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“रूसी रक्षा मंत्री और राजनाथ की आज अहम मुलाकात. इन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा”

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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Russian President Vladimir Putin) के साथ आने वाले प्रतिनिधिमंडल में रक्षा मंत्री आंद्रे बेलौसोव (Defense Minister Andrei Belousov) भी भारत आए हैं।

सूत्रों ने बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) और बेलौसोव के बीच शाम 5 बजे साउथ ब्लॉक में एक अहम मुलाकात होगी। राजनाथ और बेलौसोव की इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग पर उच्च-स्तरीय चर्ता होगी। इसमें वायु रक्षा, सैन्य तकनीकी सहयोग और भविष्य की संयुक्त परियोजनाओं पर विस्तार से विमर्श किया जाएगा। भारत एस-400 एयर डिफेंस प्रणाली की और खेप खरीदने का इच्छुक है।

सूत्रों ने बताया कि इस दौरान एस-500 पर भी बातचीत हो सकती है। यदि एस-500 पर बात होती है तो यह सौदा दक्षिण एशिया की भू-राजनीतिक तस्वीर बदल सकता है। इससे भारत को चीन और पाकिस्तान पर निर्णायक रणनीतिक बढ़त हासिल हो जाएगी। राजनाथ से मुलाकात से पहले बेलौसोव को सेना के तीनों अंगों की साझा टुकड़ी सलामी देगी। बेलौसोव एक अर्थशास्त्री हैं। पश्चिमी देशों के तमाम प्रतिबंधों और यूक्रेन से चलते लंबे युद्ध के बावजूद रूस की अर्थव्यवस्था पटरी पर बनाए रखने का श्रेय बेलौसोव को दिया जाता है।

ऑपरेशन सिंदूर में रही कारगर

मई में पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर में एस-400 ने सैंकड़ों किलोमीटर अंदर पाकिस्तान के कई लड़ाकू विमानों को मार गिराया। इससे एस-400 देश की एकीकृत एयर डिफेंस संरचना की रीढ़ बनकर उभरा। यह देखते हुए भारत और एस-400 खरीदना चाहता है। तेजी से बदलते क्षेत्रीय सुरक्षा माहौल में भारत के लिए वायु रक्षा प्रणाली बेहतर करना काफी जरूरी भी है।

एजेंडे में एस-400

बैठक का सबसे अहम पहलू एस-400 एयर डिफेंस प्रणाली होगा। भारत ने 2018 में रूस से पांच एस-400 रेजिमेंट का सौदा किया था। इनमें से तीन रेजिमेंट भारत के पास हैं। शेष दो 2026 तक मिलने की संभावना है। राजनाथ और बेलौसोव के बीच शेष खेप की समय सीमा पर बात होगी। साथ ही मेक इन इंडिया के तहत संयुक्त रक्षा उत्पादन, भविष्य की उन्नत प्रणालियों पर सहयोग और लंबी अवधि के सामरिक सहयोग पर भी बातचीत होगी। इसके अतिरिक्त भारत रूस से पांच एस-400 प्रणालियां और खरीदने का इच्छुक है। पुतिन की यात्रा में इस सौदे पर मुहर लग सकती है। एस-400 प्रणाली में उपयोग की जाने वाली मिसाइलों के स्वदेशी निर्माण पर भी बात बन सकती है।

एस-500 से बदल जाएगी तस्वीर

दोनों रक्षा मंत्रियों के बीच एस-400 के उन्नत संस्करण एस-500 की खरीद पर भी चर्चा होने की संभावना है। रूसी उप-प्रधानमंत्री डेनिस मांतुरोव ने दुबई एयरशो में कहा था कि रूस एस-400 का संचालन करने वाले रणनीतिक साझेदार देशों के साथ एस-500 पर भी वार्ता कर सकता है। यह संकेत भारत की ओर था।

एस-500 हाइपरसोनिक मिसाइलों और बाहरी अंतरिक्ष में स्थित लक्ष्यों पर भी निशाना साध सकता है। यह चीन की बैलिस्टिक मिसाइलों के खिलाफ भारत की क्षमता को बढ़ाएगा। लिहाजा चीन के लिए भारत के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई बेहद जोखिम भरी हो जाएगी। पाकिस्तान की अधिकांश मिसाइलें भी एस-500 के दायरे में आ जाएंगी। भारत के पास आकाश, एमआर-सैम, एस-400 और एस-500 के साथ दुनिया की बेहतरीन बहु-स्तरीय वायु रक्षा ढाल होगी।

“अफ्रीका के खिलाफ 5 टी20 मैचों के लिए टीम इंडिया आई सामने, सूर्या (कप्तान), गिल, हार्दिक, अभिषेक, बुमराह..”

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भारत और साउथ अफ्रीका (IND vs SA) के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज खेली जा रही है. इस सीरीज के बाद दोनों टीमों के बीच 5 मैचों की सीरीज खेली जानी है. इस टी20 सीरीज के लिए अब तक भारतीय टीम (Team India) का ऐलान नही हुआ है, लेकिन 2 दिनों में भारतीय टीम का ऐलान किया जा सकता है.

उम्मीद है कि आज मैच के बाद चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट की मीटिंग होगी और टीम इंडिया (Team India) का ऐलान किया जाएगा.

बीसीसीआई (BCCI) की टीम एक बार फिर सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) पर भरोसा जताने वाली है, जो टी20 विश्व कप 2024 के बाद से टीम इंडिया (Team India) की कप्तानी कर रहे हैं. उनकी कप्तानी में अब तक भारतीय टीम ने कोई टी20 सीरीज नही गंवाई है.

शुभमन गिल, हार्दिक पंड्या और बुमराह की Team India में वापसी

भारत और साउथ अफ्रीका के बीच खेले जाने वाले टी20 मैचों में टीम इंडिया में शुभमन गिल, हार्दिक पंड्या और जसप्रीत बुमराह की टीम इंडिया में वापसी हो सकती है. भारतीय टीम की उपकप्तानी शुभमन गिल के हाथो में रहने वाली है. शुभमन गिल को टी20 विश्व कप 2026 के बाद इस फ़ॉर्मेट में भी कप्तान बनाया जा सकता है.

शुभमन गिल, साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दौरान चोटिल हो गए थे. ऐसे में वो टेस्ट सीरीज और वनडे सीरीज से बाहर हो गए थे. हालांकि अब वो फिट हो गए हैं और साउथ अफ्रीका के खिलाफ टी20 सीरीज से वो टीम इंडिया में वापसी कर सकते हैं.

इसके साथ ही जसप्रीत बुमराह की टी20 विश्व कप 2026 को देखते हुए टीम इंडिया में वापसी हो सकती है. उन्हें वनडे सीरीज के लिए टीम इंडिया से आराम दिया गया है. वहीं हार्दिक पंड्या की भी टीम इंडिया में वापसी होने वाली है. हार्दिक पंड्या, एशिया कप 2025 फाइनल से पहले चोटिल हो गये थे.

भारत और साउथ अफ्रीका के बीच इस सीरीज के लिए बीसीसीआई उसी टीम का ऐलान करने वाली है, जो टी20 विश्व कप 2026 में भारत के लिए खेलते हुए दिखाई देगी.

साउथ अफ्रीका टी20 सीरीज के लिए Team India का संभावित स्क्वाड

सूर्यकुमार यादव (कप्तान), शुभमन गिल (उप कप्तान) अक्षर पटेल , तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, अभिषेक शर्मा, शिवम दुबे, यशस्वी जायसवाल , वाशिंगटन सुंदर, संजू सैमसन (विकेटकीपर), जितेश शर्मा (विकेटकीपर) , वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, हार्दिक पंड्या, हर्षित राणा.

“आज कितना महंगा हुआ सोना? चांदी में भी दिखी तेजी – देखें अपने शहर का भाव”

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भारत में 4 दिसंबर 2025 की सुबह सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिली है। डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी और विदेशी बाजारों में मजबूत रुझान ने कीमती धातुओं को सपोर्ट दिया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस समय स्पॉट गोल्ड 4,207.67 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड हो रहा है, जिसकी वजह से घरेलू दामों में भी उछाल दिखा है।

24 कैरेट गोल्ड: ₹1,30,740 प्रति 10 ग्राम 22 कैरेट गोल्ड: ₹1,19,860 प्रति 10 ग्राम

इन प्रमुख शहरों में दाम लगभग एक समान बने हुए हैं:

22 कैरेट: ₹1,19,710 प्रति 10 ग्राम 24 कैरेट: ₹1,30,590 प्रति 10 ग्राम

अन्य बड़े शहरों में सोने के ताज़ा रेट;

शहर 22K सोना (₹/10g) 24K सोना (₹/10g)

  • दिल्ली 1,19,860 – 1,30,740
  • मुंबई 1,19,710 – 1,30,590
  • अहमदाबाद 1,19,760 – 1,30,640
  • चेन्नई 1,19,710 – 1,30,590
  • कोलकाता 1,19,710 – 1,30,590
  • हैदराबाद 1,19,710 – 1,30,590
  • जयपुर 1,19,860 – 1,30,740
  • भोपाल 1,19,760 – 1,30,640
  • लखनऊ 1,19,860 – 1,30,740
  • चंडीगढ़m1,19,860 – 1,30,740

Silver Price Today सोने के साथ-साथ चांदी भी ऊपर की ओर बढ़ रही है:

भारत में चांदी का रेट: ₹1,91,100 प्रति किलोग्राम अंतरराष्ट्रीय बाजार: 58.47 डॉलर प्रति औंस

औद्योगिक उपयोग बढ़ने और निवेशकों की मांग मजबूत रहने से चांदी में तेज़ी बरकरार है।

आगे क्या रहेगा सोने-चांदी का मूड?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि दिसंबर में अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती कर सकता है।

ब्याज दर यदि घटती है, तो✔️ बॉन्ड कम आकर्षक✔️ गोल्ड में निवेश तेज✔️ सोने की कीमतों में और तेजी संभव फेड की FOMC मीटिंग 9-10 दिसंबर को प्रस्तावित है, इसलिए निवेशकों की निगाहें वहीं टिकी हैं।

रबी फसलों के लिए फसल बीमा पोर्टल चालू, अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025..

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रायपुर: छत्तीसगढ़ शासन ने रबी मौसम 2025-26 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का पोर्टल चालू कर दिया है। यह योजना किसानों को प्रतिकूल मौसम, सूखा, बाढ़, जलभराव, कीट-व्याधि और ओलावृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए सुरक्षा कवच प्रदान करती है। पिछले वर्ष रबी सीजन में फसल कटाई प्रयोगों के आधार पर जिले के 28,037 किसानों को 48 करोड़ 62 लाख रुपये की दावा राशि का भुगतान किया गया था। इस वर्ष जिले के 420 से अधिक अधिसूचित ग्रामों के किसान अपनी रबी फसलों का बीमा करवा सकते हैं। बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 तय की गई है।

इस बार गेहूं सिंचित, गेहूं असिंचित, चना, अलसी और सरसों जैसी अधिसूचित फसलों का बीमा किया जा सकेगा। योजना में ऋणी, अऋणी, भू-धारक और बटाईदार सभी प्रकार के किसान शामिल हो सकते हैं। अधिसूचित ग्रामों में अधिसूचित फसल बोने वाला हर इच्छुक किसान इस योजना का लाभ उठा सकता है।

प्रीमियम दरों के अनुसार किसानों को प्रति हेक्टेयर गेहूं सिंचित के लिए 690 रुपये, गेहूं असिंचित के लिए 405 रुपये, चना के लिए 645 रुपये, अलसी के लिए 315 रुपये और सरसों के लिए 375 रुपये जमा करने होंगे।

किसान अपने निकटतम बैंक शाखा, ग्रामीण बैंक, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, सेवा सहकारी समिति, लोक सेवा केंद्र या भारत सरकार के बीमा पोर्टल के माध्यम से फसल बीमा करा सकते हैं। प्रशासन ने किसानों से अपील करते हुए कहा है कि अंतिम तिथि से पूर्व अपनी फसलों का बीमा अवश्य कराएं ताकि किसी भी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्राप्त हो सके। योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए किसान कृषि, राजस्व, बैंक या बीमा कंपनी के अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में राज्य के घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली बिल में रियायत देने के साथ ही अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए…

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मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान (M-URJA) – राज्य के घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत देने के लिए मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान राज्य में 01 दिसम्बर 2025 से लागू है, जिसके तहत घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को 100 यूनिट से बढ़ाकर अब 200 यूनिट प्रति माह तक बिजली बिल में 50 प्रतिशत छूट का लाभ मिलेगा। यह लाभ 400 यूनिट तक खपत वाले उपभोक्ताओं को भी मिलेगा।

राज्य में 200 से 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को अगले एक वर्ष तक 200 यूनिट तक, बिजली बिल में 50 प्रतिशत छूट का लाभ मिलेगा, इससे 6 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे, ताकि इस अवधि में वे अपने घरों में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर प्लांट स्थापित करा सके।

इस तरह मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान से प्रदेश के 42 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे, वहीं प्रधानमंत्री सूर्य घर मुक्त बिजली योजना का लाभ प्रदेश के सभी उपभोक्ताओं को मिलेगा।

गौरतलब है कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत राज्य शासन की ओर से सब्सिडी दी जा रही है, जिसके तहत 1 किलोवॉट क्षमता के सोलर प्लांट पर 15,000 रुपये तथा 2 किलोवॉट या उससे अधिक क्षमता के प्लांट पर 30,000 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी दी जा रही है। यह व्यवस्था राज्य में सौर ऊर्जा अपनाने को प्रोत्साहित करेगी और आने वाले समय में उपभोक्ताओं को हाफ बिजली से फ्री बिजली की ओर ले जाएगी।

छत्तीसगढ़ भण्डार क्रय नियम, 2002 में स्थानीय लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों से क्रय को प्रोत्साहन देने तथा जेम पोर्टल में क्रय की स्पष्टता के लिए संशोधन किए जाने का निर्णय लिया गया। इन संशोधन से क्रय प्रक्रिया का सरलीकरण होगा, पारदर्शिता में वृद्धि होगी, प्रतिस्पर्धा को बढा़वा मिलेगा तथा समय और संसाधनों की बचत होगी। §

मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) (संशोधन) विधेयक, 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। §

मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना (नियोजन एवं सेवा की शर्तों का विनियमन) अधिनियम, 2017 (क्र. 21 सन् 2018) में संशोधन हेतु छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना संशोधन विधेयक, 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। जिससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के रिफॉर्म्स और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय बलौदाबाजार को 194 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की देंगे सौगात…

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41 करोड़ रुपये के 94 कार्यों का लोकार्पण एवं 152 करोड़ रुपये के 80 कार्यों का करेंगे भूमिपूजन

16013 हितग्राहियों को 5 करोड़ से अधिक राशि का सामग्री एवं चेक का होग़ा वितरण

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सुहेला में आयोजित लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में होंगे शामिल

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 4 दिसम्बर 2025 को बलौदाबाजार के तहसील मुख्यालय सुहेला के दुर्गाेत्सव मैदान में  आयोजित लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में शामिल होंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय जिलेवासियों को 194 करोड़ 79 लाख  रुपये के विकास कार्यों की सौगात देंगे। इसमें 41 करोड़ 91लाख रुपये के 94 कार्यों का लोकार्पण एवं 152 करोड़ 87 लाख रुपये के 80 कार्यों का  भूमिपूजन कार्य शामिल है। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। जिले के प्रभारी एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल तथा राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा अतिविशिष्ट अतिथि होंगे। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, जांजगीर-चम्पा सांसद कमलेश जांगड़े, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि विशिष्ट अतिथि होंगे।

कार्यक्रम में 16013 हितग्राहियों को 5 करोड़ से अधिक राशि का सामग्री एवं चेक  वितरण किया जाएगा। जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत आवास पूर्ण करने वाले 1073 हितग्राहियों को आवास की चॉबी सौंपी जायेगी। प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना अंतर्गत 5000 किसानों को उनके अधिकार अभिलेख  का वितरण, सायबर फ्रॉड प्रकरण के राशि वापसी का 27 लाख रुपये के चेक वितरण, श्रम विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को 83 लाख रुपये का चेक वितरण, आदिवासी विकास विभाग द्वारा 8333 छात्रों को 4 करोड़ 25 लाख  पोस्ट मेट्रिक छात्रवृत्ति, छत्तीसगढ़ महिला कोष अंतर्गत महिला स्व सहायता समूहों एवं सक्षम योजना अंतर्गत 16 हितग्राहियों को 25 लाख रूपए का चेक वितरण, खादी ग्रामोद्योग द्वारा मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम अंतर्गत 10 हितग्राहियों को 9 लाख 69 हजार रुपये, हम होंगे कामयाब अंतर्गत 60 हितग्राहियों को 6 लाख 81 हजार रूपए का चेक वितरण शामिल हैं।

प्रमुख लोकार्पण कार्य– पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत 12 करोड़ 87 लाख रुपये की लागत के 1073 आवास निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा 1करोड़ 74 लाख रुपये की लागत के एकल नल जल योजना अमाकोनी,1 करोड़ 61 लाख रुपये की लागत के रिट्रोफिटिंग नल जल प्रदाय योजना हथबंद, 1 करोड़ 52 लाख रुपये की लागत के एकल नल जल योजना पौसरी , 1 करोड़ 44 लाख रुपये की लागत के एकल नल जल योजना सेम्हराडीह, 1 करोड़ 43 लाख रुपये की लागत के नल जल प्रदाय योजना खपराडीह शामिल है।

प्रमुख भूमिपूजन कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा 49 करोड़ 17 लाख रुपये की लागत के बलौदाबाजार-रिसदा-हथबंद मार्ग मजबूतीकरण कार्य, 20 करोड़ 98 लाख रुपये की लागत के बलौदाबाजार के रिसदा बायपास मार्ग निर्माण, 15 करोड़ 59 लाख रुपये की लागत के बलौदाबाजार में इंडोर स्टेडियम काम्प्लेक्स निर्माण, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 8 करोड़ 60 लाख रुपये की लागत के प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत 717 आवासों का निर्माण, जल संसाधन विभाग द्वारा 8 करोड़ 4 लाख रुपये की लागत के विकासखंड तिल्दा की कोल्हान नाले के पार सुंगेरा एनिकट निर्माण शामिल है।

मुख्यमंत्री श्री साय से एनएमआईएमएस के प्रतिनिधियों ने की सौजन्य मुलाकात…

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एडुसिटी नया रायपुर में नारसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के कैंपस खोलने का मिला प्रस्ताव

प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा दिलाने राज्य सरकार के प्रयासों को मिल रही है लगातार सफलता

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन में नारसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (NMIMS) के प्रतिनिधि श्री जगदीश वी पारिख ने सौजन्य भेंट की। मुलाकात के दौरान प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे विशेष प्रयासों तथा नई संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।

श्री पारिख ने मुख्यमंत्री को संस्थान द्वारा नया रायपुर के एडुसिटी में अपना कैंपस स्थापित करने के प्रस्ताव से अवगत कराया। उन्होंने एनएमआईएमएस द्वारा संचालित पाठ्यक्रमों, शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी भी साझा की। साथ ही श्री पारिख ने उन्हें आज आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ पी चौधरी से हुए मुलाकात के बारे में बताया और उनके माध्यम से हर संभव विभागीय सहयोग मिलने की बात कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के संकल्प के साथ नया रायपुर में एडुसिटी का विकास कर रही है। उन्होंने कहा कि एडुसिटी के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को राष्ट्रीय स्तर की उत्कृष्ट संस्थाओं में पढ़ने का अवसर मिलेगा और उन्हें बड़े शहरों की ओर जाने की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि नारसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के आने से राज्य के युवाओं को मैनेजमेंट और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण उच्च स्तरीय शिक्षा प्राप्त होगी। एडुसिटी में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के संचालन से युवाओं के कौशल विकास को नई दिशा मिलेगी और रोजगार के बेहतर अवसर सृजित होंगे।

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार नया रायपुर को एजुकेशनल हब के रूप में विकसित करने के लिए एडुसिटी का निर्माण कर रही है। इसमें मल्टी-डिसिप्लीनरी यूनिवर्सिटी, रिसर्च सेंटर, इन्क्यूबेशन हब, डिजिटल लाइब्रेरी, विज्ञान एवं नवाचार केंद्र तथा अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं की स्थापना प्रस्तावित है। इससे प्रदेश के युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा, शोध और स्टार्टअप के अवसर मिलेंगे।

नया रायपुर में पहले से ही आईआईआईटी, आईआईएम, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान संचालित हैं। एडुसिटी के विकसित होने से यहां शिक्षा का एक सशक्त और आधुनिक पारिस्थितिकी तंत्र तैयार होगा।

इस दौरान मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, नया रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री चंदन कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

आदिवासियों के हितों की रक्षा और उनके सर्वांगीण विकास के लिए सरकार कृतसंकल्पित: मुख्यमंत्री श्री साय…

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अंबागढ़ चौकी को राजस्व अनुविभाग बनाने तथा ऑडिटोरियम निर्माण करने की घोषणा 

महतारी वंदन योजना की 22वीं किस्त की राशि का हितग्राहियों के खाते में किया अंतरण

475 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन एवं लोकार्पण

मुख्यमंत्री अंबागढ़ चौकी में आयोजित जनजाति गौरव समारोह में हुए शामिल

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में केंद्र सरकार एवं छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासियों के हितों की रक्षा और उनके सर्वांगीण विकास के लिए कृतसंकल्पित है। मुख्यमंत्री आज मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के अंबागढ़ चौकी में आयोजित जनजाति गौरव दिवस एवं प्रतिभा सम्मान समारोह को सम्बोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर 475 करोड़ रुपए से अधिक विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण किया। उन्होंने अंबागढ़ चौकी को राजस्व अनुभाग बनाने तथा अंबागढ़ चौकी में सर्व सुविधायुक्त ऑडिटोरियम निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की लाभार्थी महिलाओं के खाते में 22वीं किस्त की राशि का अंतरण भी किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने की।

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण और जनजाति समाज के कल्याण में पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र व राज्य सरकार के द्वारा जनजातीय और विशेष पिछड़ी जनजातियों के सर्वांगीण विकास हेतु निरंतर कार्य किये जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री जनमन एवं ग्राम उत्कर्ष योजना के अंतर्गत जनजातीय परिवारों को मुख्यधारा में शामिल करने के लिए सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 13 दिसंबर को छत्तीसगढ़ सरकार के दो वर्षों का कार्यकाल पूर्ण होने जा रहा है। हमारी सरकार ने दो वर्षों के कार्यकाल में मोदी की गारंटी के तहत किए गए सभी वायदों को पूरा किया है। महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह माता-बहनों के खातों में हर माह 1000 रुपए की राशि अंतरित की जा रही है। किसानों से 3100 रुपए की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी के साथ ही तेंदूपत्ता संग्रहण दर प्रति मानक बोरा 5500 रुपए का भुगतान किया जा रहा है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए चरण पादुका का वितरण फिर से शुरू किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के द्वारा देश एवं राज्य के विकास में सबसे बड़ी बाधा माओवाद को मार्च 2026 तक समाप्त करने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा केंद्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर माओवाद आतंक से मुक्त करने की दिशा में अत्यंत ठोस एवं सार्थक कार्य किया जा रहा हैं। जल्द ही छत्तीसगढ़ राज्य माओवाद के आतंक से मुक्त हो जाएगा।

मुख्यमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा को आदिवासी समाज सहित संपूर्ण भारतवर्ष का गौरव बताते हुए, स्वाधीनता आंदोलन एवं राष्ट्र के नव निर्माण में जनजाति समाज के महापुरुषों एवं राष्ट्र भक्तों के योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरगुजा में आयोजित भगवान बिरसा मुंडा के जयंती के अवसर पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का आगमन हम सभी के लिए सौभाग्य एवं गर्व का विषय है।

छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार के जनकल्याणकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के परिणाम स्वरूप छत्तीसगढ़ राज्य में भी व्यापक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में जनजाति समाज के साथ-साथ पूरे छत्तीसगढ़ में विकास नई इबारत लिखी जा रही है। जिसके फलस्वरूप आज बस्तर से लेकर सरगुजा तक राज्य के प्रत्येक क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहा है। इस मौके पर उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार की जनहितैषी कार्यों और नीतियों की विस्तार से जानकारी दी।

समारोह को उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, सांसद श्री संतोष पांडे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सिंह और जनजाति समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री एमडी ठाकुर ने भी सम्बोधित किया। समारोह में विभिन्न क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनजातीय समाज के प्रतिभाओं को सम्मानित करने के अलावा प्रधानमंत्री आवास के हितग्राहियों को आवास पूर्णता प्रमाण पत्र एवं विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं में सफलता अर्जित करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में विधायक श्री भोलाराम साहू, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री योगेश दत्त मिश्रा सहित कई पूर्व विधायक, पंचायत एवं नगरीय संस्थाओं के जनप्रतिनिधि, सामाजिक बंधु और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

“इन 7 कारों की बदौलत मारुति सुजुकी ने रचा इतिहास, नवंबर में अब तक की सबसे ज्यादा सेल”

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मारुति सुजुकी ने बीते नवंबर में 2.29 लाख कारें बेचीं और यह इस इंडो-जापानी कंपनी के इतिहास में किसी एक महीने में सबसे बड़ा आंकड़ा हैं। मारुति सुजुकी कारों की बिक्री के इस ऐतिहासिक आंकड़े में डिजायर, वैगनआर, ब्रेजा, अर्टिगा, फ्रॉन्क्स, बलेनो और स्विफ्ट जैसी गाड़ियों का सबसे बड़ा हाथ है।

मारुति सुजुकी… एक ऐसी कंपनी, जिसने पिछले महीने, यानी नवंबर 2025 में कारों की बिक्री के एक ऐसे ऐतिहासिक आंकड़े को छुआ, जो ना सिर्फ बजट प्राइस रेंज में अच्छी माइलेज वाली कारों की स्वीकार्यता और लोकप्रियता दिखाती है, बल्कि खुद मारुति सुजुकी को भारतीय बाजार मे एक ऐसी कंपनी के रूप में मान्यता दिलाती है, जो ज्यादाकर कार लवर्स के बीच पॉपुलर है। नवंबर के 20 दिनों में 2.29 लाख कारों की बिक्री, जिनमें घरेलू बाजार में 1,74,593 यूनिट की बिक्री और 46 हजार यूनिट से ज्यादा एक्सपोर्ट के साथ ही ओईएम को 8,371 देना मारुति सुजुकी को एक ऐसे पायदान पर पहुंचाता है, जिसके बारे में और कंपनियां सोच भी नहीं पातीं।

इन वजहों से लोकप्रिय हैं मारुति की कारें

मारुति कारों की लोकप्रियता की कई वजहें हैं, जिनमें इनकी किफायती कीमतें और बंपर माइलेज प्रमुख हैं। इन सभी कारणों से बीते नवंबर में मारुति सुजुकी की लगभग हर सेगमेंट की कारों की बिक्री में सालाना और मासिक तौर पर अच्छी-खासी बढ़ोतरी देखी गई है। अब आप सोच रहे होंगे कि आखिरकार कौन-कौन सी वो मारुति कारें हैं, जिनकी भारतीय बाजार में सबसे ज्यादा बिक्री हो रही है तो इनमें डिजायर, वैगनआर, बलेनो, अर्टिगा, ब्रेजा, स्विफ्ट और फ्रॉन्क्स प्रमुख हैं। आज हम आपको इन सभी कारों की कीमतें बताने जा रहे हैं।

जीएसटी घटने का मिल रहा बंपर लाभ

दरअसल, बीते सितंबर महीने में जीएसटी दरों में बदलाव की पहल मारुति सुजुकी की छोटी कारों के लिए संजीवनी साबित हुई और उसके तत्काल बाद अक्टूबर और नवंबर में कारों की बंपर बिक्री से साबित हो गया कि भले मारुति की स्मॉल और कॉम्पैक्ट कारों की ज्यादा बिक्री ना हो, लेकिन ये प्रासंगिक अभी भी हैं और ग्राहकों के बीच पॉपुलर हैं।

मारुति सुजुकी डिजायर

मारुति सुजुकी की पॉपुलर कॉम्पैक्ट सेडान डिजायर (Maruti Dzire) इस साल कई महीने टॉप सेलिंग कार रही और लगभग हर महीने इसकी बंपर बिक्री हुई। मारुति डिजायर की मौजूदा एक्स शोरूम प्राइस 6.26 लाख रुपये से शुरू होकर 9.31 लाख रुपये तक जाती है। यह कॉम्पैक्ट सेडान पेट्रोल के साथ ही सीएनजी जैसे विकल्पों में भी है और लुक-फीचर्स के साथ ही माइलेज के मामले में भी अच्छी है।

मारुति सुजुकी ब्रेजा

मारुति सुजुकी की सबसे पॉपुलर एसयूवी ब्रेजा (Maruti Suzuki Brezza) ने सब-4 मीटर कॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट में अपनी पकड़ काफी मजबूत बना रखी है और इसकी अच्छी बिक्री होती है। मारुति ब्रेजा को पेट्रोल और सीएनजी ऑप्शन में खरीदा जा सकता है और इसकी मौजूदा एक्स शोरूम प्राइस 8.26 लाख रुपये से लेकर 13.01 लाख रुपये तक है।

मारुति सुजुकी वैगनआर

वैगनआर (Maruti Suzuki Wagon R) भारतीय बाजार में बजट फैमिली कार खरीदने वालों की सबसे पसंदीदा है। इस फैमिली हैचबैक की मौजूदा एक्स शोरूम प्राइस 4.99 लाख रुपये से शुरू होकर 6.95 लाख रुपये तक जाती है। वैगनआर भी पेट्रोल और सीएनजी ऑप्शन में है और इसकी माइलेज भी जबरदस्त है।

मारुति सुजुकी अर्टिगा

मारुति सुजुकी की कॉम्पैक्ट 7 सीटर कार अर्टिगा (Maruti Suzuki Ertiga) की भारतीय बाजार में खूब बिक्री होती है और यह अपने सेगमेंट में बेस्ट सेलिंग है। मारुति अर्टिगा की मौजूदा एक्स शोरूम प्राइस 8.80 लाख रुपये से लेकर 12.94 लाख रुपये तक है। अर्टिगा को आप पेट्रोल और सीएनजी विकल्प में खरीद सकते हैं।

मारुति सुजुकी बलेनो

मारुति सुजुकी की प्रीमियम हैचबैक बलेनो (Maruti Suzuki Baleno) की एक्स शोरूम प्राइस 5.99 लाख रुपये से शुरू होकर 9.10 लाख रुपये तक जाती है। बलेनो लुक और फीचर्स के मामले में अच्छी है और इसके पेट्रोल के साथ ही सीएनजी वेरिएंट्स की भी माइलेज काफी अच्छी है।

मारुति सुजुकी स्विफ्ट

मारुति सुजुकी की हॉट हैचबैक स्विफ्ट (Maruti Suzuki Swift) की मौजूदा एक्स शोरूम प्राइस 5.79 लाख रुपये से लेकर 8.80 लाख रुपये तक है। स्विफ्ट स्पोर्टी लुक और लेटेस्ट फीचर्स से लैस है। स्विफ्ट को भी आप पेट्रोल और सीएनजी विकल्पों में खरीद सकते हैं।

मारुति सुजुकी फ्रॉन्क्स

मारुति सुजुकी की पॉपुलर क्रॉसओवर फ्रॉन्क्स (Maruti Suzuki FRONX) की मौजूदा एक्स शोरूम प्राइस 6.85 लाख रुपये से शुरू होकर 11.98 लाख रुपये तक जाती है। फ्रॉन्क्स की बिक्री में इस साल काफी बढ़ोतरी हुई है। फ्रॉन्क्स को भी आप पेट्रोल के साथ ही सीएनजी विकल्पों में खरीद सकते हैं।

भारत-रूस-चीन ने कसकर पकड़ ली है कॉलर, तीनों के ताबड़तोड़ पंच से रोएगा अमेरिकी डॉलर…

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नवंबर, 2024 की बात है। रूस के कजान में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन चल रहा था। अमेरिकी डॉलर के वर्चस्व को खत्म करने के लिए ब्रिक्स का मंच एक आंदोलन में तब बदल गया, जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन एक संभावित ब्रिक्स बैंकनोट का एक प्रोटोटाइप पकड़े हुए मंच पर आए।

उस वक्त उन्होंने कहा कि ब्रिक्स सदस्य देशों का लक्ष्य अमेरिकी डॉलर आधारित स्विफ्ट प्लेटफॉर्म से दूर जाना नहीं है, बल्कि ब्रिक्स देशों और व्यापारिक साझेदारों के बीच वित्तीय लेन-देन में स्थानीय मुद्राओं के उपयोग हेतु वैकल्पिक प्रणालियां विकसित करके अमेरिकी डॉलर के ‘हथियारीकरण’ को रोकना है। अब पुतिन भारत आ रहे हैं, ऐसे में माना जा रहा है कि भारत और रूस के बीच स्थानीय मुद्राओं में कारोबार करने पर भी और ज्यादा सहमति बन सकती है। इसमें ब्रिक्स देशों की कॉमन मुद्रा पर भी बात हो सकती है, जिसे चीन का समर्थन भी हासिल है।

पुतिन पहले ही किस ओर इशारा कर चुके हैं

पुतिन ने कजान के मंच से कहा था-हम डॉलर से इनकार नहीं कर रहे हैं, उससे लड़ नहीं रहे हैं, लेकिन अगर वे हमें इसके साथ काम करने नहीं देंगे, तो हम क्या कर सकते हैं? हमें तब अन्य विकल्पों की तलाश करनी होगी, जो हो भी रहा है। एक संभावित ब्रिक्स मुद्रा इन देशों को मौजूदा अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली के साथ प्रतिस्पर्धा करते हुए अपनी आर्थिक स्वतंत्रता का दावा करने में सक्षम बनाएगी। वर्तमान प्रणाली में अमेरिकी डॉलर का प्रभुत्व है, जो सभी मुद्रा व्यापार का लगभग 89 प्रतिशत है। परंपरागत रूप से, लगभग 100 प्रतिशत तेल व्यापार अमेरिकी डॉलर में होता था। हालांकि, 2023 में तेल व्यापार का पांचवां हिस्सा गैर-अमेरिकी डॉलर मुद्राओं का उपयोग करके किया गया।

डी-डॉलरीकरण क्या है, जान लीजिए

  • डी-डॉलराइजेशन का मतलब है डॉलर से दूरी बनाना।
  • अपनी मुद्राओं में अंतरराष्ट्रीय कारोबार करना।
  • अमेरिकी डॉलर की मांग में गिरावट आना।
  • ब्रिक्स देशों के बीच डी-डॉलराइजेशन का मुद्दा।
  • अमेरिका और वैश्विक अर्थव्यस्था पर पड़ेगा प्रभाव।

अगले साल भारत में होगी ब्रिक्स बैठक

फाइनेंशियल एक्सप्रेस की एक खबर के अनुसार, इस जुलाई में ब्राजील में आयोजित 2025 ब्रिक्स बैठक में पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग शामिल नहीं हुए। इससे ब्रिक्स मुद्रा पर चर्चा भी बहुत धीमी रही। अगले साल की ब्रिक्स की बैठक भारत में होने वाली है। ऐसे में डॉलर के खिलाफ रूस-चीन और भारत का गठजोड़ बन सकता है। बीते दिनों तियानजिन में शंघाई सहयोग शिखर सम्मेलन (SCO) में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच एकसाथ मंच साझा करने पर भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तिलमिला उठे थे और उनकी टेंशन बढ़ गई थी।

ब्रिक्स देश नई मुद्रा क्यों बनाना चाहते हैं?

  • ब्रिक्स देशों के समक्ष हाल की वैश्विक वित्तीय चुनौतियां मुंह बाए खड़ी हैं।
  • आक्रामक अमेरिकी विदेश नीतियां भी इसके पीछे बड़ी वजह हैं।
  • अपने आर्थिक हितों को बेहतर ढंग से पूरा करने का मकसद है।
  • अमेरिकी डॉलर और यूरो पर वैश्विक निर्भरता कम करने का लक्ष्य है।
  • अमेरिका-यूरोप की पाबंदियों के असर को कम करना भी मकसद है।

एक्सपर्ट ने कहा-अमेरिकी डॉलर का वर्चस्व होगा कम

इस बीच, जाने-माने एक्सपर्ट डॉ. ब्रह्मचेलानी ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा है कि प्रतिद्वंद्वी गुटों में बंटती दुनिया में पुतिन की 4-5 दिसंबर की नई दिल्ली यात्रा सिर्फ एक और कूटनीतिक पड़ाव नहीं है। यह एक शक्तिशाली भू-राजनीतिक बयान है। इस यात्रा से महत्वपूर्ण समझौते होने की संभावना है, जिनमें स्विफ्ट प्रणाली को दरकिनार करने और अमेरिकी डॉलर के प्रभुत्व को कम करने के लिए डिजाइन किए गए नए भुगतान चैनल शामिल हैं।…भारत अपना एक स्पष्ट संदेश दे रहा है। ऐसे समय में जब ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका उसके साथ बुरा व्यवहार कर रहा है (उदाहरण के लिए, भारत पर अमेरिकी टैरिफ अब चीन से ज्यादा हैं), नई दिल्ली न तो रूस को बाहर करेगा और न ही उन पश्चिमी प्रतिबंधों के साथ चलेगा जो उसकी रणनीतिक स्वायत्तता को नुकसान पहुंचाते हैं। पुतिन की मेजबानी करके भारत यह स्पष्ट कर रहा है कि वह पश्चिम द्वारा थोपे गए ‘हमारे साथ या हमारे खिलाफ’ के द्विभाजन को नामंजूर करता है और अपना रास्ता खुद बनाएगा।

भारत-रूस के बीच 90 फीसदी कारोबार में डॉलर नहीं

रूस के उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव ने नवंबर, 2024 में कहा था कि भारत और रूस के बीच लगभग 90% व्यापार अब स्थानीय या वैकल्पिक मुद्राओं के माध्यम से हो रहा है, जबकि शेष व्यापार अभी भी अन्य मुक्त रूप से परिवर्तनीय मुद्राओं में होता है। यानी इस कारोबार में डॉलर का इस्तेमाल नहीं हो रहा है। उन्होंने दिल्ली में व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग पर भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग के 25वें सत्र में अपने उद्घाटन भाषण में कहा-द्विपक्षीय व्यापार में स्थानीय और वैकल्पिक मुद्राओं की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। यह अब 90% के करीब पहुंच रही है। हम रूसी और भारतीय बैंकों के बीच संवाददाता संबंधों के विस्तार पर अपना काम जारी रखना आवश्यक समझते हैं।

भारत ने कर दी थी पहल, अब होगा और मजबूत

भारत ने स्थानीय मुद्रा में व्यापार निपटान को सक्षम बनाने की दिशा में पहला कदम तब उठाया, जब जुलाई 2022 में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अंतर्राष्ट्रीय व्यापार लेनदेन के चालान और भुगतान को रुपये में अनुमति दे दी। यह कदम यूक्रेन युद्ध की शुरुआत और अंतर्राष्ट्रीय भुगतान एवं निपटान प्रणालियों से रूस को बाहर करने के बाद उठाया गया था। भारत में लगभग 20 प्राधिकृत डीलर (एडी) बैंकों को इस व्यापार को सुविधाजनक बनाने के लिए 22 से अधिक देशों के साझेदार बैंकों के 92 विशेष रुपया वास्ट्रो खाते खोलने की अनुमति दी गई है।

भारत में इन देशों के बैंकों ने खोले हैं रुपया खाता

फाइनेंशियल एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, ऐसे देश जिनके बैंकों ने भारत में कॉरेसपांडेंट बैंकों के साथ रुपया खाते खोले हैं, वे हैं बांग्लादेश, बेलारूस, बोत्सवाना, फिजी, गुयाना, इजरायल, कजाकिस्तान, केन्या, मलेशिया, मालदीव, मॉरीशस, म्यांमार, न्यूजीलैंड, ओमान, सेशेल्स, श्रीलंका, तंजानिया और युगांडा।

ब्रिक्स के सदस्य कौन से देश हैं?

2025 तक ब्रिक्स के 10 सदस्य देश हैं: ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई)। 10 पूर्ण सदस्य देशों के इस विस्तारित समूह को कभी-कभी ब्रिक्स+ भी कहा जाता है। यह समूह मूल रूप से ब्राजील, रूस, भारत और चीन के चार देशों से बना था और इसे ब्रिक कहा जाता था, जो 2010 में दक्षिण अफ्रीका के शामिल होने पर ब्रिक्स में बदल गया। 2023 के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में 6 देशों को ब्रिक्स सदस्य बनने के लिए आमंत्रित किया गया था। ये हैं-अर्जेंटीना, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और यूएई। अर्जेंटीना और सऊदी अरब को छोड़कर सभी देश आधिकारिक तौर पर जनवरी 2024 में गठबंधन में शामिल हो गए और 2025 में इंडोनेशिया ब्रिक्स का 10वां पूर्ण सदस्य बन गया।

ब्रिक्स मुद्रा के क्या फायदे हो सकते हैं

एक नई मुद्रा से ब्रिक्स देशों को कई लाभ हो सकते हैं, जिनमें अधिक कुशल सीमा-पार लेनदेन और बेहतर वित्तीय समावेशन शामिल हैं। ब्लॉकचेन तकनीक, डिजिटल मुद्राओं और स्मार्ट अनुबंधों का लाभ उठाकर, यह मुद्रा वैश्विक वित्तीय प्रणाली में क्रांति ला सकती है। निर्बाध सीमा-पार भुगतानों के माध्यम से, यह ब्रिक्स देशों और अन्य देशों के बीच व्यापार और आर्थिक एकीकरण को भी बढ़ावा दे सकती है।

एक नई ब्रिक्स मुद्रा से क्या होगा

  • ब्रिक्स देशों के भीतर आर्थिक एकीकरण को मजबूत करना।
  • वैश्विक मंच पर अमेरिका के प्रभाव को कम करना।
  • वैश्विक आरक्षित मुद्रा के रूप में अमेरिकी डॉलर की स्थिति को कम करना।
  • क्षेत्रीय मुद्राओं के विकास के लिए अन्य देशों को गठबंधन बनाने के लिए प्रोत्साहित करना।
  • एकतरफा उपायों और डॉलर पर निर्भरता में कमी के कारण वैश्विक अस्थिरता से जुड़े जोखिमों को कम करना।

ब्रिक्स मुद्रा पर डोनाल्ड ट्रंप का रुख क्या है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप टैरिफ के ज़रिए अमेरिकी संरक्षणवाद को और मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने शुरुआत में चीन के खिलाफ ख़ास तौर पर कड़ा रुख़ अपनाया था। यहां तक कि चीनी आयात पर 60 प्रतिशत से 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। इसके बाद ट्रंप ने भारत पर भी भारी-भरकम टैरिफ लगा दिया। उन्होंने रूस से तेल आयात करने पर धमकी भी दे डाली। उन्होंने अपनी धमकी को पूरा भी किया। हालांकि, यूरो और येन की लोकप्रियता बढ़ने के साथ डॉलर की आरक्षित मुद्रा हिस्सेदारी कम हो गई है, फिर भी डॉलर अभी भी सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली आरक्षित मुद्रा है, उसके बाद यूरो, येन, पाउंड और युआन का स्थान आता है।

जयशंकर ने 2030 के लिए क्या अनुमान लगाया था

11 नवंबर, 2024 में ही विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने अनुमान लगाया था कि भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2030 तक 100 अरब अमेरिकी डॉलर को पार कर जाएगा। उन्होंने इसे एक यथार्थवादी और प्राप्त करने योग्य लक्ष्य बताया। मुंबई में भारत-रूस व्यापार मंच को संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा था कि हमारा द्विपक्षीय व्यापार मौजूदा वक्त में 66 अरब अमेरिकी डॉलर है। इससे 2030 तक 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का लक्ष्य और भी ज्यादा यथार्थवादी हो जाता है।