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यहां शिक्षकों के अच्छे दिन, मिलता है 1. 75 लाख रुपए का वेतन

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 शिक्षकों को समाज में बहुत सम्मान मिलता है. लेकिन वेतन के मामले में बहुत सारे शिक्षकों को बेहद कम वेतन मिलता है. 4 दिन पहले कुछ लोगों को शिक्षक के रूप में नियुक्त किया गया है । नए शिक्षकों को करीब 3 साल 6 हज़ार रुपए प्रति माह के वेतन पर काम करना होगा। इसके बाद नियोजित वेतन शुरू किया जायगा। बेंगलुरु में लेकिन अलग स्थिति है। यहाँ प्राइवेट स्कूलों के शिक्षकों को वार्षिक 7. 5 से 18 लाख रुपए तक का वेतन मिलता है।

शानदार वेतन वेतन पाते है [प्राइवेट स्कूल के शिक्षक

बेंगलुरु में शिक्षकों अच्छे दिन आ गए है. शिक्षकों को अच्छा वेतन मिल रहा है । यहाँ के एक इंटरनेशनल स्कूल में शिक्षकों को 90 हज़ार रुपए से डेढ़ लाख रुपए तक का वेतन मिलता है। जबकि इंटरनेशनल स्कूल के मुख्याध्यापकों को वार्षिक डेढ़ करोड़ का पैकेज मिलता हैं । इतना ही नहीं अन्य लक्जीरियस सुविधाएं भी इन शिक्षकों को मिलती है । इनमे मुफ्त रहने की सुविधा, परिवार से मिलने जाने के लिए मुफ्त हवाई यात्रा शामिल है।

तुमनात्मक रूप से अन्य राज्यों के शिक्षकों का वेतन काफी कम

देश के अन्य राज्यों में कही भी शिक्षकों को इतना वेतन नहीं मिलता है। सातवां वेतन आयोग की शिफारिस के अनुसार प्राथमिक शिक्षकों को अधिक से अधिक 35,370 रुपए वेतन मिलता है । लेकिन प्राइवेट स्कूल में शिक्षकों को 15 हज़ार रुपए प्रति माह वेतन दिया जाता है। जबकि केंद्रीय विधालय में शिक्षकों को 80 हज़ार रुपए तक का वेतन मिलता है । बेंगलुरु में [प्राथमिक स्कूल के शिक्षकों को भी काफी वेतन मिलता है । यहाँ शिक्षकों को प्रति माह 62 हज़ार रुपए से 1. 75 हज़ार रुपए तक का वेतन मिलता है । जबकि मुख्याध्यापक को 1. 25 लाख से 2. 5 लाख रुपए प्रति माह वेतन मिलता है।

Happy Birthday Sridevi : मां के जन्मदिन पर बेटी Janhvi Kapoor ने शेयर की पोस्ट, लिखा I Love You

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Happy Birthday Sridevi: फिल्म इंडस्ट्री की मशहूर अदाकारा श्रीेदेवी भले ही अब इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन उनके चाहने वालों के दिलों में वे हमेशा जिंदा हैं। आज यानि 13 अगस्त को श्रीदेवी का जन्मदिन है और इस खास मौके पर सोशल मीडिया पर फिल्मी सितारे बधाई संदेश लिख रहे हैं। सबसे खास विश श्रीदेवी की बेटी जाह्वी कपूर ने की है।

श्रीदेवी की बड़ी बेटी जाह्वी कपूर ने इंस्टाग्राम पर अपनी मां की एक खूबसूरत तस्वीर शेयर की है। इसके साथ वे लिखती हैं कि हैप्पी बर्थडे मम्मा, आई लव यू। आपको बता दें कि, पिछले साल 24 फरवरी को श्रीदेवी की मृत्यु हो गई थी जिसके बाद पूरा बॉलीवुड शोक की लहर में डूब गया था।

श्रीदेवी के जन्मदिन पर उन्हें याद करते हुए अभिनेता अनिल कपूर की पत्नी सुनीता ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर की है। इसमें उन्होंने श्रीदेवी के साथ एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा है मेमोरी हमेशा स्पेशल होती है। कभी हम हंसते हैं उस समय को याद करते हुए जब हम रोये थे और हम रोते हैं उन दिनों को याद करते हुए जब हम हंसे थे। यह लाइफ है। हैप्पी बर्थडे श्री, मिस यू।

जाह्वी ने मई महीने में मदर्स डे के मौके पर भी खूबसूरत तस्वीर के साथ एक पोस्ट शेयर की थी। बताते चलें कि 24 फरवरी को अभिनेत्री श्रीदेवी का निधन हुआ था। श्रीदेवी ने जब बड़े पर्दे पर डेब्यू किया था उस वक्त वो महज चार साल की थी और फिल्म का नाम था Thirumugham’s Thunaivan (1969)। उनसे जुड़ा एक रोचक तथ्य यह भी है कि श्रीदेवी का असली नाम था श्री अम्मा यंगर अय्यप्पन (Shree Amma Yanger Ayyapan) लेकिन, बाद में फिल्मों के लिए उनका नाम बदलकर श्रीदेवी रख दिया गया।

विराट कोहली का धमाकेदार शतक, तोड़ डाले 2 विश्व रिकॉर्ड, रोहित शर्मा को छोड़ा पीछे

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 भारतीय क्रिकेट टीम के तीनों फॉर्मेट के कप्तान हैं। एक सुरुचिपूर्ण दाएं हाथ के बल्लेबाज कोहली को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक माना जाता है। वे सन् 2008 की 19 वर्ष से कम आयु वाले विश्व कप क्रिकेट विजेता दल के कप्तान भी रह चुके है। भारत के घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट में विराट दिल्ली का प्रतिनिधित्व करते है जबकि इंडियन प्रीमियर लीग में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की कप्तानी करते है।
विराट कोहली ने 110 गेंदों का सामना करते हुए अपना शतक पूरा किया। विराट कोहली ने अपनी पारी में 10 चौके और एक छक्का लगाया।
1. विराट कोहली ने अपनी शतकीय पारी के दौरान बड़ा विश्व रिकॉर्ड तोड़ दिया। विराट कोहली ने वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले दुनिया के इकलौते बल्लेबाज की उपलब्धि हासिल कर ली।
इससे पहले यह रिकॉर्ड पाकिस्तान के जावेद मियांदाद के नाम था जिन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड बनाया था। मियांदाद के नाम 64 पारियों में 1930 रन बनाने का रिकॉर्ड दर्ज था विराट कोहली ने इस रिकॉर्ड को मात्र 34 पारियों में ही तोड़ डाला।
2. इसके अलावा विराट कोहली वनडे में किसी भी टीम के खिलाफ सबसे कम पारियों में 2000 रन पूरे करने वाले दुनिया के इकलौते बल्लेबाज बन गए। उन्होंने भारत के ही रोहित शर्मा को इस रिकॉर्ड में पीछे छोड़ दिया जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मात्र 37 पारियों में 2000 रन बनाए थे और विराट कोहली ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 34 पारियों में 2000 रन बना लिए।

दुःख में भी ख़ुश रहने के 7 नायब तरीके।

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ये 7 नायब तरीके
1. दुःख में भी ख़ुश रहने की कला…ख़ुशी हमारा मूल स्वभाव है
हर हाल, हर परिस्थिति में हमें ख़ुश रहना चाहिए क्योंकि खुशी हमारा मूल स्वभाव है, स्रोत है। जैसे पानी का स्वभाव है गीला रहना; उसी तरह सत्य, ईश्वर, सेल्फ, अनुभव (जो हम सब के अंदर है) का स्वभाव है प्रेम, खुशी और आंनद में रहना। एक छोटी सी बात हमेशा याद रहे– “अपने अंदर उठते विचारों को हमेशा तटस्थ भाव से देखना सीखो तो तुम्हारी खुशी कहीं नहीं जाएगी, क्योंकि अक्सर तुम विचारों के उठने पर उनमें डूब जाते हो और दुःखी होते रहते हो।”
2. दुःखद घटनाओं में भी हम ख़ुश रह सकते हैं क्योंकि ‘हम ख़ुद ही ख़ुशी हैं’
जब इंसान अपने जीवन में ज्ञान रूपी ख़ुशी का दीपक जलाता है, तब उसे हीरा ही नहीं पारस भी मिलता है। पारस रूपी ज्ञान पाकर इंसान आगे आने वाले दुखों से भी मुक्त हो सकता है। तुम चाहो तो सभी दुःखद घटनाओं में ख़ुश रह सकते हो क्योंकि “तुम ख़ुद ही ख़ुशी हो”
3. ख़ुश रहने के कारण—ख़ुशी आपको शक्तिशाली मैगनेट बनाती है।
*याद रखें, ख़ुशी आपको चुम्बक (मैगनेट) बनाती है। हर चीज़ (घटना, इंसान, बस्तु, आदि) को ख़ुशी की नज़र से देखना सीखें। *लोगों के लिए मङ्गल भावना रखें। उनके लिए प्रार्थना करें।
4. ख़ुशी को पाने का कोई रास्ता नहीं है, ख़ुशी ख़ुद ही रास्ता है।
*ख़ुशी को पाने का कोई रास्ता नहीं है, ख़ुशी ख़ुद ही रास्ता है। *अकारण ही ख़ुश रहने की कला सीखें। दुःख महसूस करते समय भी अपने जीवन के खुशनुमा पलों को याद करें, अपने मूल-स्वभाव को याद कर हृदय से ख़ुश हो जायें।
5. हमारे दुःख के नौ कारण
1. ख़ुद, ख़ुदा, जुदा— ख़ुद को खुदा (ईश्वर) से जुदा करना।अपने अंदर के ही स्रोत, स्व-अनुभव, स्व-साक्षी, सेल्फ (जिसके होने से ही संसार का निर्माण हुआ है) को भूल जाना। 2. ख़ुशी रोकने का स्विच— नफ़रत, नकारात्मक सोच, आदि। ‘किसी और को सुख मिल रहा है, यह देखकर हम दुःखी हो जाते हैं।’ 3. सीक्रेट इज़ ‘सी-ग्रेट’ — प्रत्येक में हमेशा अच्छाई न देखना। 4. दुःख का दुःख मनाना— अर्थात हमारा अज्ञान युक्त अहंकार ही हमारे दुःख का मूल कारण है। 5. लक्ष्य पर ध्यान हटने से हम दुःखी हो जाते हैं। 6. अज्ञान युक्त कर्म हमें दुःखी बनाते हैं। 7. अकल से ही कल का बीज है, कल की पनाह (कल्पना) में जीना ही हमें दुःख देता है। अतः कल्पना शक्ति का सिर्फ़ उपयोग करें। 8. सुख ही दुःख है– पृथ्वी नगर है, न घर है और न ही मंजिल है। इस नगर के पेट में माया है। इस माया को बाहर निकालो। सुख सुविधाएं मिली हैं, पर इनमें अटकना ही दुःख है। 9. अपना अस्तित्व ईश्वर सेल्फ से अलग मानने से भी हम दुःखी होते रहते हैं।
6. दुःखों से खुशी की खोज़ कैसे करें…?
1. विश्वास का सूरज सदैव चमकता रहे। 2. ‘स्वीकार युक्त अनुमति’ इस मंत्र का उपयोग करें। हर चीज़ को यथास्थिति में स्वीकार करें, कोई प्रतिक्रिया न करें। 3. ख़ुशी के महा अनुवादक बनें। दुःखद विचारों का भी खुशी में अनुवाद करें। 4. ख़ुशी का चश्मा सदैव पहनें। 5. अपने दुःख को उपवास पर डालें और अलमारी में बंद कर दें। 6. इच्छा का बल ध्यान में रहे, अतः हमेशा ख़ुशी की ही इच्छा करें। दुःख में आये बल का शुभेच्छा में इस्तेमाल करें। 7. ध्यान से मन, बुद्धि, आत्मबल जाग्रत करें। 8. जीवन की स्क्रीन पर सदैव खुशी महसूस करें। 9. ख़ुशी के लिए स्वयं को रिपीट आर्डर दें। 10. ख़ुशी का कोई रास्ता नहीं, यह ख़ुद रास्ता है। 11. ख़ुशङ्ग संग, ख़ुश लोगों की संगत करें। 12. शरीर को आप नहीं मिले, सेल्फ (ईश्वर मिला)! 13. ख़ुशी का संकल्प लें। (स्रोत: सर श्री व अन्य)
7. दुःखों से खुशी की खोज़ कैसे करें…?
1. विश्वास का सूरज सदैव चमकता रहे। 2. ‘स्वीकार युक्त अनुमति’ इस मंत्र का उपयोग करें। हर चीज़ को यथास्थिति में स्वीकार करें, कोई प्रतिक्रिया न करें। 3. ख़ुशी के महा अनुवादक बनें। दुःखद विचारों का भी खुशी में अनुवाद करें। 4. ख़ुशी का चश्मा सदैव पहनें। 5. अपने दुःख को उपवास पर डालें और अलमारी में बंद कर दें। 6. इच्छा का बल ध्यान में रहे, अतः हमेशा ख़ुशी की ही इच्छा करें। दुःख में आये बल का शुभेच्छा में इस्तेमाल करें। 7. ध्यान से मन, बुद्धि, आत्मबल जाग्रत करें। 8. जीवन की स्क्रीन पर सदैव खुशी महसूस करें। 9. ख़ुशी के लिए स्वयं को रिपीट आर्डर दें। 10. ख़ुशी का कोई रास्ता नहीं, यह ख़ुद रास्ता है। 11. ख़ुशङ्ग संग, ख़ुश लोगों की संगत करें। 12. शरीर को आप नहीं मिले, सेल्फ (ईश्वर मिला)! 13. ख़ुशी का संकल्प लें। 

दांत में लगे कीड़े को मिनटों में बाहर निकाल फेकते है ये घरेलु नुस्खे

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 आज बहुत से लोग दांतों में कीड़े लगने के कारण परेशान होते हैं जो कि बहुत ही दर्दनाक भी होता है। दांतों में कीड़े लगने को लोग सामान्‍य भाषा में कैविटी के नाम से जानते हैं। क्या आप अपने दांत में लगे कीड़े से परेशान है और आपका दांत अंदर से खोकला हो गया है जिसके कारण आपके दांत में दर्द भी होता है तो क्या आपको पता है की हम घर पर आसानी से अपने दांत के कीड़े से छुटकारा पा सकते है और अपने दांत के दर्द को भी मिनटों में खत्म कर सकते है। आज हम आपको एक ऐसा घरेलु उपाय बताने जा रहे है जिसका इस्तेमाल करके हम होने दांत के कीड़े से हमेशा हमेशा के लिए छुटकारा पा सकते है। आइये जानते हैं इसके बारे में…

दांत में कीड़ा लगने के मुख्य कारण :-

– ज्यादा गर्म चीजे खाना

-अधिक चिपचिपी चीज़ो का सेवन करना

-अधिक मीठे का सेवन करना

-खाना खाने के बाद दांतों की सफाई न करना

अगर आपके दांत में भी कीड़ा लग गया है और आप का दांत दर्द करता है तो इसके लिए आप सबसे पहले उन चीज़ो को बिलकुल बंद कर देना है जिनके कारण से हमारे दांतों में कीड़ा लगता है। उसके बाद आपने अपने दांतों की अच्छे से सफाई कर लेनी है और फिर अपने दांत के ऊपर फिटकरी पाउडर में थोड़ा लौंग का तेल मिलाकर रख लेना है और दस मिनट तक इसे ऐसे ही लगा रहने देना है आपका कीड़ा अंदर ही मर जाता है तो आगे आपके दांत को खराब नहीं करता लेकिन दांत में कालापन जरूरी रहता है लेकिन कीड़ा आगे नहीं जाता जिससे आपका दांत बचा रहता है।

-आप अपने दांतों के कीड़े सहित दांतों से संबंधित अन्‍य सभी समस्‍याओं को दूर करने के लिए पुदीने का उपयोग फायदेमंद होता है। दांत में लगे कीड़े को निकालने के लिए पुदीने के तेल के अलावा इसकी पत्तियों को पीस कर निकाले गए रस का उपयोग कर सकते हैं।

-हींग दांतों में कीड़े और दर्द की समस्या को आसानी से ठीक कर सकती है। इसके लिए एक ग्लास पानी में दो चुटकी हींग और चार चुटकी सेंधा नमक डालकर उबाल लें। अब इस पानी को हल्का गुनगुना होने दें। गुनगुना होने के बाद इस पानी से कई बार कुल्ला कीजिए। कुल्ला करने के दौरान पानी को मुंह में 2-3 मिनट तक भरकर रखिए। इससे 10 मिनट में ही आपको दांतो के कीड़ों से राहत मिल जाएगी।

23 जिलों में होगी 14 खास फसलों की खेती..

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राज्य सरकार ने मौसम और मिट्टी की उत्पादकता को देखते हुए 23 जिलों में खास खेती योजना को हरी झंडी दी है. रोहतास की आवोहवा को देखते हुए टमाटर की खेती को फोकस किया गया है. समस्तीपुर और अररिया में हरी मिर्च, तो पूर्वी चंपारण में लहसून की खेती को बढ़ावा मिलेगा.

शेखपुरा और बक्सर में प्याज, भोजपुर में छिमी, नालंदा में आलू, वैशाली के इलाके में मधु, भागलपुर व दरभंगा, पटना और सहरसा में आम को बढ़ावा मिलेगा. जबकि, किशनगंज में अनानास, शाही लीची के लिए समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और शिवहर को चुना गया है. कटिहार और खगड़िया में केले की खेती होगी. गया में पपीता और कैमूर में अमरूद की खेती होगी.

किसानों की आमदनी बढ़ाने की कवायद

सरकार का फोकस किसानों की आमदनी बढ़ाने पर है. चयनित 23 जिलों में उस जिले की परंपरागत फसल से अलग है. कलस्टर के माध्यम से यहां खेती होगी. कृषि विभाग ने इसके लिए पांच साल के लिए बिहार राज्य उद्यानिक उत्पाद विकास कार्यक्रम बनाया है. चालू वित्तीय वर्ष 2019-20 से साल 2023-24 तक के लिए बनी इस योजना में 16 करोड़ 67 लाख से अधिक खर्च होंगे.

अकेले 2019-20 में इस योजना में 12.64 करोड़ से अधिक खर्च किये जायेंगे. इसके तहत हर जिले में इसके लिए कम से कम 50- 50 एकड़ का कलस्टर बनाया जायेगा. योजना से बेरोजगार महिला और पुरुषों को जोड़ा जायेगा. कलस्टर में किसानों का समूह भी बनेगा. सभी समूह पंजीकृत होगा.

उत्पादों की प्रोसेसिंग और पैकिंग के लिए मिलेगा प्रशिक्षण

समूह के किसानों को उत्पादों की प्रोसेसिंग और पैकिंग के लिए प्रशिक्षित किया जायेगा. सभी कलस्टर में आवश्यक सुविधाओं से युक्त एक कॉमन फैसिलिटी सेंटर बनेगा. ताकि, उत्पाद को बाजार की डिमांड के अनुसार उसे तैयार किया जा सके. समूह खेती करने के साथ-साथ जूस, जैम, जैली, पाउडर आदि का भी निर्माण होगा, ताकि किसानों को अधिक से अधिक आमदनी हो सके.

उत्पाद को अधिक समय तक रखने के लिए हर समूह में सौर ऊर्जा से चलने वाला एक कोल्ड स्टोरेज चैंबर भी बनेगा. कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार कहते हैं कि इस योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी. लोगों को रोजगार मिलेगा. समूह में खेती होने से लागत में भी कमी आयेगी.

पिता के शव को मंडप में रखकर बेटे ने रचाई शादी

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तमिलनाडु के विल्लुपुरम में एक अजीबोगरीब खबर सामने आई है, जहां एक बेटे ने अपने पिता के शव के सामने सात फेरे लिए हैं. अब इस घटना की चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है. दरअसल, एक पिता ने अपने बेटे की शादी तय की थी. इसके लिए उसने पूरे धूमधाम से तैयरी भी कर ली थी. लेकिन शादी से कुछ दिन पहले ही पिता की मौत हो गई. ऐसे में बेटे ने पिता की अंतिम इच्छा पूरा करने के लिए उनके शव को मंडप में रख कर सामने शादी की.

जानकारी के मुताबिक, पूरा मामला विल्लुपुरम के टिंडिवनम इलाका स्थित सिंगनूर गांव का है. कहा जा रहा है कि 31 वर्षीय डी अलेक्जेंडर की शादी अगले महीने 2 सितंबर को तय हुई थी. शुक्रवार को अचानक अलेक्जेंडर के पिता देवमणि की मौत हो गई. देवमणि बेटे की शादी को लेकर बहुत खुश थे और तैयारियों में जुटे थे. वे धूमधाम से बेटे की शादी करना चाहते थे.

ऐसे में पिता की मौत पर बेटे ने उनकी अच्छा पूरा करने की ठान ली. इस बीच अलेक्जेंडर ने फैसला लिया कि वह पिता के क्रियाकर्म से पहले अपनी शादी करेगा, ताकि उनकी इच्छा पूरी हो सके.

दैनिक भास्कर के अनुसार, इसके बाद अलेक्जेंडर ने अपनी होने वाली दुल्हन अन्नपूर्णानी (27) को सारी जानकारी दी. अन्नपूर्णानी एक स्कूल में टीचर हैं और वह अलेक्जेंडर के प्रस्ताव पर शादी करने को राजी हो गईं. दोनों पक्षों ने शादी की तैयारियां कीं. बारात निकाली गई. फिर पिता के शाव के सामने अलेक्जेंडर और अन्नपूर्णानी शादी के बंधन में बंध गए.

शादी के बीच दूल्हा-दुल्हन और परिवार के अन्य सदस्यों ने शव के साथ फोटो भी खिंचवाए. खास बात यह है कि बारात में ले जाने के लिए शव को नहलाकर कर नए कपड़े भी पहनाए गए थे. शादी के बाद शनिवार को शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया.

श्रीदेवी के जन्मदिन पर मां को याद कर भावुक हुईं जाह्नवी, तस्वीर शेयर कर लिखी इमोशनल कैप्शन

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भारतीय सिनेमा की पहली महिला सुपरस्टार श्रीदेवी का आज जन्मदिन है। श्रीदेवी अब इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन उनके लाखों-करोड़ों चाहने वाले उन्हें याद कर रहे हैं। उनके जन्मदिन पर बेटी जाह्नवी ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर कर उन्हें कुछ यूं याद किया।

जाह्नवी के लिए आज का दिन बेहद इमोशनल है। यह उनके पोस्ट से भी जाहिर होता है। जाह्नवी ने तस्वीर के साथ कैप्शन में लिखा- ‘हैप्पी बर्थडे मां, आई लव यू।’ श्रीदेवी ने अपनी बेटी को भी सुपरस्टार बनाने का सपना देखा, लेकिन जाह्नवी की डेब्यू फिल्म से पहले ही उनका निधन हो गया था।

श्रीदेवी ने अपने करियर की शुरुआत 4 साल की उम्र से कर दी थी। साल 1976 से 1982 के बीच उन्होंने कई सारी तमिल और तेलुगू फिल्में की जिसमें से ज्यादातर फिल्में उन्होंने रजनीकांत, कमल हासन जैसे सुपरस्टार्स के साथ कीं। बॉलीवुड में श्रीदेवी एक ऐसी अभिनेत्री रहीं जिन्होंने हमेशा चुनौतीपूर्ण किरदार बखूबी से निभाया।

जाह्नवी कपूर की बात करें तो उन्होंने ईशान खट्टर के साथ फिल्म धड़क से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। इस फिल्म के बाद से ही दोनों के अफेयर की खबरें आने लगीं। अक्सर दोनों को साथ में देखा जाता है। अफेयर की खबरों को लेकर ईशान और जाह्नवी ने तो कभी कुछ नहीं कहा लेकिन बोनी कपूर ने इस पर कहा कि ‘हां, जाह्नवी और ईशान ने एक साथ फिल्म की है और दोनों पहले से ही दोस्त हैं। मैं उन दोनों की दोस्ती की इज्जत करता हूं।’

ये भी

जाह्नवी अभी फिल्म रूही आफजा की शूटिंग कर रही हैं। इसके अलावा उनके पास गुंजन सक्सेना की बायोपिक भी है। साथ ही दोस्ताना 2 में भी उनकी एंट्री हुई है। फिल्म में कार्तिक आर्यन भी नजर आएंगे। धर्मा प्रोडक्शन्स ने दोस्ताना 2 का एलान करते समय इसके एक हीरो की जगह खाली रखी है।

अंकुरित लहसुन कैंसर, डायबिटीज जैसी 10 बीमारियों की दवा है, यौन समस्याएं भी करता है खत्म..

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लहसुन सिर्फ खाने के स्वाद ही नहीं बढ़ाता बल्कि इसके अनगिनत स्वास्थ्य फायदे भी हैं। लहसुन में विटामिन्स विटामिन ए, बी1, बी6, सी, मैंगनीज, कैल्शियम, कॉपर, सल्फ्यूरिक एसिड और फॉस्फोरस जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। लहसुन में एलिसिन नामक मुख्य तत्व होता है, जो एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल, एंटीफंगल और एंटीऑक्सीडेंड के रूप में काम करता है और आपको कई बीमारियों से बचाता है।

क्या आप जानते हैं कि सामान्य लहसुन के मुकाबले अंकुरित लहसुन के सेवन से आपके सेहत को ज्यादा फायदा होता है? आपने देखा होगा कि कई लोग अंकुरित लहसुन को खराब समझकर फेंक देते हैं। विशेषज्ञों की मानें तो ऐसा करना गलत है। शोधकर्ता मानते हैं कि सामान्य लहसुन के मुकाबले अंकुरित लहसुन के सेवन से कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज और कैंसर जैसी कई गंभीर बीमारियों से निपटने में अधिक आसानी होती है। चलिए जानते हैं अंकुरित लहसुन के फायदे।

कैंसर से बचाव
कैंसर से बचाव में भी अंकुरित लहसुन फायदेमंद है। अंकुरण की प्रक्रिया के दौरान लहसुन में फाइटोकेमिकल का उत्पादन होता है। इस केमिकल में घातक कैंसर की कोशिकाओं को ब्लॉक और शरीर पर कार्सिनोजन की गतिविधि को रोकने के गुण होते हैं।

दिल के लिए बेहतर
हृदय के लिए भी अंकुरित लहसुन काफी फायदेमंद होता है। अंकुरित या अंकुर फूटे हुए पुराने लहसुन में ताजे लहसुन के मुकाबले एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि ज्यादा होती है जो स्वस्थ्य हृदय के लिए लाभदायक होता है।

सर्दी-फ्लू के लिए
अगर कई बार बार होनेवाली सर्दी खांसी से परेशान रहता है तो उसके लिए भी अंकुरित लहसुन फायदेमंद होता है। एक रिसर्च के अनुसार अंकुरित लहसुन के सेवन से शरीर को ज्यादा मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट की मजबूत खुराक मिलती है।

स्ट्रोक से बचाने में सहायक
अंकुरित लहसुन किसी भी तरह के स्ट्रोक से बचाने में मददगार होता है। लहसुन में फाइटोकेमिकल्स खून का थक्का बनाने की प्रोसेस को रोकने में मदद करता है। यह स्ट्रोक के खिलाफ एक बेहतर एजेंट के रुप में काम करता है।

इम्युनिटी सिस्टम को बनाता है मजबूत
एक अध्ययन के अनुसार पांच दिन में अंकुरित हुए लहसुन को खाने से आपके शरीर को ज्यादा मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स की मजबूत खुराक मिलती है। ये एंटीऑक्सीडेंट्स आपके इम्युनिटी सिस्टम को मज़बूत बनाकर आपको विभिन्न संक्रमण से बचाते हैं।

सेक्‍स हार्मोन बनाता है
लहसुन में ऐलीसिन नाम का पदार्थ होता है जो पुरुषों के मेल हार्मोन यानी सेक्‍स हार्मोन के स्‍तर को ठीक रखता है। इससे पुरुषों में इरेक्‍टाइल डिस्‍फंक्‍शन दूर होता है। वहीं लहसुन में सेलेनियम और भारी मात्रा में विटामिन पाए जाते हैं जिससे स्‍पर्म क्‍वालिटी बढ़ती है।

क्या सोनिया गांधी फिर किसी को बनाएंगी राजनीतिक सलाहकार

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कांग्रेस अध्यक्ष की कमान सोनिया गांधी के हाथ में आते ही चुनौतियां उनका इंतजार कर रही हैं। जिम्मेदारी मिलने के दो दिनों में फिलहाल सोनिया गांधी ने पार्टी के किसी भी नेता को मिलने का समय नहीं दिया है। ऐसे में इस बात के कयास फिर लगाए जा रहे हैं कि क्या पार्टी को ढर्रे में लाने और बदले राजनीतिक वातावरण में खुद को साबित करने के लिए उन्हें किसी राजनीतिक सलाहकार की आवश्यकता होगी। राहुल गांधी ने सोनिया के सलाहकार रहे अहमद पटेल को पार्टी का कोषाध्यक्ष बना दिया। पार्टी इस समय नए-पुराने नेताओं के बीच मचे घमासान से गुजर रही है। 
कार्यसमिति ने सोनिया को नए अध्यक्ष के चुनाव कराने तक अंतरिम अध्यक्ष पद संभालने के लिए मनाया है लेकिन सूत्रों की मानें तो नए अध्यक्ष का चुनाव कई राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनाव के बाद ही होगा। इसलिए सोनिया गांधी के सामने सबसे पहली चुनौती चुनावी राज्यों में संगठन में मचे घमासान को ठीक करना है। 

झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष डा. अजोय कुमार ने पार्टी नेताओं पर भ्रष्टाचार और समझौतों का आरोप लगाकर इस्तीफा दिया है। पूर्व आईपीएस अधिकारी अजोय कुमार को नवंबर 2017 में अध्यक्ष बनाकर भेजा गया था लेकिन वहां पुराने नेता सुबोध कांत सहाय ने उन्हें जमने नहीं दिया। अजोय कुमार ने राहुल गांधी को इस्तीफा भेजा था लेकिन उस पर जल्द फैसला सोनिया गांधी को लेना होगा।

दिल्ली और हरियाणा में भी विधानसभा चुनाव हैं। दिल्ली की अध्यक्ष रहीं शीला दीक्षित के निधन के बाद पार्टी ये जिम्मेदारी जल्द सौंपी जानी हैं। शीला के साथ काम कर रहे तीन कार्यकारी अध्यक्ष भी दावेदार हैं और वे नेता भी जिन्हें शीला विरोधी कैंप का माना जाता है। हरियाणा में अशोक तंवर अध्यक्ष हैं लेकिन उन्हें हटाने का अभियान तीन सालों से चल रहा है और पार्टी में घमासान का कारण वहां जमीन पर संगठन न होना है। तंवर लाख कोशिशों के बाद हरियाणा में पांच सालों में निचले स्तर पर पदाधिकारी नहीं बना सके हैं। 

सोनिया के पास जिम्मेदारी आने के बाद यूपी को लेकर पार्टी की सक्रियता पर सवाल उठेंगे। यूपी वे अकेली सांसद हैं और महासचिव बेटी प्रियंका पूर्वी यूपी की प्रभारी हैं। अध्यक्ष रहते हुए राहुल गांधी का छोटे-छोटे राज्यों में भी अध्यक्ष के साथ कुछ कार्यकारी अध्यक्ष बनाने का फार्मूला लागू हो गया है लेकिन सबसे बड़े राज्यों में अध्यक्ष को लेकर भी अभी तक फैसला नहीं हो सका है। 

कांग्रेस कार्यसमिति ने सोनिया गांधी को अपने हिसाब से राष्ट्रीय कार्यकारिणी में फेरबदल का अधिकार दिया है लेकिन जिस तरह पार्टी के भीतर नए-पुराने नेताओं के बीच मतभेद उभरे हैं उसका संतुलन बनाना भी बड़ी चुनौती है।