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बताते है अंदर की बात, लड़कियों के ‘Hips Size’, खोल देता है उनके हज़ारों राज़…

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आपने आज से पहले केवल हाथ देख कर ही या फिर चेहरा देखकर हमारा हाव भाव का पता लगाया होगा। लेकिन आप हम आपको कुछ लग ही बताने जा रहे है। दरअसल, शरीर की बनावट के आधार पर हम किसी भी इंसान के हावभाव के बारें पता लगा सकते है। लेकिंन हाथ की लकीर और चेहरा देखकर अनकहे राज खोलने वाले तो आपको बहुत मिल जायेंगे, क्या कभी आप किसी लड़की के कूल्हों का साइज़ देखकर उनकी पर्सनालिटी के बारे में बता सकते हैं।

लड़की के कूल्हों से पता करें राज: 
आप लड़कियों के हिप्स का साइज़ देखकर ही उसकी पर्सनालिटी का अंदाजा लगा सकते हैं.आप अपने पार्टनर के हिप्स या बट के साइज़ को देखकर ही कई ऐसे राज जान सकते हैं जिसे शायद आपका पार्टनर अपने मुंह से कभी न बताये।

रिसर्च में हुआ खुलासा: 
इस रिसर्च में खुलासा हुआ है कि हर चार में जिन तीन महिलाओं के सेक्सुअल पार्टनर अक्सर बदलते रहते थें उनके हिप्स बाकियों के मुकाबले 2 सेंटीमीटर यानी 0.8 इंच ज्यादा बड़े थे।

जिन महिलाओं के ज्यादा सेक्स पार्टनर्स होते हैं, उनके बड़े हिप्स होते हैं, ऐसी महिलाओं को बर्थ प्रोसेस में आसानी होती है बजाय उन महिलाओं के जिनके हिप्स 31 सेंटीमीटर से छोटे होते हैं।

पास होने वाला है ये बिल, कांग्रेस को एक और झटका देने की तैयारी में बीजेपी..

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बीजेपी ट्रिपल तलाक़ बिल पास कराने के बाद अब कांग्रेस को एक और झटका देने की तैयारी में है. सरकार जल्द ही जालियांवाला बाग ट्रस्ट राष्ट्रीय स्मारक संशोधन बिल पास करा सकती है. लोकसभा में इस बिल को पेश किया जा चुका है. इस बिल के पास होने से कांग्रेस अध्यक्ष सीधे इसके ट्रस्टी नहीं बन पाएंगे.

अब तक के नियम के मुताबिक जो भी कांग्रेस अध्यक्ष होता है, वो अपने-आप इस ट्रस्ट के ट्रस्टियों में शुमार हो जाता है. सरकार का कहना है कि पिछले चालीस-पचास सालों में कांग्रेस पार्टी ने इस राष्ट्रीय स्मारक के लिए कुछ नहीं किया. 
सरकार चाहती है कि जो भी कांग्रेस अध्यक्ष हो, उसके अपने आप ट्रस्टी बनने के नियम को बदला जाए. इस ट्रस्ट के ट्रस्टियों में चैयरमेन के रूप में प्रधानमंत्री होते हैं. उनके अलावा संस्कृति मंत्रालय के मंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता, पंजाब के राज्यपाल, पंजाब के मुख्यमंत्री के अलावा जो भी कांग्रेस अध्यक्ष हो, वो सभी सदस्य रहते हैं. साथ ही तीन लोगों को ट्रस्टी के रूप में केंद्र सरकार नामांकित करती है. अगर ये बिल पास हो जाता है तो कांग्रेस अध्यक्ष अपने आप इस ट्रस्ट के ट्रस्टी नहीं हो सकेंगे.

कांग्रेस का विरोधकांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने सरकार से अनुरोध किया है कि वो इसमें बदलाव न करें. पिछली बार इस बिल को लोकसभा में पास किया गया था. लेकिन राज्यसभा में बहुमत न होने के चलते ये बिल लटक गया था. अब ट्रिपल तलाक बिल पास कराने के बाद उम्मीद की जा रही है कि जालियांवाला बाग ट्रस्ट राष्ट्रीय स्मारक संशोधन बिल पास कराने में भी सरकार को कई दिककत नहीं आएगी. बता दें कि इस साल जालियांवाला बाग गोलीकांड के सौ साल पूरे हो रहे हैं.

आप हो जाएंगे इस बीमारी के शिकार, अगर आप भी कर रहें हर वक़्त हेडफोन का इस्तेमाल

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अक्सर लोग यात्रा के दौरान, घर में काम करते वक्त या ऑफिस में काम करने के दौरान हेडफोन लगाकर गाना सुनना पसंद करते हैं। ऐसा करने से धीरे-धीरे ये उनकी आदत का हिस्सा बन जाता है। और यही आदत उन्हें बीमार कर देता है। आज हम बात करेंगे उन लोगों के बारें में जो हर वक़्त हेडफोन लगाकर गाना सुनते है उन्हें किस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आइए जानते हैं हेडफोन के ज्यादा इस्तेमाल करने से आप किस तरह की बीमारियों से घिर सकते हैं।

कान में हर वक्त हेडफोन या इयरफोन लगाकर घूमने वाले शख्स इस बात से अंजान रहते हैं कब वो गंभीर रोग का शिकार बनते जा रहें है। क्योंकि कान में लगने वाले हेडफोन के कारण आपके कान में संक्रमण हो सकता है, जो कि आगे चलकर एक गंभीर बीमारी का रूप धारण कर सकता है। इतना ही नहीं हेडफोन आपको कान के कैंसर का भी शिकार बना सकता है।

वहीं, अगर किसी दूसरे व्यक्ति के कानों में संक्रमण है और आप भी उसका हेडफोन या इयरफोन का इस्तेमाल करते हैं तो आपको भी संक्रमण का खतरा हो सकता है। जो आगे चलकर कैंसर का रूप ले सकता है। इससे बचने के लिए हेडफोन का कम इस्तेमाल करें और दूसरे का इयरफोन कभी इस्तेमाल ना करें।

दौलत के लिए मशहूर रहे ये नवाब 14 अरब के हीरे को पेपरवेट बनाया था..

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भारत में राजे रजवाड़ों के पास बेहिसाब संपत्ति रही है. नवाबों के वंशजों के बीच दौलत के बंटवारे को लेकर अब भी मुकदमे चल रहे हैं. रामपुर रियासत में नवाबों के वंशजों के बीच संपत्ति के बंटवारे को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है. रामपुर रियासत के प्रॉपर्टी विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का फैसला बदलते हुए कहा है कि आखिरी नवाब के बाद जिसे गद्दी सौंपी गई, सिर्फ उसका नहीं बल्कि नवाब के सभी वंशजों का प्रॉपर्टी पर हक बनता है. प्रॉपर्टी को लेकर नवाब के वंशजों के बीच अरसे से झगड़ा चल रहा है. संपत्ति भी कोई मामूमी नहीं है, जिसे लेकर कोई अपना दावा छोड़ दे. दरअसल भारत में इतने दौलतमंद नवाब हुए हैं कि उनके साम्राज्य, शानो शौकत और रईसी की किस्से अब भी दिलचस्प लगते हैं. आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही नवाबों के बारे में जिनके नवाबी शौक खासे चर्चित रहे हैं.

महमूदाबाद रियासत की रॉयल फैमिली

उत्तर प्रदेश के सीतापुर के पास कभी महमूदाबाद रियासत हुआ करती थी. उनके पास बेहिसाब संपत्ति थी. महमूदाबाद रियासत कभी अवध के नवाबों के अधीन हुआ करती थी. अपनी संपत्ति को लेकर इस रियासत के वंशजों ने सरकार के साथ लंबी लड़ाई लड़ी है. इस रियासत से ताल्लुक रखने वाले मुहम्मद खान पिछले कई वर्षों से अपनी संपत्ति पर हक पाने की लड़ाई लड़ रहे हैं. दरअसल मुहम्मद खान के पिता आमिर अहमद ने 1957 में भारत छोड़कर पाकिस्तान में बसने का फैसला कर लिया. हालांकि उनकी बेगम समेत परिवार के कुछ लोग यहीं रह गए. महमूदाबाद रियासत के पास उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में 3 हजार करोड़ की संपत्ति है. 1968 में सरकार ने एनमी प्रॉपर्टी एक्ट के नाम से एक कानून पारित किया. जिसके मुताबिक दुश्मन देश चले जाने वालों की संपत्ति जब्त करने का प्रावधान था. मुहम्मद खान की प्रॉपर्टी इसी के चलते जब्त कर ली गई. भारत सरकार से अपनी प्रॉपर्टी हासिल करने के लिए इन्होंने लंबी लड़ाई लड़ी.

हैदराबाद के निजाम के पास बेहिसाब संपत्ति हुआ करती थी. रियासत के खत्म होने के बाद अब भी इसके वंशजों के पास काफी प्रॉपर्टी है. इस रियासत के बारे में कई दिलचस्प किस्से हैं. हैदराबाद के निजाम मीर साहब को 2008 में फोर्ब्स ने दुनिया के दौलतमंद लोगों में से एक माना. फोर्ब्स के मुताबिक वो दुनिया के पांचवे दौलतमंद शख्स हैं. उस वक्त बिल गेट्स को 20वें नंबर पर रखा गया था.आजादी से पहले 1930 से लेकर 1940 तक उनके पास सबसे ज्यादा संपत्ति थी. 130 अरब की दौलत के साथ वो दुनिया के सबसे अमीर शख्स थे. हैदराबाद के निजाम मीर ओस्मान अली खान के एक शौक की खासी चर्चा होती है. वो 185 कैरेट के एक हीरे का इस्तेमाल पेपर वेट के तौर पर करते थे. उसकी कीमत करीब 4 अरब रुपए थे.

नवाबों को उनके नवाबी शौक के लिए जाना जाता रहा है. मसलन मीर उस्मान अली खान के पास सबसे ज्यादा नौकर चाकर थे. दुनिया में ऐसा कोई शख्स नहीं हुआ, जितने अपने पास कर्मचारियों की इतनी बड़ी फौज रखी हो. 1967 में जब उनकी मौत हुई तो नवाब साहब के पास 14 हजार से ज्यादा कर्मचारी थे. तीन हजार कर्मचारी तो सिर्फ महल की सुरक्षा के लिए रखे गए थे. इनमें से 28 कर्मचारी सिर्फ पानी पिलाने का काम करते थे. नवाब साहब के शौक ऐसे थे कि कई कर्मचारियों को उन्होंने अपने लिए पान बनाने के दौरान सुपारी तोड़ने के लिए रखे हुए थे.

जूनागढ़ के नवाब का जानवरों से प्रेम

जूनागढ़ के नवाब मुहम्मद महाबत खानजी, जिन्हें रसूल खानजी भी कहा जाता है, का शौक खासा चर्चित है. वो जूनागढ़ के अंतिम नवाब माने जाते हैं. उनमें जानवरो से बेहद लगाव था. उन्होंने दुनियाभर से लाकर जानवर पाल रखे थे. पूरे जीवन में उन्होंने 300 कुत्ते पाले. अपने सबसे पसंदीदा कुत्तों के जन्मदिन भी मनाए. उनकी शादियां करवाईं और इसके लिए भव्य आयोजन भी करवाए. नवाब मियां के इस शौक के सभी कायल थे. उन्होंने जंगली जानवरों के अस्तित्व को बचाए रखने का काम भी किया.

अवध के नवाब की नेक नीयती

अवध के नवाब मुहम्मद याहिया मिर्जा असफ उद दौला अपनी नेक नीयती के लिए चर्चित हुए. ब्रिटिश सरकार ने 1738 में उन्हें अवध का नवाब घोषित किया था. कहा जाता है कि इनके रियासत में भीषण अकाल पड़ा. अकाल से लोगों को बचाने के लिए इन्होंने इमामबाड़े का निर्माण करवाना शुरू कर दिया. इससे लोगों को रोजगार मिला और उनके भूखे मरने की नौबत नहीं आई.

इमामबाड़े के निर्माण में 20 हजार लोगों को लगाया गया था. उन्होंने इसे बनाने में लगे मजदूरों को ये यकीन दिलाया था कि जब तक अकाल खत्म नहीं होता, इमामबाड़े में काम चलता रहेगा. लखनऊ में स्थित बड़ा इमामबाड़ा आज भी काफी प्रसिद्ध है. इसे भूल भुलैया के नाम से भी जाना जाता है.

प्रधानमंत्री जी, देश की अर्थव्यवस्था बेपटरी हो चुकी है – राहुल ने कसा तंज

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केंद्र की मोदी सरकार पर हमला करना का कोई मौका नहीं चूकने वाले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस बार अर्थव्यवस्था का हवाला देते हुए तंज कसा है. राहुल ने गुरुवार को लाइव मिंट की खबर ट्वीट करते हुए दावा किया कि देश की अर्थव्यवस्था पटरी से उतर चुकी है. यही नहीं आगे दूर-दूर तक इसके पटरी पर लौटने की उम्मीद की कोई किरण भी नजर नहीं आ रही है.

निर्मला सीतारमण को बताया असमर्थ वित्त मंत्री 

राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘प्रधानमंत्री जी, अर्थव्यवस्था पटरी से उतर चुकी है. सुरंग में दूर-दूर तक कोई रोशनी दिखाई नहीं दे रही है. अगर आपकी असमर्थ वित्त मंत्री आपको बता रही हैं कि रोशनी है तो मुझ पर विश्वास करिए कि मंदी की ट्रेन पूरी रफ्तार पकड़ने वाली है.’ टि्वटर पर शेयर की गई खबर के मुताबिक, भारतीय अर्थव्यवस्था फिलहाल सुस्त चल रही है. अभी निकट भविष्य में इसके रफ्तार पकड़ने का कोई संकेत भी नहीं दिख रहा है.

माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने भी आरोप लगाया है कि मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों के कारण किसान, छोटे व्यापारी और उद्यमी बर्बाद हो चुके हैं. हर इंडेक्स संकेत दे रहा है कि अर्थव्यवस्था गहरे संकट में है. इसके जवाब में मोदी सरकार आंकड़ों में हेरफेर कर झूठ बोल रही है. सरकार लोगों को रोजगार देने के बजाय फिरकापरस्ती वाले फसादी मुद्दों की ओर मोड़कर भटका रही है. उन्होंने कहा, 2014 के बाद सरकार की आर्थिक नीतियों का सिर्फ यही मकसद है कि किसानों, छोटे व्यापारियों, उद्यमियों और कारोबार को बर्बाद कर दो.

सिर्फ 1 रुपये की सैलरी ली देश की सबसे बड़ी दवा कंपनी के फाउंडर ने

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देश की सबसे बड़ी दवा बनाने वाली कंपनी सन फार्मास्यूटिकल्स इंडस्ट्रीज (Sun Pharma) के प्रोमोटर और मैनेजिंग डायरेक्टर दिलीप सांघवी ने वित्त वर्ष 2018-19 में सिर्फ 1 रुपये की सैलरी ली है. सांघवी ने अपनी सैलरी में 99 फीसदी से ज्यादा की कटौती की है. इस प्रकार वह फार्मा सेक्टर में सबसे कम सैलरी लेने वाले सीईओ बन गए हैं.

सिर्फ 1 रुपये ली सैलरी
वित्त वर्ष 2019 में दिलीप सांघवी ने सिर्फ 1 रुपये की सैलरी ली है जबकि वित्त वर्ष 18 में उनका करीब 3 करोड़ रुपये का सालाना पैकेज लिया था. उनके साले (ब्रदर-इन-लॉ) और कंपनी के को-प्रोमोटर सुधीर वालिया ने भी वित्त वर्ष 2019 में सैलरी नहीं ली. इनकी भी सैलरी सांघवी के बराबर थी. इस साल मई में वालिया ने कंपनी के होल-टाइम डायरेक्टर के पद से इस्तीफा दे दिया था. हालांकि वह कंपनी के नॉन-प्रमोटर, नॉन-एग्जिक्यूटिव और नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर बने रहेंगे. इस मामले में सन फार्मा के प्रवक्ता ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया.

इससे पहले, मनीकंट्रोल ने बताया था कि ल्यूपिन के मैनेजिंग डायरेक्टर नीलेश गुप्ता और उनकी बहन व सीईओ विनिता गुप्ता ने अपनी सैलरी ने 80 फीसदी की कटौती की थी. ल्यूपिन के मामले में इसके एमडी, होल टाइम डायरेक्टर्स और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की सैलरी 43 फीसदी घटी है.

टोरेंट फार्मास्यूटिकल्स के एक्सक्यूटिव चेयरमैन समीर मेहता की सैलरी बिना बदलाव 15 करोड़ रुपये है. इसके उलट, वित्त वर्ष 2019 में सिल्पा के एक्सक्यूटिव वाइस-चेयरपर्सन समीना वजिरालिया की सैलरी 12.5 फीसदी बढ़कर 6.41 करोड़ रुपये हो गई.

दुनिया को हिला देने वाले आतंकी की बेटी से किया था ओसामा के बेटे हमजा ने निकाह

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 कभी अमरीका की धरती को आतंक से हिला देने वाले आतंकी संगठन अलकायदा के चीफ रहे ओसामा बिन लादेन के बेटे हमजा बिल लादेन की मौत हो गई है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट में हमजा की मौत का दावा किया जा रहा है।

यह दावा तीन अमरीकी अधिकारियों के हवाले से किया जा रहा है। हांलाकि उसकी मौत की अभी कोई पुष्टि नहीं हुई है। आपको बता दें कि हमजा लादेन ने अभी कुछ ही दिन पहले निकाह ( Osama Son Hamza married ) किया था।

किससे हुई शादी

अमरीका ( America ) के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर को तबाह कर देने वाले ओसामा के बेटे हमजा को आतंकवाद के उभरते हुए चेहरे के रूप में जाना जाता था। जिहाद के युवराज के नाम से मशहूर हमजा ने अपनी मौत से कुछ दिन पहले ही शादी की थी।

बहुत कम लोग ही जानते हैं कि हमजा ने जिसे अपनी पत्नी बनाया था वह 9/11 आतंकी हमले के लिए विमान हाइजैक करने वाले मोहम्मद अट्टा की बेटी थी।

ओसामा के सौतेले भाईयों का बयान

आतंक के आका कहे जाने वाले ओसामा के सौतेले भाईयों ने एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया को दिए इंटरव्यू में बताया था कि हमने भी सुना है कि हमजा ने निकाह कर लिया है। लेकिन इस बारे में हमे पुख्ता जानकारी नहीं है।

पिता की मौत के बाद संभाली गद्दी

ओसामा के सौतेले भाईयों के मुताबिक, लादेन की मौत के बाद हमजा ने अलकयदा की गद्दी संभाल ली थी। इसके पीछे उसका मकसद अपने पिता की मौत का बदला लेना था। हमजा को आसामा बिन लादेन का उत्तराधिकारी भी कहा जाता था।

दीया मिर्जा हुईं पति से अलग, 11 साल के रिश्‍ते पर कही ये बात

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बॉलीवुड अभिनेत्री दीया मिर्जा अपने पति साहिल सांघा से अलग हो गई है. उन्‍होंने इसकी जानकारी सोशल मीडिया इंस्‍टाग्राम पर दी. दीया और साहिल ने 18 अक्‍टूबर 2014 में शादी की थी. दोनों 11 साल से एकदूसरे को जानते थे. शादी से पहले दीया और साहिल एकदूसरे के बिजनेस पार्टनर हुआ करते थे. शादी के 5 साल बाद दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला किया है. दीया ने इंस्‍टाग्राम पर लिखा,’ बीते 11 साल से हम साथ थे और अब आपसी सहमति से अलग हो रहे हैं.’

उन्‍होंने आगे लिखा,’ हम अच्‍छे दोस्‍त बने रहेंगे और एकदूसरे को जहां जरूरत होगी, सपोर्ट करते रहेंगे. हम दोनों के रास्‍ते भले ही अलग-अलग होंगे लेकिन एकदूसरे से हर बात साझा करेंगे.’ दीया ने अपने करीबियों और परिवारवालों का भी धन्‍यवाद किया है.

दीया ने लिखा,’ हम अपने परिवारवाले और दोस्‍तों के आभारी हैं कि उन्‍होंने हमारी भावनाओं को समझा और हमारे फैसले का समर्थन किया. अब हम दोनों इस मसले पर कोई भी कमेंट या बतचीत नहीं करेंगे. धन्‍यवाद.’

बता दें कि दीया मिर्जा भार‍तीय सिनेमा की एक चर्चित अदाकारा हैं. उनकी पिछली फिल्‍म संजू थी. वे मिस एशिया पैसेफिक रह चुकी हैं. 9 दिसंबर 1981 को हैदराबाद में जन्‍मीं दीया मिर्जा ने अपनी सिने करियर की शुरूआत ‘रहना है तेरे दिल में’ से की थी. फिल्‍म में वे अभिनेता माधवन के आपोजिट नजर आई थीं. इसके अलावा वे फिल्‍म ‘परिणीता’, ‘दीवानापन’, ‘मुन्‍नाभाई’ और ‘तुमको न भूल पायेंगे’ जैसी फिल्‍मों में नजर आ चुकी हैं.

वहीं साहिल सांघा इंडस्‍ट्री में एक डायरेक्‍टर और को-प्रोड्यूसर के तौर पर जाने जाते हैं. बतौर डायरेक्‍टर उन्‍होंने फिल्‍म लव-ब्रेकअप जिंदगी बनाई थी.

90 लाख का कर्ज, खुद कर ली खुदकुशी, 90 हजार की सुपारी देकर करवाया बेटी का कत्‍ल, जानिए पूरी कहानी

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 सागर के चर्चित सीमेंट व्यापारी ब्रजेश उर्फ अजय चौरसिया खुदकुशी और उनकी 16 साल की बेटी महिमा की गोली मारकर हत्या के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने खुलासा कर दिया है। हालांकि पुलिस ने जो कहानी बतायी है उसमें कई पेंच हैं। पुलिस ने बताया कि ब्रजेश उर्फ अजय चौरसिया ने बिहार के मास्‍टरमाइंड रंजन राय से बेटी की हत्‍या कराकर खुद को पिस्‍टल से गोली मारकर आत्‍महत्‍या कर ली। वारदात को अंजाम देने से पहले बृजेश ने रंजन से मोबाइल पर बात कर हथियार उपलब्‍ध कराने की बात की थी और कहा था कि कुछ लोग मुझे परेशान कर रहे हैं, मेरी जान को खतरा है। विस्‍तार से जानिए पूरा मामला

पत्‍नी और बेटी को बेहोश कर ले गया कार में और फिर…

पुलिस के अनुसार ब्रजेश ने बिहार के मास्टर माइंड रंजन राय से हथियार लेने के बाद उसी के साथ मिलकर अपने किसी दुश्मन को मारने की प्लानिंग और रिहर्सल की थी, लेकिन 16 जुलाई को ब्रजेश कार से अपनी पत्नी और बेटी को बेहोशी की हालत में पथरिया जाट रोड पर ले गया था। यहां उसने रंजन को बुलाकर इन दोनों को गोली मारने को कहा। रंजन को यह पता नहीं था कि 90 हजार में उसने जिन लोगों की जान लेने की सुपारी ली है वे ब्रजेश की पत्नी व बेटी हैं। रंजन ने लड़की को कार के बाहर से गोली मारी तभी उस रोड पर ट्रैफिक बढ़ गया। जिससे वह महिला पर फायर किए बिना ही लौट गया।

सुसाइड नोट में कर्ज चुकाने का जिक्र

मृतक ने सुसाइड नोट में पत्नी व उसके बीमा क्लेम की राशि से बैंक का 90 लाख कर्ज चुकाने का जिक्र किया, लेकिन इस बात पर किसी को भरोसा नहीं हो रहा। वहीं ब्रजेश ने जिस पिस्टल से सुसाइड किया था वह तो पुलिस को मिल गई, लेकिन जिससे बेटी का मर्डर हुआ वह पिस्टल और मृतक का मोबाइल ये दोनों अभी भी गायब हैं। इस केस में अभी और खुलासे बाकी है।

90 हजार में फिक्‍स हुई थी सुपारी, ये है कहानी है पेंच

पुलिस ने बताया कि ब्रजेश उर्फ अजय चौरसिया ने रंजन राय को 90 हजार की सुपारी दी थी। पुलिस का कहना कि इस घटनाक्रम में दो पिस्टल उपयोग किए गए। जिनमें से उन्हें वह पिस्टल मिल गई है, जिससे रंजन ने महिमा कि हत्या की थी। जबकि दूसरी पिस्टल गायब है। जैसा कि पुलिस का मानना है कि इसी पिस्टल से ब्रजेश ने सुसाइड कर लिया। लेकिन अगर ब्रजेश के सिर से निकली गोली और इस जब्त पिस्टल की बैलेस्टिक रिपोर्ट अलग-अलग आती है तो फिर कहानी में पेंच आ जाएगा। रंजन से पुलिस ये नहीं उगलवा पाई है कि ब्रजेश ने पत्नी-बेटी की मौत का षड्यंत्र क्यों रचा था। हालांकि पुलिस का कहना है कि खुद रंजन को भी आखिरी वक्त तक नहीं मालूम था कि ब्रजेश, उससे अपनी ही बेटी-पत्नी को मरवाना चाह रहा है। इसलिए उसकी इस मसले पर कोई चर्चा ही नहीं हो पाई।

मध्य रात्रि तक चली पैसे की गिनती, एक भण्डारे से निकले 3 करोड़ 55 लाख 97 हजार रुपये

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.प्रख्यात कृष्णधाम श्री सांवलियाजी के हरियाली अमावस्या का मेला चतुर्दशी केमौकापर भण्डार खुलने के साथशुरुआतहुआ.प्रभु श्री सांवरिया सेठ के भण्डार गणना से प्राप्त राशी 3 करोड़ 55 लाख 97 हजार रुपये निकले एवं भेंट कक्ष से प्राप्त राशि 24 लाख 83 हजार 759 रुपये, भेंट कक्ष से सोना 1 ग्राम 400 मिली ग्रामऔरचांदी 3 किलो 486 ग्राम 400 मिली ग्राम प्राप्त हुए.शेष भण्डार की गणना अभी बाकी है.

चतुर्दशी केमौकापर खोले गए भण्डार खोलने से पूर्व सुुुबह ओसरा पुजारी इन्द्रदास तुलसीदास द्वारा भगवान को मनमोहक श्रंगार धराया गया.राजभोग आरती के बाद मंदिर सीईओ मुकेश कलाल, चेयरमैन कन्हैयादास वैष्णव,मेम्बरमदन व्यास, भैरूलाल सोनी, भैरूलाल गाडरी, भैरूलाल जाट, लेखाकार सतीश कुमार, प्रशासनिकऑफिसरकैलाशचंद्र दाधीच, गौशाला प्रभारी कालूलाल तेली, नंदकिशोर टेलर, मदनलाल तिवारी सहित मंदिरऔरबैंक कर्मचारीयोंऔरकस्बेवासीयों तथा श्रद्धालुओं की उपस्थिती में भंडार खोला गया.रात तक गणना जारी रही.

प्रभु श्री सांवरिया सेठ के भण्डार गणना से प्राप्त राशी 3 करोड़ 55 लाख 97 हजार रुपये निकले एवं भेंट कक्ष से प्राप्त राशि 24 लाख 83 हजार 759 रुपये, भेंट कक्ष से सोना 1 ग्राम 400 मिली ग्रामऔरचांदी 3 किलो 486 ग्राम 400 मिली ग्राम प्राप्त हुए.शेष भण्डार की गणना अभी बाकी है.इसमौकापर भण्डार से नोटों केअतिरिक्तस्वर्णऔररजत भी प्राप्त हुए हैं.इसकेअतिरिक्तभेंट कक्ष से राशिऔरस्वर्णऔररजतज्वेलरीप्राप्त हुए हैं.

इधर भगवान का हरियाली अमावस्या का मेला भीशुरुआतहो गया है.बुधवार को श्रद्धालुओं के पैदल जत्थे डीजे के साथ नाचते-गाते पहुंचे.वहीं हरियाली अमावस्या केमौकापर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ पहुंचने कीआसारहै.इधर मंदिर प्रशासन ने भी श्रद्धालुओं की भारी भीड आने कीआसारको देखते हुए व्यवस्था के लिए व्यापक प्रबंध किए है.

प्रशासनिकऑफिसरकैलाशचंद्र दाधीच ने बताया कि मंदिर मण्डल की ओर से श्रद्धालुओं कोसरलतासे दर्शन के लिए मंदिर के अन्दर तीन क्रम में दर्शनों की व्यवस्था की है.सुरक्षा के लिए मंदिर मण्डल की ओर से 201व्यक्तिगतगार्ड लगाए गए है, जबकी 89 पुलिस कांस्टेबलऔरहोमगार्डऔरमंदिर कर्मचारी तैनात रहेंगे.