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छत्तीसगढ़ /1246 सरकारी स्कूलों में बनेंगी हाईटेक लैब, पूरा सिलेबस ऑनलाइन मिलेगा

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छत्तीसगढ़ में नवमीं से बारहवीं क्लास तक के बच्चों की किताबें अब कम्प्यूटर में भी उपलब्ध होंगी। केन्द्र सरकार की आईसीटी यानी सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी योजना के तहत राज्य के 1246 स्कूलों में कम्प्यूटर लैब स्थापित किए जा रहे हैं। इसके माध्यम से बच्चे कक्षा में पढ़ाई करने के बाद वही किताबें या उससे संबंधित विषयों की जानकारी लैब में जाकर ले सकेंगे।

ब्लैक बोर्ड से की-बोर्ड नाम से एक साथ इतने स्कूलों में आईसीटी प्रोजेक्ट लांच करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा। इससे राज्य के लगभग दस लाख बच्चों को लाभ होगा। इस योजना के तहत राज्य के सभी 4330 हाई आैर हायर सेकेंडरी स्कूलों में हाईटेक क्लासेस भी बनाई जाएंगी।


इस योजना का संचालन बेनेट कोलमन संस्था द्वारा किया जाएगा। पांच साल के लिए चलाई जाने वाली इस योजना में कुल 345 करोड़ रुपए खर्च होंगे। जिन स्कूलों में लैब आैर हाईटेक क्लासेस स्थापित की जाएंगी, कंपनी द्वारा उन स्कूलों का सर्वे किया जा चुका है। समग्र शिक्षा के अफसरों के मुताबिक सितंबर तक राज्य के 30 फीसदी स्कूलों में यह शुरू कर दी जाएगी। इसी तरह दिसंबर तक राज्य के सभी स्कूलों में इसकी शुरुआत की जाएगी। संस्था के कोऑर्डिनेटर आैर प्रशिक्षकों द्वारा संबंधित स्कूलों के पांच शिक्षकों को भी प्रशिक्षित किया जाएगा। जब ये शिक्षक प्रशिक्षित हो जाएंगे उसके बाद यह पूरी योजना ही स्कूल आैर वहां के शिक्षकों के जिम्मे कर दी जाएगी। 


बच्चे का स्तर पता चलेगा : इसमें कंप्यूटर के माध्यम से बच्चे अपने विषयों की पढ़ाई करेंगे। इसमें हर कक्षा के हिसाब से प्रश्न बैंक तैयार हैं। यदि बच्चा सवालों के जवाब देता चला गया तो हर बार कंप्यूटर का अगला पन्ना खुल जाएगा। लेकिन यदि काेई बच्चा स्क्रीन पर लिखे सवाल का जवाब नहीं दे पाया तो उससे दूसरा सवाल पूछा जाएगा। इस तरह इससे बच्चे के स्टैंडर्ड का भी पता चलेगा। 


स्कूलों की कमियां जल्द दूर करेंगे : संस्था द्वारा स्कूलों के सर्वे किए जा चुके हैं। कुछ स्कूलों में छोटी-छोटी कमियां हैं जिसे जल्द दूर कर लिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि सरकार संस्था को स्कूलों में सिर्फ स्थान देगी उसे लैब की तरह विकसित करना आैर प्रशिक्षकों की नियुक्ति तथा उसके मेंटेनेंस आैर मॉनिटरिंग का जिम्मा संस्था का ही होगा। 


इन जिलों के इतने स्कूल  : बालोद-173, बलौदाबाजार- 130, बलरामपुर-124, बस्तर-159, बेमेतरा-154, बीजापुर-48, बिलासपुर-280, दंतेवाड़ा- 55, धमतरी-155, दुर्ग-163, गरियाबंद-139, जांजगीर-286, जशपुर-143, कांकेर-221, कवर्धा-141, कोंडागांव-146, कोरबा-177, कोरिया-131, महासमुंद-161, मुंगेली-116, नारायणपुर-29, रायगढ़-254, रायपुर-199, राजनांदगांव-298, सुकमा-43, सूरजपुर-150 आैर सरगुजा में 155 स्कूल शामिल हैं। 

सर्वे हो चुका सितंबर से होगी पढ़ाई : आईसीटी योजना के तहत बच्चों को अब किताबों की पढ़ाई कंप्यूटर के माध्यम से करवाई जाएगी। यह योजना छत्तीसगढ़ के लिए मील का पत्थर साबित होगी। 
पी दयानंद, प्रबंध संचालक, समग्र शिक्षा विभाग 

राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए यह काफी फायदेमंद साबित होगी। इससे राज्य के दूरस्थ अंचलों में पढ़ने वाले बच्चों का न सिर्फ ज्ञान बढ़ेगा बल्कि वे आसानी से तकनीक का भी उपयोग कर सकेंगे।

काजू से लेकर शैम्पू तक, लीजिए पूरी लिस्ट, इस बजट ये हुआ महंगा, और ये सस्ता ! देखें

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वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को देश का ‘बही खाता’ पेश किया. बजट में कई ऐसे ऐलान हुए हैं जिसके बाद आम लोगों से जुड़ी हुई चीजें महंगी हो जाएंगी.

इसके अलावा कई प्रोडक्‍ट्स पर आम लोगों को राहत भी मिली है. आइए जानते हैं कि क्‍या महंगा हुआ है और किस प्रोडक्‍ट पर राहत मिली है.

पेट्रोल-डीजल महंगा

डीजल और पेट्रोल के लिए उपभोक्ताओं को अब अपनी जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी क्योंकि सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक-एक रुपये प्रति लीटर की दर से विशेष अतिरिक्त उत्पाद यानी सेस लगा दिया है.

वित्तमंत्री ने कहा कि कच्चे तेल के मूल्य कम हुए हैं. इससे पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क और सेस की समीक्षा करने का मौका मिला है.

सोना हुआ महंगा

सरकार ने महंगी धातुओं पर सीमा शुल्क 10 फीसदी से बढ़ाकर 12.5 फीसदी कर दिया है जिससे सोने का आयात अब महंगा हो जाएगा. इसका मतलब यह हुआ कि आने वाले दिनों में सोना खरीदना महंगा हो जाएगा.

काजू-किताब भी होगा महंगा

काजू, किताब , ऑटो पार्ट्स, सिंथेटिक रबर, पीवीसी, टाइल्‍स भी महंगी हो जाएंगी. तंबाकू उत्‍पाद भी इस बजट के बाद महंगे हो जाएंगे.

होम लोन सस्‍ता

बजट के बाद होम लोन लेना भी सस्‍ता होगा, यानी घर खरीदना अब किफायती होगा. सस्ते घरों के लिए ब्याज पर 3.5 लाख रुपये की छूट मिलेगी.

वहीं ऑप्टिकल फाइबर, स्‍टेनलेस उत्‍पाद, फ्रेम और सामान, एसी, लाउडस्‍पीकर, वीडियो रिकॉर्डर, सीसीटीवी कैमरा, वाहन के हॉर्न, सिगरेट आदि महंगे हो जाएंगे.

ये चीजें होंगी सस्‍ती

साबुन, शैंपू, बालों का तेल, टूथपेस्‍ट, बिजली का घरेलू सामान जैसे पंखे, लैम्‍प, ब्रीफकेस, यात्री बैग, सेनिटरी वेयर, बोतल, कंटेनर, रसोई में प्रयुक्‍त सामान लैसे बर्तन, गद्दा, बिस्‍तर, चश्‍मों के फ्रेम, बांस का फर्नीचर, पास्‍ता, धूपबत्‍ती, नमकीन, सूखा नारियल, सैनिटरी नैपकिन भी सस्ता होगा.

एक,दो,पांच,दस और बीस के सिक्के जल्द ही जारी करेगी सरकार

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वित्तमंत्री ने शुक्रवार को बजट पेश करते हुए कहा कि जल्द ही आम जनता तक १,२,५,१० और २० के सिक्के मिलेंगे. इस सिक्के की एक बड़ी खासियत यह होगी कि नेत्रहीन भी सिक्के को छूकर पहचान सकेंगे कि सिक्का कितने रूपए का है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में कहा, ‘7 मार्च 2019 को प्रधानमंत्री ने 1, 2, 5, 10 और 20 रुपए के सिक्के जारी किए थे जिसे नेत्रहीन लोग छूकर पहचान सकते हैं.इसी के साथ वित्तमंत्री ने अपने बजट भाषण में सामाजिक कल्याण कार्य से जुड़े संगठनों के लिए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड के तहत सोशल स्टॉक एक्सचेंज बनाने की घोषणा की. वित्तमंत्री ने कहा कि इस एक्सचेंज से उन संगठनों को मदद मिलेगी जो सामाजिक कार्यों के लिए इक्विटी, डेट या म्यूचुअल फंड यूनिट के रूप में पूंजी जुटाते हैं.निर्मला सीतारमण ने संसद में अपने पहले बजट भाषण में ‘सशक्त राष्ट्र, सशक्त नागरिक’ के सिद्धांत पर जोर दिया. महिला उद्यम को बढ़ावा देने के लिए वित्त मंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़े इंटरेस्ट सबवेंशन प्रोग्राम को देश के हर जिले में लागू करने का ऐलान किया. इस दौरान वित्त मंत्री ने कहा, ‘मैं भारत की महिलाओं का ध्यान आकर्षित करना चाहती हूं नारी तू नारायणी. सरकार का मानना है कि महिलाओं की ज्यादा भागीदारी से ही हमलोग तरक्की कर सकते हैं.’

बजट भाषण के दौरान एक बड़ा ऐलान करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि भारतीय पासपोर्ट धारक अनिवासी भारतीयों को अब बिना इंतजार किए आधार कार्ड मिलेगा. अब तक एनआरआई को इसके लिए 180 दिनों का इंतजार करना पड़ता था. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा.

सीमा के पास दिखा अमेरिकी ‘जासूसी विमान’, रूस ने दिया आदेश- उड़ा दो और फिर…

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रूसी रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि एक यूएस बोइंग पी-8 पोसिडॉन टोही विमान को रूसी सीमा के करीब देखा गया. इसके बाद एक रूसी लड़ाकू विमान एसयू-27 को रोकने की जिम्मेदारी सौंपी गई. तास समाचार एजेंसी ने मंत्रालय के हवाले से कहा, “दक्षिणी सैन्य जिले में ड्यूटी पर तैनात वायु सेना के एक एसयू- 27 फाइटर जेट को एक लक्ष्य को भेदने के लिए कहा गया.” इसमें आगे कहा गया, “रूसी लड़ाकू जेट का चालक दल सुरक्षित दूरी पर एक हवाई लक्ष्य के पास पहुंचा, जिसकी पहचान अमेरिकी टोही विमान यूएस बोइंग पी-8 पोसिडॉन के रूप में हुई.

इसके बाद विमान ने तुरंत रूस की राज्य सीमा से दूर उड़ान की दिशा बदल दी.” रूस के एसयू-27 ने हवाई क्षेत्र का उपयोग करने के अंतर्राष्ट्रीय नियमों का पालन किया और लक्ष्य को पूरा करने के बाद यह अपने हवाई क्षेत्र में लौट आया.

पिछले महीने ब्लैक और बाल्टिक सागर से रूस की राजकीय सीमा तक पहुंचे अमेरिकी रणनीतिक बमवर्षकों को रोकने के लिए रूस के एसयू-27 फाइटर जेट्स को उनसे जूझना पड़ा था.

इंडियन डिश नहीं है मोमोज, जानिए कैसे पहुंचा यह इंडिया तक

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 मोमोज का नाम सुनते ही मुंह में पानी आने लगता है। अगर आप कभी नॉर्थईस्‍ट घूमने जा रहे हैं तो बिना मोमोज खाएं आपको इन खूबसूरत वादियों का मजा नहीं आएगां। यहां की ठंडक का मजा तो आपको गर्मागर्म मोमोज को चखकर आएगां। नार्थईस्‍ट का यह स्‍वाद आज पूरे देशभर में मशहूर हैं। आज ये हर गली शहर छोटी बड़ी दुकान होटल रेस्टोरेंट हर जगह मोमोज मिल जाते हैं | यह बहुत जल्दी बन जाते हैं और इसमें लागत भी कम लगती है।

लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि नॉर्थ-ईस्‍ट का ये मशहूर मोमोज दरअसल भारतीय डिश नहीं हैं इसका जन्‍म तिब्‍बत में हुआ था।तिब्‍बत से होते हुए ये डिश आज पूरे देशभर में अपने स्‍वाद के ल‍िए जानी जाती है। आइए जानते है कि ये तिब्‍बत से होते हुए कैसे दिल्‍ली और देश की दूसरी जगह पहुंचा।

मोमो एक चायनीज शब्‍द है, जिसका मतलब होता है स्टीम में पकाई गई रोटी या चपाती। मोमोज को अलग- अलग नामों से जाना जाता है मोमोस, डिमसिम और मोमो। सबसे पहले मोमोज तिब्बत में बने, वहां से पॉपुलर होने के बाद ये जल्‍दी पूरे देशभर में फेमस हो गया।

भाप में तैयार होने के साथ ही ज्यादा मसालेदार नहीं होने के वजह से ये खाने में लाजवाब होते हैं।1960 में सिक्किम दार्जलिंग मेघालय के पहाड़ों में तिब्बतियों के कई समुदाय भूटिया, लेपचा, नेपाली समुदाय की वजह से पहुंचा। इनका मुख्य आहार मोमोज रहा है। सिक्किम व तिब्बत में एक जैसे मोमोज तैयार किए जाते हैं। यहां मोमो भाप से व तलकर दोनों तरह से बनाया जाता है।

चाय बेचकर हर महीने 12 लाख रुपये कमाता है ये शख्स…

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इस चाय की दुकान का नाम है ‘येवले टी हाउस’ जो पुणे में स्थित है। यह शहर के कुछ फेमस स्टॉल्स में से एक बन चुका है। येवले टी हाउस के को-फाउंडर नवनाथ येवले ने पिछले साल दिए एक इंटरव्यू में बताया था कि कि वह बहुत जल्द इसे अंतरराष्ट्रीय ब्रांड बनाने वाले हैं।

नवनाथ येवले अपने टी हाउस के जरिए लोगों को रोजगार भी मुहैया करा रहे हैं। फिलहाल पूरे पुणे शहर में येवले टी स्टॉल के तीन सेंटर हैं और हर सेंटर पर करीब 12 लोग काम करते हैं। नवनाथ अपने इस कारोबार के जरिए हर महीने करीब 12 लाख रुपये कमाते हैं।

एक इंटरव्यू के दौरान नवनाथ ने बताया था कि चाय के प्रति भारत के अटूट प्रेम को देखकर एक ब्रांड नेम में बदलने का विचार उन्हें साल 2011 में आया था। उनका कहना है कि यहां कई चाय प्रेमी हैं और उनमें से अधिकांश को वह स्वाद नहीं मिलता, जिसकी वे इच्छा रखते हैं।

इसलिए हमने चार साल तक चाय का अध्ययन किया, चाय की गुणवत्ता को अंतिम रूप दिया और एक बड़े ब्रांड के जरिए चाय बनाने का फैसला किया।

नवनाथ का कहना है कि वह प्रतिदिन 3,000 से 4,000 कप चाय बेचते हैं। उनकी दुकान पर हर वक्त लोगों की भीड़ लगी रहती है। उनका इरादा देशभर में करीब 100 टी स्टॉल खोलने का है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार मुहैया कराया जा सके।

चीन ने फिर किया कमाल, बना दी बिना पटरी के चलने वाली ट्रेन!

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आज हम चीन को लेकर बात करे तो आपको ये बता दें कि चीन हमेशा ही कुछ न कुछ नया करता ही रहता है। वहीं, अब चीन ने एक बार भी पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है।

बता दें कि चीन ने तकनीक की दुनिया में एक बड़ा कदम उठाते हुए एक ऐसी ट्रेन बनाई है जो बिना पटरी के चलेगी। चीन ने पूर्व बार बिना पटरी वाली पहली स्मार्ट ट्रेन को चलाकर नया रिकॉर्ड कायम किया।

चीन की ये पहली स्मार्ट ट्रेन एक वर्चुअल रेल लाइन पर चलेगी। इन लाइन्स को इस देश की सडकों पर बिछाया गया है। चीन के झूजो प्रांत में इन्हें बनाया गया है और यहीं इसका प्रारंभिक परीक्षण भी किया गया है।

ये रेलगाड़ी बिना किसी ट्रैक के चलती है। यह परम्परागतरेलगाड़ी की तुलना में भिन्न है एवं एक बार में 300 यात्रियों को ले जाने में सक्षम है।

बता दें, इसकी रफ्तार भी 70 किलोमीटर प्रति घंटा है। इसकी खासियत यह है कि इसमें 3 कोच बनाए गए हैं। इन्हें आपस में मेट्रो जैसे जोड़ा गया है, जिससे स्मार्ट ट्रेन के भीतर भी यात्री एक कोच से दूसरे कोच में जा सकते हैं।

यह स्मार्ट रेलगाड़ी भविष्य का ट्रांसपोर्ट कहा जा रहा है। इसरेलगाड़ी व्यवस्था को शहरों हेतु बनाया गया है। इसे ‘ऑटोनॉमस रेल रैपिड ट्रांसिट’ बोलते है। इसे चीन रेल कार्पोरेशन ने बनाया है।

छत्तीसगढ़/पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह के पुत्र अभिषेक के खिलाफ धोखाधड़ी का तीसरा मामला दर्ज

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अनमोल इंडिया चिटफंड मामले में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व सांसद अभिषेक सिंह सहित 20 लोगों के खिलाफ  दरिमा थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का अपराध दर्ज किया है। बता दें कि पूर्व सांसद अभिषेक सिंह व मधुसूदन यादव सहित 20 अन्य के खिलाफ  पहले लुंड्रा और अंबिकापुर के कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया जा चुका है। ये उनके खिलाफ तीसरी एफआईआर है। इस बार ये एफआईआर दरिमा पुलिस थाना में दर्ज की गई है। अभिषेक सिंह पर अनमोल इंडिया चिटफंड कंपनी का प्रचार करने का आरोप है।

खाने में शामिल करें कॉर्न सैलेड, सेहत के लिए है फायेदेमंद

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अधिकतर लोगों को खाना-खाने का मन नहीं करता। ऐसे में लोग लीक्वेड चीजें या फिर सलाद आदि खाना पसंद करते हैं जो उन्हें हैल्दी भी रखेंगे और अच्छी तरह से डाइजेस्ट भी हो जाए। अगर आप भी सलाद खाना पसंद करते हैं तो कॉर्न सैलेड खा सकते हैं क्योंकि यह बेस्ट फूड होने के साथ-साथ हैल्दी फूड भी है। बच्चे हो या बड़े, कॉर्न (मक्की) खाना हर कोई पसंद करता है लेकिन इसको आप सलाद के रुप में भी अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। इससे एक तो आपका खाने का टेस्ट भी बदल जाएंगा और दूसरा आपको सेहत से जुड़े कई फायदे भी मिलेंगे। चलिए आज हम आपको कॉर्न सैलेड बनाने के 4 तरीके बताते हैं जिनको आप घर पर ही ट्राई कर सकते हैं। 

हैल्दी कॉर्न सैलेड
कॉर्न और एवोकाजो सैलेड
कोर्न और एवोकाडो दो पावरफुल फूड्स हैं जो डाइजेशन के लिए भी सबसे बढ़ियां माना जाता हैं। अगर आप अपने पाचन तंत्र को मजबूत व हैल्दी बनाएं रखना चाहते हैं तो इन दोनों को मिलाकर सलाद बनाकर खाएं। रोजाना इसका सेवन आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। 

कॉर्न और रॉ मैंगो सैलेड
आम सबसे बेस्ट फूड हैं जो शरीर को हैल्दी रखने में भी अहम भूमिका निभाता है। अगर आप अकेला आम खाना पसंद नहीं करते तो इसमें कोर्न यानी मक्की के दाने मिलाकर सलाद तैयार करें। इससे आम का टेस्ट बिल्कुल चेंज हो जाएंगा। आम और कोर्न से बना सलाद शरीर को हैल्दी भी रखेंगा। 

कोल्ड कॉर्न सैलेड
यह अनोखा सलाद रेड वाइन और शहद ड्रेसिंग के साथ पनीर, कॉर्न्स और आलू को मिलाकर बनाया जाता है। यह फ्रेश, कलरफुल व स्वादिष्ट मील होता है जो न केवल खाने में टेस्टी होता है बल्कि सेहत से जुड़ी कई प्रॉबल्म को दूर करने में भी मदद करता हैं। 

ग्रील्ड कॉर्न और टोमैटो सैलेड
ग्रील्ड कॉर्न डिश अलग ही स्वाद देती है। चेरी टमाटर, जैतून और सलाद जैसे फूड्स से बना यह सलाद फिटनेस के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। ये सलाद आपके स्वस्थ आहार का एक अभिन्न हिस्सा बन सकते हैं और आपके पार्टी मेनू में भी शामिल हो सकते है। आप इन अलग-अलग सलाद के रूप में कॉर्न्स को अपने मेहमानों के आगे सर्व कर सकते है। 

मक्की के गुण
100 ग्राम मक्की यानी कॉर्न में 86 कैलोरी, 1% फैट, 0% कोलेस्ट्रॉल, 15 मिलीग्राम सोडियम, 7% पोटेशियम, 6% काबोर्हाइड्रेट, 10% डाइटरी फाइबर, 3.2 ग्राम शुगर, 6% प्रोटीन, 11% विटामिन सी, 1% कैल्शियम, 2% लौह, 5% विटामिन बी-6 और 9% मैग्नीशियम होता है। इतना ही नहीं, इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लामेट्री जैसे गुण भी पाए जाते हैं, जिससे आप कई बीमारियों से बचे रहते हैं।

मक्की खाने के फायदे 
– वजन बढ़ाने के लिए दिनभर में तीन टाइम कॉर्न का सेवन करें लेकिन अगर वजन घटाना चाहते हैं तो सिर्फ ब्रेकफास्ट में ही इसका सेवन करें। 
– कॉर्न्स में अच्छी मात्रा में फाइबर होता है जो डाइडेशनस सिस्टम को स्मूद बनाकर रखता हैं। 
उच्च एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा के कारण कॉर्न फ्री रेडियन्स से लड़ने में मददगार हैं जिससे आप इंफैक्शन या बीमारियों से बचे रहते हैं। 
– इसके अलावा कॉर्न्स में उच्च मात्रा में विटामिन सी और ए होता हैं जो स्किन और बालों को हैल्दी रखते हैं। 
– स्वीट कॉर्न में मौजूद स्टार्च और फाइबर ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में मदद करते हैं। 
– कॉर्न में एंटी-ऑक्सीडेंट होते है जो आंखों से जुड़ी कई बीमारियों के खतरे को कम करते है। 
– कॉर्न में फेनोलिक फ्लेवोनोइड्स एंटीऑक्सीडेंट और फेरुलिक एसिड भी अच्छी मात्रा में होता हैं जो कैंसर से बचाव में सहायक साबित होते हैं। 
– इसमें विटामिन बी 12, आयरन और फोलिक एसिड होता है, जो लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन में मदद करता है। 
– अगर आपको एनिमिया की शिकायत है तो डाइट में कार्न को जरूर शामिल करें। 

IRCTC दे रहा कम बजट में केरल की खूबसूरत वादियां घूमने का मौका

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अगर आप भी इस मानसून के सीजन में कहीं घूमने का मन बना रहे हैं तो केरल आपके लिए सबसे बेहतर ऑप्शन रहेगा. क्योंकि IRCTC आपको केरल घूमने का मौका दे रहा है, वो भी कम बजट में. भारतीय रेलवे की कैटरिंग ऐंड टूरिज्म (IRCTC) आपके लिए सुनहरा ऑफर लेकर आया है. जिससे आप बहुत कम पैसों में केरल की प्राकृतिक खूबसूरती का दीदार कर पाएंगे.

Kerala With House Boat Stay Ex. Bhubaneswar नाम का केरल के इस टूर के अंतर्गत आप 5 रात और 6 दिन केरल में बिता पाएंगे. इस यात्रा के दौरान आपको इंडियो की फ्लाइट से यात्रा करने का मौका मिलेगा. हालांकि इस टूर की शुरुआत ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर से होगी. आईआरसीटीसी ने इस टूर पैकेज से जुड़ी सभी जानकारी अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर शेयर की हैं.इस टूर की शुरुआती कीमत प्रति व्यक्ति 25,615 रुपये है.

टूर के दौरान यात्री कोच्चि, मुन्नार, कुमाराकोम, त्रिवेंद्रम और कोवालम की भी यात्रा करेंगे. टूर 20 सितंबर 2019 को शुरू होगा. इस टूर के दौरान आप प्राकृतिक खूबसूरती का आनंद ले सकते हैं. केरल में स्थित कुमाराकोम छोटे और सुंदर द्वीपों के झुंड के रूप में इस राज्य का सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल है.

अगर आप इस टूर के लिए तीन लोगों के ग्रुप में बुकिंग कराते हैं तो आपके प्रति व्यक्ति 25 हजार 615 रुपये खर्च करने होंगे. दो लोगों द्वारा यह पैकेज लिए जाने पर आपको प्रति व्यक्ति 27 हजार 285 रुपये खर्च होंगे. वहीं सिंगल लोगों के लिए यह टूर पैकेज 36 हजार 860 रुपये में लिया जा सकता है.

प्रकृति की अनोखी खूबसूरती, समुद्र के शांत किनारे देखकर आपको केरल में बस जाने का मन करेगा. केरल में खास जगहों पर जाना हो तो सबसे ऊंचाई पर अलेप्पी है. अलेप्पी हाउसबोट पर दौरे के लिए जाना जाता है. अलेप्पी में समुद्र के अलावा अंबालापुक्षा श्री कृष्ण मंदिर, कृष्णापुरम पैलेस, मरारी समुद्र तट घूमने के लिए अच्छी जगह है.