर 5.25 प्रतिशत पर आ गई है।

एमपीसी ने अपने रुख को तटस्थ बनाए रखा है, जिससे संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में और कटौती की संभावना बनी रह सकती है।

मौजूदा वर्ष में आरबीआई फरवरी, अप्रैल और जून में कुल मिलाकर 1.25 प्रतिशत की कटौती कर चुका है। अगस्त और अक्टूबर में रेपो दर को यथावत रखा गया था। हालांकि कई विशेषज्ञों का अनुमान था कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोर स्थिति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार वातावरण में अस्थिरता को देखते हुए इस बार कटौती नहीं होगी।

फिर भी, घरेलू मोर्चे पर मजबूत जीडीपी ग्रोथ और मल्टी ईयर लो पर पहुंची महंगाई ने इस कटौती को संभव बनाया। भारत की दूसरी तिमाही की जीडीपी वृद्धि काफी सकारात्मक रही है, जबकि महंगाई में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।

आरबीआई गवर्नर पहले ही संकेत दे चुके थे कि यदि महंगाई नियंत्रित रहती है तो ईएमआई के मोर्चे पर राहत मिल सकती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अन्य रेगुलेटरी बैंकों की तुलना में आरबीआई ने अपेक्षाकृत कम कटौती की है। वहीं, आशंका यह भी जताई जा रही है कि अगले हफ्ते अमेरिकी फेडरल रिजर्व एक और दर वृद्धि कर सकता है।

ग्रोथ के अनुमान में बढ़ोतरी

एमपीसी ने आर्थिक वृद्धि के अनुमान में 50 आधार अंकों की बढ़ोतरी की है। अब वित्त वर्ष 2027 के लिए ग्रोथ रेट 7.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो पहले 6.8 प्रतिशत थी। तिमाहीवार अनुमानों में भी सुधार किया गया है। तीसरी तिमाही का अनुमान 6.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत किया गया है, जबकि चौथी तिमाही का अनुमान 6.2 प्रतिशत से बढ़कर 6.5 प्रतिशत हो गया है।

महंगाई अनुमान में भारी कटौती

एमपीसी ने महंगाई के अनुमान में 0.60 प्रतिशत की कमी की है, जिससे चालू वित्त वर्ष का महंगाई अनुमान घटकर 2 प्रतिशत रह गया है। अक्टूबर की बैठक में यह अनुमान 2.6 प्रतिशत था। तिमाहीवार अनुमान भी घटाए गए हैं। तीसरी तिमाही के लिए अनुमान 1.8 प्रतिशत से घटाकर 0.6 प्रतिशत कर दिया गया है, जबकि चौथी तिमाही में महंगाई 2.9 प्रतिशत रहने की संभावना है।

आरबीआई के इस फैसले से आने वाले महीनों में बैंकिंग सेक्टर में लोन ईएमआई और कम हो सकती है तथा उपभोक्ताओं को सीधी राहत मिलेगी।

“राष्ट्रपति भवन में रूस के राष्ट्रपति पुतिन को गार्ड ऑफ ऑनर. 21 तोपों की सलामी दी गई सलामी – अभी पढ़ें”

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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार, 5 दिसंबर को राष्ट्रपति भवन पहुँचे, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका स्वागत किया। राष्ट्रपति भवन में पुतिन को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और 21 तोपों की सलामी के साथ सम्मानित किया गया।

औपचारिक स्वागत के बाद पुतिन राजघाट पहुँचेंगे, जहाँ वे महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। उनका यह दौरा दो दिनों का है, और आज का दिन इस यात्रा का सबसे अहम हिस्सा माना जा रहा है।

आज होगी प्रमुख मुद्दों पर उच्चस्तरीय चर्चा

रूस का उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल आज भारत के साथ व्यापार, अर्थव्यवस्था, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, रक्षा और सांस्कृतिक सहयोग जैसे अहम क्षेत्रों पर विस्तृत चर्चा करेगा। पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन की संयुक्त बैठक में शामिल होंगे, जिसमें कई क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी बात होगी।

मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर किया स्वागत

इससे पहले गुरुवार शाम 4 दिसंबर को पुतिन का विमान दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर उतरा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए एयरपोर्ट पर स्वयं राष्ट्रपति पुतिन का स्वागत किया। दोनों नेता एक ही कार से प्रधानमंत्री आवास पहुँचे, जहाँ तीन घंटे तक उनकी निजी बैठक और डिनर हुआ।

अब सभी की निगाहें शिखर सम्मेलन पर टिकी हैं, जहाँ दोनों देशों के बीच कई अहम समझौतों पर मोहर लगने की उम्मीद है।