Home Blog Page 2961

फोटो देखकर आपके छूट जाएंगे पसीने, ये लड़की करती है ऐसे खतरनाक Stunt

0

दुनिया का हर इंसान अलग-अलग शौक रखता है। किसी को ड्राइविंग का तो किसी को पार्टी और डांस करने का शौक होता है, लेकिन आज हम आपको एक ऐसी लड़की के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे अनोखा शौक चढ़ा है।

रशिया की रहने वाली एक लड़की को ऐसा शौक है जिसको पूरा करने के लिए वह जान तक दांव पर लगा देती है। इस लडक़ी का नाम एंजेला निकोलो है और यह रूस की रहने वाली है। 26 साल की एंजेला निकोलो को फोटो खिंचवाने का बहुत शौक है, लेकिन वो कोई नॉर्मल फोटो नहीं होते बल्कि वो ऊंची-ऊंची इमारतों के टॉप पर जाकर जान जोखिम में डालकर फोटो खिंचवाती है।

एंजेला निकोलो को दुनिया की सबसे ऊंची बिल्डिंग्स और टावर्स के टॉप पर चढ़कर फोटो खिंचवाने का शौक है। एंजेला निकोलो नई-नई जगह जाकर सबसे ऊंची इमारतों की खोज करती है और वहां चढ़कर अपनी सेल्फी लेती है और उसे अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करती हैं।

एंजेला ऊंची इमारत के टैरेस और टाॅवर्स पर चढ़कर सिर्फ फोटो नहीं खिंचवाती हैं, बल्कि योगा के साथ-साथ तरह के स्टंट भी करती हैं। उनकी इन हरकतों की वजह से लोगों की हालत खराब हो जाती है और कई बार लोगों की चीख तक निकल जाती है, लेकिन एंजेला को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि ऊंचाइयों पर फोटो खिंचवाने का उनका शौक लगातार बढ़ता जा रहा है।

दरअसल, एंजेला जो करती हैं इसे रूफटॉपिंग कहते हैं। रूफटॉपिंग में बहुत से लोग अपनी जान से हाथ धो बैठे हैं। लेकिन एंजेला निकोलो को ऐसा करने में बिलकुल भी डर नहीं लगता है। वो ऊंचे-ऊंचे टाॅवर्स और बिल्डिंग्स पर ऐसे चढ़ जाती हैं जैसे सीढ़ियां चढ़ रही हों।

एंजेला अपनी तस्वीरें अपने इन्स्टाग्राम अकाउंट पर शेयर करती रहती हैं। इन्स्टाग्राम पर उनके 5.6 लाख फॉलोवर्स हैं। बता दें कि, एंजेला निकोलो के पिता मॉस्को एक सर्कस में काम करते थे। बचपन से ही उनके पिता उन्हें इस कारनामे के लिए ट्रेंड किया है। उन्हें ऊंचाई से बिलकुल भी डर नहीं लगता है, बल्कि ऊंचाई से उन्हें मोहब्बत है।

कोर्टरूम में जज को आया इतना गुस्सा! गाउन उतार कर भागा अपराधियों के पीछे

0

अमेरिकी शहर वाइनॉक में एक जज साहब का कारनामा लोगों को हंसा भी रहा है और सराहना करने के लिए मजबूर भी कर रहा है। अपने एक काम की वजह से वे इंटरनेट पर छा गए हैं। इन जज साहब का नाम आरडब्लू बजार्ड बताया जा रहा है और वे लुइस काउंटी कोर्टहाउस में नियुक्त हैं।

इन जज साहब की कोर्ट से दो संदिग्ध अपराधियों ने भागने का प्रयास किया और उन्होंने उनका पीछा किया। इस घटना का वीडियो फुटेज एक अमेरिकी न्यूज चैनल ने जारी कर दिया, जिसके चलते वे सोशल मीडिया पर हीरो बन गए।

डेली मिरर के मुताबिक दरसल कुछ दिन पहले दो संदिग्ध अपराधी टैनर जैकबसन और कोडे हावर्ड जज बजार्ड की कोर्ट में अपने केस की सुनवाई के लिए लाइन में खड़े हैं। उस समय वहां कोई सुरक्षाकर्मी भी नहीं दिखार्इ दे रहा था। शुरू में दोनों बाहर निकलने का दिखावा करते हैं और अचानक तेजी से भागने लगते हैं। ये देख कर जज आरडब्लू बजार्ड अपनी कुर्सी से उठते हैं, गाउन उतार कर एक ओर उछाल देते हैं और भाग रहे आरोपियों का पीछा करते हैं।

इस बीच एक आरोपी जमीन पर गिरता है और उसका एक जूता खुल जाता है लेकिन उसके बाद भी वो किसी तरह सीढ़ियों की तरफ भागता रहता है। दूसरा हावर्ड नाम का आरोपी पिछले दरवाजे से बाहर निकलने की कोशिश करता है, लेकिन तभी बजार्ड उसे पकड़ लेते हैं। पहले आरोपी जैकबसन को भी पुलिस अदालत से कुछ दूरी पर पकड़ लेती है।

इस बारे में बात करते हुए जिलाधिकारी रोब स्नजा ने बताया कि कैदियों के इस तरह अदालत में सुरक्षा से भागने के प्रयास की ये दूसरी घटना है। इससे पहले भी एक कैदी ने ऐसा ही प्रयास किया था। ये पूछने पर कि अदालत में मौजूद दूसरे अधिकारियों ने संदिग्धों को पकड़ने का प्रयास क्यों नहीं किया, रोब ने कहा कि वे ऐसा नहीं कर सके क्योंकि उनके कब्जे में दो और कैदी थे।

हालांकि उनका दावा है कि उनकी घटना पर उनकी पूरी नजर थी। इस बीच दोनों अपराधियों जैकबसन और हावर्ड पर भागने के प्रयास को लेकर एक और मामला दर्ज कर लिया गया है। 

देखिए वीडियो, बिल्ली ने किया रैंप पर अनोखा कैटवाॅक

0

रैंप पर माॅडल्स को कैटवाॅक करते आपने अक्सर देखा सुना होगा, पर कभी सोचा है कि इसे कैटवाॅक क्यों कहते हैं। आपने सोचा हो या नहीं पर एक बिल्ली ने जरूर सोचा तभी तो उसने तय किया कि जो स्टाइल उसके नाम से जुड़ा है उसे वो खुद करके देखे और दुनिया को भी करके दिखाये।

इसीलिए इस्ताबूल में एक क्यूट सी कैट ने ना सिर्फ रैंप पर माॅडल्स के साथ चल कर उन्हें बताया कि दरसल कैटवाॅक की कैसे जाती है बल्कि वहां पूरी मस्ती की आैर लेट कर आराम भी फरमाया। उसके इस मजे का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा भी किया गया है।

इस्तांबूल में हाल ही में हुए एक फैशन शो का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। इस वीडियो को एक शख्स ने अपने इंस्टाग्म पेज पर साझा किया है आैर देखते ही देखते ये जम कर वायरल हो गया है।

वीडियो न सिर्फ दिलचस्प है, बल्कि बेहद मजेदार भी है। इस वीडियो में खुद एक कैट यानि बिल्ली कैटवॉक करती नजर आ रही है। इसके बाद वो आैर भी मस्ती करती दिखार्इ देती है। बिल्ली के रैंप पर इस फन को देख कर लोग इतने खुश हो गए कि उसको पूरे फैशन शो के दौरान किसी ने रोकने की कोशिश नहीं की। इतना ही नहीं जब बिल्ली ने कैटवॉक किया, तो दर्शकों ने जम कर तालियां बजा कर उसका उत्साह बढ़ाया।

अहमदाबाद: जर्मनी से आया पेंडुलम झूला टूटा, 3 की मौत, पुलिस ने दर्ज किया मामला

0

अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद में कांकरिया झील इलाके में एक झूला एम्युजमेंट राइड) दुर्घटना मामले में मणिनगर पुलिस ने देर रात एफआईआर दर्ज कर ली गई है। बता दें कि रविवार शाम एक पैंडुलम झूला टूट कर जमीन पर गिर गया था। जिससे 3 व्यक्तियों की मौत हो गई और 26 अन्य घायल हो गये। घायलों में 14 लोगों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। बता दें कि यह विशालकाय झूला एम्‍यूजमेंट पार्क में जर्मनी से आयात किया गया था।

पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की है। एफआईआर में डायरेक्‍टर घनश्याम पटेल, भावेश घनश्याम पटेल, मैनेजर तुषार चौकसी, ऑपरेटर यश उर्फ विकास लाला, किशन महंती और हेल्पर मनीष वाघेला के नाम शामिल हैं। जांच के बाद अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आईपीसी 304 और 114 के तहत मामला दर्ज किया है।

अहमदाबाद के महापौर बिजल पटेल ने कहा, ”29 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया, जिनमें से दो की मौत हो गयी। 27 घायलों का इलाज चल रहा है।” अहमदाबाद नगर निगम के मुख्य अग्निशमन अधिकारी एम एफ दस्तूर ने बताया कि झूले के मुख्य शाफ्ट की एक पाइप टूट गई, जिसके चलते झूला नीचे गिर गया। दस्तूर ने कहा, ” गोलाकार घूमने वाले इस झूले में 32 सीट थी।”

निगम के आयुक्त विजय नेहरा ने कहा , ”मैंने प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। झूले में गड़बड़ी क्यों आयी, उसके कारणों की जांच की जाएगी। पुलिस और फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला मामले की जांच करेंगी तथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” एक पुलिस अधिकारी के अनुसार मृतकों की पहचान मनाली राजवाडी 24) और मोहम्मद जावेद 22) के रूप में हुई है।

बीजेपी विधायक का विवादित बयान, कहा- इस्लाम में 50 औरतें रखने, 1050 बच्चे पैदा करने की परंपरा ‘पशु प्रवृत्ति’

0

उत्तर प्रदेश के बलिया से बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह ने मुस्लिम समुदाय को लेकर विवादित बयान दिया है। अपने बयानों को लेकर अक्सर विवादों में रहने वाले सुरेंद्र सिंह ने मुस्लिम समुदाय की जनसंख्या को लेकर सवाल खड़े करते हुए विवादित बयान दिया दे दिया। उन्होंने कहा, “मुस्लिम धर्म में 50 औरतों को रखने और 1050 बच्चों को पैदा करने की परंपरा है। यह कोई परंपरा नहीं है। यह एक ‘पशु प्रवृत्ति’ है।”

यह पहली बार नहीं है जब बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह ने विवादित बयान दिया है। इससे पहले भी वे कई बार विवादित बयान दे चुके हैं। पिछले साल जुलाई के महिने में बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह ने रेप की बढ़ती घटनाओं पर विवादित बयान दिया था। विधायक सुरेंद्र सिंह ने देश में दुष्कर्म की बढ़ती घटनाओं पर कहा था कि मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि भगवान राम भी आ जाएंगे तो इन घटनाओं पर काबू पाना संभव नहीं है।

बीजेपी विधायक ने दुष्कर्म की घटनाओं पर काबू पाने का उपाय भी बताया था। उन्होंने कहा था, “यह सभी का धर्म है कि समाज के सभी लोगों को अपना परिवार समझें, सभी को अपनी बहन समझने के धर्म का पालन करना चाहिए। संस्‍कार के बल पर ही इन घटनाओं पर काबू पाया जा सकता है।”

पिछले साल जून के महीने में विधायक सुरेंद्र सिंह ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था, “अधिकारियों से अच्छा चरित्र वेश्याओं का होता है, वो पैसा लेकर कम से कम अपना काम तो करती हैं और स्टेज पर नाचती हैं, पर यह अधिकारी तो पैसा लेकर भी आपका काम करेंगे की नहीं, इसकी कोई गारंटी ही नहीं है।”

चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण तकनीकी खामी की वजह से टला

0

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने ट्वीट किया, ”प्रक्षेपण यान प्रणाली में टी-56 मिनट पर तकनीकी खामी दिखी। एहतियात के तौर पर चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण आज के लिए टाल दिया गया है। नई तारीख की घोषणा बाद में की जाएगी।”

इसरो के एक अधिकारी ने भी बयान पढ़ते हुए यही बात कही।

चंद्रयान-2 को जीएसएलवी मार्क-।।।-एम-1 रॉकेट के जरिए चांद पर ले जाया जाना था।

श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से आज तड़के 2.51 बजे चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण होना था जिस पर पूरे देश की निगाहें लगी थीं। इस 3,850 किलोग्राम वजनी अंतरिक्ष यान को अपने साथ एक ऑर्बिटर, एक लैंडर और एक रोवर लेकर जाना था।

हालांकि चंद्रयान-2 की रवानगी के लिए हो रही उल्टी गिनती प्रक्षेपण से 56 मिनट 54 सेकंड पहले रोक दी गई।

अब तक के सबसे शक्तिशाली प्रक्षेपण यान जीएसएलवी मार्क-।।।-एम-1 रॉकेट के साथ 978 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण होने की स्थिति में इसे चंद्रमा तक पहुंचने में 54 दिन लगते।

पिछले हफ्ते प्रक्षेपण संबंधी पूर्ण अभ्यास के बाद रविवार सुबह 6.51 बजे इसके प्रक्षेपण की उल्टी गिनती शुरू हुई थी।

कई वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने कहा है कि प्रक्षेपण टलने से थोड़ी निराशा जरूर हुई है, लेकिन समय रहते तकनीकी खामी का पता चल जाना एक अच्छी बात है। उन्होंने प्रक्षेपण की नई तारीख की जल्द घोषणा होने की उम्मीद भी व्यक्त की है।

बीकानेर में टिड्डी दल का हमला, सेकेंडों में चट कर गईं दूब, आसमान में छा गया अंधेरा

0

पाकिस्तान की ओर से आया टिड्डी दल बीकानेर शहर तक पहुंच गया है। शनिवार को बीकानेर के आसमां में लोगों ने बड़ी संख्या में टिड्डियों के दल को उड़ते देखा है। एक साथ बड़ी संख्या में टिड्डियों के आने से आसमां में अंधेरा छा गया।

बीकानेर जिले में पिछले तीन से टिड्डी दल सक्रिय है। भारत-पाकिस्तान इंटरनेशनल बॉर्डर पार करते हुए यह दल अब जिला मुख्यालय पर भी दिखाई देने लगा है। शनिवार सुबह बीकानेर शहर में दिखाए देने के बाद पूरा दल गंगाशहर क्षेत्र में भीनासर के बांठिया भवन में उतरा और चंद सेकेंडों को हरी दूब को चट कर गया।

वहींं, पितराइ फेक्ट्री के पास गन्दे पानी पर उगे पेड़ों और हरी घास आदि पर 10 मिनट रुकने के बाद हजारों की तादाद में टिड्डियाँ गांव उदरामसर, श्रीरामसर और सुजानदेसर गांव की रोही से होकर आगे निकल गई। बड़ी मात्रा में एकसाथ इतनी टिड्डी को देखकर टिड्डी नियंत्रण दल सक्रिय हो गया, लेकिन विभाग के कार्मिकों के पहुंचने से पहले टिड्डियां आगे की ओर निकल गईं।

बीकानेर के किसानों की बढ़ी चिंता

गौरतलब है पाकिस्तान की ओर से आने वाला टिड्डी दल पिछले कई दिनों से राजस्थान बॉर्डर इलाके बाड़मेर, जैसलमेर आदि में दिखाई दे रहे हैं। अब इसने बीकानेर में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवा दी है। इससे बीकानेर के किसानों की चिंता भी बढ़ गई है, क्योंकि जहां से भी टिड्डी दल गुजरता है वहां फसलों और पेड़-पौधों को भारी नुकसान पहुंचाता है। हालांकि किसान वर्ग पूरी तरह से अलर्ट हैं।

उत्तरी अफ्रीका में पनपती हैं टिड्डियां

बता दें कि टिड्डियां मूल रूप से उत्तरी अफ्रीका में अनुकूल वातावरण में पनपती हैं। हर वर्ष जून-जुलाई तक ये हवा के साथ भारत की ओर रुख कर लेती हैं। करोड़ों की संख्या में ये एक साथ पहले अरब देशों को पार करते हुए पाकिस्तान पहुंचती हैं। उसके बाद सिंध से गुजरात एवं राजस्थान तक पहुंच जाती हैं। लाखों की तादाद में होने के कारण फोगिंग, रासायनिक छिड़काव कर इन्हें मारा व भगाया जाता है।

चित्तौड़गढ का यह शख्स एक चुटकी में अपने नियंत्रण में कर लेता है जहरीले से जहरीले सांप व फिर करता है उसके साथ यह काम

0

सांप का नाम सुनते ही अच्छे अच्छों के मन में दहशत बैठ जाती है. किन्तु राजस्थान के चित्तौड़गढ में एक ऐसा आदमी है, जो बिना किसी साधन के जहरीले से जहरीले सांपों को एक चुटकी में अपने नियंत्रण में कर उनके साथ खेलते हुए उन्हें जंगल में छोड़ देता है. वन विभाग के कर्मचारी जहां वन्य जीवों ख़ासकर सांपो को पकड़ने के लिए विभागीय उपकरणों एवं बचाव के सभी संसाधनों को साथ लेकर मौके पर पहुंच कार्यवाही करते है, वहीं गाईड के रूप में कार्यरत दुर्ग के रहने वाले अखिलेश टेलर पिछले चार वर्षों से दुर्लभ जीवों को बचाने का जतन कर रहे है.

अखिलेश बगैर किसी उपकरण के अब तक सैकड़ों जहरीले सांपो के साथ ही अजगर, मगरमच्छ, बाज, चिमगादड़, चन्दन गोयरा, गोयरी समेत कई वन्य जीवों को अपने आत्मविश्वास के दम पर पकड़कर वन क्षेत्र में छोड़ चुके है. टेलर ने प्रेस वालों से बात करते हुए बताया है कि वे वन्य जीवों के संरक्षण में दिलचस्पी लेते हुए निशुल्क सेवायें देकर सांपो को पकड़ते रहे हैं.

अखिलेश टेलर ने बोला कि, ”सांप सुनता नहीं है, मात्र गंध से सामने वाले पर आक्रमण करता है. ऐसे में हौसला बटोर कर पीछे से उसके फन पर हाथ फेरते हुए उसे पकड़कर डिब्बे में बंद करते हुए उसे जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया जाता है.” अखिलेश के इस हुनर को देखते हुए उनके साथ अन्य लोग भी वन्य प्राणियों की रक्षा में उनकी सहायता करते हैं. अब शहर के लोग इन्हें स्नेक कैचर के नाम से भी पुकारने लगे है.

सपा सांसद आजम खान किसी भी वक्त हो सकते हैं गिरफ्तार, यह है मामला

0

समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और रामपुर से सांसद आजम खान पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है. अपने विवादित बयानों के लिए मशहूर आजम की गिरफ्तारी किसी बयान के लिए नहीं, बल्कि जमीन पर जबरन कब्जा करने के मामले में हो सकती है. आरोप है कि आजम खान ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अपने करीबी पूर्व क्षेत्राधिकारी (सीओ) आले हसन खान के सहयोग से मौलाना अली जौहर विश्वविद्यालय के लिए कई सौ करोड़ रुपये कीमत की जमीनें हड़प लीं.

इस संबंध में रामपुर के अजीमनगर थाने में आपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया है. समाचार एजेंसी आईएएनएस की खबर के मुताबिक आजम पर जबरन जमीन कब्जाने के लिए दो दर्जन से अधिक किसानों को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखवाने और प्रताड़ित करने का आरोप है. आईएएनएस के अनुसार रामपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अजय पाल शर्मा ने कहा है कि 26 किसानों ने आरोप लगाया है कि आजम खां और आले हसन ने अवैध रूप से उन्हें हिरासत में लिया और उनकी कई हजार हेक्टेयर जमीन हासिल करने के लिए जाली कागजात पर हस्ताक्षर करने का दबाव डाला.

शर्मा ने कहा है कि जब किसानों ने कागजात पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया, तो उनकी जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया गया. रामपुर के तत्कालीन क्षेत्राधिकारी (सीओ) आले हासन ने गरीबों की जमीन हड़पने में अपनी आधिकारिक हैसियत का दुरुपयोग किया. राजस्व विभाग ने सभी प्रासंगिक दस्तावेजों की जांच की और किसानों के बयान दर्ज किए गए, जो मुख्य रूप से अल्पसंख्यक समुदाय के हैं. जांच में तथ्यों की पुष्टि होने के बाद आजम खान के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया.

दर्ज होंगे 26 मामले

एसपी के अनुसार राजस्व विभाग की मुख्य शिकायत के आधार पर आजम खां के खिलाफ अलग-अलग 26 मामले दर्ज किए जाएंगे, क्योंकि इसमें जमीन के अलग-अलग हिस्से और अलग-अलग मालिक शामिल हैं. उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है. किसी भी समय आजम को गिरफ्तार किया जा सकता है. जानकारी के अनुसार आजम खान पर कोसी नदी के किनारे 5000 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर कैबिनेट मंत्री के ओहदे का गलत इस्तेमाल करने का भी आरोप है.

राजस्व अधिकारी का दावा, है पुख्ता सबूत

आईएएनएस के मुताबिक, एक राजस्व अधिकारी ने धोखाधड़ी कर जमीन पर कब्जा करने के मामलों में आजम के खिलाफ पुख्ता सबूत होने का दावा किया है. गौरतलब है कि आजम ने 2004 में जौहर विश्वविद्यालय की परिकल्पना की थी. उनके इस ड्रीम प्रोजेक्ट को 2012 में प्रदेश सपा सरकार बनने के बाद पर लगे और परिसर का निर्माण तेजी से हुआ. अखिलेश सरकार ने 2012 में आजम खान को विश्वविद्यालय का आजीवन कुलाधिपति बनाए जाने को मंजूरी दी थी, जिसका राज्यपाल ने विरोध भी किया था.

बता दें कि हालिया लोकसभा चुनाव में रामपुर सीट से उनके निर्वाचन को उनकी प्रतिद्वंदी उम्मीदवार भारतीय जनता पार्टी की जया प्रदा ने मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति के रूप में लाभ का पद धारण करने को आधार बनाकर सदन की सदस्यता अयोग्य घोषित किए जाने की मांग की थी.

अदिति सिंह : पूजीपतियों के दबाव में सरकार फैक्ट्री को बरबाद करने पर तुली

0

रेल कोच गेट नंबर 2 के बाहर चल रहे महा धरने में आज समर्थन देने सदर विधायक अदिति सिंह पहुंची। उन्होंने आम जनमानस के साथ भाग लेकर केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए प्रस्ताव वापस लेने की मांग की। इस बारे में विधायक अदिति सिंह ने कहा कि सरकार यदि पूजीपतियों पर इतना भरोसा करती है तो नई फैक्ट्रियों का लाईसेंस उन्हें दे। फिर जनता भी देखेगी कि सरकारी फैक्ट्री में ज्यादा अच्छा कार्य होता है कि प्राईवेट फैक्ट्री में। कर्मचारियों के हितों को किसी भी दशा में प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिये अब आर-पार की लडाई लड़ी जाएगी। सरकार रायबरेली के लोगों के साथ विश्वासघात कर रही है। विधायक ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय बनने वाला रेल पहिया कारखाना आज तक भाजपा सरकार नहीं चला पाई है। यहां लगने वाली इंसलरी को जबरन फतेहपुर भेज दिया गया और अब वे यहां की जनता व कर्मियों को निगमीकरण के होने वाले लाभ का लॉलीपाप दिखा रहे हैं। सिंह ने कहा कि भाजपा सरकारी की दोहरी मानसिकता का चरित्र जनता के सामने आ चुका है। देश की अर्थव्यवस्था चौपट हो चुकी है। असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिये सरकार इस प्रकार के कुंठित कार्य कर रही है।

महाधरने को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता आरके बघेल ने कहा कि यह फैक्ट्री जिले की सांसद सोनियां गांधी का ड्रीम पो्रजेक्ट है। जो विश्व स्तर पर अपनी पताका फहरा रहा है। इसके किसी कीमती पर निगमीकरण नही होने दिया जायेगा। कांग्रेस नेता दीपेंद्र गुप्ता ने कहा कि 2009 में बीएसएनएल जाहां 7 हजार करोड के फायदे में था वही आज वह 70 हजार के घाटे में है। सरकारी एयर इंडिया बंदी की कगार पर है, आईटीआई, एमटीएनएल, एयरपोर्ट, लालकिला, ताजमहल आदि पूजीपतियों के हाथो बेचे जाने की योजना पर कार्य हो रहा है।

बता दें कि लालगंज के रेल कोच के बाहर चल रहे महा धरना का निगमीकरण मुद्दा अब भाजपाईयों के गले की फांस बनता जा रहा, क्योंकि एमसीएफ के निगमीकरण का प्रस्ताव जिले के भाजपाईयों के गले नहीं उतर रहा है। पार्टी लाईन में बंधे होने के कारण न तो वे समर्थन कर पा रहे है और न ही विरोध कर पा रहे हैं। एमएलसी दिनेश सिंह ने सरकार की हां में हां मिलाई है। जिसका फैक्ट्री के कर्मियों समेंत आमजनमानस में विरोध हो रहा है।

वहीं जानकार पंडितों के अनुसार एमएलसी ने कांग्रेस नेत्री पर व्यक्तिगत हमला करने के उदेश्य से निगमीकरण का विरोध किया है। वहीं सत्तापक्ष से जुडे अन्य नेता इस मुद्दे पर खुलकर बोलने के बजाय शांत रहो और इंतजार करो की नीति पर कार्य कर रहे हैं। हो भी क्यों न जनता की नाराजगी कोई नहीं मोल लेना चाहता है, क्योकि आगे सभी को चुनाव भी दिख रहा है।