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छत्तीसगढ़ धमतरी सड़क हादसा: मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख रुपये देगी सरकार

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छत्तीसगढ़ के धमतरी व बालोद जिले की सीमा पर चिटौद में मंगलवार की सुबह भीषड़ सड़क हादसा हो गया. यहां दो बस आपस में आमने सामने से टकरा गईं. इस हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. जबकि 45 लोग घायल हो गए. घायलों में सात की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है. इस भीषण सड़क हादसे पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने संवेदना व्यक्त की है. साथ ही घायलों को पूरी मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश प्रशासन को दिए हैं.

छत्तीसगढ़ सरकार ने घटना में मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है. साथ ही गंभीर घायलों को 25-25 हजार व अन्य घायलों को 10-10 हजार रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है. घायलों को जिला चिकित्सालय धमतरी में भर्ती कराया गया है, जबकि गम्भीर रूप से घायल हुए सात यात्रियों को मेकाॅहारा रायपुर में इलाज के लिए लाया गया है.

हादसे में बस सवार दो व्यक्तियों की मौत हो गई है, जिनमें से एक वाहन चालक मध्यप्रदेश के रीवां निवासी धर्मेन्द्र ठाकुर है. जबकि दूसरे मृत व्यक्ति की शिनाख्ती फिलहाल नहीं हुई है. उक्त सड़क दुर्घटना में गम्भीर रूप से घायल हुए सात यात्रियों को रायपुर स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल काॅलेज हाॅस्पिटल में लाया गया है. यहां इलाज जारी है.

बीमार होने पर रसोई में रखी ये 2 चीजें करेंगी फायदा

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बीमार होने पर हम ज्यादातर दवाइयों की तरफ दौड़ते हैं लेकिन क्या आपको पता है कि कुछ बीमारियों में घर पर रखी सामान्य चीजें आपको बहुत अधिक लाभ पहुंचा सकती हैं. जी हां, आपकी रसोई में ऐसी कई चीजें रखी होती हैं जो आपको कई तरह की बीमारियों से छुटकारा दिला सकती है. आयुर्वेदिक दृष्टि से मेथी की तासीर गर्म होती है. इसका प्रयोग मसाले तथा दवाई के रूप में किया जाता है. सरसों का तेल चर्म रोगों के लिए बेहद उपयोगी है. आयुर्वेदिक पाक-कला में मसालों का समुचित उपयोग करना जरूरी है. इसके लिए मसालों के गुणधर्म का ध्यान रखना आवश्यक है.

मेथी

मेथी के दाने मसाले तथा दवाई के रूप में काम आते हैं और इसके पौधे के पत्ते सब्जी बनाने के काम आते हैं. आयुर्वेद की दृष्टि से इसकी तासीर गर्म होती है और इसका स्वाद कड़वा होता है. यह मसाला नजाकती स्वादों के साथ प्रयोग नहीं किया जाता. यह वात्-विकार दूर करने में सहायक होता है. प्रसव के बाद स्त्री को मेथी दी जाती है, जिससे नवजात शिशु के लिए दूध अधिक उत्पन्न हो सके. यह स्नायु-तंत्र को सबल बनाती है.

समूचे विश्व में प्रचलित सरसों का पौधा तीन फुट का होता है, इसकी एक किस्म ‘राई’ भी होती है. भारत के कुछ भागों में इस पौधे की सब्जी भी बनती है. ये स्वाद में कड़वी होती है. सरसों का तेल खाना पकाने और दवा के काम भी आता है. इससे मांसपेशियों का दर्द कम होता है, यह संक्रमणरोधी होता है. चमड़ी के दोषों में सरसों का तेल उपयोगी होता है. आयुर्वेद की दृष्टि से सरसों गर्म तासीर वाली होती है. इसे अन्य मसालों के साथ मिलाकर प्रयोग किया जाता है.

ऐसी कटती है इनकी लाइफ, IAS बेटों और परिवार छोड़ आवारा कुत्तों के साथ रहते हैं रिटायर्ड जज

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पशु प्रेम को किस्से तो आपने बहुत सुने और पढ़े होंगे लेकिन हम आज आपको बता रहे हैं पशु प्रेम का एक ऐसा किस्सा जिसके कारण एक जज ने न केवल सुख सुविधा बल्कि अपने घर परिवार को भी छोड़ दिया. बिहार के लखीसराय में पशु प्रेम की ऐसी ही कहानी लिख रह हैं सेवानिवृत जज शशिकांत सिंह.

शशिकांत सिंह के साथ उनके परिवार के लोगों की बजाय आपको आवारा कुत्ते दिखेंगे जिनका घर के हर कोने पर कब्ज होता है. सुख-सुविधा और घर परिवार को छोड़कर तंग कमरे मे पशुओं को अपना परिवार मानकर सेवानिवृत्त जिला जज शशिकांत सिंह पिछले कई दिनों से जीवन यापन कर रह रहे हैं. लखीसराय कोर्ट परिसर स्थित उपभोक्ता फोरम के एक कमरे में वो फिलहाल एक-दो नहीं बल्कि तीस कुत्तों के साथ रह रहे हैं.

सुबह मे कुत्तों को नहलाना, उनको दूध-बिस्किट का नाश्ता देने के बाद मीट-चावल भोजन कराना शशि की दिनचर्या में शामिल है. शशि बताते हैं कि वो प्रतिदिन दो हजार कुत्तों के खाना पर खर्च करते हैं यानि महीने के 60 हजार रुपए. शशिकांत को खुद सोने के लिए भले ही चौकी भी ना हो लेकिन उन्होंने सभी कुत्तों के लिए चौकी की व्यवस्था कर रखी है, यही नहीं बीमार पड़ने पर वो सभी का इलाज भी करवाते हैं.

रिटायर्ड जज शशिकांत सिंह बताते हैं कि बचपन से हीं उन्हे कुत्तों के प्रति प्रेम रहा है. बचपन से ही वो मां से छिपाकर और किचेन से रोटी चुराकर कुत्तों को खिलाते थे. हाईकोर्ट मे वकालत के दौरान ही उनकी न्यायिक सेवा मे नौकरी लग गई. लखीसराय में वो 2005 में एडीजे रहे इसके बाद उपभोक्ता फोरम में जज के रूप में उनकी प्रतिनियुक्ति हुई. इस दौरान भी शशि का कुत्तों के प्रति प्रेम बना रहा. वो जहां रहते हैं कुत्तों का झुंड हमेशा उनके साथ में रहता है.

पुत्र आईएएस तो अधिकारी हैं घरवाले

यूपी के जौनपुर के शशिकांत सिंह के दो पुत्र आईएएस हैं. उनको परिवार के लोग लखीसराय से लेने आए लेकिन पशु-प्रेम में शशि ने सबको वापस भेज दिया. शशिकांत के दो बेटे जहां आईएएस हैं वहीं परिवार के अन्य सदस्य भी बड़े अधिकारी हैं. उनके इस पशु प्रेम की चर्चा चहुंओर होती है.

वास्तु शास्त्र के अनुसार सावन में सोते समय सर के पास न रखें कोई ऐसी चीज नहीं तो…

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एक बेहतर स्वास्थ्य के लिए बेहतर नींद का होना अति आवश्यक है। अगर आप रात में क्वालिटी स्लीप लेते हैं तो न सिर्फ आपको अगले दिन काम करने के लिए पर्याप्त एनर्जी प्राप्त होती है, बल्कि इससे आपकी सेहत भी अच्छी रहती है।

वैसे अगर आप चाहते हैं कि आपको एक प्यारी नींद प्राप्त हो तो इसके लिए आप कुछ अपने बिस्तर पर चीजों से दूरी बनाकर रखें। तो चलिए जानते हैं वास्तु शास्त्र के अनुसार उन चीजों के बारे में-

रात को सोते समय किसी भी तरह के इलेक्ट्रिक गैजेट को सिर के पास में रखकर नहीं सोना चाहिए। ऐसा करने से व्यकित को बेवजह का मानसिक तनाव हो सकता है।

सोते समय कोई डरावनी फोटो या शोपीस भी सिरहाने नहीं रखना चाहिए।ऐसा करने से आप तनाव और नकारात्मक सोच दिमाग में आती है।

अक्सर बहुत से लोग रात को सोते समय पर्स को बिस्तर के सिरहाने रख देते है। लेकिन उनको ऐसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से मनुष्य हर समय पैसों से सम्बंधित चिंताओं से घिरा रहता है।

इंसान को अपने तकिये के नीचे अखबार या किताब जैसी कोई भी पढने की चीज नहीं रखनी चाहिए। इस चीजों को सोते समय सिर के पास रखने से इंसान का जीवन प्रभावित होता है।

छत्तीसगढ़ : DSP स्तर के अधिकारी ही सड़कों पर काटेंगे चालान, नहीं होगा पैसों का लेनदेन

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छत्तीसगढ़ में सड़कों पर पुलिस द्वारा अवैध वसूली की शिकायतों पर राज्य सरकार ने संज्ञान लिया है. सरकार ने वाहन चेकिंग और चालान काटने के नियमों में बदलाव किया है. सरकार के लिए निर्णय के अनुसार अब सड़क पर डीएसपी स्तर के अधिकारी ही वाहनों की चेकिंग कर चालान काट सकेंगे. इसके साथ ही सड़क पर पैसों का लेनदेन भी अब नहीं होगा.

छत्तीसगढ़ राज्य के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने मीडिया से चर्चा में बताया कि सड़कों पर वाहन चेकिंग और चालान के सिस्टम में परिवर्तन करने का निर्णय लिया गया है. अब सड़कों पर केवल डीएसपी लेवल के अधिकारी ही वाहनों की जांच करेंगे. साथ ही मंत्री साहू ने कहा कि सड़कों पर अब किसी तरह से भी रुपयों का लेनदेन नहीं होगा. चेकिंग के दौरान सिर्फ चालान दिया जाएगा, जिसे एसपी ऑफिस या थानों में जमा करने की व्यवस्था बनाई जा रही है.

कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने की थी ये मांग
बता दें कि बीते दिनों रायपुर में आयोजित प्रदेश कांग्रेस कमेटी की बैठक में कांग्रेसी कार्यकर्ता ने वाहन चेकिंग को लेकर एक मांग की थी. इसके तहत वाहन चेकिंग से बचने के लिए कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का विशेष कार्ड बनाने की मांग की थी. ताकि उसे दिखाकर वाहन चेकिंग के दौरान ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई से बचा जा सके. 

छछूंदर के घर में आने के 6 फायदे, 5 नुकसान और उसे भगाने के 3 उपाय

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चूहे जैसी आकृति का छछूंदर सभी ने देखा होगा। यह भूरे, सफेद, काले और मटमेले रंग का होता है। यह बहुत ही खतरनाक प्राणी है जो चूहे और सांप को खाने की क्षमता रखता है। उल्लू को छोड़कर कोई इसे खाने की हिम्मत नहीं करता है। आओ जानते हैं इसके घर में होने के फायदे और नुकसान।

घर में होने के फायदे

1.कहते हैं कि छछूंदर जिस भी व्यक्ति के चारों ओर घूम जाए तो समझो कि उसे निकट भविष्य में कोई बड़ा लाभ होने वाला है।

2.इसी तरह छछूंदर यदि घर के चारों ओर घूम जाए तो उस घर की विपत्ति टल जाती है।

3.माना जाता है कि जो व्यक्ति दिवाली की रात को छछूंदर देख ले तो उसकी किस्मत खुल जाती है। इसके दिखने का मतलब है कि आप बेहद भाग्यशाली हैं और धन से जुड़ी आपकी सारी समस्याएं खत्म होने वाली हैं।

4.जिस घर में छछूंदर घूमती रहती है वहां लक्ष्मी का आगमन होता है। हालांकि जिस घर में साफ-सफाई अत्यधिक है वहां छछूंदर के आने के चांस कम हो जाते हैं।

5.जहां छछूंदर होती है वहां चूहे-सांप, कीड़े-मकोड़े और अन्य तरह के जीव-जंतु नहीं होते हैं।
6.छछूंदर जहां होती है वहां बैक्टीरिया नहीं होते हैं क्योंकि यह नहीं दिखने वाले बैक्टीरिया को खा जाती है।

घर में होने के नुकसान

1.छछूंदर के थूक की गिल्टियों में काले नाग के जैसा भयंकर विष पाया जाता है। कहते हैं यदि छछूंदर आपके शरीर के जिस भी अंग पर थूक दे तो समझों उतना अंग सून्न पड़ जाता है। सिर के बालों पर थूक दे तो खोपड़ी का उतने हिस्से से बाल हमेशा के लिए झड़ जाते हैं। इसलिए इसका घर में होना खतरनाक है। सोते समय इसका ध्यान रखना होता है।

2.यदि आपके घर में छछूंदर है तो घर के भोजन को उससे संक्रमित होने से बचाइए, क्योंकि उसका थूक जहरीला होता है। यदि यह भोजन को संक्रमित कर देगा तो आपकी सेहत को बहुत नुकसान होगा।

3.छछूंदर यदि बच्चों को काट ले तो उनके शरीर में उसका जहर फैसल सकता है। कहते हैं कि छछूंदर जिस भी जानवर को काटता है या वह अपने शिकार को काटते है तो इसके दांत लगते ही शिकार को कुछ सूझ नहीं पड़ता, मस्तिष्क में धुंध छा जाती है, सांस लेने में कष्ट होता है और इसके बाद उसे लकवा मार जाता है।

4.रात में छछूंदर आपके या आपके बच्चों के पैरों की अं‍गुलियां भी कुतर-कुतर के खा जाएगी तो आपको इसका पता भी नहीं चलेगा। इसका कारण यह कि यह अपने थूक से उतने हिस्से को सुन्न कर देती है।

5.यदि छछूंदर ने ज्यादा काटा है तो ‘एंटी रैबीज इंजेक्शन’ लगवाने पड़ते हैं। कुत्ता, बिल्ली, चमगादड़, चूहा, छछूंदर, नेवला, लोमड़ी, बाघ, शेर व अन्य स्तनपायी जानवरों के काटने पर लापरवाही बरतने से रैबीज होने का खतरा बढ़ जाता है। इससे होने वाली बीमारी हाइड्रोफोबिया कहलाती है। हाइड्रोफोबिया होने से रोगी की मौत भी हो सकती है इसलिए आप छछूंदर को हल्के में न लें, यह एक खतरनाक जीव है।

छछूंदर भगाने के 3 उपाय

1.छछूंदर को भगाने के लिए घर के हर कोनों में रूई में पिपरमेंट को लेकर रख दें।
2.पुदीने की पत्ती या फूल को लेकर कूट लें और इसे छछूंदर के बिल के पास या आने वाली जगहों के पास रख दें।

3.लालमिर्च के पाउडर को छछूंदर के आने जाने वाली जगह पर रख दें।

उन्नाव गैंगरेप पीड़िता की हालत स्थिर, वकील का वेंटिलेटर हटा

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उन्नाव गैंगरेप पीड़िता के साथ रायबरेली में हुए सड़क हादसे को 40 घंटे हो चुके हैं. कार दुर्घटना में उसके शरीर में कई जगह गंभीर चोटों के साथ ही कई फ्रेक्चर भी हुए हैं. केजीएम के मीडिया सेल प्रभारी संदीप तिवारी ने बताया कि पीड़िता की हालत वैसी ही है जैसी सुबह थी, लेकिन पीड़िता की हालत स्थिर है. जबकि दुर्घटना में घायल हुए वकील साहब की हालत में सुधार है. वो पिछले 10 घंटे से बिना वेंटिलेटर के सांसे ले रहे हैं.

सीबीआई जांच शुरू होने तक एसआईटी जांच करेगी 
रायबरेली में उन्नाव गैंगरेप पीड़िता से साथ हुई सड़क हादसे की सीबीआई जांच शुरू होने तक राज्य सरकार की एसआईटी जांच करेगी. एडिशनल एसपी शशि शेखर सिंह के नेतृत्व में 3 सीओ की टीम बनाई गई है, जो इस मामले की जांच करेगी. इस टीम में कई थानों के इंचार्ज भी शामिल किए गए हैं.

बता दें, रायबरेली में हुए एक्सीडेंट में गैंगरेप पीड़िता की चाची की मौत हो गई है. जेल में बंद उन्नाव गैंगरेप पीड़िता के चाचा को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने मंगलवार को एक दिन की शॉर्ट टर्म बेल मंजूर की है. बुधवार सुबह से शाम तक वे अपने पत्नी के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे.

उन्नाव के विधायक कुलदीप सेंगर पर गैंगरेप का आरोप लगाने वाली पीड़िता परिजनों समेत रविवार को रायबरेली में हादसे का शिकार हो गई थी. कार और ट्रक की टक्कर में पीड़िता की चाची और मौसी की मौत हो गई, जबकि हादसे में वकील महेंद्र सिंह चौहान और गैंगरेप पीड़िता की गंभीर रूप से घायल हो गए. दोनों घायलों का इलाज किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है.

अमित शाह ने इसलिए दिया ये बड़ा आदेश, सामने आई कश्मीर में 10 हजार सैनिक भेजने की असली वजह

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कश्मीर एक बार फिर से चर्चा में आ गया है। इसकी वजह मोदी सरकार का वो आदेश है जिसके तहत 10 हजार जवानों की कश्मीर में तैनाती का आदेश दिया गया है। ये आदेश गृहमंत्री अमित शाह ने एनएसए अजीत डोभाल के दौरे के बाद दिया है। आदेश के बाद से ही वहां की सियासत में हड़कंप मच गया है और तरह-तरह की अटकलें लगनी शुरू हो गई हैं। हालांकि अब पहली बार वहां 10 हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती करने की असली वजह सामने आ गई है। 

आदेश आते ही शुरू हो थी कयासबाजी

हाल ही में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कश्मीर का दौरा किया था। जैसे ही वो दौरा खत्म कर दिल्ली पहुंचे, अमित शाह ने वहां 10 हजार और जवान भेजने का आदेश दे दिया था। इसके बाद ही हड़कंप मच गया था। महबूबा मुफ्ती ने इसको 35ए हटाने से पहले की तैयारी करार दिया था। वहीं अवामी नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष मुजफ्फर अहमद शाह ने अनुच्छे 370 हटाने के लिए तैनाती करार दिया था।

सामने आई अतिरिक्त जवानों की तैनाती की असली वजह

अमित शाह के इस फैसले की असली वजह अब सामने आई है। असल में जब डोभाल कश्मीर का दौरा करके वापस आए तो उन्होंने रिपोर्ट दी कि वहां पाकिस्तान में प्रशिक्षित आतंकवादी बड़ा आतंकी हमला करने की फिराक में है। रिपोर्ट मिलते ही गृह मंत्रालय ने फौरन एक्शन लिया और ये आदेश जारी कर दिया ताकि घाटी की सुरक्षा को और बेहतर बनाया जा सके।

मुख्यमंत्री : मध्यप्रदेश के पर्यटन मंत्री की मुलाकात

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से आज सवेरे यहाँ उनके निवास कार्यालय में मध्यप्रदेश के पर्यटन एवं नर्मदा घाटी विकास मंत्री श्री सुरेन्द्र सिंह बघेल ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थलों पर ’द हार्ट ऑफ इनक्रेडिबल इंडिया’ शीर्षक से प्रकाशित कॉफी टेबल बुक मुख्यमंत्री को भेंट की।

वैज्ञानिकों ने बनाया ऐसा सॉफ्ट कॉन्टैक्ट लेंस जो पलक झपकते ही ज़ूम कर सकता है

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 कैलिफोर्निया यूनिवर्ससिटी में सैन डिएगो के वैज्ञानिकों ने एक ऐसे कोनटेक्ट लेंस को विकसित किया है जो आंख द्वारा दो बार झपकी लेने पर ज़ूम इन और जूम आउट करता है। यानि की आप अपनी आंख से इस कॉनटेक्ट लैंस को नियंत्रित कर सकतें हैं।

आपके चारों ओर देखने पर यह बाएँ और दाएँ मुवमेंट कर सकता है। जब आप झपकी लेते हैं तो यह ज़ूम इन और आउट कर सकता है। वैज्ञानिकों ने बताया कि मानव की आईबॉॅल इले​क्ट्रिक होती तो जैसे ही पलकें झपकते हैं तो विधुत चार्ज उत्पन्न होता है। संभावित है।

प्रमुख शोधकर्ता शेंगकियांग कै ने इसके बार में विस्तार से बताया और कहा कि जब आप अपनी आँखों को चारों ओर घुमाते हैं या झपकाते हैं। जो इससे उत्पन्न इेलेक्ट्रिक चार्ज की स्पीड़ को मेजर किया जा सकता है।

भले ही आपकी आंख कुछ भी नहीं देख सकती है, कई लोग अभी भी अपनी आईबॉल को स्थानांतरित कर सकते हैं और इससे इलेक्ट्रो-ऑकुलोग्राफिक सिग्नल को उत्पन्न कर सकते हैं, आगे उन्होंने बताया कि उन्होंने इस इलेक्ट्रिक सिग्नल को मापा और इस सिग्नल का उपयोग करके लेंस की फोकल लंबाई को बदलने का एक नया तरीका खोजा।

वैज्ञानिकों ने दावा किय है कि कि फोकल लंबाई में सापेक्ष परिवर्तन 32 प्रतिशत तक हो सकता है। और इसे लेंस को विकृत करके प्राप्त किया जाता है। उन्होंने आवश्यक विरूपण को प्राप्त करने के लिए एक ढांकता हुआ इलास्टोमेर का उपयोग किया। वैज्ञानिकों का दावा है कि इस लेंस का उपयोग भविष्य में visual prostheses, एडजेस्टेबल चश्मा और दूर से संचालित रोबोटिक्स के लिए किया जा सकता है। जूम सपोर्ट हासिल करने के लिए सॉफ्ट लेंस की यह विकृति आधुनिक कॉन्टैक्ट लेंस सॉल्यूशन बनाने के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।