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देश के खिलाफ उगला जाता था जहर , बिहार में चल रहा था ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ वाट्सएप ग्रुप,

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बिहार के बेतिया में भारत विरोधी वाट्सएप ग्रुप चलाए जाने का मामला सामना आया है. पुलिस ने इस मामले में फौरन कार्रवाई करते हुए ग्रुप एडमिन को गिरफ्तार कर लिया है. ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ नाम के इस ग्रुप में भारत विरोधी और अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल हो रहा था. आरोपी पर वाट्सएप ग्रुप बनाकर देश विरोधी गतिविधि में शामिल होने, धार्मिक भावना को भड़काने का भी आरोप है.

गिरफ्तार शख्स पर लगाई गई धाराएं

पुलिस को जब इस मामले की जानकारी मिली तो उसके भी होश उड़ गए. नगर थाना के पुलिस अधिकारी श्रीराम सिंह ने ग्रुप एडमिन सद्दाम कुरैशी, जो नाजनीन चौक का रहने वाला है, को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज दिया. गिरफ्तार युवक पर पुलिस ने 153,A, B, 258 धारा के तहत केस दर्ज किया है. पुलिस के मुताबिक इस ग्रुप से देश की एकता और अखंडता को तोड़ने की साजिश रची जा रही थी.

पुलिस ने ये पूरी कार्रवाई बेतिया एसपी जयंतकांत के नेतृत्व में स्पेशल टीम बनाकर की और साइबर सेनानी की टीम ने आरोपी को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार सद्दाम कुरैशी के पाकिस्तान से सम्बन्ध होने की आशंका के मद्देनजर अन्य पहलुओं पर भी जांच की जी रही है. मालूम हो कि वाट्सएप ग्रुप से बढ़ रहे अपराध और सामाजिक सदभाव को बिगाड़ने की कोशिश के कारण बिहार के सभी जिलों की पुलिस लगातार वाट्सऐप ग्रुप्स की निगरानी कर रही है.

एक्सपायर घरेलू गैस सिलिंडर हो सकता है घातक, ऐसे करें एक्सपायरी डेट का पता

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खाना बनाने के दौरान घरेलू गैस सिलिंडर के फटने की घटनाएं जिले में होती रही है. बीते महीने शहर के ललित बस स्टैंड के समीप एक घर में सिलिंडर फटने के कारण उन्हें बड़ा नुकसान हुआ था. हालांकि घटना में किसी तरह के जानमाल की क्षति नहीं हुई. लेकिन इससे पहले की ऐसी कई घटनाओं में सिलिंडर फटने के कारण गृह स्वामियों को किसी गंभीर हादसे का शिकार होना पड़ा है.

ऐसी घटनाओं के लिए घरेलू गैस सिलिंडर को लेकर उपभोक्ताओं में जागरूकता की कमी को भी एक वजह के तौर पर देखा जाता है. खाने-पीने के सामान व दवाओं के एक्सपायर होने की बात अक्सर सुनी जाती है. लेकिन इस तरह घरेलू उपयोग में आने वाला गैस सिलिंडर भी एक्सपायर होते हैं.

प्रत्येक सिलिंडर पर लिखा होता है एक्सपायरी डेट

दवा व खान-पान के सामानों की तरह सभी गैस सिलिंडर पर उसका एक्सपायरी डेट एक निर्धारित कोड के रूप में अंकित होता है. उसी प्रकार सिलिंडर पर भी उसका एक्सपायरी डेट अंकित होता है. सिलिंडर बनाने के दौरान ही प्लांट में ही इसकी एक्सपायरी डेट लिखी जाती है.

सिलिंडर को एक्सपायरी डेट ए, बी, सी, डी के रूप में लिखी होती है. अक्सर डिस्ट्रब्यूटर्स से गैस लेते समय उपभोक्ताओं की नजर इस पर नहीं जाती है. इधर कंपनी के अधिकारी व एजेंसी कर्मी को यह बखूबी पता होता है.

जानकारों की मानें तो सिलिंडर पर लिखा कोड ए जनवरी से मार्च के तीन महीनों के युग्म को दर्शाता है, तो बी अप्रैल से जून, सी जुलाई से सितंबर व डी अक्तूबर से दिसंबर महीनों के युग्म को दर्शाता है. इस कोड के आगे अंकों में साल का जिक्र होता है.

प्लांट में गैस रिफिलिंग के दौरान कई बार एक्सपायर सिलिंडर भी भूलवश उपभोक्ताओं तक पहुंच जाते हैं. जानकारों की मानें तो सिलिंडर फटने की एक वजह एक्सपायर सिलिंडर का इस्तेमाल भी हो सकता है. वहीं गैस एजेंसी के मालिकों के मुताबिक सिलिंडर के ऊपरी हिस्से में बड़े अक्षरों में अंग्रेजी अल्फाबेट के ए, बी, सी व डी बोल्ड अक्षर में लिखे होते हैं.

इसके आगे अंकों में साल का जिक्र होता है. यानी अगर किसी सिलिंडर पर ए-18 लिखा है, तो इसका मतलब है कि मार्च 2018 तक ही सिलिंडर को उपयोग मान्य है. इसी तरह सिलिंडर पर अगर डी-20 लिखा हो तो इसका मतलब होगा कि सिलिंडर का उपयोग दिसंबर 2020 तक मान्य है.

कोड महीना

ए – जनवरी से मार्च

बी – अप्रैल से जून

सी – जुलाई से सितंबर

डी – अक्तूबर से दिसंबर

बोले पदाधिकारी

एक्सपायरी घरेलू गैस सिलिंडर के संबंध में अनुमंडल स्तर से जांच होती है. समय-समय पर गैस एजेंसी संचालक भी एक्सपायरी घरेलू गैस सिलिंडर की जांच करते है. यह सबसे अहम है कि हम अपनी रसोई घर में किसी प्रकार का गैस सिलिंडर का उपयोग हो रहा है, इसकी जानकारी सभी को होनी चाहिए. आपूर्ति विभाग भी समय-समय पर टीम बनाकर इसकी जांच करायेगा.

घर में मौजूद इन चीजों की गंध से छूमंतर हो जाएंगे मच्छर, एक बार अजमा कर देखें

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बदलते मौसम में मच्छरों की समस्या से हर कोई परेशान है। घर हो या फिर बाहर किसी भी जगह मच्छर आपका पीछा नहीं छोड़ते हैं। इतना ही नहीं इन के काटने से डेंगू मलेरिया चिकनगुनिया जैसी जानलेवा बीमारियां भी होती है। अगर आप इनसे छुटकारा पाना चाहते हैं। तो जहरीले मॉस्किटो कॉइल की जगह आप इन चीजों का इस्तेमाल करें। ऐसा करने से ना सिर्फ मच्छर घर से भाग जाएंगे बल्कि इसका आपकी हेल्थ को भी कोई नुकसान नहीं होगा। आइए जानते हैं कुछ घरेलू टिप्स के बारे में।

मच्छरों को भगाने का सबसे आसान तरीका है कि आप कपूर को कई सारे टुकड़ों में बांट लें। और इस को जला दें इस को जलाने के बाद घर की खिड़की और दरवाजे 10 मिनट के लिए बंद कर दें। यही नहीं कपूर के साथ लोंग को भी किसी सूती कपड़े में बांधकर घर के किसी कोने में टांग दें। ऐसा करने से मच्छर भाग जाते हैं। लहसुन भी मच्छरों को भगाने में काफी ज्यादा सहायता करता है। लहसुन का रस शरीर पर लगाने से या इसका छिड़काव करने से मच्छर आपके आसपास बिल्कुल भी नहीं आती है।

सरसों के तेल में अजवायन का पाउडर मिलाकर इससे गत्ते के टुकड़ों को तर ले और कमरे की किसी भी ऊंची जगह पर इसको रख दे। ऐसा करने के थोड़ी देर बाद ही मच्छर आपके कमरे से गायब हो जाएंगे।

घाटे के दौर में देशी विमान कम्पनी ने कमाया लाभ, अच्छे मुनाफे में एयर इंडिया एक्सप्रेस

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एयर इंडिया की लो कास्ट कम्पनी ‘एयर इंडिया एक्सप्रेस’ लगातार चौथे साल लाभ में है. आज 30 जुलाई 20 19 को एयर लाईन के बोर्ड आफ डाइरेक्टर से पास हुए एकाउंट के अनुसार एयर इंडिया एक्सप्रेस ने 2018-19 में 169 करोड़ रूपए का शुद्ध मुनाफ़ा कमाया है.

विपरीत परिस्थितियों में कमाया मुनाफ़ा 
एयर इंडिया एक्सप्रेस ये लाभ तब कमाया है जबकि एयर लाइन के ख़र्च का 40 फीसदी ईंधन में जाता है जिसकी क़ीमत इस दौरान 35 फीसदी बढ़ गई थी. एयर सेक्टर की कई अन्य वजहों से भी हालत ख़राब रही बावजूद इसके एयर इंडिया एक्सप्रेस ने एयर क्राफ़्ट, मैन पावर और मैटेरियल आदि अपने संसाधनों के प्रबंधन से लाभ कमाया.

जबकि सरकार हर हाल में एयर इंडिया को बेचना चाहती है 
सरकार ये साफ़ कर चुकी है कि एयर इंडिया को बेंचा जाएगा जिसकी औपचारिक प्रक्रिया पिछले पाँच वर्षों से चल रही है. फ़िलहाल एयर इंडिया का कोई ख़रीदार सामने नहीं आया है. फ़िलहाल एयर इंडिया की कम्पनी एयर इंडिया एक्सप्रेस 20 अंतर्देशीय उड़ान और 13 अन्तर्राष्ट्रीय उड़ानों की सेवा दे रही है.

रेवेन्यू और यात्री संख्या में कितनी हुई बढ़त 
एयर इंडिया एक्सप्रेस का रेवेन्यू इस दौरान 16.7 फीसदी बढ़ा है. 2017-18 में ये 3620 करोड़ रूपये था जबकि 2018-19 में ये बढ़ कर 4202 करोड़ रूपये हो गया है. एयर इंडिया एक्सप्रेस ने इस दौरान 12 फीसदी अधिक यात्रियों को सेवाएं दीं. पिछले वित्त वर्ष की तुलना में ये 3.89 मिलियन यात्रियों से बढ़ कर 4.36 मिलियन यात्री की सेवा तक पहुंच गई है. एयर लाइंस की सिर्फ़ अन्तर्राष्ट्रीय उड़ान में यात्रियों की संख्या 10.5 फीसदी बढ़ी है.

लोड और एयर क्राफ़्ट उपयोगिता भी बढ़ी 
अभी एयर लाइंस के विमान अपनी लोड क्षमता का 79.6 फीसदी उपयोग में ला रही है जो कि पिछले साल से 4 फीसदी ज़्यादा है. एयर इंडिया एक्सप्रेस की दैनिक एयरक्राफ़्ट उपयोगिता 12.7 घंटे से बढ़ कर 13.3 घंटे हो जाने से इसकी क्षमता बढ़ी है. यानी प्रत्येक एयर क्राफ़्ट प्रतिदिन 13.3 घंटे उपयोग में आ रहा है.

एक बार जरूर जान ले, आप भी खाते है भिंडी तो कभी मत करना ये गलती वरना हो जाएगी ये बीमारी

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भिंडी एक ऐसी सब्जी ही जिसे लगभग हर कोई करता है. भिंडी काफी सस्ती भी होती है और खाने में बहुत ही स्वादिष्ट भी होती है. भिंडी खाने से शरीर को कई सारे फायदे होते है लेकिन एक बात हमेशा याद रखनी चाहिए की चीज चीज के फायदे होते है उसके नुकसान भी होते है. ठीक उसी तरह से भिंडी का सेवन करने से भी शरीर को कुछ नुकसान होते है. लेकिन कई सारे लोगों को भिंडी खाने के नुकसान के बारे में नहीं पता होता है. इसीलिए आज हम आपको भिंडी खाने के नुकसान के बारे में बताने जा रहे है. 

भिंडी खाने से बहुत फायदेमंद होती ही है लेकिन साथ ही भिंडी के नुकसान भी होते है. कभी भी किसी व्यक्ति को भिं डी खाने के बाद मूली नहीं खाना चाहिए। क्यूंकि मूली और भिंडी को एक साथ साथ में खाने से शरीर में इन्फेक्शन होने लगता है. जिसकी वजह से शरीर पर त्वचा पर सफ़ेद दाग होने लगते है.

अगर कोई व्यक्ति भिंडी और मूली का सेवन एक साथ करता है तो उसके शरीर में इन्फेक्शन होने लगता है, जिसकी वजह से पेट से जुड़ी और त्वचा से जुड़ी समस्या होने लगती है.

बहुत सारे व्यक्तियों को भिंडी इतनी ज़्यादा पसंद होती है की वो ज़रूरत से ज़्यादा ही भिंडी खाने लगते है लेकिन कभी भी ज़रूरत से ज़्यादा किसी भी चीज का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि ज़्यदाता मात्रा में भिंडी खाने से दिल से जुड़ी बीमारी होने का खतरा कई गुना तक बढ़ जाता है, इसीलिए कभी भी ज़्यादा भिंडी का सेवन न करे.खबर अच्छी लगी हो तो नीचे दिए पीले बटन पर एक बार जरूर क्लीक करे.

अगर आप भिंडी के बारे में या अपनी समस्या के बारे में कुछ पूछना चाहते है तो नीचे दिए गए फॉलो बटन पर क्लिक करके अपनी समस्या के बारे में हमसे पूछ सकते है, हम आपकी समस्या का जवाब जल्द से जल्द देने की कोशिश करेंगे और हमे उम्मीद है की हमारी बताई हुई खबर से आपको ज़रूर फ़ायदा होगा.

मछुआरा बोला : मैंने की ऐसे बचाने की कोशिश, मेरे सामने नदी में कूद गए थे सिद्धार्थ

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 देश की सबसे बड़ी कॉफी चेन ‘कैफे कॉफी डे’ के फाउंडर-मालिक और पूर्व विदेश मंत्री एसएम कृष्णा के दामाद वीजी सिद्धार्थ के मामले में नया मोड़ आ गया है। बताया जा रहा है कि शाम के वक्त के वह नेत्रवती नदी के पास टहल रहे थे, फिर वह अचानक नदी में कूद पड़े, ऐसा करते उन्हें एक मछुआरे ने देख लिया। उन्होंने कहा कि वह सिद्धार्थ को नदी पर बने पुल के पिलर नंबर 8 से नदी में कूदते देखा था। वह उनकी जान बचाना चाहते थे, लेकिन अंधेरा रहने के कारण ढूंढ नहीं पाया।

वहीं, पुलिस ने आशंका जताई है कि संभवत: उन्होंने मंगलुरू के निकट एक नदी में कूद कर आत्महत्या कर ली होगी। मंगलुरू के पुलिस आयुक्त संदीप पाटिल ने कहा, “आशंका है कि सिद्धार्थ मंगलुरू के निकट नेथरावती नदी में कूद गए होंगे, हालांकि व्यापक तलाशी अभियान के बावजूद उनका शव अभी बरामद नहीं हुआ है।”

इससे पहले सिद्धार्थ (60) के कार चालक बसवराज पाटिल ने मंगलुरू में एक पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया था कि उनके मालिक पुल से लापता हो गए थे, जहां वह कार से उतरे थे और कुछ देर टहलना चाहते थे।

इससे पहले वीजी सिद्धार्थ की चिट्ठी भी मिली थी, जिसमें उन्होंने वित्तीय संकट की बात कही थी। यह चिट्ठी, बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स और कॉफी डे फैमिली को लिखी है।

कैफे कॉफी डे के संस्थापक और मालिक वीजी सिद्धार्थ की तलाश में एनडीआरएफ की टीम को भी लगाया गया है।

कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने कहा कि इस घटना पर विश्वास करना मुश्किल है, मैंने जांच कराये जाने के लिए कहा है, हमें नहीं पता कि वह लापता हैं या कोई उन्हें ले गया है।

500 भारतीय सिख पाकिस्तान पहुंचे गुरु नानक देव की 550वीं जयंती के लिए

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सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव की 550वीं जयंती मनाने के लिए 500 भारतीय सिख मंगलवार को पाकिस्तान पहुंचे। हालांकि भारतीय सिखों के आगमन को लेकर किसी को कुछ पता नहीं था। यहां तक कि देश में अल्पसंख्यकों के पवित्र स्थलों की देखभाल करने वाले इवैक्यू ट्रस्ट प्रोपर्टी बोर्ड और पाकिस्तान गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को भी इमरान सरकार ने उनके आगमन को लेकर जानकारी नहीं दी थी। इतना ही नहीं सिखों के आगमन को कवर करने के लिए पाकिस्तानी मीडिया को भी आमंत्रित नहीं किया गया था। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने बाद में सिखों के आगमन की पुष्टि की लेकिन यह नहीं बताया कि वे निर्माणाधीन करतारपुर गलियारे से आए या वाघा सीमा से होकर। बहरहाल, सूत्रों ने बताया कि भारतीय सिख वाघा सीमा के जरिए पहुंचे हैं।

सभी सिख श्रद्धालु गुरु नानक देव की 550वीं जयंती पर कार्यक्रम में शरीक होंगे। स्थानीय खबरों के अनुसार, गुरु नानक देव की जयंती पर यहां भी धूमधाम से कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

नहीं लगेगा तीखापन, खाने में मिर्च ज्यादा हो जाए तो इस तरह करें कम

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खाना बनाना भी अपने आप में एक कला है. खाने में अगर किसी भी चीज का अनुपात बिगड़ जाए तो मुंह में खाने का निवाला भी डालते नहीं बनता है. कई बार ऐसा भी होता है जब खाना बनाते समय अंदाज न होने से खाने में मिर्च बहुत ज्यादा मात्रा में पड़ जाती है. ऐसे में जो लोग बिलकुल तीखा खाना नहीं पसंद करते हैं उनके लिए तो खाना खाना जहर जैसा अनुभव हो जाता है. अगर आप भी पाककला में एक्सपर्ट नहीं हैं और आए दिन आपके खाने में भी मिर्च ज्यादा हो जाती है तो आइए जानते हैं कुछ ऐसे तरीके जिनके इस्तेमाल से आप खाने में तीखापन कम कर सकते हैं.

– अगर आपने शोरबेदार सब्जी बनाई है तो उसमें तीखापन कम करने के लिए उसमें देसी घी मिला सकते हैं. इस तरह सब्जी का स्वाद काफी कुछ ठीक हो जाएगा.

– सब्जी में तीखापन कम करने के लिए उसमें टमाटर पीस कर मिला लें. लेकिन टमाटर प्यूरी सब्जी में मिक्स करने से पहले उसे कड़ाई में तेल डालकर हल्का सा भून जरूर लें. – अगर आप करी का तीखापन कम कर उसे थोड़ा रिच टेस्ट देना चाहते हैं तो उसमें मलाई. ताजी क्रीम, दही भी मिला सकते हैं.

– आप बेसन से भी सब्जी का तीखापन दूर कर सकते हैं. लेकिन इस बात का ख्याल रखें कि कच्चा बेसन सब्जी में नहीं डालना है. इसलिए सब्जी में डालने से पहले इसे भून लें और फिर सब्जी ,में मिक्स करें.- आलू सब्जियों का राजा कहलाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इससे सब्जी का तीखापन भी दूर किया जा सकता है. सब्जी का तीखापन दूर करने के लिए आलू मसलकर सब्जी में मिला लें.

बिल्व पत्र और कढ़ी पत्ते से दूर हो सकता है पानी से फ्लोराइड

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फ्लोराइड ग्रसित पानी से परेशान डूंगरपुर वाले अब अब अपने घर बैठे प्राकृतिक तत्वों से शुद्ध पानी प्राप्त कर सकते हैं। सागवाड़ा के अक्षय शर्मा ने चार साल के शोध में फ्लोराइड वाले पानी को शुद्ध करने के प्राकृतिक तरीके खोज निकाले हैं। उन्होंने बताया कि औषधीय महत्व वाला बिल्व पत्र सिर्फ आस्था और पूजा से नहीं जुड़ा है और कढ़ी, सब्जी, पुलाव में महक.जायका बढ़ाने के अलावा कढ़ी पत्ता यानी मीठा नीम भी बड़े काम की चीज है। पेसिफिक विश्वविद्यालय में रसायन शास्त्र के सहायक आचार्य डॉ. पारस टाक के साथ डॉ. अक्षय शर्मा ने शोध में दावा किया है कि बिल्व पत्र और कढ़ी पत्ता से पानी में फ्लोराइड की मात्रा कम की जा सकती है। इस शोध का निष्कर्ष कहता है कि जैव अधिशोषकों में बिल्व पत्र और कढ़ी पत्ता का प्रयोग फ्लोराइड निष्कासन में होता है। पादप अभिशोषकों की मदद से फ्लोराइड निष्कासन पर चार साल रिसर्च के बाद यह दावा किया है।

दक्षिण राजस्थान में विकट है फ्लोराइड की परेशानी

दक्षिण राजस्थान के डूंगरपुर, असपुर और सतूंबर में पानी में फ्लोराइड की समस्या ज्यादा है। इन इलाकों में भूमिगत जल में फ्लोराइड की मात्रा करीब 5.0 पीपीएफ तक पाई जाती है। टाक ने बताया कि अभी जिन तकनीकी और विधियों से फ्लोराइड को निष्कासित किया जा रहा है, उनमें उत्क्रम परासरण (आरओ), डिस्टिलेशन, एक्टिवेटिड एलुमीना, सोलर आसवम, अधिशोषण शामिल हैं, लेकिन सभी तकनीके महंगी हैं और आमजन को असानी से उपलब्ध भी नहीं हो पाता है। अभी कुछ समय से जैव अधिशोषकों के जरिए फ्लोराइड निष्कासन किया जा रहा है। इस विधि की खासियत यह है कि यह सस्ती और सुलभ होने के कारण आमजन की पहुँच में है।

291 ग्राम पंचायत फ्लोराइड प्रभावित, असमय बुढ़ापे, हड्डियाँ मुड़ने, दाँत पीले पड़ने की बीमारी

पिछले कई वर्षों से पानी में फ्लोराइड की उपस्थिति की समस्या कई देशों में बढ़ रही है। खासकर राजस्थान में यह समस्या प्रमुख है, क्योंकि यहाँ पेयजल का मुख्य स्रोत भूमिगत जल है, जो भूगर्भीय चट्टानों और प्रदूषण के कारण फ्लोराइड युक्त हो जाता है। कई विशेषज्ञों ने यह पाया कि इन इलाकों में फ्लोराइड का स्तर 10 पीपीएफ तक पहुँच चुका है। जो कि इंसानों और मवेशियों के लिए घातक है। फ्लोराइड की सीमित मात्रा एक पीपीएफ तक दाँतों के लिए उपयोगी है, क्योंकि यह दाँतों का पीलापन हटाती है, लेकिन जब इसका स्तर 15 पीपीएफ (डब्ल्यूएचओ के अनुसार) से धिक हो जाता है तो इससे फ्लोसिस नामक रोग हो जाते हैं। इसमें दाँत पीले होने के साथ हड्डियाँ टेढ़ी-मेढ़ी हो जाती हैं। बता दें कि उदयपुर जिले के सराड़ा क्षेत्र के कई गाँवों में ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जहाँ फ्लोराइड वाले पानी पीने के कारण ग्रामीण असमय बुढ़ापे, हड्डियाँ मुड़ने, दाँत पीले पड़ने का दंश झेल रहे हैं।

दावा एक गिलास पानी में दो ग्राम अधिशोषक कम कर देता है 75 प्रतिशत तक फ्लोराइड

शोध और विधि के अनुसार बिल्व पत्र और कढ़ी पत्तों को ओवन में सुखाने के बाद पाउडर बनाना है। सौ मिलीमीटर यानी करीब एक गिलास पानी में 2 ग्राम पादप अधिशोषक को 5.6 घंटे रखा गया। डॉ. शर्मा के अनुसार इस विधि में 5 पीपीएफ तक फ्लोराइड निष्कासित हो जाता है। यह पानी प्राकृतिक रूप से भी रसायन मुक्त रहेगा। यहाँ कम खर्च में पानी को फ्लोराइड मुक्त किया जा सकता है।

ऋतिक के बाद अब सनी लियोनी बोलती नजर आएंगी भोजपुरी, साड़ी में नजर आया बिल्कुल ठेठ भोजपुरी लुक

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फिल्म सुपर-30 में आप सभी ने ऋतिक रोशन को बिहारी बोलते देखा होगा. वहीं सिद्धार्थ और परिणीति भी फिल्म जबरिया जोड़ी में पटनैया बोलते हुए नजर आएंगे. लेकिन अब सनी लियोनी भी भोजपुरी बोलने जा रही है. इतना ही नहीं वह अपनी नई फिल्म में ठेठ भोजपुरी अंदाज में नजर आएंगी. उन्होंने 6 गज की साड़ी पहनी हुई है.

हॉरर कॉमेडी फिल्म कोका कोला की शूटिंग इन दिनों उत्तर प्रदेश के अंदरूनी इलाकों में चल रही है. फिल्म के निर्देशक प्रसाद टटिकेनी है. इस फिल्म में सनी लियोनी ठेठ भोजपुरी अवतार में नजर आएंगी. उन्होंने अमर उजाला के साथ अपनी फिल्म के लुक की तस्वीर शेयर की, जिसको लेकर सनी लियोनी बहुत ही ज्यादा उत्साहित है.

सनी लियोनी ने कहा- आमतौर पर ज्यादातर फिल्मों में आप लोगों ने मुझे वेस्टर्न कपड़े पहने देखा होगा. मुझे शुरू से ही भारतीय साड़ी पहनना पसंद है. शीशे के सामने खुद को साड़ी में देखना मुझे हमेशा से अच्छा लगता है. देश के अलग-अलग हिस्सों से मेरे स्टाइलिस्ट यह साड़ियां लेकर आए हैं, जो मेरे ऊपर फब रही है.

सनी लियोनी ने फिल्म कोका कोला के लिए भोजपुरी बोलने की ट्रेनिंग ली है. उन्होंने कहा कि मुझे जल्द ही फिल्म कोका कोला में बिल्कुल अलग अवतार में देखेंगे. इसके लिए मैंने पूरी तैयारी कर ली है. मैंने इस किरदार को निभाने के लिए भोजपुरी बोलने की ट्रेनिंग भी ली है.